Accenture Q3 Results: एक्सेंचर के कमजोर नतीजों ने तोड़ी आईटी शेयरों की कमर, अब इस सेक्टर में क्या हो निवेश रणनीति?

Accenture Q3 Results: एक्सेंचर(Accenture) के कमजोर नतीजे और गाइडेंस ने आज आईटी सेक्टर की कमर तोड़ दी है। निफ्टी का आईटी इंडेक्स करीब 6 फीसदी फिसला है। आज निफ्टी और वायदा के सभी टॉप लूजर्स IT शेयर हैं। टेक महिंद्रा,इंफोसिस,TCS और एम्फैसिस 5-8 फीसदी तक लुढ़के हैं। कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे काफी खराब रहे हैं। इसने अपना आगे का अनुमान भी घटा दिया है।

Accenture Q3 नतीजे (YoY)

तीसरी तिमाही में EPS 3.49 डॉलर से बढ़कर 3.80 डॉलर रहा है। रेवेन्यू 5.6% बढ़कर 18.76 अरब डॉलर रही है। Q3 में आय अनुमान से कम रही है। नई बुकिंग्स 1.9% घटकर 19.32 अरब डॉलर रही हैं। कंसल्टिंग बुकिंग्स 13% बढ़ी हैं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3.79 अरब डॉलर रहा है। वहीं, मैनेज्ड सर्विसेज बुकिंग्स 15% घटी है। बड़े AI ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स बढ़ने की उम्मीद है।

Accenture Q4 गाइडेंस

रेवेन्यू 17.75-18.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। रेवेन्यू ग्रोथ 1 से 5% रहने का अनुमान है। रेवेन्यू गाइडेंस 18.47 अरब डॉलर के अनुमान से कम रहा है। Accenture के FY26 आउटलुक की बात करें तो FY26 के लिए आय ग्रोथ अनुमान घटाकर 3-4% कर दिया गया है, जो पहले 3-5% था। फेडरल असर को छोड़कर रेवेन्यू ग्रोथ 4-5% रहने का अनुमान (पहले 4-6% था)हैं। वहीं, Adj EPS आउटलुक बढ़ाकर 13.78-13.90 डॉलर किया गया है। ऑपरेटिंग और फ्री कैश फ्लो आउटलुक बकररार रखा गया है। वेस्ट एशिया युद्ध से रेवेन्यू पर 10 करोड़ डॉलर और सेल्स पर 40 करोड़ डॉलर का असर पड़ा है।

Accenture के नतीजों का असर

गुरुवार को Accenture का शेयर 18 फीसदी गिरा। यह इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है। Accenture के नतीजों के बाद Cognizant में 10.5 फीसदी, Capgemini में 9 फीसदी, Infosys ADR में 10 फीसदी और Wipro ADR में 4 फीसदी की गिरावट हुई।

IT Stocks : एक्सेंचर के कमजोर गाइडेंस ने मचाया तहलका, निफ्टी IT 6% टूटा, इन्फोसिस और TCS के शेयर में 8% तक फिसले

IT शेयरों में अब क्या हो रणनीति?

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल में कहा है कि निफ्टी IT मार्च में 28,500 तक गिरा था। वहां से 31,800 की रैली हुई जिसमें हमने फंसने से बचाया। कई लोग उस रैली में बुरी तरह फंस गए थे। उसके बाद वहां से फिर वन-वे गिरावट आई और 14 मई का क्लोज 27,360 था। फिर वहां से 31,116 तक की एक बड़ी रैली हुई जिसमें फिर हमने फंसने से बचाया, फिर भी कुछ लोग उस रैली में बुरे फंस गए। इसके बाद 16 जून तक वाली गिरावट में 27,800 की क्लोजिंग मिली। इस बार ये नजरिया लिया गया कि शायद एक डबल बॉटम बना है। अब जब तक 27,500 के ऊपर हैं,बहुत बड़ी गिरावट शायद ना हो। मगर लार्ज कैप IT से CNBC-आवाज ने हमेशा सतर्क ही किया है।

