Labh Drishti Yog: शनि-मंगल इस दिन बनाने जा रहे हैं लाभ-दृष्टि योग, 4 राशियों के जातकों को कराएंगे बंपर कमाई

Labh Drishti Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही उनका अन्य ग्रहों के साथ संयोग भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। दो ग्रह एक-दूसरे के साथ विशेष परिस्थितियों में जब संयोग करते हैं, तो उसका असर भी सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। ऐसा ही एक संयोग मंगल और शनि के बीच 19 जुलाई को बनने जा रहा है। इस दिन मंगल और शनि ग्रह रात के 11.30 बजे के आसपास एक-दूसरे से 60 डिग्री के योग पर स्थित होंगे।

इनकी इस विशेष स्थिति की वजह से लाभ दृष्टि योग का निर्माण होगा। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस और नेतृत्व का कारक माना जाता है। जबकि शनि अनुशासन, धैर्य और कर्म फलदात के रूप में जाने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों के बीच बनने वाला यह दृष्टि योग सकारात्मक और उन्नति देने वाला माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का सबसे अधिक शुभ प्रभाव 4 राशियों के जातकों पर पड़ सकता है। आइए जानें कौन सी हैं ये राशियां

इन राशियों को मिलेगा लाभ-दृष्टि योग का बंपर लाभ

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह योग नई संभावनाएं लेकर आने वाला है। आपके लंबे समय से अटके कार्यों में गति मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत होगा

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक पक्ष को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार और समाज में सहयोग मिलेगा।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और व्यापार के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से लंबित व्यावसायिक कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापारियों को नई डील और बड़े ग्राहकों से लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और उन्नति के अवसर मिल सकते हैं।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल-शनि का यह लाभ दृष्टि योग कार्यक्षेत्र और निजी जीवन दोनों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे हो सकते हैं। मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Ashadha Amavasya Upay: आज भौमवती अमावस्या पर जानें स्नान–दान का मुहूर्त और किन चीजों का दान करने का मिलता है पुण्य फल

Ashadha Amavasya 2026: मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार भौमवती अमावस्या का संयोग आषाढ़ अमावस्या को बन रहा है। इसे हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं। हालांकि, यह साल 2026 की दूसरी भौमवती अमावस्या है। इससे पहले, मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या पर भौमवती अमावस्या का संयोग को हुआ था। इस साल, दूसरी बार भौमवती अमावस्या 14 जुलाई 2026 को आषाढ़ अमावस्या में हो रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और विशेष रूप से पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान करने का अत्यधिक महत्व है। इसके साथ ही इस दिन मंगल ग्रह के निमित्त पूजा या हनुमान जी की आराधना करने से कर्ज से मुक्ति और मंगल दोषों से राहत मिलती है।

आषाढ़ अमावस्या तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए इस दिन आषाढ़ अमावस्या मानी जा रही है।

आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त

इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों में की गई पूजा, जप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।

अमावस्या पर मिलता है दान का अक्ष्य पुण्य 

अमावस्या तिथि पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इस दिन अन्न और जल जैसे गेहूं, चावल, सत्तू, या मौसमी फल। काले तिल, छाता, चप्पल या सूती वस्त्र जैसे चीजें दान की जा सकती हैं। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर दिनभर भजन-कीर्तन और मंत्र जाप भी करते हैं।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व

ग्रह दोष शांति : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के स्वामी शनि देव हैं। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है। साथ ही, मंगलवार का संयोग होने से राहू-केतु और मंगल के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।

पितृ दोष से मुक्ति : जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए आषाढ़ अमावस्या पर पिंड दान, तर्पण और अन्नदान करना अमोघ उपाय माना गया है। इससे अतृप्त पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

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Bhadra Rajyog 2026: खुद की राशि मिथुन में गोचर कर रहे बुध ग्रह ने बनाया भद्र राजयोग, 5 राशियों के जातकों को मिलेगा इस गोचर का फायदा

Bhadra Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में भद्र राजयोग को पंचमहापुरुष योगों में से एक बेहद शुभ और शक्तिशाली योग माना गया है। यह योग मुख्य रूप से बुद्धि, व्यापार और संचार के कारक ग्रह बुध से संबंधित है। जब कुंडली में बुध ग्रह स्वयं की राशि मिथुन या अपनी उच्च राशि कन्या में स्थित होकर कुंडली के केंद्र भावों पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में बैठा हो, तब ‘भद्र राजयोग’ का निर्माण होता है। कुंडली के अलावा, यह योग गोचर ग्रहों की स्थिति में भी बनता है।

