नीली नहीं अब विश्व कप में भगवा जर्सी पहनेंगी भारतीय हॉकी टीमें

भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी।

इस फैसले पर हालांकि पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने सवाल उठाया है। हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेज पर नयी जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि जर्सी का डिजाइन और रंग एक कहानी बताने और भारत का गौरव दिखाने के लिये है।

हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है। इसने कहा ,‘‘भारत के राष्ट्रध्वज और उगते हुए सूरज से प्रेरित यह जर्सी नयी शुरूआत की प्रतीक है।’

विश्व कप 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा। जर्सी पर ‘मंडाला’ कला से प्रेरित पैटर्न हैं जो भारत की सांस्कृतिक विरासत दर्शाते हैं। हॉकी इंडिया ने कहा कि इस पर गहरा नेवी ब्लू रंक अशोक चक्र से प्रेरित है जो प्रगति, शांति और फोकस का प्रतीक है।

हॉकी इंडिया ने कहा कि छाती पर बना ग्राफिक सुदर्शन चक्र का एक आधुनिक रूप है, जो “ताकत, एकता और गति” का प्रतीक है।

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कंधों और बाजुओं पर तिरंगे की पाइपिंग है जो राष्ट्रीय गौरव की द्योतक है। जर्सी के आगे के हिस्से पर देवनागरी लिपि में ‘इंडिया’ लिखा है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।

हॉकी इंडिया ने कहा नयी जर्सी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना की परिचायक है। भारतीय टीम के पास भगवा के साथ इसी तरह की सफेद जर्सी भी होगी। पूर्व कप्तान रासकिन्हा ने हालांकि जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सवाल किया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा हॉकी इंडिया ने खेल के लिये बहुत कुछ किया है लेकिन यह निराशाजनक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान नीला रंग रही है। मैने कई साल तक गर्व से नीली जर्सी पहनी है। प्रशंसक हमारी टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं।यह भगवा का क्या तुक है। ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के सीईओ ने कहा मेरा सरल और सीधा प्रश्न अपने गर्व, पहचान और विरासत से जुड़ा है।

हॉकी इंडिया ने हालांकि इस फैसले का बचाव किया और एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ,‘‘इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। भगवा जर्सी होने में क्या खराबी है। यह हमारे तिरंगे का एक रंग है और परिवर्तन तो होते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से प्रशंसकों और प्रसारकों को देखने में समस्या आती है।

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भारत से लगे नेपाल के इलाकों में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी

नेपाल के कोशी प्रांत में भारत की सीमा से लगे सुनसरी जिले के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी रहा।

इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सुनसरी के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने कहा कि जिले में सुरक्षा स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को पहली बार कर्फ्यू लगाया था। बाद में इसका विस्तार करते हुए पूर्व-पश्चिम राजमार्ग समेत 10 इलाकों को इसके दायरे में शामिल कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा।

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उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के तहत आवाजाही, एकत्र होने, प्रदर्शन करने, जनसभा करने और धरने देने जैसी लोगों की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, विभिन्न संवेदनशील इलाकों और सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश में, विशेष रूप से सुनसरी जिले में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।

दो धार्मिक समुदायों के उत्सव के दौरान हुए विवाद के बाद आपस में भिड़े समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए।

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राजस्थान: आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी

राजस्थान सरकार ने आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन स्थाई लोक अदालतों के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के तहत फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूम्बर में स्थाई लोक अदालत स्थापित की जाएंगी।

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एक बयान के मुताबिक लोक अदालतें विवादों के त्वरित और किफायती समाधान की व्यवस्था है। इसमें आपसी सहमति से निर्णय किए जाते हैं, जिससे आमजन के समय और धन दोनों की बचत होती है।

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पंजाब में ‘प्रश्नपत्र लीक’ के विरोध में दिल्ली भाजपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली ईकाई ने बृहस्पतिवार को मंडी हाउस के निकट आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पंजाब में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी फिरोजशाह रोड स्थित ‘आप’ मुख्यालय के निकट एकत्र हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में साढ़े चार वर्ष पुरानी ‘आप’ सरकार के कार्यकाल में छह परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस सहित अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की।

