रजत पाटीदार की यह कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की वापसी नहीं, बल्कि एक खूबसूरत Love Story भी है
जब रजत को RCB Management का कॉल आया, एक तरफ शादी थी और दूसरी तरफ सपना तब उनकी पत्नी ने उन्हें अपने सपने के पीछे जाने के लिए कहा।
Injury Replacement से टीम में एंट्री, Playoff में सेंचुरी, और फिर RCB की Captaincy और आखिर में ट्रॉफी।
रजत पाटीदार की ये कहानी भरोसे, प्यार और दूसरे मौके की।
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Bench से RCB के Game Changer | Captain Rajat Patidar | RCB won IPL 2026 |
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आईपीएल के इतिहास में कई दिग्गज कप्तान आए और गए, लेकिन लगातार दो सीजन अपनी टीम को चैंपियन बनाना हर किसी के बस की बात नहीं रही। यही वजह है कि जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की, तो कप्तान रजत पाटीदार का नाम सीधे उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में दर्ज हो गया, जहां पहले से सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद थे।
धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 2010 और 2011 में लगातार खिताब दिलाया था, जबकि रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस को 2019 और 2020 में बैक-टू-बैक चैंपियन बनाया। अब इस Elite List में तीसरा नाम रजत पाटीदार का जुड़ चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि पाटीदार का सफर बाकी सभी से कहीं ज्यादा संघर्षों और उतार-चढ़ावों से भरा रहा।
जिस खिलाड़ी को किसी ने नहीं खरीदा, वही बना RCB का सबसे बड़ा हीरो
आज जिस खिलाड़ी के हाथों में दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, कभी वही खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में अनदेखा कर दिया गया था। मध्य प्रदेश के इंदौर से आने वाले रजत पाटीदार ने आईपीएल में अपना पहला कदम 2021 में रखा था। RCB ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा, लेकिन शुरुआती सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें सिर्फ चार मैच खेलने का मौका मिला और वे महज 71 रन ही बना सके।
सीजन खत्म हुआ और फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया।
इसके बाद आया 2022 का मेगा ऑक्शन। रजत पाटीदार को उम्मीद थी कि कोई न कोई टीम उन पर भरोसा दिखाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दस टीमों के बीच चली नीलामी में उनका नाम बार-बार आया, मगर कोई बोली नहीं लगी। वे अनसोल्ड रह गए। एक क्रिकेटर के लिए यह पल किसी झटके से कम नहीं होता। लेकिन शायद किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही लिख रखा था।
लवनीत सिसोदिया (Luvneeth Sisodiya) की चोट ने बदल दी जिंदगी
आईपीएल 2022 शुरू होने से पहले RCB को बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए। टीम को रिप्लेसमेंट की जरूरत थी।
तभी फ्रेंचाइजी को रजत पाटीदार की याद आई।
जिस खिलाड़ी को कुछ महीने पहले रिलीज किया गया था और जिसे ऑक्शन में किसी ने नहीं खरीदा था, उसी खिलाड़ी को दोबारा टीम में बुलाया गया। रजत ने मौका स्वीकार किया और यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।
एलिमिनेटर की वह सेंचुरी जिसने सब बदल दिया
2022 का सीजन रजत पाटीदार के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन असली धमाका प्लेऑफ में देखने को मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में रजत पाटीदार ने ऐसी पारी खेली जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में शतक जड़ते हुए नाबाद 112 रन बनाए।
यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि एक बयान था रजत अब सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि टीम का भविष्य बनने जा रहे थे।
फिर आया मुश्किल दौर
जब लगने लगा कि सब कुछ सही दिशा में जा रहा है, तभी किस्मत ने एक और परीक्षा ले ली। 2023 का पूरा सीजन रजत पाटीदार चोट के कारण नहीं खेल सके। उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा। RCB का प्रदर्शन भी उस साल उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। लेकिन यही वह समय था जिसने रजत को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।
2024 में हुई वापसी, बदला खेल का अंदाज
2024 में रजत पाटीदार ने मैदान पर वापसी की और पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। RCB का अभियान शुरुआत में लड़खड़ाया जरूर, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। इस दौरान पाटीदार ने आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी अलग पहचान बनाई।उनका स्ट्राइक रेट बताता था कि अब वे सिर्फ रन बनाने नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने मैदान पर उतरते हैं। यहीं से उनके भीतर एक नेता की झलक भी दिखाई देने लगी।
2025 में RCB ने बड़ा फैसला लेते हुए रजत पाटीदार को टीम की कमान सौंप दी। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था। टीम में विराट कोहली जैसे दिग्गज मौजूद थे, लेकिन फ्रेंचाइजी ने भविष्य पर दांव खेला और कप्तानी पाटीदार को सौंप दी। रजत ने इस भरोसे को सिर्फ सही साबित नहीं किया, बल्कि इतिहास रच दिया।
जिस ट्रॉफी का इंतजार RCB पिछले 17 सालों से कर रही थी, उसे आखिरकार पाटीदार ने टीम की झोली में डाल दिया।
2026: जब कप्तान से लीजेंड बनने लगे रजत
पहली ट्रॉफी जीतना बड़ी बात होती है, लेकिन उसे दोहराना उससे भी मुश्किल।
