India China Relations : भारत-चीन संबंधों में आई नई गर्माहट, अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- मोदी-शी जिनपिंग ने दी स्पष्ट दिशा

India China Relations : भारत-चीन संबंधों में आई नई गर्माहट, अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- मोदी-शी जिनपिंग ने दी स्पष्ट दिशा

भारत और चीन के रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों को “स्पष्ट और सकारात्मक दिशा” दी है। डोभाल के मुताबिक, भारत-चीन संबंध लगातार सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। डोभाल मंगलवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी के साथ व्यापक बातचीत कर रहे थे। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता हुई।

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90 मिनट से ज्यादा चली छोटी समूह की बैठक

 

बैठक के दौरान डोभाल और वांग यी ने कई घंटे एक-दूसरे के साथ बातचीत की। पहले दोनों पक्षों के बीच छोटे समूह में चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों ने विस्तृत बातचीत बताया। यह बैठक 90 मिनट से अधिक समय तक चली। इसके बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। बैठक में भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

 

चीन के उपराष्ट्रपति से भी मिले डोभाल

 

विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता से पहले मंगलवार को अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

ajit doval

सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे भारत-चीन संबंध

 

डोभाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दे पर बातचीत का यह 25वां दौर है। डोभाल ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट और सकारात्मक दिशा तय की है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।

विश्व चैंपियनशिप ब्रॉंज के बाद 27वीं रैंक तक पहुंची त्रिसा और गायत्री

Treesa Jolly Gayatri Gopichand

भारत की महिला डबल्स जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने हाल ही में यहाँ हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। भारतीय जोड़ी 12 स्थान ऊपर चढ़कर वर्ल्ड नंबर 39 से नंबर 27 पर पहुँच गई है। उनके रैंकिंग पॉइंट्स भी 33,692 से बढ़कर 44,192 हो गए हैं।

ट्रीसा और गायत्री ने घरेलू वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए एकमात्र मेडल जीता। सेमीफाइनल तक पहुँचने के साथ ही वे 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के बाद इस इवेंट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बन गईं।

भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में टूर्नामेंट का एक बड़ा उलटफेर करते हुए चौथी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू जियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया, जबकि वे पहला गेम हार गई थीं।

इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू और टैन निंग से हुआ। ट्रीसा और गायत्री ने पहला गेम तो जीता, लेकिन अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सकीं और अगले दो गेम हारकर उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। इस नतीजे के साथ ही 2011 से वर्ल्ड चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक मेडल जीतने का भारत का सिलसिला भी जारी रहा।

पुरुष सिंगल्स रैंकिंग में भी शीर्ष पर बड़ा बदलाव हुआ। इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी दो स्थान ऊपर चढ़कर नए वर्ल्ड नंबर 1 बन गए, जबकि वे केवल राउंड ऑफ़ 16 तक ही पहुँच पाए थे।

शी यूकी, जो शीर्ष स्थान पर थे, भारत के आयुष शेट्टी से शुरुआती दौर में हारने के बाद पाँच स्थान गिरकर नंबर 6 पर आ गए। वहीं, शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी दो स्थान ऊपर चढ़कर नंबर 20 पर पहुँच गए। लक्ष्य सेन भी एक स्थान ऊपर चढ़कर नंबर 13 पर आ गए।

अन्य खिलाड़ियों में, कुनलावुत वितिदसर्न और एंडर्स एंटोनसेन भी एक-एक स्थान गिरकर क्रमशः नंबर 3 और नंबर 5 पर आ गए। क्रिस्टो पोपोव तीन स्थान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर आ गए, जबकि चाउ टिएन चेन दो स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए। वर्ल्ड चैंपियन एलेक्स लैनियर तीन स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर आ गए।

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी ‘सैन्य एयरलिफ्ट’ से मची हलचल

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल

South Asia strategic defense

South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए।

 

यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की?

सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: 

  • सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। 
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण।
  • एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 
  • 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण।
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। 
  • सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Türkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है:

  • त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना।
  • त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 
  • 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। 

South Asia strategic defense

हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। 

 

चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है तूफानी तेजी! ईरान पर अमेरिका के इस एक फैसले से भारत में पड़ेगी महंगाई की मार?

