अंकिता के माता-पिता के साथ, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी हिरासत में

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर उनके माता-पिता के साथ धरने पर बैठे युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत संगठन के कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गुरुवार सुबह हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया।

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय चेयरमैन (मीडिया विभाग) वरुण पांडेय ने गुरुवार को बताया कि श्री चिब समेत संगठन के कार्यकर्ता बुधवार रात से ही अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ इंडिया गेट पर सत्याग्रह कर रहे थे। पुलिस ने सुबह करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया और इसके बाद युवा कांग्रेस के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को भी जबरन बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया।

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श्री चिब ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ही हिरासत में लिया जा रहा है जबकि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि बेटियों को भाजपा नेताओं से बचाना है या राज्यपाल से।

उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस अंकिता और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो न्याय की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा।

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एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिका पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को चुनाव आयोग को नोटिस जारी किये।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किये । मुख्य न्यायाधीश ने याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से टिप्पणी की, ” हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में भी पूछेंगे।” गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को श्री गांधी, कांग्रेस और विपक्षी दलों के कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने उच्चतम न्यायालय तक एक मार्च निकाला था और उसके वे उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने गये थे। इससे न्यायालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामा के स्थिति बन गयी थी।

याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, ममता तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के एम ए बेबी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी. मुहम्मद बशीर शामिल हैं। विदुथलाई चिरुथाइगल काची के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सज्जाद अहमद किचलू भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।

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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम काट दिये हैं। वे इसको लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे है। न्यायालय ने अल हिंद मुस्लिम इत्तेहाहुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने भी एसआईआर के विरुद्ध न्यायालय में अलग अलग याचिकाएं दायर की हैं।

याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर कराने के संबंध में चुनाव आयोग के 24 जून, 2025 के फैसले के रिकॉर्ड को तलब किये जाने और यह तय करने का अनुरोध किया है कि इस प्रक्रिया में नियम कायदे का पालन हुआ है या नहीं । याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस मामले में यह न्यायिक समीक्षा भी की जाए कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत आयोग की निर्णय प्रक्रिया में सामूहिक दायित्व और दस्तावेजी निर्णय लेने की व्यवस्था का अनुपालन हुआ या नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने तथा मतदाता सूची डेटाबेस का ऑडिट करने के लिए उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की भी मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों और उन्हें हटाने के कारणों की बूथ-वार जानकारी दिये जाने, नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई , नाम वापस जोड़ने की व्यवस्था किये जाने, चुनाव वाले राज्यों में पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ाये जाने और जब तक यह मामला चल रहा है, तब तक पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है।

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पेशावर में विद्यालय की छत ढहने से 34 लोगों की मौत

पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार को एक निजी विद्यालय की छत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गयी जबकि 52 लोग घायल हो गये। मृतकों में ज्यादातर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

सरकारी आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, यह हादसा दीर कॉलोनी के कॉलेज रोड स्थित ‘अल-खैर’ नामक निजी विद्यालय में आज सुबह करीब 08:48 बजे हुआ। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिये गये। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के बाद राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों ने घंटों मलबे की तलाशी ली, क्योंकि आशंका थी कि और भी बच्चे मलबे में दबे हो सकते हैं। राहत कार्यों में सहायता के लिए पाकिस्तानी सेना के जवान भी बचाव दलों के साथ जुट गये।

लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि अस्पताल में आपातकाल घोषित कर डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।

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इस बीच, पेशावर पुलिस ने विद्यालय के मालिक खान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इमारत बेहद खतरनाक हालत में है और इसके और अधिक ढहने का जोखिम बना हुआ है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण गहरा दुख जताया है।

श्री शरीफ ने ‘एक्स’ पर दुख जताते हुए लिखा है, “विद्यालय की छत गिरने की दुखद और दिल दहला देने वाली घटना का गहरा दुख है, जिससे कई कीमती जानें चली गयी। जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के दुखी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। मैं उन परिवारों के लिए सब्र और हिम्मत की दुआ करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवायी।”

उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि घटना में घायल हुए बच्चों और दूसरे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जायें और प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दी जाये।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा उछला

कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक की तेजी में बंद हुआ।

बाजार की बढ़त में आईटी और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों ने अगुवाई की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटने और डॉलर सूचकांक में गिरावट तथा घरेलू स्तर पर रुपये जारी तेजी से निवेश धारणा मजबूत हुई है। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 376.60 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त में 22,999.30 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों का करीब तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर है। वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत चढ़ा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी 50 में दो प्रतिशत की तेजी रही। ऑटो समूह का सूचकांक 1.84 प्रतिशत, वित्त का 1.76 प्रतिशत और तेल एवं गैस का 1.60 प्रतिशत की बढ़त में रहा। बैंकिंग, रियल्टी, फार्मा, धातु और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सार्वजनिक बैंकों और रसायनों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार से साढ़े चार प्रतिशत तक की बढ़त में रहे। भारती एयरटेल, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस और मारुति सुजुकी के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, इंडिगो, आईटीसी, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में एक से दो प्रतिशत की तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी और एशियन पेंट्स के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत में

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरने पर बैठे उनके माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार तड़के चार बजे हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया। उनके साथ धरने पर बैठे कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था लेकिन उन्हें भी बाद में छोड़ दिया गया।

अंकिता के माता-पिता बुधवार को उत्तराखंड के अपने गांव से दिल्ली आए थे और बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। वे अपनी बेटी की हत्या के लिए जिम्मेदार माने जा रहे ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में धरने पर बैठे। देर रात कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य उनसे मिलने धरना स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने आज सुबह करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को यहां इंडिया गेट से हिरासत में लिये जाने की आलोचना करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

श्री खरगे ने कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह चार बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया। ‘वीआईपी’ दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने हद पार कर दी है। न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि भाजपा के ‘वीआईपी’ को राज्यपाल बनाया जा रहा है।

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उन्होंने इसे सत्ता के दमन और सवालों से भागने का प्रमाण बताते हुए कहा है कि एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।

श्री गांधी ने कहा कि चार साल से अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। उन्होंने भाजपा पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठने को मज़बूर हुई है लेकिन वहां से उन्हें सुबह चार बजे हटा दिया गया है।

इस बीच पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर लिखा कि अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे लेकिन उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और श्री मोदी तथा श्री शाह से सवाल किया कि क्या अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय मांगना अपराध है और बुजुर्ग माता-पिता को आधी रात में हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी।

पार्टी ने यह भी सवाल किया कि दुष्यंत गौतम भाजपा के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए दुखी माता-पिता को अपमानित किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, उनके माता-पिता को जवाब मिलना चाहिए और देश की सरकार को बेटियों के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि उनके खिलाफ।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में हत्या कर दी गई थी । वह वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और प्रबंधक सौरभ भास्कर को पुलिस ने हिरासत में लिया था।इन आरोपियों ने अपना अपराध कबूल किया था और मई 2025 में अदालत द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद वे उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

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मुरली श्रीशंकर के टखने की हुई सर्जरी

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।

27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।

शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई।

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मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा। लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।

उन्होंने कहा आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।

बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।

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तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन का मानना है कि चौथे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज खिलाफ तिलक वर्मा का आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट था।

नयी तैयार की गई पिच पर 248 रनों का पीछा करते हुए, भारत 12वें ओवर तक 130 रनों पर 5 विकेट गंवा चुका था, लेकिन तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इन दोनों ने मिलकर स्थिति ऐसी ला दी थी कि 19 गेंदों पर 48 रनों की जरूरत थी, तभी रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रनों से हराने के बाद संजू सैमसन ने कहा मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे थे और प्रति ओवर 10-12 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस पल तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे। पांच विकेट गिरने के बाद इस तरह का कंट्रोल होना वाकई बहुत बड़ी बात है – दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव को संभाला और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी लाइन-अप का डटकर सामना किया। इससे पहले, सैमसन ने खुद 23 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

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उन्होंने कहा जब आप हारने वाली टीम की तरफ होते हैं, तो आप जो कुछ भी करते हैं उसका अहसास बिल्कुल अलग होता है, इसलिए इस समय मैं काफी निराश हूँ। मैं निश्चित रूप से जीतना चाहता था। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मज़ा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरा विचार नहीं आता – आपको बस अपनी सूझबूझ और अपनी ताकत पर भरोसा करना होता है, और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। इसलिए मुझे अपनी पारी में मज़ा तो आया, लेकिन काश हम जीत जाते।

जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही है, तो सैमसन ने कहा जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है। वे अपनी पीढ़ी के एक असाधारण गेंदबाज हैं, और हम बहुत भाग्यशाली हैं कि वे हमारी टीम में हैं। लेकिन हमारे पास कुछ बहुत अच्छी युवा प्रतिभा भी हैं। अर्शदीप सिंह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव ने जिस तरह से गेंदबाजी की है, वह भी काफी प्रभावशाली है। मुझे लगता है कि हमारे पास वाकई बहुत अच्छा टैलेंट है। हम उन्हें जितना ज़्यादा खिलाएंगे और उन पर जितना ज़्यादा भरोसा दिखाएंगे, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।

सीरीज का फैसला करने वाले पांचवें टी-20 मैच से पहले भारत के सामने एक और समस्या आ खड़ी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में, शमार जोसेफ की एक शॉर्ट गेंद अर्शदीप के बाएं कंधे पर लग गई। वे काफी दर्द में दिख रहे थे, लेकिन फिर भी एक और गेंद का सामना करने के बाद वे ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर चले गए। सैमसन ने बताया अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। सीरीज काआखिरी टी-20 मैच शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाएगा।

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असल जिंदगी में बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक हैं आदित्य धर: यामी गौतम

बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने पति और फिल्मकार आदित्य धर को असल जिंदगी में बेहद शांत और सहज स्वभाव का बताया है। सोनी मराठी के कार्यक्रम ‘कोण होणार करोडपति’ के आगामी एपिसोड में यामी अपनी फिल्म ‘नयी नवेली’ के प्रचार के दौरान अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ बातचीत में अपनी प्रेम कहानी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करेंगी।

इस एपिसोड में यामी गौतम और अभिनेता आदिनाथ कोठारे माधुरी दीक्षित के सामने हॉट सीट पर नजर आएंगे। इस दौरान यामी बताएंगी कि माधुरी की फिल्मों में दिखाई गई प्रेम कहानियों ने उनके प्यार को लेकर नजरिये को किस तरह प्रभावित किया।

माधुरी की फिल्मों की प्रेम कहानियों को याद करते हुए यामी कहती हैं आपकी फिल्में देखकर हमें लगता था कि प्रेम कहानी हो तो ऐसी हो। हर लड़की ऐसे ही किसी लम्हे का सपना देखती है, जिसमें मन ही मन लगे-‘पलट, पलट!’ लेकिन असल जिंदगी में आदित्य और मुझमें एक बात एक जैसी है। हम दोनों ही बहुत कम खुलने वाले और बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक लोग हैं।

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यामी ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात फिल्म ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। उस समय आदित्य फिल्म का निर्देशन कर रहे थे और यामी अभिनय कर रही थीं। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई, लेकिन फिल्म के प्रचार के दौरान साथ में इंटरव्यू देते हुए उन्हें एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जानने का मौका मिला।

यामी के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जिंदगी, परिवार और संस्कारों को लेकर दोनों की सोच काफी मिलती है। आदित्य का शांत स्वभाव, सभी के प्रति सम्मान और काम के प्रति जुनून उन्हें बेहद पसंद आया।

यामी ने कहा हमारी पहली मुलाकात ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। शूटिंग के दौरान हमारी ज्यादा बातचीत नहीं हुई। लेकिन प्रमोशन के समय जब हम साथ इंटरव्यू देते थे, तो एक-दूसरे के जवाब भी सुनते थे। तभी मुझे लगा कि इनके उसूल और पारिवारिक संस्कार मेरे जैसे हैं। आदित्य की यही बात मुझे बहुत अच्छी लगी। सेट पर मैं पहले ही देख चुकी थी कि वह कैसे इंसान हैं। ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। वह कभी किसी पर गुस्सा नहीं करते थे, सबकी इज्जत करते थे और अपने काम को लेकर बेहद जुनूनी थे। साथ ही, बहुत शांत और सुलझे हुए भी थे।

इस पर माधुरी दीक्षित ने मुस्कुराते हुए कहा बिल्कुल आपकी तरह। यामी ने अपने जीवनसाथी के बारे में कहा ऐसा साथी मिलना बहुत बड़ी बात होती है। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि आदित्य मेरे पति हैं। ‘कोण होणार करोडपति’ का यह विशेष एपिसोड सोनी मराठी पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे प्रसारित होता है। दर्शक इसे सोनी लिव पर भी देख सकते हैं।

