मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से बच्चों को परोसा भोजन, किताब-कॉपी पाकर खिल उठे नौनिहालों के चेहरे

Chief Minister Yogi served food to children with his own hands

– मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान

– मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों का कराया अन्नप्राशन, कक्षाओं में जाकर बच्चों से किया संवाद

– प्रदर्शनी का अवलोकन कर मुख्यमंत्री योगी ने जाना बच्चों का नवाचार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किताब-कॉपी, बैग, स्टेशनरी किट पाकर नौनिहालों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि स्कूल आओगे, इस पर सभी बच्चों ने मुस्कुराकर स्कूल आने का वादा किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों के नवाचार को भी जाना। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदर्शनी में शामिल बच्चों के आत्मविश्वास की भी सराहना की। परिषदीय विद्यालयों की बच्चियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल और मंच पर बच्चों से संवाद किया तथा उन्हें चॉकलेट भी दीं। 

 

भोजन मंत्र के उपरांत बच्चों ने किया भोजन 

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथ से भोजन परोसा। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी का साथ दिया। बच्चों ने भोजन ग्रहण करने से पहले मंत्रपाठ किया। प्रदेश के मुखिया को अपने लिए भोजन परोसते देखकर बच्चे आह्लादित हो उठे।

ALSO READ: UP में शिक्षा सुधार का नया मॉडल: कक्षा-कक्ष से मिली सीख के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति, योगी सरकार का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री योगी ने नन्हे-मुन्नों से किया परिचय

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री योगी क्लासरूम पहुंच गए। उन्होंने यहां एक-एक कर सभी बच्चों से नाम पूछा और उनसे बातचीत की। बच्चे भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी से उनसे बातचीत करते रहे। बच्चों ने मुख्यमंत्री के प्रश्नों के बालसुलभ निश्छल उत्तर दिए तो सभी खिलखिला उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट भी दीं।

 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए नन्हे-मुन्नों का अन्नप्राशन भी कराया। विपरीत मौसम के कारण क्लास रूम में ही यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को चंदन/टीका लगाकर खीर खिलाई और उपहारस्वरूप उन्हें खिलौने भी दिए। जिन बच्चों का अन्नप्राशन हुआ, वे मुख्यमंत्री की गोद में भी खेले।

ALSO READ: योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 31,682 करोड़ का भुगतान

मुख्यमंत्री के हाथों 5 बच्चों को मिली कॉपी-किताबें, बैग व स्टेशनरी किट 

साक्षी – कक्षा-1, पीएम श्री विद्यालय, बडढ़ा खेड़ा विकास क्षेत्र सरसावा 

आरव – कक्षा-1, मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय, सढौली हरिया विकास क्षेत्र रामपुर मनिहारान

लव्यांश – कक्षा-1, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलपुर विकास क्षेत्र पुंवारका

अस्मिता – कक्षा-1, प्राथमिक विद्यालय, पानसर विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद

रविंद्र – कक्षा-4, पीएम श्री विद्यालय, दलहेडी विकास क्षेत्र नानौता 

ALSO READ: CM योगी ने रामपुर और बिलासपुर को दी 700 करोड़ से ज्‍यादा लागत वाली विकास परियोजनाओं की सौगात, आस्था के अपमान पर विपक्ष पर किया कड़ा प्रहार

5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का सम्मान 

मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का भी सम्मान किया। सम्मान पाने वालों में निम्न प्रधानाध्यापक शामिल रहे।
 

इंदु बेस – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुतुबपुर लबडोला विकास क्षेत्र नागल

कुलदीप अरोड़ा – प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, सरसावा नंबर-1 विकास क्षेत्र सरसावा

अश्वनी कुमार शर्मा – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, तबर्रकपुर विकास क्षेत्र गंगोह

राज सिंह – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, घान्ना खंडी विकास क्षेत्र पुंवारका

मोहिनी पाल – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – कंपोजिट विद्यालय, खिड़का जुनारदार विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद 

मध्यप्रदेश में दिग्विजय–जीतू पटवारी विवाद में अरुण यादव की एंट्री, राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग, कांग्रेस महासचिव ने लगाया पुत्र मोह का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रही बयानबाजी और तल्खी अब नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गई है। इस विवाद में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता अरुण यादव की भी एंट्री हो गई है। इसके साथ कांग्रेस के सीनियर नेता सत्यवत चतुर्वेदी की बेटी और पार्टी की महासचिव निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है।
 
