अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पाकिस्तान के पंजाब में गुरुद्वारों को गिराने का सिलसिला थम नहीं रहा। बीते शुक्रवार (26 जून) को फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में भूमाफिया ने प्रशासन के साथ मिलकर 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा गिरा दिया। पाकिस्तान में गुरुद्वारा गिराने के कदम से सिख समुदाय में गुस्सा है। गुरुद्वारा गिराने के बाद सिखों ने इसका विरोध किया और गिराने के काम को रुकवाया। सिख संगत विरोध जताने के बाद प्रशासन ने फिलहाल इस जगह को सील कर दिया है और किसी भी तरह का निर्माण या तोड़फोड़ पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय जानकारों और सिख एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, करीब 4 साल पहले तक इस गुरुद्वारा साहिब की ऐतिहासिक पहचान और प्राचीन निशानियां सुरक्षित थीं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इसके कुछ समय बाद भूमाफिया ने गुरुद्वारा साहिब का मुख्य गुंबद तोड़ दिया। सिखों का कहना है कि उस वक्त भी पुलिस से शिकायत की गई और विरोध दर्ज कराया गया था। बावजूद इसके न तो इवैक्युएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और न ही पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए। सिलसिलेवार तरीके से समझें पूरा मामला… नियमों को दरकिनार कर गुरुद्वारा को तोड़ा गया इन ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख करने वाले शब्बीर हुसैन ने बताया कि शरणार्थियों को केवल रहने के उद्देश्य से इस गुरुद्वारे की इमारत को दिया गया था। क्योंकि ये बहुत पुरानी थी। नियमों के मुताबिक, इन अलॉट की गई संपत्तियों के मूल ढांचे में कोई भी बदलाव, नया कंस्ट्रक्शन या इन्हें गिराने की सख्त मनाही थी। बावजूद इसके इस 125 साल पुरानी विरासत को मलबे में तब्दील कर दिया गया। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग दुनियाभर के सिख संगठनों ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि गुरुद्वारा साहिब किसी एक धर्म या देश की बपौती नहीं होते, बल्कि ये पूरी इंसानियत की साझी अमानत हैं। गुरुद्वारा सिंह सभा का इतिहास
जत्थेदार करतार सिंह झब्बर ने सन 1912 में चूहड़काणा में खालसा दीवान खरा सौदा बार का गठन किया और इसमें अधिकतर स्थानीय विर्क परिवारों को सदस्य बनाया गया। सन 1918 में उन्होंने गुरुद्वारा सच्चा सौदा के पास गांव भनौर में भाई मूल सिंह गुरमुला द्वारा खरीदी गई 13 कनाल जमीन पर इसी संगठन के अधीन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मंडी चूहड़काणा के अंदर मिडिल स्कूल शुरू किया। स्कूल के सभी खर्चों का प्रबंधन खालसा दीवान खरा सौदा बार और मंडी चूहड़काणा कमेटी करती रही। वर्तमान समय में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य भाग पर सतगुरु नानक प्रगट्या, मिटी धुंध जग चानण होआ, पोह सुदी 7 संवत 1919 (सन 1862) गुरमुखी में उकेरा दिखता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या, हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान ने हालिया तनाव के बाद अमेरिका के साथ बैठक की मांग की है। यह बैठक मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होनी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईरान ने बैठक की मांग की है। यह कल दोहा में होगी!”हालांकि ईरान
दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
दुनिया भर में वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करने वाले कई गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक अवैध वन्यजीव तस्करी का सबसे बड़ा ज्ञात ऑनलाइन बाजार बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Meta की कमजोर मॉडरेशन व्यवस्था और कंटेंट से कमाई (मॉनेटाइजेशन) की सुविधा इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है। ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (GI-TOC) के अध्ययन में अप्रैल 2024 से मार्च 2026 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 20 हजार से अधिक विज्ञापन और 2.60 लाख से ज्यादा वन्यजीव उत्पादों की बिक्री के पोस्ट दर्ज किए गए। इनमें करीब 75% विज्ञापन फेसबुक पर मिले। रिपोर्ट के अनुसार, बिक्री के लिए पेश किए गए लगभग 84% वन्यजीव ऐसे थे जिनका अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक व्यापार CITES संधि के तहत प्रतिबंधित है। इनमें आधे से अधिक प्रजातियां संकटग्रस्त या अत्यंत संकटग्रस्त हैं। शोधकर्ताओं ने इन उत्पादों का कुल विज्ञापित मूल्य 6.6 करोड़ डॉलर (करीब 560 करोड़ रुपए) से अधिक बताया है। रिपोर्ट में पैंगोलिन, गैंडे के सींग, चिंपैंजी और संरक्षित पक्षियों सहित कई वन्यजीवों और उनके अंगों की खुलेआम बिक्री के उदाहरण दिए गए हैं। शोधकर्ताओं का आरोप है कि Meta के विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन जैसे मॉनेटाइजेशन मॉडल ऐसे अकाउंट्स को आर्थिक लाभ पहुंचाते हैं, जिससे अवैध व्यापार को बढ़ावा मिलता है। Meta ने आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि उसके प्लेटफॉर्म पर संकटग्रस्त प्रजातियों की बिक्री प्रतिबंधित है।
मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।
मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।
पंजाब के युवक और अमेरिकन दंपति के बीच हुए झगड़े का वीडियो सामने आया है। अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में नस्लीय टिप्पणी को लेकर लात-घूंसे और थप्पड़ चले। वीडियो में पहले महिला-पुरुष एक युवक से बहस करते दिखते हैं। इस बीच एक पंजाबी युवक बीच में आता है और कुछ देर तक महिला-पुरुष को समझाता है। नहीं समझने पर पहले पंजाबी में ही गाली देता और फिर रोड के बीच झगड़ा शुरू हो जाता है। इस बीच पंजाबी युवक का दूसरा साथी भी बाहर निकल आता है और महिला और पुरुष के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। कार से निकला पंजाबी युवक अचानक एग्रेसिव हो जात है और अमेरिकन व्यक्ति को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ देता है। बीच बचाव के लिए जब स्थानीय व्यक्ति की पत्नी आती है, तो उसे भी धक्के मारे जाते हैं और भाग जाने के लिए कहा जाता है। इस बीच स्थानीय व्यक्ति पंजाबी युवक को कहा कि वह उसकी पत्नी के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते है, इसके बाद फिर से पंजाबी युवक उसे थप्पड़ जड़ देता है। झगड़े से जुड़े PHOTOS देखें…. जिम के बाहर हुआ झगड़ा घटना रविवार देर शाम की है। जिसका वीडियो इंस्टाग्राम पर @KDADY अकाउंट से अपलोड किया गया है। घटना को न्यूयार्क सिटी के आरेंज जिम के बाहर का बताया है। लेकिन उसने घटना के पीछे का पूरा कारण नहीं बताया। न्यूयार्क पुलिस के पास ये मामला नहीं गया है। इसके चलते दोनों ही पक्षों के नाम सामने नहीं आए है और न ही ये पता चल पाया है कि दोनों कहां के रहने वाले हैं। घटना पर लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया
न्यूयार्क सिटी में बीच रोड चले थप्पड़ों पर बहुत से इंस्टा यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने पंजाबी को बहादुर बताया तो कुछ लोगों ने लिखा कि अमेरिकन व्यक्ति से ज्यादा तो उसकी पत्नी फाइटर निकलनी, जिसने कम से कम युवकों को रोकने का प्रसाय तो किया। एक यूजर ने लिखा कि कम से कम वीडियो शूट करने वाले को शर्म करनी चाहिए थी और इन लोगों के झगड़े को रोकना चाहिए था। *********** ये खबर भी पढ़ें: अमेरिका में सड़क पर भिड़े पंजाबी युवक, चारों गिरफ्तार: वर्क परमिट खत्म, डिपोर्टेशन का चलेगा केस; हॉर्न बजाने से शुरू हुआ झगड़ा, कड़े से मारा न्यूयॉर्क के रिचमंड हिल में 4 पंजाबी युवकों ने सरेआम एक-दूसरे को ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़े और कड़े मारकर सिर फाड़ दिए। इस घटना के बाद चारों युवकों के खिलाफ अमेरिका पुलिस ने डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना मंगलवार 28 अप्रैल की है। (पढ़ें पूरी खबर)
भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में हुए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब सेशेल्स में भी भारत की UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू होगी। भारत ने अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को लेकर समझौते किए हैं। फिलहाल 9 देशों में UPI से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत, सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) देगा, जिससे वहां की विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ये घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… मोदी गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। मोदी आज सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नेवल बैंड भी परेड में शामिल होंगे। PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें 1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। 2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। 3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे। 4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि यह हमला ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देशों के नेताओं ने हालिया हमलों को लेकर जिस तरह बयान दिए हैं और उन पर गर्व जताया है, वह अपने आप में अपराध स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हर हमले, हर मौत और हर नुकसान के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… ईरान-अमेरिकी पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

