80वां स्वतंत्रता दिवस 2026: आजादी के साल 1947 में घटी थीं ये 5 बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

15 august 1947 incident

वर्ष 2026 में भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को भारत वर्षों की गुलामी के बाद आजाद हुआ था। यह वर्ष भारतीय इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और दूरगामी बदलावों से भरा रहा। हालांकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी थीं। यहां प्रस्तुत है 5 बड़ी घटनाएं।

 

1947 में घटी 5 प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं:

1. विभाजन:

ब्रिटिश संसद ने 18 जुलाई 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया। इस कानून के तहत भारत में ब्रिटिश शासन का अंत हुआ और 15 अगस्त 1947 को दो स्वतंत्र डोमिनियन भारत और पाकिस्तान के गठन का कानूनी मार्ग प्रशस्त हुआ। आजादी के साथ ही देश का धार्मिक आधार पर भारत और पाकिस्तान के रूप में विभाजन हुआ। 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने विभाजन योजना (माउंटबेटन योजना) प्रस्तुत की। सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग का गठन किया गया, जिसने पंजाब और बंगाल के बंटवारे की रेखा तय की। इसे रेडक्लिफ रेखा के नाम से जाना जाता है। 

 

2. विस्थापन:

इस विभाजन के कारण इतिहास का सबसे बड़ा मानव विस्थापन और भीषण सांप्रदायिक दंगे हुए।सीमाओं पर भारी सांप्रदायिक हिंसा भड़की और इतिहास का सबसे बड़ा मानवीय विस्थापन हुआ। लगभग 1.45 करोड़ लोग अपने घर-बार छोड़कर इधर से उधर विस्थापित हुए। पंजाब और बंगाल की सीमाओं पर भीषण सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर रातों-रात शरणार्थी बन गए। ट्रेनें दोनों तरफ से उजड़े हुए परिवारों और लाशों के साथ आने-जाने लगीं।

 

3. वीरता पुरस्कर:

रक्षा वीरता पुरस्कारों-परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र की स्थापना। 

 

4. 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण:

14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसे “Tryst with Destiny” (नियति से वादा/साक्षात्कार) कहा जाता है। उन्होंने घोषणा की कि जब आधी रात को दुनिया सो रही होगी, तब भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा।

 

5. प्रथम ध्वजारोहण:

15 अगस्त 1947 की सुबह नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) पहली बार स्वतंत्र भारत के आसमान के नीचे शान से फहराया गया। पूरे देश में सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ आजादी का स्वागत किया।