जब भी बुध ग्रह गोचर करते हुए मिथुन या कन्या राशि में प्रवेश करता है और वह समय किसी लग्न राशि के केंद्र भाव में आता है, तब ब्रह्मांड में भद्र राजयोग का निर्माण होता है। इस दौरान देश-दुनिया और विशेषकर संबंधित राशियों पर इसका शुभ प्रभाव देखने को मिलता है। इस साल 7 जुलाई को बुध ग्रह ने स्वराशि मिथुन में प्रवेश किया है, जहां वे 5 अगस्त 2026 रहने वाले हैं।

5 राशियों को होगा इस राजयोग का लाभ

वृषभ राशि : यह गोचर आपकी राशि के द्वितीय यानी धन और वाणी के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आपको उत्तम भोजन, आभूषण व भौतिक सुख-साधनों का पूरा आनंद मिलेगा। अपनी संचार शैली से आप लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे।

सिंह राशि : आपकी राशि के एकादश यानी लाभ भाव में यह गोचर होने जा रहा है। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए अत्यंत श्रेष्ठ रहने वाला है। व्यापार में बड़े मुनाफे के योग बन रहे हैं और नौकरीपेशा जातकों को मनचाही सफलता हासिल होगी। आपको मित्रों और भाइयों का भरपूर सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि : यह गोचर आपकी राशि के अष्टम भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अष्टम भाव का यह गोचर आपके लिए कई सुखद आश्चर्य लेकर आ सकता है। आपको पैतृक संपत्ति या किसी गुप्त मार्ग से अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा।

मकर राशि : आपकी राशि के छठे यानी शत्रु व रोग भाव में यह गोचर होने जा रहा है। यदि आप लेखन, कला, साहित्य या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो यह समय आपको बड़ी ख्याति दिलाएगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। इसके अलावा, इस अवधि में आपको किसी कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।

मीन राशि : यह गोचर आपकी राशि के चतुर्थ यानी सुख और माता के भाव में होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में खुशहाली और शांति का वातावरण रहेगा। आपको माता जी का पूरा स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे।

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Mahalaxmi Rajyog: सूर्य और गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और पावरफुल ग्रह के रूप में जाना जाता है। ये दोनों ग्रह जातक के जीवन में प्रतिष्ठा, पद, यश और सम्मान का कारक होते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह की 16 जुलाई को यह दोनों ग्रह कर्क राशि में साथ आने वाले हैं। देवगुरु बृहस्पति पहले से ही कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि सूर्य देव 16 जुलाई को मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करने वाले हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो शुभ राजयोग का निर्माण होता है। कर्क राशि में इन दोनों ग्रहों के संयोग से नवपंचम योग और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। यह योग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी साबित होगा। इनके जीवन में धन लाभ के साथ-साथ हर कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि : सूर्य और गुरु का यह संयोग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और हर क्षेत्र में सफलता के योग बनेंगे। अचानक धन लाभ के हो सकता है। कार्यक्षेत्र में तरक्की और प्रमोशन के संकेत हैं। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के आसार हैं।

मिथुन राशि : महालक्ष्मी राजयोग के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए यह राजयोग जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश के लिए यह समय अनुकूल है और इससे अच्छा लाभ मिल सकता है।

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Shani Gochar 2026 in Revati Nakshatra: शनि और बुध की दोस्ती कराएगी 6 राशि के जातकों खूब लाभ, रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में कर रहे हैं गोचर

Shani Gochar 2026 in Revati Nakshatra: शनि और बुध की दोस्ती कराएगी 6 राशि के जातकों खूब लाभ, रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में कर रहे हैं गोचर

Shani Gochar 2026 in Revati Nakshatra: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन जितना महत्वपूर्ण माना जाता है, उतनी ही अहमियत उनके नक्षत्र परिवर्तन की भी होती है। इसका असर भी सभी 12 राशियों पर होता है। हाल ही शनि देव ने बुध देव के स्वामित्व वाले रेवती नक्षत्र के द्वितीय पद में गोचर किया है। 2 जुलाई 2026 को शनि का नक्षत्र परिवर्तन हुआ है और अब वह 9 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। चूंकि बुध और शनि आपस में मित्र ग्रह माने जाते हैं, इसलिए बुध के नक्षत्र में शनि का यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गोचर का मुख्य प्रभाव इस प्रकार है :

