Abhishek Sharma: इंग्लैंड सीरीज के बीच दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक शर्मा, AI फोटोज से जुड़ा है मामला

भारत के ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिषेक शर्मा ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसका मतलब है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनका नाम, फोटो या उनसे मिलती-जुलती तस्वीर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई (AI) से बने कंटेंट में इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस मामले में भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने सोशल मीडिया और एआई की मदद से तैयार किए गए कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की मांग की है।

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने अदालत को बताया कि क्रिकेटर की ओर से बताए गए आठ यूआरएल में से दो लिंक फिलहाल खुल नहीं रहे थे। अभिषेक शर्मा फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं। 5 मैचों की टी20 सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे हैं।

कोर्ट में हुई सुनवाई

क्रिकेटर अभिषेक का मामला जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में सुना गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभिषेक शर्मा की ओर से बताए गए कई वेब लिंक पर गौर किया, जिनमें उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। विरोधी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर प्रकाशित सामग्री से जुड़े मामलों में मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच अंतर करना कई बार मुश्किल हो जाता है। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि संबंधित सामग्री की पूरी जांच किए बिना कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

जज ने नहीं दिया आदेश

जज ने अभिषेक के वकील से कहा, “यहां सच में गड़बड़ है। आप अपने याचिका से मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट के साथ एक एफिडेविट दाखिल करें। आपने जो स्क्रीनशॉट अदालत को दिखाए हैं, वे रिकॉर्ड में मौजूद स्क्रीनशॉट से काफी अलग हैं। ऐसे में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकती।” कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर को निर्देश दिया कि वह याचिका के एनेक्सर में दी गई टेबल से मेल खाते स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर पेश करते हुए एक नया एफिडेविट दाखिल करें। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही कि मेरा ऐसा करने का मन नहीं है, लेकिन मौजूदा स्थिति में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकता।”

गलत तरीके से पेश की गई तस्वीर

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने दलील दी कि एक यूआरएल पर मौजूद वीडियो पैपराजी अकाउंट से शेयर किया गया था, इसलिए उसमें पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। वहीं, अभिषेक शर्मा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि संबंधित सामग्री एआई की मदद से तैयार की गई थी।

अभिषेक के वकील ने कहा, “इसका क्या मतलब है? क्या ये दिखाया जा रहा है कि वह किसी और के कंधे पर रो रहे हैं, जबकि ये एआई से बनाई गई तस्वीर है। यह पैपराजी का मामला नहीं है। मैनेजर के साथ उनकी फोटो ली गई थी और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उसे अलग रूप दे दिया गया।” उन्होंने ये भी बताया कि एक पोस्ट में क्रिकेटर के मैनेजर को गलत तरीके से उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया, जिससे गलत जानकारी फैली।

अकेलेपन से मिलेगा छुटकारा! चीन ने बनाया इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए चीन की कंपनी UBTech ने अपना नया UWORLD U1 humanoid robot पेश किया है, जिसे अब तक का सबसे एडवांस फुल-साइज बायोनिक रोबोट बताया जा रहा है। यह रोबोट सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि इंसानों जैसा व्यवहार और अनुभव देने वाला एक “कंपैनियन रोबोट” है, जिसे खास तौर पर लोगों के साथ रहने, बातचीत करने और इमोशनल सपोर्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसी आधुनिक तकनीकें शामिल की गई हैं जो इसे मानव जैसी बातचीत और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।

कंपनी का दावा है कि यह रोबोट भविष्य में अकेले रहने वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए एक सहारा बन सकता है। लॉन्च से पहले ही इसके हजारों प्री-ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि AI और रोबोटिक्स को लेकर दुनिया में उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

 फैक्ट्री नहीं, घर और दिलों के लिए बना रोबोट

U1 को इंडस्ट्रियल कामों के लिए नहीं, बल्कि इंसानों के साथ रहने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी, रिसेप्शन और होम सर्विस जैसी जगहों पर किया जा सकता है, जहां इंसानी बातचीत जरूरी होती है।