Accenture के नतीजे से एक बात साफ है कि ट्रेडिशनल IT बिजनेस पर दबाव है। अब IT कंपनियों को कुछ बोल्ड कदम उठाने होंगे। जैसे HCLTech ने Sarvam में निवेश किया और Coforge ने कुछ बड़े अधिग्रहण किए। मगर अब आज की गिरावट के बाद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की होगा। आज की क्लोजिंग साफ कर देगी कि IT में डबल बॉटम बना या नहीं।

 

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Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

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दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 19 जून को HDFC Bank, HCL Tech, Bharat Forge समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स पर शेयर बाजारों को जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज सालाना आम बैठक है। इसके अलावा एसएमई सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कुछ कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड, एक्स-बोनस, एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

इन शेयरों पर रखें नजर

Wipro: कंपनी Aggne Global IT Services में अतिरिक्त 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के 30 जून, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। 15 फरवरी, 2024 को विप्रो और उसकी सब्सिडियरी Wipro IT Services, LLC ने Aggne Global IT Services और Aggne Global Inc. में 60-60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।

HDFC Bank: RBI ने HDFC बैंक के अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह कार्यकाल 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) रहेगा।

HCL Technologies: कंपनी ने चेन्नई में AI इनोवेशन जोन लॉन्च किया है। इसका मकसद कंपनियों को Intel-बेस्ड AI प्रोडक्ट्स और HCLTech AI सॉल्यूशंस में इनोवेशन करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने में मदद करना है।

Amber Enterprises India: एम्बर ग्रुप ने Oppo Mobiles India के साथ मैन्युफैक्चरिंग के लिए साझेदारी की है। OPPO India, भारत में OPPO, OnePlus और Realme ब्रांड्स के मोबाइल फोन की लाइसेंस्ड मैन्युफैक्चरर है। साझेदारी के तहत, एम्बर ग्रुप इन ब्रांड्स के लिए मोबाइल फोन बनाएगा।

ImagicaaWorld Entertainment: महाराष्ट्र सरकार के सिंचाई विभाग ने कंपनी को बांधों से पानी का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है। विभाग ने आसपास के इलाकों के बांधों में पानी का स्तर कम होने और अल-नीनो (El Niño) के असर का हवाला दिया है। इसके चलते कंपनी के मैनेजमेंट ने महाराष्ट्र के खोपोली में स्थित Imagicaa Water Park में कामकाज को 19 जून से अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक पानी की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।

Diamond Power Infrastructure: कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 2,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड एक या ज्यादा किश्तों में जुटाया जाएगा।

General Insurance Corporation of India: डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश लहेरी ने 18 जून से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पदभार संभाल लिया है। इसके साथ ही, वी. बालकृष्ण 18 जून से कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नहीं हैं। हालांकि, बालकृष्ण GIC में जनरल मैनेजर के तौर पर सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।

Bosch Home Comfort India: बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज ने ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में 2.02 लाख शेयरों तक के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 19.63 लाख शेयरों के बेस ऑफर साइज के अलावा है। अब कुल ऑफर साइज बढ़कर 21.66 लाख शेयर हो जाएगा। OFS 19 जून को बंद होगा।

Bharat Forge: कंपनी के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली डिफेंस सब्सिडियरी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स ने यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो में मिलिट्री व्हीकल और मोबाइल डिफेंस क्षमताएं देने वाली प्रमुख कंपनी AM जनरल के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद बड़े पैमाने पर सहयोगी डिस्ट्रीब्यूशन को सपोर्ट करना है। साथ ही इस प्लेटफॉर्म को उन सहयोगी देशों के लिए एक स्केलेबल और एक्सपोर्ट-योग्य आर्टिलरी सॉल्यूशन के तौर पर पेश करना है, जो आधुनिक, मोबाइल और सुरक्षित 155mm फायरपावर क्षमताएं चाहते हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Anthem Biosciences: प्रमोटर अरुणा गणेश एंथम बायोसाइंसेज में अपनी 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकल गए। उन्होंने यह बिक्री 1,274.7 करोड़ रुपये में की। प्रमोटर द्वारा बेची गई 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी को कई घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने खरीदा, जिनमें 360 ONE MF, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी केनरा रोबेको MF, घिसालो मास्टर फंड, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज़ एशिया, व्हाइटओक कैपिटल MF, महिंद्रा मैनुलाइफ MF, PI अपॉर्च्युनिटीज़ AIF V, प्रूडेंशियल हांगकांग, SBI MF, सोसिएट जेनरल और UTI MF शामिल हैं।

