23 साल के BBA ग्रेजुएट ने नौकरी छोड़ चुना स्टार्टअप का रास्ता, डेढ़ साल में खड़ी कर दी 20 करोड़ की कंपनी

सफलता हासिल करने के लिए हमेशा लंबा अनुभव जरूरी नहीं होता, कई बार एक मजबूत सोच और सही दिशा भी कम उम्र में बड़ी उपलब्धि दिला सकती है। तेलंगाना के युवा साईतेजा गोपिशेट्टी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया। BBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पारंपरिक नौकरी के रास्ते के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। कृषि क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने Luminara Legacy नाम से स्टार्टअप शुरू किया, जो किसानों को बेहतर बीज, कृषि उत्पाद और खेती से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर काम करता है।

खास बात यह है कि शुरुआत के महज डेढ़ साल में ही उनकी कंपनी ने करोड़ों रुपये की वैल्यूएशन हासिल कर ली। साईतेजा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो नए आइडिया के साथ अपना रास्ता खुद बनाना चाहते हैं।

कृषि क्षेत्र में उतरे साईतेजा, शुरू किया Luminara Legacy

साईतेजा गोपिशेट्टी Saiteja Gopishetty ने Luminara Legacy Pvt. Ltd. की शुरुआत की। यह एग्रीकल्चर स्टार्टअप किसानों को बेहतर बीज, कीटनाशक, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और खेती से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर काम करता है। उनका लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर उत्पादों के जरिए ज्यादा उत्पादन हासिल करने में मदद करना है।

23 की उम्र में ₹20 करोड़ का सफर

सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, साईतेजा ने ग्रेजुएशन के करीब डेढ़ साल बाद अपनी कंपनी को ₹20 करोड़ के स्तर तक पहुंचा दिया। उनकी कंपनी अब 2028 तक ₹100 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

छोटी उम्र, बड़ा विजन

साईतेजा की कहानी यह दिखाती है कि सफलता सिर्फ उम्र या अनुभव पर निर्भर नहीं करती। सही सोच, मेहनत और किसी समस्या का समाधान देने वाला आइडिया किसी भी युवा को आगे बढ़ा सकता है। कृषि जैसे क्षेत्र में उतरकर उन्होंने यह साबित किया कि नए विचारों और तकनीक के जरिए पारंपरिक सेक्टर में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

साईतेजा की उपलब्धि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और बिजनेस सोच की तारीफ की। लोगों का कहना है कि कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना और किसानों से जुड़े क्षेत्र में काम करना प्रेरणादायक है।

एक यूजर ने लिखा कि 23 साल की उम्र में ₹20 करोड़ की कंपनी बनाना दिखाता है कि जब विजन और मेहनत साथ आते हैं तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। वहीं अन्य यूजर्स ने उनके भविष्य के लक्ष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

किसानों की समस्या को बनाया बिजनेस का आधार

साईतेजा की सफलता का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने सिर्फ कंपनी बनाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि खेती से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान देने की कोशिश की। यही सोच उनके स्टार्टअप को अलग पहचान दिला रही है।

100 रुपये लेने से मना किया, Blinkit राइडर ने जो कहा उसे सुन MBA मैनेजर भी रह गईं दंग

100 रुपये लेने से मना किया, Blinkit राइडर ने जो कहा उसे सुन MBA मैनेजर भी रह गईं दंग

कभी-कभी जिंदगी की बड़ी सीख किसी खास मौके या बड़ी जगह से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी घटनाओं से मिलती है। ऐसा ही एक अनुभव एक प्रोडक्ट मैनेजर के साथ हुआ, जब एक Blinkit डिलीवरी पार्टनर की सोच ने उन्हें हैरान कर दिया। एक सामान्य-सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने मेहनत, जिम्मेदारी और सफलता को देखने का नजरिया बदल दिया। इस घटना ने यह दिखाया कि काम में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है।

जहां कॉर्पोरेट दुनिया में अप्रेजल और लक्ष्य अहम माने जाते हैं, वहीं एक डिलीवरी पार्टनर ने अपनी रेटिंग को ही अपनी मेहनत का पैमाना बना लिया। उनकी बातों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली प्रोफेशनलिज्म आखिर होता क्या है।

गलत पते पर पहुंचा ऑर्डर, फिर भी नहीं बदला रवैया

यह कहानी प्रोडक्ट मैनेजर मानसी शर्मा ने LinkedIn पर शेयर की। उन्होंने बताया कि एक दिन Blinkit से सामान मंगाते समय गलती से पुराना सेव किया हुआ पता चुन लिया। डिलीवरी पार्टनर ने कॉल कर बताया कि दिए गए पते पर कोई गेट नहीं खोल रहा है। गलती का पता चलने पर मानसी ने माफी मांगी और पूछा कि क्या डिलीवरी पार्टनर उनका सही पता ढूंढकर वहां सामान पहुंचा सकता है। नया पता करीब 3 किलोमीटर दूर था।

जब डिलीवरी बॉय ने दिखाई ‘एक्स्ट्रा माइल’ वाली सोच

आम तौर पर ऐसी स्थिति में कोई भी डिलीवरी रोक सकता था या नया ऑर्डर करने को कह सकता था। लेकिन इस डिलीवरी पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के हां कर दी। वह 3 किलोमीटर दूर गया, सामान पहुंचाया और चेहरे पर मुस्कान के साथ डिलीवरी पूरी की।

100 रुपये का ऑफर भी ठुकराया

मानसी को लगा कि डिलीवरी पार्टनर को हुई परेशानी के लिए कुछ अतिरिक्त देना चाहिए। उन्होंने उसे 100 रुपये देने चाहे, लेकिन उसने विनम्रता से पैसे वापस कर दिए। इसके बाद उसने जो बात कही, उसने पूरी कहानी का नजरिया बदल दिया।