2026 में हर टीम RCB को हराने के इरादे से मैदान पर उतर रही थी। दबाव पहले से कहीं ज्यादा था।
लेकिन रजत पाटीदार ने साबित कर दिया कि 2025 कोई इत्तेफाक नहीं था।
पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और कप्तान के तौर पर टीम को लगातार दूसरी बार खिताब तक पहुंचाया। बड़े मुकाबलों में उनका आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी RCB की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
क्वालिफायर जैसे अहम मुकाबलों में उनकी विस्फोटक पारियों ने टीम की जीत की नींव रखी और आखिरकार RCB ने दूसरी लगातार ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
विराट कोहली लंबे समय तक RCB की पहचान रहे हैं। लेकिन पिछले दो वर्षों में रजत पाटीदार ने साबित किया है कि फ्रेंचाइजी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि टीम को एक नई मानसिकता दी। ऐसी मानसिकता जो दबाव से डरती नहीं, बल्कि उसे चुनौती देती है।
अनसोल्ड से अनस्टॉपेबल तक
क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि एक मौका जिंदगी बदल सकता है। रजत पाटीदार इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। एक समय था जब उन्हें किसी टीम ने खरीदना जरूरी नहीं समझा। फिर एक चोट की वजह से उन्हें दूसरा मौका मिला। उन्होंने उस मौके को इतिहास में बदल दिया।
आज उनके नाम दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, करोड़ों फैंस का प्यार है और आईपीएल इतिहास में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचना हर कप्तान का सपना होता है।
रजत पाटीदार की कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, धैर्य और मौके को पहचानकर उसे इतिहास में बदल देने की कहानी है। यही वजह है कि आज RCB के लिए रजत सिर्फ कप्तान नहीं, बल्कि एक Era बन चुके हैं।
मध्य प्रदेश लीग (MPL) के बहुप्रतीक्षित नए सीजन के करीब आते ही जबलपुर रॉयल लायंस (JRL) नए आत्मविश्वास, मजबूत तैयारियों और इस वर्ष प्रभावशाली प्रदर्शन के स्पष्ट इरादे के साथ टूर्नामेंट में उतरने जा रही है।
संतुलित टीम संयोजन, अनुभवी सपोर्ट स्टाफ और निडर खेल शैली के दम पर फ्रेंचाइजी को भरोसा है कि यह उसका अब तक का सबसे मजबूत अभियान साबित हो सकता है।
सीजन से पहले टीम की तैयारी और मानसिकता पर विश्वास जताते हुए सीनियर ऑलराउंडर राहुल बाथम ने कहा,“टीम के भीतर तैयारियां, मानसिकता और ऊर्जा बेहद सकारात्मक हैं। हमने ऐसी टीम तैयार की है जिसमें प्रतिभा, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन करने की भूख है। हमारा उद्देश्य केवल भाग लेना नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना, निडर क्रिकेट खेलना और अपने प्रशंसकों को गौरवान्वित करना है। यह जबलपुर रॉयल लायंस का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीजन होगा, क्योंकि हम शेरों की तरह खेलेंगे और चैंपियंस की तरह जीतेंगे।”
इस सीजन की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं का शानदार संतुलन देखने को मिलेगा। हेड कोच आनंद राजन का मानना है कि यही संयोजन टीम की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित होगा।
राजन ने कहा -“हमने एक मजबूत टीम संस्कृति विकसित करने पर कड़ी मेहनत की है, जहाँ अनुशासन, तैयारी और उसे मैदान पर प्रभावी ढंग से लागू करना सबसे महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग के दौरान शानदार प्रतिबद्धता दिखाई है और हम ऐसी टीम तैयार कर रहे हैं, जो पूरे आत्मविश्वास और इरादे के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी। हमारा लक्ष्य सकारात्मक क्रिकेट खेलना और इस सीजन में अपने समर्थकों को जश्न मनाने के कई अवसर देना है।”
जोर-शोर से चल रही तैयारियों के बीच जबलपुर रॉयल लायंस पूरे आत्मविश्वास और अपने प्रशंसकों की उम्मीदों के साथ एमपीएल सीजन में कदम रख रही है। टीम प्रबंधन का मानना है कि निरंतरता, टीम वर्क और निडर प्रदर्शन इस वर्ष टीम के अभियान की पहचान होंगे।
जबलपुर रॉयल लायंस के प्रमोटरों की ओर से वीकॉर्प (Vcorp) के जनरल मैनेजर लव मलिक ने कहा,
“हम एक मजबूत सीजन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, क्योंकि टीम संतुलित है और खिलाड़ी एक-दूसरे के पूरक हैं। यह युवा ऊर्जा और अनुभव का बेहतरीन मिश्रण है।”
बेंगलुरु से लेकर सोशल मीडिया तक इस वक्त सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है—RCB लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतने के बाद टीम जहां जीत के जश्न में डूबी हुई है, वहीं इस ऐतिहासिक पल का सबसे खूबसूरत चेहरा बने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा। दोनों के सेलिब्रेशन के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर छाए हुए हैं और फैंस इस पावर कपल पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं।
जीत के बाद शुरू हुई ग्रैंड पार्टी, छा गए Virat और Anushka
गुजरात टाइटंस को हराकर जैसे ही आरसीबी (Royal Challengers Bengaluru) ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की, टीम के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और परिवार के सदस्यों के बीच जश्न का माहौल बन गया। इसी दौरान विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दोनों खुलकर डांस करते और इस खास जीत को एन्जॉय करते नजर आए। इस वीडियो पर यह खबर लिखने तक 3.1 Million Likes आ चुके थे और 27 Million Views थे, दोनों को इतना खुश देख फैंस बस यही बोल रहे थे, Couple Goals!
