Post Office TD vs Bank FD: पोस्ट ऑफिस या बैंक FD, किसमें निवेश पर मिलेगा ज्यादा फायदा? समझिए पूरा हिसाब

Post Office TD vs Bank FD: अगर आप बिना जोखिम के तय रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दोनों अच्छे विकल्प हैं। दोनों में आपका पैसा सुरक्षित रहता है और तय ब्याज मिलता है।

लेकिन सुरक्षा, ब्याज, पैसे निकालने की सुविधा और टैक्स बेनिफिट्स जैसे मामलों में दोनों के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा सही रहेगा।

सुरक्षा के मामले में कौन बेहतर?

अगर पैसों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो पोस्ट ऑफिस TD आगे है। इसकी वजह यह है कि इस पर सरकार की गारंटी होती है। यानी आपका मूलधन और ब्याज, दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

वहीं, बैंक FD पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) का बीमा मिलता है। लेकिन इसकी सीमा 5 लाख रुपये तक ही है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। अगर किसी बैंक में आपकी जमा राशि इससे ज्यादा है, तो अतिरिक्त रकम पर बीमा नहीं मिलता।

कहां मिल रहा है ज्यादा ब्याज?

पोस्ट ऑफिस TD की ब्याज दरें सरकार हर तीन महीने में तय करती है। एक बार जिस ब्याज दर पर निवेश कर दिया, वही दर पूरी अवधि तक लागू रहती है।

मौजूदा पोस्ट ऑफिस TD ब्याज दरें

अवधिब्याज दर
1 साल6.90%
2 साल7.00%
3 साल7.10%
5 साल7.50%

वहीं, बैंक FD की ब्याज दरें हर बैंक में अलग-अलग होती हैं। ये समय-समय पर भी बदलती रहती हैं। फिलहाल कई प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.5% से 8.10% तक ब्याज दे रहे हैं। कई लोग सुरक्षा के लिहाज सरकारी बैंकों को भी प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, उनकी ब्याज दर प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के मुकाबले कम रहती है।

पैसे निकालने की सुविधा किसमें बेहतर?

अगर आपको बीच में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो बैंक FD ज्यादा सुविधाजनक है। बैंकों में आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक की FD करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ भी सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आमतौर पर 0.5% से 1% तक ब्याज का जुर्माना देना पड़ता है। कई बैंक FD के बदले लोन की सुविधा भी देते हैं।

वहीं, पोस्ट ऑफिस TD में पहले 6 महीने तक पैसा नहीं निकाला जा सकता। अगर छह महीने बाद लेकिन मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करते हैं, तो कम ब्याज मिलता है। इससे आपका कुल रिटर्न घट जाता है।

टैक्स और सीनियर सिटीजन को क्या फायदा?

अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 5 साल का पोस्ट ऑफिस TD और 5 साल का टैक्स सेवर बैंक FD, दोनों पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।

हालांकि, सीनियर सिटीजन के लिए बैंक FD ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। ज्यादातर बैंक सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.25% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। पोस्ट ऑफिस TD में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।

आखिर किसमें निवेश करना चाहिए?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट बेहतर विकल्प हो सकता है। क्योंकि इस पर सरकार की गारंटी होती है। लेकिन अगर आप ज्यादा ब्याज, पैसे निकालने में आसानी, निवेश अवधि चुनने की आजादी और सीनियर सिटीजन के लिए अतिरिक्त ब्याज चाहते हैं, तो बैंक FD बेहतर साबित हो सकती है। कुछ मामलों में FD का ब्याज पोस्ट ऑफिस के मुकाबले ज्यादा होता है।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। सुरक्षा, लिक्विडिटी, टैक्स बेनिफिट और निवेश की अवधि जैसी सभी बातों को ध्यान में रखकर फैसला लें। चाहें तो दोनों विकल्पों में पैसा लगाकर सुरक्षा और बेहतर रिटर्न के बीच संतुलन भी बना सकते हैं।

