Weather Alert : उत्तराखंड-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली में हल्की बारिश, जानें IMD का ताजा अपडेट

Gujarat Heavy Rain

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 9 अगस्त को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, केरल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगे तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बन सकती है।

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उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार, 9 अगस्त को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली में फिलहाल हल्की बारिश का अनुमान

 

रविवार सुबह जारी IMD के ताजा नाउकास्ट के मुताबिक, नई दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली में बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की गई। इन इलाकों के लिए यह पूर्वानुमान सुबह करीब 9 बजे तक मान्य था। वहीं, गौतम बुद्ध नगर, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा शामिल हैं, में 5 मिमी प्रति घंटे से कम हल्की बारिश का अनुमान जताया गया था। यहां के लिए चेतावनी सुबह 8 बजे तक प्रभावी थी।

 

IMD के नाउकास्ट में क्या है?

 

जिलेवार IMD मानचित्र के अनुसार रविवार सुबह दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। जिलेवार अपडेट से संकेत मिलता है कि दिल्ली में फिलहाल बारिश की तीव्रता शुक्रवार को हुई बेहद भारी बारिश की तुलना में काफी कम है।

 

2011 के बाद दिल्ली में अगस्त का सबसे बारिश वाला पहला सप्ताह

 

दिल्ली में अगस्त के पहले सात दिनों में इस साल 127 मिमी बारिश दर्ज की गई। IMD के अनुसार, यह 2011 के बाद अगस्त का सबसे ज्यादा बारिश वाला पहला सप्ताह रहा। शुक्रवार को हुई बेहद भारी बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कई इलाकों में जलभराव और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। सड़कों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई।

 

IMD ने इससे पहले बताया था कि भारी बारिश के पीछे सक्रिय मानसून ट्रफ, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ प्रमुख मौसम प्रणालियां थीं।

 

दिल्ली में बारिश की रफ्तार कम होने का अनुमान

 

मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दिया था कि शनिवार से दिल्ली में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, हालांकि बारिश का दौर 10 अगस्त तक जारी रहने की संभावना जताई गई थी। रविवार सुबह का जिला स्तर का नाउकास्ट भी इसी बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

 

फिलहाल दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश के बजाय हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है। हालांकि, शुक्रवार को जिन इलाकों में जलभराव हुआ था, वहां लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हल्की बारिश भी इन इलाकों में यातायात की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।

 

10 अगस्त को दिल्ली के लिए कोई चेतावनी नहीं

 

IMD की 9 अगस्त की व्यापक चेतावनी में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए रविवार को भारी बारिश का अनुमान है। हालांकि, 10 अगस्त के लिए इन क्षेत्रों में फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। देश के उत्तरी हिस्सों में मानसून सिस्टम अभी सक्रिय है। ऐसे में लोगों को यात्रा या रोजाना के आवागमन की योजना बनाने से पहले IMD के ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Dharmendra Pradhan : Gen Z की जिद के कारण झेलनी पड़ी परेशानी, ताकत को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज, बोले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

education minister dharmendra pradhan on student protest

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि जेन Z (Gen Z) ऐसी ताकत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि देश के युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां भी छोटी हैं।

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संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जेन Z की जिद के कारण उन्हें भी ‘परेशानी’ झेलनी पड़ी, लेकिन समय के साथ उन्हें यह समझ आया कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उसे समझना ज्यादा जरूरी है।

 

प्रधान ने कहा कि कुछ लोग जेन Z के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके लिए मंत्री पद कभी प्रतिष्ठा का सवाल नहीं रहा। उन्होंने 15 से 25 वर्ष की उम्र के करीब 20 करोड़ युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ये 20 करोड़ युवा किसी मुद्दे को लेकर दृढ़ संकल्प कर लें, तो उनके संकल्प के सामने उनकी जिम्मेदारी कुछ भी नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी यह वास्तविकता समझाने की कोशिश की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने युवाओं से सीधे संवाद किया। प्रधान ने जोर देकर कहा, “देश का हित सर्वोपरि है।” संबलपुर सांसद ने कहा कि इतिहास में हर पीढ़ी ने ऐसे युवाओं को जन्म दिया है, जिन्होंने देश के लिए त्याग और बलिदान किया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से युवाओं ने ही बदलाव का नेतृत्व किया है और देश के लिए बलिदान दिए हैं। अपने-अपने दौर में वे भी उस समय के Gen Z थे।

