AI का बूम, कंपनी ने कर्मचारियों को बांटा 3.25 करोड़ का बोनस

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव अब टेक कंपनियों की कमाई में भी साफ नजर आने लगा है। इसी AI बूम का सबसे बड़ा फायदा दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के चिप कारोबार को मिला है। AI डाटा सेंटरों की बढ़ती मांग के चलते मेमोरी चिप्स की जरूरत तेजी से बढ़ी है और सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल है।

 

इसी वजह से पिछले तिमाही में कंपनी के चिप डिवीजन की आय में 49 गुना तक का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। अब कंपनी इस मुनाफे का हिस्सा अपने कर्मचारियों को भी देने जा रही है। बुधवार को सैमसंग के सबसे बड़े कर्मचारी यूनियन ने चिप डिवीजन के कर्मचारियों के लिए भारी-भरकम बोनस पैकेज को मंजूरी दे दी। इस पैकेज के तहत प्रत्येक कर्मचारी को औसतन 3.40 लाख डॉलर (करीब 3.25 करोड़ रुपए) का बोनस मिल सकता है।

 

यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब कर्मचारियों ने 18 दिनों की हड़ताल की चेतावनी दी थी।  इस साल मार्च में सैमसंग ने अपनी फाइलिंग में बताया था कि 2025 में कंपनी के कर्मचारियों की औसत वार्षिक आय 15.8 करोड़ वॉन (करीब 1 करोड़ रुपए) रही थी।

 

कंपनी और यूनियन के बीच मुनाफे के बंटवारे को लेकर समझौता होने के बाद संभावित हड़ताल टल गई है। इससे वैश्विक मेमोरी चिप सप्लाई पर पड़ने वाला बड़ा संकट भी टल गया। माना जा रहा था कि यदि हड़ताल होती तो न केवल सैमसंग का उत्पादन प्रभावित होता, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता था।

 

सैमसंग के अनुसार, कंपनी के चिप डिवीजन में करीब 78 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में केवल बोनस पर कंपनी लगभग 26.5 अरब डॉलर खर्च कर सकती है। यूनियन की ओर से बताया गया कि इस समझौते के पक्ष में 73.7 प्रतिशत सदस्यों ने मतदान किया। करीब 62,600 बैलेट डाले गए, जो पात्र सदस्यों के 95 प्रतिशत से अधिक थे। समझौते को पारित करने के लिए आधे से अधिक मतों की जरूरत थी।

 

यह बोनस सभी सैमसंग कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल चिप निर्माण डिवीजन के कर्मचारियों को मिलेगा। यह डिवीजन प्रोसेसर और मेमोरी चिप्स जैसे RAM का निर्माण करता है, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप, कारों और ChatGPT व Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म को संचालित करने वाले बड़े डाटा सेंटरों में किया जाता है।

 

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के आधार पर कर्मचारियों को औसतन 51.3 करोड़ वॉन यानी लगभग 3.40 लाख डॉलर का बोनस मिल सकता है। Yonhap News की रिपोर्ट के मुताबिक मेमोरी डिवीजन के कर्मचारियों को करीब 60 करोड़ वॉन (लगभग 3.82 करोड़ रुपए) तक मिल सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

पेट्रोल-डीजल के बाद मोबाइल रिचार्ज भी हो सकता है महंगा, 5G टावरों की बढ़ी लागत से बढ़ी चिंता

mobile recharge

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर अब सिर्फ ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों तक सीमित नहीं रह सकता। बढ़ती ईंधन कीमतों का असर जल्द ही मोबाइल रिचार्ज प्लान पर भी देखने को मिल सकता है। टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजल और बिजली की लागत बढ़ने से कंपनियां अपने मोबाइल टैरिफ महंगे करने पर विचार कर सकती हैं।

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मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में देशभर में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान भी महंगे हो सकते हैं।

 

मोबाइल टावर चलाने में बढ़ेगा खर्च

रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबाइल टावर ऑपरेट करने में बिजली और ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होती है। खासतौर पर दूरदराज इलाकों में डीजल जनरेटर के जरिए टावर चलाए जाते हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने का सीधा असर टेलीकॉम कंपनियों की लागत पर पड़ेगा।

