Ketan Agarwal: आखिर सिया को शादी से पहले क्यों चाहिए थे 3 साल? पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुणे में हुई एक युवक की मौत का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और रहस्यमय होता जा रहा है। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। जांच एजेंसियां अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और आरोपियों की गतिविधियों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही हैं। इस केस में सामने आई नई जानकारियों ने लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

शादी टालने की थी कथित योजना

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस मामले का मकसद आर्थिक लाभ या पारिवारिक विवाद नहीं था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया गोयल कथित तौर पर यह शादी नहीं करना चाहती थीं। पुलिस का आरोप है कि उन्हें लगता था कि केतन की मौत के बाद परिवार उन पर दोबारा शादी का दबाव कई साल तक नहीं डालेगा।

पुराने रिश्ते की भी हो रही जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल की जान-पहचान सगाई से पहले की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों जनवरी में दोस्तों के साथ उदयपुर घूमने गए थे और करीब पांच दिन साथ रहे। इसके कुछ सप्ताह बाद फरवरी में सिया की केतन से सगाई हुई थी।

भाई के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस का कहना है कि चेतन पहले से सिया के परिवार को जानता था। उसकी पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से क्रिकेट के जरिए हुई थी। बाद में सिया और चेतन के बीच फिर से संपर्क बढ़ा।

2,004 फोन कॉल्स ने बढ़ाया शक

जांच अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से अब तक सिया और चेतन के बीच 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों ने कुल 238 घंटे तक एक-दूसरे से बात की। पुलिस इन कॉल रिकॉर्ड्स को कथित साजिश के अहम सबूत के तौर पर जांच रही है।

घटना से एक दिन पहले हुई मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, 17 जून को, यानी घटना से एक दिन पहले, दोनों पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी मुलाकात में कथित योजना पर चर्चा हुई थी।

डिलीट किए गए चैट और मैसेज खंगाल रही पुलिस

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से कथित तौर पर WhatsApp चैट, Instagram मैसेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। पुलिस अब फॉरेंसिक जांच के जरिए हटाए गए डेटा को रिकवर कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच

फिलहाल पुलिस की जांच डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज हादसा थी या इसके पीछे पहले से कोई कथित साजिश रची गई थी।

बिल्डिंग में 10वीं मंजिल तक गधों की पीठ पर ढो रहे थे भारी सीमेंट-ईंट, बेजुबानों की हालत थी खराब फिर कोर्ट ने ये किया

Ketan Agarwal Murder Case: लोहागढ़ किले में 18 जून को क्या हुआ था? केतन मर्डर केस में सिया गोयल को लेकर पहुंची पुलिस, देखें वीडियो

Ketan Agarwal Murder Case: पुलिस ने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार 28 जून को लोहागढ़ किले ले जाकर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य 18 जून के सटीक घटनाक्रम का पता लगाना है। आरोप है कि 20 वर्षीय सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट करने के लिए लोहागढ़ किले में ले गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को कथित रूप से धक्का दिया था। चेतन को अलग से किले में ले जाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घटनाक्रम दोहराए जाने के दौरान इस संबंध में आरोपी के दावों की पुष्टि की जाएगी कि अग्रवाल को किस तरह और किस स्थान से धक्का दिया गया था। गोयल और चौधरी को अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सिया ने पुलिस को क्या बताया

सिया ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें कथित अपराध की साजिश, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके डिजिटल रिकॉर्ड और हत्या का मकसद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

‘चेतन ने ही सिया को मंगेतर की हत्या के लिए उकसाया था’

केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस मांग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।” उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।

केतन के पिता ने क्या कहा?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था। सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था। उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?”

जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।”

वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था। साथ ही मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

केतन के पिता से मिले सीएम फडणवीस

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।

ये भी पढ़ें- Iran-US War: अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरी बार किया हमला, ट्रंप बोले- ‘तेहरान का अब अस्तित्व ही नहीं रहेगा’

पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है।

Ketan Agarwal Murder Video: चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर मैच देख रही है सिया गोयल, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जारी जांच के बीच सोशल मीडिया पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी का एक क्रिकेट मैच देखते हुए चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वायरल क्लिप में सिया और चेतन दर्शकों के स्टैंड में बैठकर मैच देखते और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर सिया मैच देख रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह वीडियो अहम है क्योंकि इससे इस दावे को बल मिल सकता है कि सिया और चेतन केतन अग्रवाल से सगाई और शादी से पहले रिलेशनशिप में थे।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया के परिवार को इस रिश्ते के बारे में तब पता चला जब दोनों को एक क्रिकेट मैच में साथ देखा गया था। रिश्ते के बारे में पता होने के बावजूद, सिया के परिवार ने अग्रवाल परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केतन के साथ उसकी शादी करवा दी। जांच के तहत, पुणे पुलिस ने सिया के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें इस रिश्ते और अरेंज मैरिज से जुड़े हालात के बारे में क्या जानकारी थी।

दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई

सिया गोयल और चेतन चौधरी पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि उनकी दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई थी। वे सिया के भाई साहिल के एक क्रिकेट मैच के दौरान मिले थे। बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। खेल के प्रति उनका जुनून एक बिना तारीख वाले वीडियो में साफ दिखता है। सिया और चेतन एक मैच के दौरान दर्शकों की गैलरी में बैठे और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दोनों के बीच लगातार हो रही थी बात

यह क्लिप ऐसे समय में सामने आया है जब जांचकर्ता कथित हत्या की साजिश की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने उनके फोन रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जनवरी से अब तक उन्होंने आपस में 2,004 बार बात की थी। इससे उनके कथित रिश्ते का पता चलता है। इन कॉल्स की कुल अवधि 238 घंटे थी। सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी। जबकि उनकी शादी इस नवंबर में होने वाली थी।

सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की

महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है। केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा गोयल और भाई साहिल पूर्वाह्न करीब 11 बजे अपने बयान दर्ज कराने के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने साहिल से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची, क्योंकि उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें कथित अपराध की योजना, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ और हत्या के पीछे का मकसद शामिल है।

पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में 18 जून से पहले और घटना के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट रिकॉर्ड हटा दिया। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है। पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों की पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें- Iran-US War Update: ईरान का अमेरिका पर जोरदार पलटवार, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से किया हमला

इस बीच, केतन को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उस हाउसिंग सोसाइटी में कैंडल मार्च निकाला गया, जहां अग्रवाल परिवार रहता है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार को न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना के दिन लोहागढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे।उनसे अपील की कि वे आगे आएं और पुलिस को जानकारी दें।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला, 3 रेंजर्स की मौत

पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमले में तीन रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए। हमला शुरू होते ही विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। हमले के बाद मुठभेड़ शुरू ओधो ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों से मुठभेड़ शुरू कर दी। शुरुआती गोलीबारी में तीन जवान मारे गए। इसके बाद आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। SSU और एंटी टेररिस्ट फोर्स भी तैनात सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लांझार ने बताया कि रेंजर्स की मदद के लिए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स की टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। सुरक्षा बल परिसर में तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि पुलिस हमले की साजिश और इसमें शामिल आतंकियों की पहचान में जुटी है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला, 4 रेंजर्स की मौत

पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमले में चार रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए। हमला शुरू होते ही विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। हमले के बाद मुठभेड़ शुरू ओधो ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों से मुठभेड़ शुरू कर दी। शुरुआती गोलीबारी में चार जवान मारे गए। इसके बाद आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। SSU और एंटी टेररिस्ट फोर्स भी तैनात सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लांझार ने बताया कि रेंजर्स की मदद के लिए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स की टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। सुरक्षा बल परिसर में तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि पुलिस हमले की साजिश और इसमें शामिल आतंकियों की पहचान में जुटी है।

Mumbai : बड़ी साजिश नाकाम… मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांट रहा था शख्स, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस के दौरान एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जुलूस के दौरान जहरीले कैप्सूल बांटने की बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में फैयाज प्रेमजी नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बिना अनुमति के ‘दर्द से राहत’ के नाम पर लोगों को कैप्सूल बांट और बेच रहा था। मुंबई पुलिस के मुताबिक जेजे और भायखला इलाके से मोहर्रम का जुलूस गुजर रहा था।

जहरीले कैप्सूल का मिला बड़ा जखीरा

आरोपी के घर की तलाशी लेने पर, पुलिस को ऐसे 14,900 तैयार कैप्सूल का बड़ा स्टॉक मिला। इसके अलावा, फैय्याज द्वारा 50 किलो जहरीले केमिकल ‘जिंक फॉस्फाइड’ और 30,000 कैप्सूल के लिए ऑनलाइन ऑर्डर दिए जाने के सबूत मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, इसका मकसद कई नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाना था।