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हाल में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि पंजाब में उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। हालांकि उन्होंने कहा था कि एक परीक्षा के दौरान दो केंद्रों पर कुछ विद्यार्थियों ने नकल के लिए डिजिटल पेन का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें तत्काल पकड़ लिया गया और प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य में छह परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से 30 लाख विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि ‘आप’ ने हाल में जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उस प्रदर्शन का समर्थन किया था, जिसके बाद नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।

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Hyundai Neira Concept unveiled as rebadged Kia Carens Clavis EV

Hyundai Neira Concept

At GIIAS 2026 in Indonesia, Hyundai pulled the covers off the Neira Concept, which hints at an upcoming electric MPV for the Indonesian market. Evidently, the Neira Concept is a rebadged version of the Kia Carens Clavis EV, which has been on sale in India since July 2025. This isn’t surprising as Kia and Hyundai are sister brands under the Hyundai Motor Group umbrella.

Hyundai Neira Concept exterior design

Same design as that of the Carens Clavis EV, but with mild changes

The Neira Concept retains most of the Carens Clavis EV’s styling cues, but with subtle tweaks. Up front, the Neira Concept sports two rows of horizontal slats between the connected LED strip up top and the silver cladding below, and the charging port flap is more rectangular in shape. Expectedly, the Neira Concept bears a Hyundai emblem on the leading edge of its bonnet, and its bumper is also much chunkier than that of the Carens Clavis EV.

Credit: indra_fathan via Instagram

Over to the side, the only differences on the Neira Concept are its alloy wheels, a triple-ridge design for the skirt cladding, and chrome door handles – the Carens Clavis EV has body-coloured door handles. The rear end of the Neira Concept sets itself apart from the Carens Clavis EV’s with a different bumper design, more silver cladding, and a Hyundai badge on the bootlid.

Hyundai Neira Concept interior and features

Identical dashboard layout to the Carens Clavis EV

The similarities to the Carens Clavis EV carry over inside the Neira Concept as well. In fact, were it not for the Neira’s black seat upholstery and four-dot Hyundai motif on the two-spoke flat-bottomed steering wheel, you’d be hard-pressed to find any differences between these two electric MPVs.

Credit: indra_fathan via Instagram

They have the exact same dashboard layout, dual 12.3-inch screens, AC control panel, and floating centre console. As for seating layout, the Neira Concept displayed on the pavilion was a 7-seater, a configuration offered for the Carens Clavis EV too. The Kia MPV can also be had as a 6-seater with second-row captain’s chairs.

Hyundai Neira Concept battery and range

Could retain the Carens Clavis EV’s 42kWh and 51.4kWh batteries

Hyundai did not disclose what’s under the skin of the Neira Concept, but if the exterior and interior are anything to go by, it could share the Carens Clavis EV’s 42kWh and 51.4kWh battery options. Both packs are wired up to a 255Nm front-mounted motor, which outputs 135hp in 42kWh guise and 171hp in the 51.4kWh variants.

MIDC-claimed range stands at 404km for the smaller battery and 490km for the bigger unit. A 10-100 percent charge using an 11kW AC wallbox requires 4 hours for the 42kWh battery and 4.45 hours for the 51.4kWh pack. Both batteries take 39 minutes to charge from 0-80 percent using a 100kW DC charger.

Could the Hyundai Neira come to India

Hyundai plans to launch an MPV in India by the end of the decade

During its 2025 Investor Day, Hyundai confirmed that a new MPV will join its India line-up by 2030. At the time, Hyundai had only two MPVs in its global portfolio: the mainstream Stargazer and premium Staria. Given Hyundai’s usage of phrases like ‘family mover’ and ‘mobility for all’ to describe its India-bound MPV, the Stargazer was speculated to be the front-runner for the role, but now, the production-spec Neira seems likely too.

The Carens Clavis EV is an established model, so launching a mildly-differentiated Hyundai-badged version of it in India would take much less time than an entirely new MPV would. It’s also one of the most affordable yet feature-packed three-row EVs in the Indian market, so it’s quite a solid base for Hyundai’s own MPV offering. That said, this is speculation, so only time will tell if Hyundai will bring the Neira to India.