वैश्विक और आध्यात्मिक प्रभाव

कार्मिक चक्र की पूर्णता : रेवती चक्र का 27वां यानी आखिरी नक्षत्र है। शनि (कर्म के कारक) का इसमें गोचर पुराने अधूरे कर्मों, अटके हुए फैसलों और चक्रों को समाप्त करने में मदद करता है।

आध्यात्मिक झुकाव : यह समय भौतिक सुखों से थोड़ा हटकर आत्म-निरीक्षण, ध्यान और मानसिक शांति की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

राशियों पर मुख्य प्रभाव

यह गोचर अलग-अलग राशियों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी साबित हो रहा है:

तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर शुभ माना जा रहा है। करियर में नए मुकाम हासिल करने के कई मौके मिल सकते हैं। व्यापार की दृष्टि से भी यह गोचर शुभ माना जा रहा है। कारोबारियों के लिए समय अच्छा रहने वाला है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर लाभदायक माना जा रहा है। रुका हुआ धन भी वापस मिलेगा। घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहने वाला है।

वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर फायदेमंद माना जा रहा है। सिंगल लोगों की लाइफ में किसी में किसी नए शख्स की एंट्री हो सकती है। धर्म-कर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी।

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर अच्छा माना जा रहा है। व्यापार में आपको मुनाफा होगा। आपकी इंकम बढ़ाने की संभावना है। वैवाहिक जीवन में रोमांस बना रहेगा। एनर्जी से भरपूर रहेंगे।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर पॉजिटिव माना जा रहा है। धन आगमन के योग बन रहे हैं। संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। सिंगल लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर लाभकारी माना जा रहा है। मन खुश रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने वाली है। आपकी इंकम बढ़ाने की संभावना है। पार्टनरशिप में भी लाभ मिलने की संभावना है।

उपाय

बुध के नक्षत्र में शनि के इस गोचर के दौरान शुभ फल प्राप्त करने और मानसिक शांति के लिए:

  • शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें।
  • वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।

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Panchak 2026: जुलाई में ये 10 दिन होंगे भारी, दो बार लग रहे पंचक की जानें सही तारीख और नियम

Panchak 2026: जुलाई 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने में हिंदी माह आषाढ़ रहेगा और इसमें कई प्रमुख व्रत और पर्व आएंगे। इसके अलावा इस माह में दो बार पंचक का संयोग भी बनेगा। हिंदू धमें में कुछ ऐसे दिन बताए गए हैं, जब कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इनमें से एक है पंचक, जो पांच दिनों तक रहता है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा जब कुंभ और मीन राशि में गोचर करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है तो उसे पंचक कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जुलाई 2026 के महीने में दो बार पंचक लग रहा है। जुलाई 2026 में पंचक की सही तारीखें, समय और इसके नियम नीचे दिए गए हैं :

जुलाई 2026 में पंचक की तिथियां

पहला पंचक (मृत्यु पंचक): 04 जुलाई 2026, शनिवार से प्रारंभ होकर 08 जुलाई 2026, बुधवार तक रहेगा। इस पंचक की शुरुआत शनिवार से होने के कारण इसे ‘मृत्यु पंचक’ कहा जाता है। ज्योतिष में इसे बेहद संवेदनशील और अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

दूसरा पंचक (चोर पंचक): 31 जुलाई 2026, शुक्रवार को प्रारंभ होकर अगले महीने यानि 04 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। यह पंचक शुक्रवार से शुरू होगा, इसलिए ये ‘चोर पंचक’ कहा जाता है। इस दौरान धन हानि या चोरी का खतरा रहता है।

पंचक में ये न करें

शास्त्रों के अनुसार पंचक के दौरान 5 कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किए गए गलत काम का प्रभाव 5 गुना बढ़ जाता है:

  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है।
  • पंचक काल में मकान का लेंटर या छत डलवाने का काम पूरी तरह वर्जित होता है। ऐसा करने से धन हानि और घर में अशांति हो सकती है।
  • इन 5 दिनों में घर के निर्माण के लिए लकड़ी खरीदना, काटना या घास-फूस और ईंधन इकट्ठा करना अशुभ माना जाता है। इससे आग का भय रहता है।
  • पंचक के दौरान नया पलंग, चारपाई बनाना या खरीदना शास्त्रों में मना है।
  • यदि पंचक काल में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शव के अंतिम संस्कार के समय किसी योग्य पंडित की सलाह पर पांच कुश (घास) या आटे के पुतले बनाकर साथ में जलाने का विधान है, ताकि पंचक दोष शांत हो सके।