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ग्राम सचिवालय में 1 जुलाई से बैठेंगे लेखपाल, अब ग्रामीणों को नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर

Yogi government's significant step regarding revenue related services in rural areas

-मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप उपस्थिति का तैयार होगा रोस्टर, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र व खतौनी आदि के लिए होगा त्वरित निस्तारण

– राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश, बुधवार से लेखपालों की नियमित उपस्थिति होगी सुनिश्चित

-मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर ग्राम सचिवालय बनेंगे 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर', ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

– सुशासन की दिशा में योगी सरकार का एक और कदम, गांव में ही उपलब्ध होंगी राजस्व सेवाएं

Uttar Pradesh news : योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अब प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में रोस्टर तैयार कर 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

ग्रामीणों को नहीं लगाने पड़ेंगे तहसीलों के बार-बार चक्कर 

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पहले से स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

पंचायतीराज विभाग के पूर्व आदेशों के अनुरूप ग्राम सचिवालयों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। अब इसी व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए लेखपालों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो सके। बता दें कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा संचालित ऑनलाइन सेवाओं में राजस्व विभाग की कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं।

इनमें आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, खतौनी की नकल सहित लगभग दस प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं के समयबद्ध निस्तारण में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में ग्राम सचिवालय में उनकी नियमित उपलब्धता से ग्रामीणों को तहसील के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी।

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ग्राम स्तर पर लेखपालों के बैठने के लिए कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होने से लोग होते थे परेशान 

राजस्व परिषद ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि लेखपाल केवल प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्य ही नहीं करते, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी के रूप में भी कार्य करते हैं। तहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व योजना, किसान सम्मान निधि, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, भूमि विवादों का निस्तारण, कृषि गणना, जनगणना, फसल गिरदावरी, प्राकृतिक आपदाओं की रिपोर्ट, अवैध कब्जों की जांच, खनन संबंधी सत्यापन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सत्यापन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्व भी लेखपाल निभाते हैं।

इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में भी लेखपालों की रिपोर्ट और सत्यापन की आवश्यकता पड़ती है। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपालों के बैठने के लिए कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों को कई बार लेखपाल से मिलने के लिए तहसील या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। इस समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से अब प्रत्येक जनपद में रोस्टर बनाकर लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।

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1 जुलाई से लागू होगी व्यवस्था

राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें और उनकी उपस्थिति का रोस्टर निर्धारित करें। यह व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था से ग्राम सचिवालय ग्रामीणों के लिए 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' के रूप में विकसित होंगे। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

पश्चिमी जापान के यवाटा शहर की 35 वर्षीय मेयर शोको कवाटा छह माह की गर्भवती हैं और चार महीने की मैटरनिटी छुट्टी लेने की योजना बना रही हैं। ऐसा करने वाली वह जापान की पहली मेयर होंगी, लेकिन उनकी इस योजना ने जापान में राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने उन्हें बेबी शू और शुभकामना उपहार भेजकर समर्थन दिया, लेकिन समाज के एक वर्ग ने इसे गैर जिम्मेदार फैसला बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जनता से ज्यादा अपने निजी जीवन को प्राथमिकता दी है। कवाटा ने कहा कि इस विवाद ने उन्हें पहली बार महसूस कराया कि जापान में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है। देश में गर्भवती और कामकाजी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के लिए “माताहारा’ (मैटरनिटी हैरेसमेंट) जैसा अलग शब्द भी प्रचलित है। पूर्व जनरल तोशियो तमोगामी ने लिखा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को इतनी लंबी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए और बच्चों की योजना बना रही महिलाओं को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। बढ़ते विरोध के बाद कवाटा ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। जापान में स्थानीय निकायों के 1,740 प्रमुखों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी 4% से कम है। राष्ट्रीय दैनिक मैनिची ने लिखा कि देश में ऐसा माहौल बनना चाहिए, जहां महिलाएं बिना भेदभाव के मैटरनिटी लीव ले सकें।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस का PM मोदी पर बड़ा हमला, बोली- श्रेय लिया तो जिम्मेदारी भी लें

modi ayodhya ram mandir

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला किया। पार्टी ने चंदा चोरी पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि अगर प्रधानमंत्री किसी काम का श्रेय लेते हैं तो उन्हें जिम्मेदारी भी लेनी होगी। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मानी गलती

