राम मंदिर चंदे में ‘चोरी’ की खबर करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पहुंचे SC, गाजियाबाद में रोड-रेज की FIR का मामला

पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंन गाजियाबाद में ‘रोड-रेज’ (सड़क पर झगड़े) की एक कथित घटना को लेकर अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी है। उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के प्रबंधन में चोरी और गड़बड़ी के आरोपों की रिपोर्ट सबसे पहले करने वालों में से एक थे।

उपाध्याय का आरोप है कि यह मामला झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और इसका मकसद उनकी स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता के लिए उन्हें परेशान करना है। उन्होंने FIR को रद्द करने और गिरफ्तारी व अन्य कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी अन्य एजेंसी, जैसे CBI या दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए।

यह FIR 18 अगस्त को इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, शिप्रा मॉल के पास एक बलेनो कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने उसे गाली दी और धमकी दी और कार के संबंध में उपाध्याय का नाम लिया।

उपाध्याय ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को अपनी बेटी के स्कूल से लौटते समय, शिप्रा मॉल के पास एक मोटरसाइकिल सवार उनकी कार के पास आया और हंगामा किया। उनके अनुसार, कोई टक्कर या हाथापाई नहीं हुई थी और वह उस जगह से चले गए क्योंकि उनकी बेटी उनके साथ थी।

उन्होंने मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। जबकि FIR में ‘स्प्लेंडर’ का जिक्र है। उनका दावा है कि शिकायत में दिया गया नंबर किसी दूसरी मोटरसाइकिल का है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी उस जगह के पास की दुकानों पर गए और दुकानदारों पर CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट करने या न देने का दबाव डाला।

पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें पूरी FIR नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार FIR को पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया था।

उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया है कि 20 अगस्त की देर रात पुलिसकर्मी उनके गाजियाबाद स्थित घर पर आए थे। उनके अनुसार, रात करीब 10:20 बजे, जब वे दिल्ली में थे, उनकी पत्नी ने उन्हें बताया कि आठ या नौ पुलिसकर्मी घर पर आए हैं। याचिका में यह संख्या लगभग एक दर्जन बताई गई है और कहा गया है कि उस समय उनकी पत्नी और दो बेटियां घर पर मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस टीम में कोई महिला अधिकारी शामिल नहीं थी।

‘द हिंदू’ ने यह भी रिपोर्ट किया कि 19 अगस्त को उपाध्याय ने एक IAS अधिकारी के खिलाफ आरोपों से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। यह मामला 2023 में खरीदे गए करोड़ों रुपये मूल्य के दो कृषि भूखंडों और उन पर स्कूल के निर्माण से संबंधित था। उन्होंने आरोप लगाया कि धमकाने और परेशान करने से संबंधित प्रावधानों के तहत उनके YouTube वीडियो को लगभग आधे घंटे के भीतर हटा दिया गया था, लेकिन कानूनी चुनौती के बाद 20 अगस्त को उसे बहाल कर दिया गया।

उपाध्याय ने पुलिस की इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी रिपोर्टिंग से जोड़ा है। उनके YouTube चैनल पर लोक निर्माण विभाग, अवैध खनन, परीक्षा में अनियमितताओं, राज्य राजस्व विभाग और राम मंदिर दान विवाद से जुड़ी रिपोर्टें दिखाई गई हैं।

‘द वायर’ से बात करते हुए उपाध्याय ने कहा, “मैंने 7 जून को राम मंदिर में चोरी की खबर ब्रेक की थी, तब से मेरे खिलाफ ऐसी शिकायतें और FIR दर्ज होना एक आम बात हो गई है। मैं उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहा हूं, यही उनकी समस्या है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “हिंदू-मुस्लिम राजनीति की आड़ में उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।”

अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा कि उन्हें “जल्द गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान” की आशंका है और दावा किया कि “राज्य तंत्र द्वारा भेजे गए गुंडों” से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे सुरक्षित रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट नहीं जा पा रहे हैं।

उन्होंने FIR रद्द करने, गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा और इसके विकल्प के तौर पर एक स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे किसी भी कानूनी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उपाध्याय को इससे पहले 2024 में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था, जो उनकी रिपोर्टिंग के बाद दर्ज की गई थी। ‘द वायर’ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2024 को आदेश दिया था कि उस मामले में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।

अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी की हत्या:19 साल की बेटी के सामने लुटेरे ने पिता को गोली मारी

अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर की है। पुलिस के मुताबिक, एक नकाबपोश बदमाश पैसे लूटने के इरादे से दुकान में घुसा। कैश लेने के बाद उसने सुरेश पटेल पर फायरिंग कर दी। घटना के समय उनकी 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। उसने अपनी आंखों के सामने यह वारदात देखी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुरेश पटेल ने घटना से सिर्फ 3 दिन पहले ही यह दुकान खरीदी थी। गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसा और कर्मचारियों से कैश की मांग की। पैसे मिलने के बाद उसने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्रे रंग की हुडी, जींस और काले बूट पहन रखे थे। उसके चेहरे पर मास्क था। वारदात के बाद वह सफेद रंग की कार में फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस पुलिस को इस घटना से जुड़ी CCTV फुटेज मिली है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील भी की है। खबर अपडेट की जा रही है….

अस्पताल में मरीज सो रहे थे, तभी कैंपस में आ गया तेंदुआ, CCTV फुटेज देख सहमे लोग

Darjeeling Leopard: पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग हिल स्टेशनों में खूबसूरत वादियों से घिरा हुई है। दार्जिलिंग भारत की सबसे खूबसूरत और रोमांटिक हिल डेस्टिनेशन्स में से एक है। वहीं इन दिनों दार्जिलिंग का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दार्जिलिंग सदर अस्पताल के पास एक बड़ा तेंदुआ अस्पताल परिसर में घुस आया था। नाइट ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी और हेल्थ वर्कर अचानक आए तेंदुए को देखकर डर गए। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

दार्जिलिंग सदर अस्पताल में रात के वक्त एक तेंदुआ अस्पताल परिसर में आ गया। उस समय अस्पताल में मरीज सो रहे थे और नाइट ड्यूटी पर कर्मचारी मौजूद थे। बताया जा रहा कि, तेंदुआ काफी बड़ा था और कुछ देर तक अस्पताल के कैंपस में घूमता रहा। अचानक तेंदुए के पहुंचने से अस्पताल के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। अस्पताल परिसर में तेंदुए के घूमने की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में तेंदुआ देर रात कैंपस के अंदर बिना किसी जल्दबाजी के घूमता नजर आया।

तेंदुआ देख घबरा गए स्वास्थ्यकर्मी

अस्पताल के अंदर जंगली जानवर को देखकर नाइट ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी घबरा गए और सभी सतर्क हो गए। स्थानीय लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि हाल के दिनों में अस्पताल परिसर में तेंदुए के इस तरह आने की कोई दूसरी घटना सामने नहीं आई है। उनके लिए भी यह घटना काफी हैरान करने वाली रही। अस्पताल के आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।

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