JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विधानसभा मार्च: स्ट्रेचर से पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े छात्र

devendra nath mahto on strature in student protest

झारखंड के रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पहले एंबुलैंस का सहारा लिया। इसके बाद वे स्ट्रेचर के साथ छात्रों के कंधे पर सवार हो गए। उन्होंने कहा कि मैं विधानसभा के अंदर जाऊंगा। छात्र पुलिस द्वारा लगाए गए सारे बैरिकैड तोड़ आखिरी बैरिकैड तक पहुंच गए हैं। ALSO READ: झारखंड में क्यों नहीं शांत हो रहा छात्रों का गुस्सा?

 

JPSC-JSSC न्याय मंच के नेता महतो ने कहा कि सरकार अराजकता को न्योता क्यों दे रही है? वह ऐसा कुछ ना करें, जिससे अराजकता फैले। कटीले तार लगाने का सबसे ज्यादा दुख है। उन्होंने कहा कि सरकार झांसा देने का काम ना करें। महतो पिछले 9 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर हैं।

 

बैरिकैड तोड़ आगे बढ़ रहे हैं छात्र 

बड़ी संख्या में आंदोलनकारी छात्र आज पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच वे बैरिकेड तोड़ लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कटीले तारों की बैरिकेडिंग की है। इसका भी उन पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। 

 

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?

देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव के रहनेवाले हैं। साल 2006 में प्रथम श्रेणी से दसवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद साल 2008 में विज्ञान से इंटर और साल 2017 में रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय संस्कृत से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद कुरमाली भाषा से पीजी किया और फिर बीएड भी। वे कॉलेज के दिनों से ही स्टूडेंट्स के हितों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करने लगे थे।

 

2015 में उन्होंने रघुवर दास की सरकार के समय लागू की गई नियोजन नीति के विरोध में उन्होंने आंदोलन शुरू किया। इसके बाद साल 2016 में छात्रवृत्ति घटने के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे। साल 2019 में उन्होंने छठे जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों को लेकर एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया। वो 2024 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। जेल से चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें कुल 1.48 लाख वोट आए और वो तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद वे सिल्ली विधानसभा से भी चुनाव लड़े और 30 स्थान पर रहें। ALSO READ: झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्‍यों ने दिया इस्‍तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?

 

आंदोलन को भाजपा का समर्थन

भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि उस आंदोलन में हमारी सहभगिता है। हम मानसिक और शारीरिक तौर पर उनकी मदद कर रहे हैं। हम चाहते है कि CBI जांच करे। मैं बार-बार कहता था कि JPSC के सदस्य, JMM और कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। आज उन्होंने इस्तीफा दिया है। झारखंड के बच्चों के साथ कांग्रेस, JMM और RJD ने अन्याय किया है।

80वां स्वतंत्रता दिवस 2026: आजादी के साल 1947 में घटी थीं ये 5 बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

15 august 1947 incident

वर्ष 2026 में भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को भारत वर्षों की गुलामी के बाद आजाद हुआ था। यह वर्ष भारतीय इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और दूरगामी बदलावों से भरा रहा। हालांकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी थीं। यहां प्रस्तुत है 5 बड़ी घटनाएं।

 

1947 में घटी 5 प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं:

1. विभाजन:

ब्रिटिश संसद ने 18 जुलाई 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया। इस कानून के तहत भारत में ब्रिटिश शासन का अंत हुआ और 15 अगस्त 1947 को दो स्वतंत्र डोमिनियन भारत और पाकिस्तान के गठन का कानूनी मार्ग प्रशस्त हुआ। आजादी के साथ ही देश का धार्मिक आधार पर भारत और पाकिस्तान के रूप में विभाजन हुआ। 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने विभाजन योजना (माउंटबेटन योजना) प्रस्तुत की। सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग का गठन किया गया, जिसने पंजाब और बंगाल के बंटवारे की रेखा तय की। इसे रेडक्लिफ रेखा के नाम से जाना जाता है। 

 

2. विस्थापन:

