NEET UG 2026 Result जारी! पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने किया टॉप, लड़कियों का शानदार रहा प्रदर्शन

NEET UG Result 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट), NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट और फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। एग्जाम में शामिल हुए 20 लाख से अधिक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। इस बार पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से 715/720 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR 1) प्राप्त की है। कुल 11.21 लाख उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं। क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं। एग्जाम 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी।

क्यों जल्दी जारी हुआ रिजल्ट?

NTA द्वारा जारी फाइनल आंसर-की के अनुसार, परीक्षा का एक सवाल ड्रॉप कर दिया गया है। इसी आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किए गए हैं। NTA ने कहा कि NEET-UG के नतीजे समय पर घोषित किए गए हैं ताकि मेडिकल कोर्स में एडमिशन और उम्मीदवारों की काउंसलिंग का शेड्यूल योजना के अनुसार आगे बढ़ सके।

सभी क्वालिफ़ाई करने वाले उम्मीदवारों में से 58 प्रतिशत से ज़्यादा महिलाएं हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के क्वालिफ़ाई करने की दर भी अधिक रही। परीक्षा में शामिल होने वाली 56.8 प्रतिशत महिलाएं क्वालिफ़ाई हुईं हैं। जबकि पुरुषों के मामले में यह आँकड़ा 55.1 प्रतिशत था।

लड़कियों का प्रदर्शन रहा बेहतर

इस साल NEET UG 2026 में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा:-

  • कुल सफल उम्मीदवारों में 58% से अधिक लड़कियां हैं।
  • परीक्षा में शामिल हुई 56.8% छात्राएं सफल रहीं।
  • 55.1% छात्र क्वालिफाई कर सके।

कैटेगरी के अनुसार सफल उम्मीदवार

जनरल (General): 2.91 लाख

OBC-NCL: 5.12 लाख

SC: 1.59 लाख

ST: 63,716

जनरल-EWS: 95,026

PwBD: 3,666

PwD: 303

साथ ही सभी कैटेगरी के कट-ऑफ अंक और पर्सेंटाइल भी जारी कर दिए गए हैं।

कितने छात्रों ने बनाए बड़े स्कोर?

NTA ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है। इनमें प्रमुख नाम हैं:-

जिगमेट यांगचेन लामो (लद्दाख) – 530 अंक

ध्रुव त्रिपाठी (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) – 606 अंक

फहमीदा अनीस (लक्षद्वीप) – 573 अंक

इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों के टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। कुल 17 राज्य टॉपर्स ने 700 या उससे अधिक अंक। जबकि 26 राज्य टॉपर्स ने 690 से अधिक अंक हासिल किए हैं।

परीक्षा शुल्क वापसी की प्रक्रिया

NTA ने बताया कि 3 मई को आयोजित परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार परीक्षा शुल्क की वापसी (Refund) के लिए अपनी बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अब तक 11.46 लाख से अधिक उम्मीदवार अपनी बैंक डिटेल्स जमा कर चुके हैं।

ऐसे करें रिजल्ट चेक

री-NEET UG 2026 परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही अब उम्मीदवारों की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर होगी, जिसके जरिए देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।

CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 3 भाषा नीति पर जताई चिंता, तमिलनाडु में जेएनवी मामले में सुनवाई के दौरान की टिप्पणी

CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा लागू करने के फैसले पर चिंता जताई है। जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर बेवजह का तनाव पड़ता है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने यह बात तमिलनाडु सरकार अपील पर सुनवाई करते हुए कही है। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस निर्देश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के निर्माण को आसान बनाने को कहा गया था। तमिलनाडु ने इन स्कूलों की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए लगातार जेएनवी बनाने का विरोध किया है। यह मामला सीधी तौर पर सीबीएसई बोर्ड की तीन भाषा नीति से जुड़ा हुआ नहीं है। लेकिन जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं।

सीबीएसई बोर्ड की की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को अभी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने अलग-अलग जनहित याचिकाओं में चुनौती दी गई है। बेंच ने पॉलिसी को लागू करने पर रोक लगाने से मना कर दिया है और मामले की सुनवाई अगले हफ्ते के लिए लिस्ट कर दी है।

