GIFT Nifty Indicator: “बुल्स या बीयर” आज किस ओर रुख करेगा बाजार, जानें सेंसेक्स-निफ्टी के लिए गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, लगातार विदेशी इंस्टीट्यूशनल सेलिंग और ग्लोबल ऑयल मार्केट में मामूली गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे है। यहीं कारण है कि निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को नीचे खुल सकते हैं। GIFT Nifty गैप-डाउन शुरुआत का संकेत दे रहा है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8:20 बजे 24,181 पर ट्रेड कर रहा था, जो 112 पॉइंट या 0.46 फीसदी नीचे था, जिससे पता चलता है कि Nifty 50 सोमवार के 24,238.50 के क्लोजिंग से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत तब मिला जब सोमवार को भारतीय इक्विटीज नीचे बंद हुए, जो जून-तिमाही की कमाई और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बाद प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली की वजह से नीचे आ गए। सेंसेक्स 442.93 पॉइंट्स या 0.57 परसेंट गिरकर 77,708.52 पर आ गया, जबकि निफ्टी 95.80 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट गिरकर 24,238.50 पर आ गया।

एशिया बाजारों में तेजी

मंगलवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त हुई क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों की उम्मीदों से तेल की कीमतें एक महीने के ऊंचे लेवल से नीचे आ गईं, हालांकि इन्वेस्टर्स जियोपॉलिटिकल रिस्क और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बिज़ी हफ़्ते पर फोकस करते रहे।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स लगातार तीन सेशन की गिरावट के बाद 0.25 परसेंट बढ़ा। जापान का निक्केई 1 परसेंट से ज़्यादा बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI लगभग 3 परसेंट चढ़ा। US स्टॉक फ्यूचर्स बढ़े, हालांकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने कमजोर शुरुआत का इशारा किया।

यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी के बाद भी मार्केट वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए हैं, जबकि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि US और ईरान के बीच नाजुक सीज़फ़ायर को फिर से शुरू करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं।

क्रूड में दबाव

ब्रेंट क्रूड मंगलवार को फिसल गया, जबकि पिछले सेशन में यह $91.42 पर पहुंच गया था, जो जून के बीच के बाद इसका सबसे ऊंचा लेवल है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4 परसेंट गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड थोड़ा बदलकर $82.47 प्रति बैरल पर आ गया। हालाँकि तेल की कीमतें हाल के हाई से कम हुई हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन एनर्जी मार्केट को किनारे पर रखे हुए हैं और भारत जैसी इन्फ्लेशन-सेंसिटिव इकॉनमी के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।

US स्टॉक्स सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि इन्वेस्टर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट्स पर नज़र रख रहे थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट गिरा, S&P 500 0.19 परसेंट गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.05 परसेंट फिसला।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, FII की लगातार बिकवाली और रुपये में लगातार कमजोरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जून-तिमाही के कमाई के मौसम में स्टॉक से जुड़े एक्शन की संभावना है, जबकि जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर ज़्यादा क्लैरिटी आने तक बड़े मार्केट का सेंटिमेंट ग्लोबल डेवलपमेंट, एनर्जी की कीमतों और कैपिटल फ्लो के प्रति सेंसिटिव रहेगा।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में सावधानी से कंस्ट्रक्टिव झुकाव बना हुआ है, जिसमें 24,300-24,400 तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। इस बैंड से ऊपर लगातार मूव 24,500-24,600 की ओर रास्ता बना सकता है। उन्होंने कहा कि नीचे की तरफ, 24,100 मुख्य सपोर्ट है, और इससे नीचे जाने पर 24,000 के लेवल पर नई बिकवाली शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Axis, HDFC और Kotak Bank; Q1 रिजल्ट के बाद शेयर धड़ाम, अब ट्रेडिंग के लिए चार्ट पर मार्क करें ये लेवल्स

Banking Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तेज होती आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा और प्रति बैरल यह $90 के पार पहुंच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। इन पर प्राइवेट सेक्टर के हैवीवेट बैंकिंग स्टॉक्स एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने काफी दबाव डाला और इनके शेयर 5.5% तक फिसल गए। इन बैंकों के मार्जिन पर जून तिमाही में दबाव दिखा था और अब एनालिस्ट्स को इस तिमाही भी दबाव के आसार हैं।

