India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।

Monsoon Alert: अगले 48 घंटों में इस ओर बढ़ने का इशारा कर रही मानसून की रफ्तार, IMD ने जारी किया लेटेस्ट अनुमान

देशभर में मानसून धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 22 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान मानसून के मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

यहां भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने मेघालय और असम के कुछ इलाकों में  भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है।

बिहार, ओडिशा और झारखंड में बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। बिहार में 22 से 23 जून और फिर 27 से 28 जून के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ओडिशा में 25 जून तक कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं झारखंड में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है। राजस्थान में 22 और 23 जून को आंधी और तेज हवाओं का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

पश्चिमी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

कोंकण, गोवा और तटीय महाराष्ट्र में अगले सात दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। गुजरात, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कोंकण और गोवा क्षेत्र में कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए चेतावनी

दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तेलंगाना में 23 से 28 जून के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक और केरल में भी तेज बारिश का अनुमान है।

कई इलाकों में अभी भी गर्मी का कहर

एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ में 22 से 26 जून तक लू से लेकर गंभीर लू चल सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तेज हवाएं और आंधी बढ़ाएंगी परेशानी

बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है।

मछुआरों के लिए खास चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं और खराब समुद्री परिस्थितियां बनने की चेतावनी दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। खासकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, गोवा और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा गया है।

लोगों के लिए सलाह

भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम की जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। वहीं लू प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और बदलते मौसम का रहने वाला है। जहां मानसून कई राज्यों को राहत देगा, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश और कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी लोगों की चुनौती बनी रहेगी।

कल का मौसम 23 जून: IMD ने बिहार समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-यूपी से झारखंड तक आंधी-तूफान

Tomorrow Weather Update (23 June 2026): दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होते ही देश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए एक बड़ा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी किया है। मानसून अब छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के रास्ते आगे बढ़ रहा है। इससे कई राज्यों में भीषण बारिश का दौर शुरू होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 23 जून को बिहार और असम समेत देश के 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश से लेकर झारखंड और दक्षिण भारत तक देश के 21 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झंझावात का तांडव देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य में मौसम का हाल:-

इन 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 जून देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। प्रभावित राज्यों को दो श्रेणियों में बांटा गया है-

भारी से बहुत भारी बारिश

असम और मेघालय में 23 जून को मानसून सबसे प्रचंड रूप में रहेगा, जहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

भारी बारिश का अलर्ट

देश के अन्य 12 राज्यों/क्षेत्रों में 23 जून को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है:-

बिहार और ओडिशा के कई जिलों में मानसून के आगे बढ़ने से भारी वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भी 23 जून को मानसून जमकर बरसेगा।

राजस्थान में ‘महातूफान’, दिल्ली से झारखंड तक 21 राज्यों में आंधी-पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून को देश के एक बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का व्यापक असर देखने को मिलेगा।

राजस्थान में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्क्वाल: 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसके झोंके 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

दिल्ली-NCR और मैदानी इलाके: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

बिहार, झारखंड और यूपी: बिहार और झारखंड में भी कल 40-50 किमी/घंटे की तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी चलेगी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

इन राज्यों में भी आंधी का अलर्ट: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश (30-40 किमी/घंटे), मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात रीजन, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, महाराष्ट्र (मराठवाड़ा समेत), आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक (आंतरिक हिस्सों में 30-40 किमी/घंटे की हवाएं) समेत कुल 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का कड़ा अलर्ट है।

यूपी और विदर्भ समेत इन इलाकों में अभी भी हीटवेव

एक तरफ जहां देश के आधे हिस्से में मानसून और आंधी-पानी की बौछारें राहत देंगी, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 23 जून को भीषण से अत्यधिक भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भी लू का सितम बना रहेगा। छत्तीसगढ़ में भी लू चलने की आशंका है।

मानसून पर ‘विलेन’ अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी

Indian Monsoon Update 2026

प्रशांत महासागर में बन रही एक वैश्विक मौसमी घटना भारत के मानसून के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती प्रगति के बाद कई क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसके चलते देश के अनेक हिस्सों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
 

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अल नीनो का प्रभाव अगले कुछ महीनों तक बना रहता है, तो न केवल मानसून कमजोर पड़ सकता है, बल्कि कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और खाद्य कीमतों पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ALSO READ: Monsoon : मौसम के महादानव अल-नीनो को परास्त करेगा Indian Ocean Dipole, जानिए कैसे होगी झमाझम बारिश

क्या है अल नीनो और क्यों बढ़ जाती है चिंता?

