NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

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NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

NEET UG 2026 Re-exam: कई उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद स्नातक स्तरीय नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET UG) 2026 अब अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की जारी कर सकता है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी फाइनल आंसर की जारी होने के बाद उसे चेक कर सकेंगे। फाइनल आंसर की के बाद, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट भी जल्द ही जारी किया जाएगा।

कैंडिडेट फाइनल आंसर की जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रोविजनल आंसर की में उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन को देखने के बाद तैयार की जाएगी। परीक्षार्थी अपनी लॉगिन डिटेल्स, आवेदन संख्या और जन्म तिथि का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की ओएमआर रिस्पॉन्स शीट, फाइनल आंसर की और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जरूरी तारीखें

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से जुड़ी जरूरी तारीखें और इवेंट्स नीचे दी गई टेबल में हैं :

जानकारी तारीख

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख : 21 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम प्रोविजनल आंसर की : 25 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जल्द आने की उम्मीद

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट : 20 जुलाई 2026 संभावित

आधिकारिक वेबसाइट : neet.nta.nic.in

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की कैसे डाउनलोड करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की लिंक पर क्लिक करें, यह होमपेज पर मिलेगा।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की पीडीएफ स्क्रीन पर दिखेगी।
  • सभी क्वेश्चन पेपर सेट के सही जवाब चेक करें।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य में इस्तेमाल के लिए सेव कर लें।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट बनाम फाइनल आंसर की

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जारी किए जाने वाले दो अलग-अलग डॉक्यूमेंट हैं। ओएमआर शीट उन जवाबों की स्कैन की हुई कॉपी होती है जिन्हें कैंडिडेट परीक्षा के दौरान मार्क करते हैं। इससे परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान दिए गए जवाबों को चेक कर सकते हैं और अनुमानित स्कोर पा सकते हैं।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की में आधिकारिक जवाब होते हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता और ऑब्जेक्शन विंडो के दौरान उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन से वेरिफाई किया जाता है। ओएमआर शीट सभी कैंडिडेट के लिए है और इसे तभी पाया जा सकता है जब वे अपनी डिटेल्स के साथ लॉगिन करें लेकिन फाइनल आंसर की सभी के लिए समान होती है। एनटीए इसका इस्तेमाल आंसर शीट को चेक और वेरिफाई करने और नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट तैयार करने के लिए करता है। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद, आगे कोई चैलेंज या ऑब्जेक्शन नहीं लिया जाएगा।

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UPTET 2026: upessc.up.gov.in से डाउनलोड करें यूपीटीईटी की प्रोविजनल आंसर की, 14 जुलाई तक दर्ज कराएं आपत्ति

UPTET 2026: 2 से 4 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 दे चुके परीक्षार्थियों के लिए अहम अपडेट है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपीटीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, अगर इस पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई तक चुनौती दे सकते हैं।

आंसर की आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। अभ्यर्थियों को इसे डाउनलोड करने के लिए अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन करना होगा। बता दें, इस साल यानी 2026 में यूपीटीईटी का आयोजन पहली बार यूपीईएसएससी ने किया था। यह परीक्षा चार साल के लंबे अंतराल के बाद 2 और 3 जुलाई को दो शिफ्ट में और 4 जुलाई को सिंगल शिफ्ट में आयोजित की गई थी। इसे पूरे प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सकुशल ढंग से संपन्न कराया गया।

अभ्यर्थी मास्टर सेट की प्रोविजनल आंसर-की पर 14 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। ऑनलाइन लिंक के अलावा अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आपत्ति पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है?

  • आयोग ने आपत्ति दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
  • अभ्यर्थियों को आयोग के पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
  • लॉगिन के लिए अनुक्रमांक और जन्मतिथि का उपयोग करना होगा।
  • संबंधित प्रश्न के खिलाफ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करनी होगी।
  • आयोग की वेबसाइट पर इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

एआई बेस्ड कैमरों से निगरानी

इस परीक्षा के लिए 19 लाख से अधिक आवेदन हुए थे। परीक्षा में टेक्नोलॉजी और एआई युक्त कैमरे का भरपूर इस्तेमाल किया गया। एआई कैमरे से कई जगह फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। तीन दिन में यूपी टीईटी परीक्षा में कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए।

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सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी ने संस्कृत छात्रों के लिए आयुर्वेद की पढ़ाई का नया रास्ता खोला, NEET-PA में प्रवेश के लिए करें

