PM Modi Achievements: ‘डिफेंस प्रोडक्शन 4 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन 7 गुना…’, PM मोदी ने 12 साल की यात्रा का किया जिक्र

PM Modi Achievements: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपनी सरकार के पिछले 12 साल के कामकाज और उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और सामर्थ्य से संभव हुई है।

इस दौरान पीएम मोदी ने पिछले 12 साल में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े भी बताए। उन्होंने कहा, “पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन 4 गुना बढ़ा है। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन 5 गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ी है। मोबाइल फोन का उत्पादन 33 फीसदी बढ़ा है और डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।”

उन्होंने आगे कहा: “कोई देश तब महान बनता है और अपने लक्ष्य हासिल करता है जब वह अपने सपनों, अपने संकल्प और अपनी अंदरूनी ताकत के दम पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। हमें बड़े सपने देखने होंगे, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को बड़ा करते हैं और हमारे नजरिए का दायरा बढ़ाते हैं। हमारा संकल्प अडिग होना चाहिए। जब हमारा संकल्प पक्का होता है, तो मुश्किलों और आपदाओं के बीच भी आगे बढ़ने का रास्ता बनाने की क्षमता अपने आप पैदा हो जाती है…”

प्रधानमंत्री ने भारत की तेजी से हो रही तरक्की के बारे में बताते हुए कहा: “2014 से पहले, यानी 12 साल पहले, हमारे देश में सिर्फ 70 शहरों में ही पाइप से गैस पहुंचाने की सुविधा थी। इन 12 सालों में हमने इस संख्या को 70 शहरों से बढ़ाकर 700 शहर कर दिया है। इसी को तेज़ी और विस्तार कहते हैं। 2014 से पहले, पाइप वाली गैस मुश्किल से 20-22 लाख घरों तक पहुंचती थी। आज, लगभग 1.75 करोड़ घरों तक पाइप वाली गैस पहुंचाने का काम चल रहा है। बारह साल पहले, देश की सोलर एनर्जी क्षमता सिर्फ 2 GW थी। सिर्फ 2 GW। आज यह 160 GW है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे समुद्री क्षेत्र के 99 फीसदी हिस्से को नो-गो एरिया घोषित कर दिया गया था। इस सोच की वजह से हमने खुद ही समुद्र में खोज और संसाधनों की तलाश का काम रोक रखा था। यह हमारी सोच की कमी थी। हमने तय किया कि ऐसा अब नहीं चल सकता। इसलिए जिस 99 फीसदी हिस्से को पहले नो-गो एरिया कहा गया था, उसे अब खोज और काम के लिए खोल दिया गया है।”

पीएम मोदी ने अंत कहा, “हमने PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की। और यह खुशी की बात है कि इतने कम समय में 50 लाख परिवार अब सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे रेलवे सिस्टम का इलेक्ट्रिफिकेशन 1925 में शुरू हुआ था। लेकिन 1925 से 2014 तक, यानी 90 सालों में, रेलवे नेटवर्क का सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्सा ही इलेक्ट्रिफाई हो पाया था। यानी 90 सालों में सिर्फ 30 प्रतिशत। हमारी रफ्तार देखिए। अपने लक्ष्यों को पाने का हमारा संकल्प देखिए। हमने पिछले एक दशक में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया है।”

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लाल किले से 75 मिनट बोले PM मोदी, 4 साल में सबसे छोटा रहा भाषण, जानें किन बड़े मुद्दों पर किया फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था। करीब 75 मिनट के संबोधन में उन्होंने भारत के विकास, आत्मनिर्भरता, युवाओं, तकनीक और देश के भविष्य को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और मिलकर भारत को आगे बढ़ाने की अपील की।

75 मिनट का रहा भाषण

इस साल पीएम मोदी का भाषण 75 मिनट का रहा। 2025 में उन्होंने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा संबोधन था। 2024 में उनका भाषण 98 मिनट और 2016 में 96 मिनट का रहा था। वहीं 2017 में उन्होंने 56 मिनट का सबसे छोटा भाषण दिया था। पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। तब उनका संबोधन 65 मिनट का था। इसके बाद 2015 में 88, 2018 में 83, 2019 में करीब 92 और 2020 में 90 मिनट का भाषण रहा। 2021 में 88, 2022 में 74 और 2023 में 90 मिनट तक उन्होंने देश को संबोधित किया।

लगातार 13वीं बार लाल किले से संबोधन

2026 में पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। पिछले साल लगातार 12 बार भाषण देने के बाद वह इंदिरा गांधी से आगे निकल गए थे। अब वह इस मामले में केवल जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं। नेहरू ने लगातार 17 बार लाल किले से भाषण दिया था।

वंदे मातरम् और तिरंगे का जिक्र

पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम् और तिरंगे के जिक्र से की। उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए अपना जीवन देने वाले वीरों को देश हमेशा याद रखेगा।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए। देश ने 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि यह सपना तभी पूरा होगा, जब सरकार के साथ देश के नागरिक भी इसमें अपनी भूमिका निभाएंगे।

12 साल की उपलब्धियों का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने 12 साल के कार्यकाल में हुए बदलावों की भी बात की। उन्होंने कहा कि करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, रेलवे और खादी जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल लेन-देन और सौर ऊर्जा में भी देश ने तेजी से प्रगति की है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत को जरूरी बताते हुए मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को मजबूत बनाने की बात कही।

सप्तधारा और युवाओं पर फोकस

प्रधानमंत्री ने विकास के लिए सप्तधारा का जिक्र किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताया। छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग देने का ऐलान किया। साथ ही एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य भी बताया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में था भारत, 12 साल में इस कैटेगरी से निकलकर बना सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: PM मोदी

भारत को कभी ‘फ्रेजाइल फाइव’ में गिना जाता था। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ‘फ्रेजाइल फाइव’ से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में बदल गया है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कही। ‘फ्रेजाइल फाइव’ वैश्विक वित्तीय और आर्थिक जगत में इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है, जिसका अर्थ है ”5 नाजुक या कमजोर अर्थव्यवस्थाएं।” इनमें भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये को रखा गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 में आजादी के बाद भारत के बड़े सपने थे, लेकिन प्रगति अक्सर उस गति से कम रही, जिसे हासिल करने की देश की आकांक्षा थी। आज भारत अभूतपूर्व गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और अब कोई भी ताकत 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को नहीं रोक सकती। भारत का 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने का बड़ा सपना है, जो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से साकार होगा।

उन्होंने कहा, ”जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र एक विकसित देश बनने का लक्ष्य निर्धारित करता है, तो यह दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश देता है और इससे दुनिया का भारत को देखने का नजरिया भी बदल रहा है।” यह भी कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है जब वह अपनी उपलब्धियां हासिल करता है। भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने होंगे और ऊंचे संकल्प लेने होंगे। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और संकल्प दृढ़ होने पर कठिनाइयों व आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।

रक्षा उत्पादन 4 गुना, डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा

पिछले 12 वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा उत्पादन 4 गुना बढ़ गया है, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ गई है, आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में 21 गुना वृद्धि हुई है, इंटरनेट यूजर्स की संख्या 4 गुना बढ़ गई है और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित हों, पीड़ित हों, वंचित हों, आदिवासी हों, गांव या शहर में रहने वाले हों, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।

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दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती। अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीएम ने यह भी कहा कि देश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत ने पहले ही 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है, और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट स्थापित होने की उम्मीद है।