मलबे में दबे 18 दिन के बच्चे का रेस्क्यू:ढह चुकी इमारतों में अभी भी फंसे लोग; सड़क पर रिलीफ कैंप; वेनेजुएला भूकंप के 20 PHOTOS-VIDEOS

वेनेजुएला के ला गुआइरा में रेस्क्यू टीम ने शुक्रवार को 18 दिन के बच्चे को उसकी मां के साथ बिल्डिंग के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। कई लोग अभी भी ढह चुकी इमारतों के नीचे दबे हुए हैं। वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। पूरे देश में 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकस की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। भूकंप के बाद के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। जहां लोग रेस्क्यू टीम्स के साथ मिलकर अपनों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। सड़कों पर रेस्क्यू कैंप्स में लोगों का इलाज चल रहा है और मलबा हटाने की कोशिश अभी भी जारी है। 20 PHOTO-VIDEO में देखें, वेनेजुएला में रेस्क्यू, इलाज, तबाही और राहत का मंजर… मलबे से रेस्क्यू, 4 तस्वीरें ढह गई बिल्डिंग्स में फंसे लोग, 2 तस्वीरें तबाह हुआ शहर, 2 तस्वीरें दुनियाभर से आती मदद, 6 तस्वीरें मलबा हटाने की कोशिश, 4 तस्वीरें सड़कों पर रिलीफ कैम्प, 2 तस्वीरें
————————————————– ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला भूकंप- मलबे में बच्चे का जन्म: गिरती बिल्डिंग से भागे लोग, रनवे पर खड़ा प्लेन थर्राया, यात्रियों में चीखपुकार मची; 26 PHOTOS-VIDEOS वेनेजुएला में 25 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। पूरे देश में 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकास की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। पूरी खबर पढ़ें…

US Attack Iran: अमेरिका ने 24 घंटे के अंदर ईरान के हमले का लिया बदला, ड्रोन-मिसाइल ठिकानों को बनाया निशाना; दोनों देशों के बीच फिर बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच एक फिर तनाव बढ़ गया है। दोनों देश एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं। शुक्रवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे कमर्शियल जहाज पर हमला किया था। इसके जवाब में 24 घंटे के अंदर अमेरिका सेना ने ईरान के ड्रोन-मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर

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अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमला किया:ट्रम्प बोले- ईरान ने सीजफायर तोड़ा; एक दिन पहले कार्गो शिप पर ड्रोन अटैक हुआ था

अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमला किया। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रम्प ने कहा, ‘उन्होंने कल एक नहीं, चार बार हमला किया।’ जब उनसे पूछा गया कि बातचीत जारी रहने के बावजूद हमला क्यों किया गया, तो उन्होंने कहा- ईरान थोड़ा अलग है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीजफायर मैनेजमेंट है। हिजबुल्लाह बोला- इजराइल बिना शर्त लेबनान छोड़े हिजबुल्लाह ने इजराइल से लेबनान से पूरी सेना वापस बुलाने की मांग की है। हिजबुल्लाह चीफ कासिम नईम ने कहा कि इजराइली सैनिकों को लेबनान की जमीन का एक-एक इंच खाली करना होगा। कासिम ने शुक्रवार को टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में यह बात कही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत एक और दिन के लिए बढ़ा दी गई है, ताकि किसी समझौते पर पहुंचा जा सके। हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद लेबनान पर इजराइल के हमले पहले के मुकाबले कम हुए हैं, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। इजराइल ने नबतियेह अल-फौका कस्बे पर हवाई हमला किया। इससे पहले मायफदून कस्बे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत की खबर सामने आई। इसके अलावा इजराइली सेना ने दक्षिणी शहर मंसूरी में पर्चे गिराकर लोगों से इलाका खाली करने को कहा। यह जानकारी लेबनान के सरकारी मीडिया ने दी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. NATO देशों पर ईरान का निशाना- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले NATO सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। 2. होर्मुज में जहाज पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर फिर संकट- ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ। जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया। 3. लेबनान में फिर बढ़ा तनाव- इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा। 4. ईरान-अमेरिका समझौते की दिशा में बढ़ी बातचीत- अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा। 5. परमाणु कार्यक्रम और तेल बाजार दोनों पर नजर- IAEA ने कहा कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जबकि भारत ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमला किया:ट्रम्प बोले- ईरान ने सीजफायर तोड़ा; एक दिन पहले कार्गो शिप पर ड्रोन अटैक हुआ था

अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमले किए। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रम्प ने कहा, ‘उन्होंने कल एक नहीं, चार बार हमला किया।’ ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीजफायर मैनेजमेंट है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. NATO देशों पर ईरान का निशाना- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले NATO सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। 2. होर्मुज में जहाज पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर फिर संकट- ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रैट में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ। जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया। 3. लेबनान में फिर बढ़ा तनाव- इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा। 4. ईरान-अमेरिका समझौते की दिशा में बढ़ी बातचीत- अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा। 5. परमाणु कार्यक्रम और तेल बाजार दोनों पर नजर- IAEA ने कहा कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जबकि भारत ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।

वेनेजुएला भूकंप में अब तक 920 की मौत:करीब 3300 घायल, लोग खुद मलबा हटाकर अपनों की तलाश में जुटे

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन… भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें… परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। 67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है। रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। भारत ने भी राहत सामग्री भेजी भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। ———–

ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाज पर किया ड्रोन हमला, आगबबूला हुए डोनाल्ड ट्रंप; बोले- बेहद महंगा था वो शिप, हमने भी…

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया, जिसे उन्होंने सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया।अपने ‘ट्र

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3 महीने का बेटा लेकर मीटिंग में पहुंचीं मिनिस्टर, VIDEO:स्वीडन की मंत्री ने बच्चे को गोद में लेकर स्पीच दी; कहा- मां बनने से करियर नहीं रुकता

स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोख्तारी अपने तीन महीने के बेटे एडम को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में पहुंचीं। लक्जमबर्ग में गुरुवार को हुई इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रोमिना अपने बेटे को गोद में लेकर मीटिंग में हिस्सा लेती और भाषण देती नजर आ रही हैं। इस दौरान वह बच्चे को शांत भी कराती रहीं, लेकिन साथ ही बैठक में अपनी बात भी रखती रहीं। इसके बाद पोरमोख्तारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, मैंने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि यह मैसेज दिया जा सके कि महिलाओं को करियर और परिवार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मां बनने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला का करियर रुक जाए। EU काउंसिल के एक अधिकारी के मुताबिक, उनकी जानकारी में पहली बार किसी EU मंत्रियों की बैठक में एक बच्चा शामिल हुआ है। बेटे के साथ रोमिना की 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों ने मंत्री की सराहना की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने स्वीडन की मंत्री के इस कदम की तारीफ की है। लोगों ने इसे कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि मां बनने के बाद भी महिलाएं परिवार और करियर दोनों की जिम्मेदारियां एक साथ निभा सकती हैं। बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में रोमिना पोरमोख्तारी ने कहा कि वह यही मैसेज देना चाहती हैं कि मां बनने के बाद भी महिलाएं सार्वजनिक जीवन और नौकरी में सक्रिय रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में परिवार के हित में बनाई गई नीतियां