 

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीने‍त ने कहा-राम मंदिर का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया। लेकिन भूमि पूजन, शिलान्यास, उद्घाटन, प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण जैसे सभी प्रमुख कार्यक्रमों का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। मंदिर के ट्रस्ट का गठन भी नरेंद्र मोदी ने किया और उसे RTI से बाहर रखने के काम भी उन्होंने ही किया। अगर प्रधानमंत्री किसी काम का श्रेय लेते हैं तो उन्हें जिम्मेदारी भी लेनी होगी। ऐसे में चंदा चोरी पर प्रधानमंत्री मोदी मौन क्यों हैं? इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है।

चंपत राय एक बड़ी मछली

उन्होंने कहा कि चंपत राय बंसल ट्रस्ट के सर्वेसर्वा थे। उन्होंने बस इस्तीफा दे दिया है और बचकर निकल जाना चाहते हैं। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि जब महिपाल और कई अन्य लोगों ने आपके संज्ञान में यह बात लाई थी कि एक बहुत बड़ी चोरी हो रही है, तो उन्हें क्यों हटा दिया गया? ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में योगी का बड़ा दांव! क्या संघ और भाजपा के भीतर बदल रहे हैं शक्ति समीकरण?

 

 कांग्रेस नेता ने कहा कि चंपत राय एक बड़ी मछली हैं। उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। दान का पैसा कहां गया? यह वह सवाल है जिसका जवाब चंपत राय बंसल को देना ही होगा, और उन्हें ऐसे ही साफ़ बचकर निकलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनके खिलाफ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जानी चाहिए।

 

क्या है कांग्रेस की मांग?

सुप्रिया श्रीने‍त ने कहा कि 'चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर योगी सरकार SIT की जांच सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए। पार्टी ने चंपत राय और अन्य लोगों के खिलाफ FIR और जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शुरू से सारे चढ़ावों का निष्पक्ष ऑडिट किया जाए। इस महाघोटाले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा जांच हो। नरेंद्र मोदी चुप्पी तोड़ें और श्रद्धालुओं से इस धोखे और विश्वासघात के लिए माफी मांगें।

 

क्या बोले अजय राय?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा कि आज हम प्रभु श्री राम के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन BJP सरकार ने हमें गिरफ्तार कर गेस्ट हाउस में बंद किया हुआ है। आज अयोध्या नगरी में चंदा चोरी और जमीन घोटाले हो रहे हैं। हम भगवान राम से प्रार्थना करना चाहते थे कि BJP-RSS के लोगों को सद्बुद्धि दें। 

 

उन्होंने कहा कि जिन छोटे कर्मचारियों को जेल भेजा गया है, इनको पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए।नृपेंद्र मिश्रा, अनिल मिश्रा, गोपाल राव, चंपत राय और गोविंद गिरी इन सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और ट्रस्ट में शंकराचार्यों के द्वारा नामित लोगों को शामिल किया जाए, जो धर्म से जुड़े हों।

Bhogilal Collection owned Hispano-Suiza wins ‘Best of Show’ at Schlumpf Concours

Hispano-Suiza

In a spectacular international debut, the 1927 Hispano-Suiza H6C belonging to the Pranlal Bhogilal Collection has been crowned ‘Best of Show’ at the Concours d’ Elegance International Schlumpf in France. The inaugural show hosted by the famous Schlumpf collection in Mulhouse, which itself has over 520 of the grandest vehicles, this is a big win for car of Indian provenance.