US Sanctions on Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार दिया है।

वैसे तो भारत सीधे तौर पर ईरान से कच्चा तेल आयात नहीं करता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल मार्केट के जरिए भारत पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। चीन के विकल्प ढूंढने से लेकर भारत के क्रूड बिल, फ्रेट चार्ज और रुपए पर पड़ने वाले असर की पूरी डिटेल जानिए।

सीधे नहीं, ‘चीन फैक्टर’ से बढ़ेगी भारत की सिरदर्दी

एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार, भारत ईरान से सीधे क्रूड नहीं खरीदता, इसलिए भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य रहेगा। असली खतरा चीन के रुख से है। चीन हर महीने ईरान से औसतन 5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदता है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में चीन को ईरान के अलावा दूसरे देशों का रुख करना पड़ा, तो वह उन मार्केट बैरल्स पर कब्जा करने की कोशिश करेगा जिन पर भारत निर्भर है।

चीन के अचानक ग्लोबल मार्केट में आने से कच्चे तेल की मांग और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बेंचमार्क क्रूड प्राइस उछलेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ जाएगा।

क्या रूस से मिलेगा सहारा?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (25 से 28 लाख बैरल प्रति दिन) रूस से खरीद रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पहले से ही अपनी क्षमता के मुताबिक भारत को अधिकतम तेल सप्लाई कर रहा है। मार्केट में सप्लाई तंग होने से रूसी क्रूड पर मिलने वाली छूट कम हो रही है और प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान भारतीय रिफाइनरीज को होगा।

महंगा मालभाड़ा और इंश्योरेंस का झटका

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत भी आसमान छू रही है। होर्मुज बंद होने के साथ ही फिलहाल लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घट गई है। मुख्य सप्लाई रूट्स पर फ्रेट दरें 137% से 411% तक बढ़ चुकी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सिंगल ट्रिप का ‘वॉर-रिस्क इंश्योरेंस’ 7.5 से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूर-दराज से तेल मंगाने पर जहाजों का फ्रेट और वर्किंग कैपिटल कॉस्ट बढ़ जाएगी।

महंगाई, रुपए और अर्थव्यवस्था पर कैसे होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी रहती है, तो क्रूड का आयात बिल बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होगा। जुलाई 2026 में भारत का मर्चेंडाइज डेफिसिट $32 अरब तक पहुंच गया था।

ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग महंगी होने से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार पर सीमित प्रभाव

भारत-ईरान प्रत्यक्ष व्यापार पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

भारत ईरान को बासमती चावल का बड़ा निर्यात करता है (अप्रैल-जून 2026 में $103 मिलियन का निर्यात)। यूएई के जरिए होने वाले पेमेंट और फ्रेट रूट में रुकावट से भारतीय बासमती एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।

ईरान ने हाल के सालों में अपनी घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा ली है, इसलिए भारतीय दवा निर्यातकों पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।

कुल मिलाकर ईरान पर कसा गया अमेरिकी शिकंजा सीधे तौर पर भारत की तेल आपूर्ति को ठप नहीं करेगा, बल्कि यह ‘सेकंड-ऑर्डर इफेक्ट’ के रूप में सामने आएगा। चीन द्वारा वैकल्पिक तेल बाज़ारों पर निर्भरता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल, शिपिंग भाड़ा और इंश्योरेंस महंगा होगा, जिससे आखिरकार भारत का इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई प्रभावित हो सकती है।

POCO F9 Pro और F9 Ultra की लॉन्च डेट कंफर्म! 16GB RAM और 5x Optical Zoom के साथ होगी एंट्री

POCO के फैंस काफी समय से कंपनी की F9 सीरीज के लॉन्च का इंतजार कर रहे हैं। अब कंपनी ने आखिरकार पुष्टि कर दी है कि वह 1 सितंबर 2026 को POCO F9 सीरीज को दुनियाभर में लॉन्च करेगी। कंपनी ने यह भी बताया है कि वह POCO F9 Pro और POCO F9 Ultra को लॉन्च करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि ये दोनों फोन Redmi K100 सीरीज के रीब्रांडेड वर्जन हो सकते हैं, जिसे अभी सिर्फ चीन में लॉन्च किया गया है। यहां हम आपको आने वाले इन स्मार्टफोन्स के बारे में अब तक मिली सभी जानकारी बता रहे हैं।

Poco F9 सीरीज 1 सितंबर को होगी लॉन्च

Xiaomi के सब-ब्रांड POCO ने कंफर्म किया है कि Poco F9 Pro और Poco F9 Ultra को ग्लोबल मार्केट में 1 सितंबर को रात 8 बजे GMT (भारत में 2 सितंबर को रात 1:30 बजे) लॉन्च किया जाएगा। खास बात यह है कि कई लीक्स में दावा किया गया है कि कंपनी स्टैंडर्ड Poco F9 को लॉन्च नहीं करेगी।