जुलूस में बांट रहा था शख्स 

मुंबई पुलिस के डीसीपी जयंत मीणा के अनुसार, मुहर्रम जुलूस के दौरान बायकुला पुलिस थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को लोगों में कैप्सूल बांटते हुए देखा। पुलिस ने तुरंत उसके पास मौजूद कैप्सूल जब्त कर लिए और उसकी जानकारी दर्ज कर ली। डीसीपी ने बताया कि अगली सुबह करीब 4 बजे सलमान नाम के एक व्यक्ति ने उन कैप्सूलों में से एक खा लिया, जिसके बाद उसे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने किया बड़ी साजिश को नाकाम

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह जुलूस के दौरान बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने करीब 50 किलो जिंक फॉस्फाइड और 30 हजार खाली कैप्सूल खरीदे थे। पुलिस का दावा है कि पिछले 15 दिनों में उसने इन कैप्सूलों को भरकर उन्हें दर्द की दवा बताकर लोगों में बांटने की योजना बनाई थी। मुंबई पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई। अब तक 14,900 कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं, जबकि बाकी कैप्सूल और रसायनों की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पेंट का कारोबार करता है। शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने अपने कारोबार के जरिए रसायन हासिल किए और खाली कैप्सूल ऑनलाइन मंगवाए थे। फिलहाल पुलिस उसके विदेश यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड और मुंबई में उसके संभावित साथियों की भी जांच कर रही है।

Ketan Murder Case: 17 करोड़ की शाही शादी की चल रही थी तैयारी, अब हत्याकांड ने बाद बदल गई पूरी कहानी

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की शादी इस साल नवंबर में उदयपुर में धूमधाम से होने वाली थी। 26 वर्षीय केतन की फरवरी में 20 साल की सिया गोयल से सगाई हुई थी। दोनों परिवार शादी को यादगार बनाने की तैयारी में जुटे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के लिए उदयपुर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में भव्य समारोह की योजना बनाई गई थी। इस शादी पर 5 करोड़ से 17 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान बताया गया था। लेकिन शादी की तैयारियों के बीच केतन की मौत के बाद पूरा मामला अब एक चर्चित हत्याकांड की जांच में बदल गया है।

शादी की थी शाही तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी को भव्य बनाने के लिए उदयपुर के एक आलीशान रिसॉर्ट की बुकिंग की गई थी। मेहमानों के लिए प्राइवेट विमान की व्यवस्था करने की भी योजना थी। शादी की तैयारियां कई महीने पहले ही शुरू हो चुकी थीं। सिया गोयल की मां पूजा गोयल ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया, “हमने शादी के लिए उदयपुर का अनंता रिसॉर्ट बुक किया था। इसकी बुकिंग पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। पूरी शादी पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी थी।”

नवंबर में होनी थी शादी

जिस शादी का दोनों परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह कभी हो ही नहीं सकी। 18 जून को लोनावला के पास लोहगढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस को अब हत्या का शक है। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और इसे ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा दिखाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया है कि सगाई के बाद भी सिया और चेतन के बीच कथित तौर पर संबंध बने हुए थे।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवार और समाज के दबाव की वजह से वह पीछे नहीं हट पा रही थी। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, चैट और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। जिस शादी में परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाने की तैयारी थी, उसकी जगह अब अदालत में कानूनी कार्रवाई और केतन अग्रवाल की मौत की आपराधिक जांच ने ले ली है।

Ketan Murder Case: केतन हत्याकांड में ये लाल इलेक्ट्रिक कार बनी सबसे बड़ा सुराग, वायरल वीडियो से खुल रहे नए राज

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। वहीं हत्या के मामले में जांच अब उस लाल इलेक्ट्रिक कार पर केंद्रित हो गई है, जिसका इस्तेमाल घटना वाले दिन लोहगढ़ किले जाने के लिए किया गया था। पुलिस इस कार की गहन जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।

जांच में अब तक सामने आया है कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले पर एक चट्टान से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में शामिल लाल इलेक्ट्रिक कार वही है, जो घटना से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में दिखाई दी थी। एक वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल कार का सनरूफ खोलकर सफर करते नजर आए थे। वहीं, दूसरे वीडियो में केतन अपनी जन्मदिन की पार्टी के दौरान सिया को फूल देते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को मुख्य आरोपी मान रही है। जांच के तहत शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से भी पूछताछ की गई। पूछताछ शुरू होने से पहले सिया के माता-पिता पूजा गोयल और प्रवीण गोयल भी लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे थे।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

