Pakistan: कराची में बड़ा हमला, PAK रेंजर्स हेडक्वार्टर के पास ब्लास्ट, धमाकों के बाद हुई फायरिंग

पाकिस्तान के कराची में आत्मघाती हमले की खबर सामने आई है। कराची शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित रेंजर्स कराची के ऑफिस पर फिदायनी हमला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले ऑफिस के गेट पर धमाका किया, जिसके बाद पूरे इलाके में गोलीबारी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया।

अधिकारियों ने घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कराची के पूर्वी हिस्से की एक प्रमुख सड़क पर धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई थीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

कराची में धमाके और गोलीबारी की आवाज से मचा हड़कंप

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में यूनिवर्सिटी रोड स्थित मेटियोरोलॉजिकल चौराहे के पास लोगों ने पहले तेज धमाके की आवाज सुनी, जिसके बाद लगातार गोलीबारी होने की सूचना मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना ऐसे इलाके में हुई, जहां कई विश्वविद्यालय, पाकिस्तान मौसम विभाग का कार्यालय और पाकिस्तान रेंजर्स के दफ्तर मौजूद हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बचाव दल और सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। वहीं, स्थानीय मीडिया के अनुसार, इलाके में बीच-बीच में गोलीबारी की आवाजें भी सुनाई देती रहीं। फिलहाल धमाके की वजह, किसी के हताहत होने या इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इमरजेंसी सेवा रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को गुलिस्तान-ए-जौहर के ब्लॉक-5 के पास धमाके की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ने तुरंत बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया।

Women T20I WC: भारत के लिए करो या मरो का मैच, सामने अविजित ऑस्ट्रेलिया

AUSvsIND भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को लंदन के मशहूर लॉर्ड्स में अपने आखिरी विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 ग्रुप एक मैच में नंबर 1 ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी, जिसमें सेमीफाइनल में जगह पक्की होगी। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने अपने चारों मैच शानदार तरीके से जीतकर महिलाT20 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में लगभग जगह पक्की कर ली है।

ऑस्ट्रेलिया विमेंस टीम का नेट रन रेट (एनआरआर) 4.724 है, जो इंडिया के 2.268 से दोगुने से भी ज़्यादा है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया आगे बढ़ने की मज़बूत स्थिति में है, लेकिन बंगलादेश के ख़िलाफ़ दक्षिण अफ़्रीका की बड़ी जीत के साथ एक बहुत बड़ी हार भी एनआरआर को काम में ला सकती है।

ऐसा है सेमीफाइनल का समीकरण 

भारत, जो दुनिया की नंबर 3 टीम है, ग्रुप एक स्टैंडिंग में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और बंगलादेश पर जीत के बाद चार मैचों में छह पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि उसे दक्षिण अफ़्रीका से एकमात्र हार मिली है। इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की ऑस्ट्रेलिया पर जीत से सेमीफ़ाइनल में जगह लगभग पक्की हो जाएगी, चाहे बंगलादेश बनाम दक्षिण अफ़्रीका का रिज़ल्ट कुछ भी हो।

अगर इंडिया हार जाता है, तो हरमनप्रीत कौर की टीम को रेस में बने रहने के लिए दिन में पहले साउथ अफ़्रीका को हराने के लिए बांग्लादेश की ज़रूरत होगी। इंडिया का बेहतर नेट रन रेट भी उन्हें प्रोटियाज़ ( 0.734) और बांग्लादेश (-0.849) पर काफ़ी बढ़त देता है।

यह मैच लॉर्ड्स में इंडिया का पहला विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैच भी होगा। ऑस्ट्रेलिया ने पहले भी इस मशहूर जगह पर एक महिला टी20 खेला है, लेकिन 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ हार गई थी। ऑस्ट्रेलिया पूरे टूर्नामेंट में ऐसी टीम लग रही थी जिसे हराना मुश्किल होगा, उसने चारों मैचों में शानदार जीत दर्ज की। फिर भी, उनका कोई भी खिलाड़ी अभी टूर्नामेंट के टॉप 10 रन बनाने वालों या विकेट लेने वालों में शामिल नहीं है, जो छह बार की चैंपियन टीम की गहराई और हरफनमौला ताकत को दिखाता है।