इस विभाजन के कारण इतिहास का सबसे बड़ा मानव विस्थापन और भीषण सांप्रदायिक दंगे हुए।सीमाओं पर भारी सांप्रदायिक हिंसा भड़की और इतिहास का सबसे बड़ा मानवीय विस्थापन हुआ। लगभग 1.45 करोड़ लोग अपने घर-बार छोड़कर इधर से उधर विस्थापित हुए। पंजाब और बंगाल की सीमाओं पर भीषण सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर रातों-रात शरणार्थी बन गए। ट्रेनें दोनों तरफ से उजड़े हुए परिवारों और लाशों के साथ आने-जाने लगीं।

 

3. वीरता पुरस्कर:

रक्षा वीरता पुरस्कारों-परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र की स्थापना। 

 

4. 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण:

14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसे “Tryst with Destiny” (नियति से वादा/साक्षात्कार) कहा जाता है। उन्होंने घोषणा की कि जब आधी रात को दुनिया सो रही होगी, तब भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा।

 

5. प्रथम ध्वजारोहण:

15 अगस्त 1947 की सुबह नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) पहली बार स्वतंत्र भारत के आसमान के नीचे शान से फहराया गया। पूरे देश में सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ आजादी का स्वागत किया।

भाजपा विधायक ने समधी पर दर्ज कराई FIR, दामाद पर लगाया 25 से ज्यादा शादी करने का आरोप

bjp mla gyan tiwari with daughter

भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने सीतापुर में अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अनुज त्रिवेदी पर शादी के नाम पर 25 महिलाओं से ठगी किए जाने का आरोप है। 2 दिन पहले विधायक बेटी के साथ सोशल मीडिया पर सामने आए थे। उन्होंने समधी के साथ रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया था। 

 

रेउसा थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विधायक ने एफआईआर में बताया है कि उनकी बेटी की शादी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर के साथ 14 फरवरी 2024 को की थी।

 

शादी समारोह में करीब 15 हजार लोग शामिल हुए थे। तहरीर के मुताबिक शादी की बातचीत के दौरान अनुज ने अपने कारोबार को रियल स्टेट का कारोबारी बताया था और कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुंबई में कारोबार करता है। शादी से पहले अनुज और उनके बेटे प्रखर के बारे में स्थानीय स्तर पर जानकारी भी ली गई थी।

उन्होंने कहा कि प्रखर त्रिवेदी के विद्यालय एवं खेती-बागवानी का काम देखने वाले लोगों के साथ-साथ स्व. सांसद जनार्दन मिश्रा, भाजपा मंडल अध्यक्ष विपिन मिश्रा और आदित्य सिंह समेत स्थानीय लोगों से भी उसके बारे में जानकारी ली गई थी। सभी ने उसे संपन्न व्यवसायी और सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति बताया था।

 

विधायक ने आरोप लगाया कि शादी के करीब ढाई साल बाद सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई कि अनुज त्रिवेदी के खिलाफ महाराष्ट्र समेत अन्य स्थानों पर धोखाधड़ी और चीटिंग के मुकदमे दर्ज हैं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनुज ने उनसे झूठ बोलकर अपने कारोबार और तथ्यों को छिपाते हुए उनके घर में शादी की।

जनक दीदी से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और किशोरियों ने सीखे सतत आजीविका एवं पर्यावरण संरक्षण के गुर

Janak Palta McGilligan

इंदौर, सनावदिया। जन विकास सोसायटी, इंदौर के तत्वाधान में बापू गांधी नगर, स्कीम नंबर 140 एवं शिव-पार्वती नगर के 7 स्वयं सहायता समूहों की 35 महिलाओं और 10 'डिजिटल फ्रेंड' किशोरी बालिकाओं का एक समूह 'जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' के अनुभवात्मक शैक्षणिक भ्रमण पर पहुँचा। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य सेंटर की निदेशक डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत (सस्टेनेबल) आजीविका के गुर सीखना था।

 

जनक दीदी ने अत्यंत स्नेहपूर्वक सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह घर उनके पति स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन ने स्वयं अपने हाथों से बनाया था। उन्होंने इस घर के निर्माण से पूर्व ही एक 'सोलर एंड विंड पावर स्टेशन' स्थापित कर दिया था, जो दिसंबर 2010 से गाँव के 50 आदिवासी परिवारों को नि:शुल्क स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति कर रहा है। तब से लेकर आज तक जनक दीदी इन परिवारों को नि:शुल्क बिजली उपलब्ध करा रही हैं।

