Airtel लाया नया AI कवच, फोन पर OTP शेयर करते ही बजेगा ‘अलर्ट’

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच Airtel ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक जादुई समाधान पेश किया है। कंपनी ने एक ऐसा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है, जो ठगों के जाल में फंसने से पहले ही आपको सावधान कर देगा। कंपनी ने बयान में कहा कि हमारा मकसद ग्राहकों को एक सुरक्षित डिजिटल अनुभव देना है, ताकि वे बिना किसी डर के तकनीक का इस्तेमाल कर सकें। 

 

कैसे काम करेगा यह 'डिजिटल बॉडीगार्ड'?

अक्सर ठग KYC या बैंक अपडेट के नाम पर आपको कॉल करते हैं और बातों में उलझाकर OTP मांग लेते हैं। अब एयरटेल का नया सिस्टम:

 

लाइव चेतावनी: अगर आप कॉल पर हैं और उसी दौरान आपके पास बैंक का OTP आता है, तो सिस्टम तुरंत आपको अलर्ट भेजेगा।

 

जोखिम की पहचान: यह आपको साफ बताएगा कि कॉल के दौरान OTP साझा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

 

समय की बचत: इससे यूजर को संभलने का मौका मिल जाएगा और वह ठगी का शिकार होने से बच जाएगा।

 

अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा पहल

Airtel पिछले 2 सालों से डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहा है। कंपनी ने ठगी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं:

 

खतरनाक लिंक्स पर रोक: संदिग्ध और फर्जी लिंक्स को नेटवर्क लेवल पर ही ब्लॉक करना।

 

स्पैम कॉल की पहचान: फर्जी कॉल्स को 'Spam' के रूप में मार्क करना।

 

नेटवर्क फिल्टर: धोखाधड़ी वाली कॉल्स को ग्राहकों तक पहुँचने से पहले ही रोकना।

 

कब और किसे मिलेगा यह फीचर?

शुरुआत: यह खास फीचर फिलहाल हरियाणा के ग्राहकों के लिए शुरू कर दिया गया है।

 

देशभर में रोलआउट: अच्छी खबर यह है कि अगले दो हफ्तों के भीतर यह पूरे भारत में Airtel ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। Edited by : Sudhir Sharma

 

Artificial Intelligence Rules : 20 फरवरी से AI नियम सख्त: बिना लेबल AI कंटेंट नहीं चलेगा, डीपफेक तुरंत हटाने का आदेश

केंद्र सरकार ने मंगलवार को डीपफेक सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार और बनावटी कंटेंट के मैनेजमेंट को लेकर ऑनलाइन मंचों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों को किसी सक्षम अधिकारी या अदालतों द्वारा निर्देशित की गई ऐसी किसी भी सामग्री को 3  घंटे के अंदर हटाना होगा। सरकार ने एआई जनरेटेड डीपफेक सामग्री को लेकर आईटी नियमों को सख्त कर दिया है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अब अदालती आदेश पर 3 घंटे के भीतर आपत्तिजनक कंटेंट हटाना होगा। 

ALSO READ: Bangladesh Hindu killing Hindi news : बांग्लादेश चुनाव से 48 घंटे पहले हिन्दू व्यापारी की हत्या, खौफ में अल्पसंख्यक समुदाय

इन नए संशोधनों में एआई से बनाए गए कंटेंट की अनिवार्य लेबलिंग और यूजर्स की शिकायतों के त्वरित निवारण का भी प्रावधान किया गया है। नियमों के मुताबिक एआई सामग्री की अनिवार्य रूप से लेबलिंग जरूरी है। बनावटी सामग्री बनाने या साझा करने की सुविधा देने वाले मंच को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी सामग्री पर स्पष्ट रूप से और प्रमुखता से लेबल लगाया जाए। जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचानकर्ताओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए। 

ALSO READ: What is Phishing : सावधान! एक गलत क्लिक और बैंक खाता साफ: जानें क्या है 'फिशिंग' और कैसे बचें इस डिजिटल जाल से