तमिलनाडु में जेएनवी बनाने पर रोक की अपील पर सुनवाई के दौरान, तमिलनाडु सरकार के वकील ने कहा कि राज्य का एतराज मुख्य रूप से तीन-भाषा पॉलिसी से जुड़ा है। जस्टिस नागरत्ना ने साफ किया कि पॉलिसी में हिंदी को तीसरी भाषा के तौर पर जरूरी नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, “राज्य की भाषा पढ़ाई जानी चाहिए, इंग्लिश पढ़ाई जानी चाहिए, और कोई भी तीसरी भाषा। इसमें हिंदी नहीं लिखा है।”

रेस्पोंडेंट (हाई कोर्ट में NGO पिटीशनर) की तरफ से पेश वकील जी. प्रियदर्शिनी ने बताया कि एनईपी में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी राज्य पर कोई भी भाषा नहीं थोपी जानी चाहिए। जवाब में, जस्टिस नागरत्ना ने राज्य से पूछा, “आप हिंदी नहीं चाहते, लेकिन अगर यह संस्कृत है, तो क्या दिक्कत है?” तमिलनाडु के वकील ने जवाब दिया कि तीसरी भाषा सिर्फ कक्षा 9 से जरूरी हो जाती है।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “नहीं, यह बहुत बुरा है। 9वीं कक्षा काफी तनाव वाली होती है। आप 9वीं में एक नई भाषा क्यों शुरू करते हैं? आप इसे छठी कक्षा में शुरू करें।”

अपनी स्कूलिंग के अनुभव बताते हुए, जज ने याद किया कि उनके स्कूल के छात्रों ने मिडिल स्कूल के दौरान तीसरी भाषा सीखना शुरू कर दिया था क्योंकि एसएसएलसी परीक्षा के लिए यह जरूरी था। “यह उन लोगों के लिए कन्नड़ थी जिनकी दूसरी भाषा हिंदी थी और इसका उल्टा भी। संस्कृत भी थी, इसलिए आपके पास तीसरी भाषा हो सकती थी। जितना पहले हो, उतना अच्छा।” केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए, जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा, “भारत सरकार, कृपया 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा न रखें। सीबीएसई, आईसीएसई और स्टेट बोर्ड में 10वीं कक्षा एक बोर्ड परीक्षा है। 8वीं कक्षा के आखिर से, प्रेशर शुरू हो जाता है।”

जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु सरकार को यह भी सलाह दी कि वह सिर्फ इसलिए सेंट्रल स्कीम्स को रिजेक्ट न करे क्योंकि वे यूनियन गवर्नमेंट से आती हैं। उन्होंने राज्य से कहा, “आपका अपना एजुकेशन सिस्टम हो सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के स्कूलों को न रोकें,” बाद में उन्होंने कहा, “यह रवैया न रखें कि यह केंद्र सरकार है, तो हम इसे क्यों मानें।” बेंच में जस्टिस आर महादेवन भी थे। बेंच ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय बनाने पर केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच बातचीत अभी भी चल रही है।

NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

CSEET June 2026 Result: आईसीएसआई 15 जुलाई तक सीएसईईटी का रिजल्ट करेगा घोषित, जानें नतीजा जारी होने का समय और स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करेंगे

CSEET June 2026 Result: कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (CSEET) में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार बेसब्री से अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) ने राहत देने वाली खबर दी है। आईसीएसआई 15 जुलाई, 2026 को दोपहर 2:00 बजे सीएसईईटी जून 2026 का रिजल्ट घोषित करेगा। यह परीक्षा 1 जून से 4 जून, 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

कैंडिडेट को अपने स्कोरकार्ड चेक करने के लिए लॉगइन डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए, ताकि उन्हें आखिरी समय में किसी भी तरह की देरी न हो। कैंडिडेट को सीएसईईटी स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा। परीक्षार्थियों को उनके विषयों के हिसाब से अंक और ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट जारी किया जाएगा। ध्यान रखें, आईसीएसआई फिजिकल मार्कशीट जारी नहीं करेगा। इसलिए ऑनलाइन रिजल्ट डॉक्यूमेंट को भविष्य में एडमिशन और वेरिफिकेशन के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रक्रिया के अगल चरण में हिस्सा ले सकते हैं।

सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट कैसे चेक करें?

