कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम विस्फोट हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। अल-काबी ने बताया, विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ। हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह एक हादसा था। इसमें किसी साजिश या जानबूझकर की गई हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे के कारणों की शुरू कर दी गई है। हादसे से जुड़ी दो तस्वीरें… राजधानी दोहा तक धमाके की आवाज सुनाई दी ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी। जहां हादसा हुआ, वह बरजान गैस प्लांट कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान का हिस्सा है। इसी इलाके से दुनिया के कई देशों को गैस भेजी जाती है। यहां से घरेलू बिजली संयंत्रों और उद्योगों को भी गैस सप्लाई होती है। भारतीय दूतावस बोला- कतर के अधिकारियों से संपर्क में दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। दूतावास ने +974-55647502 और +975-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग लापता हैं। ईरान जंग में रास लाफान की 2 यूनिट को नुकसान पहुंचा रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च में ईरान के मिसाइल हमले में रास लाफान की दो गैस यूनिट क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे कतर की गैस निर्यात क्षमता का करीब 17% हिस्सा प्रभावित हुआ था। कतरएनर्जी के CEO के मुताबिक, इन यूनिटों की पूरी मरम्मत में तीन से पांच साल लग सकते हैं। ईरान युद्ध के दौरान कंपनी को करीब 10 हजार कर्मचारियों को गैस संयंत्रों से हटाना पड़ा था। हालांकि मार्च में हुए मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, LNG प्लांट को दोबारा शुरू करना बेहद जटिल प्रक्रिया होती है और इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाता है, ताकि तापमान में अचानक बदलाव से उपकरणों को नुकसान न पहुंचे। ———————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया:अगले 60 दिन भारत भी खरीद सकता है, ईरान में फिर तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री पर लगी पाबंदियों में 60 दिन की ढील दे दी है। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Women T20I WC से बाहर होने वाली पहली टीम पाकिस्तान के कोच वाहब रियाज हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ हार के कारण काफी हताश दिखे थे। लगातार तीसरी हार के कारण पाकिस्तान इस महिला टी-20 विश्वकप से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई थी। पाकिस्तान को पहले भारत फिर ऑस्ट्रेलिया और फिर बांग्लादेश से भी 23 रनों की हार मिली। हालांकि टीम का माहौल देखें तो लगता है उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा है क्योंकि कोच और खिलाड़ी इंग्लैंड के रेस्टोरैंट में फास्ट फूड की दावत उड़ा रहे थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ है।
SHOCKING SCENES FROM ENGLAND.
– Pakistan’s women’s team & head coach Wahab Riaz were spotted enjoying fast food during the T20 World Cup.
– They later became the first team to be eliminated from the tournament. pic.twitter.com/SJE8zmKJUI
— Sheri. (@CallMeSheri1_) June 22, 2026
इससे पहले पाकिस्तान के कोच वहाब रियाज़ अपनी टीम के शनिवार को बांग्लादेश से हारने और आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद बहुत निराश थे।हैम्पशायर बाउल में बांग्लादेश के 123/6 के स्कोर का पीछा करते हुए एशियाई टीम लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाई। टी20 वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी हार का मतलब है कि पाकिस्तान अब नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर सकता।
हालांकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के अपने शुरुआती तीन मैचों में अपने बेहतरीन फ़ॉर्म की झलक दिखाई, लेकिन वहाब का मानना है कि दबाव पड़ने पर टीम ने खुद को निराश किया। वहाब ने कहा, “वर्ल्ड कप से बाहर होना बहुत निराशाजनक है क्योंकि हमारे नज़रिए से, मुझे अभी भी लगता है कि किसी दूसरी टीम ने आपको नहीं हराया है। आप खुद दूसरी टीमों से हारे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इसमें बड़ा फ़र्क है जब दूसरी टीमें अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करती हैं और आपको हरा देती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि दुर्भाग्य से पिछले तीनों मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाए और हमने ही मैच गंवाए।”