'अल नीनो' (El Niño) प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके कारण वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है और भारत में मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अल नीनो का प्रभाव जून से ही दिखाई देने लगा है। यदि इसकी तीव्रता बढ़ती है, तो मानसून सीजन के मध्य और अंतिम चरण में वर्षा की कमी और अधिक गंभीर हो सकती है।

किन राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अल नीनो लंबे समय तक सक्रिय रहा, तो देश के पांच प्रमुख कृषि राज्यों पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • उत्तरी कर्नाटक

Indian Monsoon Update 2026

इन राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

 

शहरों में भी बढ़ रहा जल संकट

सूखे का खतरा केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। देश के कई बड़े शहर पहले से ही जल संकट का सामना कर रहे हैं।
 

विशेषज्ञों का कहना है कि जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण की दिशा में पर्याप्त प्रगति न होने के कारण कई महानगर मानसून पर अत्यधिक निर्भर हैं। यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
 

जल विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संरक्षण, रीसाइक्लिंग और वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की मांग है। ALSO READ: 5 चक्रव्यूह में फंसा मानसून, बारिश को तरसते 7 राज्यों में पारा 40°C के पार, जानें आपके शहर का हाल

 

क्या 2026-27 की गर्मियां रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं?

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते आगामी वर्षों में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है।
 

कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत के कई हिस्सों में गर्मी की तीव्रता बढ़ सकती है और हीटवेव की घटनाएं अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं। ऐसे हालात में कई क्षेत्रों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

किसानों पर दोहरी मार

कम बारिश का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, यदि वर्षा में उल्लेखनीय कमी बनी रहती है, तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धान
  • तुअर और मूंग जैसी दालें
  • सोयाबीन और मूंगफली जैसे तिलहन
  • कपास
  • बाजरा
  • फल और सब्जियां

विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अचानक फसल पैटर्न नहीं बदल सकते, क्योंकि खेती केवल तकनीकी नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था से भी जुड़ी होती है।

Indian Monsoon Update 2026

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

कृषि उत्पादन घटने का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।

यदि उत्पादन कम हुआ और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ी, तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। दाल, तेल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

राहत की खबर भी है

हालांकि स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है, जो किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटने में मदद कर सकता है। इसके अलावा :

  • देश का सिंचित क्षेत्र पिछले दशक में बढ़ा है।
  • मौसम पूर्वानुमान तकनीक पहले से अधिक सटीक हुई है।
  • AI आधारित कृषि सलाह किसानों को समय रहते निर्णय लेने में मदद कर रही है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निगरानी कर रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: किसान क्या करें?

विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

✔ एक ही फसल पर पूरी निर्भरता से बचें।

✔ मिश्रित खेती अपनाएं।

✔ कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दें।

✔ मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बुआई की योजना बनाएं।

✔ सूखा प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा बुआई का जोखिम सोच-समझकर लें।

उम्मीद की किरण: IOD बन सकता है गेमचेंजर

मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) पर है। यदि मानसून के उत्तरार्ध में पॉजिटिव IOD सक्रिय होता है, तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा का कारण बन सकता है।
 

फिलहाल देश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। आने वाले कुछ सप्ताह तय करेंगे कि अल नीनो भारत के लिए केवल एक मौसमी चुनौती साबित होगा या फिर यह खेती, पानी और महंगाई से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय संकट बन जाएगा।

 

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज बारिश और आंधी का अलर्ट, 40°C से नीचे रहेगा पारा

Delhi Weather Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार, 22 जून को बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे इस महीने की शुरुआत से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन के दौरान आंधी-तूफान व बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने की संभावना है।

रविवार को शहर में मौसम सुहावना रहा

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 38.9°C दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 0.3 डिग्री ज्यादा था। न्यूनतम तापमान 28.8°C रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री ज्यादा था।

रविवार सुबह 8:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) 39% थी, जिससे पता चलता है कि पिछले हफ्ते की तुलना में मौसम कम उमस भरा था।

वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के बदलते पैटर्न के कारण पिछले कुछ दिनों से हल्के तापमान का दौर जारी रहा और पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही बना रहा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

IMD ने सोमवार के लिए दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना जताई है। इस दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, और कुछ इलाकों में हवा के झोंके 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करते समय सावधानी बरतें और तूफानी मौसम में पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

उम्मीद है कि मौसम की इस स्थिति के कारण उमस भरे हालात के बावजूद दिन का तापमान नियंत्रण में रहेगा।

दिल्ली का AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में

रविवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’श्रेणी में रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया।

बता दें कि 101 से 200 के बीच का AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जबकि 51 से 100 के बीच की रीडिंग को ‘संतोषजनक’ माना जाता है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, पूरे हफ्ते आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है। बीच-बीच में होने वाली बारिश से राष्ट्रीय राजधानी में तापमान को गर्मी के चरम स्तर से नीचे बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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कल का मौसम 22 June: IMD ने इन 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली हरियाणा राजस्थान तक आंधी तूफान, चेक करिए Weather

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और लू की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि मध्य भारत और कुछ उत्तरी राज्यों में लू का असर बना रहेगा।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। यहां कई जगहों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कोंकण और गोवा तथा लक्षद्वीप में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन इलाकों में बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

दिल्ली हरियाणा राजस्थान तक आंधी तूफान

उत्तर भारत में भी मौसम करवट ले रहा है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

गर्मी का प्रकोप भी रहेगा जारी 

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में लू चलने की संभावना है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है। विदर्भ में गर्म रातों की स्थिति भी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को रात में भी राहत मिलने की संभावना कम है।

इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास मानसून इन राज्यों के और अधिक क्षेत्रों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ खेती के कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। कहीं भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है तो कहीं लू का असर जारी रहेगा। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