  • आईसीएसआई की ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘CSEET रिजल्ट जून 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • सीएसईईटी स्कोरकार्ड पीडीएफ को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

सीएसईईटी जून 2026 क्वालिफाइंग मार्क्स

परीक्षा में सफलता दर्ज करने के लिए परीक्षार्थियों को आईसीएसआई द्वारा तय न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करना होगा। सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट में PASS स्टेटस पाने के लिए कैंडिडेट्स को हर पेपर में कम से कम 40% अंक और कुल मिलाकर कम से कम 50% मार्क्स लाने होंगे। इन दोनों शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को ही परीक्षा में सफल घोषित किया जाएगा।

सीएसईईटी रिजल्ट के बाद क्या?

सीएसईईटी जून 2026 परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने वाले उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए पंजीकरण कराने के योग्य माने जाएंगे। यह कंपनी सेक्रेटरी कोर्स का अगला चरण है।

NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

NEET UG 2026 Re-exam: कई उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद स्नातक स्तरीय नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET UG) 2026 अब अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की जारी कर सकता है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी फाइनल आंसर की जारी होने के बाद उसे चेक कर सकेंगे। फाइनल आंसर की के बाद, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट भी जल्द ही जारी किया जाएगा।

कैंडिडेट फाइनल आंसर की जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रोविजनल आंसर की में उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन को देखने के बाद तैयार की जाएगी। परीक्षार्थी अपनी लॉगिन डिटेल्स, आवेदन संख्या और जन्म तिथि का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की ओएमआर रिस्पॉन्स शीट, फाइनल आंसर की और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जरूरी तारीखें

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से जुड़ी जरूरी तारीखें और इवेंट्स नीचे दी गई टेबल में हैं :

जानकारी तारीख

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख : 21 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम प्रोविजनल आंसर की : 25 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जल्द आने की उम्मीद

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट : 20 जुलाई 2026 संभावित

आधिकारिक वेबसाइट : neet.nta.nic.in

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की कैसे डाउनलोड करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की लिंक पर क्लिक करें, यह होमपेज पर मिलेगा।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की पीडीएफ स्क्रीन पर दिखेगी।
  • सभी क्वेश्चन पेपर सेट के सही जवाब चेक करें।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य में इस्तेमाल के लिए सेव कर लें।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट बनाम फाइनल आंसर की

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जारी किए जाने वाले दो अलग-अलग डॉक्यूमेंट हैं। ओएमआर शीट उन जवाबों की स्कैन की हुई कॉपी होती है जिन्हें कैंडिडेट परीक्षा के दौरान मार्क करते हैं। इससे परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान दिए गए जवाबों को चेक कर सकते हैं और अनुमानित स्कोर पा सकते हैं।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की में आधिकारिक जवाब होते हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता और ऑब्जेक्शन विंडो के दौरान उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन से वेरिफाई किया जाता है। ओएमआर शीट सभी कैंडिडेट के लिए है और इसे तभी पाया जा सकता है जब वे अपनी डिटेल्स के साथ लॉगिन करें लेकिन फाइनल आंसर की सभी के लिए समान होती है। एनटीए इसका इस्तेमाल आंसर शीट को चेक और वेरिफाई करने और नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट तैयार करने के लिए करता है। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद, आगे कोई चैलेंज या ऑब्जेक्शन नहीं लिया जाएगा।

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JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026:जेईई मेन में आई 13.90 लाख रैंक, फिर भी मिला एनआईटी में प्रवेश, जानें किन मामलों में खराब रैंक नहीं बनती बाधा

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026: जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा देने वाले छात्रों और अभिभावकों के बीच एक आम धारणा होती है। अगर रैंक अच्छी नहीं होगी तो आईआईटी या एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। लेकिन जेईई मेन और एडवांस्ड की रैंक के आधार पर देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जेओएसएए (जोसा) काउंसलिंग के तीसरे राउंड में एक छात्र का एनआईटी में प्रवेश चर्चा का सबब बन गया है।

दरअसल, इस छात्र की जेईई मेन में रैंक 13,90,116 ऑल इंडिया रैंक आई थी। इसके बावजूद इसे एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच अलॉट हुई है। इस छात्र को एनआईटी मिजोरम में प्रवेश स्टेट कोटा के माध्यम से मिला है। इस खबर से ऐसे कुछ लोगों की सोच में बदलाव जरूर आया होगा, जो मानते हैं कि एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई मेन में बहुत अच्छी रैंक होना जरूरी है।