Poco F9 सीरीज के कलर और स्पेसिफिकेशन्स

टीजर के मुताबिक, Poco F9 सीरीज को White और Dark Cherry कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा, जो Redmi K100 सीरीज जैसा ही है। हैंडसेट के पीछे ‘Sound by Bose’ की ब्रांडिंग दिख रही है, जिससे पता चलता है कि इसकी ऑडियो ट्यूनिंग US कंपनी के साथ मिलकर की गई है।

स्पेसिफिकेशन की बात करें तो, Poco F9 Pro में 185Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.59-इंच का QHD+ प्लास्टिक OLED डिस्प्ले होने की उम्मीद है। जबकि F9 Ultra में इससे भी बड़ी 6.85-इंच की स्क्रीन हो सकती है, जिसका रिजोल्यूशन 2608 × 1200 पिक्सल होगा।

दोनों फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है। इनमें 16GB तक RAM और 512GB तक स्टोरेज भी मिल सकता है।

हालांकि, Pro मॉडल के प्रोसेसर को लेकर कुछ अनिश्चितता है। कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि Poco F9 Pro में Snapdragon 8 Elite Gen 5 का एक खास वर्जन (binned version) इस्तेमाल हो सकता है, जिसे Snapdragon 8 Elite Gen 5 V कहा जा रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि यही चिप चीन में Redmi K100 Pro में भी इस्तेमाल होगी।

कैमरे की बात करें तो, Poco F9 Pro में पीछे की तरफ ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। इसमें OIS के साथ 50MP का मेन कैमरा, 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 3x ऑप्टिकल जूम व OIS वाला 50MP टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है।

वहीं, Poco F9 Ultra में ज़्यादा बेहतर ज़ूम सेटअप मिल सकता है। इसमें Pro मॉडल जैसा ही 50MP का प्राइमरी कैमरा होने की उम्मीद है, साथ ही 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 5x ऑप्टिकल ज़ूम को सपोर्ट करने वाला एक और 50MP का टेलीफोटो सेंसर भी हो सकता है।

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एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है…

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Gen Z ka perspective

आजकल लोग सोशल मीडिया के आधार पर ही अपनी धारणाएं बनाने लगे हैं। जबकि इस मंच की सच्चाई यह है कि जिसे धर्म का ज़रा भी ज्ञान नहीं है, वह भी ज्ञानी बना बैठा है; और जिसे राजनीति की रत्ती भर समझ नहीं है, वह भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर अपने प्रवचन दे रहा है। जो न तो पत्रकार हैं, न संत, ज्योतिष, न एक्सपर्ट और न ही डॉक्टर—वे भी इन सभी भूमिकाओं का दावा कर रहे हैं। आइए, इसी विषय और नजरिये पर आधारित यह आलेख पढ़ते हैं:-

 

सोशल मीडिया का छद्म ज्ञान और नजरिये का भ्रम

डिजिटल क्रांति के इस दौर में ज्ञान की परिभाषा ही बदल गई है। सोशल मीडिया एक ऐसा विशाल मंच बन चुका है जहाँ हर व्यक्ति के पास अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार तो है, लेकिन उस राय के पीछे सत्यता और प्रमाणिकता का अभाव तेजी से बढ़ रहा है।

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारी दिनचर्या ही नहीं, बल्कि हमारी सोच और धारणाओं को संचालित करने वाला सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। लेकिन इस आभासी दुनिया की सबसे चिंताजनक सच्चाई यह है कि यहाँ बिना किसी योग्यता या प्रामाणिकता के हर विषय पर ज्ञान बांटा जा रहा है।

 

विशेषज्ञता का ढोंग: आज चिकित्सा से लेकर कानून और अध्यात्म से लेकर राजनीति तक—हर विषय पर आधे-अधूरे ज्ञान के साथ 'विशेषज्ञ' मौजूद हैं। एक 15-सेकंड की रील या 280 अक्षरों का पोस्ट किसी गहन विषय का सत्य नहीं हो सकता।

 

भ्रामक धारणाएं: जब लोग बिना जांचे-परखे इस छद्म ज्ञान को सच मान लेते हैं, तो वे एक संकीर्ण और गलत नजरिये का शिकार हो जाते हैं।

 