विराट के चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। मैदान पर Agressive रहने के बाद वह पार्टी में पूरी तरह रिलैक्स मूड में दिखे। कभी टीम के साथ थिरकते, कभी अनुष्का के साथ मुस्कुराते हुए नजर आते विराट ने साबित कर दिया कि बड़ी जीतों का जश्न भी बड़े दिल से मनाया जाता है।
‘King’ और उनकी ‘Queen’ ने जीत लिया दिल
फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आया विराट और अनुष्का का सहज और प्यारा अंदाज। दोनों के बीच की केमिस्ट्री ने एक बार फिर लोगों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में दोनों को साथ डांस करते, हंसते और जीत के खास पलों को शेयर करते देखा गया।
कमेंट सेक्शन में फैंस ने उन्हें “परफेक्ट पावर कपल”, “किंग एंड क्वीन” और “गोल्स” जैसे नामों से नवाजा। कई यूजर्स ने लिखा कि ट्रॉफी जीतने से लेकर जश्न मनाने तक, विराट और अनुष्का हर पल में एक-दूसरे की सबसे बड़ी ताकत नजर आते हैं।
जश्न के बीच अनुष्का शर्मा ने भी अपने अंदाज में इस ऐतिहासिक जीत को सेलिब्रेट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर विराट की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह एक खास मैसेज वाली टी-शर्ट पहने नजर आए।
टी-शर्ट पर लिखा था
“One felt nice, we did it twice!”
यानी, “एक बार जीतकर अच्छा लगा, दोबारा जीतकर इतिहास बना दिया।”
अनुष्का ने इस तस्वीर के साथ सिर्फ एक Red Heart वाला इमोजी लगाया, लेकिन फैंस के लिए इतना ही काफी था। कुछ ही समय में यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
फाइनल मुकाबले में भी विराट कोहली ने अहम भूमिका निभाई। टीम के लिए उनकी जिम्मेदार पारी और दबाव में शानदार प्रदर्शन ने आरसीबी की जीत की नींव मजबूत की। जीत के बाद मैदान पर उनकी भावुक प्रतिक्रिया ने फैंस को भावुक कर दिया, जबकि पार्टी में उनका जोशीला अंदाज देखने लायक था।
ट्रॉफी के साथ उनकी तस्वीरें और डांस फ्लोर पर उनके मस्तीभरे मूव्स लगातार वायरल हो रहे हैं। यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ बॉलीवुड फैंस भी इस जीत का उतना ही जश्न मना रहे हैं।
ANUSHKA SHARMA & VIRAT KOHLI HAPPINESS AFTER WON BACK TO BACK TROPHY
सेलिब्रेशन के दौरान अनुष्का शर्मा का एक और अंदाज चर्चा में रहा। सादगी और ग्रेस के साथ नजर आईं अनुष्का ने गले में तुलसी माला पहनी हुई थी, जिसे कई लोगों ने नोटिस किया। ग्लैमर और सादगी का यह संतुलन फैंस को काफी पसंद आया।
— King In The North (@KingInThe2North) June 1, 2026
सिर्फ जीत नहीं, एक खूबसूरत कहानी भी
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की कहानी हमेशा से लोगों को प्रेरित करती रही है। क्रिकेट के दबाव भरे सफर में अनुष्का हर बड़े और छोटे पल में विराट के साथ खड़ी नजर आई हैं। वहीं विराट भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से अनुष्का को अपनी ताकत और सपोर्ट सिस्टम बता चुके हैं।
VIRAT KOHLI GIVING A FLYING KISS TO ANUSHKA SHARMA AFTER WINNING THE IPL TROPHY.