मुनीबा अली (25) और गुल फ़िरोज़ा (23) ने बांग्लादेश के स्कोर का पीछा करते हुए 49 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप करके पाकिस्तान को मज़बूत शुरुआत दी थी, लेकिन मिडिल-ऑर्डर के लड़खड़ाने से कप्तान फ़ातिमा सना (10) और निचले क्रम के बल्लेबाज़ों पर बहुत ज़्यादा दबाव आ गया और टीम विपक्षी टीम के स्कोर तक नहीं पहुँच पाई।

भारत ने महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स पर बड़ी जीत दर्ज की। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट की हार से उनका सेमीफाइनल खतरे में पड़ गया है।
भारत भले ही अभी दूसरे स्थान पर है और उसका रनरेट दक्षिण अफ्रीका से कहीं ज्यादा है तब भी भारत के अगले दो मुकाबले बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के अगले दो मुकाबले पाकिस्तान और नीदरलैंड्स से हैं। ऐसे में यह संभावित है कि भारत बांग्लादेश पर तो बड़ी जीत दर्ज करेगा लेकिन ऑस्ट्रेलिया से उसे कड़ी टक्कर मिलेगी। वहीं दक्षिण अफ्रीका अगले 2 मैच जीत के साथ रन रेट भी बढ़ाएगा। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का मैच करो या मरो वाला होगा।
दक्षिण अफ्रीका ने जीत के लिए 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.1 ओवर में चार विकेट पर 161 रन बनाकर दूसरी जीत दर्ज की जिससे टीम तालिका में चार अंक लेकर भारत (चार अंक) के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।
The Indian women’s team is staring at the league-stage exit this T20 World Cup, unless they beat Australia in their last league game or South Africa lose to Bangladesh. Both look highly unlikely.
Disappointing. Sad. But not unexpected.
India won 50-overs World Cup but in T20s…— Vikrant Gupta (@vikrantgupta73) June 21, 2026
India have a lot of batting and bowling skills but at this level, you have to be an athlete and you have to catch. India have been shocking in the field.
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) June 21, 2026
India have a lot of batting and bowling skills but at this level, you have to be an athlete and you have to catch. India have been shocking in the field.
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) June 21, 2026
Yeah, it's over. Well played, South Africa. Group A is now getting interesting.
India, South Africa, Bangladesh are tied with 4 points and 2 more matches to go for each of them. pic.twitter.com/95VjYGxaE9
— Silly Point (@FarziCricketer) June 21, 2026
स्पिन आक्रमण की योजना हुई विफल
भारत की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन गेंदबाजों की रणनीति शुरुआत में ही सफल होती हुई दिखी जैसे जैसे मैच आगे बड़ा लेग स्पिनर्स पर 48 फीसदी डॉट गेंदें खेलने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम ने बड़े शॉट्स खेलने आरंभ किए। ऐसे में अब टीम यह सोचेगी कि क्या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी यह नीति ठीक रहेगी।
भारत के लिए एकमात्र स्पिनर श्री चरणी ही सफल रही।बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने चार ओवर में एक मेडन से 24 रन देकर तीन विकेट झटके। श्री चरणी ने छठे ओवर में 25 रन पर दक्षिण अफ्रीका को दोहरे झटके दिए। उन्होंने खतरनाक लौरा वोलवार्ट (20 रन) को आउट करने के दो गेंद बाद एनेरी डर्कसेन (शून्य) को आउट कर दिया। शेफाली वर्मा ने भी 1 विकेट लिया और 4 ओवर में 22 रन दिए।
मुख्य ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 44 रन और डेब्यू करने वाली प्रेमा रावत ने 2 ओवरों में 21 रन दिए। ऐसे में टीम के पास अनुभवी गेंदबाज की कमी लग रही है।मुख्य तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने भी 3 ओवर में 29 रन दिए।
Congress vs Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर के हालिया कश्मीर दौरे ने उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की है कि उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की, जबकि उन्होंने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।
शशि थरूर ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान उन्हें सकारात्मक चीजें महसूस हुईं। इस केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ‘नालंदा डायलॉग्स’ के लिए श्रीनगर पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं।
