US Attack on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता (Peace Deal) दो सप्ताह भी नहीं टिक सका। शनिवार को अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz Strait) के पास स्थित ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक
पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स कर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक कर्मी घायल हो गया। PTI के मुताबिक, चार से छह आतंकी विस्फोटकों से भरी गाड़ी से मैन गेट को तोड़कर परिसर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी। कई घंटे चली मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक आतंकी गाड़ी से मैन गेट तोड़कर परिसर में घुसे थे। हमला शुरू होते ही धमाके की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि धमाका किस वजह से हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। SSU और ATF की टीमें मौके पर पहुंचीं हमले के बाद पुलिस, रेंजर्स, स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF), रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई। रॉयटर्स के मुताबिक, बाद में फायरिंग बंद हो गई और स्थिति सामान्य हो गई। मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने घटना की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक और कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) को मामले की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने भी घटना पर अलग से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी आतंकी या अलगाववादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जमात-उल-अहरार (JuA) के जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कराची पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले कराची पहले भी बड़े आतंकी हमलों का निशाना बन चुका मई में 128 आंतकी हमले हुए थे, 27% की बढ़ोतरी बढ़े पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में देश में 128 आतंकी हमले हुए। अप्रैल में यह संख्या 101 थी। यानी एक महीने में आतंकी हमलों में 27% की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा आतंकी हिंसा खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में दर्ज की गई।
पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमले में चार रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए। हमला शुरू होते ही विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। हमले के बाद मुठभेड़ शुरू ओधो ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों से मुठभेड़ शुरू कर दी। शुरुआती गोलीबारी में चार जवान मारे गए। इसके बाद आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। SSU और एंटी टेररिस्ट फोर्स भी तैनात सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लांझार ने बताया कि रेंजर्स की मदद के लिए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स की टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। सुरक्षा बल परिसर में तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि पुलिस हमले की साजिश और इसमें शामिल आतंकियों की पहचान में जुटी है।
पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमले में तीन रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए। हमला शुरू होते ही विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। हमले के बाद मुठभेड़ शुरू ओधो ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों से मुठभेड़ शुरू कर दी। शुरुआती गोलीबारी में तीन जवान मारे गए। इसके बाद आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। SSU और एंटी टेररिस्ट फोर्स भी तैनात सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लांझार ने बताया कि रेंजर्स की मदद के लिए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स की टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। सुरक्षा बल परिसर में तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि पुलिस हमले की साजिश और इसमें शामिल आतंकियों की पहचान में जुटी है।
वेनेजुएला में लगातार आए भूकंपों ने देश को हिलाकर रख दिया है, जिससे कई घर तबाह हो गए हैं और कई लोग अपने प्रियजनों को खोने का गम मना रहे हैं। गमजदा परिवारों में फुटबॉलर हेक्टर बेलो और उनकी 1 साल की बेटी भी शामिल हैं। बेलो की बहादुर पत्नी एंड्रिया ने अपनी बिल्डिंग गिरने के बाद अपनी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत का दौरा कर सकते हैं।ट्रंप के संभावित दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री रुबि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। जब उनसे पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’ ये ट्रम्प की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में अहमदाबाद में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए थे। ट्रम्प और मोदी की 10 साल में 9 बार मुलाकात हो चुकी G7 में मोदी ने ट्रम्प से कहा- भारतीय नाविकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण फ्रांस के एवियन में 17 जून को दो दिवसीय 52वें G7 समिट का आयोजन हुआ था। मोदी और ट्रम्प भी समिट में शामिल हुए थे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। अगर भारत या मोदी पर हमला होता है और मोदी लीडर होंगे तो हम उनकी मदद करेंगे। उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। वहीं ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। पीएम ने कहा कि होर्मुज खुला रहना जरूरी है। मैं वेस्ट एशिया में शांति की कोशिशों में ट्रम्प की लीडरशिप की तारीफ करता हूं। ट्रम्प के नेतृत्व में शांति की उम्मीद दिख रही है। भारत-अमेरिका के बीच ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार भारत और अमेरिका के बीच साल 2025 में ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का सामान एक्सपोर्ट किया। वहीं अमेरिका से भारत ने लगभग ₹4.6 लाख करोड़ का सामान इंपोर्ट किया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
पाकिस्तान में शनिवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। यूरो-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, भूकंप की गहराई करीब 35 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों का आकलन किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।