माता-पिता को बच्चों की देखभाल और काम के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करती हैं। रोमिना ने अपने पार्टनर का जिक्र करते हुए कहा, “सिर्फ सरकार की नीतियां ही काफी नहीं होतीं। इसके लिए ऐसा साथी भी होना चाहिए, जो पुराने विचारों वाला न हो, बल्कि आधुनिक सोच रखता हो और जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो।” उन्होंने कहा कि अब स्वीडन में पिता का बच्चे की देखभाल के लिए घर पर रहना पहले जितना असामान्य या विवादित नहीं माना जाता। यह बदलाव देश की पारिवारिक नीतियों और समाज की बदलती सोच का नतीजा है। पोरमोख्तारी स्वीडन की सबसे युवा मंत्री हैं रोमिना पोरमोख्तारी 2022 में सासंद बनी थीं। उसे साल उन्हें सरकार में मंत्री बनाया गया। उस समय वह देश के इतिहास की सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं। हाल ही में वह पैरेंटल लीव पूरी कर काम पर लौटी हैं। उनके पति फिलहाल स्वीडन में सितंबर में होने वाले चुनाव तक पैरेंटल लीव पर हैं। वह भी लक्जमबर्ग पहुंचे थे और बैठक के दौरान एडम की देखभाल कर रहे थे। पोरमोख्तारी का कहना है कि उनके सहयोगियों का समर्थन भी इसे आसान बनाता है। स्वीडन में माता-पिता बनने पर 16 महीने की पेड लीव स्वीडन उन देशों में शामिल है जहां माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए सबसे ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं। इन सुविधाओं का खर्च सरकार उठाती है और इन दिनों यह मुद्दा वहां चुनावी बहस का भी हिस्सा बना हुआ है। स्वीडन में माता-पिता को बच्चे के जन्म के बाद करीब 16 महीने की सवेतन छुट्टी (पेड लीव) मिलती है। इसमें 90 दिन सिर्फ मां के लिए और 90 दिन सिर्फ पिता के लिए तय होते हैं। बाकी करीब 300 दिन दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से आपस में बांट सकते हैं। ये छुट्टियां एक-दूसरे को नहीं दी जा सकतीं। अगर कोई अपनी तय छुट्टी नहीं लेता, तो वह खत्म हो जाती है। पिता के लिए तय इन छुट्टियों को आमतौर पर ‘डैड मंथ्स’ कहा जाता है। इसका मकसद यह है कि पिता भी बच्चों की परवरिश में बराबर की जिम्मेदारी निभाएं। इटली, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे उदाहरण 2010: इटली की सांसद बच्ची को लेकर यूरोपीय संसद पहुंचीं इटली की यूरोपीय सांसद लिसिया रोंजुली अपनी छह हफ्ते की बेटी विट्टोरिया को गोद में लेकर यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई थीं। उस दौरान उनकी बच्ची उनकी गोद में ही बैठी रही, जबकि रोंजुली संसद में वोटिंग और बहस में हिस्सा लेती रहीं। तब पहली बार था जब कोई सांसद यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई। बाद में भी वह कई मौके पर ऐसा करती नजर आईं। 2018: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री 3 महीने की बेटी के साथ UN पहुंचीं सितंबर 2018 में न्यूजीलैंड की तत्कालीन प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न अपनी तीन महीने की बेटी नेवे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पहुंची थीं। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उस समय उनके पार्टनर क्लार्क गेफोर्ड भी न्यूयॉर्क गए थे और बैठकों के दौरान बेटी की देखभाल करते थे। जेसिंडा ने कहा था कि मां बनने के बाद भी महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। 2017: ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में बच्चे को स्तनपान कराया जून 2017 में ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर लारिसा वॉटर्स ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी दो महीने की बेटी आलिया जॉय को स्तनपान कराते हुए भाषण दिया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में संसद में स्तनपान कराने की अनुमति देने वाला नियम लागू किया था। उनकी तस्वीरें दुनियाभर में वायरल हुईं और उन्हें कामकाजी माताओं के लिए एक मजबूत संदेश माना गया। ——————– ये खबर भी पढ़ीं… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजरॉ सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। पूरी खबर पढ़ें…

