SIP Calculator: मंथली 2000 रुपये की SIP से 10 लाख का फंड कितने समय में तैयार होगा? आसानी से समझें पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: कई लोग निवेश शुरू करन के लिए इनकम बढ़ने का इंतजार करते हैं। इनकम बढ़ने पर खर्च भी बढ़ जाते हैं। इस वजह से वे निवेश शुरू करने के लिए सही मौके का इंतजार करते रह जाते हैं। सच यह है कि निवेश शुरू करने के लिए ज्यादा इनकम जरूरी नहीं है। आप कम इनकम से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। खासकर आप सिप से म्यूचुअल फंड की स्कीम में कम अमाउंट से निवेश शुरू कर बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आइए यहां पूरा कैलकुलेशन समझते हैं।

निवेश में बरतना होगा अनुशासन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में सबसे जरूरी अनुशासन है। अगर आप 2000 रुपये से निवेश शुरू करते हैं और लंबी अवधि तक हर महीने निवेश करना जारी रखते हैं तो आप आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश करने पर सालाना कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न आराम से मिल जाता है। कई बार इससे ज्यादा यानी 14 फीसदी या 16 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है। लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है।

लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा

कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि निवेश के रिटर्न पर भी आपको रिटर्न मिलता है। इससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। कंपाउंडिंग की वजह से छोटे अमाउंट के निवेश से भी लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। जो इनवेस्टर कंपाउंडिंग के मैजिक को समझ जाते हैं वे निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं। इससे 10-15 साल में उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।

आइए एक टेबल की मदद से समझते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कितना समय लगेगा।

अनुमानित सालाना रिटर्न10 लाख का फंड तैयार होने में अनुमानित समय
12%15 साल कुछ महीने
14%14 साल कुछ महीने
16%13 साल कुछ महीने

अगर आप कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आप स्टेट-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्टेप-अप स्ट्रेटेजी में हर साल सिप का अमाउंट बढ़ा दिया जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप निवेश की शुरुआत मंथली 2000 रुपये के निवेश से करते हैं। दूसरे साल आप निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। तीसरे साल भी आप SIP का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। इस स्ट्रेटेजी से कम समय में आपके लिए काफी बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है।

आइए समझते हैं कि स्टेप-अप सिप से 10 लाख रुपये का SIP तैयार करने में कितना समय लगेगा।

सामान्य SIP से 10 लाख10% स्टेप-अप SIP से 10 लाखसमय की बचतअनुमानित सालाना रिटर्न
15 साल कुछ महीने12 साल कुछ महीने3 साल12%
14 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने3 साल14%
13 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने2 साल16%

स्टेप-अप सिप के फायदे

स्टेप-अप सिप में हम देखते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कम समय लगता है। चूंकि, आप SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 10 फीसदी बढ़ाते हैं, जिससे आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन, आपके निवेश की अवधि काफी कम हो जाती है। इसकी वजह कंपाउंडिंग का मैजिक है।

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रिटर्न की गारंटी नहीं

यहां टेबल में 12 फीसदी, 14 फीसदी और 16 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि हम तीन तरह के रिटर्न का अनुमान लगाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड के रिटर्न के बारे में पहले से कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, आम तौर पर यह देखा  गया है कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। ऊपर टेबल में दी गई जानकारी सिर्फ कैलकुलेशन के लिए है।

Silver Rates Today: एक जुलाई को चांदी की नई कीमतें जारी! जानिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में क्या है रिटेल रेट

Silver Rates Today: जुलाई के पहले दिन घरेलू सर्राफा बाजार और वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते चांदी के भाव दबाव में रहे, जिससे खरीदारों को राहत मिली। बुधवार, 1 जुलाई को भारत के रिटेल मार्केट में सोने की कीमत में भी गिरावट आई। प्रमुख शहरों में 24-कैरेट और 22-कैरेट सोने के रेट में थोड़ी कमी देखी गई। वहीं, घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है।

1 जुलाई को अगस्त फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड रेट 0.94% गिरकर ₹141,600 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, MCX सिल्वर फ्यूचर्स सुबह करीब 9:13 बजे 1.86% गिरकर ₹224,520 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को तेल की कीमतों में भारी गिरावट के साथ महीने का समापन हुआ। एनर्जी मार्केट के ट्रेडर्स कतर में अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की संभावना पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (जो इंटरनेशनल बेंचमार्क है) गिरकर $72.92 प्रति बैरल पर आ गया। जून में इस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 21% की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी। सुबह के कारोबार में Comex पर इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड 1.09% गिरकर $3,994.40 प्रति औंस हो गया। जबकि चांदी 2.93% गिरकर $57.73 प्रति औंस पर आ गई।

घरेलू बाजार में अगस्त कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.84% ​​गिरकर ₹1,41,337 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सिल्वर फ्यूचर्स 1.8% गिरकर ₹2,24,268 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बाजार की नजर US ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज, नॉन-फार्म पेरोल्स और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है। इनसे बुलियन की कीमतों में अगली बड़ी हलचल आने की उम्मीद है।

LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “फेड की सख्त पॉलिसी के बाद, Comex गोल्ड में जून में पहले ही लगभग 12% की गिरावट आ चुकी है। यह $4,500 से गिरकर $3,950 पर आ गया है, जिससे बाजार ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में पहुंच गया है। $4,000 के स्तर के आसपास सोने में खरीदारी की अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। इस स्तर से नीचे जाने पर नई मांग आ रही है।”

एमसीएक्स पर चांदी का भाव

MCX पर चांदी के जुलाई/सितंबर वायदा में सुबह कारोबार के दौरान करीब 1.86% की गिरावट देखी गई। चांदी का वायदा भाव लगभग ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।

गिरावट की वजह क्या है?

एक्सपर्ट के अनुसार चांदी की कीमतों पर कई कारणों का असर पड़ा है:-

  • अमेरिकी डॉलर में मजबूती।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की उम्मीद।
  • वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता।
  • अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में कमी।

खरीदारों के लिए क्या मतलब है?

चांदी के दाम में आई गिरावट से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आज के प्रमुख रेट (999 सिल्वर)

दिल्ली: लगभग ₹2,22,400 से ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम तक रेट है।

मुंबई: लगभग ₹2,23,800 प्रति किलोग्राम।

कोलकाता: लगभग ₹2,24,000 प्रति किलोग्राम।

MCX पर भी चांदी में कमजोरी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में सिल्वर फ्यूचर्स करीब 1.86% टूटकर ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहे थे। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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Gold-Silver Price Today: चांदी ने लगाई ₹6000 की छलांग, सोना हुआ सस्ता; जानिए आज का रेट

Gold-Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने की वजह से 24 कैरेट सोना 800 रुपये सस्ता होकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार को सोने का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में जोरदार वापसी

वहीं, चांदी ने लगातार चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों टूटा, चांदी क्यों चमकी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बना रहा। वहीं, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,021.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 1% की तेजी रही और यह 58.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने गोल्ड में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना जताई है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के आर्थिक और रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।

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