इस समय जोसा काउंसलिंग 2026 का तीसरा राउंड चल रहा है। इसके जरिए इस साल देश के 134 तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। इनमें आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी और जीएफअीआई शामिल हैं। इसी दौरान एक छात्र को इस बार होम स्टेट कोटे के तहत एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिली है। वहीं एक अन्य छात्रा को भी इस व्यवस्था का लाभ मिला है। यह आंकड़ा बताता है कि अगर किसी छात्र की रैंक बहुत पीछे भी हो, तब भी कुछ परिस्थितियों में एनआईटी में एडमिशन का अवसर मिल सकता है।

होम स्टेट कोटा से मिलता है फायदा

जोसा काउंसलिंग के तहत एनआईटी में प्रवेश के दौरान कुछ सीटें संबंधित राज्य के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटे के तहत आरक्षित रहती हैं। ऐसे में जिन राज्यों में आवेदकों की संख्या कम होती है, वहां कुछ ब्रांचों में अपेक्षाकृत अधिक रैंक वाले छात्रों को भी सीट मिल सकती है।

स्टेट कोटा में 14.97 लाख रैंक पर भी मिली छात्रा को सीट

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड के आंकड़ों के अनुसार, फीमेल पूल (Female Pool) और सुपर न्यूमरेरी सीटों को मिलाकर ओपन कैटेगरी की एक छात्रा को 14,97,038 रैंक पर एनआईटी मिजोरम में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ब्रांच अलॉट हुई है। यह सीट भी होम स्टेट कोटे के तहत मिली है।

लड़कों के 17,000 और लड़कियों के 27000 रैंक पर आईआईटी में प्रवेश

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड में जेंडर न्यूट्रल पूल के तहत आईआईटी (IIT) की सबसे आखिरी क्लोजिंग रैंक 17,102 रही। इस रैंक पर आईआईटी धनबाद में केमिकल साइंस ब्रांच में सीट मिली। वहीं, फीमेल पूल में आईआईटी की आखिरी क्लोजिंग रैंक 27,754 रही। इस पर आईआईटी जम्मू की मटेरियल साइंस एंड इंजियरिंग ब्रांच अलॉट की गई।

NEET UG 2026 Refund Update: नीट यूजी का रिफंड छात्रों के खातों में ट्रांसफर होना शुरू, अब तक 22 लाख में से सिर्फ 8.29 लाख ने अपडेट की बैंक डीटेल

NEET UG 2026 Bonus Marks Rules: नीट यूजी में फिजिक्स के बाद जुलॉजी के सवाल पर बढ़ा बवाल, फाइनल आंसर की से ‘ड्रॉप’ हो सकते हैं दो सवाल

NEET UG 2026 Bonus Marks Rules: 21 जून 2026 को नीट यूजी री-एग्जाम में हिस्सा लेने वाले परीक्षार्थी अब रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन रिजल्ट से पहले एनटीए इस परीक्षा की फाइनल आंसर की जारी करेगा। फाइनल आंसर की से जुड़ी एक खबर, जो परीक्षार्थियों को राहत पहुंचा सकती है। खबरों की मानें, तो फिजिक्स के बाद नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में जुलॉजी के पेपर में पूछे गए एक सवाल को लेकर बवाल मच गया है। विषय विशेषज्ञों ने दावा किया है कि इस सवाल के लिए दिए गए एमसीक्यू के चारों विकल्प गलत हैं। इसके बाद से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की से दो सवाल ‘ड्रॉप’ होने की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।

अगर ऐसा हुआ तो नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में शामिल सभी परीक्षार्थियों को सीधे 8 बोनस अंक मिलेंगे। बता दें, एनटीए ने 21 जून 2026 को हुई परीक्षा की अस्थायी आंसर की पर 28 जून तक आपत्तियां मांगी थी। एनटीए को तय समयसीमा में इस पर 10,000 से ज्यादा आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। एनटीए ने जहां परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट का मूल्याकंन शुरू कर दिया है। वहीं, विषय विशेषज्ञों ने फिजिक्स के बाद जुलॉजी विषय के एक सवाल पर उंगली उठा दी है। विशेषज्ञों का दावा है कि प्रश्नपत्र में दिए गए चारों विकल्प एनसीईआरटी की किताब से मेल नहीं खाते हैं।

कोटा के नीट विशेषज्ञें ने किया दावा

नीट की प्रोविजनल आंसर की पर कोटा के नीट एक्सपर्ट्स ने आपत्ति जताई है। इनका कहना है कि पेपर कोड 470 में जुलॉजी सेक्शन के प्रश्न संख्या 167 के दिए गए चार विकल्प बिल्कुल गलत हैं।

क्या कहता है एनटीए का नियम ?