भारत के लिए, उप-कप्तान स्मृति मंधाना चार पारियों में 167 रन बनाकर सबसे सफल बैट्समैन रही हैं, जबकि बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी 12 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों में टॉप पर हैं।

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे ज़्यादा योगदान देने वालों में एलिस पेरी रही हैं, जिन्होंने 127 रन बनाए हैं, और सोफी मोलिनक्स ने छह विकेट लिए हैं। भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल की मुलाकातों से भी कॉन्फिडेंस मिलेगा। उन्होंने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज़ जीतने से पहले 2025 विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम को बाहर कर दिया था।

ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारत पर भारी

महिला टी 20 इंटरनेशनल मैचों में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारत पर भारी है, उन्होंने अपने 37 मैचों में से 27 जीते हैं। भारत ने नौ मैच जीते हैं जबकि एक मैच टाई रहा। ऑस्ट्रेलिया महिला टी20 वर्ल्ड कप हेड-टू-हेड में 5-1 से आगे है, जिसमें 2020 फ़ाइनल और 2023 सेमीफ़ाइनल में जीत शामिल हैं। स्मृति मंधाना ने विमेंस टी 20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की एकमात्र जीत में 83 रन बनाए थे, जो वेस्ट इंडीज़ में हुए 2018 एडिशन के ग्रुप स्टेज के दौरान मिली थी।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव।

ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।

समय: शाम 7:00 बजे

Earthquake : दिल्ली-NCR में हिली धरती, महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके

दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई हिस्सों में शनिवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस् में था।  रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई।

भारत समेत कई देशों में हिली धरती

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, अफगानिस्तान में आए भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई में था। यह भूकंप उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान के कलाफगन शहर से करीब 81 किलोमीटर दूर आया। भूकंप के झटके सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहे। पाकिस्तान, भारत, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिज़स्तान और तुर्कमेनिस्तान समेत कई देशों में भी लोगों ने कंपन महसूस की।

खबर अपडेट हो रही है।

Shoaib Akhtar: शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में दिखे लश्कर के आतंकी, पाक का नापाक चेहरा फिर हुआ एक्सपोज

पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ उनका रिश्ता एक बार उजागर हुआ है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार में एक बेहद ही हैरान कर देने वाला नजारा दिखा।  बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े कुछ लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। शाहिद अख्तर की 24 जून को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर आतंकी

रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक सहयोगी माना जाता है, की ओर से जारी एक वीडियो में अंतिम संस्कार में शामिल कुछ ऐसे लोग भी दिखाई दिए, जिन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की तस्वीरों में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के कई वरिष्ठ नेता भी दिखाई दिए। इनमें इस्लामाबाद के प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला टूर, क्षेत्रीय महासचिव हाफिज उमर और खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी शामिल थे। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी भी मौजूद था। रिपोर्ट में उसे 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।

पाकिस्तान का ‘टेरर लव’ फिर उजगर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की राजनीतिक शाखा मानी जाने वाली पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेताओं की मौजूदगी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों को मिलने वाले कथित संरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने बड़े भाई शाहिद अख्तर के निधन की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि उनके भाई “अल्लाह के पास लौट गए हैं” और अंतिम संस्कार की नमाज का समय भी बताया। हालांकि, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर सामने आई खबरों पर शोएब अख्तर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है। माना जा रहा है कि इस ताजा मामले के बाद सीमा पार आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई देता है कि पाकिस्तान की सेना उसे कई आधिकारिक कार्यक्रमों में बुलाती है। वीडियो में वह यह दावा भी करता है कि उसे सैन्य कर्मियों के अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाया जाता है।

जल्द भारत आने वाले है ट्रंप! अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान, फाइनल स्टेज में है ‘ट्रेड डील’

India-US Relations: भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर एक बड़ा पॉजिटिव अपडेट आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

समाचार एजेंसी ‘आईएएनएस’ से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहद शानदार चल रहे हैं। ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर उन्होंने कहा, ‘हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत आएं। भारत और अमेरिका बेहद करीबी पार्टनर और सहयोगी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच के रिश्ते इससे बेहतर नहीं हो सकते, जो कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।’

राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप का पहला भारत दौरा!