पूर्व मंत्री अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधे हस्तक्षेप करने और प्रदेश संगठन में एकता कायम करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अरुण यादव ने लिखा कि माननीय राहुल गांधी जी, मध्यप्रदेश में आंतरिक संघर्ष और असफलताओं सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार से जब इस दौर में भी पार्टी संगठन का वास्तविक निष्ठावान कार्यकर्ता वैचारिक और सतही तौर पर संघर्ष कर रहा है उस दौर में कतिपय लोग एक मिलीजुली साजिश के तहत उन कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे है, इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि युवाओं का जोश और पार्टी के अनुभवी नेताओं का होश मिलजुल कर ही फासीवादी विचारधारा का सामना कर पाएगा ऐसी स्थिति में जवाबदार लोग ही अपनी व्यक्तिगत पीड़ा और वैमनस्यता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कीमत पर भुनाने की कोशिश करेंगे तो वह समयोचित नहीं होगी । कृपा कर केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से संघर्षशील कार्यकर्ताओं के मनोबल को टूटने से बचाएं तथा संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करवाने की कृपा करें।
 
पुत्र मोह में फंसे दिग्विजय सिंह-वहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस हाईकमान से दिग्विजय सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर 'दिग्विजय का नागपाश, कांग्रेस पर प्रहार' नाम से एक लेख लिखा है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “अपनों के ही इस घातक बाण से कब मुक्त होगी मध्य प्रदेश कांग्रेस? उज्जैन के भूमि विवाद और वीर भारत न्यास के मामले में सच क्या है और झूठ क्या, कौन सही है और कौन गलत, यह जांच का विषय हो सकता है। आज हर सच्चे कांग्रेसी का सिर शर्म से झुक गया है। दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जिस प्रकार मोर्चा खोला वह निंदनीय है।
 
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि अगर जीतू पटवारी कहीं गलत भी थे, तो वरिष्ठ और मार्गदर्शक होने के नाते दिग्विजय सिंह उन्हें आमने-सामने बैठकर या फ़ोन करके बता सकते थे। उनके पास दिल्ली से लेकर भोपाल तक पार्टी के तमाम आंतरिक मंच उपलब्ध हैं, जहां वे अपनी बात रख सकते थे. लेकिन इन सब मर्यादाओं को दरकिनार कर हाथ में फ़ाइल लेकर उज्जैन जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस बात को उछालने का क्या औचित्य है? इस तरह सरेआम मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को खारिज करना और उनके लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना, जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. आखिर यह सारी कवायद क्यों की गई।
 
निधि चतुर्वेदी का कहना है “दिग्विजय सिंह की यह छटपटाहट, यह गुस्सा और यह अमर्यादित आचरण और कुछ नहीं, बल्कि 'पुत्र-मोह' में उठाया गया बेहद अशोभनीय, पीड़ादायक और निंदनीय कदम है। अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने की महत्वाकांक्षा में वे भूल चुके हैं कि पार्टी का अनुशासन क्या होता है। जब देशभर में राहुल गांधी भाजपा और संघ की जनविरोधी विचारधारा के खिलाफ सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं, तब पार्टी के एक शीर्ष नेता द्वारा इस तरह की बयानबाज़ी करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर करारा तमाचा है।

अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

Ayodhya Ram Mandir donation theft

Ayodhya Ram Mandir donation theft: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने आस्था के केंद्र पर लगे इस दाग को और गहरा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मंदिर में सबसे बड़ी चोरी साल 2025 की शुरुआत में आयोजित हुए कुंभ मेले के दौरान हुई, जब देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे से रामजी का खजाना लबालब था। इस महाघोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स (IT) विभाग की एंट्री होने जा रही है, क्योंकि चोरी के पैसों से आधे दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदने और कंबलों में नोटों की गड्डियां छिपाने की बात सामने आई है।

 