सत्य और सूचना में अंतर: सूचना का भंडार होना 'ज्ञान' नहीं है और किसी की निजी राय 'सत्य' नहीं हो सकती। सच तक पहुँचने के लिए गहराई, अध्ययन और निष्पक्षता की आवश्यकता होती है, जो सोशल मीडिया के शोर में अक्सर खो जाती है।

 

सत्य एक विशाल और अनंत आकाश की तरह है, जबकि हमारा 'नजरिया' उस आकाश को देखने वाली एक छोटी सी खिड़की है। जीवन में हम जो कुछ भी देखते, सुनते या महसूस करते हैं, उसे अक्सर 'परम सत्य' मान लेते हैं। लेकिन वास्तव में, वह केवल हमारा एक दृष्टिकोण या नजरिया होता है। किसी एक नजरिये से सच को पूरी तरह जान पाना असंभव है, क्योंकि नजरिया व्यक्ति की मान्यताओं, प्रभाव, अनुभवों और परिस्थितियों की सीमा में बंधा होता है।

 

हाथी और छह अंधे व्यक्तियों की कथा

नजरिये और सत्य के अंतर को समझने के लिए भारत की एक प्राचीन लोककथा सबसे बेहतरीन उदाहरण है। छह दृष्टिहीन व्यक्तियों ने जब पहली बार एक हाथी को छुआ, तो सबने अपने-अपने अनुभव के आधार पर हाथी को परिभाषित किया। जिसने कान पकड़ा, उसने हाथी को सूप (सूपा) बताया; जिसने पैर छुआ, उसने खंभा कहा; जिसने पूंछ पकड़ी, उसने रस्सी बताया।

 

उन छहों व्यक्तियों का अपना-अपना नजरिया सही था, क्योंकि उन्होंने जो महसूस किया, वही कहा। लेकिन क्या उनमें से किसी का भी नजरिया पूरे 'हाथी' के सच को बयान कर सका? बिल्कुल नहीं। सच यह था कि हाथी उन सभी अनुभवों का एक सम्मिलित रूप था। ठीक इसी तरह, जब हम अपने किसी एक विचार या नजरिये को सच मान लेते हैं, तो हम बाकी के पूरे सत्य को नकार रहे होते हैं।

 

नजरिये की सीमाएं

हमारा नजरिया हमारे अतीत के अनुभवों, परवरिश, प्रभाव, धर्म, संस्कृति और उस क्षण की हमारी मानसिक स्थिति से तय होता है। दो लोग एक ही घटना को पूरी तरह से अलग-अलग तरीके से देख सकते हैं:

 

संख्या 6 और 9 का भ्रम: फर्श पर लिखा एक अंक एक तरफ खड़े व्यक्ति को 6 दिखेगा, तो दूसरी तरफ खड़े व्यक्ति को 9। दोनों अपनी जगह सही हैं, लेकिन मूल सच यह है कि वह फर्श पर उकेरी गई एक तटस्थ (neutral) आकृति है।

 

समय और स्थिति का प्रभाव: एक ही परिस्थिति एक व्यक्ति के लिए आपदा हो सकती है और दूसरे के लिए अवसर।

 

सत्य का वास्तविक स्वरूप

सत्य निरपेक्ष और अखंड होता है, जबकि नजरिया सापेक्ष और सीमित होता है। जब हम यह मान लेते हैं कि “केवल मेरा ही नजरिया सच है”, तो वहीं से अहंकार, विवाद और पूर्वाग्रह का जन्म होता है। दुनिया के तमाम वैचारिक मतभेद, युद्ध और पारिवारिक कलह का मूल कारण यही है कि लोग अपने 'नजरिये' को ही 'सत्य' मान बैठने की भूल कर बैठते हैं।

 

अंत में आज के संदर्भ में: दूसरों की रील्स और पोस्ट्स से अपना नजरिया बनाने के बजाय, तथ्यों की जांच करना, मूल किताब को पढ़ना और विवेक का प्रयोग करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि वर्तमान में सभी राजनीतिक दल जेन जी का नजरिया बदलने में लगे है। 