अगर यह दौरा तय समय पर होता है, तो व्हाइट हाउस में दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की यह पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रंप फरवरी 2020 में भारत आए थे। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर एक द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जो पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 12-13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका का दौरा किया था। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी की वह पहली अमेरिकी यात्रा थी, जिसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई थी।

ट्रेड डील पर कहां फंसा है पेंच?

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन भारतीय वार्ताकार कुछ शर्तों पर पूरी स्पष्टता चाहते हैं:

धारा 301 टैरिफ: भारत ने अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत लगाए जाने वाले टैरिफ पर अधिक स्पष्टता मांगी है। भारतीय पक्ष का तर्क है कि डील फाइनल होने से पहले भारत को अन्य व्यापारिक साझेदारों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलनी चाहिए।

अमेरिकी ट्रेजरी का रुख: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि ये टैरिफ धारा 301 के तहत पिछले स्तरों पर वापस आ जाएंगे।

हाल के महीनों में क्यों बढ़ा था तनाव?

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में कुछ खटास देखी गई थी, जिसे सुधारने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के सिलसिले में भारत आए हुए हैं:

रूसी तेल और भारी टैरिफ: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारतीय आयातों पर कुल 50% का भारी टैरिफ लगा दिया था। इसमें 25% का पारस्परिक टैरिफ और भारत द्वारा रूस से लगातार तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25% का अतिरिक्त जुर्माना शामिल था, जो 27 अगस्त 2025 से लागू हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद, वर्तमान में भारतीय निर्यातों पर केवल 10% का बेसलाइन टैरिफ लग रहा है, जबकि वाशिंगटन अपनी व्यापार नीतियों की समीक्षा कर रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी हैं वैचारिक मतभेद

व्यापार के अलावा दोनों देशों के बीच एक अन्य कूटनीतिक मतभेद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर भी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उन्होंने ही भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया था।

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को हमेशा सिरे से खारिज किया है। भारत का स्पष्ट स्टैंड है कि यह सीजफायर दोनों देशों के बीच बिना किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के, सीधे डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत के जरिए हुआ था।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप, गहराई 35 किलोमीटर; कोई नुकसान नहीं

पाकिस्तान में शनिवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। यूरो-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, भूकंप की गहराई करीब 35 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों का आकलन किया जा रहा है।

सेन फ्रांसिस्को की टीम से एक साथ नहीं खेले यह भारत पाक खिलाड़ी

मेजर क्रिकेट लीग में सेन फ्रांसिस्को की टीम में भारत के रविचंद्रन अश्विन और पाकिस्तान के हारिस राउफ शामिल है। लेकिन अभी तक एक बार भी सेन फ्रांसिस्को की टीम में दोनों एक साथ नहीं खेलने उतरे।

टूर्नामेंट के पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन ने मैच नहीं खेला था लेकिन हारिस राउफ अंतिम ग्यारह में थे। ऐसे ही दूसरे मैच में रविचंद्रन अश्विन को टीम में मौका दिया लेकिन हारिस राउफ मैदान पर नहीं दिखे। ऐसे में तीसरे मैच में एक बार वही स्थिति सामने आई रविचंद्रन अश्विन बाहर बैठे थे और हारिस राउफ मैदान पर थे।

इस वाक्ये से कई फैंस ने अंदाजा लगाना शुरु कर दिया कि कहीं रविचंद्रन अश्विन ने तो यह फ्रैंचाइजी को नहीं बताया कि उन्हें किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ नहीं खेलना। अगर ऐसा होता है तो भारत में इस बात पर विवाद शुरु हो सकता है।

गौरतलब है कि रविचंद्रन अश्विन उस मैच का हिस्सा थे जिसमें विराट कोहली ने हारिस राउफ को लगातार 2 छक्के मारकर भारत को टी-20 विश्वकप में अविश्वसनीय जीत दिलाई थी। इस मैच को रविचंद्रन अश्विन ने चौका मारकर खत्म किया था।

भारत पाकिस्तान के भू राजनैतिक संबंध पिछले साल से ठीक नहीं रहे है। पहलगाम हमले के बाद औपरेशन सिंदूर के बाद दोनों ही देश में खेल के मैदान पर दूरी हो चली है। यही कारण है कि किसी भी टूर्नामेंट में जब यह दोनों देश आपस में भिड़ते हैं तो कप्तान एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाते।


₹250 वाला काम अब सिर्फ ₹13 में… विदेशी बाजारों में अब तहलका मचाएंगे भारतीय आम, पाकिस्तान को लगेगा बड़ा झटका!