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पहले से ही छोटी-मोटी चोरियां कर रहे थे। लेकिन साल 2025 की शुरुआत में जब कुंभ मेले के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और दान में भारी उछाल आया, तो आरोपियों की नीयत पूरी तरह डोल गई। उन्होंने इस सुनहरे मौके का फायदा उठाकर आपस में साठगांठ की और करोड़ों रुपए के चढ़ावे पर हाथ साफ कर दिया। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

जीजा-साले ने खरीदीं आधा दर्जन संपत्तियां

इस खेल के सबसे बड़े आरोपी रिश्ते में जीजा-साले हैं। गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा और उसके जीजा अनुकल्प मिश्रा ने मिलकर सबसे ज्यादा कैश उड़ाया। पाप की इस कमाई से उन्होंने देखते ही देखते आधे दर्जन से अधिक अवैध संपत्तियां खरीद लीं, जिसे पुलिस ने ट्रैक कर लिया है।

 

मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के एक योग केंद्र पर जब पुलिस ने रेड मारी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। वहां रखे चार बड़े बक्सों में नोटों की गड्डियों को बड़ी चालाकी से कंबलों के अंदर छिपाकर रखा गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इनमें से एक बक्से पर बाकायदा 'राम राज्य कोष' लिखा हुआ था। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

चंपत राय के ड्राइवर के घर भी मिला कैश

इस पूरे स्कैम का सबसे सनसनीखेज पहलू है आरोपी टिन्नू यादव की गिरफ्तारी। टिन्नू यादव कोई और नहीं, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था। ड्राइवर होने के नाते उसकी पहुंच बहुत अंदर तक थी और उसी के पास नोटों की गिनती वाले अति-सुरक्षित कमरे की एक चाबी रहती थी। टिन्नू के घर से भी पुलिस को भारी मात्रा में कैश मिला है।

अब ED और IT कसेंगे शिकंजा

यह मामला अब सिर्फ स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा। पुलिस अब इस पूरे मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन के रास्ते) की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिख रही है, जबकि अवैध संपत्तियों की जांच के लिए इनकम टैक्स विभाग की मदद ली जा रही है। यही नहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर हैं, क्योंकि तिजोरी की चाबी रखने वाले बैंक स्टाफ की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी चोरी मुमकिन ही नहीं थी। आरोपियों के खातों में उनकी वैध कमाई से कई गुना ज्यादा का लेन-देन मिला है। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी 89 लाख रुपए की हुई है। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

क्या है अयोध्या से जुड़ा यह पूरा मामला? 

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के बाद से ही देश-विदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। इस वजह से मंदिर के दानपात्रों और काउंटरों पर हर महीने करोड़ों रुपए का नकद और चेक के माध्यम से दान आता है। इन पैसों को गिनने के लिए मंदिर परिसर में एक स्पेशल काउंटिंग रूम बनाया गया है, जहां बैंक के अधिकारी और ट्रस्ट के भरोसेमंद लोग मौजूद रहते हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर ट्रस्ट को ऑडिट और रूटीन चेकिंग के दौरान दान में आई रकम और बैंक में जमा हुई राशि के आंकड़ों में बड़ा अंतर (मिसमैच) नजर आया।

 

इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस में औपचारिक FIR दर्ज होने से पहले ही ट्रस्ट ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर 89 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि बरामद कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए टिन्नू यादव (ड्राइवर), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो चुका है।

 

अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

Deadline extended for SIT probe into Ayodhya pilgrimage site donation matter

Donation controversy in Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

ALSO READ: UP में शिक्षा सुधार का नया मॉडल: कक्षा-कक्ष से मिली सीख के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति, योगी सरकार का बड़ा कदम

इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। उन्होंने यूपी के प्रोजेक्ट्स को त्वरित स्वीकृति मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार भी प्रकट किया। सीएम ने कहा कि कभी जंगलराज के लिए जाना जाने वाला जेवर क्षेत्र अब मंगलराज की पहचान बना है। 

 

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 6,785 करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और कई एंकर यूनिट्स की स्थापना में योगदान देगा। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा। उत्तर प्रदेश पहले ही एमएसएमई का सबसे बड़ा हब है, जहां लगभग 96 लाख इकाइयां कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से शुरू हुई 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना ने प्रदेश के उत्पादों को देश व दुनिया में नई पहचान दिलाई है।

 