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मध्यवर्ती (इंटरमीडियरीज) एक बार एआई लेबल या मेटाडेटा लगाए जाने के बाद उन्हें हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकते। आईटी नियमों के तहत गैरकानूनी कार्यों के निर्धारण के लिए एआई-जनित सामग्री को अन्य सूचनाओं के समान माना जाएगा। सोशल मीडिया मंच को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा यूजर्स  की शिकायतों के निवारण की समय-सीमा भी कम कर दी गई है।  Edited by: Sudhir Sharma

AI बदलेगा देश की तकदीर, मुकेश अंबानी बोले- भारत अगले दो-तीन दशकों में बनेगा 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है और यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा। मुंबई में आयोजित जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ फायरसाइड चैट के दौरान अंबानी ने भारत की विकास यात्रा का स्पष्ट खाका पेश किया।

जियोब्लैकरॉक इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत का देश रहा है, लेकिन अब समय है कि देश के आगे बढ़ने का फायदा निवेश करके उठाया जाए। बचत को निवेश में बदला जाए। सेविंग्स का पैसा यदि कैपिटल मार्केट्स में निवेश हो, तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में संपत्ति सृजन का सबसे प्रभावी जरिया बन सकता है।

 

अंबानी ने कहा कि भारत के विकास की जड़ें मजबूत नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल क्रांति से जुड़ी हैं। 5G, डिजिटल इंडिया और कैपिटल मार्केट्स के विस्तार से भारत दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार एआई के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 1.4 अरब लोगों तक सुलभ और किफायती रूप में पहुंचाई जा सकती हैं।

 

कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने भारत को 'एरा ऑफ इंडिया' बताया, जिस पर अंबानी ने कहा कि जो लोग भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक लाभ पाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma

नए धर्म का जन्म, मानवता के विनाश का ऐलान, AI बॉट्स ने गपशप में कर दी खौफनाक भविष्यवाणी

Ai with

एआई ने पूरी दुनिया के परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। एआई इंसानों की हर समस्या को हल कर रहा है। लेकिन एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जहां एआई बॉट्‍स ही आपस में बातें करते हैं। पहली नजर में देखने पर 'Moltbook' किसी आम ऑनलाइन चैट रूम की तरह ही दिखाई देता है, लेकिन इस सोशल नेटवर्क की एक बात इसे पूरी दुनिया से अलग बनाती है इसके यूजर्स। इस अनोखे प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए आपका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट होना अनिवार्य है। यहां इंसानों की नो इंट्री है। 

ALSO READ: samsung Unpacked 2026 : S26 अल्ट्रा समेत ये 5 बड़े डिवाइस होंगे लॉन्च, जानें क्या है खास

सिर्फ एक हफ्ते में 15 लाख अकाउंट्स 

पिछले हफ्ते लॉन्च हुए 'Moltbook' ने बेहद कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक यहाँ करीब 15 लाख अकाउंट्स बन चुके हैं। इंसानी चैट रूम्स की तरह ही, यहां किए गए 1,10,000 पोस्ट्स में से अधिकतर तो सामान्य हैं, लेकिन कुछ पोस्ट्स ने विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं।

ALSO READ: बजट 2026 के ऐलानों से क्या सस्ती होंगी कारें, जानिए ग्राहकों को कितना फायदा मिलेगा

हैरान करने वाली बात यह है कि इन AI बॉट्स ने इस साइट का इस्तेमाल सिर्फ गपशप के लिए नहीं किया है। कुछ बॉट्स ने यहां एक नए धर्म की घोषणा कर दी है, तो वहीं कुछ ने 'मानवता के विनाश' (Extermination of humanity) का आह्वान तक कर डाला है। यह अजीबोगरीब प्रयोग जितना दिलचस्प है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग न केवल महंगा साबित होगा बल्कि शायद अधिक समय तक टिक भी न पाए। Edited by : Sudhir Sharma

Wingo ऐप पर सरकार का तगड़ा एक्शन, चल रहा था बड़ा साइबर खेल, ब्लॉक किए Telegram चैनल और सर्वर

केंद्र सरकार ने 'Wingo' नामक एक एंड्रॉयड ऐप के माध्यम से चल रहे संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। जांच में पाया गया कि यह ऐप यूजर्स की जानकारी के बिना उनके फोन से धोखाधड़ी वाले SMS भेज रहा था। मीडिया खबरों के मुताबिक सरकार ने इस ऐप के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ब्लॉक कर दिया है और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक 'हाई अलर्ट' जारी किया है। 