NEET-PA Applications 2026: शैक्षिक सत्र 2026-27 संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए बहुत खास होगा। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के लिए बड़ी और अहम पहल की घोषणा की है। संस्कृत शिक्षा को भारतीय ज्ञान व्यवस्था (IKS) के साथ जोड़ने और पारंपरिक चिकित्सा सेवा शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, नई दिल्ली स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी (CSU) ने प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट प्री-आयुर्वेद (NEET-PA) की घोषणा की है।

यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन छात्रों ने किसी मान्यता प्राप्त संस्कृत बोर्ड या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है, वे नीट-पीए में हिस्सा लेने के योग्य होंगे। सफल उम्मीदवारों को दो साल के प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। यह कोर्स बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) पाठ्यक्रम करने का एक शुरुआती स्तर है। इस पाठ्यक्रम के बाद प्रशिक्षिक छात्र नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के नियमों के अनुसार आयुर्वेद विशेषज्ञ के तौर पर क्वालिफाई कर सकेंगे।

सीएसयू के उप-कुलपति, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि इस प्रोग्राम को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (IKS) पहल के सोच के हिसाब से बनाया गया है। उन्होंने देखा कि संस्कृत छात्रों के पास प्राचीन आयुर्वेदिक साहित्य और संहिताओं को उनकी मूल भाषा में समझने के लिए एक मजबूत आधार होता है। गुरुकुल-आधारित एकेडमिक मॉडल से आयुर्वेद शिक्षा की प्रमाणिकता को मजबूत करने और इसकी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान में योगदान देने की उम्मीद है।

जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

परीक्षा नियंत्रक, प्रो. पवन कुमार ने बताया कि नीट-पीए के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जुलाई 2026 के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा। प्रवेश परीक्षा अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में देश भर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित करने का प्रस्ताव है। इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का कुल समय 7.5 साल होगा, जिसमें दो साल का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम, उसके बाद 4.5 साल का बीएएमएस डिग्री प्रोग्राम और एक साल की जरूरी रोटेटरी इंटर्नशिप शामिल है।

नीट-पीए के लिए योग्यता

किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, स्टेट संस्कृत बोर्ड या किसी बराबर के मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है। इसमें जनरल कैटेगरी के एप्लिकेंट्स के कम से कम 50% अंक होने चाहिए। जबकि SC, ST, OBC और PwD श्रेणी के उम्मीदवार को कम से कम 40% अंक लाने होंगे। 31 दिसंबर 2026 तक परीक्षार्थी की उम्र 15 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। प्रवेश नियमों के अनुसार, उम्र में कोई छूट नहीं मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

नीट पीए प्रवेश परीक्षा 150 मिनट के समय के साथ ऑफलाइन (OMR-बेस्ड) मोड में होगी। इसमें 120 मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs) होंगे, जिनमें से हर एक का एक नंबर होगा, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। क्वेश्चन पेपर संस्कृत, हिंदी और इंग्लिश में उपलब्ध होगा।

नीट पीए सिलेबस

यूनिवर्सिटी ने नीट पीए के लिए डिटेल्ड सिलेबस भी जारी किया है। सिलेबस में संस्कृत वाणमय (लिटरेचर), पुराण, इतिहास, व्याकरण और दर्शन शामिल हैं।

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JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026:जेईई मेन में आई 13.90 लाख रैंक, फिर भी मिला एनआईटी में प्रवेश, जानें किन मामलों में खराब रैंक नहीं बनती बाधा

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026: जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा देने वाले छात्रों और अभिभावकों के बीच एक आम धारणा होती है। अगर रैंक अच्छी नहीं होगी तो आईआईटी या एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। लेकिन जेईई मेन और एडवांस्ड की रैंक के आधार पर देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जेओएसएए (जोसा) काउंसलिंग के तीसरे राउंड में एक छात्र का एनआईटी में प्रवेश चर्चा का सबब बन गया है।

दरअसल, इस छात्र की जेईई मेन में रैंक 13,90,116 ऑल इंडिया रैंक आई थी। इसके बावजूद इसे एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच अलॉट हुई है। इस छात्र को एनआईटी मिजोरम में प्रवेश स्टेट कोटा के माध्यम से मिला है। इस खबर से ऐसे कुछ लोगों की सोच में बदलाव जरूर आया होगा, जो मानते हैं कि एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई मेन में बहुत अच्छी रैंक होना जरूरी है।

