Instagram यूज़र्स के लिए बड़ा अलर्ट! Meta AI की खामी से हैक हुए अकाउंट, कंपनी ने जारी की चेतावनी

Instagram ने हाल ही में सामने आई एक बड़ी सुरक्षा खामी को लेकर यूज़र्स को अलर्ट किया है। यह खामी मेटा (Meta) के AI आधारित अकाउंट रिकवरी सिस्टम से जुड़ी थी, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स कुछ यूज़र्स के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कब्जा कर रहे थे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर सोशल मीडिया अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, 2FA को हमेशा सक्रिय रखना और इंस्टाग्राम सिक्योरिटी से जुड़े ईमेल व नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखना जरूरी है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक जैसे-जैसे AI आधारित सिस्टम डिजिटल सेवाओं में अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं, वैसे-वैसे टेक कंपनियों को उनकी सुरक्षा और मजबूत करनी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने Meta AI सपोर्ट सिस्टम में मौजूद एक तकनीकी कमजोरी का इस्तेमाल किया। वे खुद को असली अकाउंट मालिक बताकर AI चैटबॉट को गुमराह कर देते थे। कई मामलों में AI सिस्टम ने हमलावरों को इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा ईमेल एड्रेस बदलने की अनुमति दे दी, जिसके बाद हैकर्स आसानी से पासवर्ड रीसेट कर अकाउंट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते थे।

 

हाई-वैल्यू इंस्टाग्राम अकाउंट रहे निशाने पर

 

बताया जा रहा है कि साइबर अपराधियों ने सामान्य यूज़र्स की बजाय उन अकाउंट्स को निशाना बनाया, जिनके छोटे और लोकप्रिय यूज़रनेम की डार्क वेब पर अच्छी कीमत मिलती है। हालांकि, मेटा ने अब तक प्रभावित अकाउंट्स की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन कई यूज़र्स ने अपने अकाउंट हैक होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं।

Meta ने खामी दूर करने का किया दावा

मेटा का कहना है कि इस सुरक्षा खामी को ठीक कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ यूज़र्स ने घोषणा के बाद भी अकाउंट टेकओवर की घटनाओं की जानकारी दी है। कंपनी की सिक्योरिटी टीम प्रभावित अकाउंट्स को बहाल करने और नई शिकायतों की जांच में जुटी हुई है।

 

यदि किसी यूज़र को हाल के दिनों में संदिग्ध पासवर्ड रीसेट ईमेल या अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन (Security Prompt) मिले हैं, तो यह मेटा की ओर से अकाउंट की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

प्रभावित यूज़र्स को भेजे जा रहे सिक्योरिटी अलर्ट

इंस्टाग्राम ने संभावित रूप से प्रभावित यूज़र्स को ईमेल के जरिए सुरक्षा अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है। इन संदेशों में बताया जा रहा है कि अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधि पाई गई है और उसके समझौता (Compromise) होने की आशंका है।

ऐसे सुरक्षित रखें अपना इंस्टाग्राम अकाउंट

यदि आपको ऐसा कोई अलर्ट मिला है, तो तुरंत ये कदम उठाएं—

 

  • अपना इंस्टाग्राम पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें।
  • अकाउंट से जुड़े सभी डिवाइस और एक्टिव लॉगिन सेशन की जांच करें।
  • किसी भी अनजान ईमेल एड्रेस या फोन नंबर को अकाउंट से हटा दें।
  • साइबर विशेषज्ञों की सलाह

 Edited by : Sudhir Sharma

WhatsApp ला रहा नया Scam Alert फीचर, अनजान मैसेज पर मिलेगी चेतावनी; यूजर्स खुद तय करेंगे क्या करना है

अगर आप WhatsApp पर आने वाले फर्जी मैसेज, ऑनलाइन ठगी और स्कैम कॉल्स से परेशान हैं, तो जल्द ही आपके लिए एक उपयोगी फीचर आने वाला है। लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp अपने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नए ‘Scam Alert’ फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जो संदिग्ध संदेशों की पहचान करने में मदद करेगा।

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क्या है WhatsApp का नया Scam Alert फीचर?