Mango Export: कुछ दिनों पहले ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने जिसमें अमेरिका के बाजारों में भारतीय आमों के लिए खूब डिमांड का जिक्र था। हालांकि, भारत में ₹50-₹100 किलो मिलने वाले आम US में करीब ₹1900 के चार पीस बिक रहे थे। इतने मंहगे प्राइस को लेकर खूब बहस हो रही थी। इन्हीं सब के बीच भारतीय आम के शौकीनों के साथ-साथ विदेशी बाजारों के लिए भी एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत से विदेशों में आम भेजने का खर्च, जो अब तक ₹250 प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाता था, वह अब घटकर महज ₹13 से ₹20 प्रति किलोग्राम रह गया है।

भारत ने समुद्र के रास्ते सिंगापुर को आमों की एक बड़ी खेप सफलतापूर्वक भेजकर लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इस क्रांतिकारी बदलाव से न सिर्फ भारतीय आमों का निर्यात कई गुना बढ़ जाएगा, बल्कि विदेशी बाजारों में पाकिस्तान और अन्य देशों के आमों के मुकाबले भारतीय आम बेहद प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो जाएंगे।

अब तक क्यों महंगा था आम का एक्सपोर्ट?

अब तक भारत से प्रीमियम क्वालिटी के आमों जैसे- हापुस, दशहरी, लंगड़ा, चौंसा का निर्यात मुख्य रूप से हवाई जहाज के जरिए होता था। हवाई सफर के कारण केवल ट्रांसपोर्टेशन की लागत ही ₹150 से ₹250 प्रति किलोग्राम तक आ जाती थी। इसके चलते विदेशों में भारतीय आम काफी महंगे बिकते थे और आम निवेशक या निर्यातक ज्यादा मात्रा में ट्रेडिंग नहीं कर पाते थे।

लेकिन, समुद्र के रास्ते किए गए इस सफल ट्रायल ने गेम ही बदल दिया है। अब यह खर्च सीधे ₹13 से ₹20 प्रति किलो पर सिमट गया है, जो कि पहले के मुकाबले लगभग 90% से भी ज्यादा सस्ता है।

कैसे मुमकिन हुआ यह कारनामा?

समुद्र के रास्ते आम भेजने में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कई दिनों के सफर में आम सड़ या गल न जाएं। इस चुनौती को पार करने के लिए लखनऊ स्थित ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर ने ‘एपीडा’ (APEDA) के साथ मिलकर एक खास वैज्ञानिक ‘सी-शिपमेंट प्रोटोकॉल’ तैयार किया।

इस स्पेशल प्रयोग के तहत आंध्र प्रदेश से 4.3 टन बंगनपल्ली आमों को एक खास रीफर कंटेनर (रेफ्रिजरेटेड कंटेनर) में रखकर समुद्र के रास्ते सिंगापुर भेजा गया। वैज्ञानिकों ने इन तकनीकों का इस्तेमाल किया:

FUSICONT बायो-कंट्रोल तकनीक: वैज्ञानिकों ने बागों में फल लगने से लेकर कटाई तक अपनी खास तकनीक से निगरानी की ताकि आम पूरी तरह से केमिकल और पेस्टिसाइड रेजिड्यू-फ्री रहें।

हॉट वाटर और CISH-Met Wash ट्रीटमेंट: कटाई के बाद आमों को CISH द्वारा विकसित खास वॉश तकनीक और हॉट वाटर ट्रीटमेंट से गुजारा गया। इससे आमों की ‘शेल्फ लाइफ’ यानी खराब न होने की अवधि बढ़ गई और उनमें कोई बीमारी नहीं लगी।

30 दिनों तक नहीं खराब होंगे आम: इस तकनीक की मदद से समुद्र के ठंडे तापमान में भी आमों की लाइफ को 30 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। सिंगापुर पहुंचने में इस कंसाइनमेंट को 16 दिन लगे और जब वहां कंटेनर खुला, तो आम बिल्कुल ताजा और बेहतरीन कंडीशन में मिले।

क्यों बेहद महत्वपूर्ण है यह सफलता?