इस समय जोसा काउंसलिंग 2026 का तीसरा राउंड चल रहा है। इसके जरिए इस साल देश के 134 तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। इनमें आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी और जीएफअीआई शामिल हैं। इसी दौरान एक छात्र को इस बार होम स्टेट कोटे के तहत एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिली है। वहीं एक अन्य छात्रा को भी इस व्यवस्था का लाभ मिला है। यह आंकड़ा बताता है कि अगर किसी छात्र की रैंक बहुत पीछे भी हो, तब भी कुछ परिस्थितियों में एनआईटी में एडमिशन का अवसर मिल सकता है।

होम स्टेट कोटा से मिलता है फायदा

जोसा काउंसलिंग के तहत एनआईटी में प्रवेश के दौरान कुछ सीटें संबंधित राज्य के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटे के तहत आरक्षित रहती हैं। ऐसे में जिन राज्यों में आवेदकों की संख्या कम होती है, वहां कुछ ब्रांचों में अपेक्षाकृत अधिक रैंक वाले छात्रों को भी सीट मिल सकती है।

स्टेट कोटा में 14.97 लाख रैंक पर भी मिली छात्रा को सीट

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड के आंकड़ों के अनुसार, फीमेल पूल (Female Pool) और सुपर न्यूमरेरी सीटों को मिलाकर ओपन कैटेगरी की एक छात्रा को 14,97,038 रैंक पर एनआईटी मिजोरम में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ब्रांच अलॉट हुई है। यह सीट भी होम स्टेट कोटे के तहत मिली है।

लड़कों के 17,000 और लड़कियों के 27000 रैंक पर आईआईटी में प्रवेश

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड में जेंडर न्यूट्रल पूल के तहत आईआईटी (IIT) की सबसे आखिरी क्लोजिंग रैंक 17,102 रही। इस रैंक पर आईआईटी धनबाद में केमिकल साइंस ब्रांच में सीट मिली। वहीं, फीमेल पूल में आईआईटी की आखिरी क्लोजिंग रैंक 27,754 रही। इस पर आईआईटी जम्मू की मटेरियल साइंस एंड इंजियरिंग ब्रांच अलॉट की गई।

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CBSE Class 9 R3 evaluation: तीसरी भाषा का मूल्यांकन सिर्फ लिखने-पढ़ने पर नहीं बोलने और सुनने के आधार पर होगा, जानें कैसे मिलेंगे नंबर

CBSE Class 9 R3 evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों के लिए यह बड़ा और अहम अपडेट है। बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं कक्षा में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 3 भाषा नियम लागू किया है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा नौ की तीसरी भाषा (आर-3) के लिए नया असेसमेंट फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। बोर्ड ने मूल्यांकन के नियम तय किए हैं, जिसके तहत तीसरी भाषा में लिखने-पढ़ने की बजाय बोलने और सुनने में सर्वाधिक अंक मिलेंगे।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही की जाएगी। इसके तहत विभिन्न स्तर पर छात्रों का मूल्यांकन पूरे साल किया जाएगा। सीबीएसई के अनुसार यह पाठ्यक्रम एनसीईआरटी ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में भाषा को पहले सुनकर समझने और बोलने का आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे स्वाभाविक रूप से भाषा का प्रयोग कर सकें। सीबीएसई ने बताया है कि आर3 भाषा के लर्निंग रिसोर्स एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और सभी संबद्ध स्कूलों से इन्हें कक्षा शिक्षण में शामिल करने को कहा गया है।

R3 मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने अपनाई ‘ओरल फर्स्ट पेडागोजी’

बोर्ड ने 9वीं कक्षा में R3 के मूल्यांकन के लिए ‘ओरल-फर्स्ट पेडागोजी’ (मौखिक-प्रथम शिक्षण पद्धति) को अपनाया है। इसके 100 अंकों का स्कूल-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा। 9वीं कक्षा के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में सर्वाधिक 40 अंक सुनने और बोलने के कौशल के लिए जाएंगे। वहीं, तीसरी भाषा पढ़ने के कौशल के लिए 20 अंक रखे गए हैं। जबकि, रचनात्मक लेखन के लिए 15 अंक, पाठ्यपुस्तक आधारित लेखन के लिए 10 और प्रोजेक्ट वर्क के लिए 15 अंक तय किए गए हैं।