Brijesh Chinai, son in law of Pranlal Bhogilal, who helps look after the collection along with his wife Chamundeshwari, was pleasantly surprised by the win. “We weren’t expecting this, but are thrilled,” stressing that there is more work to be done. The car forms part of the massive Pranlal Bhigilal collection, which includes around 200 vintage and classic cars, many of which can be seen at the Autoworld Museum in Ahmedabad.

Returning close to its birthplace on the French-Swiss border after nearly a century, this automotive icon, marks a yet another monumental moment where the custom cars ordered by the Maharajas and Nawabs of India have come out on top in international concourses.

To understand how special this car is, one must take a look at its history and the story behind it.  Its first owner, Maharaja Jaisingh of Alwar, was a fan of the Spanish-Swiss marque, and this is only one of two custom extra long wheelbase cars ever ordered. He is said to have owned a total of fourteen Hispano Suizas.  

This specific car, Chassis 11760 or “Alwar 3”, represents the absolute zenith of bespoke twenties luxury. The standard H6C chassis was already long in beam, but the Maharaja required an even longer platform to accommodate his requirements inside the cabin. Because Hispano-Suiza charged astronomical premiums for custom-lengthened chassis engineering, only two extra-long-wheelbase H6Cs, were ever built. And both were ordered by Alwar. Also of note, both are also still in India.

The coachwork for Alwar 3 was made by H.J. Mulliner in England. There were many special requirements. The Maharaja was a strict vegetarian, and forbade the use of any leather inside the car. Mulliner instead it is said draped the vast, four-window limousine cabin in opulent silk. Also because this car was to serve as a ceremonial vehicle as well the one used for royal hunts, the coachbuilder integrated custom gun cases on the running boards and large searchlights.

Motive power to pull this massive limo came from an engine derived from aviation.  Under the impossibly long bonnet sits an eight litre aluminum overhead-cam straight-six engine. Derived directly from Hispano-Suiza’s legendary World War I aviation V12, this six cylinder put out a massive for the 20s, 160 horsepower. But it wasn’t just the power that made the H6C a legend.

Stopping power was also special; it uses massive alloy drum brakes on all four wheels, that use industry-first power-assist servos. The tech was so good, Rolls-Royce actually licensed the design for their own vehicles.

The coachwork for Alwar 3 was done right here in India at the Super Car Club Garage (belonging to Raymond) in Thane. The first level of restoration brought the car back to life, just before shipping out to France, where the car will undergo some mechanical work, fine-tuning and detail work.

Of note is the fact that “Alwar 2” (Chassis 11744), still sits in a beautifully weathered, unrestored condition in the courtyard of the Alwar Palace.  No one knows where the 12 other Hispano Suiza’s owned by Alwar are. Legend is the Maharaja used them for three years and then buried them!

गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में‎:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले‎ चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद‎