 

दुर्भाग्यवश, 21 अप्रैल 2011 को एक सड़क दुर्घटना में जिम्मी मगिलिगन जी का दुखद निधन हो गया। उस दुर्घटना में जीवित बची जनक पलटा मगिलिगन ने स्वयं को संभाला और सनावदिया स्थित अपने घर “गिरिदर्शन” में रहकर सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य जारी रखा। उन्होंने बिना किसी बाहरी आर्थिक सहयोग के इस केंद्र को संचालित करते हुए अपना पूरा कार्य अपने पति की स्मृति में समर्पित किया और इसका नाम 'जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' रखा। यहाँ प्रतिभागी जैव-विविधता, वर्षा जल संचयन, जैविक खेती, सोलर कुकिंग तथा सोलर ड्रायर के संयमित उपयोग से एक प्राकृतिक, सात्विक एवं स्वस्थ जीवन शैली से परिचित हुए।

 

प्रतिभागियों ने श्रीमती आभा पलटा तिवारी के साथ इस आत्मनिर्भर परिसर का भ्रमण किया। वे यहाँ हड्डी-जोड़, गिलोय, पुनर्नवा जैसे औषधीय पौधों, दालों, जड़ी-बूटियों, मसालों एवं देशी बीजों का संरक्षण देखकर अभिभूत हुए। भ्रमण के दौरान उन्होंने बोगनविलिया के फूलों से बने रसायन-मुक्त प्राकृतिक गुलाल, संतरे के फल का जैम तथा उसके छिलकों से बना केसरिया रंग, टेसू और पोई से निर्मित पिचकारी के रंग, अंबाड़ी का शरबत, नीम व गोमूत्र से बनी फिनाइल तथा एलोवेरा शैम्पू जैसी वस्तुएँ देखीं। जनक दीदी ने बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने और उन्हें खेलकूद, बागवानी एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

 

इसके बाद, डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने अपने 41 वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार ब्रिटेन छोड़कर भारत आए उनके पति स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 500 से अधिक आदिवासी गाँवों में सतत विकास का बीड़ा उठाया था।

 

कार्यक्रम के अंत में जन विकास सोसायटी के निदेशक फादर शिनोज जोसेफ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा— “यह हमारा सौभाग्य है कि पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने हमारे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और किशोरियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में सतत आजीविका विकसित करने, स्वदेशी ज्ञान से आत्मनिर्भर बनने तथा सोलर ड्रायर के माध्यम से फल, सब्जियों एवं खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण व मूल्यवर्धन कर आय बढ़ाने की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।”

LIVE: रांची में छात्रों का मार्च, एंबुलेंस से विधानसभा के लिए निकले देवेंद्र महतो

LIVE: Latest News Today Live Updates in Hindi : झारखंड में परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पल पल की जानकारी… 

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी। असम में बाढ़ से अब तक 100 से ज्यादा की मौत हो गई। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। 

झारखंड में आज आंदोलनकारी छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मार्च को लेकर रांची में पुलिस अलर्ट मोड में है। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। छात्रों को रोकने के लिए कटिलें तारों की बैरिकैडिंग की गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई भाजपा नेताओं को घर में नजरबंद किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है।पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा के लिए छात्रों का मार्च शुरू। विधानसभा के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई।विधानसभा मार्च कर रहे छात्रों को पुलिस ने रोका। पुलिस ने पहली बैरिकैडिंग के पास छात्रों को रोका। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्र।

-रांची में छात्रों का विधानसभा के लिए शांतिपूर्ण मार्च।

-एंबुलेंस से विधानसभा के लिए निकले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो।

छात्रों के समर्थन में भाजपा का राँची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर जोरदार धरना-प्रदर्शन जारी है, जिसमें छात्रों के मुद्दे पर उनकी सरकार से जवाबदेही और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

‘देवभूमि के कण-कण में राष्ट्रभक्ति’, हर घर तिरंगा यात्रा में बोले CM धामी

CM Dhami in har ghar tiranga yatra

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखने का आवाह्न किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।

 