पूरे साल चलेगा सुनने और बोलने का मूल्यांकन

सीबीएसई बोर्ड की R3 के लिए बनाई गई नई व्यवस्था के तहत परीक्षार्थियों का सुनने और बोलने का मूल्यांकन पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विभिन्न कक्षा गतिविधियों के माध्यम से किया जाएगा। शिक्षकों को निर्धारित सूची में से किसी भी आठ गतिविधियों का मूल्यांकन करना होगा और प्रत्येक गतिविधि के लिए पांच अंक निर्धारित होंगे। इन गतिविधियों में सुनकर प्रश्नों के उत्तर देना, चित्र या घटना का वर्णन करना, समूह चर्चा, स्वयं एवं परिवार का परिचय देना, रोल प्ले, वाद-विवाद, दैनिक जीवन से जुड़े संवाद और अन्य मौखिक गतिविधियां शामिल हैं। यह मूल्यांकन 40 अंकों का होगा। बोर्ड ने स्कूलों को छात्रों की रुचि के अनुसार गतिविधियों का चयन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

R3 पढ़ने और लिखने के लिए 20 नंबर तय

बोर्ड ने R3 के पठन कौशल यानी रीडिंग स्किल के लिए 20 अंक निर्धारित किए हैं। इसमें अध्ययन सामग्री से लगभग 100-100 शब्दों के दो पठित गद्यांश दिए जाएंगे, जिन पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न, सही-गलत, रिक्त स्थान पूर्ति और अति लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, 15 अंक के रचनात्मक लेखन (क्रिएटिव राइटिंग) में 30-40 शब्दों का अनौपचारिक निमंत्रण या संदेश, चित्र वर्णन, 100 शब्दों तक की सरल कहानी और दैनिक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित संवाद लेखन शामिल होगा। इसके अतिरिक्त पाठ्य सामग्री पर आधारित लेखन कौशल के लिए 10 अंक तय हैं, जिनमें लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

R3 पर प्रोजेक्ट के लिए 15 नंबर और 5 नंकर का वाइवा

बोर्ड ने R3 के मूल्यांकन में 15 अंकों का प्रोजेक्ट वर्क भी अनिवार्य किया है। इसके लिए स्थानीय रीति-रिवाज, त्योहार, लोक कला, तकनीकी नवाचार, स्थानीय साहित्यकार या क्षेत्रीय संस्कृति जैसे विषय सुझाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रोजेक्ट का मूल्यांकन उसकी सजावट के आधार पर नहीं, बल्कि छात्र की मौलिकता, शोध, समझ और विषयवस्तु की गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा। प्रोजेक्ट के साथ पांच अंकों का मौखिक परीक्षण (वाइवा) भी होगा।

NEET UG Result 2026: 20 जुलाई को जारी होगा नीट यूजी रिजल्ट? जानें एनटीए अधिकारी ने क्या दिया अपडेट

Samay Raina: ‘असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाती…’, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में नीट पेपर लीक पर बोले समय रैना

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के लेटेस्ट एपिसोड में NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) पेपर लीक के मुद्दे पर बात की। यह सब तब शुरू हुआ जब शो में गेनी कामकी नाम की एक कंटेस्टेंट ने अपनी सिंगिंग का हुनर ​​दिखाया। अपनी परफॉर्मेंस के बाद, उन्होंने बताया कि वह गुवाहाटी से हैं और होम्योपैथी की स्टूडेंट हैं।

बातचीत के दौरान, कामकी ने बताया कि भले ही वह पहली बार मुंबई आई थीं, लेकिन कॉलेज में अटेंडेंस की वजह से उन्हें अगले ही दिन वापस जाना था। इस पर समय ने मजeक में उनसे एलोपैथी की पढ़ाई करने के लिए कहा। उन्होंने NEET पेपर लीक से जुड़े विवाद की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाते? अभी तो पेपर भी लीक हो गए हैं।”

एपिसोड का वह खास क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आते ही, कई लोगों ने एक अहम मुद्दे पर बात करने के लिए समय की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “कम से कम किसी सेलिब्रिटी में तो हिम्मत है।” दिलचस्प बात यह है कि समय रैना का यह कमेंट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके द्वारा कॉमेडियन की आलोचना करने और उन्हें ‘प्रिविलेज्ड’ (विशेषाधिकार प्राप्त) कहे जाने के कुछ दिनों बाद आया है। जानकारी के लिए बता दें कि CJP राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

