Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के भाव में राहत या झटका? जानें 2 सितंबर के लेटेस्ट रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 02 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 1.5 रुपये विंडफॉल टैक्स लगाया, क्या इसका असर पेट्रोल की कीमतों पर पड़ेगा?

सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 1.5 रुपये का विंडफॉल टैक्स लगाया है। यह 1 सितंबर से लागू हो गया है। सरकार ने डीजल एक्सपोर्ट्स पर लेवी बढ़ाया है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर ड्यूटी में कमी की है।

डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी बढ़ाकर प्रति लीटर 25 रुपये किया गया

डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी प्रति लीटर 24 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गई है। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर ड्यूटी 19.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 19 रुपये कर दी गई है। पेट्रोल एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 1.5 रुपये की लेवी पूरी तरह से स्पेशन एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) के रूप में चार्ज की जाएगी।

डीजल पर लेवी में से एक रुपया रोड एंड इंफ्रा सेस होगा

डीजल पर प्रति लीटर 24 रुपये की SAED लगेगी। बाकी 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस के रूप में लिया जाएगा। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर प्रति लीटर 19 रुपये की लेवी पूरी तरह से SAED के रूप में वसूली जाएगी।

सरकार हर पखवाड़ें एक्सपोर्ट लेवीज में रिवीजन करती है

ऐसा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट लेवीज में हर पखवाड़े होने वाले रिवीजन के तहत किया गया है। इसकी शुरुआत 27 मार्च, 2026 को हुई थी। इसका मकसद मध्यपूर्व में जारी संकट के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अंतिम बार 15 अगस्त को लेवीज में रिवीजन हुआ था।

15 अगस्त के रिवीजन में पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी निल की गई थी

15 अगस्त के रिवीजन में सरकार ने पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घाटकर निल कर दिया था। डीजल पर प्रति लीटर 24 रुपये का लेवी लगाया था। एटीएफ पर प्रति लीटर 19.5 लीटर की लेवी तय किया था। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रू़ड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत कीमतों के आधार पर रेट्स में रिवीजन करती है।

एटीएफ की एक्सपोर्ट लेवी में प्रति लीटर 50 पैसे की राहत

नए रिवीजन में पेट्रोल एक्सपोर्ट्स को पिछले रिवीजन में दी गई राहत को रिवर्स कर दिया गया है। डीजल एक्सपोर्ट्स पर लेवी प्रति लीटर 1 रुपये बढ़ा दिया गया है। एटीएफ एक्सपोर्ट्स पर लेवी में प्रति लीटर 50 पैसे की राहत दी गई है। सरकार ने कहा है कि घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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घरेलू बाजार में नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतें

सरकार ने रेट्स में जो बदलाव किए हैं, वह सिर्फ एक्सपोर्ट्स पर लागू होगा। इसका घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल के सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।