दिन के अनुसार तय होता है पंचक का नाम

पंचक कुल पांच प्रकार का होता है और इसका नाम दिन के अनुसार तय होता है। ज्योतिष के अनुसार, रविवार के दिन शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इसी तरह सोमवार से लग रहा पंचक राज पंचक, मंगलवार को शुरू होने वाला अग्नि पंचक, शुक्रवार से प्रारंभ होने वाला रोग पंचक और शनिवार को प्रारंभ होने वाला मृत्यु पंचक कहलाता है।

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Venus in magha nakshatra 2026: प्रेम और वैभव के कारक शुक्र करेंगे केतु के नक्षत्र में प्रवेश और इन राशियों की बढ़ाएंगे मुश्किल, जानें बचने के उपाय

Venus in magha nakshatra 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ ही एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में गोचर को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष में 27 नक्षत्र माने गए हैं और इनके स्वामी सभी नौ ग्रह हैं। इन्ही में से एक है मघा नक्षत्र। इस नक्षत्र का स्वामी रहस्य और आकस्मिक घटनाओं का कारक ग्रह केतु है। केतु के मघा नक्षत्र में प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के स्वामी शुक्र ग्रह 4 जुलाई को प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन की तरह ही नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव भी सभी 12 राशियों पर पड़ता है। केतु के नक्षत्र में शुक्र का गोचर अहम ज्योतिषीय घटना मानी जा रही है। शुक्र के मघा नक्षत्र में गोचर से 5 राशियों पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है और इनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

5 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां 

मेष राशि : मेष राशि के लिए शुक्र गोचर प्रतिकूल प्रभावों वाला साबित हो सकता है। इस समय आपको धन संबंधी मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी में अड़चनें आ सकती हैं। भौतिक सुखों में कमी का अनुभव कर सकते हैं। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है।

कर्क राशि : कर्क राशि के लिए यह समय अशुभ प्रभावों वाला सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बैलेंस बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। अपनों के साथ रिश्तों में दरार आ सकती है।

मकर राशि : मकर राशि के लिए शुक्र नक्षत्र गोचर का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस समय आपको वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पार्टनर के साथ अनबन या गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं। धन की स्थिति उतार-चढ़ाव वाली साबित हो सकती है।

धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए शुक्र नक्षत्र गोचर थोड़ा कष्टदायक हो सकता है। इस समय आपके अनाप-शनाप खर्च हो सकते हैं, जिससे वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। परिवार में अशांति हो सकती है। भ्रामक या मन को परेशान करना वाला समाचार मिल सकता है।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। भाग्य का साथ नहीं मिलने से कार्यों में बाधाएं बनी रह सकती हैं। धन का आवक कमजोर पड़ सकता है। बचत करना कठिन होगा, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव बना रहेगा। यात्रा करने से बचें।

नक्षत्र गोचर के अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय

  • शुक्र कृपा पाने के लिए शुक्रवार का व्रत करें और इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
  • मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं।
  • शु्क्रवार के दिन सफेद वस्तुएं जैसे चीनी, दही, दूध, वस्त्र और मिठाई आदि का दान करें।
  • प्रतिदिन या शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के मंत्र ॐ शुं शुक्राय नमः का कम से कम 108 बार जाप करें।
  • कमजोर शुक्र को मजबूत करने के लिए गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए।

Guru Asta 2026: 14 जुलाई को अस्त होंगे गुरु, इन 3 राशियों के जातकों को होगा छप्पर फाड़कर लाभ

Monthly Horoscope July 2026: बैंक बैलेंस से नौकरी तक…, इन 3 राशियों की जुलाई में बदलने वाली है किस्मत

Monthly Horoscope July 2026: साल 2026 के 6 महीने बीत चुके हैं। अब जुलाई की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर नया महीना ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव लाता है, जिसका असर सीधा हमारे जीवन, करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर होता है। जुलाई 2026 कुछ खास ग्रहों के गोचर और शुभ संयोगों को लेकर आया है, जिसके चलते 3 राशियों पर इसका खास असर होने वाला है।