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर WhatsApp के एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.22.2 में देखा गया है। इसकी मदद से यदि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से कोई संदिग्ध संदेश आता है, तो WhatsApp उसे स्कैन कर संभावित स्कैम की पहचान करेगा। यदि मैसेज संदिग्ध पाया जाता है, तो चैट विंडो में एक चेतावनी (Warning Banner) दिखाई देगी, जिसमें बताया जाएगा कि यह संदेश धोखाधड़ी या स्कैम से जुड़ा हो सकता है।

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यूजर्स को मिलेंगे दो विकल्प

 

WhatsApp किसी भी संदिग्ध अकाउंट को अपने आप ब्लॉक नहीं करेगा। इसके बजाय यूजर्स को दो विकल्प दिए जाएंगे—

 

Sender को Block और Report करें

यदि संदेश भरोसेमंद लगे तो बातचीत जारी रखें

इससे यूजर्स को अधिक नियंत्रण मिलेगा और वे अपनी समझ के अनुसार निर्णय ले सकेंगे।

प्राइवेसी से नहीं होगा समझौता

 

WhatsApp का कहना है कि स्कैम की जांच सीधे यूजर के मोबाइल डिवाइस पर होगी। इसके लिए किसी भी मैसेज को WhatsApp के सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा। इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म की End-to-End Encryption पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और WhatsApp आपके निजी संदेशों की सामग्री नहीं देख सकेगा।

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फीचर रहेगा वैकल्पिक

WhatsApp का यह Scam Alert फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा। जो यूजर्स इसे इस्तेमाल करना चाहेंगे, वे सेटिंग्स में जाकर इसे मैन्युअली ऑन कर सकेंगे। फिलहाल कंपनी ने इस फीचर की आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए WhatsApp लगातार नए सुरक्षा फीचर्स पर काम कर रहा है। 

 

ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट भी मिल सकती है

रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp एक नया Transparency Section भी जोड़ सकता है, जहां यूजर्स उन सभी संदिग्ध गतिविधियों की सूची देख सकेंगे जिन्हें ऐप ने स्कैम के रूप में चिन्हित किया है। यह पूरी जानकारी केवल यूजर के डिवाइस में ही स्टोर होगी और किसी बाहरी सर्वर पर साझा नहीं की जाएगी। Edited by: Sudhir Sharma

MP-CG में Jio का नया रिकॉर्ड, 5 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के करीब पहुंची कंपनी; ब्रॉडबैंड यूजर्स 20 लाख के पार

रिलायंस जियो ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) टेलीकॉम सर्किल में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सर्किल में कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गई है, वहीं ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का आंकड़ा 20.3 लाख से अधिक हो गया है।

 

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जियो इस क्षेत्र में शीर्ष पर बना हुआ है। अकेले अप्रैल महीने में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो से 3.5 लाख नए मोबाइल ग्राहक जुड़े। इसी अवधि में एयरटेल ने लगभग 1 लाख और बीएसएनएल ने करीब 10 हजार नए मोबाइल ग्राहक जोड़े।

 

सर्किल में सभी कंपनियों के कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.6 करोड़ से अधिक है। बाजार हिस्सेदारी के मामले में भी जियो का दबदबा बरकरार है; मोबाइल सेवाओं में जियो की बाजार हिस्सेदारी 58.1 प्रतिशत और ब्रॉडबैंड सेवाओं में 61 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

 

5G नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक में 50% से अधिक की वृद्धि

ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जियो अपने 5G नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रहा है। बेहतर कवरेज और तेज स्पीड के कारण जियो के 5G नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हाल ही में रायपुर में आयोजित आईपीएल (IPL) मैचों के दौरान भी देखा गया, जहां भारी डेटा उपयोग के बावजूद जियो नेटवर्क और जियोहॉटस्टार सेवाओं ने निर्बाध (seamless) प्रदर्शन किया।

 

जियोफाइबर और एयरफाइबर का तेजी से विस्तार

वर्क-फ्रॉम-होम और हाइब्रिड कार्य प्रणाली को सपोर्ट करने के लिए जियोफाइबर और जियो एयरफाइबर (FWA) सेवाएं मप्र-छग के अधिकांश ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। इसी का परिणाम है कि अप्रैल में 31.5 हजार से अधिक नए ग्राहकों ने जियो ब्रॉडबैंड को अपनाया।

 

मात्र ₹200 में एंटरटेनमेंट पैक और क्लाउड स्टोरेज

जियो ने ग्राहकों के मनोरंजन के लिए हाल ही में आकर्षक एंटरटेनमेंट पैक लॉन्च किए हैं। इसके तहत उपभोक्ता मात्र ₹200 में 15 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स, 1000 से ज्यादा टीवी चैनल और 30 जीबी डेटा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, व्यवसायों के लिए जियो ने इनोवेटिव 'मैनेज्ड वाई-फाई' समाधान पेश किए हैं, जिनकी विशेषता यह है कि ग्राहकों को किसी प्रकार के शुरुआती निवेश या महंगे उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं होती।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बढ़ते खर्च को देखते हुए 'जियोपीसी' (JioPC) एक प्रभावी, किफायती और क्लाउड-आधारित कंप्यूटिंग समाधान के रूप में उभर रहा है। इसके साथ ही जियो अपने 5G उपयोगकर्ताओं को 500 जीबी तक की क्लाउड स्टोरेज सुविधा भी दे रहा है, जो छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए बेहद उपयोगी है।

 

