Gold-Silver Price : MCX पर सोने-चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Gold-Silver Price : सोमवार,20 जुलाई को वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी वजह हाजिर बाजार में मजबूत मांग और चांदी के लिए ग्लोबल स्तर पर पॉजिटिव रुझान के बीच ट्रेडर्स का नई पोजीशन बनाना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर,अगस्त डिलीवरी वाले फ्यूचर्स में ₹294 या 0.21% की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 720 लॉट का कारोबार हुआ। एनालिस्ट्स ने इस बढ़ोतरी की वजह मार्केट में नई खरीदारी को बताया है।

सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी आई है। MCX पर सितंबर का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,618 या 0.75% बढ़कर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जिसमें 1,371 लॉट का कारोबार हुआ।

ग्लोबल स्तर पर चांदी की कीमतें मजबूत बनी रहीं। Comex सिल्वर फ्यूचर्स 1.21% बढ़कर $56.59 प्रति औंस पर आ गया है। हालांकि,न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट देखी गई और ये 0.17% गिरकर $4,011 प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की क्या है वजह ?

भू-राजनीतिक तनाव,महंगाई की चिंता और अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों से जुड़ी उम्मीदे जैसे ग्लोबल संकेतों के कारण हाल के दिनों में प्रेशियस मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर,इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि पिछले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। इसमें भी चांदी में ज्यादा गिरावट आई।

उन्होंने आगे कहा कि एक अजीब ट्रेंड देखने को मिल रहा है,जिसमें वेस्ट एशिया में तनाव ने कीमती धातुओं को पुश करने के बजाय उन पर दबाव बनाया है। US-ईरान के बीच टकराव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर बन चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं हैं,जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं और सितंबर में US फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना और मजबूत हो गई है।

आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल

पृथ्वीराज कोठारी की राय है कि सेंट्रल बैंक की खरीदारी(खासकर चीन की तरफ से) सोने की कीमतों को सपोर्ट देती रही है,जबकि वेस्टर्न एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और भारतीय रिटेल निवेशकों की तरफ से मांग में कमी के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है। इस समय सोने की फेयर वैल्यू 4,100 डॉलर प्रति औंस के आस-पास है। अगर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके भाव 3,900 डॉलर प्रति औंस की ओर गिर सकते हैं। वहीं,अगर यह 4,200 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बना रहता है,तो इसके 4,500 डॉलर तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।

 

 

Gold-Silver Outlook: गोल्ड-सिल्वर मार्केट में मचा हाहाकार! भारी मंदी के बीच रॉबर्ट कियोसाकी ने कर दी ये बड़ी भविष्यवाणी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Silver Outlook: घरेलू और इंटरनेशनल दोनों ही बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में सोना जहां 4 महीनें के निचले स्तरों पर पहुंचा है। वहीं चांदी $56 के नीचे फिसली है। शुक्रवार को फ्यूचर ट्रेड में चांदी की कीमतें 1,258 रुपये गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के कॉन्ट्रैक्ट 1,258 रुपये या 0.58 प्रतिशत गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए, जिसमें 1,563 लॉट का कारोबार हुआ।

वहीं COMEX पर चांदी की कीमतें 0.63% गिरकर $55.83 प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही हैं। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल है और ग्लोबल टेक शेयरों में आई गिरावट का इस पर असर देखा जा रहा है। भारत में चांदी की कीमत में आज 2.3% की बड़ी गिरावट आई है और यह 2,15,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। कल चांदी की कीमत प्रति किलो 2.20 लाख रुपये थी। यानी कि कल के मुकाबले आज चांदी में 5000 रुपये की गिरावट आई है।

मजबूत डॉलर कर रहा परेशान

इस बीच, शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.78 हो गया, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतें $85 प्रति बैरल के करीब ट्रेड करती रहीं।

यूएस- ईरान तनाव और क्रूड बढ़ा रही चिंता

सोने और चांदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती US-ईरान तनाव है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है, जिससे आने वाले समय में US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट बढ़ाने का डर बढ़ गया है।

US फेडरल रिजर्व के चेयर वार्श ने 14 जुलाई और 15 जुलाई को US हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी और सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने अपनी पहली गवाही में दोहराया कि कीमतों में स्थिरता सेंट्रल बैंक का मुख्य मकसद है। उन्होंने जून की उम्मीद से कम रीडिंग को सिर्फ़ एक डेटा पॉइंट बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 63 महीनों से महंगाई फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी के टारगेट से ऊपर रही है।

फेड गवर्नर वॉलर ने बढ़े हुए कोर CPI का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि सेंट्रल बैंक को रेट बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि महंगाई अभी भी ज़्यादा है। वहीं न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने बुधवार को कहा कि महंगाई अभी भी ज़्यादा है, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह अपने पीक पर पहुच गई है और 2028 तक बैंक के टारगेट को पूरा कर लेगी। उन्होंने आगे कहा कि अभी के रेट सही जगह पर हैं।

क्या आगे कीमतों में दिखेगा दबाव

Kedia Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि आनेवाले 10-12 दिन सोने -चांदी की कीमतों के लिए काफी अहम होंगे। क्योंकि बाजार उम्मीद लगा रहा है कि सितंबर होने वाली फेड मीटिंग में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। चांदी  में टेक्निकली $50 प्रति औंस का सपोर्ट दिख रहा है। मेरा मानना है कि $53- 54 प्रति औंस एक सेफ जोन है। जिसके चलते एग्रेसिव होकर बिकवाली की राय नहीं होगी। हमारी सलाह है कि अगस्त में चांदी में एक्यूमुलेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए।हालांकि कच्चा तेल, जियोपॉलिटिकल टेंशन और महंगाई की चिंता चांदी के लिए थोड़ी क्रिटिकल हो सकती है।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का दबाव और ब्याज दरों की चिंताएं सबसे ऊपर हैं, इसलिए सोना गिर रहा है।”