देश के 55 प्रतिशत मोबाइल नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बन रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी जी के विजन का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निर्मित हो रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का भी 55 से 60 प्रतिशत उत्पादन यहीं हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबर ग्रुप और कोरिया सर्किट का यह संयुक्त उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित होगा और उत्तर प्रदेश के माध्यम से भारत को नई उड़ान देगा।

 

केंद्र से यूपी के प्रोजेक्ट्स को मिलती है त्वरित स्वीकृति

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश से संबंधित किसी प्रस्ताव को केंद्र सरकार में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को फोन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्रस्ताव केंद्र सरकार तक पहुंचते ही सूचना मिल जाती है कि उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और आप कार्य को आगे बढ़ाएं। ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है। जब अपनत्व का भाव हो, देश के प्रति जज्बा हो, तब ये चीजें देखने को मिलती हैं। मैं इस स्वीकृति के लिए पीएम मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार प्रकट करता हूं।

 

कोरिया से उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक व आत्मीय संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोरिया से बहुत पुराना संबंध है। इतिहास में यह मान्यता है कि कोरिया की रानी क्वीन हो वस्तुत: अयोध्या की राजकुमारी रत्ना थीं, जो जलमार्ग से कोरिया पहुंची थीं। कोरिया की प्रथम महिला के उत्तर प्रदेश आगमन पर अयोध्या में एक पार्क का निर्माण कराया गया था। कोरिया के राजदूत भी अयोध्या आए थे और उस ऐतिहासिक संबंध को स्मरण करते हुए भावुक हुए थे। यही आत्मीय संबंध भारत व कोरिया को और अधिक निकट लाता है। कोरिया इस बात का उदाहरण है कि आक्रामक रणनीति, अनुशासन और समर्पण के बल पर कोई देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था नए प्रतिमान स्थापित कर रही है।

 

हर नागरिक के कर्तव्य से साकार होगा विकसित भारत का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और खुशहाल राष्ट्र बनाना है। इस संकल्प की शुरुआत प्रदेश, जनपद, नगर, गांव और प्रत्येक नागरिक से होती है। प्रधानमंत्री जी ने भी नागरिक कर्तव्य पर विशेष बल दिया है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करेगा तो विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। इस प्रकार के निवेश उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाते हैं, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराते हैं, नए स्टार्टअप्स के लिए मंच तैयार करते हैं, निर्यात क्षमता को मजबूत करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति प्रदान करते हैं।

 

जंगलराज नहीं, अब मंगलराज बना जेवर की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जंगलराज के रूप में पहचाना जाने वाला जेवर आज आक्रामक रणनीति और मोदी जी के प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण मंगलराज का प्रतीक बन चुका है। आज जब वह जेवर एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें मोदी जी के कर कमलों से मिले शानदार एयरपोर्ट की सौगात दिखाई दी। अब यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स भी शुरू हो चुकी हैं और लगातार निवेश के नए प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।

 

निवेशकों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश अपनी नई पहचान के साथ देश-दुनिया के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, सेक्टोरल पॉलिसियों और 75 हजार एकड़ के विशाल लैंड बैंक के कारण हर क्षेत्र के निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश सबसे उपयुक्त बन चुका है। सरकार प्रत्येक क्षेत्र के लिए स्पष्ट नीति लेकर आई है। कोई भी निवेशक इन नीतियों के दायरे में आकर निवेश कर सकता है। सरकार समय पर इंसेंटिव देती है, सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के निवेश की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश के युवाओं को तेजी से रोजगार मिल रहा है।

 

कानपुर व झांसी के बीच बन रही इंडस्ट्रियल सिटी

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ क्षेत्र में बीडा के रूप में एक बड़े इंडस्ट्रियल सिटी का निर्माण कर रही है। इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास भेजा गया था। प्रस्ताव जब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव जी के पास गया तो उन्होंने तत्काल सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करते हुए इसकी स्वीकृति दी और फोन करके अवगत भी कराया। केंद्र व राज्य सरकार के बीच इसी प्रकार का समन्वय और त्वरित निर्णय देश के विकास को नई गति प्रदान करता है। मैं विश्वास करता हूं कि इस परियोजना को भी हम समय-सीमा में पूरा कर प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

 