जुलाई में इन राशियों के जातकों को न केवल भाग्य का साथ मिलने वाला है, बल्कि लंबे समय से रुके हुए काम भी पूरे होते दिखेंगे। तो आइए जानते हैं कौन सी तीन वे राशियां हैं जिनकी किस्मत चमकने वाली है।

मेष राशि (Aries)

सबसे पहले बात करते हैं मेष राशि की। जुलाई 2026 मेष राशि के जातकों के लिए सुनहरे अवसरों से भरपूर होने वाला है। इस महीने आपके कर्म स्थान पर शुभ ग्रहों का पॉजिटिव असर देखने को मिलेगा, जिससे आपके करियर को एक नई ऊंचाई और दिशा मिलेगी। बता दें कि इनकी सफलता की वजह बढ़ा हुआ आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में सीनियर्स से मिलने वाला सपोर्ट होगा। अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने या प्रमोशन के इंतजार में है, तो इस महीने आपकी यह इच्छा पूरी होती दिख रही ही। वहीं व्यापार से जुड़े लोगों के लिए जुलाई का महीना नए निवेश के अवसर लेकर आने वाला है। आय के नए स्त्रोत खुलेंगे।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के लोगों के लिए जुलाई 2026 वरदान साबित होने वाला हैं। सूर्य और बुध की अनुकूल स्थिति आपके लग्न और एकादश भाव पर असर डालेंगी, जिससे आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। सिंह राशि की सफलताकी वजह उनकी बातचीत (Communication Skills) और लीड करने की क्षमता होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को तारीफ मिलेगी, साथ ही उन्हें लागू करने के लिए आपको पूरी आजादी दी जाएगी। सोसाइटी और ऑफिस में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में भी बढ़त होगी। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले और किसी बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की चाहत रखने वालों को भी गुड न्यूज मिल सकती है।

वहीं अगर आप पार्टनरशिप में कोई नया बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सफलता मिलेगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल होंगे और परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, जिससे आप हर परेशानी का सामना कर सकते हैं।

तुला राशि (Libra)

जुलाई 2026 में तीसरी सबसे लकी राशि तुला रहने वाली है। आपके भाग्य स्थान और लाभ स्थान पर ग्रहों की चाल इस महीने आपके जीवन के हर क्षेत्र में खुशहाली लेकर आएगी। पिछले कुछ समय से आप, जिस मानसिक तनाव या परेशानियों का सामना कर रहे थे, वे इस महीने खत्म होंगी।

तुला राशि वालों की सफलता का कारण भाग्य का पूरा सहयोग मिलना है। इस महीने आपके सभी काम बहुत कम प्रयास में पूरे होते दिख रहे हैं। जॉब कर रहे लोगों को मनचाहा ट्रांसफर या नई नौकरी के अवसर मिलेंगे। विदेश यात्रा का योग भी बन सकता है। फिजूलखर्ची कम होगा, साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलती दिखेगी।

ग्रहों की स्थिति भले ही इन तीनों राशियों पर अच्छा असर डाले, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बिना कर्म के भाग्य का पूरा लाभ नहीं उठा सकते हैं। मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों को जुलाई 2026 के इस शुभ समय का पूरा फायदा उठाते हुए आलस को छोड़ना होगा और अपने काम पर फोकस करना होगा।

Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। मनी कंट्रोल हिंदी किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं कर रहा है। किसी भी चीज को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Guru Asta 2026: 14 जुलाई को अस्त होंगे गुरु, इन 3 राशियों के जातकों को होगा छप्पर फाड़कर लाभ

Guru Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही उनके वक्री-मार्गी और उदय-अस्त होना भी बेहद महत्वपूर्ण घटनाएं मानी जाती हैं। ग्रहों की चाल में हर तरह का बदलाव सभी 12 राशियों के जीवन को प्रभावित करता है। ऐसा ही एक बदलाव आने वाले कुछ दिनों में देवगुरु बृहस्पति की चाल में भी देखने को मिलेगा। बृहस्पति ग्रह इस महीने की 14 तारीख को अस्त हो जाएगा।