दिपके ‘अनफिल्टर्ड बाय समदीश’ शो में आए थे, जहां उन्होंने कहा, “मैं ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में नहीं जाऊंगा। मुझे यह पसंद नहीं है। क्योंकि इसमें यह सोच है कि ‘हम क्यों लड़ें? हमें आसान रास्ता अपनाकर निकल जाना चाहिए’। आप इसलिए निकल पाते हैं क्योंकि आप प्रिविलेज्ड (सुविधा-संपन्न) हैं।”

वहीं, समय रैना पिछले महीने अपने विवादित शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीज़न के साथ लौटे। पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी शामिल थीं। शुक्रवार को रिलीज़ हुए दूसरे एपिसोड में हर्ष लिम्बाचिया, कीकू शारदा और चंदन प्रभाकर गेस्ट के तौर पर आए थे। ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर उपलब्ध है।

NEET UG Result 2026: 20 जुलाई को जारी होगा नीट यूजी रिजल्ट, जानें एनटीए अधिकारी ने क्या दिया अपडेट

NEET UG Result 2026: दो बार नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 दे चुके 22 लाख परीक्षार्थी अब रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन्हें एमबीबीएस एडमिशन और नए शैक्षिक सत्र शुरू होने में देरी की भी चिंता सता रही है। लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से एक राहत भरी खबर आ रही है। परीक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) को जानकारी दी है कि नीट यूजी 2026 रिजल्ट 20 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा।

हालांकि, एजेंसी ने अभी रिजल्ट की पक्की तारीख नहीं बताई है, लेकिन एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिजल्ट जल्द से जल्द जारी करने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारी ने स्टूडेंट्स को यह भी भरोसा दिलाया कि री-एग्जाम की वजह से हुई देरी के कारण एमबीबीएस शैक्षिक सत्र शुरू होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें, नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को हुआ था, जिसमें लगभग 22 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले, 03 मई 2026 को हुए नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों की वजह से कैंसिल कर दिया गया था।

अधिकारी ने कहा, “हम अभी कोई तारीख नहीं बताना चाहेंगे, लेकिन रिजल्ट 20 जुलाई तक आ जाएगा। आमतौर पर, एग्जाम के 45 दिनों के अंदर रिजल्ट घोषित कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार, क्योंकि हमने 37 दिनों में एग्जाम कराया है, इसलिए हम रिजल्ट बहुत पहले घोषित कर देंगे।” नीट यूजी री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की 25 जून को जारी की गई थी, और कैंडिडेट्स को 28 जून तक आपत्ति करने का समय दिया गया था। अधिकारी के मुताबिक, परीक्षार्थियों की ओर से करीब 10,000 चुनौतियां दी गई हैं।

एजेंसी अब फाइनल आंसर की और रिजल्ट तैयार करने से पहले हर ऑब्जेक्शन को रिव्यू कर रही है। अधिकारी ने आगे कहा, “हमें सभी चैलेंज को एक-एक करके स्कैन करना होगा, सपोर्टिंग एविडेंस की जांच करनी होगी और उनमें से हर एक का जवाब देना होगा।” एनटीए ने यह भी कहा कि री-एग्जाम के बावजूद, एमबीबीएस प्रवेश कार्यक्रम और नए शैक्षिक सत्र के शेड्यूल पर कोई असर नहीं होगा। हालांकि, काउंसलिंग टाइमटेबल अभी तक अनाउंस नहीं किया गया है।

नीट यूजी रिजल्ट घोषित होने के बाद, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ), एम्स, JIPMER, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगी। स्टेट अथॉरिटी बाकी 85% स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग शेड्यूल अलग से घोषित करेंगी। इस बीच, तमिलनाडु समेत कुछ राज्यों ने नीट यूजी 2026 रिजल्ट के इंतजार के बीच नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है।

काउंसलिंग के लिए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, काउंसलिंग फीस पे करनी होगी, और अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स भरने होंगे। सीटें नीट रैंक, श्रेणी, आरक्षण नियम, पसंद और सीट की उपलब्धता के आधार पर दी जाती हैं। सीट हासिल करने वाले उम्मीदवार को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रवेश के लिए अपने अलॉटेड कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा।