Mojtaba Khamenei : मोजतबा खामेनेई की किसी भी पल हो सकती है मौत, इजराइली मीडिया के दावे के बीच सामने आया वीडियो, कैसी है ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत

Mojtaba Khamenei

ईरानी शासन के उच्च स्तरों पर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेहद गंभीर हालत में होने की अफवाहें चल रही थीं।  उनके निधन की खबरें जल्द आने की आशंका भी जताई जा रही थी। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर का नया वीडियो सामने आया है। अमेरिका और इजरायल के साथ जंग शुरू होने के बाद से ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पहली बार नजर आए हैं।

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ईरान की सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी ने शनिवार, 8 अगस्त को उनका एक बिना तारीख वाला वीडियो जारी किया है। 28, फरवरी को अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का मृत्यु के बाद मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है और उनकी खराब सेहत को लेकर कई तरह की रिपोर्ट आ रहा थी।

 

वीडियो को लेकर सस्पेंस

रिपोर्टों के अनुसार अभी यह पता नहीं चला है कि मुजतबा खामेनेई का यह वीडियो कब शूट किया गया था। किसी अन्य एजेंसी ने भी स्वतंत्र रूप से ये पुष्टि नहीं की है कि वीडियो में नजर आ रहे शख्स खामेनेई ही हैं। पिता की मौत के बाद संभाली थी सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। 

 

क्या है वीडियो में 

वीडियो में मुजतबा कुछ लोगों के साथ बैठे हैं और उनसे बात कर रहे हैं, जबकि वे लोग उनकी बात पूरी ध्यान से सुन रहे हैं। हालांकि इसमें उनकी सेहत ठीक लग रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और कई अकाउंट्स ने इसे शेयर किया। इनमें से कई लोगों का दावा था कि यह मुजतबा खामेनेई का पुराना वीडियो है, जिसे ईरान के सरकारी मीडिया ने उनकी सेहत के बारे में लोगों को 'गुमराह' करने के लिए शेयर किया था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को यह जिम्मेदारी दी गई थी।  हालांकि पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं। वह केवल लिखित बयानों के जरिए ही संदेश जारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शुरुआती हमलों में वह घायल हो गए थे और संभवतः उनके चेहरे को भी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर रहना पड़ा।

 

इजराइल का दावा खत्म कर दिया

जुलाई में सऊदी मीडिया अल-हदथ ने इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि खामेनेई ईरान में नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को खत्म कर दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि खामेनेई '90 फीसदी खत्म' हो चुके हैं और सैन्य अभियान के बाद सक्रिय नहीं हैं।

 

ईरान सरकार ने दावों को किया खारिज

ईरानी अधिकारियों ने पहले भी खामेनेई की चोटों की गंभीरता को कम करके बताया था। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने शुरुआती चोटों को मामूली बताया था। वहीं, वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम लीडर अभी भी देश के रणनीतिक फैसलों और सैन्य दिशा-निर्देशों की निगरानी कर रहे हैं।

 

मैं आज दर्द, डेटा और दौलत की बात करुंगा, चक्रव्यूह में फंसे हैं देश के छात्र, रील नशा है, छात्रों की गूंज में बोले राहुल गांधी

Rahul Gandhi

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में दर्द, डेटा और दौलत की बात की। उन्‍होंने कहा कि आज देश का युवा नौकरी के लिए तरस रहा है। न मैन्‍यूफैक्‍चरिंग में, न स्‍टार्टअप्‍स में और न ही सरकारी नौकरी है। जबकि 40 करोड युवा देश की असली ताकत है। हालांकि उन्‍होंने कहा कि आज नौजवानों ने जो ताकत दिखाई, वो काबिल ए तारीफ है। राहुल गांधी ने कहा कि आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत की बात करना चाहता हूं। आपका दर्द, आपका डेटा, मगर आपका धन नहीं, जो आपका होना चाहिए।

राहुल ने इस दौरान मंच पर 7 से ज्यादा छात्र-छात्राओं से बात की। उनसे शिक्षा, रोजगार से जुड़े सवाल किए। उनके साथ प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद थीं। इस कार्यक्रम में यूपी के 23 जिलों से छात्रों को बुलाया गया था।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे। वहां उन्होंने छात्रों की गूंज कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और युवा शक्ति का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर बोला कि आज के नौजवान ने जो हिम्मत दिखाई है, वो काबिले तारीफ है।