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विद्या बालन करेंगी पर्थ के पहले भारतीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन

भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन 22 से 24 जनवरी 2027 तक आयोजित होने वाले इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ पर्थ (आईएफएफपी) के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पहली बार आयोजित हो रहे इस महोत्सव में वह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

इस महोत्सव का उद्देश्य पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के दर्शकों तक भारतीय सिनेमा की विविधता, समृद्ध कहानियों और विभिन्न भाषाओं की फिल्मों को पहुंचाना तथा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ पर्थ, इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) और इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिडनी (आईएफएफएस) की टीम की नई पहल है। मेलबर्न और सिडनी में भारतीय सिनेमा को मिले मंच की सफलता के बाद अब पर्थ में भी भारतीय फिल्मों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों को जोड़ने के लिए एक नया मंच तैयार किया जा रहा है।

महोत्सव की घोषणा पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक की भारत यात्रा के दौरान की गई थी। इस पहल को दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और रचनात्मक संबंधों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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विद्या बालन भारतीय सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में महिला-केंद्रित फिल्मों और विविध विषयों पर आधारित कहानियों में उल्लेखनीय भूमिकाएं निभाई हैं। महोत्सव में उनकी उपस्थिति से भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

महोत्सव की घोषणा पर फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे एएम ने कहा कि पर्थ में भारतीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत करना गर्व का क्षण है। मेलबर्न और सिडनी में सफल मंच तैयार करने के बाद अब पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के नए दर्शकों और फिल्म प्रेमियों तक पहुंचने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि सिनेमा लोगों को जोड़ने, सीमाओं से परे जाने और एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने का माध्यम है। विद्या बालन का पहले महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना विशेष है। महोत्सव के जरिए भारतीय कहानियों की विविधता का जश्न मनाने के साथ भारत और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ पर्थ में भारतीय सिनेमा की विभिन्न भाषाओं, शैलियों और विषयों पर आधारित फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही फिल्म निर्माताओं, दर्शकों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच संवाद, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

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विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन

उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत की मौजूदगी में चकराता, सहसपुर, विकास नगर से कई लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वालों में पूर्व प्रत्याशी विधानसभा चकराता दर्शन लाल डोभाल, सेवानिवृत्त आईजी पुलिस अनन्तराम चौहान, कैप्टन ताजवर सिंह नेगी, कैप्टन नारायण सिंह रावत, कैप्टन गंगा सिंह, कैप्टन हीरा बल्लभ पांडे, कैप्टन सोबन सिंह, जितेंद्र सिंह, शशांक भट्ट आदि प्रमुख हैं।

श्री गोदियाल ने इस अवसर पर कहा कि आज देश एवं प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार के शासनकाल में बेरोजगार नौजवान रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों से प्रदेश की मातृशक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है तथा किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी सरकार की नीतियों से परेशान हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में भारी अन्तर है। प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास और उम्मीद के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी, सरकार उन अपेक्षाओं पर खरी उतरने में पूरी तरह विफल रही है। विकास के नाम पर केवल घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं लगातार विकराल रूप धारण करती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति चाहती है। प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं तथा सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार-प्रसार और राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामियों से जनता में भारी आक्रोश है और आने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस की सरकार बनाने का मन बना चुकी है।

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चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर में लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरन्तर संघर्ष कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और जनहित के मुद्दों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। इसी का परिणाम है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता कांग्रेस की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं को संगठन में पूरा सम्मान दिया जाएगा तथा उनके राजनीतिक एवं सामाजिक अनुभवों का लाभ पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में लिया जाएगा।

प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पलायन जैसे ज्वलन्त मुद्दों पर सरकार के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब भाजपा के खोखले वादों और झूठी घोषणाओं से ऊब चुकी है तथा कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता एवं मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार में नए नेताओं के शामिल होने से पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत होगा तथा भाजपा सरकार के विरुद्ध चल रहे जनसंघर्ष को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक लखपत सिंह बुटोला, प्रदेश उपाध्यक्ष लालचन्द शर्मा, अभिषेक सिंह, राजेन्द शाह, नवीन जोशी, विनोद चौहान, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, अमेन्द्र बिष्ट, अखिलेश उनियाल, प्रशांत खंडूरी, नरेशानन्द नौटियाल आदि पार्टी नेता उपस्थित रहे।

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