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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति ने हरिद्वार में की पूजा:सिद्धपीठ से नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत की कामना की, पहली बार आए उत्तराखंड

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा भारत दौरे पर हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में मां भगवती के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और आगामी चुनावों में सफलता की कामना की। मंदिर प्रशासन ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने महामंडलेश्वर से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान जूमा ने कहा कि हरिद्वार का आध्यात्मिक वातावरण उन्हें बेहद पसंद आया। उन्होंने बताया कि वह पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं, लेकिन हरिद्वार पहली बार आए हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की सराहना की। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में स्थानीय निकाय चुनाव और 2029 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जूमा ने संकल्प लिया कि यदि वह दोबारा राष्ट्रपति बने तो सबसे पहले हरिद्वार आकर मां दक्षिण काली के दर्शन करेंगे। इस दौरान भारत-दक्षिण अफ्रीका के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। तस्वीरें देखिए- सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… 1. हरिद्वार के सिद्धपीठ में जैकब जूमा ने की पूजा- दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा इन दिनों भारत के आध्यात्मिक दौरे पर हैं। उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचकर प्रसिद्ध सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना की। जूमा ने बताया कि वे पहले भी कई बार भारत (2008, 2010, 2015, 2016) आ चुके हैं, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार का यह उनका पहला दौरा है। मंदिर के महामंडलेश्वर ने फूलों की भव्य माला पहनाकर उनका स्वागत किया। जूमा दक्षिण अफ्रीका के एक प्रमुख विपक्षी दल के अध्यक्ष हैं। वहां इसी साल 4 नवंबर को स्थानीय निकाय चुनाव हैं और 2029 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जूमा ने संकल्प लिया है कि यदि वे दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो सबसे पहले फिर से हरिद्वार आकर मां काली की पूजा करेंगे। इस यात्रा के दौरान जूमा के साथ दक्षिण अफ्रीका के राजनयिक, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री वाईपी सिंह और उनके बेहद करीबी मित्र व विवादित कारोबारी अजय कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। 2. सहारनपुर की राशन दुकान से दक्षिण अफ्रीका के ‘किंगमेकर’ बने गुप्ता ब्रदर्स- जैकब जूमा की किस्मत को बदलने और फिर डुबाने के पीछे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं (अजय, अतुल और राजेश गुप्ता) का हाथ रहा है। गुप्ता बंधुओं के पिता शिवकुमार गुप्ता सहारनपुर के रायवाला बाजार में राशन और मसालों की दुकान चलाते थे। 1985 में पढ़ाई के बाद मंझले भाई अतुल गुप्ता दक्षिण अफ्रीका चले गए, जहां उन्हें रंगभेद के बाद व्यापार की बड़ी संभावनाएं दिखीं। बाद में उन्होंने अपने भाइयों अजय और राजेश को भी बुला लिया। 1993 में उन्होंने सहारा कंप्यूटर्स की शुरुआत की। मेहनत के दम पर यह देश की नंबर वन कंपनी बनी। इसके बाद उन्होंने कोल-गोल्ड माइनिंग, अखबार (न्यूज एज) और कई न्यूज चैनलों पर कब्जा कर अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। 3. संकट के समय जैकब जूमा की मदद और गुप्ता राज की शुरुआत- 2000 के आसपास गुप्ता ब्रदर्स और तत्कालीन उपराष्ट्रपति जैकब जूमा के बीच दोस्ती हुई। इसके बाद जूमा पर भ्रष्टाचार और गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और 15 साल की सजा सुनाई गई। इस बुरे वक्त में गुप्ता बंधुओं ने जैकब जूमा की 5 पत्नियों और 23 बच्चों की आर्थिक मदद की, बच्चों को नौकरियां दीं और जुमा को राष्ट्रपति बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया। 2009 में जैकब ज़ूमा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बन गए। इसके बाद देश में गुप्ता बंधुओं का परोक्ष राज शुरू हो गया। सरकारी ठेके केवल गुप्ता ब्रदर्स को मिलते, बड़े पदों पर नियुक्तियां वे तय करते और यहां तक कि सेना के एयरपोर्ट पर अपने निजी विमान उतारते थे। 4. तीन भाइयों के चक्कर में गई राष्ट्रपति की कुर्सी और फिर जेल- 2016 में तत्कालीन उप वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि गुप्ता भाइयों ने उन्हें वित्त मंत्री बनाने का सौदा किया था। इसके बाद देश में भारी बवाल मच गया। इस बेतहाशा राजनीतिक दखल और अरबों के घोटाले के आरोप के चलते दक्षिण अफ्रीका में बेहद लोकप्रिय रहे जैकब ज़ूमा को अपनी राष्ट्रपति की कुर्सी गंवानी पड़ी और उन्हें 15 महीने की जेल काटनी पड़ी। जुमा के हटते ही गुप्ता ब्रदर्स पर शिकंजा कसा। 2018 में छापेमारी के बाद तीनों भाई कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दुबई (UAE) भाग गए। हालांकि, प्रत्यर्पण संधि होने के बाद हाल ही में दो भाइयों को यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें वापस दक्षिण अफ्रीका लाने की तैयारी है। राष्ट्रपति पद गंवाने और जेल जाने के बाद, अब जैकब ज़ूमा एक बार फिर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। अभी वे अपने पुराने साथी अजय गुप्ता को साथ लेकर हरिद्वार में मां भगवती की शरण में पहुंचे हैं। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून बॉर्डर पांवटा साहिब पर डटे 200 निहंग:SSP को दिया दो दिन का अल्टीमेटम; बोले- साथियों को छोड़ो वरना कूच करेंगे देहरादून कूच करने वाले निहंगों में से कुछ लोग अब भी पांवटा साहिब में डटे हुए हैं। मामले में हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पांवटा साहिब पहुंचकर निहंग जत्थेदारों से बातचीत की। उन्होंने उनकी मांगों और उत्तराखंड कूच को लेकर विस्तार से चर्चा की। (पढ़ें पूरी खबर)