मानसून पर ‘विलेन’ अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी

Indian Monsoon Update 2026

प्रशांत महासागर में बन रही एक वैश्विक मौसमी घटना भारत के मानसून के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती प्रगति के बाद कई क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसके चलते देश के अनेक हिस्सों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
 

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अल नीनो का प्रभाव अगले कुछ महीनों तक बना रहता है, तो न केवल मानसून कमजोर पड़ सकता है, बल्कि कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और खाद्य कीमतों पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ALSO READ: Monsoon : मौसम के महादानव अल-नीनो को परास्त करेगा Indian Ocean Dipole, जानिए कैसे होगी झमाझम बारिश

क्या है अल नीनो और क्यों बढ़ जाती है चिंता?

'अल नीनो' (El Niño) प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके कारण वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है और भारत में मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अल नीनो का प्रभाव जून से ही दिखाई देने लगा है। यदि इसकी तीव्रता बढ़ती है, तो मानसून सीजन के मध्य और अंतिम चरण में वर्षा की कमी और अधिक गंभीर हो सकती है।

किन राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अल नीनो लंबे समय तक सक्रिय रहा, तो देश के पांच प्रमुख कृषि राज्यों पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • उत्तरी कर्नाटक

Indian Monsoon Update 2026

इन राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

 

शहरों में भी बढ़ रहा जल संकट

सूखे का खतरा केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। देश के कई बड़े शहर पहले से ही जल संकट का सामना कर रहे हैं।
 

विशेषज्ञों का कहना है कि जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण की दिशा में पर्याप्त प्रगति न होने के कारण कई महानगर मानसून पर अत्यधिक निर्भर हैं। यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
 

जल विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संरक्षण, रीसाइक्लिंग और वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की मांग है। ALSO READ: 5 चक्रव्यूह में फंसा मानसून, बारिश को तरसते 7 राज्यों में पारा 40°C के पार, जानें आपके शहर का हाल

 

क्या 2026-27 की गर्मियां रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं?

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते आगामी वर्षों में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है।
 

कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत के कई हिस्सों में गर्मी की तीव्रता बढ़ सकती है और हीटवेव की घटनाएं अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं। ऐसे हालात में कई क्षेत्रों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

किसानों पर दोहरी मार

कम बारिश का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, यदि वर्षा में उल्लेखनीय कमी बनी रहती है, तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धान
  • तुअर और मूंग जैसी दालें
  • सोयाबीन और मूंगफली जैसे तिलहन
  • कपास
  • बाजरा
  • फल और सब्जियां

विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अचानक फसल पैटर्न नहीं बदल सकते, क्योंकि खेती केवल तकनीकी नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था से भी जुड़ी होती है।

Indian Monsoon Update 2026

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

कृषि उत्पादन घटने का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।

यदि उत्पादन कम हुआ और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ी, तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। दाल, तेल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

राहत की खबर भी है

हालांकि स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है, जो किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटने में मदद कर सकता है। इसके अलावा :

  • देश का सिंचित क्षेत्र पिछले दशक में बढ़ा है।
  • मौसम पूर्वानुमान तकनीक पहले से अधिक सटीक हुई है।
  • AI आधारित कृषि सलाह किसानों को समय रहते निर्णय लेने में मदद कर रही है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निगरानी कर रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: किसान क्या करें?

विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

✔ एक ही फसल पर पूरी निर्भरता से बचें।

✔ मिश्रित खेती अपनाएं।

✔ कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दें।

✔ मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बुआई की योजना बनाएं।

✔ सूखा प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा बुआई का जोखिम सोच-समझकर लें।

उम्मीद की किरण: IOD बन सकता है गेमचेंजर

मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) पर है। यदि मानसून के उत्तरार्ध में पॉजिटिव IOD सक्रिय होता है, तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा का कारण बन सकता है।
 

फिलहाल देश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। आने वाले कुछ सप्ताह तय करेंगे कि अल नीनो भारत के लिए केवल एक मौसमी चुनौती साबित होगा या फिर यह खेती, पानी और महंगाई से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय संकट बन जाएगा।

 

Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून अब दोबारा उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी जल्द मानसून की एंट्री होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है।

 

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय है मानसून

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

ALSO READ: Electric Scooters : भारत के 10 सबसे शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, दमदार रेंज, स्मार्ट फीचर्स और किफायती कीमत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है।

 

मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर बरकरार

 