त्रिवेदी ने बताया, “US ने इस हफ़्ते ईरान पर कई हमले किए, जबकि ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि US देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है। ईरान ने पड़ोसी देशों में US के ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया, जिससे तनाव और बढ़ने और इलाके से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन को उम्मीद है कि आज सोने और चांदी की कीमतें ऊपर-नीचे रहेंगी। उनका कहना है कि आज के MCX पर सोने को $3,955 और $3,910 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,034 और $4,080 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $55.50 और $54.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $57.50 और $58.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी 4 दिन में ₹12500 सस्ती हुई, सोना लगातार दूसरे दिन सपाट

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन स्थिर रही। 24 कैरेट वाला सोना ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता रहा। वहीं, चांदी ₹1,500 टूटकर ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह स्तर दो हफ्ते से ज्यादा समय का निचला स्तर है।

4 दिन में ₹12,500 टूटी चांदी

चांदी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। 10 जुलाई को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी, जो अब घटकर ₹2,24,500 प्रति किलो रह गई है। यानी सिर्फ चार कारोबारी सत्र में चांदी ₹12,500 या 5.3% टूट चुकी है।

सोना सीमित दायरे में क्यों?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे। वहीं, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। इन दोनों वजहों का असर एक-दूसरे को संतुलित करता रहा। इसलिए सोना लगातार दूसरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।

चांदी पर क्यों बना दबाव?

Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका बढ़ी है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) के ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना बनी हुई है। इसी कारण चांदी में मुनाफावसूली और कमजोर औद्योगिक मांग का दबाव देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 61 डॉलर यानी 1.68% गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 3% गिरकर 56 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत की संभावना जताए जाने के बाद सोने में गिरावट सीमित रही।

वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि अब निवेशकों की नजर अमेरिका के रिटेल सेल्स और जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और फेड की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

MCX पर गोल्ड का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने की कीमतों पर अभी दबाव बना हुआ है। MCX पर गोल्ड करीब ₹950 गिरकर ₹1,40,900 पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में सोना करीब 60 डॉलर टूटकर 4000 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हाल में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े नरम रहे, क्योंकि मई-जून में ऊर्जा की कीमतें कम थीं। लेकिन अगर कच्चा तेल महंगा बना रहता है, तो महंगाई फिर बढ़ सकती है। इसका असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले पर भी पड़ सकता है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। तकनीकी रूप से MCX Gold के ₹1,40,000 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। साथ ही, बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: COMEX पर सोना $4,160 प्रति औंस से नीचे फिसला, चांदी भी लगभग 1% गिरी

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार (7 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते निवेशकों के US मॉनेटरी पॉलिसी और बड़े मार्केट डेवलपमेंट के आउटलुक का आकलन करने के बाद मजबूत रिकवरी के बाद कुछ गिरावट आई।

COMEX सोना $4,152 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $15.50 या 0.37% नीचे था, जबकि दिन में यह $4,179.50 प्रति औंस के हाई लेवल को छू गया था। COMEX चांदी $62.59 प्रति औंस के सेशन हाई लेवल को छूने के बाद 0.89% गिरकर $61.775 प्रति औंस पर आ गई।यह गिरावट पिछले हफ्ते बुलियन की कीमतों में तेज तेजी के बाद आई है।

उम्मीद से कमजोर US जॉब्स डेटा के बाद कमजोर US डॉलर के सपोर्ट से सोना लगभग 2% बढ़ा, जबकि चांदी लगभग 5% बढ़ी, जिससे उम्मीद बढ़ी कि US फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स पर कम एग्रेसिव रवैया अपना सकता है।

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, बुलियन को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला, जबकि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में कमजोर इनफ्लो के बावजूद सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी ने एक्स्ट्रा सपोर्ट दिया।

कोठारी ने कहा कि हाल के निचले लेवल से गोल्ड का रिबाउंड तेज रहा है, जिससे बड़े लेवल पर अपट्रेंड शुरू होने से पहले शॉर्ट-टर्म पुलबैक मुमकिन है। उन्होंने कहा कि सिल्वर में भी हाल की रैली के बाद कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, इससे पहले कि वह एक और ऊपर जाने की कोशिश करे।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इंटरेस्ट रेट के रास्ते के बारे में सुराग के लिए नए इकोनॉमिक डेटा और US फेडरल रिजर्व से सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। कम इंटरेस्ट रेट्स आमतौर पर गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्हें रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।

इस बीच, इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स में हो रहे डेवलपमेंट्स पर भी नज़र रख रहे हैं।

मंगलवार (7 जुलाई) को तेल की कीमतें बढ़ीं, हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स ने ग्लोबल डिमांड के आउटलुक के मुकाबले OPEC+ प्रोड्यूसर्स से बढ़ी सप्लाई पर विचार किया। कच्चे तेल के बाज़ार में मजबूती से महंगाई की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जिससे सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारत में गोल्ड-बैक्ड फ़ाइनेंसिंग की मांग मज़बूत बनी हुई है। हाल ही में आई CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सिक्योरिटाइज़्ड एसेट क्लास बनकर उभरा, जो देश के सिक्योरिटाइज़ेशन वॉल्यूम का लगभग 31% था, और इसने व्हीकल लोन को पीछे छोड़ दिया।

रिपोर्ट में इस ट्रेंड का कारण गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में मजबूत ग्रोथ को बताया गया है, जिसमें NBFC लगातार क्रेडिट मांग के बीच फ़ंड जुटाने के लिए सिक्योरिटाइज़ेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर रही स्थिर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।