आरसीबी की इस ऐतिहासिक जीत के बाद दोनों का साथ में जश्न मनाना सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं था, बल्कि उस सफर का प्रतीक था जिसमें मेहनत, भरोसा, प्यार और सपोर्ट बराबर शामिल रहे हैं।
“ये जीत और ये जश्न दोनों याद रहेंगे”
आरसीबी की लगातार दूसरी ट्रॉफी ने क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है, लेकिन इस जीत के बाद विराट और अनुष्का के सेलिब्रेशन ने इसे और भी खास बना दिया। ट्रॉफी, डांस, इमोशन्स, प्यार और पार्टी इस रात में वो सब कुछ था जिसकी उम्मीद एक चैंपियन टीम के जश्न से की जाती है।
और शायद यही वजह है कि इंटरनेट पर एक ही बात बार-बार कही जा रही है
“जब किंग जीतता है, तो जश्न भी रॉयल होता है… और जब उसके साथ क्वीन हो, तो वो पल यादगार बन जाता है।”
GT Team Bus Catches Fire: आईपीएल फाइनल में हार के बाद स्टेडियम से होटल जा रही गुजरात टाइटंस की टीम को ले जा रही बस में आग लग गई। हादसे के तुरंत बाद सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित बस से नीचे उतार लिया गया। बताया जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी। ALSO READ: बैंगलूरू ने गुजरात को 5 विकेटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीता IPL
1 घंटे तक परेशान हुए खिलाड़ी
अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम से लौटते समय गुजरात टाइटंस की टीम बाल बाल बच गई। हादसे की वजह से खिलाड़ी यहां करीब 1 घंटे तक फंसे रहे। हालांकि किसी खिलाड़ी को कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें दूसरे वाहन से होटल पहुंचाया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
Gujarat Titans bus caught little fire in Ahmedabad due to short circuit in AC
The incident happened while going to the hotel after the final match, the players were taken down due to short circuit. Other arrangements were made to take them to the hotel pic.twitter.com/OOSFKLJLFM
गौरतलब है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर अपना आईपीएल खिताब बरकरार रखा। लगातार 2 आईपीएल जीतने वाली बैंगलूरू तीसरी टीम बन गई है। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए जवाब में आरसीबी ने 17.5 ओवर में 5 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। ALSO READ: वॉशिंगटन सुंदर की कैच पर हुआ विवाद, जीवनदान का फायदा उठा कर जड़ा अर्धशतक (Video)
कोहली की जबरदस्त पारी
विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रनों की पारी खेलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आसान जीत दिलाई। उन्होंने अपनी पारी में 3 छक्के और 9 चौके लगाए। उन्हें शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
अहमदाबाद गुजरात टाइंटस का होम ग्राउंड है। ऐसे में सभी को उम्मीद थी कि टीम दूसरी बार आईपीएल खिताब जीतने में सफल रहेगी। लेकिन टीम ऐसा करने में विफल रही।
हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए कई लोग उन्हें जल्द से जल्द भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।
तेंदुलकर का मानना है कि वैभव में असाधारण क्षमता है और भविष्य में वह टेस्ट क्रिकेट में भी सफल हो सकते हैं, लेकिन उनके विकास की प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए। युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें अपने खेल को निखारने का पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका आत्मविश्वास और खेल को पढ़ने की क्षमता है। ऐसे खिलाड़ियों के साथ अत्यधिक तकनीकी हस्तक्षेप कभी-कभी उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए फिलहाल उन्हें उसी अंदाज में खेलने देना बेहतर होगा, जिसने उन्हें पहचान दिलाई है।
वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए तेंदुलकर ने कहा,
“आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें बहुत कुछ खास है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसमें मुझे बहुत इंप्रेस किया। मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वह सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते ह।”
From Master Blaster to Boss Baby!
You know you're on the right track when Sachin Tendulkar breaks down your technique!
Watch #CricinfoHonours Star Sports, JioHotstar & Cricinfo! pic.twitter.com/el7UrdNojV
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में चयन को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उनका मानना है कि वैभव को अभी अपने खेल को और निखारने का समय मिलना चाहिए ताकि वह भविष्य में सभी प्रारूपों में सफल हो सकें।
तेंदुलकर ने कहा,
“वैभव को भारतीय टेस्ट टीम में क्या जल्द ही चुना जाना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वह भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वह चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे।”
“वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बहुत आत्मविश्वासी हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं वह शानदार है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।”
तेंदुलकर की बातों से साफ है कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्साह जितना बड़ा है, उतनी ही जरूरी उनके विकास की सही दिशा भी है। अगर उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने दिया गया, तो भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक बेहद खास बल्लेबाज मिल सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलने पर वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं। फिलहाल, फोकस उनके खेल को और मजबूत बनाने पर होना चाहिए ताकि जब भी उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिले, वे पूरी तरह तैयार नजर आएं।
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar ने 15 नवंबर 1989 को Pakistan national cricket team के खिलाफ कराची में अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी आक्रमणों का सामना कर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी थी।
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:
16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)
कभी-कभी स्कोरबोर्ड हार दिखाता है, लेकिन मैदान पर कोई खिलाड़ी ऐसा प्रभाव छोड़ जाता है कि पूरी दुनिया सिर्फ उसी की बात करती है। IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में यही हुआ। राजस्थान रॉयल्स का सफर भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Age is Just a Number (उम्र सिर्फ एक संख्या है)
मैच खत्म होने के बाद डगआउट में बैठे वैभव की आंखों में आंसू थे। चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शायद उन्हें अपनी टीम के बाहर होने का दुख था, शायद 47 गेंदों में 96 रन पर रुक जाने का अफसोस भी। लेकिन उस पल को देखने वाले लाखों क्रिकेट फैंस के मन में सिर्फ एक ही बात थी जिस उम्र में बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में यह लड़का दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में Experienced खिलाड़ियों को पीछे छोड़ रहा है।
आज लोग उन्हें सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, बल्कि “Boss Baby” कहकर बुलाते हैं। और IPL 2026 के बाद यह नाम पूरी तरह उनके Personality पर फिट बैठता है।
776 रन, 72 छक्के और 237 की स्ट्राइक रेट… यह किसी वीडियो गेम का आंकड़ा नहीं है
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वह टी20 क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में गिना जाएगा। एक ऐसा सीजन जिसने रिकॉर्ड बुक्स हिला दीं
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:
16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के 684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके 776 में से 684 रन केवल चौकों और छक्कों से आए। यह दिखाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। ऐसे आंकड़े अक्सर अपने करियर के शिखर पर पहुंच चुके दिग्गज खिलाड़ियों के नाम के आगे दिखाई देते हैं। लेकिन वैभव ने यह सब सिर्फ 15 साल की उम्र में कर दिखाया।
जिस मैच में टीम लड़खड़ाई, वहां अकेले खड़े रहे वैभव
गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने राजस्थान ने जल्दी विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत में स्ट्रगल किया। कई बार गेंद बल्ले को छूकर निकल गई। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना भी जानते हैं।
56 रन तक पहुंचने के दौरान रबाडा की एक तेज गेंद उनके हेलमेट पर भी लगी। लेकिन उसके बाद जैसे उन्होंने गियर बदल दिया। अगली 14 गेंदों में उन्होंने 39 रन ठोक दिए। जब वह 96 रन पर आउट हुए, तब तक राजस्थान का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका था। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।
ध्रुव जुरेल, रियान पराग, दासुन शनाका और जोफ्रा आर्चर बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। राजस्थान 214 रन तक पहुंचा, लेकिन गुजरात के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर लिया। स्कोरकार्ड में यह एक हार थी, लेकिन क्रिकेट देखने वालों के लिए यह वैभव सूर्यवंशी का एक और मास्टरक्लास था।
97 रन, 29 गेंदें और क्रिस गेल का रिकॉर्ड… जिसने दुनिया को चौंका दिया
क्वालिफायर-2 से पहले एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने ऐसा तूफान खड़ा किया था जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उस पारी में वह सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने छक्कों की बारिश करते हुए कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया।
क्रिकेट फैंस को एक समय ऐसा लगने लगा था कि वह क्रिस गेल (Chris Gayle) के 2013 में RCB के लिए बनाए गए सबसे तेज IPL शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।
हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन उस दिन वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने छक्कों के मामले में ऐसे आंकड़े छू लिए जिन तक पहुंचने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को कई सीजन लग जाते हैं। उन्होंने एक सीजन में क्रिस गेल का ही सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। उनकी उस विस्फोटक पारी के बाद खुद Chris Gayle ने सोशल मीडिया पर उनके लिए Special Message पोस्ट किया और उन्हें क्रिकेट का नया “Six Machine” बताया।