सेमीकंडक्टर दुनिया की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का सानिध्य उत्तर प्रदेश की जनता को प्राप्त हुआ था। सेमीकंडक्टर आज दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है और भारत को इसी ताकत का केंद्रबिंदु बनना है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट हब के रूप में देश को स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी जी का विजन है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे। जो चीजें विभिन्न देशों से आयात होती हैं, वे भारत में बनें और दुनिया को निर्यात हों।

 

इस अवसर पर केंद्रीय रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव,  यूपी के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, प्रभारी मंत्री ब्रजेश सिंह, सांसद महेश शर्मा, सुरेंद्र सिंह नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह नागर, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नगर अध्यक्ष महेश चौहान, अंबर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष जसवीर सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर दलजीत सिंह, सीईओ कोरिया सर्किट चो यांग-हो आदि मौजूद रहे। Edited by : Sudhir Sharma

चीन के बड़े कदम से और नीचे आ सकता है Gold, आखिर ऐसा क्या कर दिया China ने

Gold rate

China Big Decision on Gold: यूं तो पिछले कुछ समय से सोना और चांदी की कीमतों में भारत में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। लेकिन, चीन के एक कदम ने सोना-चांदी बाजारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हाल ही में चीन के बैंकिंग रेगुलेटरों और प्रमुख बैंकों (जैसे ICBC) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्राइवेट रिटेल निवेशकों के लिए शंघाई गोल्ड एक्सचेंज (SGE) पर सोने-चांदी की ट्रेडिंग (Retail Trading) पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

चीन में डिस्काउंट पर बिक रहा है सोना

चीन के बड़े बैंकों ने आम लोगों से सोने में सट्टा या शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग बंद करने और सिर्फ फिजिकल बुलियन (भौतिक सोना) होल्ड करने को कहा है। इस फैसले के बाद चीनी रिटेल निवेशकों को मजबूरन अपनी पोजीशन को लिक्विडेट (बेचना) करना पड़ रहा है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में सोने की मांग अचानक कमजोर हुई है। वर्तमान में शंघाई में सोना लंदन के अंतरराष्ट्रीय भाव से नीचे (डिस्काउंट पर) बिक रहा है, जो दिखाता है कि चीन में फिलहाल स्थानीय स्तर पर सोने की मांग बेहद सुस्त हो चुकी है। चीन का यह कदम वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को और नीचे धकेल रहा है।

पिछले कुछ समय में कितने गिरे हैं दाम?

साल 2026 की शुरुआत में जनवरी के दौरान सोने और चांदी ने अपना सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था, लेकिन उसके बाद से इसमें ऐतिहासिक गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना जनवरी 2026 के रिकॉर्ड हाई (5595 डॉलर प्रति औंस) से गिरकर लगभग 29% से 30% तक क्रैश होकर 4000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। यह पिछले 7 महीनों का सबसे निचला स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में और भी बड़ा धमाका हुआ है। यह अपने इस साल के शिखर से 50% से अधिक टूट चुकी है। 

क्या है घरेलू बाजार का हाल? 

भारत में इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से गिरावट वैश्विक बाजार जितनी ज्यादा तो नहीं है, लेकिन भारतीय बाजार में भी सोना अपने शिखर से करीब 22% से 25% तक टूट चुका है। अकेले जून के महीने में ही प्रति 10 ग्राम सोने पर 10,000 रुपए से ज्यादा की कमी आई है। 

silver rate

 

 

जेवर बनेगा भारत का सोलर हब! 8200 करोड़ के निवेश से सीएम योगी ने रखी बड़ी परियोजना की नींव

yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है।

 

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है।

 

6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60 प्रतिशत तक कम

सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है। 

 

20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दो-तीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें  तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।

 

देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन यूपी में

सीएम ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशा-निराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है।

 

भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट

सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था,  अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी। इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है।

 

भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।

 

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

 

20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

जेवर। एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

 

20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश बढाएगी कंपनी

एसएईएल के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2029-30 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी। Edited by : Sudhir Sharma

जरूरतमंदों के इलाज और मकान की व्यवस्था कराएगी सरकार : योगी

Chief Minister Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि जरूरतमंदों के इलाज और मकान की व्यवस्था सरकार कराएगी। 