राहुल गांधी ने कहा कि आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत की बात करना चाहता हूं। आपका दर्द, आपका डेटा, मगर आपका धन नहीं, जो आपका होना चाहिए। आप भारत की शक्ति हो, भारत की शान हो, भारत की स्ट्रेंथ हो। और जब मैं कहता हूं आप भारत की शक्ति हो, भारत की स्ट्रेंथ हो। मैं हर हिंदुस्तान के नागरिक, हर यूथ की बात कर रहा हूं।

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इंडिविजुअल्स की बात कर रहा हूं। आप सब में इंटेलिजेंस है, इमेजिनेशन है, कैपेसिटी है। और अगर ये देश आगे बढ़ेगा, तो आपके बल पर, आपकी स्ट्रेंथ पर इस देश का फ्यूचर बनेगा। इस युवा ने जो कहा है, वो हिंदुस्तान के युवाओं के दिल की बात है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आप जैसे एनर्जेटिक युवा इस देश में रहते हैं, ये इस देश की स्ट्रेंथ है। चाइना की बात होती है, अमेरिका की बात होती है, रशिया की बात होती है, इंडिया के यूथ के सामने, इंडिया के यूथ पोटेंशियल के सामने ये सब लोग कुछ नहीं है। एक और चीज हुई है। 21वीं सदी में अगर देश प्रगति करता है तो दो चीजों के बल पर करता है। यूथ पोटेंशियल जो आप में है और डेटा जो आप क्रिएट करते हो।

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कांग्रेस नेता बोलते हैं कि डेटा से आप एआई बना सकते हो। मगर एआई से आप डेटा पैदा नहीं करते हो कर सकते हो। और ये डेटा ये डेटा हिंदुस्तान का है और आपका है। आप इसको क्रिएट करते हो। ये आप बनाते हो, ये आपका इमेजिनेशन है। ये हिंदुस्तान की पूंजी है, स्ट्रेंथ है, एसेट है।

राहुल ने कहा कि युवाओं के लिए पांच दरवाजे थे, वो सारे बंद कर दिए गए हैं।

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एक: दुनिया में आज मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम, मेड इन बांग्लादेश मिलेगा, लेकिन मेड इन इंडिया नहीं मिलेगा। क्योंकि नोटबंदी और गलत GST ने मैन्यूफैक्चरिंग सिस्टम को खत्म कर दिया है।

दो: स्टार्टअप इंडिया कहां चला गया। हिंदुस्तान के बैंक आपको एक रुपया नही देंगे, अंबानी-अडाणी को लाखों करोड रुपए देंगे। छोटे व्यापारियों को बैंक लोन नहीं मिलता।

तीन: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले 150 कैंडिडेंट्स में से सिर्फ 1 युवा को सरकारी नौकरी मिलती है।

चार: पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट करने से नौकरी खत्म हो गईं। 2014 से पहले जिन पब्लिक सेक्टर में 14 लाख जॉब थी, 2026 में सिर्फ 7 लाख बचीं।

पांच: कॉर्पोरेट जॉब में AI की वजह से नौकरी खत्म हो गई हैं।

Rahul Gandhi in Prayagraj

प्रयागराज प्रोटेस्‍ट में राहुल की खास बातें

  • भारत के करीब 40 करोड युवा देश की असली ताकत।
  • सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता।
  • 1 हजार युवाओं में से सिर्फ 12 को स्‍थाई नौकरी मिलती है।
  • युवाओं का डेटा बडी कंपनियों को दिया जाता है।
  • रील बनाना 21वीं सदी का नशा है।
  • राहुल बोले, स्‍टूडेंट पढाई में पैसा खर्च करता है, लेकिन नौकरी के दरवाजें बंद हैं।
  • न मैन्‍यूफैक्‍चरिंग है, न स्‍टार्टअप्‍स, न सरकारी नौकरी।