नीट परीक्षा में एनसीईआरटी की किताबों से सवाल पूछे जाते हैं। इसलिए अगर कोई सवाल या उसके विकल्प टेक्स्टबुक से बाहर के हों तो एनटीए को उसे हटाना ही पड़ता है। मौजूदा हालात में फिजिक्स और जुलॉजी के दो सवालों पर बवाल बढ़ने पर ये ड्रॉप होने के कयास लगाए जा रहे हैं। एनटीए बैकएंड पर ही रिजल्ट में 8 बोनस नंबर जोड़ने का फॉर्मूला तैयार कर रहा है, जिससे रिजल्ट जारी करते समय कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो।

एनटीए का बोनस देने का फॉर्मूला

किसी सवाल पर बोनस नंबर देने के लिए एनटीए ने 4 बेहद स्पष्ट नियम बनाए हैं :

अगर कोई सवाल गलत है या सिलेबस से बाहर है तो उसे ड्रॉप कर दिया जाता है। इस स्थिति में सभी परीक्षार्थियों को 4 नंबर मिलते हैं, चाहे उन्होंने उस सवाल को किया हो या नहीं।

अगर किसी सवाल के दो उत्तर सही हैं तो सिर्फ उन्हीं छात्रों को नंबर मिलते हैं जिन्होंने उन दोनों सही विकल्पों में से किसी एक को चुना हो।

अगर सवाल के चारों विकल्प सही मान लिए जाएं तो उन सभी को नंबर मिलते हैं जिन्होंने सवाल हल करने की कोशिश की हो।

अगर चारों विकल्प गलत निकलते हैं तो यह सवाल भी ड्रॉप माना जाता है और सभी कैंडिडेट्स को बराबर 4 बोनस नंबर दे दिए जाते हैं।

इससे पहले फिजिक्स के 2 सवालों पर उठी थीं उंगलियां

जूलॉजी से पहले फिजिक्स के दो सवालों को पर छात्रों और विशेषज्ञों ने उंगली उठाई थी। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (EM Waves) वाले सवाल के 2 ऑप्शंस सही बैठ रहे हैं। ऐसे में उन दोनों में से किसी भी एक विकल्प को चुनने वाले छात्रों को नंबर दिए जाएंगे। वहीं, वर्नियर कैलिपर्स वाले दूसरे सवाल के चारों ही विकल्प गलत पाए गए हैं। इस वजह से फिजिक्स का सवाल ड्रॉप होना तय माना जा रहा है और इसके बदले सबको नंबर मिलेंगे।

NEET UG Refund Portal 2026: एनटीए ने बढ़ाई नीट यूजी फीस रिफंड की आखिरी तारीख, बैंक डीटेल वेरिफाई करने की पूरी प्रक्रिया यहां जानें

UP TGT 2026: यूपी शिक्षा आयोग आज जारी कर सकता है टीजीटी का रिजल्ट, जानें रिजल्ट देखने के लिए किन चीजों की होगी जरूरत

UP TGT 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) जल्द ही 03 और 04 जून, 2026 को हुई यूपी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (UP TGT) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी करेगा। हाल ही में हुए पीजीटी परीक्षा में, यूपीईएसएससी ने ऑब्जेक्शन विंडो बंद होने के 15 दिनों के अंदर लिखित परीक्षा का नतीजा जारी कर दिया था। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी शिक्षा आयोग टीजीटी के रिजल्ट भी इसी ट्रेंड के आधार पर 30 जून को जारी कर सकता है। यूपी टीजीटी रिजल्ट 2026 आधिकारिक वेबसाइट यानी upessc.up.gov.in पर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

टीजीटी रिजल्ट रिजल्ट रिलीज डेट

यूपीईएसएससी ने 06 जून, 2026 को यूपी टीजीटी रिजल्ट आंसर की जारी की थी और 12 जून तक ऑब्जेक्शन स्वीकार किए थे। इसलिए उम्मीद है कि बोर्ड 30 जून, 2026 को यूपी टीजीटी रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि यूपीईएसएससी की तरफ से यूपी टीजीटी रिजल्ट की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक कन्फर्मेशन नहीं है। यूपी टीजीटी 2026 रिजल्ट और इसकी रिलीज डेट के बारे में ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

यूपी टीजीटी रिजल्ट कैसे चेक करें?