नए और बड़े बाजारों पर कब्जा: अब तक भारतीय आम सिर्फ कुछ प्रीमियम विदेशी स्टोर्स तक ही सीमित थे। लेकिन अब लागत कम होने से भारतीय एक्सपोर्टर्स सिंगापुर, मलेशिया, हॉन्गकॉन्ग जैसे बाजारों में अपनी धाक जमा सकते हैं, जहां आम का आयात करीब $4-5 मिलियन का है। इसके अलावा, भारत संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े मार्केट को भी टारगेट कर सकता है, जिसका बाजार $20-25 मिलियन का है।

किसानों की बढ़ेगी आमदनी: लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में इतनी बड़ी कटौती का सीधा फायदा आम उत्पादक किसानों और एक्सपोर्टर्स को मिलेगा। वे अब बिना किसी नुकसान के डर के भारी मात्रा में आम विदेशों में मुनाफे के साथ बेच सकेंगे।

यहां सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा किसानों को आम का दाम, तोतापरी की हजारों एकड़ की खेती पेड़ पर ही सड़ने को छोड़ी!

दावा-स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी आर्मी चीफ को मारने का प्लान था:पीस डील में शामिल होने गए थे, PAK की धमकी के बाद फैसला बदलना पड़ा

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने स्विट्जरलैंड में ईरान शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन की हत्या की साजिश रची थी। यह दावा ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने एक पॉडकास्ट में किया है। पत्रकार के दावे के मुताबिक पाकिस्तानी अधिकारियों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने धमकी दी जिसके बाद इजराइल को अपना प्लान बदलना पड़ा। यह दावा उस समय से जुड़ा है जब पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मौजूद थे। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया के संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत का पहला दौर पूरा हुआ था। दावा- पाकिस्तान ने इजराइल को धमकी भरा मैसेज भेजा पॉडकास्ट के दौरान पॉलिटिकल कमेंटेटर मारियो नॉफल के पॉडकास्ट में एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी सेना को बेहद विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर मोसाद हमला करने की तैयारी कर रहा है। एस्कोबार ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में इजराइल को जगह नहीं मिली, इसलिए वह इस प्रक्रिया से खुश नहीं था। उनका यह भी कहना है कि लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान ने शांति समझौते की राह और मुश्किल बना दी। एस्कोबार ने आगे कहा इस साजिश की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान ने इजराइल को चेतावनी भी भेजी थी। उनके मुताबिक यह मैसेज शायद ओमान के जरिए पहुंचाया गया था। इसमें पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि अगर पाकिस्तानी डेलिगेशन को कुछ हुआ तो इजराइल को नक्शे से मिटा दिया जाएगा। हालांकि यह दावा सामने आते ही पाकिस्तान की ओर से इसे खारिज कर दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने साजिश से इनकार किया एआरवाई न्यूज के चेयरमैन कमरान खान ने एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि यह आरोप पूरी तरह बकवास और निरर्थक है। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असिम मुनीर का पूरा स्विट्जरलैंड दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार और बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ। अधिकारी के मुताबिक दौरे के दौरान किसी भी समय कोई सुरक्षा अलर्ट जारी नहीं किया गया था। न स्विट्जरलैंड की सुरक्षा एजेंसियों ने और न ही अमेरिकी सुरक्षा टीमों ने किसी संभावित खतरे को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि लूसर्न में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था पूरे समय सामान्य और पूरी तरह सक्रिय रही। किसी तरह की हत्या की साजिश या सुरक्षा खतरे की कोई जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने इसे काल्पनिक कहानी बताया। पाकिस्तान आज भी इजराइल को देश नहीं मानता इजराइल और पाकिस्तान लंबे समय से एक-दूसरे को विरोधी मानते रहे हैं। दोनों देशों के बीच कोई रणनीतिक साझेदारी नहीं है। पाकिस्तान आज भी इजराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों पर चर्चा के दौरान इजराइल की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने इजराइल को बुराई और मानवता के लिए अभिशाप बताया था। साथ ही उस पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न इस्लामी देश है। वहीं, इजराइल को भी परमाणु शक्ति माना जाता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के इन बयानों पर इजराइली अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए सवाल उठाया था कि जब पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं, तो क्या इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। पाकिस्तान के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म डी करंट के अनुसार, कई पत्रकारों ने इस कहानी को निराधार और तथ्यों से रहित बताया।