राहुल बोले-स्टूडेंट के दिल में मोहब्बत होनी चाहिए : राहुल बोले- तो ये थी बिहार और यूपी की आवाज। अब मैंने आपसे कहा कि आपने अंधेरे में टार्च जला दी। आप सब बात समझ गए। स्टूडेंट के दिल में नफरत नहीं मोहब्बत होनी चाहिए। मैंने पिछली स्लाइड में मोदी, भागवत, अडाणी की फोटो दिखाई, लेकिन आपको सिस्टम को खत्म टाटा बॉय बॉय करना है। ये सब आपको प्यार के साथ करना है। मैं आपके साथ खड़ा हूं और आगे भी रहूंगा।
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राहुल से छात्रा ने कहा- पुलिस ने एके-47 चलाई
राहुल ने बिहार की छात्रा से बात की। उसने बताया- बिहार पुलिस ने पटना में प्रदर्शनकारियों को पीटा। 23 जुलाई को हमने एक और प्रोटेस्ट रखा। लेकिन उससे पहले पुलिस और RAF मौजूद था। फिर अगले दिन सिवान में पुलिस ने एके-47 चलाई। एक छात्र की मौत हो गई। 25 जुलाई को आप जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे थे। तब हम बिहार में डरे बैठे थे, कब कहां से पुलिस हमें उठा ले जाए। लाइब्रेरी से छात्रों को ले गई।

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राहुल ने पटना के छात्र से सुनी प्रदर्शन की कहानी
एक छात्र ने स्टेज पर आकर बताया कि 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान हमारे ऊपर पुलिस वालों ने लाठीचार्ज किया। उनका टारगेट था सिर पर मारो या पैर में। आंसू गैस के गोले छोड़े। इनकी वर्दी में बैच भी नहीं थे। ये एंबुलेंस नहीं आने दे रहे थे। थ्री इडियट मूवी की तरह स्कूटी में अस्पताल ले गया। बाद में मुझे 15 घंटे थाने में बिठाया गया। हम पहले नौकरी के लिए आंदोलन करें, फिर पेपर के लिए करें, फिर रिजल्ट के लिए करें। अरे हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी हैं। हम बिहारी हैं सत्ता पलट भी सकते हैं। राहुल बोले, मैं भी जब पहली बार बोला था, नर्वस था। आप यहां खुलकर बोले, घर की तरह।

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cjp protest jantar mantar

झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत का दौर चला।

लेकिन यह बैठक भी पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

दरअसल, शनिवार को झारखंड सरकार की ओर से गठित मंत्रियों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। सरकार की तरफ से आंदोलन को खत्म कराने और बीच का रास्ता निकालने की पुरजोर कोशिश की गई। हालांकि, छात्र अपनी पुरानी और प्रमुख मांगों पर अड़े रहे।

सरकार की दलीलें और आश्वासन छात्रों को संतुष्ट करने में नाकामयाब रहे, जिसके चलते बातचीत का यह दौर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका। इससे पहले शुक्रवार देर रात सरकार और छात्रों के बीच पहली बातचीत हुई, जो बेनतीजा रही। वहीं आज दूसरी दौर की बातचीत से भी कोई सहमति नहीं बन पाई है।

बातचीत नाकामयाब होने के बावजूद बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। प्रोटेस्ट को खत्म कराने और मामले का कोई व्यावहारिक हल निकालने के लिए सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला अभी जारी रहेगा।

मंत्री संजय यादव ने मीडिया को जानकारी दी है कि कल रविवार दोपहर 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक और दौर होगा। इस अगली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार इस बार छात्रों के गुस्से को शांत करने और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कराने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर सकती है।

गौरतलब है कि झारखंड में JPSC और JSSC जैसे कई कॉम्पिटीटव एग्जाम्स के दौरान कथित पेपर लीक और नियुक्तियों में धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से सड़कों पर हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में डटे हुए हैं। वे सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाई जाए, पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

मृतक राजा रघुवंशी के दोनों भाइयों को उठाकर पुलिस ने भेजा जेल, ढाबे पर कर रहे थे ये काम, पुलिस जांच में जुटी

raja raghuwanshi

मध्य प्रदेश इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इंदौर पुलिस ने मृतक राजा रघुवंशी के दोनों भाइयों विपिन रघुवंशी और सचिन रघुवंशी पर कार्रवाई करते हुए उनको गिरफ्तार किया है। दोनों पर बिना वैध लाइसेंस के ग्राहकों को अवैध रूप से शराब परोसने का आरोप है।