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। ‎इसका असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य तक‎ सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था और‎ बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखने लगा है।‎ पश्चिमी यूरोप का रेल नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो‎ गया है। फ्रांस में कई परमाणु रिएक्टर बंद कर दिए‎ गए हैं या उनकी क्षमता घटा दी गई है, क्योंकि वे‎ नदियों में अत्यधिक गर्म पानी छोड़ रहे हैं। फ्रांस‎ के एक ऑटोमोबाइल प्लांट में यूनियन नेताओं ने‎ फैक्ट्री फ्लोर पर असहनीय गर्मी का हवाला देते ‎हुए हड़ताल का ऐलान किया है।‎ फ्रांस और इटली में बिजली घरों के बंद होने से‎ सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।‎ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर जारी रहा तो कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था‎ पर असर पड़ सकता है और मृत्यु दर भी बढ़ ‎सकती है। शहरों में स्थिति और गंभीर है। मोटी‎ दीवारों वाली पुरानी इमारतें दिनभर की गर्मी‎ सोखकर रात तक छोड़ती रहती हैं, जिससे‎ अपार्टमेंट भट्ठी जैसे बन गए हैं। गर्मी से परेशान‎ लोग आधी रात के बाद पार्कों का रुख कर रहे हैं।‎ एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ मची है। कई लोग‎ राहत के लिए होटलों में तक ठहर रहे हैं। पेरिस में राजनीतिक पर्यावरण के विशेषज्ञ ‎फ्रांस्वा जेमेने कहते हैं, “हर कोई यही पूछ रहा है ‎कि हम इस स्थिति के लिए तैयार क्यों नहीं थे। ”‎एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इस हीटवेव ‎ने ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में तापमान के कई‎ रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के सबसे तेजी से गर्म हो रहे महाद्वीप की अधिकांश इमारतें और‎ बुनियादी ढांचा ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर ‎बनाए गए थे। पुराने भवनों में गर्मी सोखने वाली‎ निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उनमें बाहरी‎ शटर जैसी व्यवस्थाएं भी कम हैं, जिससे गर्मी‎ इमारतों के भीतर ही कैद होकर मुश्किलें और बढ़ा‎ रही है। यूरोप का इंफ्रास्ट्रक्चर सर्दी से बचाव के लिए बना है, बढ़ती गर्मी के लिए यह तैयार नहीं‎ फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफेनी रिस्ट के‎ अनुसार कार्डिएक अरेस्ट के मामलो में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 से 10 मामले‎ आते थे, अब 20 से 30 आ रहे हैं। 2023 ‎की एक स्टडी बताती है कि गर्मी से मौत का‎ खतरा फ्रांस, स्पेन और इटली में ज्यादा है।‎ इन देशों को ज्यादा नुकसान‎ जर्मन इंश्योरेंस कंपनी अलायंज की रिपोर्ट में ‎इटली, फ्रांस,जर्मनी व स्पेन को गर्मी की वजह से ‎सर्वाधिक आर्थिक नुकसान की बात कही गई है।‎ चार न्यूक्लियर रिएक्टर बंद‎ गर्मी की वजह से तापमान इतना बढ़ गया कि‎ फ्रांस में चार परमाणु बिजली घरों के रिएक्टर तक‎ बंद करने पड़े हैं।‎ जर्मनी, ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद्द‎ गर्मी बढ़ने से जर्मनी, स्विटजरलैंड और ब्रिटेन में ‎ट्रेनें रद्द करना पड़ी हैं। कुछ अन्य देशों में ट्रेन के ‎ऑनबोर्ड सिस्टम गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं।‎ गर्मी से बचने की योजनाएं फ्रांस ने 52 उपायों के साथ पिछले साल 388 पेज की योजना जारी की है। लंदन में इस सप्ताह ‎गर्मी से बचाने का प्लान पेश किया गया है।‎

बच्चों को टोकना पड़ा भारी! भारतीय परिवार ने विदेश में रेस्टोरेंट में मचा दिया बवाल?

वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी के एक भारतीय रेस्टोरेंट ने भारतीय परिवार पर स्टाफ से बदसलूकी, तोड़फोड़ और धमकाने का आरोप लगाया है। दावा है कि बच्चों को शरारत से रोकने पर विवाद हुआ।

8000mAh बैटरी वाला OnePlus N6 भारत में लॉन्च, मिलेगा DSLR जैसा कैमरा, जानें कीमत और फीचर्स

OnePlus N6: चीन की स्मार्टफोन कंपनी OnePlus ने भारत में इस साल का सबसे सस्ता स्मार्टफोन OnePlus N6 लॉन्च किया है। कंपनी के पोर्टफोलियो में OnePlus Nord CE 6 Lite से नीचे रखे गए इस हैंडसेट में बड़ी 8000mAh बैटरी, MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट और 120Hz डिस्प्ले और Android 16 पर आधारित OxygenOS 16 दिया गया है। अब चलिए OnePlus N6 की कीमत, स्पेसिफिकेशन्स, लॉन्च ऑफर्स और उपलब्धता के बारे में जानते हैं।

OnePlus N6 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

OnePlus N6 में 6.75-इंच का HD+ LCD डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और पीक ब्राइटनेस 1,200 निट्स तक है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी का कहना है कि यह हैंडसेट धूल और पानी से बचाव के लिए IP65 रेटिंग और MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आता है।