गृह मंत्री संसद में आने से क्यों डर रहे हैं, ‘अपराधबोध’ नजर आता है : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बीते 20 जुलाई को बलप्रयोग किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह पर एक बार फिर निशाना साधा और सवाल किया कि वह संसद में आने से तथा इस मामले पर सफाई देने से क्यों डरे हुए हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा भी किया कि गृह मंत्री के इस रुख से ‘‘अपराधबोध’’ दिखाई देता है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमित शाह छात्रों के खिलाफ हुई बर्बर हिंसा पर संसद में आकर सफाई देने से इतना क्यों डर रहे हैं? इससे अपराधबोध की बू आती है।

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उन्होंने यह भी कहा कि छात्र न्याय के हकदार हैं और उनके साथ प्रदर्शन के दौरान हुई कथित बर्बरता की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘छात्र न्याय के हकदार हैं। हमारे छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने बुधवार को कहा था कि दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ हुई ”बर्बरता” के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह मांग भी की थी कि पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चाधिकार-प्राप्त समिति से जांच कराई जानी चाहिए।

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जापान : भूकंप से मरने वालों की संख्या 23 हुई

दक्षिण-पश्चिमी जापान के ग्रामीण इलाकों में शक्तिशाली भूकंप के दो दिन बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। भूकंप के कारण एक शॉपिंग मॉल में विस्फोट हुआ, एक कारखाने की चिमनी गिर गई और कई मकान ढह गए और अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

बचाव दल जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के कुमामोतो क्षेत्र में लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं, जहां मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। समय के साथ मलबे में फंसे जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही है।

कुमामोतो प्रांतीय सरकार के अनुसार, अब भी लापता लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है। भूकंप में कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर है।

मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि पुलिस के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 28 है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें कुछ ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनकी जांच जारी है और संभव है की ये भूकंप से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित नहीं हो।

जीवित बचे लोगों ने बताया कि वे घर लौटने के बाद मलबे में दबे अपने परिजनों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहे। कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

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हजारों लोगों ने एक और रात राहत शिविरों में बिताई। ये शिविर स्कूलों के व्यायामशालाओं और अन्य बड़े भवनों में स्थापित किए गए हैं। कई घरों में अब भी बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोग लगातार आ रहे झटकों के डर से घर लौटने से बच रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, करीब 23,000 घरों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है और 400 के आसपास राहत शिविरों में 10,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। शिविरों में लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है ताकि वातानुकूलन की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

भीषण गर्मी के कारण लोगों के बीमार पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने कुमामोतो क्षेत्र में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है। बृहस्पतिवार को वहां तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हिकावा कस्बे में कई लोग अब भी पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कुछ लोग उद्यानों और पार्किंग स्थल में अपने वाहनों में ही रह रहे हैं।

नगर कार्यालय के बाहर अधिकारियों ने लोगों को बोतलबंद पानी और पैकेटबंद चावल वितरित किए, जबकि जापान के जमीनी आत्मरक्षा बल के जवान ट्रॉली के जरिए पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं।

हिकावा के 66 वर्षीय निवासी योशिआकी नाकाशिमा ने बताया कि वह अपने पालतू कुत्ते के साथ पानी लेने आए हैं और राहत शिविर में रहने के बजाय अपनी कार में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार आ रहे झटकों के कारण उन्हें अपने घर में सोने से भी डर लग रहा है।

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उप्र : यूरिया के लिए 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़कर बायोमीट्रिक सत्यापन करा रहे किसान

बलरामपुर जिले के हरैया इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महिलाओं, बुजर्गों और किसानों को यूरिया उर्वरक के लिए जान जोखिम में डालकर कथित तौर पर करीब 100 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर बायोमेट्रिक सत्यापन करना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर कथित प्रकरण का वीडियो प्रसारित होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।

ये वीडियो कथित तौर पर बुधवार का है जो हरैया सतघरवा विकास खंड के कोहरोड़ा सहकारी समिति का बताया जा रहा है। वीडियो में एक कर्मी पानी टंकी पर बायोमीट्रिक मशीन लेकर बैठा है और किसानों से अंगूठा लगवा कर रुपये गिनते हुए उर्वरक देने की कार्यवाही कर रहा है।

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एक दूसरे वीडियो में उर्वरक लेने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ी एक महिला अपने कागजात दिखा रही है, जबकि अन्य किसान उर्वरक लेने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर पानी की टंकी पर चढ़ते और उतरते देखे जा सकते हैं।