सीएम धामी ने कहा तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा, करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी कोई आंच नहीं आने दी।  हमारा संकल्प है कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति, स्वदेशी तकनीक से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।आज हम  दुनिया को अनेकों क्षेत्र में नई दिशा दिखा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। देश, रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखंड की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं।  हर दूसरे परिवार का बेटा सीमा पर रक्षा के लिए तैनात रहता है। राज्य सरकार अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

pushkar dhami in har ghar tiranga yatra

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य में विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ चुकी है, पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य ने  देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून, देश में सबसे पहले  समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया है।प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है।
 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त किया है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बिना किसी धांधली के पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। राज्य में युवाओं को श्नौकरी देने वालाश् बनाने के मकसद से युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, पर्यटन नीति जैसी कई योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

 

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’ एथेनॉल विरोध पर भड़के BJP सांसद जनार्दन मिश्रा

bjp MP janardan mishra on ethenol free petrol

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध से नाराज रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि एथेनॉल नहीं चलेगा और केवल शुद्ध पेट्रोल चाहिए। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

सांसद जनार्दन मिश्रा रीवा एयरपोर्ट से भोपाल और कोलकाता के लिए नई उड़ान शुरू होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का बचाव करते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का पूरा कच्चा तेल देश में पैदा नहीं करता। भारत में करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का उत्पादन होता है, जबकि बाकी जरूरत आयात के जरिए पूरी करनी पड़ती है।

 

उन्होंने एथेनॉल के इस्तेमाल को आर्थिक दृष्टि से जरूरी बताते हुए ब्राजील का उदाहरण भी दिया। सांसद ने कहा कि ब्राजील में 100 प्रतिशत एथेनॉल से वाहन चलाए जा रहे हैं। ऐसे में भारत में एथेनॉल मिश्रण को लेकर हो रहे विरोध पर उन्होंने सवाल उठाया।
 

पहले भी बयानों से चर्चा में रहे हैं जर्नादन मिश्रा 

गौरतलब है कि जर्नादन मिश्रा इससे पहले भी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने एक बार मोबाइल की लत पर कहा था कि 60 साल बाद पति-पत्नी के रिश्ते इस हद तक मोबाइल पर केंद्रित हो जाएंगे कि बच्चे भी आनलाइन पैदा होंगे। ये बच्चे स्टील के होंगे या फिर मांस और हड्डी के?

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दाढ़ी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मोदी की दाढ़ी में घर ही घर हैं, एक बार हिलाते हैं तो 50 लाख, दूसरी बार में एक करोड़। जितनी बार हिलाएंगे घर ही घर मिलेंगे, इसलिए आप लोग मोदी की दाढ़ी देखो, जब देखना बंद कर दोगे तो आवास मिलने भी बंद हो जाएंगे, जब तक मोदी की दाढ़ी रहेगी, आवास मिलता रहेगा। 

झारखंड में क्यों नहीं शांत हो रहा छात्रों का गुस्सा?

jharkhand student protest

झारखंड में हजारों छात्र-छात्राएं बीते कई दिनों से आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। छात्रों की मांग कोई एक परीक्षा रद्द कराना नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की है। ALSO READ: क्या स्वस्थ रहने के लिए 8 घंटे सोना सच में जरूरी है?

 

राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक स्टूडेंट्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इनकी मांग किसी का इस्तीफा या कोई जांच नहीं बल्कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की है।

 

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं का नोटिफिकेशन के बाद सालों तक लंबित रहने, पेपर लीक और कथित धांधली से तंग आ चुके अभ्यर्थियों का आंदोलन और तेज हो गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से 19 अप्रैल को ली गई 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में कथित धांधली और ओएमआर शीट में की गई गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद छात्रों की नाराजगी भड़क उठी। ALSO READ: पृथ्वी पर ऑक्सीजन की उत्पत्ति की पहेली थोड़ी और सुलझी
 

सफल अभ्यर्थियों की योग्यता पर सवाल

इस परीक्षा का परिणाम आने के बाद मेरिट लिस्ट की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ओएमआर शीट वायरल हुई। इसके अनुसार पेपर-1 में एक परीक्षार्थी ने सौ में केवल 48 प्रश्न हल किए थे, फिर भी उसे सफल घोषित कर दिया गया।