जब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सिक्सर किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करे, तो समझा जा सकता है कि उस खिलाड़ी ने कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।
रबाडा, आर्चर और संगकारा भी हुए फैन
वैभव की बल्लेबाजी से सिर्फ Fans ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि दुनिया के बड़े क्रिकेट नाम भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।
Kagiso Rabada ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज हाथों की गति, गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ने की क्षमता और बिल्कुल निडर मानसिकता है। उनके मुताबिक मैदान पर उतरते समय वैभव उम्र के बारे में सोचते ही नहीं।
Kumar Sangakkara (Head Coach and Director of Cricket for the Rajasthan Royals) का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और भारतीय टीम का बुलावा ज्यादा दूर नहीं है।
पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज Ian Bishop ने तो यहां तक कहा कि गेंदबाजों के पास वैभव को रोकने के लिए अब शायद “Plan Z” तक आना पड़ रहा है।
आंसू हार के थे, लेकिन भविष्य जीत का है
96 रन पर आउट होना दर्द देता है।
प्लेऑफ में शतक से सिर्फ चार रन दूर रह जाना दर्द देता है।
टीम का फाइनल से पहले बाहर हो जाना भी दर्द देता है। लेकिन यह कहानी उन आंसुओं की नहीं है। यह कहानी उस लड़के की है
जिसने IPL 2026 को अपने नाम कर दिया।
जिसने 16 पारियों में 776 रन बनाए।
जिसने 72 छक्के उड़ाए।
जिसने गेंदबाजों के मन में डर पैदा कर दिया।
जिसने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार शायद आ चुका है।
VAIBHAV SURYAVANSHI CRYING AFTER MATCH LOSS
– Feel for Vaibhav, He did everything to win for his team but God have different plans pic.twitter.com/cpjiOM4gN8
15 साल की उम्र में 96 और 97 पर रुक जाना कोई असफलता नहीं है। उनके पास आगे पूरा करियर पड़ा है, सैकड़ों मैच हैं, दर्जनों शतक हैं और अनगिनत रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।
राजस्थान रॉयल्स भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन IPL 2026 की सबसे बड़ी खोज, सबसे बड़ा आकर्षण और सबसे बड़ी कहानी सिर्फ एक नाम रही— वैभव सूर्यवंशी।
और अगर यह सिर्फ शुरुआत है, तो आने वाले सालों में क्रिकेट की दुनिया “बॉस बेबी” का असली राज देखने वाली है।
15 साल की उम्र में बच्चे स्कूल क्रिकेट खेलते हैं… लेकिन वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में इतिहास तोड़ और जोड़ रहे हैं।
IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा तूफान मचाया है कि अब उनकी तुलना सीधे “यूनिवर्स बॉस” क्रिस गेल से होने लगी है। फर्क सिर्फ इतना है कि Chris Gayle को दुनिया ने “Universe Boss” कहा था… और वैभव को अब फैंस “Universe Baby Boss” बुला रहे हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास को चकनाचूर कर दिया। 29 गेंदों में 97 रन… 5 चौके… 12 आसमानी छक्के… और ऐसा स्ट्राइक रेट जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर-2 में पहुंचा दिया।
लेकिन इस पारी की सबसे खास बात सिर्फ रन नहीं थे… बल्कि वो रिकॉर्ड थे जो वैभव ने तोड़ दिए।
आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड लंबे समय तक क्रिस गेल के नाम था।
गेल ने 2012 में 59 छक्के लगाए थे और उस रिकॉर्ड को लगभग 14 साल तक कोई नहीं तोड़ पाया।
लेकिन अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने उसे पीछे छोड़ दिया है।
IPL में सबसे ज्यादा छक्के (एक सीजन)
65 छक्के – वैभव सूर्यवंशी (IPL 2026)
59 छक्के – Chris Gayle (IPL 2012)
सबसे हैरानी वाली बात ये है कि वैभव ने ये 65 छक्के सिर्फ 280 गेंदों में पूरे किए, जबकि गेल ने इसके लिए 456 गेंदें खेली थीं। यानी वैभव सिर्फ रन नहीं बना रहे… वो गेंदबाजों पर हमला बोल रहे हैं।
शतक रिकॉर्ड से बस एक शॉट दूर
क्रिस गेल का एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड लगभग टूट ही गया था। IPL इतिहास का सबसे तेज शतक अभी भी गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में सिर्फ 30 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। वैभव सूर्यवंशी उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 29 गेंदों में 97 रन बनाकर आउट हो गए।
पूरी दुनिया को लगा था कि इतिहास बदलने वाला है… लेकिन एक शॉट कम पड़ गया।
मैच के बाद वैभव ने खुद कहा:
“मैं रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा था। मेरा फोकस सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर था।” 15 साल की उम्र में इतनी मैच मैच्योरिटी… यही चीज उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
Vaibhav Sooryavanshi’s mantra: think less, deliver more
A record-breaking night as Rajasthan Royals move one step closer to their title dream.????#TATAIPL 2026 Qualifier 2 #GTvRR | FRI, 29th MAY, 6:30 PM pic.twitter.com/z7sjQuhVM6
वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब सिर्फ आईपीएल की बात नहीं हो रही। क्रिकेट फैंस लगातार उनकी टीम इंडिया में एंट्री की मांग कर रहे हैं। हालांकि BCCI फिलहाल जल्दबाजी नहीं करना चाहता, लेकिन वैभव को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर इंडिया-A टीम में मौका मिल सकता है। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-A टीम श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलेगी और माना जा रहा है कि वैभव उसमें शामिल होंगे।
IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी वैभव को “स्पेशल टैलेंट” बताया और कहा कि BCCI और राजस्थान रॉयल्स मिलकर इस युवा खिलाड़ी को सही दिशा देने पर काम करेंगे।
डर नहीं… सिर्फ अटैक!
