दिल्ली SIR : CM रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल को नोटिस, मुख्यमंत्री की वोट एंट्री वैलिडेट

दिल्ली SIR : CM रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल को नोटिस, मुख्यमंत्री की वोट एंट्री वैलिडेट

Notices issued to Rekha Gupta and Arvind Kejriwal during special intensive revision

दिल्ली में मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं की ओर से जमा कराए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ विसंगतियां मिलने के बाद ये नोटिस जारी किए गए हैं।

 

हालांकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मतदाता प्रविष्टि को अब वैलिडेट कर दिया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, उनका नाम शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेगा। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली है।

 

रेखा गुप्ता को उम्र संबंधी विसंगति पर नोटिस

अधिकारियों के अनुसार रेखा गुप्ता की प्रविष्टि को एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ वाली सूची में शामिल किया गया था। उन्हें उम्र से संबंधित एक विसंगति के कारण नोटिस जारी हुआ था। बाद में उनकी मतदाता प्रविष्टि को वैध कर दिया गया।

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दिल्ली के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल समेत कई अन्य प्रमुख मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

 

अरविंद केजरीवाल और परिवार को क्यों मिला नोटिस?

पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल को ‘लास्ट SIR से अनमैप्ड’ होने के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे को भी इसी कारण नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने  आई है।

 

केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के नाम दिल्ली की मतदाता सूची से गायब करने की कैसी प्रक्रिया है?

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यह बयान AAP की ओर से दिया गया राजनीतिक आरोप है; चुनाव अधिकारियों की ओर से SIR के तहत नोटिस को मतदाता रिकॉर्ड के सत्यापन और विसंगतियों से जोड़कर बताया गया है।

 

कपिल सिब्बल और वीरेंद्र सचदेवा को भी नोटिस

राज्यसभा सांसद और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता कपिल सिब्बल को भी पिछली SIR से उनकी प्रविष्टि के मैप न होने के कारण नोटिस जारी किया गया है।

 

वहीं दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि उन्हें नाम से जुड़ी विसंगति के कारण नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के माध्यम से इसे ठीक कराया जाएगा। सचदेवा के मुताबिक, उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वाले मतदाताओं में शामिल है।

 

33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस

दिल्ली में  SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करीब 33.13 लाख मतदाताओं को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में सामने आई विसंगतियों को लेकर नोटिस भेजे जाने हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं।

 

इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिनके रिकॉर्ड पिछली SIR से लिंक या मैप नहीं हो पाए हैं। दिल्ली में पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के रिकॉर्ड वर्ष 2002 से संबंधित हैं।

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नोटिस मिलने पर क्या करना होगा?

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, SIR के दावे और आपत्तियों के चरण के दौरान संबंधित मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जा रहा है।

 

नोटिस पाने वाले मतदाताओं को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के सामने जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए 29 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।

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SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन और जरूरी सुधार करना है। दिल्ली CEO कार्यालय ने यह भी कहा है कि प्रमुख मतदाताओं समेत ऐसे नाम जिन्हें पहले चुनावी डेटाबेस में फ्लैग किया गया था, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया गया है, ताकि दावे-आपत्तियों के चरण में आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा सकें।

 

दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने पहले भी मतदाताओं को 2002 की पिछली SIR सूची में अपने या रिश्तेदारों के विवरण की जांच करने की जानकारी दी थी।

Delhi SIR: सीएम रेखा गुप्ता-अरविंद केजरीवाल को SIR का नोटिस,जानें चुनाव आयोग ने क्यों उठाया ये कदम

Delhi SIR: राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर शनिवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले वोटर्स में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम भी लिस्ट में सामने आया। आयोग ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों की लिस्ट में नाम आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR के तहत जमा किए गए उनके एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ियों के लिए नोटिस भेजा है।

इसलिए भेजा गया नोटिस

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने ऐसे मतदाताओं की लिस्ट जारी की है, जिनके रिकॉर्ड में गड़बड़ी या पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। ये लिस्ट 31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के करीब तीन हफ्ते बाद जारी की गई। सीएम रेखा गुप्ता को भेजा गया नोटिस उनके और उनके माता-पिता की दर्ज उम्र में 15 साल से कम का अंतर होने से जुड़ा है। वहीं, अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे पुलकित केजरीवाल के रिकॉर्ड पिछली SIR की वोटर लिस्ट से नहीं मिल पाए, इसलिए उन्हें भी नोटिस दिया गया है। इन नोटिस को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में रखा गया है—‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल गड़बड़ी’।

इन बड़े नेताओं के नाम भी शामिल

इस लिस्ट में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का नाम भी शामिल है। उनकी जानकारी पिछली SIR वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाने पर उन्हें नोटिस दिया गया है। दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को भी नोटिस मिला है। उनकी पत्नी और भाई को नाम में अंतर पाए जाने के कारण नोटिस भेजा गया है। चुनाव अधिकारियों के पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, 13,79,785 मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि 19,33,134 मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘तार्किक अंतर’ पाया गया है। हालांकि इन सभी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन उन्हें अपने रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए सुनवाई में शामिल होने को कहा गया है।

जारी है SIR की प्रक्रिया

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुताबिक, दिल्ली में वोटरों की संख्या घटकर 97,53,577 रह गई है। यह 30 जून को दर्ज 1,45,10,299 वोटरों के मुकाबले 32.8% कम है। वहीं, वोटरों की संख्या में बदलाव के बाद दिल्ली में पोलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़कर 14,947 हो गई है, जबकि पहले 13,033 पोलिंग स्टेशन थे। यानी पोलिंग स्टेशनों में करीब 15% की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव अधिकारियों ने सभी 70 विधानसभा सीटों के पोलिंग स्टेशनों की जानकारी भी जारी कर दी है।

अलग-अलग पोलिंग स्टेशनों के दस्तावेजों में एसआईआर के दौरान सामने आई कई तरह की गड़बड़ियों का पता चला है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सरोजिनी नगर के एक पोलिंग स्टेशन पर 84 वोटरों के नाम जांच के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 37 वोटरों की जानकारी पिछली एसआईआर मतदाता सूची से नहीं मिल पाई। बाकी मामलों में नाम और अन्य रिकॉर्ड से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं।