इमरान की पार्टी और PAK सरकार की बातचीत आज:इस्लामाबाद मार्च टालने पर चर्चा; PTI की मांग- इमरान से मिलने दें, अस्पताल में इलाज कराएं

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच आज फिर बातचीत होगी। बैठक में 4 अक्टूबर को होने वाले PTI के इस्लामाबाद मार्च को टालने और राजनीतिक तनाव कम करने पर चर्चा होगी।
शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक हुई थी, लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई। PAK संसद स्पीकर अयाज सादिक के चैंबर में दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक में सरकार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और PTI के प्रतिनिधि शामिल होंगे। PTI ने मांग रखी है कि इमरान खान से तुरंत मुलाकात करने दी जाए। उन्हें ऐसे अस्पताल ले जाया जाए, जहां उनके निजी डॉक्टर उनकी जांच कर सकें। पार्टी ने इमरान की बहनों और प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों को रिहा करने की मांग भी की है। इसके अलावा, इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की मेडिकल जांच कराने और उनके खिलाफ चल रहे मामलों की बिना किसी दखल के सुनवाई करने की मांग रखी गई है। 4 अक्टूबर से इस्लामाबाद मार्च निकालने की तैयारी PTI ने पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने की घोषणा की थी। बाद में इसे एक हफ्ते टालकर 4 अक्टूबर कर दिया गया। जुल्फिकार बुखारी के मुताबिक, मार्च खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत में गांधी चौक से शुरू होगा। इसका पहला पड़ाव करक और दूसरा 5 अक्टूबर को कोहाट में होगा। इसके बाद मार्च पेशावर जिले में दाखिल होगा। मार्च को देखते हुए सरकार ने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी है। राजधानी में जाने वाले रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। शुक्रवार की बैठक में बातचीत के जरिए समाधान पर बात हुई सरकार और PTI के बीच शुक्रवार को हुई पहली बैठक में देश के राजनीतिक हालात और मतभेद दूर करने पर चर्चा हुई। तीनों पक्षों ने बातचीत से समस्याओं का हल निकालने पर जोर दिया। बैठक में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम शामिल हुई। इसमें गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी थे। PTI की ओर से पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान और पूर्व स्पीकर असद कैसर समेत कई नेता पहुंचे। वहीं, PPP की ओर से सैयद नदीम कमर, शेरी रहमान और एजाज जखरानी शामिल हुए। स्पीकर बोले- संसद में ही मुद्दों का समाधान संभव नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक दोनों पक्षों के बीच बातचीत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। देश के मुद्दों और मतभेदों को सुलझाने के लिए संसद ही सही मंच है। बैठक से पहले सरकार के प्रतिनिधि राणा सनाउल्लाह ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन से समस्याएं हल नहीं होतीं। बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि इमरान खान के खिलाफ चल रहे मामलों पर फैसला सरकार नहीं, अदालतें करेंगी। वहीं, PTI अध्यक्ष गौहर अली खान ने बातचीत सफल होने की उम्मीद जताई। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक वजहों से मामले दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं। उनका कहना है कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में ट्रम्प के बेटों की कंपनी ड्रोन यूनिट लगाएगी:3 साइट्स चुनीं; भारत की 4 फैक्ट्री तैयार, 3 बनाई जा रहीं, 2 प्रस्तावित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों से जुड़ी पॉवरस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की कंपनी ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में बम धमाका, 11 की मौत और 30 घायल

Pakistan bomb blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान में शनिवार को एक जबरदस्त धमाका हुआ। यह धमाका जिले के दाराजिंडा इलाके में अमन मेला पुलिस चेकपॉइंट को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले में कम से कम 11 लोगों के मारे जाने और 30 लोगों के घायल होने की खबर है। इस जबरदस्त धमाके ने सिक्योरिटी इंस्टॉलेशन को तबाह कर दिया, जिससे कई कर्मचारी और आम लोग मलबे के नीचे दब गए।

ब्लास्ट के तुरंत बाद आपात बचाव दल और सैन्यबल ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान ने ली है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी अमन मेला चेकपॉइंट की बाहरी दीवार से टकरा दी। धमाका इतना जोरदार था कि इसके असर से मेला चेकपॉइंट पूरी तरह से मलबे में बदल गया। धमाके के झटके से आस-पास की इमारतें टूट गईं और ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के किनारे खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।

अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाके में हुआ धमाका

अफगानिस्तान की सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित डेरा इस्माइल खान में अक्सर इस्लामी चरमपंथियों की हिंसा होती रही है, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता है। शनिवार को हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है।

‘रेस्क्यू 1122’ ने एक बयान में कहा कि धमाका जिले के दराजिंदा इलाके में अमन मेला के पास हुआ। सर्विस ने बताया कि दराजिंदा स्टेशन की रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को मेडिकल मदद दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इस महीने जिले में सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं होती रही हैं, जिनमें पाकिस्तानी तालिबान के हमले भी शामिल हैं।

हालांकि किसी भी मिलिटेंट ग्रुप ने ऑफिशियली हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जॉइंट काउंटर-टेररिज्म टीमों ने हमले को ऑर्गनाइज करने में शामिल संभावित मददगारों का पता लगाने के लिए दराजिंदा की आस-पास की पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर सर्च और स्वीप ऑपरेशन शुरू किए हैं।

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“एक आतंकवादी देश मुझसे सवाल पूछ रहा है?” पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर एस. जयशंकर का तीखा पलटवार

S Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान में आतंकवाद को लेकर भारत पर सवाल उठाने वाले एक पत्रकार को करारा जवाब दिया। पत्रकार ने उनसे पूछा था कि भारत सरकार पाकिस्तान में “आतंकवाद को बढ़ावा देना कब बंद करेगी?” इस पर जयशंकर ने पलटकर सवाल किया, “क्या एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है?”

दरअसल, यह पूरा मामला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान हुआ। वहीं, जवाब देने के तुरंत बाद मंत्री और अन्य प्रतिनिधि अपनी कुर्सियों से उठे और कमरे से बाहर चले गए, जबकि पत्रकार अपनी बात कहता रहा।

बता दें कि भारत का हमेशा से यह कहना रहा है कि पाकिस्तान या पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों ने कई बार भारत में आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में हमला किया था। इस हमले में नेपाल के एक नागरिक समेत 26 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।

वहीं, इसके जवाब में, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, रावालाकोट, चकस्वारी, भीमबर, नीलम घाटी, झेलम और चकवाल की जगहों को निशाना बनाया गया।

ये ठिकाने आतंकी नेटवर्क से जुड़े थे और इनका संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठनों से था। इन दोनों संगठनों पर भारत में कई हमले करने का आरोप है।

भारत ने जिन 9 ठिकानों को निशाना बनाया था, उनमें से 5 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में थे, जबकि 4 पाकिस्तान के मुख्य हिस्से में स्थित थे।

जानकारी के मुताबिक, बहावलपुर को लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता रहा है और इस जगह को संगठन के एक अहम ठिकाने के तौर पर भी पहचाना गया है। वहीं, मुजफ्फराबाद और भीमबर को सुरक्षा एजेंसियां पहले भी ऐसे रास्तों और ठिकानों के रूप में पहचान चुकी हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकवादियों की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए किया जाता रहा है।

भारत ने UN में पाकिस्तान की आलोचना की

बुधवार को यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों की जमीन पर कब्जा करने या आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी आर्थिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान दूसरों की जमीन पर कब्जा करने या आतंकवाद फैलाने के बजाय विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा कर सकता है, क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही काउंसिल में उसके ड्रामे, उन कर्जों को चुकाने में मदद करेंगे जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है।”

त्यागी ने पाकिस्तान पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात को ठीक से न संभालने का भी आरोप लगाया, जहां जून में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई आम नागरिक मारे गए थे। वहीं, इन विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ जरूरी चीजों की भारी कमी भी हो गई थी। जिस वजह से प्रदर्शनकारियों और उनके नेताओं ने पाकिस्तान सरकार पर खाना, ईंधन और दवाइयों की सप्लाई रोकने या उसमें रुकावट डालने का आरोप लगाया था।

त्यागी ने कहा, “पिछले शुक्रवार को इस काउंसिल को बताया गया था कि जून के बाद से पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में बहुत से आम नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और खाना व दवाइयां रोकी गई हैं।

उन्होंने आगे कहा, जब ये बातें काउंसिल को बताई गईं, तो पाकिस्तान का जवाब ‘पॉइंट ऑफ ऑर्डर’ था। अगर इस कमरे में कोई प्रतिनिधिमंडल इस काउंसिल की जांच के सभी जरूरी मानदंडो पर खरा उतरता है, तो वह पाकिस्तान ही है।”

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इस्लामाबाद में इमरान समर्थकों का मार्च रोकने की कोशिश:रैलियां बैन, हाईवे बंद; सड़कों पर 2,000 कंटेनर लगाए, 20 हजार पुलिसकर्मी तैनात

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इमरान खान की पार्टी PTI के मार्च से पहले प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। राजधानी में रैलियों, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर 2 महीने के लिए रोक लगा दी गई है। हाईवे बंद किए जा रहे हैं, करीब 2,000 कंटेनर सड़कों पर लगाए गए हैं और पंजाब-सिंध से 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। PTI ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है। मार्च कराची और लाहौर से शुरू होने की उम्मीद है। इस्लामाबाद में धारा 144 लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहत 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने के साथ रैली, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक है। आदेश 2 महीने तक प्रभावी रहेगा। शहर के कई हिस्सों में कंटेनरों को आपस में वेल्ड किया गया है, जबकि कुछ पर बाहर की तरफ लोहे के नुकीले स्पाइक्स लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड को कई जगहों पर बंद किया जाएगा। रावलपिंडी और अटक के कुछ इलाकों में 27 सितंबर को मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं रोकने की मांग भी की गई है। शहबाज सरकार ने PTI से मार्च टालने को कहा गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने PTI नेताओं से मार्च पर दोबारा विचार करने को कहा है। दूसरी तरफ PTI ने अपनी तैयारी जारी रखी है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को कहा था कि कोई राजनीतिक पार्टी, नेता, प्रांतीय सरकार या सरकारी पदाधिकारी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सड़कों, हाईवे, इंटरचेंज, टोल प्लाजा या सरकारी इमारतों पर कब्जा नहीं कर सकता। PTI के अलावा किसान संगठन किसान इत्तेहाद ने भी कृषि लागत बढ़ने के विरोध में राजधानी तक मार्च का ऐलान किया है। कंटेनरों से रास्ते रोकना पुराना तरीका पाकिस्तान में राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान कंटेनर लगाने का इतिहास करीब 30 साल पुराना है। 1996 में बेनजीर भुट्टो सरकार ने जमात-ए-इस्लामी नेता काजी हुसैन अहमद को इस्लामाबाद पहुंचने से रोकने के लिए कंटेनर लगाए थे। 2014 में इमरान खान के धरने के दौरान यही कंटेनर प्रदर्शन का मंच भी बन गए। इमरान और उनके समर्थक कई हफ्तों तक एक कंटेनर से भाषण देते रहे। इसके बाद पाकिस्तान की राजनीति में ‘कंटेनर पॉलिटिक्स’ शब्द प्रचलित हुआ। 2016, 2019 और 2022 के बड़े प्रदर्शनों में भी राजधानी के रास्ते कंटेनरों से बंद किए गए थे। खबर अपडेट हो रही है…

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में PTI के मंत्री को किडनैप किया:एक और मंत्री पर फायरिंग; 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च निकालने वाली है पार्टी

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में PTI के प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान को कथित तौर पर किडनैप कर लिया गया। वहीं, मलाकंद में पार्टी के एक और मंत्री शकील अहमद पर फायरिंग हुई। ये दोनों घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब इमरान खान की पार्टी PTI उनकी रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च निकालने की तैयारी कर रही है। PTI का आरोप है कि सरकार उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर मार्च को रोकने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा है कि इन घटनाओं के बावजूद मार्च नहीं रोका जाएगा। टोल प्लाजा के पास नकाबपोश लोगों ने गाड़ी रोकी PTI के मुताबिक, फजल शकूर खान की गाड़ी को पेशावर मोटरवे टोल प्लाजा के पास हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने रोक लिया। उनके पास AK-47 राइफलें थीं। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में नकाबपोश लोग हाईवे पर गाड़ियां रोकते और मंत्री की गाड़ी को घेरते नजर आ रहे हैं। दावा है कि हमलावरों ने गाड़ी के एक टायर पर गोली चलाई। इसके बाद नकाबपोशों ने फजल शकूर खान को हथियार के दम पर गाड़ी की आगे वाली सीट से बाहर निकाला और अपने साथ ले गए। घटना का पूरा वीडियो…. दो दिन पहले इमरान की बहन को गिरफ्तार किया इमरान खान की बहन अलीमा को रविवार को लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह इमरान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले PTI के प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं। इससे पहले शनिवार को अडियाला जेल में इमरान खान का मेडिकल चेकअप किया गया था। जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि PIMS के डॉक्टर की अगुआई में उनकी जांच हुई। इसमें ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच की गई। 18 अगस्त को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, उन्हें पाकिस्तान के बड़े सरकारी मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया था। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।

खबर अपडेट हो रही है…

इमरान खान के बाद अब उनकी 3 बहनें भी जेल में, 27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले सहमी शहबाज सरकार की खुली धमकी

इमरान खान के बाद अब उनकी 3 बहनें भी जेल में, 27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले सहमी शहबाज सरकार की खुली धमकी

Imran Khan

Imran Khan PTI Long March: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और संविधान की बहाली की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले ‘लॉन्ग मार्च’ से पहले शहबाज शरीफ सरकार सख्त रुख अपना रही है। सरकार और सेना इमरान खान के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को दबाने में जुटी है। इमरान के बाद अब उनकी तीन बहनों को जेल भेज दिया गया है, वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है।

बहनें कोट लखपत जेल में बंद

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के बहाने पुलिस ने इमरान खान की दो और बहनों, नूरीन नियाजी और उजमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया है। इससे एक दिन पहले ही उनकी तीसरी बहन अलीमा खान को हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेजा गया था। ALSO READ: इमरान को जेल में धीरे-धीरे मार रहे आसिम मुनीर, इमरान के बेटों का सनसनीखेज आरोप

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तीनों बहनों को इसी जेल में रखा गया है। इससे पहले अलीमा खान के दो बेटों, शहरज खान और शेर शाह को भी लाहौर में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, वकील राणा मुदस्सिर ने पुष्टि की है कि कुछ समय बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। ALSO READ: आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

सरकार की खुली धमकी

27 सितंबर को इस्लामाबाद तक निकाले जाने वाले ‘लॉन्ग मार्च’ को रोकने के लिए शहबाज सरकार की तरफ से धमकियों का दौर शुरू हो गया है। पाकिस्तान के गृह राज्यमंत्री तलाल चौधरी ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जो लोग कथित तौर पर ‘आतंकवाद या हिंसा’ का सहारा लेंगे, उन्हें इस्लामाबाद से वापस नहीं जाने दिया जाएगा।

 

दूसरी ओर, सरकार की धमकियों और कार्रवाई के बावजूद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी अपने रुख पर कायम है। PTI खैबर पख्तूनख्वा के अध्यक्ष जुनैद अकबर ने स्पष्ट किया है कि पार्टी कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं और वे अलग-अलग रास्तों से देश की राजधानी इस्लामाबाद में दाखिल होंगे। इस बीच, इमरान खान की रिहाई और देश में संविधान को पूर्ण रूप से लागू कराने की मांग को लेकर पूरे पाकिस्तान में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इमरान की बहन लाहौर से गिरफ्तार:पूर्व पीएम की रिहाई के लिए प्रदर्शन की तैयारी कर रही थीं, इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं

जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर स्थित उनके घर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वे इमरान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ के कार्यकर्ताओं के साथ इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर से विरोध-प्रदर्शन शुरू करने वाली थीं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट कप्तान रहे इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, PTI के एक प्रवक्ता ने अलीमा खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी की वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। प्रदर्शन से पहले PTI कार्यकर्ताओं की भी गिरफ्तारी अलीमा खान की गिरफ्तारी से पहले इस्लामाबाद पुलिस चार PTI कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले चुकी है। डॉन के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि इन लोगों को 27 सितंबर के प्रदर्शन की तैयारी से जुड़ी एक बैठक के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उन पर दंगा करने, सरकारी काम में रुकावट डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसे आरोप लगाए हैं। PTI ने 27 सितंबर को राजधानी इस्लामाबाद में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रदर्शन का मुख्य मकसद इमरान खान की रिहाई की मांग करना है। PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान इसे पहले ही शांतिपूर्ण मार्च बता चुके हैं। प्रदर्शन के पहले इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ी प्रदर्शन को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। डॉन के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन ने शहर के आने-जाने वाले रास्तों और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पिछले महीने बहन से मिले थे इमरान खान अगस्त 2026 में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की थी। नोरीन करीब 9 महीने बाद इमरान से मिली थीं। करीब 15 मिनट की मुलाकात में उन्होंने इमरान की सेहत के बारे में जानकारी ली और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी दी, जिसमें इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया था। उस समय नोरीन, अलीमा खान और उजमा खान तीनों अडियाला जेल पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने सिर्फ नोरीन को इमरान से मिलने की अनुमति दी थी। 73 साल के इमरान करीब 3 साल से जेल में हैं 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान का विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की वर्तमान स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। ————————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 3 साल में 7 गुना: 3 से 26 अरब डॉलर पहुंचा पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले 3 साल में करीब 7 गुना बढ़कर 26.79 अरब डॉलर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…

इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा ने की दूसरी शादी:पूर्व PAK प्रधानमंत्री से तलाक के 22 साल बाद आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति को जीवनसाथी बनाया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 52 साल की उम्र में दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने 62 साल के आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति कैमरन ओ’राइली से शादी की है। दोनों की शादी इमरान खान से तलाक के 22 साल बाद हुई है। इमरान और जेमिमा का तलाक 2004 में हुआ था। हालांकि, जेमिमा और कैमरन ने खुद अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। जेमिमा की भाभी जेमिमा जोन्स ने इसकी जानकारी दी। जोन्स, जेमिमा के भाई बेन गोल्डस्मिथ की पत्नी हैं। उन्होंने 13 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। जेमिमा ने 1995 में इमरान खान से की थी शादी जेमिमा ने पहली शादी इमरान खान से 1995 में की थी। उस समय जेमिमा की उम्र सिर्फ 21 साल थी, जबकि इमरान खान 42 साल के थे। इमरान तब क्रिकेट की दुनिया में बड़ा नाम थे और राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहे थे। दोनों की उम्र में 21 साल का अंतर था। इसके अलावा दोनों की संस्कृति भी अलग थी। इसी वजह से जेमिमा के माता-पिता इस रिश्ते को लेकर शुरुआत में चिंतित थे। शादी के बाद दोनों के दो बेटे हुए, सुलेमान ईसा और कासिम। जेमिमा और इमरान का जून 2004 में तलाक हो गया। तलाक के बाद जेमिमा अपने दोनों बच्चों के साथ लंदन लौट गईं। वहां उन्होंने डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर के तौर पर काम शुरू किया। निजी समारोह में हुई शादी डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, जेमिमा और कैमरन ने एक निजी समारोह में शादी की। शादी बेहद गुपचुप तरीके से हुई और इससे पहले मीडिया को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक फिल्म और डॉक्यूमेंट्री पर काम करने के दौरान हुई थी। कैमरन इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर थे। पहले दोनों में दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता आगे बढ़ गया। दोनों एक साल से ज्यादा समय से चुपचाप डेट कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली। कैमरन ने ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की कैमरन ओ’राइली दिवंगत आयरिश मीडिया कारोबारी सर एंथनी ओ’राइली के बेटे हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। कैमरन ऑस्ट्रेलिया की बड़ी मीडिया कंपनियों में शामिल APN न्यूज एंड मीडिया के CEO भी रह चुके हैं। यह कंपनी अब ARN मीडिया के नाम से जानी जाती है। इसके बाद उन्होंने ‘बेयार्ड कैपिटल’ नाम की प्राइवेट इक्विटी कंपनी शुरू की। कैमरन की पहली शादी से चार बच्चे हैं। अरबपति परिवार से हैं जेमिमा जेमिमा गोल्डस्मिथ दिवंगत अरबपति कारोबारी सर जेम्स गोल्डस्मिथ और लेडी एनाबेल गोल्डस्मिथ की बेटी हैं। उनकी मां लंदन की मशहूर सोशलाइट थीं। लेडी एनाबेल का करीब एक साल पहले निधन हुआ था, जबकि जेमिमा के पिता सर जेम्स की मौत 1997 में हुई थी। जेमिमा लंबे समय से राजनीति, मीडिया और सामाजिक काम से जुड़ी रही हैं। पहली शादी और तलाक के बाद से उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक मीडिया से दूर रखा है। दूसरी शादी के बारे में उन्होंने अब तक खुद सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। ———————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया पाकिस्तान ने भारतीय संसद पर हमले के आरोपी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

ना कोहली ना रिकी पोंटिंग और ना ही कपिव देव…राहुल द्रविड़ ने इन्हें बताया दुनिया का नंबर-1 कप्तान

इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाकर इतिहास में खास जगह बनाई। इस लिस्ट में क्लाइव लॉयड से लेकर कपिल देव, इमरान खान, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कई कप्तान शामिल है। वहीं हाल ही में राहुल द्रविड़ ने बताया कि उनका पसंदीदा कप्तान कौन है। एक क्रिकेट चैलेंज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हेड कोच राहुल ने इस दौरान पहले नंबर पर ना तो विराट कोहली को रखा और ना ही पोटिंग और रोहित शर्मा को। आइए जानते हैं राहुल ने किसको चुना बेस्ट कैप्टन

धोनी को बताया बेस्ट कप्तान

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के क्विज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। चैलेंज के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान और वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। बता दें राहुल धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके फैसले और अलग-अलग दौर के महान कप्तानों को लेकर अपनी राय शेयर कर रहे हैं।

किस राउंड में किसे चुना

राहुल द्रविड़ को एक खास चैलेंज के दौरान जब उन्हें अलग-अलग दौर के दिग्गज कप्तानों में से चुनना था, तो द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। राहुल द्रविड़ को इस चैलेंज के शुरुआती दौर में कई शानदार कप्तानों के बीच अपनी पसंद तय करनी थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ को सबसे आगे रखा और लगातार कई राउंड में उन्हें चुना। द्रविड़ ने बेन स्टोक्स, केन विलियमसन, अर्जुन रणतुंगा, ग्रीम स्मिथ और स्टीफन फ्लेमिंग जैसे दिग्गज कप्तानों की तुलना में स्मिथ को तरजीह दी। इस तरह स्मिथ ने शुरुआती मुकाबलों में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इस चैलेंज में राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज कप्तानों के बीच भी स्टीवन स्मिथ को अपनी पसंद बनाए रखा। उन्होंने माइकल क्लार्क, इयोन मॉर्गन और पैट कमिंस जैसे कप्तानों की तुलना में स्मिथ को चुना, लेकिन रिकी पोंटिंग के सामने उनकी पसंद बदल गई। इसके बाद पोंटिंग ने एलन बॉर्डर को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, जहां उनका सामना स्टीव वॉ से हुआ। आखिरकार द्रविड़ की पसंद के तौर पर सामने आए स्टीव वॉ ने पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों वाले इस दौर को जीत लिया।