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्हें किसी गेंदबाज से डर नहीं लगता।
पैट कमिंस हो या अनुभवी स्पिनर्स… वैभव हर गेंदबाज पर उसी आत्मविश्वास से हमला करते हैं।
15 साल की उम्र में ऐसा टेम्परामेंट बहुत कम देखने को मिलता है।
यही वजह है कि क्रिकेट दुनिया अब उन्हें सिर्फ “यंग टैलेंट” नहीं, बल्कि भारत के अगले सुपरस्टार के रूप में देखने लगी है।
33 गेंद… 93 रन… 5 चौके… 9 आसमानी छक्के… और 281.81 का खतरनाक स्ट्राइक रेट!
धर्मशाला की ठंडी रात में रजत पाटीदार ने ऐसा तूफान उठाया कि गुजरात टाइटंस की पूरी टीम उड़ गई। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी। RCB लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच चुकी है, और इस सफर के सबसे बड़े हीरो बने हैं रजत पाटीदार। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिए या नहीं… सवाल ये है कि क्या भारत को सूर्यकुमार यादव के बाद अपना अगला टी20 कप्तान मिल चुका है?
रजत सिर्फ रन नहीं बना रहे, वो मैच की दिशा बदल रहे हैं। जिस तरह उन्होंने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद दबाव को मौके में बदला, उसने बता दिया कि ये खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है। यही वजह है कि अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर फैंस तक हर कोई कह रहा है—“रजत पाटीदार को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
ABSOLUTE MADNESS BY CAPTAIN RAJAT PATIDAR IN DHARAMSHALA.
टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे बल्लेबाज की तलाश में है जो नंबर 4 या 5 पर आते ही मैच का टेम्पो बदल दे। रजत पाटीदार वही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।
आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा। वो उन बल्लेबाजों में नहीं हैं जो 30-40 गेंदें खेलकर सेट होते हैं। रजत आते ही गेंदबाजों पर हमला बोलते हैं। गुजरात के खिलाफ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की पारी हो, मुंबई के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन, लखनऊ के सामने 31 गेंदों में 61 या राजस्थान के खिलाफ 63 रन—हर बार उन्होंने दिखाया कि दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।
सबसे खास बात ये है कि वो पावरप्ले की आक्रामकता को मिडिल ओवर्स तक खींच ले जाते हैं। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यही सबसे बड़ी कला मानी जाती है।
2. कप्तानी में शांत दिमाग, फैसलों में आक्रामक सोच
आईपीएल जैसी हाई-प्रेशर लीग में कप्तानी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी हो। लेकिन रजत पाटीदार ने पूरे सीजन जिस परिपक्वता से आरसीबी को संभाला, उसने सबको प्रभावित किया। आरसीबी का बैक-टू-बैक फाइनल में पहुंचना सिर्फ बल्लेबाजी का नहीं, बल्कि शानदार नेतृत्व का भी परिणाम है। रजत मैदान पर ज्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन उनके फैसले बहुत कुछ बोलते हैं। गेंदबाजी बदलाव हो या फील्ड सेटिंग, उन्होंने हर मौके पर मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।
टीम इंडिया फिलहाल ऐसे कप्तान की तलाश में है जो शांत भी हो और निडर भी। रजत दोनों बॉक्स टिक करते हैं। यही वजह है कि उन्हें “रेडीमेड कप्तानी विकल्प” कहा जा रहा है।
3. बड़े मैचों के खिलाड़ी, दबाव में और खतरनाक
हर खिलाड़ी लीग मैचों में रन बना सकता है, लेकिन असली सुपरस्टार वही होता है जो नॉकआउट में चमके। रजत पाटीदार बार-बार यही साबित कर चुके हैं।
IPL 2022 Eliminator में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोके थे। उस पारी ने पहली बार पूरे देश को एहसास कराया था कि आरसीबी को एक एक्स-फैक्टर बल्लेबाज मिल चुका है। अब आईपीएल 2026 के क्वालिफायर में 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी ने साबित कर दिया कि 2022 कोई फ्लूक नहीं था। जब मंच बड़ा होता है, तब रजत का खेल और बड़ा हो जाता है। यही वो क्वालिटी है जो किसी खिलाड़ी को सिर्फ अच्छा बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर और लीडर बनाती है।
मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज विदेशी स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। लेकिन रजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत ही स्पिन अटैक को तहस-नहस करना है। वो फ्रंट फुट पर निकलकर छक्के मारते हैं, बैकफुट पर कट खेलते हैं और मिडिल ओवर्स में रनरेट कभी गिरने नहीं देते।
धर्मशाला में कागिसो रबाडा की ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी गुड लेंथ गेंद को कवर स्टैंड के ऊपर पहुंचाना उनकी रेंज और आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी था।
टी20 क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक का नहीं, इंटेंट का खेल बन चुका है। और रजत का इंटेंट हर गेंद पर दिखाई देता है।
अब और इंतजार क्यों?