एक ओर जहां पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है। तटीय और मध्य महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 25 जून तक लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना और बिहार के कुछ हिस्सों में 21 जून तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है, जबकि तेलंगाना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  Edited by : Sudhir Sharma

भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

इन तीन युद्धपोतों में स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी (INS Dunagiri), सर्वे वेसल (लार्ज) संशोधक (INS Sanshodhak) और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे (INS Agray) शामिल हैं। ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

नौसेना द्वारा जारी वीडियो में INS Dunagiri को एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोत बताया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मिडियम रेंज सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। यह युद्धपोत भारतीय स्टील्थ तकनीक से लैस है और लंबी अवधि के समुद्री अभियानों में सक्षम है।

 

INS Sanshodhak को समुद्री सर्वेक्षण के लिए तैयार किया गया है, जो समुद्र की गहराई और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने में उपयोग होगा। वहीं INS Agray को उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तीनों जहाज “आत्मनिर्भर भारत” के प्रतीक हैं और अब भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि देश की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है और भारतीय इंजीनियरों, श्रमिकों और उद्योगों की मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

International Yoga Day 2026: गुजरात में योग दिवस का उत्सव, CM भूपेंद्र पटेल ने मानसा में किया सामूहिक योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया। “स्वस्थ जीवन के लिए योग” थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में गुजरात योग बोर्ड के अध्यक्ष शिशपाल राजपूत तथा मानसा के विधायक जे.एस. पटेल भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

विश्व योग दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। 

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में योग प्रेमी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

इस अवसर पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया और सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी से पूरा वातावरण योगमय हो गया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। Edited by : Sudhir Sharma

NEET Re-Exam 2026: धर्मेंद्र प्रधान बोले- बिना डर और तनाव के दें परीक्षा, 22 लाख छात्रों से क्या अपील की

dharmendra pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की।

 

प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और छात्रों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज करीब 22 लाख छात्र कुछ ही देर में नीट परीक्षा देने जा रहे हैं। उन्हें निडर होकर और बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल होना चाहिए। वे निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मेरी ओर से सभी छात्रों को ढेर सारी शुभकामनाएं।’’

 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘कृपया भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। ऐसा कुछ भी न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े। कुछ ही घंटों में बच्चे परीक्षा देने जा रहे हैं।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपील करता हूं कि हमें भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कोई भी इसे मज़ाक न बनाए। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। कुछ ही घंटों में छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं।’’

 

किसी का नाम लिए बिना प्रधान ने कहा कि शनिवार को कुछ ‘‘ कथित जिम्मेदार लोगों’’ ने ‘‘गलत इरादे’’ से ऐसा व्यवहार किया, जिससे बच्चों पर असर पड़ा, उन्होंने उनसे आगे किसी भी तरह की परेशानी या तनाव नहीं फैलाने की अपील की।

 

उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम यदि आप जिम्मेदार हैं, यदि आप स्वयं को भारत का सच्चा नागरिक मानते हैं, यदि आप भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो कृपया जिम्मेदारी लें और बच्चों को और अधिक परेशानी न दें।’’

 

एनटीए ने तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था, और सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

Iran closed the Strait of Hormuz due to a ceasefire violation

Iran closes the Strait of Hormuz again : मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है। ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

 

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है।

ALSO READ: इजराइल हिजबुल्ला में सीजफायर, अमेरिका, कतर और ईरान ने कैसे दोनों को मनाया?

ईरानी सेना ने किया यह दावा

ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

ALSO READ: 'ट्रंप ही इजरायल के आखिरी ताकतवर दोस्त' : अमेरिका-ईरान डील के बाद जेडी वेंस ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खरी

ईरान ने दी यह चेतावनी 

ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर आक्रामकता जारी रहती है तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है। ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संकेत दिया कि जब तक ईरान को यह महसूस नहीं होता कि अमेरिका समझौते का पालन कर रहा है, तब तक शायद ही कुछ हो पाएगा।

 

लेबनान पर इसराइली हमलों में 16 लोगों की मौत 

बाघेई ने कहा, अंतिम समझौते के लिए बातचीत तभी शुरू होगी, जब लेबनान में लड़ाई खत्म करने सहित मुख्य वादों को पूरा किया जाएगा। शनिवार को दक्षिणी लेबनान पर हुए इसराइली हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे।

ALSO READ: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

ईरानी सेना के दावे पर क्‍या बोले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस?