विश्व चैंपियनशिप में विफल हुई PV सिंधु चाईना मास्टर्स से हटी

स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी आने वाले चाइना मास्टर्स सुपर 750 से हट गए हैं, जो 1 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह टूर्नामेंट एशियन गेम्स से पहले एकमात्र बड़ा BWFवर्ल्ड टूर इवेंट होगा। आयुष का नई दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में यादगार प्रदर्शन रहा, जहाँ उन्होंने पहले राउंड में दुनिया के नंबर 1 शी युकी को हराया था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से हारने से पहले राउंड ऑफ़ 16 में पहुँचे थे। आयुष के हटने के बाद, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स में भारत के रिप्रेजेंटेटिव होंगे। हालाँकि, लक्ष्य को वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे राउंड में अमेरिका के वर्ल्ड नंबर 92 गैरेट टैन से हारने के बाद जल्दी बाहर होना पड़ा।

सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के राउंड ऑफ़ 16 में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वह एक करीबी मुकाबले में चीन की वर्ल्ड नंबर 3 वांग ज़ी यी से हार गईं। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी इस मुश्किल मैच का असर महसूस कर रही हैं, जिसकी वजह से उन्होंने चाइना मास्टर्स से हटने का फैसला किया होगा। मालविका बंसोड़ और आकर्षि कश्यप भी हट गई हैं, जिससे महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भारत की चुनौती संभालेंगी।

पुरुषों युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अमासुकरन और अर्जुन एमआर के साथ भारतीय टीम की कमान संभालेंगे। सात्विक और चिराग वर्ल्ड चैंपियनशिप में चोट के कारण बाहर रहने के बाद लौटे थे, लेकिन राउंड ऑफ़ 16 में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हार गए थे। भारत की महिला डबल्स ड्रॉ में कोई जोड़ी नहीं होगी, क्योंकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बाहर होने का फैसला किया है।

2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद, भारतीय जोड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली देश की दूसरी महिला डबल्स जोड़ी बन गई। मिक्स्ड डबल्स में, ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो, रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी के साथ, भारत को रिप्रेजेंट करेंगे। भारत ने 2011 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम एक मेडल जीतने का अपना शानदार सिलसिला जारी रखा, 2026 एडिशन रविवार को नई दिल्ली में खत्म होगा।

Salman Khan: कौन हैं बॉडी डबल परवेज काजी जिनकी तबीयत बिगड़ते ही बड़े भाई बन गए सलमान खान और सारी टेंशन अपने माथे ले ली?

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी दरियादिली के लिए भी जाने जाते हैं। सलमान खान ने अपने लंबे समय से साथ काम कर रहे बॉडी डबल परवेज काजी की तबीयत खराब होने पर उनकी मदद की है। रिपोर्ट के मुताबिक, परवेज की हाल ही में दिल से जुड़ी एक छोटी सर्जरी हुई है। इस दौरान सलमान ने बड़े भाई की तरह बॉडी डबल परवेज काजी की मदद की है। इस दौरान सलमान ने उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रखा और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में मदद की। परवेज लंबे समय से सलमान के साथ उनके कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं।

सलमान खान ने की मदद

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बॉडी डबल परवेज 6 अगस्त को अपने घर पर बीमार पड़ गए थे। शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उन्हें शूटिंग के दौरान हार्ट अटैक आया था, लेकिन उनके मैनेजर पीयूष ने बाद में साफ किया कि यह हेल्थ स्केयर फिल्म के सेट पर नहीं हुआ था। तबीयत बिगड़ने के बाद परवेज काजी ने डॉक्टर से संपर्क किया और जरूरी जांच कराई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनकी दिल से जुड़ी छोटी सर्जरी की गई। काजी की हालत की जानकारी मिलने पर सलमान खान ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई और इलाज से जुड़ी जरूरी मेडिकल व्यवस्था का ध्यान रखा।

छोटे भाई की तरह की मदद

रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान ने ये सुनिश्चित करने की कोशिश की कि काजी को समय पर सही इलाज और जरूरी देखभाल मिलती रहे। काजी के मैनेजर पीयूष के मुताबिक, सलमान खान ने खुद यह सुनिश्चित किया कि उनके इलाज के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा, “सलमान सर परवेज सर को छोटे भाई की तरह मानते हैं और उन्होंने तुरंत मदद की।” मैनेजर पीयूष ने बताया कि इलाज से जुड़े जरूरी इंतजाम किए जा रहे थे, उस दौरान सलमान खान भी उनके साथ मौजूद थे। फिलहाल परवेज काजी की सेहत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार कुछ समय आराम करने के बाद वह दोबारा काम शुरू कर सकते हैं।