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5G नेटवर्क बना नई चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ बिजली की खपत और तेजी से बढ़ी है। 5G टावर पारंपरिक टावरों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण कंपनियों का खर्च और बढ़ सकता है।

 

बताया जा रहा है कि बड़ी टेलीकॉम कंपनियों जैसे Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea को सिर्फ डीजल खर्च में ही हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।

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बढ़ सकते हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान

टेलीकॉम इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यदि ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो कंपनियां इसकी भरपाई ग्राहकों से कर सकती हैं। इसके चलते प्रीपेड और पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे हो सकते हैं।

 

हालांकि अभी कंपनियों की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इंडस्ट्री में टैरिफ बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में 5G निवेश और नेटवर्क विस्तार के कारण भी कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ

अगर मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे होते हैं तो इसका असर करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। पहले से ही पेट्रोल-डीजल, दूध, खाने का तेल और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी बने करोड़पति, AI बूम से शेयर बेचकर हुई अरबों की कमाई

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OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी अब करोड़पति बन चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने कर्मचारियों को 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचने की अनुमति दी थी, जिससे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम से सबसे पहले बड़ा फायदा उठाने वालों में शामिल हो गए। AI सेक्टर में तेजी से बढ़ती संपत्ति का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने अपने बचे हुए शेयर दान संबंधी फंड्स में डाल दिए, ताकि सामाजिक कार्यों में योगदान देने के साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिल सके।

 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 600 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने पिछले साल अपने शेयर बेचे। इस सौदे के तहत निवेशकों को कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर खरीदने की अनुमति दी गई थी। सामूहिक रूप से इन कर्मचारियों ने करीब 6.6 अरब डॉलर की कमाई की। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, 75 कर्मचारियों ने अधिकतम सीमा तक शेयर बेचकर करीब 3 करोड़ डॉलर प्रति व्यक्ति हासिल किए, जबकि औसत भुगतान लगभग 1.1 करोड़ डॉलर रहा।

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The Telegraph के अनुसार, OpenAI कर्मचारियों को अपने शेयर नकद कराने से पहले दो साल तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में पिछले साल का यह सौदा उन शुरुआती मौकों में से एक था, जब निवेशक कर्मचारियों के शेयर खरीद सके। कंपनी ने 2022 के आखिर में अपना चर्चित AI चैटबॉट ChatGPT लॉन्च किया था।

 

OpenAI ने 2019 में अपना लाभ कमाने वाला सब्सिडियरी मॉडल शुरू किया था, तब कंपनी का मूल्यांकन करीब 1 अरब डॉलर था। बाद में Microsoft के निवेश और ChatGPT की सफलता के बाद 2023 में कंपनी की वैल्यू 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में निजी शेयरों की बिक्री के समय कंपनी का मूल्यांकन 500 अरब डॉलर था। वहीं इस साल मार्च में 122 अरब डॉलर का निवेश जुटाने के बाद OpenAI की वैल्यू 852 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में अमेरिका के बे एरिया समेत कई टेक शहरों में बड़ी संपत्ति बनने की लहर देखने को मिल सकती है। The Wall Street Journal के अनुसार, OpenAI और Anthropic इतिहास के दो सबसे बड़े IPO की तैयारी कर रहे हैं। इससे इन कंपनियों के कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग मल्टीमिलियनेयर बन सकते हैं।

 

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि AI बूम से पैदा हो रही यह संपत्ति अभूतपूर्व है। डॉट-कॉम दौर में कई कर्मचारियों को IPO के बाद तक इंतजार करना पड़ता था और कई मामलों में बाजार गिरने से उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। हालांकि Google और Facebook के शुरुआती कर्मचारियों ने भी भारी कमाई की थी, लेकिन AI स्टार्टअप्स में इस बार कहीं ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

2 मई को आपके मोबाइल पर क्यों आएगा Alert, तेज आवाज या वाइब्रेशन हो तो घबराएं नहीं, जानिए क्यों हो रहा है यह टेस्ट

आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) शनिवार, 2 मई 2026 को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण करेगा। इस टेस्ट का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। यह परीक्षण दिल्ली-एनसीआर समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में किया जाएगा। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों और चुनाव वाले राज्यों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