मामला इंदौर के राउ थाना क्षेत्र का है। पुलिस को पिछले काफी दिनों मुखबिर से यह सूचना मिल रही थी कि कैंट रोड पर 'राजा भोज ढाबे' पर बिना अनुमति शराब परोसी जा रही है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां पर दबिश देते हुए बड़ी मात्रा में शराब बरामद की है। साथ ही ढाबा संचालक द्वारा पुलिस को ढाबे पर मौजूद कर्मचारियों की जानकारी भी नहीं दी गई थी। जिसको लेकर ढाबा संचालक और उसके मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

ढाबे पर बिना अनुमति पर शराब पिलाई जा रही थी इस ढाबे का संचालन ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और सचिन रघुवंशी द्वारा किया जा रहा था। जिसको लेकर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। वहीं इस पूरे मामले में पुलिस दोनों भाइयों के आपराधिक रिकार्ड को भी खंगाल रही है।

डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है “मामले में काफी बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है। जिस ढाबे पर कार्रवाई की गई है उसका संचालन मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के नाम पर उनके दोनों भाइयों द्वारा किया जा रहा था”

बता दें कारोबारी राजा रघुवंशी की मई 2025 में हनीमून ट्रिप के दौरान मेघालय में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। करीब 14 महीने से यह मामला कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका निरस्त होने के बाद सोनम रघुवंशी ने सरेंडर किया था।

प्रयागराज में राहुल गांधी की गूंज, छात्रों के बीच खोला रोजगार के ‘5 बंद दरवाजों’ का सच

Rahul Gandhi in Prayagraj

Rahul Gandhi in Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं और छात्रों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान भारी बारिश और जलभराव के बीच उमड़े युवाओं के हुजूम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में युवाओं के रोजगार के सभी 5 प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि आज डिग्री और सर्टिफिकेट का कोई मोल नहीं रह गया है क्योंकि व्यवस्था युवाओं से उनका डेटा और मेहनत छीनकर चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है।

 

राहुल गांधी ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली की बदहाली पर सीधा सवाल उठाया। कीचड़ और जलजमाव के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर डटे हजारों छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए राहुल ने कहा कि देश की असल ताकत यहां का युवा है, लेकिन वर्तमान नीतियां उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रही हैं। ALSO READ: 'क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए?' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर शशि थरूर का बड़ा बयान

 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे ज्यादा डेटा है। आपके डेटा के बिना एआई (AI) का कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन आपका डेटा छीनकर बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है। आज आप लाखों रुपए खर्च करके इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, लेकिन उन सर्टिफिकेट्स का कोई मतलब नहीं बचा क्योंकि वे आपको नौकरी की गारंटी नहीं दे पाते। ALSO READ: झारखंड छात्र आंदोलन : 14वें दिन राहुल गांधी की एंट्री, बोले 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है'

'5 दरवाजे' जो अब हो चुके हैं बंद

छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने विस्तार से समझाया कि कैसे देश के युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते एक-एक करके बंद कर दिए गए। 

 

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर : नोटबंदी और जीएसटी जैसी नीतियों ने देश के छोटे उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कमर तोड़ दी। आज बाजार में 'मेड इन चाइना' दिखता है, लेकिन 'मेड इन इंडिया' गायब है।

 

स्टार्टअप और बैंक लोन : सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को बैंक एक रुपए का लोन देने को तैयार नहीं हैं, जबकि देश का सारा वित्तीय सपोर्ट और लोन चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को दिया जा रहा है।

 

सरकारी नौकरी और पेपर लीक : सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को सबसे पहले 'पेपर लीक' के माफिया से जूझना पड़ता है। स्थिति यह है कि 150 में से किसी एक युवा को ही नौकरी मिल पाती है।

 

पब्लिक सेक्टर का निजीकरण : जो पीएसयू (Public Sector) 10 साल पहले लाखों युवाओं को नौकरियां देते थे, उन्हें धीरे-धीरे प्राइवेट हाथों में सौंप दिया गया या बंद कर दिया गया।

 

प्राइवेट सेक्टर और AI का खतरा : अब पांचवां दरवाजा यानी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से तेजी से सिकुड़ रही हैं।