 

हंगामा बढऩे पर राज्य सरकार ने सीआईडी जांच की घोषणा की। इस बीच आयोग के अध्यक्ष एल। खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया। विवाद बढ़ा तो जेपीएससी ने संयुक्त सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा सहित नौ अन्य भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी।

 

जेपीएससी की तरह ही जेएसएससी भी विवादों में रहा है। जेएसएससी-सीजीएल (ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा में पेपर लीक के साथ कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगे। 2026 की फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा को लेकर भी कई तरह की शिकायतें सामने आईं।

 

उम्र निकल जा रही है परीक्षाएं रद्द होने से

झारखंड में इससे पहले भी सरकारी नौकरियों के लिए ली जाने वाली परीक्षाएं या तो रद्द हुईं हैं या फिर टाल दी गईं हैं। इस कारण लाखों युवाओं की उम्र सीमा खत्म हो रही है। इस वजह से उनके भीतर आक्रोश चरम पर है और वे पिछले सात सालों में जेपीएससी और जेएसएससी की सभी बड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग कर रहे हैं।

 

प्रदर्शन में वैसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जिन्होंने 2015 से ही फॉर्म भरना शुरू किया, लेकिन आज तक वे बेरोजगार हैं। अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन कर रहे जेएसएससी-सीजीएल परीक्षार्थी प्रदीप तिर्की कहते हैं, ‘‘कब तक इंतजार करेंगे। दस परीक्षाएं दीं, सात में सफल रहे लेकिन, आज भी बेरोजगार हैं। परीक्षाओं का कोई निश्चित वार्षिक कैलेंडर नहीं है, जिसके अनुसार समय पर भर्ती हो सके। राज्य में स्थानीय नियोजन नीति भी तय नहीं है, इसलिए बाहरी अभ्यर्थी जगह पा जा रहे।''

 

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार सभी आरोपों की जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं। इसके बावजूद स्टूडेंट्स का असंतोष कम नहीं हो रहा। ALSO READ: गुलामी की जंजीरों से निकला आइसक्रीम को स्वाद देने वाला वनीला

 

कई परीक्षाओं के 500 से अधिक ओएमआर शीट में हेरफेर

इस बीच जेपीएससी की बैकलॉग परीक्षा-2025 के रिजल्ट में भी बड़ा खेल सामने आया। सीआईडी की जांच में एक ऐसी ओएमआर शीट मिली, जिसमें एक अभ्यर्थी ने सौ में से केवल 32 सवाल हल किए थे। इनमें भी 17 गलत थे। लेकिन उस परीक्षार्थी को सफल घोषित कर दिया गया था। राजधानी रांची के नगड़ी थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट में बदलाव किया गया या फिर रंग भरकर उत्तर बदले गए।

 

आरोप यह भी है कि परीक्षा का संचालन कर रही एजेंसी टीडीपीएल के कर्मियों की मदद से सर्वर में सेंध लगा कर कुछ परीक्षार्थियों के अंक बढ़ा दिए गए। आरोप के मुताबिक फॉरेस्ट रेंज अफसर परीक्षा की 350 तथा असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फारेस्ट परीक्षा की 150 ओएमआर शीट में गड़बड़ी की गई। सिविल सेवा अभ्यर्थी अन्वी मुर्मु कहती हैं, ‘‘ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प 'प्रयास नहीं किया गया' वाला होना चाहिए। इससे खाली छोड़ी गई ओएमआर शीट को बाद में भरने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।''

 

सफल अभ्यर्थी ने गलत तरीके से परीक्षा पास करने की बात स्वीकारी

कथित रूप से जिस सुमन सौरभ की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, उसने गलत तरीके से परीक्षा पास करने की बात स्वीकार कर ली है। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले की जांच कर रही सीआईडी ने अब तक उत्तर प्रदेश के एक आरोपी समेत 19 लोगों को गिरफ्त में लिया है।

 

इस बीच झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत की पेशकश करते हुए इसके चार मंत्रियों तथा चार विभागीय सचिवों की एक समिति बनाई है, वहीं छात्रों ने भी बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।  

 