 

इस दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट नोटिफिकेशन आ सकता है, जिसके साथ तेज आवाज या वाइब्रेशन भी हो सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परीक्षण संदेश होगा और किसी वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं है।

 

NDMA ने लोगों से अपील की है कि इस अलर्ट को देखकर घबराएं नहीं। यह अभ्यास आपदा के समय सही और समय पर जानकारी पहुंचाने की क्षमता को परखने और संचार प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन, 9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दूरसंचार नियामकों, सेवा प्रदाताओं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शामिल करते हुए बहुस्तरीय कार्रवाई की गई है तथा व्हाट्सऐप ने ऐसे अपराधों में शामिल 9,400 खातों पर रोक लगाई है।

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सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने अपनी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट में इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। यह रिपोर्ट देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट  के 9 फरवरी के निर्देशों के अनुपालन में दाखिल की गई है। Edited by : Sudhir Sharma

रिलायंस फाउंडेशन की बड़ी पहल, 10 लाख ‘साइबर सखी’ तैयार होंगी, महिलाओं को मिलेगा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

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रिलायंस फाउंडेशन ने ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘e-SafeHER’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण पहल है, जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली C-DAC संस्था (‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’) के साथ मिलकर शुरू किया गया है। 

 

इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर देशभर में 10 लाख महिलाओं को ‘साइबर सखी’ के रूप में तैयार करना है, ताकि वे सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। मध्य प्रदेश और ओडिशा से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। 

महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाने वाला कार्यक्रम e-SafeHER के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं पर केंद्रित है, जो तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन इस कार्यक्रम को देशभर में स्वयं सहायता समूहों और अपने जमीनी नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाएगा, जबकि C-DAC प्रशिक्षण सामग्री और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा।

 

इस मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “भारत में ग्रामीण महिलाएं पहले से कहीं ज्यादा तेजी से ऑनलाइन आ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ डिजिटल पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी और कौशल देना भी है। e-SafeHER के जरिए हम महिलाओं को यह सिखाना चाहते हैं कि वे डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल आत्मविश्वास के साथ करें और अपने जीवन और आजीविका को मजबूत बनाएं।”

 

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा, “देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हम, e-SafeHER जैसी पहल के जरिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंच बना रहे हैं। ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सशक्त बन सकें। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसे आगे बड़े स्तर पर अपनाया और विस्तार दिया जा सकता है।”

 

रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि यह पहल महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण के उसके व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत डिजिटल साक्षरता, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

10,000 से ज्यादा के Online Payment पर 1 घंटे का होल्ड, क्या है RBI ला रहा है 3 फीचर्स

डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कई बड़े बदलाव के सुझाव दिए हैं। इनमें से एक यह है कि ₹10,000 से ज्यादा के डिजिटल पेमेंट्स को लाभार्थी के खाते में जमा होने में 1 घंटे की देरी का नियम लागू किया जाए। अधिकतर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। 

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हालांकि अभी ये सिर्फ प्रस्तावित हैं, लागू नहीं हुए हैं। इस प्लान में किल स्विच से लेकर पेमेंट होने में एक घंटे वाली देरी शामिल है। इससे अगर गलत ट्रांजेक्शन हो जाता है तो उसे रोकने या कैंसिल करने का अवसर मिल सकता है। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।  RBI सिर्फ टाइम लिमिट ही नहीं, बल्कि 3 नए फीचर्स भी ला रहा है।

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क्या होगा फायदा 

अभी हम जैसे ही 'Pay' बटन दबाते हैं, पैसा तुरंत दूसरे के खाते में पहुंच जाता है। जालसाज (Scammers) इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। RBI का नया प्रस्ताव कहता है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा भेज रहे हैं, तो वह पैसा सामने वाले को तुरंत नहीं मिलेगा। उस 1 घंटे के दौरान आप ट्रांजेक्शन को चेक कर सकते हैं। अगर गलती से पेमेंट हुआ है, तो उसे कैंसिल कर सकते हैं। और धोखाधड़ी का अहसास होने पर पेमेंट रोक सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका

गूगल ने अपनी अब तक की सबसे सक्षम ओपन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल सीरीज 'Gemma 4' से पर्दा उठा दिया है। इस कदम को दुनिया भर के डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और व्यवसायों के लिए शक्तिशाली AI एप्लिकेशन बनाने की राह में एक बड़ी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। 

 

गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) द्वारा विकसित यह मॉडल विशेष रूप से 'एडवांस्ड रीजनिंग' और 'जटिल ऑटोमेटेड वर्कफ़्लो' के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार इसे अपाचे 2.0 (Apache 2.0) लाइसेंस के तहत जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि कोई भी इसका व्यावसायिक उपयोग, संशोधन और निर्माण पूरी तरह से मुफ्त में कर सकता है। एक्सपर्ट्‍स का कहना है कि व्यावसायिक उपयोग के लिए फ्री लाइसेंस देकर गूगल ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह ओपन-सोर्स AI इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

 

क्या है Gemma 4 की खासियत?

 

Gemma 4 को उसी तकनीक और रिसर्च पर बनाया गया है जिस पर गूगल का मुख्य मॉडल Gemini 3 आधारित है। इसके फीचर्स- 
चार अलग-अलग साइज: यह मॉडल मोबाइल फोन से लेकर बड़े सर्वर तक के लिए चार आकारों में उपलब्ध है।  बिना इंटरनेट के काम: इसके छोटे 'एज मॉडल्स' (2 बिलियन और 4 बिलियन पैरामीटर्स) को विशेष रूप से फोन, रास्पबेरी पाई और एनवीडिया जेटसन जैसे डिवाइस पर ऑफलाइन चलाने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि बैटरी और रैम की बचत हो सके।

 

 बहुभाषी क्षमता: यह 140 से अधिक भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर उपयोगी बन जाता है।

 

स्वायत्त कार्य (Autonomous Action): यह केवल चैटबॉट तक सीमित नहीं है, बल्कि मल्टी-स्टेप प्लानिंग, कोड जनरेशन और ऑडियो-विजुअल प्रोसेसिंग जैसे जटिल काम भी कर सकता है।

 

अब आपके स्मार्टफोन पर चलेगा शक्तिशाली AI

'एंड्रॉयड डेवलपर्स ब्लॉग' के मुताबिक, Gemma 4 की सबसे बड़ी खूबी इसका मोबाइल पर सीधे चलना है। डेवलपर्स आज से ही 'AICore डेवलपर प्रीव्यू' के जरिए इसका उपयोग कर सकते हैं। गूगल ने पुष्टि की है कि Gemma 4 के लिए लिखा गया कोड इस साल के अंत में आने वाले Gemini Nano 4 सक्षम डिवाइस पर भी काम करेगा। गूगल के 'AI Edge Gallery' ऐप के जरिए यूजर्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के 'एजेंट स्किल्स' जैसे फीचर्स का अनुभव ले सकेंगे, जो पूरी तरह से डिवाइस पर ही प्रोसेस होते हैं।

 

कैसे करें Gemma 4 का उपयोग?

यदि आप एक डेवलपर, छात्र या व्यवसायी हैं, तो आप इन तरीकों से इसकी शुरुआत कर सकते हैं:

बड़े मॉडल्स (31B और 26B): इनका उपयोग Google AI Studio के जरिए किया जा सकता है।


डाउनलोड: मॉडल के वेट (Weights) को Hugging Face, Kaggle या Ollama से सीधे डाउनलोड किया जा सकता है।


टूल सपोर्ट: यह मॉडल पहले दिन से ही Hugging Face Transformers, vLLM, llama.cpp और NVIDIA NIM जैसे लोकप्रिय टूल्स को सपोर्ट करता है।

 

डेस्कटॉप और रोबोटिक्स: यह विंडोज, लिनक्स और मैक ओएस पर चलता है। साथ ही, रास्पबेरी पाई 5 के जरिए इसे रोबोटिक्स में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

बाजार में कड़ी टक्कर और विशेषज्ञों की राय

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने Gemma 4 की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए इसे 'इंटेलिजेंस-पर-पैरामीटर' के मामले में सबसे कुशल बताया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसे मेटा (Meta) की Llama सीरीज और चीन के DeepSeek मॉडल्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। Edited by : Sudhir Sharma