 

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए।

 

इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं। 

किसी का इलाज रुके नहीं, आवास भी दिलाएंगे

जनता दर्शन में एक महिला ने सीएम योगी से कहा कि उनके पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। एम्स दिल्ली में इलाज कर रही महिला को सीएम ने राहत कोष से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। एक अन्य महिला की इलाज संबंधी समस्या सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके इलाज की व्यवस्था गोरखपुर एम्स या बीआरडी मेडिकल कॉलेज में की जाए।  

 

जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दीं। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।

गुड़-रोटी खिलाकर सीएम योगी ने की गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा में भी रमे रहे। उन्होंने स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा। गुड़-रोटी खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश के समुचित देखभाल के निर्देश दिए।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर शनिवार प्रातः काल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या में शामिल रहती है। 

 

शनिवार सुबह भी मुख्यमंत्री, मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में सीएम योगी ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, थपकी देखे दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़-रोटी खिलाया। गोसेवा के दौरान गोशाला परिसर में विचरण कर रहे मोरों पर भी मुख्यमंत्री ने स्नेह बरसाया।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें पिछले कुंभ मेलों का अनुभव था। अधिकारियों ने कुंभ को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा किए। उनके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कुंभ मेलों से जुड़े उनके रोचक अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आसपास के राज्यों से भी समन्वय करने की जरूरत है। इस बार का सिंहस्थ भव्य होगा। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उज्जैन से हमारा संबंध है। महाकाल की नगरी उज्जैन से जुड़ने पर जीवन धन्य होता है। मनुष्य तो छोड़ो देवताओं की भी कामना होती है कि काश उज्जैन में निवासरत होने का अवसर मिले। इसके इतिहास के साक्षी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दौर बदल रहा है। वो दिन गए जब हम बड़े दिनों-त्योहारों का इंतजार करते थे, अब तो 12 महीने बसंत है, आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धार्मिक पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहा है, इस तरह के नगर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे काम करने की है, जिसके दूरगामी परिणाम हों। बाबा महाकाल की कृपा से कोई आदमी इस तरह के शहर से निकलता है और सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठता है। महाकाल की नगरी से आपका भी जुड़ना एक संयोग है। इस तरह आपका और हमारा भी अमृत कुंभ चल रहा है। 

 

सभी के अनुभव जानना जरूरी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 80 के दशक के कुंभ में मैं स्काउट गाइड के सदस्य के रूप में यहां सेवा कर रहा था। इसी तरह 1992 के कुंभ में मैं सिंहस्थ समिति में था। एक बार मुझे बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने दरवाजे पर रोक दिया। पूछा कि कहां जा रहे हो, मैंने कहा कि मैं मोहन यादव हूं तो उन्होंने कहा कि मैं तो उनको जानता हूं, तुम्हारे बराबर तो उनके बच्चे होंगे। वो बोले कि तुम जाओ यहां से। मैंने कहा कि मैं ही मोहन यादव हूं, मुझे ही जाना है। फिर जैसे-तैसे वो वाक्या पूरा हुआ। यह सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि, उस समय जब सिंहस्थ समिति बनती थी, तो सब लोगों को उसमें जोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि अभी हमने कुछ समितियों का गठन नहीं किया है। हम चाहते हैं कि केवल उज्जैन के प्रतिनिधि इसमें शामिल न हों, बल्कि अन्य लोग को भी इसमें जोड़ा जाए। ताकि, आप सभी के अनुभव का लाभ मिले। 

 

सारी पुरानी रुकावटें दूर करने का प्रयास-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ सबका है। पुराने समय और अभी के समय में अंतर है। पहले एक-दो होटल होती थीं, जिसमें से कुंभ के बाद एक बंद हो जाती थी। लेकिन, अब लोगों को ठहराना बड़ी चुनौती है। आज उज्जैन का समय बदल गया है। हम पुराने दौर के सारे दबाव दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने हर रोड चौड़ी की है, ताकि बाहर से आने वालों को समस्या न हो। हमने स्नान की चुनौती भी करीब-करीब पूरी कर ली है। सारे देव स्थानों को बड़ा किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नदी तो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मिट्टी की वजह से इसकी धारा कभी दाएं-कभी बाएं मुड़ जाती थी, लेकिन अब घाट पक्के होने से यह समस्या दूर हो गई है। पहले जिन लोगों को धर्मशाला मिलनी चाहिए, उसे नहीं मिल पाती थी। लेकिन, इस बार इसका भी ख्याल रखा गया है। हमें रेलवे में हुए बदलाव का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के सिंहस्थ के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय करना पड़ेगा, ताकि अव्यवस्था फैलने से रोका जा सके। मेरी शुभकामना है कि 2028 का सिंहस्थ भव्य रूप से करेंगे।

सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें पिछले कुंभ मेलों का अनुभव था। अधिकारियों ने कुंभ को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा किए। उनके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कुंभ मेलों से जुड़े उनके रोचक अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आसपास के राज्यों से भी समन्वय करने की जरूरत है। इस बार का सिंहस्थ भव्य होगा। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उज्जैन से हमारा संबंध है। महाकाल की नगरी उज्जैन से जुड़ने पर जीवन धन्य होता है। मनुष्य तो छोड़ो देवताओं की भी कामना होती है कि काश उज्जैन में निवासरत होने का अवसर मिले। इसके इतिहास के साक्षी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दौर बदल रहा है। वो दिन गए जब हम बड़े दिनों-त्योहारों का इंतजार करते थे, अब तो 12 महीने बसंत है, आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धार्मिक पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहा है, इस तरह के नगर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे काम करने की है, जिसके दूरगामी परिणाम हों। बाबा महाकाल की कृपा से कोई आदमी इस तरह के शहर से निकलता है और सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठता है। महाकाल की नगरी से आपका भी जुड़ना एक संयोग है। इस तरह आपका और हमारा भी अमृत कुंभ चल रहा है। 

 

सभी के अनुभव जानना जरूरी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 80 के दशक के कुंभ में मैं स्काउट गाइड के सदस्य के रूप में यहां सेवा कर रहा था। इसी तरह 1992 के कुंभ में मैं सिंहस्थ समिति में था। एक बार मुझे बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने दरवाजे पर रोक दिया। पूछा कि कहां जा रहे हो, मैंने कहा कि मैं मोहन यादव हूं तो उन्होंने कहा कि मैं तो उनको जानता हूं, तुम्हारे बराबर तो उनके बच्चे होंगे। वो बोले कि तुम जाओ यहां से। मैंने कहा कि मैं ही मोहन यादव हूं, मुझे ही जाना है। फिर जैसे-तैसे वो वाक्या पूरा हुआ। यह सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि, उस समय जब सिंहस्थ समिति बनती थी, तो सब लोगों को उसमें जोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि अभी हमने कुछ समितियों का गठन नहीं किया है। हम चाहते हैं कि केवल उज्जैन के प्रतिनिधि इसमें शामिल न हों, बल्कि अन्य लोग को भी इसमें जोड़ा जाए। ताकि, आप सभी के अनुभव का लाभ मिले। 

 

सारी पुरानी रुकावटें दूर करने का प्रयास-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ सबका है। पुराने समय और अभी के समय में अंतर है। पहले एक-दो होटल होती थीं, जिसमें से कुंभ के बाद एक बंद हो जाती थी। लेकिन, अब लोगों को ठहराना बड़ी चुनौती है। आज उज्जैन का समय बदल गया है। हम पुराने दौर के सारे दबाव दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने हर रोड चौड़ी की है, ताकि बाहर से आने वालों को समस्या न हो। हमने स्नान की चुनौती भी करीब-करीब पूरी कर ली है। सारे देव स्थानों को बड़ा किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नदी तो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मिट्टी की वजह से इसकी धारा कभी दाएं-कभी बाएं मुड़ जाती थी, लेकिन अब घाट पक्के होने से यह समस्या दूर हो गई है। पहले जिन लोगों को धर्मशाला मिलनी चाहिए, उसे नहीं मिल पाती थी। लेकिन, इस बार इसका भी ख्याल रखा गया है। हमें रेलवे में हुए बदलाव का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के सिंहस्थ के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय करना पड़ेगा, ताकि अव्यवस्था फैलने से रोका जा सके। मेरी शुभकामना है कि 2028 का सिंहस्थ भव्य रूप से करेंगे।