बृहस्पति को शुभता लाने वाले ग्रह के तौर पर जाना जाता है। इस ग्रह की स्थिति का विचार शादी-मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों में किया जाता है। बृहस्पति ग्रह के 14 जुलाई, 2026 को अस्त होंगे और इस अवस्था में 12 अगस्त 2026 तक रहेंगे। इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। गुरु के अस्त होने की वजह से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, गुरु अस्त होने से भाग्य, शिक्षा, धन, संतान और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों पर असर पड़ सकता है। हालांकि जिन लोगों की जन्म कुंडली में गुरु मजबूत स्थिति में हैं, उन्हें इस अवधि में विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी रहेगा। आइए जानें इनके बारे में

मेष राशि : पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुरु अस्त की अवधि मेष राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभदायक साबित हो सकती है। रुका हुआ धन मिलने के योग बनेंगे। व्यापार में नई डील से फायदा हो सकता है और आय के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना रहेगी। भाग्य का साथ मिलने से कई काम पूरे हो सकते हैं।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। करियर में भी प्रगति के अवसर बनेंगे।

धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए यह अवधि सम्मान और उन्नति लेकर आ सकती है। नौकरी में सहयोगियों और वरिष्ठों का समर्थन मिलेगा। विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। योग्य लोगों के रिश्ते तय होने या विवाह संपन्न होने के योग बन सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।

अस्त गुरु की अवधि में ये रखें ध्यान

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुरु अस्त की अवधि में धार्मिक कार्य, गुरुजनों का सम्मान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना को विशेष महत्व दिया जाता है। किसी भी बड़े निर्णय या शुभ कार्य से पहले अपनी जन्म कुंडली के अनुसार योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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July Monthly Prediction 2026: जुलाई में कई बड़े ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन और शनि-गुरु की बदलेगी चाल, जानें इस बदलाव से किन राशियों के लिए खड़ी होंगी मुश्किलें

July Monthly Prediction 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्त के साथ ही उनके उदय-अस्त होने या मार्गी-वक्री होने का भी बहुत प्रभाव पड़ता है। जुलाई का महीना इस नजरिये काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इस माह में कुछ ग्रह जहां अपनी राशि बदलेंगे, वहीं कुछ ग्रहों की चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलता है। इस महीने में ग्रहों की स्थिति में जो बदलाव आएगा, उससे 3 राशियों के जीवन में कुछ परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। इन्हें सेहत से लेकर आर्थिक मोर्चे तक, हर जगह चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

ये ग्रह बदलेंगे राशियां

माह के शुरुआती दिनों में सबसे पहले शुक्र 4 जुलाई को सिंह राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद सूर्य मिथुन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में गोचर करेंगे। वाणी और बुद्धि के कारक ग्रह बुध 7 जुलाई को मिथुन राशि में गोचर होंगे फिर 23 जुलाई को मार्गी होंगे।

शनि चलेंगे उल्टी चाल

शनि इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और इस पूरे साल इसी राशि में होंगे। जुलाई महीने में शनि 27 जुलाई को वक्री यानी उल्टी चाल चलेंगे। शनि की उल्टी चाल से देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के जातकों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

गुरु जुलाई माह में होंगे अस्त

अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहे गुरु जुलाई माह में अस्त हो जाएंगे। गुरु के अस्त होने पर इनके शुभ प्रभाव में कमी देखने को मिल सकती है। गुरु के अस्त होने पर विवाह और दूसरे तरह के मांगलिक कार्य कुछ दिनों के लिए थम जाते हैं।

इन 3 राशियों के लिए अच्छा नहीं होगा ये समय

कुंभ राशि : जुलाई का महीना कुंभ राशि वालों के लिए थोड़ा उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। इस दौरान आपको मनचाही सफलता नहीं मिलेगी। कार्यों में लगातार बाधाएं आती रहेंगी। इस दौरान धन संबंधी दिक्कतों का सामना आपको करना पड़ सकता है। लेन-देन से संबंधित मामलों में पूरे महीने संभलकर रहें।

सिंह राशि : सिंह राशि के जातकों के लिए जुलाई का महीना मुश्किलों भरा रह सकता है। आपके ऊपर शनि की ढैय्या चल रही है और इसी माह शनि की उल्टी चाल आपके लिए कई तरह की नकारात्मकता को बढ़ावा देश सकता है। वैवाहिक जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव का सामना आपको करना पड़ सकता है।

वृषभ राशि : जुलाई का महीना वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। कार्यों में लगातार आपके हाथ में निराशा आएंगी जिससे पूरे माह आपके मन में नकारात्मकता छाई रहेगी। शनि के वक्री होने से आपके ऊपर सबसे ज्यादा दबाव रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे।

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