जारी होने के बाद यूपी टीजीटी 2026 रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। परीक्षार्थियों को यूपी टीजीटी 2026 परीक्षा रिजल्ट का पीडीएफ चेक करने और डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

  • बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • ‘यूपी टीजीटी रिजल्ट’ तक नीचे स्क्रॉल करें और उस पर क्लिक करें।
  • यूपी टीजीटी रिजल्ट पीडीएफ दिखाई देगा, रिजल्ट चेक करें और उसे डाउनलोड करें।
  • भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

दस्तावेज सत्यापन के लिए ये डॉक्यूमेंट होंगे जरूरी

रिजल्ट जारी होने के बाद, जिन कैंडिडेट्स के कटऑफ मार्क्स से ज्यादा नंबर आएंगे, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन राउंड के लिए बुलाया जाएगा। इसमें उन्हें सत्यापन के लिए कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेज सत्यापन के दौरान जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट यहां दी गई है।

  • सरकार की तरफ से जारी वैलिड फोटो ID
  • 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • 10+2 की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • सभी सालों की ग्रेजुएशन डिग्री और मार्कशीट
  • BEd, BTC, या इसके बराबर टीचिंग डिग्री सर्टिफिकेट और मार्कशीट
  • जाति सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट

सब्जेक्ट के हिसाब से वैकेंसी

यूपी टीजीटी 2026 परीक्षा 3539 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसके लिए कुल 8,68,531 उम्मीदवार लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। यूपी टीजीटी 2026 के लिए विषयवार पद का विवरण नीचे दिया गया है :

इंग्लिश : 557 पोस्ट (511 पुरुष, 46 महिला)

हिंदी : 557 पोस्ट (509 पुरुष, 48 महिला)

मैथमेटिक्स : 533 पोस्ट (508 पुरुष, 25 महिला)

साइंस : 540 पोस्ट (499 पुरुष, 41 महिला)

सोशल साइंस : 383 पोस्ट (337 पुरुष, 46 महिला)

संस्कृत : 291 पोस्ट (264 पुरुष, 27 महिला)

फिजिकल एजुकेशन : 170 पोस्ट (157 पुरुष, 13 महिला)

आर्ट : 148 पोस्ट (132 पुरुष, 16 महिला)

होम साइंस : 179 पोस्ट (139 पुरुष, 40 महिला)

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CBSE Class 9 three language formula: 10वीं के छात्रों को 3 भाषा व्यवस्था से इस साल मिली छूट, 9वीं के छात्र पढ़ सकते हैं दो विदेशी भाषाएं

CBSE 3 language policy: सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं और 10वीं कक्षा में 3 भाषा व्यवस्था लागू करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत इस साल 10वीं कक्षा के छात्रों को 3 भाषा पढ़ने के नियम में छूट देने का फैसला किया गया है। वहीं, 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बार की राहत देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कहा है कि इन्हें 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन ये छात्र दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं।

बता दें, 15 मई को सीबीएसई बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 1 जुलाई से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाओं समेत तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। बोर्ड के इस आदेश के खिलाफ कई छात्रों और अभिभावकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अब बोर्ड ने अपनी 3 भाषा नीति में राहत देने का फैसला करते हुए नया दिशा-निर्देश जारी किया है।

सीबीएसई बोर्ड के अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, “10वीं कक्षा के मौजूदा बैच को 3 भाषा नीति नहीं माननी होगी। कक्षा 7-9 के मौजूदा बैच को 10वीं कक्षा में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी।” उन्होंने कहा, “एक बार की छूट के तौर पर, जो स्टूडेंट्स 2026-27 के दौरान पहले से ही 9वीं कक्षा में हैं, वे दो विदेशी (नॉन-नेटिव) भाषाए जारी रख सकते हैं और उन्हें तीसरी भाषा के तौर पर एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी।”

इससे पहले सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को 27 मई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और चेन्नई के 19 अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा दायर की गई लीड पिटीशन में तर्क दिया गया था कि 15 मई के सर्कुलर ने सीबीएसई की बताई गई बात को अचानक बदल दिया, जिससे एकेडमिक प्लानिंग में रुकावट आई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने पॉलिसी को चुनौती देने वाली पिटीशन की जांच करने पर सहमति जताई। बेंच ने सवाल किया कि क्या स्कूलों के पास काफी किताबें, टीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर है, और कहा कि ऐसा लगता है कि “मुश्किल, असुविधा और लॉजिस्टिक सपोर्ट के मुद्दे” हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी।