इस स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट है, जो Android 16 पर आधारित OxygenOS 16 के साथ आता है। इसके अलावा, इस फोन में OnePlus ने दो बड़े Android OS अपग्रेड और तीन साल के सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है।

कैमरी की बात करें तो, इस फोन में f/1.8 अपर्चर और 10x तक डिजिटल जूम सपोर्ट वाला 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा दिया गया है। इसके फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा है, जो 60fps पर 1080p तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। फोन में ‘डुअल-व्यू वीडियो’ मोड भी है, जिससे यूजर्स फ्रंट और रियर दोनों कैमरों का इस्तेमाल करके एक साथ वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।

भारत में OnePlus N6 की कीमत, ऑफर और उपलब्धता

OnePlus N6 के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत ₹22,999 है। वहीं, 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल के लिए ग्राहकों को ₹24,999 देने होंगे। लॉन्च ऑफर के तहत, OnePlus ₹1,000 का ‘प्राइम डे-एक्सक्लूसिव’ डिस्काउंट दे रहा है। इसके अलावा, खरीदार Axis Bank और SBI के चुनिंदा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके ₹2,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट भी पा सकते हैं। साथ ही, कंपनी चुनिंदा खरीदारी पर छह महीने तक की नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी दे रही है। OnePlus N6 दो कलर ऑप्शन ‘Fresh Mint’ और ‘Midnight Green’ में उपलब्ध होगा।

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IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: आधिकारिक वेबसाइट से 9 जुलाई तक डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट, रैंक कार्ड पर दी गई है ये जानकारी

IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) एप्टीट्यूड टेस्ट (IAT) में शामिल उम्मीदवारों के लिए ये बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट iiseradmission.in पर लॉग इन करके अपने रैंक कार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। आईआईएसईआर ने 29 जून, 2026 को रिजल्ट घोषित कर दिया है। आईएटी का नतीजा आधिकारिक वेबसाइट पर 9 जुलाई, 2026 तक डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही आईआईएसईआर ने काउंसलिंग की तारीख भी घोषित कर दी है। काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा और योग्य कैंडिडेट को डेडलाइन से पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

आईएटी रैंक कार्ड 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • ऑफिशियल आईआईएसईआर एडमिशन पोर्टल iiseradmission.in पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध आईएटी 2026 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • यूजर आईडी और पासवर्ड डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के लिए रैंक कार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।

आईआईएसईआर रिजल्ट 2026: काउंसलिंग शेड्यूल

रिजल्ट के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सिर्फ वही उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे जिन्होंने आईएटी (IAT) 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। ऑनलाइन काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा, और रजिस्ट्रेशन पूरा करने की डेडलाइन 9 जुलाई, 2026 है। कैंडिडेट को तय समय में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, क्योंकि डेडलाइन मिस करने पर सीट अलॉटमेंट में दिक्कत हो सकती है।

आईएटी रैंक कार्ड पर दी गई जानकारी

रैंक कार्ड में नीचे दी गई कार्रवाई करने लायक जानकारी और कैंडिडेट की जानकारी शामिल है :

  • कैंडिडेट का नाम
  • रोल नंबर और एप्लीकेशन/रजिस्ट्रेशन नंबर
  • जन्म तिथि
  • कैटेगरी
  • एग्जाम का नाम
  • रिजल्ट घोषित करने की तारीख
  • मिले कुल मार्क्स
  • ऑल इंडिया रैंक (AIR)
  • कैटेगरी रैंक
  • क्वालिफाइंग स्टेटस

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट के बाद

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद, सभी सफल उम्मीदवारों को तुरंत काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी करनी होगी। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अपना रैंक कार्ड, एकेडमिक सर्टिफिकेट, आइडेंटिटी प्रूफ और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए। अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग राउंड, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन की डेडलाइन के ताजा अपडेट के लिए नियमित तौर पर आईआईएसईआर के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाएं।

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