जेफरीज के एनालिस्ट्स प्रखर शर्मा और विनायक अग्रवाल के मुताबिक कॉर्पोरेट लोन की हिस्सेदारी बढ़ने और हाल ही में होलसेल प्राइसिंग में तेजी पर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर पड़ा और अब सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने के आसार हैं। अब जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इन तीन स्टॉक्स की ट्रेडिंग कैसे करनी चाहिए, इसे लेकर बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कुछ टेक्निकल लेवल्स सुझाएं है और चार्ट पर रेजिस्टेंस-सपोर्ट मार्क किया है।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्राईएंगल पैटर्न के अंदर ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़ी हलचल से पहले कंसोलिडेशन का संकेत है। हाल ही में इसे ₹390–₹397 के आस-पास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस झेलना पड़ा और प्रॉफिट बुकिंग दिखी तो नीचे की तरफ ₹370–₹375 के आस-पास निचली ट्रेंडलाइन से जरूरी सपोर्ट मिल रहा है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आस-पास बना हुआ है, जिससे इसमें किसी भी तरफ मजबूत मोमेंटम नहीं होने का संकेत मिल रहा है। अगर यह शेयर ₹397 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह ₹420–435 की तरफ बढ़ सकता है। दूसरी तरफ अगर यह ₹370 के नीचे गिरता है, तो इसमें गिरावट बढ़ सकती है और अगला सपोर्ट ₹350 के आस-पास हो सकता है।

Axis Bank

₹1,300–₹1,320 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकामी के बाद एक्सिस बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। यह मुनाफावसूली का संकेत है और अभी भी यह अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट यानी ₹1,250–₹1,260 के आस-पास बना हुआ है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो यह ₹1,220 और ₹1,180 की तरफ फिसल सकता है। RSI के 50 के से नीचे आने से मोमेंटम में कमजोरी दिख रही है और शेयर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ऊपर की तरफ शेयर के लिए ₹1,305 और ₹1,320 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह ₹1,320 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और ₹1,380–1,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

HDFC Bank

₹810–815 के रेजिस्टेंस जोन के पास रिजेक्शन झेलने के बाद एचडीएफसी बैंक शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। तेज गिरावट के साथ एक बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल यह शेयर अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, तो ₹745–750 के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है जो बुलिश मोमेंटम कम होने का संकेत दे रहा है। जब तक यह स्टॉक ₹815 के नीते है, इसके ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित है। नीचे की तरफ बात करें तो इसे ₹775 और फिर ₹750 पर सपोर्ट दिख रहा है तो ऊपर की तरफ ₹815 और फिर ₹850 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर यह ₹815 के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें बुलिश मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है और शेयर ₹850–870 की तरफ बढ़ सकता है।

₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

HDFC Bank Share Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 5% तक गिरा; अब बाय, सेल या होल्ड? क्या हो स्ट्रैटेजी?

Axis Bank Share Price: मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर 6% तक टूटा, मार्जिन पर दबाव से निवेशक टेंशन में; अब ब्रोकरेज की क्या है राय

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Banking Stocks: 3 गुना बढ़ा इस सरकारी बैंक का मुनाफा, जोश में 5% उछले शेयर

PNB Share Price: पब्लिक सेक्टर के दिग्गज लेंडर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा तीन गुना से अधिक बढ़ा तो शेयरों ने आज इसका जश्न मनाया। बैंक के रिजल्ट शनिवार को पेश हुए थे और आज सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयर 5% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 4.11% की बढ़त के साथ ₹110.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.62% उछलकर ₹111.75 तक पहुंच गया था।

PNB के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 213.63% उछलकर ₹5253.29 करोड़ पर पहुंच गया। इसे टैक्स पर खर्च में तेज गिरावट से सपोर्ट मिला। सालाना आधार पर बैंक का टैक्स पर खर्च घटकर ₹5083 करोड़ से ₹1725 करोड़ रह गया। बैंक के लिए जून तिमाही ब्याज से कमाई के मामले में भी धमाकेदार रही और सालाना आधार पर NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% उछलकर ₹10,798.36 करोड़ पर पहुंच गया। ब्याज से शुद्ध कमाई की ग्रोथ दिखने में हल्की लग रही हो लेकिन छह तिमाहियों में यह सबसे बेहतर है। बैंक की एसेट क्वालिटी भी जून तिमाही में बेहतर हुई। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से 0.28% पर आ गया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पीएनबी के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और महज 4 महीने में 27% से अधिक पूंजी घटा दी। 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹135.15 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार महीने में यह 27.12% टूटकर 18 मई 2026 को ₹98.50 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Q1 Results: 14 तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा 115 कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन मार्जिन पर दबाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।