कीमत और वेरिएंट

इस रोबोट को तीन वर्जन—लाइट, प्रो और अल्ट्रा में लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये से शुरू होकर ₹1.15 करोड़ रुपये तक जाती है। इसे अभी चीन में ही उपलब्ध कराया गया है और जल्द ही डिलीवरी शुरू होगी।

इंसानों जैसा रूप और नेचुरल मूवमेंट

U1 को मेल और फीमेल दोनों अवतार में बनाया गया है। इसका हाइट भी इंसानों जैसा है, पुरुष मॉडल करीब 183 cm और महिला मॉडल 168 cm। इसमें 88 सर्वो जॉइंट्स हैं, जिससे यह इंसानों जैसी बॉडी मूवमेंट कर सकता है।

20+ भावनाएं समझने वाला AI ब्रेन

इस रोबोट की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल AI सिस्टम है, जो 20 से ज्यादा भावनाओं को पहचान सकता है। ये बातचीत के दौरान आई कॉन्टैक्ट बनाए रखता है, पिछली बातें याद रखता है और समय के साथ और ज्यादा पर्सनल जवाब देता है।

बात करेगा, याद रखेगा और साथ भी देगा

UBTech का दावा है कि U1 अपने यूजर को पहचान सकता है, उनकी आदतें याद रख सकता है, दवाइयों की याद दिला सकता है और अकेलेपन में बातचीत करके इमोशनल सपोर्ट भी दे सकता है। यहां तक कि यह मूवी, स्पोर्ट्स या एक्टिविटी भी सजेस्ट करता है।

सिलिकॉन स्किन और रियलिस्टिक लुक

रोबोट के बाहर सिलिकॉन कोटिंग की गई है ताकि यह असली इंसान जैसा लगे। कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर इसे और भी ज्यादा इंटरैक्टिव बनाते हैं, जिससे लोगों को बातचीत करते समय अजीब एहसास न हो।

डेटा प्राइवेसी और लोकल प्रोसेसिंग

कंपनी का कहना है कि यूजर डेटा क्लाउड पर नहीं भेजा जाता, बल्कि डिवाइस में ही स्टोर होता है। इसमें तीन-लेयर प्राइवेसी सिस्टम दिया गया है ताकि यूजर की जानकारी सुरक्षित रहे। AI मॉडल लोकल प्रोसेसिंग पर ज्यादा काम करता है।

13,000+ प्री-ऑर्डर से मचा धमाल

लॉन्च से पहले ही इस रोबोट को 13,300 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं, जो दिखाता है कि AI कंपैनियन टेक्नोलॉजी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।

चीन बन रहा रोबोटिक्स का पावरहाउस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन दुनिया के लगभग 85% ह्यूमनॉइड रोबोट इंस्टॉलेशन करता है। मजबूत सरकारी सपोर्ट और टेक मैन्युफैक्चरिंग इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है।

एक्सपर्ट्स की चिंता

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे रोबोट अकेलेपन में मदद कर सकते हैं, लेकिन इससे इमोशनल अटैचमेंट, प्राइवेसी रिस्क और uncanny valley इफेक्ट जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

2026 की सबसे डिमांडिंग नौकरियां! अगर सीख लीं ये 3 स्किल्स, तो कंपनियां देंगी 30 लाख रुपए तक का पैकेज!

highest paying jobs 2026

highest paying jobs 2026: जून के अंत और जुलाई की शुरुआत भारत में कॉलेज ग्रेजुएट्स (Freshers) के पास आउट होने और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए 'हाफ-इयरली' स्विच प्लान करने का समय होता है। यही कारण है कि इस समय इंटरनेट और गूगल ट्रेंड्स पर High-Paying Tech Skills की सर्च अपने चरम पर है।

 