इस्तीफा नहीं सुधार चाहते हैं छात्र

रांची में चल रहा प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से अलग है। यहां हजारों छात्र-छात्राएं सडक़ पर हैं, लेकिन कोई भी प्रदर्शनकारी किसी का इस्तीफा नहीं मांग रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराने, नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा योग्य अभ्यर्थियों के लिए न्याय सुनिश्चित कराने की ही मांग कर रहे हैं। 

 

प्रदर्शनकारी ठोस तर्कों और सबूतों के साथ संयमित भाषा में अपनी बात मीडिया के सामने रख रहे हैं। वे विरोध कर रहे हैं तो सरकार की कार्यप्रणाली या फिर उनकी नीतियों का।

 

राजनीतिक दल भले ही इन्हें समर्थन दे रहे, किंतु छात्रों ने किसी राजनेता से मंच साझा नहीं किया। नाराजगी के बीच भी वे सरकार के साथ टकराव की बात नहीं कर रहे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह करते हुए सभी परीक्षाओं की सीबीआई और ईडी से जांच की मांग करते हुए इंसाफ मांग रहे हैं।

Top News 10 August: 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, झारखंड में आज छात्रों का विधानसभा मार्च

top news 10 august : Jharkhand student protest, rain alert

Top News 10 August : मौसम विभाग ने देश के 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया। झारखंड में आज छात्रों का विधानसभा मार्च। ईडी प्रमुख राहुल नवीन को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया। ममता बनर्जी के काफिले पर हमला। टर्बुलेंस में फंसे विमान के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया। 10 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

15 राज्यों में बारिश का अलर्ट

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी। असम में बाढ़ से अब तक 100 से ज्यादा की मौत हो गई। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। 

 

झारखंड में छात्रों का विधानसभा मार्च

झारखंड में आज आंदोलनकारी छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे। इस मार्च को लेकर रांची में पुलिस अलर्ट मोड में है। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। छात्रों को रोकने के लिए कटिलें तारों की बैरिकैडिंग की गई। भाजपा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया। ALSO READ: झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्‍यों ने दिया इस्‍तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?

 

ईडी प्रमुख को सेवा विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख राहुल नवीन को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक के रूप में बरकरार रखने का फैसला लिया है। वे 13 अगस्त, 2027 तक पद पर बने रहेंगे।

 

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ ने हमला कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोककर उनकी गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके। ममता एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। ALSO READ: ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, भीड़ ने कार पर किया पथराव, भाजपा और पुलिस पर लगा यह आरोप

 

विमान टर्बुलेंस: पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव 

टर्बुलेंस में फंसे विमान के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे आ गई थी। इस मामले में सरकार ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

यूपी में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 11 अगस्त से, 21 सितंबर है अंतिम तिथि, योगी सरकार में छात्रों को मिला मजबूत सहारा

Applications for backward class scholarship in Uttar Pradesh start on August 11

– योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा को मिला मजबूत सहारा

– पिछले 9 सालों में 22 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को मिल चुकी है छात्रवृत्ति

– 2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्रों को मिला था छात्रवृत्ति का लाभ

– 2 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को मिलेगा लाभ

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा को सहारा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2026- 27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू होगी। छात्र 11 से 25 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। जबकि वर्ष 2026-27 सत्र के नए छात्र 11 अगस्त से 21 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। 

 

छात्रों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है। इस योजना के जरिए पिछले 9 वर्षों में करीब 22 करोड़ से अधिक छात्रों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने और उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है।

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2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्रों को मिला था लाभ

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना का व्यापक असर साल दर साल देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग के 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

पूर्वदशम यानी कक्षा 9 और 10 की छात्रवृत्ति योजना के तहत 8.88 लाख छात्रों के बैंक खातों में कुल 219.64 करोड़ रुपए की धनराशि भेजी गई थी। इस अवधि में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के 27.86 लाख छात्रों को कुल 2882.02 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी।

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आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा का सहारा

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना है। योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख रुपए या उससे कम है। छात्रवृत्ति की मदद से विद्यार्थियों को फीस, पाठ्यक्रम से जुड़े खर्च और पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलता है। सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया है। 

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पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू हो रही है। उन्होंने पात्र छात्रों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया गया है तथा सत्यापन के बाद पात्र छात्रों के बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजी जाती है।