नफरत से नहीं, प्यार से बदलेंगे व्यवस्था

देश भर में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने डर का सामना करते हुए अंधेरे में रोशनी जलाई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि हम कभी भी नफरत या हिंसा का सहारा नहीं लेंगे। हम प्यार और अहिंसा के रास्ते पर चलकर इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बदलेंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि देश के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने पर कुछ चुनिंदा लोगों का कब्जा हो चुका है और युवाओं का ध्यान भटकाकर देश की संस्थाओं में एक विशेष विचारधारा के लोगों को बैठाया जा रहा है।

जापान के बाद 162 KMPH की रफ्तार से चीन की ओर बढ़ा टाइफून डॉल्फिन, चीन में अलर्ट, बंदरगाह, स्कूल बंद, उड़ानें रद्द

Typhoon Dolphin

जापान के बाद अब टाइफून डॉल्फिन तकरीबन 162 KMPH की रफ्तार से चीन की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद नागरिकों में दहशत है। इसके चलते चीन में अलर्ट जारी किया गया है। वहां के बंदरगाह बंद कर दिए गए हैं। स्‍कूल की छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। बता दें कि कई लोग इस तूफान से हताहत हुए हैं।

वहीं, टाइफून डॉल्फिन ने जापान के ओकिनावा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। हजारों इमारतों की बिजली गुल हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। अब यह तूफान चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है।

बता दें कि जापान के बाद 162 KMPH की रफ्तार से चीन की ओर बढ़ा टाइफून डॉल्फिन, बंदरगाह और उड़ानें बंदटाइफून डॉल्फिन चीन की तरफ बढ़ रहा है। पूर्वी एशिया में रिकॉर्ड गर्मी के बीच टाइफून डॉल्फिन ने जापान के दक्षिणी हिस्से में भारी असर डाला है। ओकिनावा और कागोशिमा प्रांत के अमामी द्वीप सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते कई लोग घायल हुए हैं जबकि हजारों इमारतों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।

तेज हवाओं से घायल कई लोग : स्थानीय प्रशासन के अनुसार ओकिनावा में कई लोग घायल हुए हैं। इनमें अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं जो तेज हवाओं के कारण गिर पड़े। हालांकि किसी की भी हालत गंभीर नहीं बताई गई है। तूफान के चलते बड़ी संख्या में घरों और व्यावसायिक भवनों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण जापान में कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। ओकिनावा आने-जाने वाली सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

तेजी से ताकतवर बना डॉल्फिन : टाइफून डॉल्फिन की शुरुआत 26 जुलाई को एक उष्णकटिबंधीय दबाव क्षेत्र के रूप में हुई थी। कुछ ही दिनों में यह ट्रॉपिकल स्टॉर्म, फिर सीवियर ट्रॉपिकल स्टॉर्म और बाद में शक्तिशाली टाइफून में बदल गया। शनिवार को यह ओकिनावा के कुमे द्वीप से करीब 160 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसकी अधिकतम सतत हवा की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई जबकि झोंकों की गति 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।

चीन में अलर्ट, बंदरगाह और स्कूल बंद : तूफान के चीन की ओर बढ़ने के साथ ही वहां प्रशासन हाई अलर्ट पर है। चीन ने आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली लागू कर दी है। झेजियांग प्रांत ने तटीय क्षेत्रों में उच्चतम स्तर की चेतावनी जारी करते हुए बंदरगाह संचालन रोक दिया है। निंगबो शहर में स्कूल, शैक्षणिक संस्थान और जल संबंधी सभी गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। निंगबो लिशे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने रविवार की सभी उड़ानें निलंबित करने की घोषणा की है।

तटीय इलाकों में खतरा बढ़ा : शंघाई के यांगशान बंदरगाह से जहाजों को हटा दिया गया है। यांग्त्जे नदी डेल्टा क्षेत्र में कुछ रेल सेवाएं भी स्थगित की जा रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 अगस्त तक पूर्वी चीन में तेज बारिश और तूफानी हवाएं जारी रह सकती हैं। कुछ इलाकों में 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

तूफान के प्रभाव से ताइवान में भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उत्तरी ताइवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर निकासी के आदेश नहीं दिए गए हैं। चीन के मौसम विभाग के अनुसार टाइफून डॉल्फिन रविवार देर रात से सोमवार सुबह के बीच चीन के पूर्वी तट से टकरा सकता है। इसके झेजियांग प्रांत के झोउशान शहर और फुजियान प्रांत के फुडिंग शहर के बीच लैंडफॉल करने की सबसे अधिक संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