‘मॉन्स्टर’ की शूटिंग पर पड़ा असर

परवेज काजी की तबीयत खराब होने का असर सलमान खान की आने वाली फिल्म ‘मॉन्स्टर’ की शूटिंग पर भी पड़ा है। सलमान खान की फिल्म ‘मॉन्स्टर’ को वामशी पैडिपल्ली डायरेक्ट कर रहे हैं और दिल राजू इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है और काजी के आराम करने की वजह से कुछ एक्शन सीन के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, काजी के पूरी तरह ठीक होने तक सलमान खान को फिल्म के कुछ एक्शन सीन खुद करने पड़ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मॉन्स्टर’ ईद 2027 के आसपास रिलीज हो सकती है।

इस फिल्म में आएंगे नजर

सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्मों की लिस्ट में एक्शन फिल्म ‘मॉन्स्टर’ के साथ ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ भी शामिल है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2020 में भारत-चीन के बीच हुए गलवान घाटी संघर्ष की कहानी पर आधारित है। इसे 2026 में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन सर्टिफिकेशन और अन्य कारणों से इसकी रिलीज टल गई। अब दर्शकों को फिल्म की नई रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

परवेज काजी लंबे समय से सलमान खान के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने सलमान की कई चर्चित फिल्मों में उनके बॉडी डबल की भूमिका निभाई है। इनमें प्रेम रतन धन पायो, सुल्तान, टाइगर जिंदा है, रेस 3, भारत, दबंग 3 और राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई जैसी फिल्में शामिल हैं।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त गंवा दी है और कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 24150 के नीचे आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 168.49 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,200.62 पर और निफ्टी 75.90 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 24,143.15 पर दिख रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि मार्केट में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। निचले स्तरों पर खरीदारी और ऊंचे स्तरों पर बिकवाली देखने को मिल सकती है। निफ्टी के लिए अभी शॉर्ट-टर्म रेंज 24100-24500 है। हालांकि,मार्केट की ज्यादातर हलचल निफ्टी से हटकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में हो रही है।

ब्रॉडर मार्केट में कॉर्पोरेट गतिविधियों से जुड़ी खबरें और रिपोर्ट्स लगातार आ रही हैं। अच्छी खबरों के बाद इन सेगमेंट के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। यहां तक ​​कि FII भी वैल्यूएशन की ज्यादा परवाह किए बिना इन सेगमेंट में खरीदारी कर रहे हैं। हर कोई इस तेजी का फ़ायदा उठा रहा है।

इस बीच,ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों के खतरे ने अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तरों पर ही बनी रह सकती हैं,जिससे मार्केट में तेजी सीमित रह सकती है।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि मार्केट में हाल के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाजार में सुस्ती कायम रहने की संभावना है। आज मंथली एक्सपायरी है,इसलिए ट्रेडर्स को खासकर अहम टेक्निकल और ऑप्शन-पोजीशनिंग लेवल के आसपास तेज उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में ज्यादा वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहना चाहिए।

टेक्निकली, 24,000–24,100 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट जोन बना हुआ है,जबकि 24,300–24,400 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज का काम करेगा। अगर सपोर्ट लेवल टूटता है और मार्केट उसके नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाता है तो नई खरीदारी आ सकती है।

एक्सपायरी के माहौल को देखते हुए,ट्रेडर्स को खासकर शुरुआत में होने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान सतर्क रहना चाहिए और एग्रेसिव पोजीशन लेने से बचना चाहिए। सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ एक अनुशासित और लेवल-बेस्ड अप्रोच अपनाना ही सही रहेगा।

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24282-24327 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24366-24419 पर है। इसके लिए पहला बेस 24157-24119 पर और बड़ा बेस 24071-24018 पर है।

Trading Plan: दायरे में फंसा बाजार, ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे होगी कमाई

निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57860-58045/189 पर है। इसके लिए पहला बेस 57261-57151 पर और बड़ा बेस 57010-56937 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री। इनकी कोचीन शिपयार्ड में 1514 रुपए के आसपास,1492 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1552 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया में 7378 रुपए के आसपास,7296 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7502 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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अमेरिका बोला-ईरान को फंड देने वाले सभी रास्ते बंद होंगे:पड़ोसी देश आर्थिक संबंध न रखें, नहीं तो अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना होगा

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे देशों को अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर करने पर विचार कर सकता है। बेसेंट के मुताबिक, अमेरिका का लक्ष्य ईरान के लिए राजस्व के सभी संभावित स्रोतों को रोकना है। उन्होंने पड़ोंसी देशों से ईरान के साथ आर्थिक संबंध खत्म करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हालांकि, चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।