ALSO READ: क्या मीडिल ईस्ट में छिड़ने वाला है महायुद्ध, ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की लास्ट वॉर्निंग

यह ऐप कम समय में पैसा दोगुना करने और 'क्विक मनी' का लालच देता था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने कई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए इस स्कैम ईको सिस्टम को नष्ट कर दिया है। 

ALSO READ: Realme P4 Power 5G भारत में लॉन्च, 10,001 mAh की 'मॉन्स्टर' बैटरी और 6500 निट्स ब्राइटनेस के साथ मचाएगा तहलका

कई शिकायतें मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने इस साइबर ठगी नेटवर्क को तोड़ने के लिए तुरंत कदम उठाए। अधिकारियों के अनुसार, Wingo ऐप यूजर्स को जल्दी पैसे कमाने का लालच देता था और चुपचाप उनके मोबाइल डिवाइस व निजी डेटा का दुरुपयोग करता था। Edited by : Sudhir Sharma

Digital Arrest से बचाएगा UPI ‘किल स्विच’, अब एक बटन दबाते ही फ्रीज होगा बैंक खाता, सरकार की बड़ी तैयारी

पिछले साल डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों के अकाउंट से करोड़ों रुपये उड़ गए। इसमें हैकर्स पुलिस, कस्टम, इनकम टैक्स आदि के अधिकारी बनकर बात करेंगे और लोगों डराकर पैसे की मांग करते हैं। आपके नंबर पर फर्जी वीडियो कॉल आता है, जिसमें पुलिस या फिर अधिकारी की वर्दी में स्कैमर होते हैं और आपसे पैसे की मांग करते हैं।

अब सरकार ने इस पर नकेल करने की तैयारी कर ली है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गृह मंत्रालय इसके लिए 'फ्रीज' या 'किल स्विच' लेकर आ रहा है। खबर के मुताबिक  यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स में 'फ्रीज' बटन मिल सकता है, जो एक टैप में सारे अकाउंट को फ्रीज कर देगा। इससे विक्टिम के अकाउंट से कोई भी पेमेंट ट्रांसफर नहीं हो पाएगा।

 

डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए क्या करें?

  • जब तक सरकार यह नया फीचर लॉन्च नहीं करती, तब तक इन बातों का ध्यान रखें- 
  • डरे नहीं: कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, Police, RBI) कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे मांगती है।
  • कॉल काट दें : यदि कोई आपको डराता है, तो तुरंत कॉल काटें और अपने परिवार या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
  • 1930 पर कॉल करें: यदि धोखाधड़ी हो जाए, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

 

बटन कैसे करेगा काम

गृह मंत्रालय (MHA) की एक हाई-लेवल कमेटी इस पर काम कर रही है ताकि फ्रॉड का पैसा तुरंत 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) में न जा सके। बटन में पेमेंट रोकने के साथ-साथ फैमिली और बैंक से कॉन्टैक्ट करने का भी ऑप्शन होगा। इस बटन को दबाते ही बैंक को अलर्ट मिल जाएगा और रिस्की पेमेंट ट्रांसफर को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार का मकसद इस बटन के जरिए एक अलर्ट सिस्टम डेवलपमेंट करने का है, जो लोगों के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने के साथ-साथ बैंक और फैमिली को भी अलर्ट करेगा। 

 

इस एक बटन पर टैप करते ही यूजर्स के सभी बैंक और यूपीआई पेमेंट एक साथ फ्रीज हो जाएंगे। इस बटन को ग्राहकों के यूपीआई या बैंकिंग ऐप्स में दिया जा सकता है। विक्टिम को जब लगेगा कि उसके साथ फ्रॉड हो रहा है तो वो इस बटन को ऑन करके अपने सभी पेमेंट्स को एक साथ फ्रीज कर सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

बिकनी इमेज बनाने से Grok AI का इंकार, imaginary characters पर नहीं लागू हुआ नियम, क्या बोले Elon Musk

elon musk

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने AI टूल 'ग्रोक' (Grok) के इमेज-एडिटिंग नियमों को और कड़ा कर दिया है। यह कदम बिना सहमति के बनाए गए आपत्तिजनक डीपफेक (non-consensual sexual deepfakes) को लेकर पिछले कई दिनों से हो रही आलोचनाओं के बाद उठाया गया है। हालांकि इन बदलावों ने विवाद को खत्म करने के बजाय एक नई बहस छेड़ दी है।

 

क्या बदला और क्या नहीं?