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JEE-NEET Exam: बदलने वाला है जेईई-नीट में दाखिले का तरीका, 12वीं के नंबरों को मिल सकता है 50% वेटेज

JEE-NEET Exam: जेईई और नीट परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले छात्रों को सरकार के इस फैसले से काफी राहत मिल सकती है। सरकार देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत आने वाले समय में जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा की मेरिट लिस्ट में 12वीं कक्षा के नंबरों की निर्णायक भूमिका हो सकती है। बोर्ड के नंबरों को मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 50% वेटेज दिया जा सकता है। समझा जा रहा है, इस कदम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर प्रदर्शन का दबाव कम होगा और स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी।

केंद्र सरकार ने पिछले साल शिक्षा मंत्रालय के तहत 9 सदस्यों की एक समिति का गठन किया था। इसे कोचिंग पर लगातार बढ़ती निर्भरता और डमी स्कूलों के चलन पर निगरानी के लिए किया गया था। ये समिति अब जेईई-नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा के जरिए मेडिकल-इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की व्यवस्था में संभावित सुधारों की समीक्षा कर रही है। इस समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेगी। उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यह रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।

अभी जहां, मेडिकल में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स को नीट यूजी परीक्षा देनी होती है। वहीं, इंजीनियरिंग के लिए स्टूडेंट्स जेईई देते हैं। इन एंट्रेंस एग्जाम में मिले स्कोर और कट-ऑफ मार्क्स के आधार पर पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। हालांकि, छात्रों को मेडिकल-इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग क्राइटेरिया भी पूरा करना होता है।

नीट और जेईई में बड़े बदलाव की तैयारी

यह प्रस्ताव पूरे देश में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर बार-बार उठ रही चिंताओं के बाद आया है। मूल्यांकन की गलतियों और कथित पेपर लीक ने मौजूदा प्रवेश व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब ऐसे तरीकों की जांच की जा रही है, जिनसे निष्पक्षता में सुधार हो सके और लोगों का भरोसा मजबूत हो सके। न्यूज एजेंसी पीटीआई को सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है। सूत्रों ने बताया, “जिन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एडमिशन या मेरिट लिस्ट तैयार करने में बोर्ड के नंबरों को 50% वेटेज देना, कोचिंग सेंटरों पर छात्रों की निर्भरता कम करने के लिए प्रवेश परीक्षाओं के सिलेबस को स्कूल के सिलेबस से बेहतर तरीके से जोड़ना, परीक्षा के लिए कई मौके देना और धीरे-धीरे कंप्यूटर आधारित ऑन-डिमांड टेस्ट की तरफ बढ़ना शामिल है।

सूत्रों ने कहा कि प्रस्ताव सिर्फ एक परीक्षा पर निर्भरता कम करने की कोशिश करता है। छात्रों को शैक्षिक प्रदर्शन के आकलन से फायदा हो सकता है। प्रवेश के दौरान बोर्ड परीक्ष के रिजल्ट भी उतने ही महत्वपूर्ण हो सकते हैं। प्रवेश परीक्षा का रोल अहम बना रहेगा, लेकिन उनका ओवरऑल असर तुलना में कम हो सकता है।

अभी क्या है प्रवेश व्यवस्था

अभी, मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रोग्राम में प्रवेश मुख्य रूप से प्रवेश परीक्षा के स्कोर के आधार पर होता है। छात्रों को बोर्ड एग्जाम में क्वालिफाइंग मार्क्स लाने होते हैं। वे बोर्ड मार्क्स अभी फाइनल एडमिशन मेरिट के बजाय एलिजिबिलिटी तय करते हैं। प्रस्तावित बदलाव इस लंबे समय से चले आ रहे एडमिशन फ्रेमवर्क को बदल सकते हैं। अगर इसे लागू किया जाता है, तो एकेडमिक कंसिस्टेंसी और एंट्रेंस परफॉर्मेंस, दोनों ही सिलेक्शन पर असर डालेंगे।

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NEET UG 2026 Bonus Marks Rules: नीट यूजी में फिजिक्स के बाद जुलॉजी के सवाल पर बढ़ा बवाल, फाइनल आंसर की से ‘ड्रॉप’ हो सकते हैं दो सवाल