कांग्रेस सांसद ने कहा, “श्रीनगर में! आज लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा कि लोक भवन के दौरे पर उन्होंने सकारात्मक पहल देखी।
उन्होंने आगे कहा, “जब मैं वहां पहुंचा, तो वह (सिन्हा) कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है, जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”
कांग्रेस हुई आगबबूला
कांग्रेस की J&K यूनिट ने इस बात पर निराशा जताई कि थरूर ने कश्मीर के लोगों या अपनी पार्टी के साथियों से मुलाकात नहीं की। JKPCC के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर की X पोस्ट के जवाब में लिखा, “कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें। कम से कम आप उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो उस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसे 7 साल पहले हमसे छीन लिया गया था।”
यह घटनाक्रम थरूर और उनकी अपनी पार्टी के बीच हुई तनातनी के ठीक बाद सामने आया है। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने को लेकर शनिवार को अपने नेता शशि थरूर की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के लिए प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह कटाक्ष भी किया कि अब वे शायद वह भी सुन सकते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ही नहीं। थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था। लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया।
थरूर ने क्या कहा था?
दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। साथ ही इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय कमर्शियल नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”
उन्होंने कहा, “जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।”
People of Kashmir too were expecting you to meet them to have a better understanding of the ground realities. Atleast could’ve spared sometime to meet own partymen fighting for statehood snatched from us 7 years ago.
— Ravinder Sharma (@RavinderJKPCC) June 21, 2026
खेड़ा का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी। फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।
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Explosion in Qatar: कतर के मुख्य नैचुरल गैस एक्सपोर्ट हब में एक जबरदस्त धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 54 लोग घायल हो गए और 18 लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के दौरान हुई है। तब हुई जब हालिया संघर्ष के दौरान ईरान के हमले के बाद कर्मचारी वहां काम फिर से शुरू कर रहे थे। सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के मुताबिक, धमाका रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ, जब एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। धमाके के बाद आग लग गई। हालांकि नुकसान का सही अंदाजा अभी नहीं लग पाया है।
अधिकारियों ने बताया है कि कतर की मुख्य लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी में हुए धमाके में 54 लोग घायल हो गए हैं और 18 लोग लापता हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए अंदरूनी धमाके के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए कतरी इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया गया था।
वायरल वीडियो में क्या है?
ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में अंधेरे आसमान के सामने दूर तक तेज़ लपटें उठती दिख रही हैं। आसमान में धुआं फैलता हुआ दिख रहा है और ऊपर एक छोटी सी चमकदार चीज भी दिखाई दे रही है। युद्ध के दौरान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना कंट्रोल मजबूत करने के बाद कतर ने गैस का उत्पादन रोक दिया था। इससे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को होने वाली सप्लाई में रुकावट आई थी।
जब संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत जारी रही और रणनीतिक जलमार्ग पर पाबंदियां कम हुईं, तो अधिकारियों ने एक्सपोर्ट टर्मिनल पर गतिविधियां फिर से शुरू करने का फैसला किया। हालांकि, रविवार रात काम फिर से शुरू करने की कोशिश एक हादसे में बदल गई, जब फैसिलिटी में धमाका हुआ और आग लग गई।