दावा-स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी आर्मी चीफ को मारने का प्लान था:पीस डील में शामिल होने गए थे, PAK की धमकी के बाद फैसला बदलना पड़ा

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने स्विट्जरलैंड में ईरान शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन की हत्या की साजिश रची थी। यह दावा ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने एक पॉडकास्ट में किया है। पत्रकार के दावे के मुताबिक पाकिस्तानी अधिकारियों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने धमकी दी जिसके बाद इजराइल को अपना प्लान बदलना पड़ा। यह दावा उस समय से जुड़ा है जब पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मौजूद थे। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया के संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत का पहला दौर पूरा हुआ था। दावा- पाकिस्तान ने इजराइल को धमकी भरा मैसेज भेजा पॉडकास्ट के दौरान पॉलिटिकल कमेंटेटर मारियो नॉफल के पॉडकास्ट में एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी सेना को बेहद विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर मोसाद हमला करने की तैयारी कर रहा है। एस्कोबार ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में इजराइल को जगह नहीं मिली, इसलिए वह इस प्रक्रिया से खुश नहीं था। उनका यह भी कहना है कि लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान ने शांति समझौते की राह और मुश्किल बना दी। एस्कोबार ने आगे कहा इस साजिश की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान ने इजराइल को चेतावनी भी भेजी थी। उनके मुताबिक यह मैसेज शायद ओमान के जरिए पहुंचाया गया था। इसमें पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि अगर पाकिस्तानी डेलिगेशन को कुछ हुआ तो इजराइल को नक्शे से मिटा दिया जाएगा। हालांकि यह दावा सामने आते ही पाकिस्तान की ओर से इसे खारिज कर दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने साजिश से इनकार किया एआरवाई न्यूज के चेयरमैन कमरान खान ने एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि यह आरोप पूरी तरह बकवास और निरर्थक है। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असिम मुनीर का पूरा स्विट्जरलैंड दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार और बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ। अधिकारी के मुताबिक दौरे के दौरान किसी भी समय कोई सुरक्षा अलर्ट जारी नहीं किया गया था। न स्विट्जरलैंड की सुरक्षा एजेंसियों ने और न ही अमेरिकी सुरक्षा टीमों ने किसी संभावित खतरे को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि लूसर्न में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था पूरे समय सामान्य और पूरी तरह सक्रिय रही। किसी तरह की हत्या की साजिश या सुरक्षा खतरे की कोई जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने इसे काल्पनिक कहानी बताया। पाकिस्तान आज भी इजराइल को देश नहीं मानता इजराइल और पाकिस्तान लंबे समय से एक-दूसरे को विरोधी मानते रहे हैं। दोनों देशों के बीच कोई रणनीतिक साझेदारी नहीं है। पाकिस्तान आज भी इजराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों पर चर्चा के दौरान इजराइल की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने इजराइल को बुराई और मानवता के लिए अभिशाप बताया था। साथ ही उस पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न इस्लामी देश है। वहीं, इजराइल को भी परमाणु शक्ति माना जाता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के इन बयानों पर इजराइली अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए सवाल उठाया था कि जब पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं, तो क्या इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। पाकिस्तान के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म डी करंट के अनुसार, कई पत्रकारों ने इस कहानी को निराधार और तथ्यों से रहित बताया।