NEET UG 2026 Bonus Marks Rules: 21 जून 2026 को नीट यूजी री-एग्जाम में हिस्सा लेने वाले परीक्षार्थी अब रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन रिजल्ट से पहले एनटीए इस परीक्षा की फाइनल आंसर की जारी करेगा। फाइनल आंसर की से जुड़ी एक खबर, जो परीक्षार्थियों को राहत पहुंचा सकती है। खबरों की मानें, तो फिजिक्स के बाद नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में जुलॉजी के पेपर में पूछे गए एक सवाल को लेकर बवाल मच गया है। विषय विशेषज्ञों ने दावा किया है कि इस सवाल के लिए दिए गए एमसीक्यू के चारों विकल्प गलत हैं। इसके बाद से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की से दो सवाल ‘ड्रॉप’ होने की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।

अगर ऐसा हुआ तो नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में शामिल सभी परीक्षार्थियों को सीधे 8 बोनस अंक मिलेंगे। बता दें, एनटीए ने 21 जून 2026 को हुई परीक्षा की अस्थायी आंसर की पर 28 जून तक आपत्तियां मांगी थी। एनटीए को तय समयसीमा में इस पर 10,000 से ज्यादा आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। एनटीए ने जहां परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट का मूल्याकंन शुरू कर दिया है। वहीं, विषय विशेषज्ञों ने फिजिक्स के बाद जुलॉजी विषय के एक सवाल पर उंगली उठा दी है। विशेषज्ञों का दावा है कि प्रश्नपत्र में दिए गए चारों विकल्प एनसीईआरटी की किताब से मेल नहीं खाते हैं।

कोटा के नीट विशेषज्ञें ने किया दावा

नीट की प्रोविजनल आंसर की पर कोटा के नीट एक्सपर्ट्स ने आपत्ति जताई है। इनका कहना है कि पेपर कोड 470 में जुलॉजी सेक्शन के प्रश्न संख्या 167 के दिए गए चार विकल्प बिल्कुल गलत हैं।

क्या कहता है एनटीए का नियम ?

नीट परीक्षा में एनसीईआरटी की किताबों से सवाल पूछे जाते हैं। इसलिए अगर कोई सवाल या उसके विकल्प टेक्स्टबुक से बाहर के हों तो एनटीए को उसे हटाना ही पड़ता है। मौजूदा हालात में फिजिक्स और जुलॉजी के दो सवालों पर बवाल बढ़ने पर ये ड्रॉप होने के कयास लगाए जा रहे हैं। एनटीए बैकएंड पर ही रिजल्ट में 8 बोनस नंबर जोड़ने का फॉर्मूला तैयार कर रहा है, जिससे रिजल्ट जारी करते समय कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो।

एनटीए का बोनस देने का फॉर्मूला

किसी सवाल पर बोनस नंबर देने के लिए एनटीए ने 4 बेहद स्पष्ट नियम बनाए हैं :

अगर कोई सवाल गलत है या सिलेबस से बाहर है तो उसे ड्रॉप कर दिया जाता है। इस स्थिति में सभी परीक्षार्थियों को 4 नंबर मिलते हैं, चाहे उन्होंने उस सवाल को किया हो या नहीं।

अगर किसी सवाल के दो उत्तर सही हैं तो सिर्फ उन्हीं छात्रों को नंबर मिलते हैं जिन्होंने उन दोनों सही विकल्पों में से किसी एक को चुना हो।

अगर सवाल के चारों विकल्प सही मान लिए जाएं तो उन सभी को नंबर मिलते हैं जिन्होंने सवाल हल करने की कोशिश की हो।

अगर चारों विकल्प गलत निकलते हैं तो यह सवाल भी ड्रॉप माना जाता है और सभी कैंडिडेट्स को बराबर 4 बोनस नंबर दे दिए जाते हैं।

इससे पहले फिजिक्स के 2 सवालों पर उठी थीं उंगलियां

जूलॉजी से पहले फिजिक्स के दो सवालों को पर छात्रों और विशेषज्ञों ने उंगली उठाई थी। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (EM Waves) वाले सवाल के 2 ऑप्शंस सही बैठ रहे हैं। ऐसे में उन दोनों में से किसी भी एक विकल्प को चुनने वाले छात्रों को नंबर दिए जाएंगे। वहीं, वर्नियर कैलिपर्स वाले दूसरे सवाल के चारों ही विकल्प गलत पाए गए हैं। इस वजह से फिजिक्स का सवाल ड्रॉप होना तय माना जा रहा है और इसके बदले सबको नंबर मिलेंगे।

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