किसान राम प्रकाश ने आरोप लगाया, ‘‘कर्मी हवा के लिए पानी की टंकी पर चढ़ जाते है। अगर कोई गिर पड़े तो उसके हाथ पैर टूट जायेंगे और जिंदगी बेकार हो जाएगी।

नवलगंज के ग्राम प्रधान राम निवास गौतम ने आरोप लगाया कि सचिव 15-20 दिन तक नहीं आते हैं जिसके कारण लापरवाही हो रही है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी विपिन जैन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है।

जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह मामला नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाके का है। संभावना है कि नेटवर्क न आने के कारण ऐसा हुआ हो। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Amazon Great Freedom Sale 2026: 7 अगस्त से शुरू होगी सेल, मिलेंगे बंपर डिस्काउंट और AI शॉपिंग फीचर्स

Amazon Great Freedom Sale 2026: अगर आप इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या फिर ग्रोसरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए ऑफर्स की तलाश में हैं तो, यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, Amazon 7 अगस्त को रात 12:00 बजे से अपना ‘Great Freedom Sale 2026’ शरू करने जा रहा है। इस सेल में खरीदारों को स्मार्टफ़ोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, घरेलू डिवाइस, ग्रोसरी, किचन के सामान और दूसरी कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अच्छा-खासा डिस्काउंट मिलेगा।

बता दें कि यह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलग-अलग कैटेगरी में ऑफर के साथ-साथ, AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स भी ला रहा है, ताकि कस्टमर्स आसानी से प्रोडक्ट्स ढूंढ सकें और बेहतर तरीके से खरीदारी का फैसला ले सकें।

सेल के दौरान, खरीदारों को कई ब्रांड्स पर टॉप 100 डील्स, ब्लॉकबस्टर डील्स, ट्रेंडिंग डील्स और खास ‘8 PM डील्स’ मिलेंगी। इसके अलावा, Amazon ग्राहकों को HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड और EasyEMI ट्रांजैक्शन पर 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। योग्य कस्टमर्स को कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन के साथ-साथ 2,000 रुपये तक का कैशबैक भी मिल सकता है। सेल में ग्राहकों को एक्सचेंज ऑफर, Amazon Pay रिवॉर्ड्स और भारत के सभी उपलब्ध पिन कोड पर डिलीवरी जैसी सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा।

AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स

Amazon इस सेल के दौरान कई AI आधारित फीचर्स पेश कर रहा है, जो ग्राहकों को बेहतर शॉपिंग अनुभव देने में मदद करेंगे। कंपनी का AI शॉपिंग असिस्टेंट Rufus यूजर्स को सामान्य कीवर्ड की जगह अपनी जरूरत के हिसाब से सवाल पूछकर प्रोडक्ट खोजने की सुविधा देता है। ग्राहक अपनी खास जरूरतों या पसंद के आधार पर सुझाव मांग सकते हैं और पर्सनलाइज्ड सुझाव पा सकते हैं।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म का Lens AI फीचर विजुअल प्रोडक्ट सर्च की सुविधा देता है, जिससे यूजर्स मिलती-जुलती चीजें खोजने के लिए फोटो अपलोड या क्लिक कर सकते हैं। Rufus में एक ‘प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर’ भी शामिल है जो 30 से 90 दिनों की अवधि में प्रोडक्ट की कीमतों पर नजर रखता है और जब कोई आइटम ग्राहक की पसंद की कीमत पर पहुंचता है, तो उन्हें सूचित कर सकता है। अन्य AI फीचर्स में ‘रिव्यू हाइलाइट्स’ शामिल हैं, जो ग्राहकों के रिव्यू का सारांश देते हैं, और ‘बाइंग गाइड्स’ हैं जो खरीदारों को प्रोडक्ट्स की तुलना करने में मदद करने के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं।

Amazon Pay के ऑफर्स

Amazon इस सेल के दौरान Amazon Pay से जुड़े कई पेमेंट बेनिफिट्स भी दे रहा है। Amazon Pay ICICI Bank Credit Card का इस्तेमाल करने वाले Prime मेंबर्स को अनलिमिटेड 5% कैशबैक मिलेगा, जबकि नॉन-Prime कार्डधारकों को 3% कैशबैक का फायदा मिलेगा। वहीं, नए कार्ड यूजर्स को वेलकम रिवॉर्ड के तौर पर 2,500 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।