IMD Heavy Rain Alert: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 23 जून तक इन राज्यों में पहुंचेगी बारिश….IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी लू का असर बना रहेगा।

दो दिन में आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और 23 जून के आसपास मानसून के इन राज्यों के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। इससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश 

पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। बिहार और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर भारत में ऐसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत में भी मौसम का असर दिखाई देगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में आंधी और धूल भरी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं कर्नाटक और केरल में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी भारत में कोंकण, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कोंकण और गोवा में 22 जून के बाद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

यहां दिखेगा  गर्मी का प्रकोप

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ में कई स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, यातायात संबंधी सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। वहीं बिजली गिरने और तेज आंधी की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। जहां कई राज्यों में मानसून राहत की बारिश लेकर आएगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और लू दोनों की चुनौती बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।

Gurudwara Clash Nihang Sikh: रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में भारी बवाल! मैनेजमेंट को बंधक बनाकर छत पर चढ़े निहंग सिख, लहरा रहे हथियार

Gurudwara Clash Nihang Sikh: उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं मैनेजमेंट को बंधक बनाते हुए गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। आरोप है कि पंजाब से आए कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे पर हंगामा करने के बाद डायरेक्ट कब्जा कर लिया। उन्होंने वहां मौजूद एक सेवादार को बंधक बना लिया। ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुद्वारे की छत पर खड़े कुछ लोग हथियार लहराते भी नजर आए, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल निहंग श्रद्धालु 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंगों को छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, निहंग गुरुद्वारे के मैनेजमेंट को भी अपने साथ ले गए और उनके पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे हथियार हैं।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

पुलिस ने बताया कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। निहंग श्रद्धालुओं से बात कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 16 जून को मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया।

8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद

पुलिस के मुताबिक, झड़प में एक सिख श्रद्धालु भी चोटिल हुआ था। घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार भी किया गया था। जानकारी के अनुसार, शनिवार को पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग की घटना में एकतरफा कार्रवाई के विरोध में रविवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधकों से सहयोग की अपील की थी।

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निहंगो ने अपेक्षा के अनुरूप सहयोग न मिलने पर शनिवार शाम को नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान तोड़फोड़ के बाद मैनेजमेंट को लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़े तथा नारेबाजी करने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद है। वे गुरुद्वारे के छत पर खड़े होकर हथियार लहरा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि निहंग सिखों की शिकायत ये है कि गुरुद्वारा मैनेजमेंट ने कर्णप्रयाग की घटना पर खुलकर निहांगो का स्टैंड नहीं लिया।

Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून अब दोबारा उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है।

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मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी जल्द मानसून की एंट्री होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है।

 

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय है मानसून

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है।

 

मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर बरकरार

 

एक ओर जहां पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है। तटीय और मध्य महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 25 जून तक लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना और बिहार के कुछ हिस्सों में 21 जून तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है, जबकि तेलंगाना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  Edited by : Sudhir Sharma

कल का मौसम 21 जून: IMD ने इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 20 से ज्यादा राज्यों में आएगा आंधी-तूफान!

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जून (रविवार) के लिए मौसम का ताजा हाल जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक तरफ जहां मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए पैर पसार रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय वेदर सिस्टम के कारण देश के एक बड़े हिस्से में मौसम खराब रहने वाला है। IMD ने रविवार को देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 20 से ज्यादा राज्यों में तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

इन 13 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। ये राज्य इस प्रकार हैं:

असम और मेघालय: यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन इलाकों में बादलों की भारी गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

अरुणाचल प्रदेश: यहां भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज/येलो अलर्ट है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन सभी चार राज्यों में भारी वर्षा होने का अनुमान है।

ओडिशा और झारखंड: मानसून के अनुकूल सिस्टम के कारण यहां रविवार को अच्छी बारिश होगी।

बिहार: राज्य के अलग-अलग जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इन दोनों राज्यों में भी झमाझम बारिश की चेतावनी है।

केरल और कोंकण-गोवा: तटीय इलाकों और दक्षिण भारत के केरल में भारी बारिश हो सकती है।

20 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का साया

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को देश के आधे से ज्यादा हिस्से (20 से अधिक राज्यों) में तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली का तांडव देखने को मिल सकता है:

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकेगी। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओले भी गिर सकते हैं।

पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में मौसम काफी खराब रहेगा। यहाँ कुछ जगहों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ आने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी बादलों की भयंकर गर्जना के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

राहत के बीच कुछ इलाकों में अभी भी सताएगी ‘लू’

भले ही देश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन कुछ राज्यों को अभी भी भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ: इन दोनों क्षेत्रों में रविवार को भी कुछ जगहों पर भीषण लू (Heat Wave) का प्रकोप बना रहेगा।

बिहार और तेलंगाना: इन राज्यों के सीमित इलाकों में भी रविवार को गर्म हवाएं (लू) लोगों को परेशान कर सकती हैं, जिसके बाद सोमवार से राहत मिलने की उम्मीद है।

सावधानी की सलाह

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और विशेषकर आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों के पास आश्रय न लें। साथ ही, समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी गई है।

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