अधिकारियों ने शुरू में बताया था कि बहुत कम लोग घायल हुए हैं। लेकिन कई घंटों बाद, कतर के गृह मंत्रालय ने आंकड़ों में बदलाव करते हुए कहा कि कम से कम 54 लोग घायल हुए हैं और 18 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। इस घटना से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ सकती है, क्योंकि कतर नैचुरल गैस के दुनिया के प्रमुख एक्सपोर्टर्स में से एक है।
अधिकारियों ने पहले कहा था कि मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस टीमों ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी है। मिनिस्ट्री ने कहा कि फैसिलिटी से कोई लीकेज नहीं हुआ जिससे पब्लिक सेफ्टी को खतरा हो।
इंडस्ट्रियल हब को मैनेज करने वाली कतरएनर्जी ने कहा कि बरजान फैक्ट्री में धमाके के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया और फैसिलिटी में लगी आग पर काबू पा लिया गया। रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी दोहा से लगभग 80km (50 मील) उत्तर में है। यह दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी का घर है, जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा बनाती है।
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मार्च में कतर सरकार ने घोषणा की थी कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनने के बाद इंडस्ट्रियल हब को काफी नुकसान हुआ है। कतरएनर्जी ने हमलों के बाद अपनी सप्लाई की जिम्मेदारियों से खुद को आजाद करने के लिए अपने कुछ कॉन्ट्रैक्ट में फोर्स मेज्योर क्लॉज का इस्तेमाल किया। इससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के कस्टमर प्रभावित हुए।
LPG Price Today: LPG सिलेंडर के रेट आज सोमवार को ना तो बढ़े हैं और ना ही घटे हैं। आखिरी बार 7 जून को कंपनियों ने 29 रुपये की बढ़ोतरी घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में की थी। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में तब 42 रुपये से 53.50 रुपये का इजाफा हुआ था। अच्छी बात यह है कि अमेरिका-ईरान समझौते बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल हो गया है। ऐसे में भारत जो कि LPG के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है वो अब आसानी से इंपोर्ट कर पाएगा।
ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में दो बार इजाफा हुआ था। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम तब से अबतक 79% बढ़ चुके हैं।
शहरवार देखें कीमतें
| शहर | घरेलू सिलेंडर की कीमत | कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
| दिल्ली | 942.0 रुपये | 3113.5 रुपये |
| मुंबई | 941.5 रुपये | 3067.5 रुपये |
| कोलकाता | 968.0 रुपये | 3256.0 रुपये |
| चेन्नई | 957.5 रुपये | 3283.0 रुपये |
| बेंगलुरु | 944.5 रुपये | 3198.0 रुपये |
| आईजॉल | 1094.0 रुपये | 3598.5 रुपये |
| लखनऊ | 979.5 रुपये | 3236.0 रुपये |
| गाजियाबाद | 939.50 रुपये | 3113.50 रुपये |
| पटना | 1031.5 रुपये | 3400.5 रुपये |
भारत में LPG की कीमत पड़ोसी देशों से भी कम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत पड़ोसी और कई विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। नई दिल्ली में 14.2 किलों का एक सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है, जबकि पाकिस्तान में इसकी कीमत 1046 रुपये, नेपाल में 1207 रुपये, बांग्लादेश में 1225 रुपये और श्रीलंका में 1241 रुपये, अमेरिका में 1755 रुपये, आस्ट्रेलिया में 1765 रुपये और कनाडा में 2411 रुपये हैं। उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को यही सिलेंडर 642 रुपये में मिलता है, जो इन देशों के मुकाबले बेहत कम है।
सऊदी अरामको ने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट प्राइस
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने जून महीने के लिए LPG के आधिकारिक विक्रय मूल्य (OSP) में 1% से 3% तक की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने प्रोपेन की कीमत में 10 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन की कीमत में 20 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा किया है। इसके बाद प्रोपेन का नया भाव 760 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन का 820 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया है।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा बंद होने की आशंकाओं ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में गैस की कीमतों को बढ़ावा मिल रहा है।
क्या होगा असर?
सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में हुई इस बढ़ोतरी का असर सरकारी खाजने के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा। अगर अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में इसी तरह गैस के दाम ऊंचे स्तर पर बने रहे, तो हो सकता है कि 1 जुलाई को सरकारी तेल कंपनियों की अगली समीक्षा बैठक में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर से बढ़ोतरी कर दी जाए।
बता दें कि सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस एक अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क रेट है, जिस पर सऊदी अरामको हर महीने दुनिया भर के देशों को एलपीजी बेचती है। चूंकि सऊदी अरब दुनिया में LPG का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है इसलिए इसके द्वारा तय की गई कीमत को दुनिया का एलपीजी का आधिकारिक रेट मान लिया जाता है।
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सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की संभावना है, जिसे GIFT Nifty से मिले अच्छे संकेतों और एशियाई बाज़ारों में बढ़त का सपोर्ट मिला है। हालांकि, US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों के सतर्क रहने की उम्मीद है।
GIFT Nifty सुबह 8.35 बजे 24,117.00 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से 68.50 पॉइंट या 0.31 प्रतिशत ज़्यादा है, जो घरेलू इक्विटी के लिए हल्की अच्छी शुरुआत का संकेत देता है। यह संकेत शुक्रवार को भारतीय बाज़ारों के पांच सेशन की बढ़त का सिलसिला टूटने के बाद आया है, जो एक्सेंचर के गाइडेंस में कटौती के बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में भारी बिकवाली से प्रभावित हुआ था।
19 जून को सेंसेक्स 607.08 पॉइंट्स या 0.78 फीसदी गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 154.90 पॉइंट्स या 0.64 फीसदी गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ। निफ्टी IT इंडेक्स 3.7 फीसदी गिरकर तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया और बेंचमार्क इंडेक्स पर सबसे बड़ी रुकावट बनकर उभरा।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रोग्रेस की खबरों के बाद सोमवार को एशियाई मार्केट मजबूती के साथ ऊपर कारोबार कर रहे थे। कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा कि बातचीत करने वालों ने 60 दिनों के अंदर फाइनल एग्रीमेंट के रोडमैप पर प्रोग्रेस की है, जिससे शांति प्रक्रिया के टूटने के डर को शांत करने में मदद मिली।
जापान का निक्केई पिछले हफ्ते लगभग 8 फीसदी बढ़ने के बाद 1.9 परसेंट बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 2.6 फीसदी और चढ़ा, जिससे सेमीकंडक्टर स्टॉक्स की वजह से हाल की रैली और बढ़ गई। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी की बढ़त हुई। जियोपॉलिटिकल सेंटिमेंट में सुधार ने भी कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त को रोकने में मदद की। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर लगभग $80 प्रति बैरल पर आ गया, जो शुरू में इस चिंता के कारण बढ़ा था कि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग पर रोक लगा दी है। US क्रूड लगभग $77.5 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
भारतीय बाजारों के लिए तेल एक अहम वैरिएबल बना हुआ है। हालांकि कीमतें हाल के निचले स्तर से वापस ऊपर आई हैं, लेकिन वे संघर्ष के चरम के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे हैं। भारतीय रुपया भी 11 हफ्तों में अपनी सबसे अच्छी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद इस हफ्ते मजबूत स्थिति में आ रहा है, जिसे कम कच्चे तेल की कीमतों और बेहतर बाहरी सेंटिमेंट का सपोर्ट मिला है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, US-ईरान बातचीत से जुड़े डेवलपमेंट के प्रति बाजार सेंसिटिव बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा, “भारतीय इक्विटी बाजार सावधानी के साथ खुल सकते हैं क्योंकि बातचीत की खराब शुरुआत की खबरों से संभावित US-ईरान शांति समझौते को लेकर उम्मीद कम हो गई है।” पोनमुडी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और बातचीत से जुड़े डेवलपमेंट दोनों पर करीब से नज़र रखेंगे।
पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो ने एक पॉजिटिव सरप्राइज दिया। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 19 जून को नेट बायर के तौर पर सामने आए, उन्होंने 4,859 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) लगातार 23 सेशन की खरीदारी के बाद नेट सेलर बन गए और 1,159 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। 24,100-24,200 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है, और इस बैंड के ऊपर लगातार मूव 24,400 की ओर रैली का रास्ता खोल सकता है। नीचे की तरफ, 23,900 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। उस ज़ोन से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर खिंच सकता है।
Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार
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ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहली ही बैठक में दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद सामने आ गए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने कहा कि आगे की बातचीत तभी संभव है जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष पूरी तरह खत्म हो। फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों पक्षों की अगली बैठक कब होगी। बातचीत में पाकिस्तान और कतर के अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। बीबीसी ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि, बातचीत में 3 अहम मुद्दों पर पेंच फंसा रहा। इनमें होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलने को लेकर ईरान के अलग-अलग बयानों को स्पष्ट करना, दक्षिणी लेबनान में सीजफायर लागू कराना और परमाणु समझौते से जुड़ी बातें शामिल थीं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उसने लेबनान में हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका फिर से उस पर हमला कर सकता है। ईरान ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले हिजबुल्लाह को रोको, वरना फिर हमला करेंगे: ट्रम्प ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्लाह को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगा। 2. वेंस बोले- अमेरिका और ईरान मिलकर शांति के लिए काम करेंगे: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। 3. होर्मुज स्ट्रेट पर सस्पेंस के बीच अमेरिका बोला- 24 घंटे में 67 जहाज गुजरे: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के दावे के बावजूद अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि समुद्री यातायात जारी है। अमेरिका ने वैकल्पिक मार्ग भी खोला है और जहाजों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। 4. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4,100 के पार: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत और 12,153 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। 5. ईरान का दावा- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तानी चैनल एआरवाई न्यूज से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा, अगर हमें लगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है और पानी भी हमारी सुरक्षा का हिस्सा है तो हम निश्चित रूप से भारत के खिलाफ युद्ध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत तेजी से पाकिस्तान के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित करने की कोशिश करता दिखा तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। सिंधु जल समझौता स्थगित करने का पाकिस्तान पर असर पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है। पाकिस्तान के मंगल और तारबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
इंग्लैंड के द ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 253 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ कीवी टीम ने 3 मैचों की सीरीज में वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का फैसला ट्रेंट ब्रिज में खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी टेस्ट मुकाबले में होगा। इस मुकाबले के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में शीर्ष स्थानों पर कोई बदलाव नहीं हुआ।
ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि साउथ अफ्रीका दूसरे और श्रीलंका तीसरे नंबर पर कायम हैं। इस जीत ने न्यूजीलैंड की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल में अपनी मजबूत जगह बना ली है। वहीं इस जीत के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के टेबल में किस नंबर पर है।
भारतीय टीम कौन से स्थान पर
इस जीत का फायदा न्यूजीलैंड को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंक तालिका में भी मिला। टीम का पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) बढ़कर 66.67 हो गया, जिससे फाइनल की दौड़ में उसकी स्थिति और मजबूत हुई। वहीं इंग्लैंड को हार का नुकसान उठाना पड़ा और उसका PCT 37.88 से घटकर 34.72 रह गया। वहीं, इस मुकाबले के बाद दोनों टीमों की अंक तालिका में स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। श्रीलंका की टीम तीसरे स्थान पर है। वहीं भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की टेबल में 6वें स्थान पर ही है। भारत ने अब तक कुल 9 मैच खेले चुकी है। इंग्लैंड 7वें नंबर, पाकिस्तान 8वें और वेस्टइंडीज 9वें नंबर पर है।

कैसे कैलकुलेट होते हैं WTC पॉइंट्स
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में किसी टीम को जीत पर 12 अंक, टाई पर 6 अंक और ड्रॉ पर 4 अंक मिलते हैं। वहीं, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका कुल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) के आधार पर तय की जाती है। WTC के साइकिल के आखिर में टॉप दो टीमें 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सिर्फ मैच के नतीजे ही नहीं, बल्कि ओवर रेट भी टीमों की रैंकिंग पर असर डालता है।
वहीं अगर कोई टीम तय समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती, तो उसके अंक काटे जा सकते हैं। मौजूदा चक्र में इंग्लैंड के 2 अंक और पाकिस्तान के 8 अंक इसी वजह से कम किए गए हैं। इन कटौतियों का असर दोनों टीमों के पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) और अंक तालिका में उनकी स्थिति पर भी पड़ा है।