केतन अग्रवाल हत्याकांड में महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मंजूरी दे दी है। साथ ही वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। यह फैसला केतन अग्रवाल के परिवार की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लिया गया। परिवार ने मामले में जल्द न्याय और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में तेजी से पूरी कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।

Ketan Murder Case: ‘सिया को पहले से थी सारी जानकारी…’, केतन हत्याकांड में पिता ने तोड़ी चुप्पी, किया ये बड़ा दावा

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले पर मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस जांच में सामने आ रही उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है कि केतन के लुक और उनके ‘हेयर विग’ के कारण उनकी मंगेतर इस शादी से नाखुश थी और इसी वजह से हत्या की गई।

विग की वजह से की गई हत्या?

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को मारे गए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है कि शादी से पहले ही उन्होंने सिया गोयल के परिवार को बेटे के विग पैच की जानकारी दे दी थी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण बाल झड़ने की परेशानी थी। इसी वजह से वह हेयर विग का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी सगाई तय होने से काफी पहले ही सिया गोयल और उसके परिवार को दे दी गई थी। इसलिए हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

सगाई से पहले दी गई थी ये जानकारी

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे। उन्होंने कहा कि सगाई तय होने से काफी पहले ही इस बारे में सिया गोयल और उसके परिवार को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें इस बात से कोई आपत्ति होती, तो वे शादी से इनकार कर सकते थे।” वहीं, पुलिस का मानना है कि केतन की मौत एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच के मुताबिक, इस मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान मिले सबूतों ने इसे हत्या के मामले में बदल दिया।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही है जांच

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सिया गोयल कई बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़ लेने की वजह से बच गया। पुलिस का कहना है कि 18 जून को सिया फिर केतन को लोहागढ़ किले ले गई। इस दौरान उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी। इनमें कई कॉल कई घंटों तक चली थीं। पूछताछ में चेतन ने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

Ketan Murder case: मंगेतर सिया गोयल का चैट लग गया पुलिस के हाथ! पर इस डिटेल ने तो केस को और फंसा दिया

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिसिया जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह केस सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। पुलिस के हाथ अब आरोपी मंगेतर सिया गोयल का मोबाइल चैट लगा है लेकिन इस नए डिजिटल सबूत ने पूरे मामले को और ज्यादा फंसा दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से बरामद किए गए मैसेजेस और पूछताछ के दौरान दिए गए उसके बयानों में भारी अंतर है, जिससे पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

मोबाइल चैट और बयानों में भारी विरोधाभास (Inconsistencies)

लोनावला पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सिया के मोबाइल फोन से जो चैट्स बरामद हुए हैं, वे उसके उन बयानों से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे हैं जो उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को दिए थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल सबूत घटनाक्रम को स्थापित करने में एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस अधिकारी बरामद की गई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं दोनों आरोपी प्रेमी

इस मामले ने तब और पेचीदा मोड़ ले लिया जब पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग कहानियां सुनाना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयान दिए हैं। दोनों ही आरोपी इस खौफनाक अपराध की साजिश रचने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर मढ़ रहे हैं। दोनों का कहना है कि प्लानिंग दूसरे ने की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि यह डिजिटल ट्रेल यह तय करने में मदद करेगी कि इस साजिश में किस आरोपी की कितनी भूमिका थी और इस कथित साजिश के पीछे का असल सच क्या है।

नवंबर में होनी थी शादी, पर रास्ते से हटा दिया

यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का परिणाम नजर आता है। पुलिस के मुताबिक 25 वर्षीय केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। लेकिन सिया, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले में घूमने के दौरान सिया और चेतन ने केतन को पहाड़ी से नीचे खाई में धक्का दे दिया था। इससे उसकी मौत हो गई।

हादसे से मर्डर मिस्ट्री तक पहुंची जांच

शुरुआत में इस मामले को महज एक दुर्घटना यानी पैर फिसलने से हुआ हादसा माना जा रहा था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स व फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला तो यह मामला पूरी तरह से हत्या में तब्दील हो गया। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अंतिम चार्जशीट दाखिल करने से पहले सभी उपलब्ध डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को गहनता से जांच रही है।