रेटिंग ही मेरी अप्रेजल है’

डिलीवरी पार्टनर ने कहा, “पिछले महीने मेरी रेटिंग 4.2 थी। जब मैं एक्स्ट्रा माइल जाता हूं तो यह 4.8 हो जाती है। यही मेरी अप्रेजल है।” उसकी यह सोच बताती है कि वह सिर्फ एक ऑर्डर पूरा नहीं कर रहा था, बल्कि अपनी रोज की मेहनत से अपने प्रदर्शन रिकॉर्ड को बेहतर बना रहा था।

MBA से ज्यादा असरदार निकली उसकी सोच

मानसी ने कहा कि उनके पास MBA की डिग्री है, लेकिन उस डिलीवरी पार्टनर ने परफॉर्मेंस और मोटिवेशन को जिस तरह समझा, वह कई मैनेजर्स के लिए भी सीखने वाली बात है। जहां कॉर्पोरेट कर्मचारियों की परफॉर्मेंस साल में एक-दो बार मापी जाती है, वहीं गिग वर्कर्स को हर ऑर्डर के साथ अपनी रेटिंग सुधारने का मौका मिलता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा ‘यही असली मैनेजमेंट है’

मानसी की पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने डिलीवरी पार्टनर की सोच और काम के प्रति लगन की तारीफ की। लोगों ने कहा कि बिना बड़ी डिग्री के भी कई लोग जिंदगी और काम की ऐसी समझ रखते हैं, जो किताबों से नहीं मिलती।

एक यूजर ने लिखा, “कुछ लोग डिग्री से ज्यादा बड़ी सीख दे जाते हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि असली मोटिवेशन अक्सर टाइटल से नहीं, बल्कि उस चीज से आता है जो किसी व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है।

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Video: हार्ट अटैक के बाद एम्बुलेंस वालों ने मांगे 15 हजार रुपये, फिर Blinkit ने किया ऐसा काम

मेडिकल इमरजेंसी में सबसे बड़ी जरूरत होती है समय पर इलाज और अस्पताल तक जल्दी पहुंचना। लेकिन कई बार एम्बुलेंस की उपलब्धता और उसका भारी किराया मरीज के परिवार के लिए नई परेशानी खड़ी कर देता है। हाल ही में गुरुग्राम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि एक आपात स्थिति के दौरान उन्हें ऐसी सेवा मिली, जिसने न सिर्फ समय बचाया बल्कि आर्थिक बोझ भी कम कर दिया। उनका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोग इस पहल की जमकर तारीफ करने लगे।

कई यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर मिली मदद ने मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत दी। इस घटना ने एक बार फिर इमरजेंसी सेवाओं की अहमियत और उनकी पहुंच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।

एम्बुलेंस के लिए मांगे गए 10 से 15 हजार रुपये

कंटेंट क्रिएटर कोमल खंडेलवाल के मुताबिक, बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। लेकिन जब उन्होंने अलग-अलग एम्बुलेंस सेवाओं से संपर्क किया तो 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का किराया बताया गया।

ऐसे मुश्किल समय में परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ एम्बुलेंस का खर्च भी बड़ी चिंता बन गया।

तभी सामने आया Blinkit का फ्री एम्बुलेंस विकल्प

इसी दौरान किसी ने सुझाव दिया कि Blinkit के जरिए एम्बुलेंस बुक की जा सकती है। परिवार ने तुरंत इस सेवा का इस्तेमाल किया और कुछ ही समय में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई।

कोमल ने बताया कि इस सेवा के लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया गया, जिससे समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने में मदद मिली।

यह किसी फाइव स्टार एम्बुलेंस से कम नहीं थी’

वीडियो में कोमल ने एम्बुलेंस की सुविधाओं की भी तारीफ की। उनके मुताबिक इसमें मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जरूरी मेडिकल उपकरण, दवाइयां और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे “फाइव स्टार एम्बुलेंस” तक कह दिया।

Blinkit से की खास अपील

कोमल ने वीडियो में Blinkit का धन्यवाद करते हुए कहा कि कंपनी को यह सेवा हमेशा मुफ्त रखनी चाहिए।

उनका कहना था कि हर व्यक्ति के पास अचानक मेडिकल इमरजेंसी में हजारों रुपये खर्च करने की क्षमता नहीं होती। अगर किसी के पास पैसे न हों, तो सिर्फ इसी वजह से उसकी जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

एक यूजर ने लिखा कि Blinkit की यह पहल शानदार है और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।

एक अन्य यूजर ने बताया कि उन्होंने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति के लिए Blinkit से एम्बुलेंस बुक की थी, जो बिना किसी शुल्क के बहुत जल्दी पहुंच गई।

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि सुबह 5 बजे दवा ऑर्डर करने के बाद Blinkit की ओर से डॉक्टर का कॉल आया, जिसने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। इस पहल को भी लोगों ने काफी सराहा।

कुछ लोगों ने सरकार से भी उठाए सवाल

जहां बड़ी संख्या में लोगों ने Blinkit की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि ऐसी बुनियादी सुविधाएं निजी कंपनियों के बजाय सरकार की ओर से आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

उनका कहना था कि इमरजेंसी एम्बुलेंस जैसी सेवाएं हर नागरिक तक सुलभ और किफायती होना जरूरी है।

Blinkit ने भी दिया जवाब

वीडियो पर मिली तारीफ के बाद Blinkit ने भी कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रिया दी और दिल वाले इमोजी के साथ यूजर्स का आभार जताया।

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सही समय पर मिली मदद किसी की जिंदगी बचाने में कितनी अहम भूमिका निभा सकती है।

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