 

राहुल द्रविड़ ने एमएस धोनी को अपना सबसे पसंदीदा कप्तान चुनकर सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद मुकाबला भारतीय और पाकिस्तानी कप्तानों के बीच पहुंचा। स्टीव वॉ और विराट कोहली में से किसी एक को चुनने की बारी आई तो द्रविड़ ने कोहली को चुना।

धोनी की कप्तानी सबसे अच्छी

चैलेंज के आखिरी दौर में राहुल द्रविड़ के सामने एमएस धोनी, इमरान खान और क्लाइव लॉयड जैसे बड़े कप्तानों में से चुनाव करने की स्थिति आई। इमरान खान के मुकाबले द्रविड़ ने धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनकी उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ऐसे इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी तीनों खिताब जीते हैं, इसलिए उनकी कप्तानी की सफलता की बराबरी करना मुश्किल है।

Imran Khan: मोहसिन नकवी पर अब इमरान खान के बेटों ने कर दिया बड़ा खुलासा, इंटरव्यू विवाद में आया नया मोड़

इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने मोहसिन नकवी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इमरान पर दिए गए एक इंटरव्यू को लेकर इंग्लैंड दौरा छोड़ने की धमकी देना PCB का गलत कदम था। बताया जा रहा कि PCB स्काई स्पोर्ट्स के लिए माइकल एथरटन द्वारा सुलेमान और कासिम के साथ किए गए इमरान खान से जुड़े इंटरव्यू से नाराज था। ये इंटरव्यू दूसरे टेस्ट के दौरान एयर हुआ था।

बता दें हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब तीन साल से जेल में बंद इमरान की मेडिकल जांच को लेकर उनके बेटे और कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने सवाल उठाए हैं।

दौरा रद्द करने की दी थी धमकी

इमरान खान से जुड़ा इंटरव्यू शुरुआत में थोड़ी देर से एयर (प्रसारित) हुआ, लेकिन इसे रद्द नहीं किया गया। इसके बाद पाकिस्तान की टीम ने मैच में हिस्सा लिया।इसके बाद पाकिस्तान और इंग्लैंड की कई रिपोर्ट्स में PCB की ओर से दौरा छोड़ने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उस समय के कोच सरफराज अहमद और कप्तान बाबर आजम ने ऐसी किसी धमकी या संभावित बहिष्कार की जानकारी होने से इनकार किया था।

इतने बेवकूफ होंगे नकवी

कासिम ने द टेलीग्राफ से कहा, “उन्होंने पूरी तरह बेवकूफी की।” सुलेमान ने कहा, “मुझे किसी तरह के जवाब की उम्मीद थी।लेकिन मुझे नहीं लगा था कि वे इतने बेवकूफ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे। PCB को ये तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि इंग्लैंड में 22 साल से रह रहे किसी पुराने पाकिस्तानी खिलाड़ी का इंटरव्यू लिया जाए या नहीं। यह मामला राजनीति से जुड़ा नहीं था, बल्कि इंसानी हालात और उनकी सेहत से जुड़ा था।”

इमरान की सेहत को लेकर हैं चितिंत

इमरान खान करीब तीन साल से जेल में हैं और उनके बेटे लगातार उनकी सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और इमरान खान के बीच राजनीतिक मतभेद भी हैं। इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान को बेहतर इलाज और जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने की अपील की है।

कब उठी थी मांग

21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने ये अपील तक किया जब कोर्ट के आदेश पर इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए कुछ समय के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। जांच के बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए मेडिकल बोर्ड को खान की जांच की पूरी आजादी दी जाए और उनके निजी डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया जाए। यह मांग खास तौर पर उन खबरों के बाद उठी है, जिनमें इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी जाने की बात कही गई है।