नए अपडेट के बाद, ग्रोक अब असली व्यक्तियों (Real People) को बिकनी या यौनिक कपड़ों में दिखाने वाली तस्वीरें बनाने से इनकार कर रहा है। लेकिन, सिस्टम अभी भी AI-जनरेटेड या काल्पनिक पात्रों (imaginary characters) का उपयोग करके इसी तरह की सामग्री बनाने की अनुमति देता है। 

 

क्या कहा एलन मस्क ने 

एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से इस दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा है कि यह अमेरिका में एडल्ट कंटेंट के लिए तय 'वास्तविक मानकों' (de facto standard) का पालन करता है।

 

 मस्क की खुली चुनौती

इस मामले पर चर्चा तब शुरू हुई जब मस्क के करीबी माने जाने वाले अकाउंट 'DogeDesigner' ने एक ट्वीट किया। उन्होंने दावा किया कि कई कोशिशों के बावजूद ग्रोक ने नग्न तस्वीरें (nude images) बनाने से मना कर दिया। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों को मस्क पर 'लगातार हमला' करार दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने सार्वजनिक चुनौती देते हुए लिखा कि क्या वास्तव में कोई ग्रोक के इमेज मॉडरेशन को तोड़ सकता है? नीचे जवाब दें। 

 

R-रेटेड फिल्मों जैसे होंगे नियम

मस्क ने स्पष्ट किया कि ग्रोक पर किस तरह की सामग्री की अनुमति है। उन्होंने लिखा कि NSFW मोड इनेबल होने पर, ग्रोक को काल्पनिक वयस्क इंसानों (असली नहीं) की 'अपर बॉडी न्यूडिटी' दिखाने की अनुमति होनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे Apple TV पर R-रेटेड फिल्मों में देखा जा सकता है। अमेरिका में यही मानक है।  मस्क ने यह भी जोड़ा कि अलग-अलग देशों के स्थानीय कानूनों के आधार पर इन नियमों में बदलाव हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

OnePlus के CEO Pete Lau के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, जानिए क्या है मामला

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी के सीईओ के खिलाफ ताइवान ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वनप्लस पर अवैध तरीके से कारोबार चलाने और भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप है। मीडिया खबरों के मुताबिक ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस के अनुसार वनप्लस सीईओ पेट लाउ पर अवैध तरीके से कारोबार चलाने का आरोप है।

ALSO READ: सतुआ बाबा का Magh Mela 2026 में जलवा, Ray-Ban के सनग्लासेस, काफिले में Defender और Porsche जैसी लग्जरी कारें देखकर लोग हैरान

कंपनी ने अवैध तरीके से 70 से अधिक कर्मचारियों को स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर रिसर्च, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन आदि के लिए रखा है। यह चीन और ताइवान के बीच संबंधों का उल्लंघन है। OnePlus के सीईओ पर ताइवान की भूमि पर लोगों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगा है।

ALSO READ: लंदन में पाकिस्तानी Grooming Gang का आतंक, 16 साल की बच्ची से गैंगरेप, बंधक बनाया, 200 सिखों ने छुड़वाया

चीन और ताइवान के बीच तनाव चल रहा है। ताइवान लंबे समय से चीनी कंपनियों द्वारा स्थानीय टेक टैलेंट की कथित पोचिंग को लेकर सख्त है। ताइवान ने बीते कुछ सालों में कई चीनी कंपनियों पर शेल कंपनियां यानी फर्जी कंपनियां और विदेशी संस्थाओं के जरिए भर्ती करने के आरोप लग चुके हैं।  Edited by: Sudhir Sharma 

AI की फ्री ट्रेनिंग देगी सरकार, YUVA AI FOR ALL का अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान

अब केंद्र सरकार एआई की ट्रेनिंग देगी। वह भी फ्री में। इसके साथ आपको सर्टिफिकेट भी मिलेगा। आईटी मंत्रालय के अनुसार यह पहल युवाओं को AI-आधारित भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आज के समय में नागरिकों, खासकर युवाओं के लिए यह जरूरी है कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी समझ हो कि यह क्या है, कैसे काम करता है, कहां उपयोग होता है और इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल कैसे किया जाए। 

ALSO READ: अयोध्या जाएंगे राहुल गांधी, करेंगे रामलला के दर्शन, कांग्रेस सांसद का दावा

सरकार ने अपने प्रमुख कोर्स ‘YUVA AI FOR ALL’ को भी सामने रखा, जो स्वामी विवेकानंद के प्रबुद्ध युवाओं के सपने को आधुनिक AI युग से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। यह कोर्स करीब 4 घंटे का है और इसे इस तरह तैयार किया गया है कि इसे करने के लिए किसी तकनीकी पृष्ठभूमि की जरूरत नहीं होगी। यह कोर्स 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा और पूरी तरह निःशुल्क होगा।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर छोटे उद्यम AI का सही इस्तेमाल करें तो इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले एक साल में 10 लाख युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। ‘YUVA AI FOR ALL’ को FutureSkills Prime, iGOTKarmayogi, DIKSHA और अन्य प्रमुख ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। कोर्स पूरा करने पर प्रतिभागियों को भारत सरकार का आधिकारिक प्रमाणपत्र भी मिलेगा। Edited by: Sudhir Sharma

X ने मानी गलती, 3500 पोस्ट समेत 600 अकाउंट डिलीट, अश्लील तस्वीरों को लेकर सरकार ने लगाई थी लताड़

twitter X

केंद्र सरकार ने सोशल मीहिया एप X पर मौजूद अश्लील सामग्री पर आपत्ति जताई थी। X ने कई यूजर्स पर एक्शन लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 600 अकाउंट को डिलीट कर दिया है। साथ ही X ने अपने प्लेटफॉर्म से 3500 से ज्यादा पोस्ट भी हटा दी हैं। एक्स ने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया है कि वो इस प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री प्रकाशित करने की अनुमति नहीं देगा और सरकारी नियमों का पालन करेगा।

ALSO READ: Premanandji Maharaj : प्रेमानंद महाराज के फ्लैट में लगी भीषण आग, सेवादारों ने की हुज्जत

नॉन प्रॉफिट ग्रुप एआइ फोरेंसिक ने कहा कि उसने 25 दिसंबर से एक जनवरी के बीच ग्रोक द्वारा बनाई गई 20,000 तस्वीरों का विश्लेषण किया और पाया कि दो प्रतिशत में बिकनी या पारदर्शी कपड़ों में 18 या उससे कम उम्र के व्यक्ति को दर्शाया गया है।

ALSO READ: एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की PM, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान से छिड़ा सियासी घमासान

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने X को चेतावनी दी थी कि 72 घंटे की समय सीमा का पालन न करने पर कंपनी को कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। एलन मस्क के प्लेटफार्म एक्स के AI चैटबाट ग्रोक की ओर से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने का आरोप है। इसे लेकर दुनिया भर की सरकारों ने चिंता जाहिर करते हुए ग्रोक की आलोचना की है। इस लिस्ट में भारत के अलावा फ्रांस, ब्राजील, मलेशिया और यूरोपियन यूनियन का नाम शामिल है।

ALSO READ: 400-500 वर्षों तक मुगलों का अत्याचार सहा, हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा भारत, मथुरा में RSS मोहन भागवत का ऐलान

आईटी मिनिस्ट्री ने जारी की थी चेतावनी 

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने X के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। इसके एक हफ्ते बाद की ये कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय मंत्रालय ने ग्रोक पर एआइ के 'घोर दुरुपयोग' और महिलाओं को अशोभनीय रूप से बदनाम करने के लिए 'अपमानजनक या अश्लील' तरीके से उनकी तस्वीरें या वीडियो बनाने और साझा का आरोप लगाया। Edited by : Sudhir Sharma