कंपनी का कहना है कि ग्राहकों की बढ़ती डिजिटल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नेटवर्क और सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इच्छुक ग्राहक कंपनी की वेबसाइट www.jio.com पर जाकर अपनी आवश्यकतानुसार पंजीकरण करा सकते हैं। Edited by: Sudhir Sharma

 

AI का बूम, कंपनी ने कर्मचारियों को बांटा 3.25 करोड़ का बोनस

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव अब टेक कंपनियों की कमाई में भी साफ नजर आने लगा है। इसी AI बूम का सबसे बड़ा फायदा दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के चिप कारोबार को मिला है। AI डाटा सेंटरों की बढ़ती मांग के चलते मेमोरी चिप्स की जरूरत तेजी से बढ़ी है और सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल है।

 

इसी वजह से पिछले तिमाही में कंपनी के चिप डिवीजन की आय में 49 गुना तक का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। अब कंपनी इस मुनाफे का हिस्सा अपने कर्मचारियों को भी देने जा रही है। बुधवार को सैमसंग के सबसे बड़े कर्मचारी यूनियन ने चिप डिवीजन के कर्मचारियों के लिए भारी-भरकम बोनस पैकेज को मंजूरी दे दी। इस पैकेज के तहत प्रत्येक कर्मचारी को औसतन 3.40 लाख डॉलर (करीब 3.25 करोड़ रुपए) का बोनस मिल सकता है।

 

यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब कर्मचारियों ने 18 दिनों की हड़ताल की चेतावनी दी थी।  इस साल मार्च में सैमसंग ने अपनी फाइलिंग में बताया था कि 2025 में कंपनी के कर्मचारियों की औसत वार्षिक आय 15.8 करोड़ वॉन (करीब 1 करोड़ रुपए) रही थी।

 

कंपनी और यूनियन के बीच मुनाफे के बंटवारे को लेकर समझौता होने के बाद संभावित हड़ताल टल गई है। इससे वैश्विक मेमोरी चिप सप्लाई पर पड़ने वाला बड़ा संकट भी टल गया। माना जा रहा था कि यदि हड़ताल होती तो न केवल सैमसंग का उत्पादन प्रभावित होता, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता था।

 

सैमसंग के अनुसार, कंपनी के चिप डिवीजन में करीब 78 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में केवल बोनस पर कंपनी लगभग 26.5 अरब डॉलर खर्च कर सकती है। यूनियन की ओर से बताया गया कि इस समझौते के पक्ष में 73.7 प्रतिशत सदस्यों ने मतदान किया। करीब 62,600 बैलेट डाले गए, जो पात्र सदस्यों के 95 प्रतिशत से अधिक थे। समझौते को पारित करने के लिए आधे से अधिक मतों की जरूरत थी।

 

यह बोनस सभी सैमसंग कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल चिप निर्माण डिवीजन के कर्मचारियों को मिलेगा। यह डिवीजन प्रोसेसर और मेमोरी चिप्स जैसे RAM का निर्माण करता है, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप, कारों और ChatGPT व Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म को संचालित करने वाले बड़े डाटा सेंटरों में किया जाता है।

 

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के आधार पर कर्मचारियों को औसतन 51.3 करोड़ वॉन यानी लगभग 3.40 लाख डॉलर का बोनस मिल सकता है। Yonhap News की रिपोर्ट के मुताबिक मेमोरी डिवीजन के कर्मचारियों को करीब 60 करोड़ वॉन (लगभग 3.82 करोड़ रुपए) तक मिल सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

पेट्रोल-डीजल के बाद मोबाइल रिचार्ज भी हो सकता है महंगा, 5G टावरों की बढ़ी लागत से बढ़ी चिंता

mobile recharge

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर अब सिर्फ ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों तक सीमित नहीं रह सकता। बढ़ती ईंधन कीमतों का असर जल्द ही मोबाइल रिचार्ज प्लान पर भी देखने को मिल सकता है। टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजल और बिजली की लागत बढ़ने से कंपनियां अपने मोबाइल टैरिफ महंगे करने पर विचार कर सकती हैं।

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मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में देशभर में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान भी महंगे हो सकते हैं।

 

मोबाइल टावर चलाने में बढ़ेगा खर्च

रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबाइल टावर ऑपरेट करने में बिजली और ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होती है। खासतौर पर दूरदराज इलाकों में डीजल जनरेटर के जरिए टावर चलाए जाते हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने का सीधा असर टेलीकॉम कंपनियों की लागत पर पड़ेगा।

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5G नेटवर्क बना नई चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ बिजली की खपत और तेजी से बढ़ी है। 5G टावर पारंपरिक टावरों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण कंपनियों का खर्च और बढ़ सकता है।

 

बताया जा रहा है कि बड़ी टेलीकॉम कंपनियों जैसे Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea को सिर्फ डीजल खर्च में ही हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।