70 साल तक बेबस रही शहीद ठाकुर रोशन सिंह की धरती, फिर CM योगी ने मिटा दिया तीन पीढ़ियों का दर्द

bridge over the Khannaut River in UP: देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अमर शहीद क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह की जन्मभूमि आजाद भारत में भी दशकों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहने का दर्द सहती रही। जिस गांव की मिट्टी ने देश को ऐसा वीर सपूत दिया, उसी गांव की तीन पीढ़ियां हर साल बारिश के मौसम में दुनिया से कट जाने की मजबूरी झेलती रहीं। सरकारें बदलती रहीं, लेकिन उनकी यह पीड़ा बनी रही। आखिरकार, उनका यह दर्द महसूस किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने। 

 

उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर जैसे ही यह मामला सीएम योगी के संज्ञान में आया, उन्होंने खन्नौत नदी पर पीपे के बजाय पक्के पुल का निर्माण कराया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री पुल के उद्घाटन पर स्वयं शहीद के पैतृक गांव नवादा पहुंचे और ठाकुर रोशन सिंह के परिवार से मिले। वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखों में सीएम के प्रति कृतज्ञता के भाव से आंसू छलक उठे। यह सिर्फ एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि शहादत को मिले सम्मान और वर्षों की उपेक्षा के अंत का भावुक क्षण था।

 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह का नाम अमर बलिदानियों में दर्ज है। उनका जन्म 19 दिसंबर 1892 को शाहजहांपुर जिले के नवादा गांव में ठाकुर जंगी सिंह और कौशल्या देवी के घर हुआ था। बचपन से ही वह अदम्य साहसी, कुशल पहलवान व अचूक निशानेबाज थे। वह युवावस्था में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़े और बाद में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचआरए) के सक्रिय क्रांतिकारी बन गए। 

बरेली में छीन ली अंग्रेज अफसर की बंदूक

1922 में चौरी-चौरा कांड के विरोध में बरेली में हुए प्रदर्शन के दौरान अंग्रेजों ने लाठीचार्ज किया। इसी दौरान रोशन सिंह भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़े और एक अंग्रेज अधिकारी की बंदूक छीन ली। उन्होंने हवा में फायरिंग कर लाठीचार्ज रुकवाया। इस घटना के बाद ब्रिटिश सरकार ने उन्हें दो वर्ष की कठोर कैद की सजा दी। जेल से रिहा होने के बाद उनका झुकाव पूरी तरह क्रांतिकारी आंदोलन की ओर हो गया और वह अंग्रेज हुकूमत की आंख की किरकिरी बन गए।

काकोरी कांड से भी जुड़ा नाम

दिसंबर 1924 में एचआरए ने संगठन के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से पीलीभीत की बिसलपुर तहसील के बमरौली गांव में कार्रवाई की। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। ठाकुर रोशन सिंह पर हत्या का मामला दर्ज किया गया, लेकिन वह अंग्रेजों के हाथ नहीं आए। बाद में 1925 के काकोरी कांड के बाद ब्रिटिश सरकार ने ठाकुर रोशन सिंह को भी गिरफ्तार कर मुकदमे में शामिल किया। भले ही वह काकोरी ट्रेन लूट की घटना में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं थे, लेकिन संगठन से जुड़े होने के कारण उन्हें भी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां व राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के साथ दोषी ठहराया गया।

मुझे भी वही सजा दो जो बिस्मिल को मिली

अदालत में जब उन्हें विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई जा रही थी, तब रोशन सिंह ने निर्भीक होकर कहा कि मुझे भी वही सजा दो जो बिस्मिल को मिली है। आखिरकार जज ने उन्हें फांसी की सजा सुना दी। 19 दिसंबर 1927 को प्रयागराज की नैनी जेल में उन्होंने गीता का पाठ करने के उपरांत वंदे मातरम् का गगनभेदी उद्घोष करते हुए फांसी के फंदे को चूम लिया।

आजादी मिली, लेकिन शहीद का गांव तरसता रहा

देश आजाद हो गया, लेकिन क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह का पैतृक गांव नवादा दशकों तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा। खन्नौत नदी पर पुल न होने के कारण हर भारी बारिश और बाढ़ की वजह से पूरा इलाका चार से पांच महीने तक मुख्य मार्गों से कट जाता था। मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे, बच्चों की पढ़ाई रुक जाती थी और किसानों की फसल समय पर बाजारों तक नहीं पहुंच पाती थी। यह दर्द गांव की एक नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों ने लगतार दशकों तक झेला।