पारंपरिक कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से हटकर अब टेक इंडस्ट्री का पूरा फोकस AI (Artificial Intelligence), Data Science और Cloud Computing पर शिफ्ट हो चुका है। आइए समझते हैं कि 2026 में इन सेक्टर्स में कितनी सैलरी मिल रही है और कौन सी स्किल्स आपको सबसे आगे रख सकती हैं।

2026 Salary Snapshot : स्किल्स और कमाई का पूरा ब्योरा

भारतीय टेक मार्केट (विशेषकर बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे हब्स) में इन तीनों डोमेन के लिए अनुभव के आधार पर मिलने वाला सालाना पैकेज (LPA) इस प्रकार है:

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Deep Dive: इन 3 स्किल्स में ऐसा क्या खास है?

1. Artificial Intelligence (AI) & ML Engineer

आज कंपनियां सिर्फ AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, बल्कि वे अपने खुद के कस्टम AI मॉडल्स और Generative AI (LLMs) ऐप्स बना रही हैं।

  • जरूरी स्किल्स : Python, TensorFlow, PyTorch, NLP (Natural Language Processing), और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग।
  • कमाई का सच : इस फील्ड में सचमुच कुशल लोगों की भारी कमी है, इसलिए अनुभवी इंजीनियर्स को ₹30 लाख से ₹45 लाख तक का पैकेज आसानी से मिल रहा है।

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2. Cloud Computing (Architect/DevOps)

अब लगभग हर छोटी-बड़ी कंपनी अपना डेटा लोकल सर्वर्स से हटाकर क्लाउड पर ले जा चुकी है। नैसकॉम (NASSCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जीडीपी में क्लाउड टेक का योगदान लगातार बढ़ रहा है।

  • जरूरी स्किल्स : Amazon Web Services (AWS), Microsoft Azure, Google Cloud Platform (GCP), और Docker/Kubernetes जैसी कंटेनराइजेशन टूल्स।
  • कमाई का सच : यदि आप क्लाउड सर्टिफाइड (जैसे AWS Certified Solutions Architect) हैं, तो फ्रेशर होने पर भी आपका शुरुआती पैकेज आम डेवलपर्स से 30% तक ज्यादा होता है।

3. Data Science & Analytics

  • “Data is the new oil” – कंपनियां रोज़ाना करोड़ों गीगाबाइट डेटा जनरेट करती हैं। इस डेटा को साफ करके, समझकर बिजनेस के काम लायक फैसले लेने का काम डेटा साइंटिस्ट करते हैं।
  • जरूरी स्किल्स : SQL, Advanced Excel, Power BI या Tableau (विजुअलाइजेशन के लिए), और Python (Pandas/NumPy)।
  • कमाई का सच : यह फील्ड उन लोगों के लिए भी बेहतरीन प्रवेश द्वार है जो नॉन-कंप्यूटर साइंस (जैसे कॉमर्स या प्योर साइंस) बैकग्राउंड से आते हैं।

Expert Advice : करियर की शुरुआत कैसे करें?

सीक्रेट टिप: आज के समय में सिर्फ सर्टिफिकेट्स (Certificates) की वैल्यू नहीं है। कंपनियां आपका GitHub Portfolio और लाइव प्रोजेक्ट्स देखना चाहती हैं। अगर आप कॉलेज स्टूडेंट हैं या जॉब बदलना चाहते हैं, तो आज ही से छोटे-छोटे AI या डेटा एनालिसिस प्रोजेक्ट्स बनाकर उन्हें LinkedIn पर शेयर करना शुरू कर दें।

 

100 से ज्यादा महिला क्रिकेटर्स है Trolling से परेशान, ICC के बचाव कार्यक्रम से जुड़ी

 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सोशल मीडिया मंचों पर ‘Trolling’ के बचाव से जुड़े ‘Player Protection Programme’ में 100 से अधिक महिला क्रिकेटरों ने पंजीकरण कराया है।ICC ने इसके लिए कृत्रिम मेधा Artificial Intelligence से संचालित ‘Moderator’ Freedom to hear के साथ साझेदारी की है जिसने मौजूदा महिला T20I विश्वकप के दौरान लगभग 60,000 ‘हानिकारक सामग्री’ को हटाया है।ICC ने एक विज्ञप्ति में कहा कि टूर्नामेंट की शुरुआत से अब तक 50 से अधिक नए खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है।