वहीं दूसरी ओर ईरानी सेना के दावे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान भी सामने आया है। वेंस का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान होर्मुज को बंद कर रहा है। उपराष्ट्रपति वेंस का कहना है कि ईरान पर बातचीत के लिए आने वाले दिनों में उनके स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद है।

ALSO READ: ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डोनाल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ

नेतन्याहू बोले- लेबनान से पीछे नहीं हटेगी ईरानी सेना

इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान की सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 111 दिनों की जंग के बाद युद्ध समाप्त करने को लेकर 14 बिंदुओं का समझौता हुआ है। इसे इस्लामाबाद समझौते का नाम दिया गया है। इस समझौते में इसराइल शामिल नहीं है। ऐसे में ईरान की तरफ से होर्मुज को एक बार फिर बंद किए जाने का फैसला क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

यूपी में आयुष्मान कार्डधारकों को बड़ी राहत, अब जिले में ही होगा समस्याओं का समाधान

big relief for Ayushman cardholders in Uttar Pradesh

– अप्रूवल, रिजेक्शन और कार्ड डिसेबल जैसी प्रक्रियाओं के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे राजधानी के चक्कर

– मुख्यमंत्रीओ और जिला आयुष्मान टीमों को मिले विशेष अधिकार, लाभार्थियों को मिलेगा त्वरित समाधान

– मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर आयुष्मान सेवाओं का विस्तार, जिला स्तर पर बढ़ी सुविधा

– राष्ट्रीय औसत से बेहतर यूपी का प्रदर्शन, 57 दिन में हो रहा क्लेम का निस्तारण

Uttar Pradesh news : योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की गई है। अब आयुष्मान कार्ड से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लाभार्थियों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) के लखनऊ स्थित कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनकी समस्याओं का निस्तारण अब जिला स्तर पर ही किया जा सकेगा।

 

सभी मुख्यमंत्रीओ को उपलब्ध कराई गई तकनीकी आईडी

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि आयुष्मान भारत योजना का वास्तविक लाभ तभी पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्हें बिना किसी अनावश्यक परेशानी के समय पर सेवाएं उपलब्ध हों। यही वजह है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ऐसे में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (मुख्यमंत्रीओ), नोडल आयुष्मान अधिकारियों तथा जिला कार्यान्वयन इकाई की टीमों को विशेष तकनीकी आईडी उपलब्ध करा दी गई है। इसके माध्यम से अब जिला स्तरीय अधिकारी आयुष्मान कार्ड के अप्रूवल, रिजेक्शन और कार्ड को डिसेबल करने जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान कर सकेंगे। इस व्यवस्था से लाभार्थियों का समय और धन दोनों बचेगा तथा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेजी से उपलब्ध होंगी।

 

राष्ट्रीय औसत से कम है यूपी का दावा निस्तारण एवं भुगतान का टाइम

वहीं साचीज ने गुणवत्तापूर्ण उपचार और अस्पतालों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। एजेंसी का उद्देश्य एक ओर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है तो दूसरी ओर ईमानदारी से कार्य करने वाले अस्पतालों को समय पर भुगतान देकर उन्हें प्रोत्साहित करना भी है। दावों (क्लेम) के निस्तारण और भुगतान प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

वर्तमान में प्रदेश में भुगतान लंबित होने को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है और लगभग 500 करोड़ रुपए की देयता ही लंबित है। उत्तर प्रदेश में दावा निस्तारण एवं भुगतान का औसत टर्न-अराउंड टाइम लगभग 57 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 73 दिन है। यह उपलब्धि प्रदेश में लागू की गई प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीकी सुधारों को दर्शाती है।

 

अनियमितताओं के चलते 200 अस्पतालों पर कार्रवाई

साचीज की सीईओ ने बताया कि कई बार अस्पतालों द्वारा आवश्यक दस्तावेज समय पर या पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण दावे अस्वीकृत हो जाते हैं। इससे अस्पतालों को भुगतान प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए एजेंसी विभिन्न चरणों में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन प्रशिक्षणों में अस्पतालों को दावा प्रस्तुत करने की सही प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों की जानकारी और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन्स के अनुरूप उपचार एवं दावा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अस्पताल पहली बार में ही सही और पूर्ण दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे दावों की अस्वीकृति कम होगी और भुगतान प्रक्रिया और अधिक तेज एवं पारदर्शी बनेगी। इससे मरीजों और अस्पतालों दोनों को लाभ मिलेगा। दूसरी ओर केवल गुणवत्तापूर्ण और लाभार्थी हितैषी अस्पतालों को बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी भी की जा रही है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में गुणवत्ता मानकों का पालन न करने तथा विभिन्न अनियमितताओं के कारण लगभग 200 अस्पतालों को योजना से डी-एम्पैनल किया गया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