Shaily Engineering Plastics: प्रमोटर वनिता एल. नागडा ने शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में 1.4 प्रतिशत हिस्सेदारी 170.3 करोड़ रुपये में बेच दी है।

SME लिस्टिंग

होरिजॉन रिक्लेम (इंडिया)

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HDFC बैंक

HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स

अंबा एंटरप्राइजेज

AWL एग्री बिजनेस

कोरोना रेमेडीज

GHCL टेक्सटाइल्स

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

इंडियामार्ट इंटरमेश

इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

पॉलीकैब इंडिया

राघव प्रोडक्टिविटी एनहांसर्स

सैनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया

सॉलिटेयर मशीन टूल्स

टाटा कम्युनिकेशंस

टोरेंट पावर

ये स्टॉक करेंगे एक्स-स्प्लिट और एक्स-बोनस ट्रेड

दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया

स्ट्रिंग मेटावर्स

फॉक्सवैगन ग्रुप की कंपनी के साथ HCLTech की बड़ी डील, कारों के लिए बनाएगी AI सॉफ्टवेयर

आईटी कंपनी HCLTech ने जर्मनी की ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी e.solutions के साथ कई साल की रणनीतिक साझेदारी की है। e.solutions, फॉक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) का हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स के लिए नई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगी।

AI बेस्ड कार टेक्नोलॉजी पर फोकस

इस समझौते के तहत HCLTech, Android Automotive प्लेटफॉर्म पर आधारित AI-इनेबल्ड सिस्टम डेवलप करने में मदद करेगी।

इन तकनीकों का मकसद कारों में बेहतर डिजिटल अनुभव देना है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में तेजी से ऐसी गाड़ियों की मांग बढ़ रही है, जिनमें स्मार्ट कनेक्टिविटी, इंटरनेट आधारित सेवाएं, डिजिटल कंट्रोल और बेहतर एंटरटेनमेंट सिस्टम मौजूद हों।

HCLTech क्या काम करेगी?

HCLTech इस साझेदारी में कारों के डिजिटल स्क्रीन से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलप करेगी। कंपनी इन सॉफ्टवेयर को अलग-अलग सिस्टम के साथ जोड़ने का काम भी करेगी। इसके अलावा उनकी टेस्टिंग और वैलिडेशन की जिम्मेदारी भी HCLTech संभालेगी।

यह तकनीक कई तरह के व्हीकल मॉडल में इस्तेमाल की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग हार्डवेयर प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजारों में एक जैसा डिजिटल अनुभव देना है।

e.solutions क्या करती है?

e.solutions कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन और कनेक्टिविटी सॉफ्टवेयर बनाती है। कंपनी ऐसे सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन तैयार करती है, जिनकी मदद से कारों में म्यूजिक, मैप्स, कॉलिंग, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स काम करते हैं।

इसके अलावा कंपनी अपने वैश्विक पार्टनर नेटवर्क की तकनीकों को भी इन सिस्टम्स के साथ जोड़ती है, ताकि ग्राहकों को आधुनिक और बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिल सकें।

HCLTech ने क्या कहा?

HCLTech के मुताबिक, AI आधारित इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में उसके अनुभव की मदद से e.solutions नई पीढ़ी के डिजिटल कार प्लेटफॉर्म तेजी से डेवलप कर सकेगी।

कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उसकी मजबूत मौजूदगी को और बढ़ाएगी। साथ ही यह भी दिखाती है कि HCLTech अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े और जटिल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता रखती है।

HCL Technologies के शेयर

HCL Technologies का शेयर BSE पर 7.10 रुपये यानी 0.61% की बढ़त के साथ 1,166.45 रुपये पर बंद हुआ।

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