बयान में कहा गया है, ‘‘यह सेवा ICC के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है। ICC Women T20I World Cup 2026 में भाग ले रही 12 में से सात टीम की खिलाड़ी इससे जुड़ी हैं। इसके अलावा अंपायर और प्रसारकों ने भी पंजीकरण कराया है।’’

टी20 विश्व कप के पहले सप्ताह के बाद इस ‘टूल’ ने लगभग 250,000 टिप्पणियों की समीक्षा की और लगभग 60,000 हानिकारक सामग्री को हटा दिया।ICC ने कहा, ‘‘बार-बार अपराध करने वालों में से 2,000 से अधिक लोगों की गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिए गए और 370 उपयोगकर्ताओं को ब्लॉक कर दिया गया।’’

भारत की बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव ने कार्यक्रम में शामिल होने के बारे में कहा, ‘‘ सोशल मीडिया मेरे लिए दुनिया भर में दोस्तों, परिवार और प्रशंसकों के साथ बातचीत करने का अच्छा मंच साबित हो सकता है लेकिन यह ट्रोलिंग के कारण विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों के लिए मुसीबत भी बन गया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘‘इस बारे में खुलकर बात करना और समस्या का समाधान ढूंढना महत्वपूर्ण है, इसीलिए मैंने आईसीसी के ‘प्लेयर प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ में पंजीकरण कराया।’’

14 साल की उम्र में बुर्ज खलीफा के 141वें फ्लोर पर ऑफिस! AI स्टार्टअप Mengo Engine बनाकर इस लड़के ने कर दिया कमाल

भारत के एक 14 साल के एंटरप्रेन्योर ने बहुत कम उम्र में AI स्टार्टअप शुरू करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। जहां उनकी उम्र के ज़्यादातर टीनएजर्स स्कूल, शौक या मनोरंजन पर ध्यान देते हैं, वहीं उन्होंने बिजनेस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रख दिया है।

जैनम जैन ने ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) नाम की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी शुरू की और दुबई के बुर्ज खलीफा में अपना ऑफिस भी खोला, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में से एक है। उनका स्टार्टअप ऐसे AI टूल्स पर काम करता है जो बिज़नेस को मार्केटिंग बेहतर करने, ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँचने और आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

जैनम का कहना है कि बिज़नेस में उनकी दिलचस्पी बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि जब वे सिर्फ़ छह साल के थे, तभी उन्हें असली बिज़नेस मीटिंग्स में शामिल होने का मौका मिला, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि कंपनियाँ कैसे काम करती हैं।

‘कर्ली टेल्स मिडिल ईस्ट’ के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने अपने सफ़र के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्होंने असल ज़िंदगी के अनुभवों से धीरे-धीरे एंटरप्रेन्योरशिप की समझ बनाई। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ़ छह साल का था जब मेरे पिता मुझे अपनी पहली बिज़नेस मीटिंग में ले गए थे। हाल ही में, मैंने 13 साल की उम्र में 105 दिनों में 10वीं की परीक्षा पास करने की चुनौती ली।”

उन्होंने कहा कि क्लासरूम के बाहर सीखने से उनकी सोच को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें अपना कुछ बनाने में ज़्यादा दिलचस्पी लेने में मदद की। बाद में जैनम ने ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) की शुरुआत की, जिसका मकसद व्यवसायों को आसान और उपयोगी तरीकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने में मदद करना था। उनकी कंपनी ऐसे टूल्स पर ध्यान देती है जो AI-बेस्ड सॉल्यूशंस का इस्तेमाल करके मार्केटिंग रणनीतियों, कस्टमर तक पहुंच और बिज़नेस की ग्रोथ को बेहतर बनाते हैं।