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बढ़ सकते हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान

टेलीकॉम इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यदि ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो कंपनियां इसकी भरपाई ग्राहकों से कर सकती हैं। इसके चलते प्रीपेड और पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे हो सकते हैं।

 

हालांकि अभी कंपनियों की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इंडस्ट्री में टैरिफ बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में 5G निवेश और नेटवर्क विस्तार के कारण भी कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ

अगर मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे होते हैं तो इसका असर करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। पहले से ही पेट्रोल-डीजल, दूध, खाने का तेल और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी बने करोड़पति, AI बूम से शेयर बेचकर हुई अरबों की कमाई

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OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी अब करोड़पति बन चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने कर्मचारियों को 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचने की अनुमति दी थी, जिससे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम से सबसे पहले बड़ा फायदा उठाने वालों में शामिल हो गए। AI सेक्टर में तेजी से बढ़ती संपत्ति का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने अपने बचे हुए शेयर दान संबंधी फंड्स में डाल दिए, ताकि सामाजिक कार्यों में योगदान देने के साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिल सके।

 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 600 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने पिछले साल अपने शेयर बेचे। इस सौदे के तहत निवेशकों को कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर खरीदने की अनुमति दी गई थी। सामूहिक रूप से इन कर्मचारियों ने करीब 6.6 अरब डॉलर की कमाई की। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, 75 कर्मचारियों ने अधिकतम सीमा तक शेयर बेचकर करीब 3 करोड़ डॉलर प्रति व्यक्ति हासिल किए, जबकि औसत भुगतान लगभग 1.1 करोड़ डॉलर रहा।

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The Telegraph के अनुसार, OpenAI कर्मचारियों को अपने शेयर नकद कराने से पहले दो साल तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में पिछले साल का यह सौदा उन शुरुआती मौकों में से एक था, जब निवेशक कर्मचारियों के शेयर खरीद सके। कंपनी ने 2022 के आखिर में अपना चर्चित AI चैटबॉट ChatGPT लॉन्च किया था।

 

OpenAI ने 2019 में अपना लाभ कमाने वाला सब्सिडियरी मॉडल शुरू किया था, तब कंपनी का मूल्यांकन करीब 1 अरब डॉलर था। बाद में Microsoft के निवेश और ChatGPT की सफलता के बाद 2023 में कंपनी की वैल्यू 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में निजी शेयरों की बिक्री के समय कंपनी का मूल्यांकन 500 अरब डॉलर था। वहीं इस साल मार्च में 122 अरब डॉलर का निवेश जुटाने के बाद OpenAI की वैल्यू 852 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में अमेरिका के बे एरिया समेत कई टेक शहरों में बड़ी संपत्ति बनने की लहर देखने को मिल सकती है। The Wall Street Journal के अनुसार, OpenAI और Anthropic इतिहास के दो सबसे बड़े IPO की तैयारी कर रहे हैं। इससे इन कंपनियों के कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग मल्टीमिलियनेयर बन सकते हैं।

 

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि AI बूम से पैदा हो रही यह संपत्ति अभूतपूर्व है। डॉट-कॉम दौर में कई कर्मचारियों को IPO के बाद तक इंतजार करना पड़ता था और कई मामलों में बाजार गिरने से उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। हालांकि Google और Facebook के शुरुआती कर्मचारियों ने भी भारी कमाई की थी, लेकिन AI स्टार्टअप्स में इस बार कहीं ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

2 मई को आपके मोबाइल पर क्यों आएगा Alert, तेज आवाज या वाइब्रेशन हो तो घबराएं नहीं, जानिए क्यों हो रहा है यह टेस्ट

आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) शनिवार, 2 मई 2026 को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण करेगा। इस टेस्ट का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। यह परीक्षण दिल्ली-एनसीआर समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में किया जाएगा। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों और चुनाव वाले राज्यों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

 

इस दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट नोटिफिकेशन आ सकता है, जिसके साथ तेज आवाज या वाइब्रेशन भी हो सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परीक्षण संदेश होगा और किसी वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं है।

 

NDMA ने लोगों से अपील की है कि इस अलर्ट को देखकर घबराएं नहीं। यह अभ्यास आपदा के समय सही और समय पर जानकारी पहुंचाने की क्षमता को परखने और संचार प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन, 9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दूरसंचार नियामकों, सेवा प्रदाताओं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शामिल करते हुए बहुस्तरीय कार्रवाई की गई है तथा व्हाट्सऐप ने ऐसे अपराधों में शामिल 9,400 खातों पर रोक लगाई है।

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सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने अपनी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट में इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। यह रिपोर्ट देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट  के 9 फरवरी के निर्देशों के अनुपालन में दाखिल की गई है। Edited by : Sudhir Sharma