कस्टमर्स, एलिजिबिलिटी के आधार पर 60,000 रुपये तक के इंस्टेंट क्रेडिट के साथ Amazon Pay Later का फायदा भी उठा सकते हैं। कंपनी एक EMI स्टोर भी ऑफर कर रही है, जिसमें स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और होम अप्लायंसेज जैसी कैटेगरीज में 99 रुपये प्रति दिन से शुरू होने वाले प्लान्स हैं। वहीं, अगर ग्राहक 1,500 रुपये से ज्यादा की खरीदारी करते हैं, तो वे इस रकम को बिना ब्याज वाली 3 मासिक किस्तों में बांट सकते हैं।

Amazon ने बताया कि कस्टमर्स चुनिंदा ब्रांड्स और कैटेगरी में Rewards Gold कैशबैक भी पा सकते हैं, जबकि Prime मेंबर्स 7 अगस्त से शुरू होने वाली ‘ग्रेट फ्रीडम सेल’ के दौरान एलिजिबल ऑर्डर्स पर अतिरिक्त बचत का फायदा उठा सकते हैं।

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EPF: इंटरेस्ट का पैसा आपके ईपीएफ अकाउंट में नहीं आया है? जानिए क्या है वजह

ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा भेजना शुरू कर दिया है। यह पैसा वित्त वर्ष 2025-26 का है। सरकार ने इससे पहले ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर 8.25 फीसदी इंटरेस्ट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसका फायदा ईपीएफओ के करोड़ों सब्सक्राइबर्स को मिलेगा।

कई सब्सक्राइबर्स को अभी मैसेज नहीं आया है

एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने एक हफ्ते से ज्यादा पहले इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर करना शुरू किया था। सब्सक्राइबर्स को इसकी जानकारी एसएमएस के जरिए मिल रही है। कई सब्सक्राइबर्स को इंटरेस्ट ट्रांसफर के मैसेज आ चुके हैं। कई सब्सक्राइबर्स को अभी इंटरेस्ट ट्रांसफर के एसएमएस नहीं आए हैं।

ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को बैचेज में ट्रांसफर कर रहा

जिन सब्सक्राइबर्स को इंटरेस्ट ट्रांसफर के एसएमएस नहीं आए हैं, वे चिंतित हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे सब्सक्राइबर्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसकी वजह यह है कि ईपीएफओ एक बार सभी सब्सक्राइबर्स के अकाउंट के पैसे ट्रांसफर करने की जगह चरणों में इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर कर रहा है।

जल्द बाकी सब्सक्राइबर्स को भी पैसे ट्रांसफर हो जाएंगे

अलग-अलग बैच में पैसे ट्रांसफर होने से कई सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में पैसे आने में समय लग सकता है। जिन सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा नहीं आया है, उन्हें इंतजार करना होगा। जल्द उन्हें इसका एसएमएस मिल जाएगा। कई सब्सक्राइबर्स ने अब तक एसएमएस नहीं मिलने की जानकारी दी है।

ईपीएफओ के पोर्टल से शिकायत की जा सकती है

गुरुग्राम के सीए अभिषेक अनेजा ने कहा, “यदि किसी सदस्य के ईपीएफ खाते में ब्याज अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपना ईपीएफ पासबुक, यूएएन, केवाईसी और नियोक्ता द्वारा किए गए अंशदान की स्थिति की जांच करें। यदि इसके बाद भी ब्याज अपडेट नहीं होता है, तो ईपीएफओ के ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल या क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।”

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पूरे वित्त वर्ष के इंटरेस्ट का पैसा एक बार में होता है ट्रांसफर 

ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर पूरे वित्त वर्ष का इंटरेस्ट ट्रांसफर करता है। इस साल ईपीएफओ ने पिछले साल के मुकाबले जल्द इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर करना शुरू किया है। जिन सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में अभी इंटरेस्ट क्रेडिट नहीं हुआ है, उन्हें इंतजार करना चाहिए। इंतजार के बाद भी पैसा नहीं आने पर इसकी शिकायत ईपीएफओ की वेबसाइट के जरिए की जा सकती है।