अप्रैल में, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से 3-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और 9वीं कक्षा के लिए गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों स्टैंडर्ड और एडवांस्ड स्तर में पढ़ाया जाएगा।

इसके तहत सभी छात्र 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो छात्र अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे एडवांस्ड स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। सीबीएसई ने कहा था कि नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी।

हालांकि, 15 मई को बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। ऐसे में विदेशी भाषा या तो तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकेगी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकेगी।

NEET UG 2026 Answer Key: बंद हुई नीट यूजी आपत्ति विंडो, फिजिक्स में एक सवाल ड्रॉप होने से छात्रों को मिलेंगे 4 नंबर

NEET UG 2026 Re-Exam Answer Key Released: 28 जून तक दर्ज करें आंसर की पर आपत्ति, आपका दावा हुआ सही तो वापस होगी ऑब्जेक्शन फीस

NEET UG 2026 Re-Exam Answer Key Released: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2026 री-एग्जाम देने वाले 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून, 2026 को हुए नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की अस्थायी उत्तर कुंजी (Answer Key) आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। इसके साथ ही एजेंसी ने परीक्षार्थियों के लिए आंसर की के लिए ऑब्जेक्शन विंडो खोल दी है। री-एग्जाम में शामिल हुए जो कैंडिडेट अब प्रोविजनल आंसर की देख सकते हैं और आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कैंडिडेट द्वारा किसी सवाल पर की गई आपत्ति अगर सही पाई जाती है, तो उसके लिए लिया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा।

एनटीए ने आंसर की जारी करने और आपत्ति विंडो खोलने की जानकारी एक नोटिफिकेशन के जरिए दी। एजेंसी की अधिसूचना के मुताबिक, चुनौती विंडो 25 जून से 28 जून, 2026 को रात 11:50 बजे तक खुली रहेगी। अस्थायी उत्तर कुंजी में जिन परीक्षार्थियों कोई गड़बड़ी मिलती है, वे हर सवाल के लिए 200 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस देकर ऑब्जेक्शन दे सकते हैं। परीक्षार्थियों को सवालों पर आपत्ति दर्ज कराते समय उसके समर्थन में जरूरी दस्तावेज दाखिल करने होंगे।

नीट यूजी 2026 आंसर की को कैसे चैलेंज करें?

नीट यूजी 2026 प्रोविजनल आंसर की पर ऑब्जेक्शन उठाने के लिए कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:

  • नीट की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, “NEET(UG) – 2026 री-एग्जामिनेशन के लिए आंसर की चैलेंज” लिंक पर क्लिक करें।
  • अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड डालें।
  • एनसीईआरटी या स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक से सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट या सबूत अपलोड करें।
  • जरूरी फीस भरें और चैलेंज सबमिट करें।

आपत्ति सही होने पर एनटीए लौटाएगा फीस

एनटीए ने चुनौती दिए गए हर सवाल के लिए 200 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस तय की है। हालांकि, अगर एक्सपर्ट रिव्यू के बाद चैलेंज सही पाया जाता है, तो उस खास सवाल के लिए दी गई फीस वापस कर दी जाएगी। कैंडिडेट ध्यान दें कि ऑब्जेक्शन सिर्फ एक बार सबमिट किए जा सकते हैं, और फाइनल सबमिशन के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए, कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि पेमेंट करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई कर लें।

रिस्पॉन्स शीट से निकाल सकते हैं अपना स्कोर

प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद छात्र अपनी रिस्पॉन्स शीट और उत्तर कुंजी का मिलान कर सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कितने प्रश्न सही हुए हैं और अनुमानित स्कोर कितना बन रहा है। हालांकि अंतिम परिणाम केवल एनटीए द्वारा जारी फाइनल आंसर की के आधार पर ही तैयार किया जाएगा।

आपत्तियों की समीक्षा के बाद आएगी फाइनल आंसर की

28 जून तक प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद एनटीए फाइनल आंसर की जारी करेगा। इसके बाद ही नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। इसलिए जिन उम्मीदवारों को किसी उत्तर पर संदेह है वे समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

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