 

300 अस्पतालों का कराया जा रहा फील्ड ऑडिट

करीब 300 अस्पताल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके विरुद्ध अपकोडिंग अथवा संदिग्ध दावों के माध्यम से अनुचित भुगतान प्राप्त करने की आशंका सामने आई है। ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनके विरुद्ध विस्तृत फील्ड ऑडिट कराया जा रहा है। जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इससे योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी। साचीज का स्पष्ट लक्ष्य है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल वही अस्पताल सक्रिय रहें, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उनके दावों और भुगतान के निस्तारण को और अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया जाएगा।
Edited By : Chetan Gour 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने की तैयारी पूरी, 1.42 करोड़ बच्चों के साथ योगमय होगा उत्तर प्रदेश

Preparations underway to turn International Yoga Day into mass movement in Uttar Pradesh

– योगी सरकार ने छात्रों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अभिभावकों की व्यापक सहभागिता की सुनिश्चित

– योगी सरकार ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को बनाया नोडल अधिकारी

– 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 78 हजार से अधिक छात्राएं भी होंगी शामिल

– 21 जून को 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में होगा सामूहिक योगाभ्यास

– गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के बनेंगे साक्षी

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं को योग से जोड़ने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रदेशभर के विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास होगा, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अभिभावक सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण और समन्वय के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। योग को जन आंदोलन और स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाने की दिशा में योगी सरकार की सतत पहल का प्रभाव इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी दिखाई देगा, जहां गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के साक्षी बनेंगे। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों के जीवन में स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश बन सके।

 

विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग का होगा आयोजन

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योग का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके।

 

नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

21 जून को होने वाला यह व्यापक आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
Edited By : Chetan Gour 

CM योगी ने किया मां बगुलामुखी का दर्शन-पूजन, तुवन मंदिर में भी माथा टेका

Chief Minister Yogi Adityanath's visit to Madhya Pradesh

Chief Minister Yogi Adityanath : बुंदेलखंड को विकास परियोजनाओं की सौगात देने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मध्य प्रदेश के दतिया में मां बगुलामुखी का दर्शन-पूजन भी किया। दतिया हवाई पट्टी पर मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री यहां से पीतांबरा पीठ पहुंचे। 


पीतांबरा पीठ में मुख्यमंत्री ने मां बगुलामुखी के दर्शन किए और विधिवत पूजा अर्चना की। उन्होंने परिसर में स्थित वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक भी किया। इसके बाद मुख्यमंत्री लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ललितपुर रवाना हो गए।

ललितपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने तुवन मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी व महंत आदि उपस्थित रहे।
Edited By : Chetan Gour 


Chief Minister Yogi Adityanath : बुंदेलखंड को विकास परियोजनाओं की सौगात देने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मध्य प्रदेश के दतिया में मां बगुलामुखी का दर्शन-पूजन भी किया। दतिया हवाई पट्टी पर मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री यहां से पीतांबरा पीठ पहुंचे। 

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

Mojtaba Khamenei iran new supreme leader

अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जांच उन आरोपों पर केंद्रित है जिनमें दावा किया गया है कि खामेनेई ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ा निवेश पोर्टफोलियो तैयार किया। इसमें वॉल स्ट्रीट के प्रमुख बैंकों में भी निवेश शामिल था।

ALSO READ: PM Modi in Paris : पेरिस में बोले PM मोदी – 12 साल में दोगुनी हुई भारत की GDP, एयरपोर्ट और यूनिवर्सिटी की संख्या में भी बड़ा इजाफा

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियां खामेनेई से जुड़ी कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की समीक्षा कर रही हैं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि क्या किसी अमेरिकी वित्तीय संस्थान ने इन लेन-देन को सुविधाजनक बनाने में कोई भूमिका निभाई थी।  रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन बैंकों की गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है, उनमें JPMorgan Chase और Citigroup जैसे बड़े अमेरिकी बैंक शामिल हैं। 

 

हालांकि, जांच शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि खामेनेई के खिलाफ आपराधिक आरोप तय कर दिए गए हैं। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वह इस पूरी जांच के मुख्य केंद्र में बने हुए हैं।

 

मोजतबा खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता उस समय बने थे, जब उनके पिता और तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा देश की विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रखते हैं।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

इस बीच, अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं। हालांकि, इसी महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और ईरान के नेतृत्व संबंधी मामलों में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है। Edited by : Sudhir Sharma