समय के साथ, उन्होंने सिर्फ़ एक प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर अपनी सीख को बढ़ाने पर भी काम किया। अपने स्टार्टअप को विकसित करते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी और बिज़नेस के अलग-अलग क्षेत्रों को भी समझा।

स्टार्टअप चलाने के साथ-साथ, जैनम ने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं। उनके नाम दो पेटेंट हैं और कुछ और पर काम चल रहा है। उन्होंने TEDx इवेंट्स में भी बात की है, एक किताब लिखी है और एक YouTube चैनल भी चलाते हैं जिसके 145,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं।

उन्होंने कम उम्र से ही कई सेल्फ-चैलेंज (खुद को चुनौती देने वाले काम) भी पूरे किए हैं। 10 साल की उम्र से ही वे 50-दिन के लक्ष्य पूरे करते आ रहे हैं, जैसे किताबें पढ़ना, नेटवर्किंग इवेंट्स में शामिल होना और लोगों से मिलने और उनसे सीखने के लिए पूरे भारत की यात्रा करना।

Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech की Nokia और Neste से AI डील, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech ने AI बेस्ड सर्विसेज को मजबूत करने के लिए दो बड़े समझौतों का ऐलान किया है। कंपनी ने टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली Nokia और फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste के साथ साझेदारी की है। इन समझौतों का फोकस AI, नेटवर्क ऑटोमेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर रहेगा।

Nokia के साथ बनाएगी स्मार्ट नेटवर्क

HCLTech ने Nokia के साथ अपनी मौजूदा साझेदारी का विस्तार किया है। दोनों कंपनियां AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन को बढ़ावा देंगी। इसका मकसद टेलीकॉम कंपनियों को ज्यादा स्मार्ट और ऑटोमेटेड नेटवर्क उपलब्ध कराना है।

इस समझौते के तहत HCLTech, Nokia के SMO Marketplace में चार AI बेस्ड rApps जोड़ेगी। इनमें Anomaly Detector नेटवर्क की गड़बड़ियां पकड़ने का काम करेगा। Energy Optimizer कम ट्रैफिक के दौरान बिजली की खपत घटाने में मदद करेगा।

mMIMO Interference Mitigation सिग्नल क्वालिटी बेहतर करेगा। वहीं Traffic Balancer नेटवर्क पर दबाव और लेटेंसी कम करने का काम करेगा। दोनों कंपनियां मिलकर 5G और भविष्य की नेटवर्क तकनीकों के लिए नए rApps भी विकसित करेंगी।

HCLTech के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट हरी सदरहल्ली ने कहा कि यह साझेदारी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन अपनाने में मदद करेगी। साथ ही वे सेल्फ-ड्राइविंग नेटवर्क्स की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।

Neste के साथ बढ़ाएगी ऑपरेशनल एफिशिएंसी

HCLTech को फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste ने अपने प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम के लिए रणनीतिक साझेदार चुना है। इस समझौते के तहत HCLTech, Neste के आईटी सिस्टम को सरल बनाने पर काम करेगी। कंपनी अलग-अलग आईटी सेवाओं को कंसॉलिडेट करेगी। साथ ही ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और तकनीकी ढांचा मजबूत करने में मदद करेगी।

Neste की CFO ईवा सिपिला ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की आईटी क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम को भी गति मिलेगी। HCLTech के चीफ ग्रोथ ऑफिसर अजय बहल ने कहा कि यह समझौता Neste को ज्यादा कुशल और मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार करने में मदद करेगा।

HCLTech का शेयर मंगलवार को 0.41% बढ़कर ₹1,114 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर करीब 32% टूट चुका है।

ED ने राजेश एक्सपोर्ट्स के 9 ठिकानों की तलाशी ली! 5 चौंकाने वाली बातें मिली, ₹3000 करोड़ के लेन-देन पर भी सवाल

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यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

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भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

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टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।