रजत पाटीदार कोई “वन सीजन वंडर” नहीं हैं।
वो भारत के लिए टेस्ट (3) और वनडे (1) खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। आईपीएल में लगातार असर छोड़ रहे हैं। कप्तानी का अनुभव भी है और बड़े मैचों का टेंपरामेंट भी। सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 क्रिकेट को नई दिशा दी, लेकिन अब टीम इंडिया को अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक साइकल के लिए नया चेहरा तैयार करना होगा।
और अगर मौजूदा फॉर्म, कप्तानी, मैच-विनिंग क्षमता और दबाव झेलने की ताकत को देखा जाए…
तो शायद भारतीय क्रिकेट के पास जवाब पहले से मौजूद है
ऑस्ट्रेलिया इस सप्ताहांत से शुरू होने वाली पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए अपने चौथे कप्तान को मैदान में उतारेगा, क्योंकि मिच मार्श दौरे से बाहर होने वाले ताज़ा सीनियर खिलाड़ी बन गए हैं। जोश इंगलिस तीन मैचों की इस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करेंगे, क्योंकि पता चला है कि मार्श को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान टखने में चोट लग गई थी।
50 ओवर के कप्तान पैट कमिंस और उनके उप-कप्तान ट्रैविस हेड – जिन्होंने टी20 में चार बार ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की है – दोनों ही आईपीएल प्लेऑफ़ के कारण इस दौरे पर मौजूद नहीं हैं, क्योंकि आईपीएल के मैच इस्लामाबाद और लाहौर में होने वाले मैचों के साथ ही पड़ रहे हैं। ऐसे में कप्तानी की बागडोर इंगलिस के हाथों में आ गई है।
दिलचस्प बात यह है कि इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने नवंबर 2024 में भी एक बार यह भूमिका निभाई थी – तब भी पाकिस्तान के खिलाफ ही, और तब भी जब टीम के कई मुख्य खिलाड़ी अनुपस्थित थे। मार्श, जिनकी जगह वनडे टीम में अभी तक किसी और को नहीं लिया गया है, पिछले हफ़्ते लखनऊ सुपर जायंट्स का आईपीएल का आखिरी मैच न खेल पाने के बाद घर लौट आए हैं।
Australia tour of Pakistan for ODI series.
Travis Head – IPL commitments.
Pat Cummins – IPL commitments.
Josh Hazlewood – IPL commitments.
Mitchell Marsh – Injured.
Mitchell Starc – Rested.
Cooper Connolly – Rested.
Xavier Bartlett – Rested.
Ben Dwarshuis – Rested.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवक्ता ने कहा, “मार्श… आगे की जांच और इलाज के लिए अगले आदेश तक पर्थ में ही रहेंगे।” “बांग्लादेश के ‘व्हाइट बॉल’ (सीमित ओवरों के) दौरे के लिए उनकी उपलब्धता पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।” कमिंस के साथ-साथ जोश हेज़लवुड और मिचेल स्टार्क भी पाकिस्तान और बांग्लादेश, दोनों ही दौरों से बाहर रहेंगे। आईपीएल खत्म होने के बाद ट्रैविस हेड बांग्लादेश में टीम के साथ जुड़ेंगे।
इसके अलावा, ढाका में होने वाले तीन वनडे मैचों के लिए कूपर कोनोली, ज़ेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस के रूप में कुछ और खिलाड़ी भी टीम में शामिल होंगे। इन तीनों को शुरू में टीम से बाहर रखा गया था, क्योंकि यह माना जा रहा था कि उनकी आईपीएल टीम – पंजाब किंग्स – IPL प्लेऑफ़ में जगह बना लेगी। इस घटनाक्रम ने ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं के सामने उन लॉजिस्टिक (प्रबंधकीय) मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जो इस सीरीज़ के कारण पैदा हुई हैं – यह सीरीज़ आईपीएल फ़ाइनल से ठीक एक दिन पहले शुरू हो रही है, और मार्श की चोट ने उनकी मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। मार्श की अनुपस्थिति से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि युवा खिलाड़ी ओली पीक पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं।
Major injury-forced shuffle for Australia as a new captain is named for the Pakistan ODIs https://t.co/l1H7iCBujG