 

सीएम योगी के फैसले से बदली गांव की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश की बागडोर संभालने के कुछ समय बाद ही नवादा गांव के लोग उनसे मिले। इन लोगों ने मुख्यमंत्री को गांव की पीड़ा से अवगत कराते हुए खन्नौत नदी पर पीपे का पुल बनवाने का अनुरोध किया। अमर शहीद के गांव की उपेक्षा से द्रवित सीएम ने 25 फरवरी 2018 को शाहजहांपुर में विकास परियोजनाओं के साथ खन्नौत नदी पर पक्के पुल, सड़कों व डिग्री कॉलेज जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी।

पक्का पुल बनने के बाद 30 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री स्वयं नवादा गांव में ठाकुर रोशन सिंह के पैतृक घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शहीद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान किया। योगी आदित्यनाथ का भाव देखकर वर्षों से उपेक्षा झेल रहे शहीद के परिजन और ग्रामीण भावुक हो उठे। कई बुजुर्गों की आंखों से आंसू छलक पड़े। गांव वालों के लिए यह सिर्फ मुख्यमंत्री का दौरा नहीं, बल्कि उस बलिदान का सम्मान था, जिसकी प्रतीक्षा दशकों से थी।

पूरे इलाके की लाइफलाइन है खन्नौत पुल

खन्नौत नदी पर बना पक्का पुल आज नवादा दरोवस्त और आसपास के गांवों के लिए नई जिंदगी बन चुका है। अब एम्बुलेंस समय पर पहुंच रही है, छात्र आसानी से स्कूल और कॉलेज जा रहे हैं और किसानों की उपज बाजारों तक पहुंचने लगी है। गांव में डिग्री कॉलेज और शहीद के घर को स्मारक के रूप में विकसित किए जाने से नई पीढ़ी को भी उनके बलिदान से प्रेरणा मिल रही है। क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह की जन्मभूमि की यह कहानी सिर्फ एक पुल बनने की नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक सम्मान की है, जिसका इंतजार गांव की तीन पीढ़ियां करती रहीं। आज वह दर्द इतिहास बन चुका है और नवादा की धरती आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशभक्ति, बलिदान और सम्मान का संदेश देती रहेगी।

भोलेनाथ के भक्तों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने की पुष्पवर्षा

CM Yogi Adityanath

CM Yogi showering flower petals: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास की दशमी तिथि में भोलेबाबा के भक्तों पर श्रद्धा के पुष्प बरसाए। गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ रामायण सीरियल में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले मेरठ के सांसद अरुण गोविल समेत सभी जनप्रतिनिधियों ने आस्था को सम्मान देते हुए शिवभक्त कांवड़ यात्रियों पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। इसके साथ ही पूरे कांवड़ मार्ग पर हेलिकॉप्टर से भी शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। इस मौके पर कांवड़ यात्रियों के ‘हर-हर, बम-बम’ के उद्घोष से पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को भक्ति, समर्पण, सामाजिक व राष्ट्रीय एकता और समरसता का अनुपम उदाहरण बताया। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से समस्त शिवभक्त कांवड़ यात्रियों का स्वागत व अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर से किया कांवड़ मार्ग का अवलोकन 

आयोजन स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलिकॉप्टर से कांवड़ यात्रा का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए भोलेबाबा के भक्तों की श्रद्धा को नमन किया और प्रशासनिक अधिकारियों को कांवड़ यात्रियों की नियमित सुरक्षा, सम्मान, सुविधा आदि की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

चारों ओर ‘हर-हर बम-बम’ की गूंज 

पवित्र गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने निकले कांवड़ यात्रियों द्वारा हर-हर बम-बम की गूंज से समूचा पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भोले के भक्तों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें अहसास कराया कि यह आस्था का सम्मान करने वाली सरकार है। 

झांकी में विभिन्न स्वरूप में दिखे बाबा के गण

कांवड़ यात्रा में निकली झांकी में ‘बाबा के गण’ विभिन्न स्वरूपों में भोले की मस्ती में डूबे दिखे। कोई भगवान भोलेनाथ की यात्रा में झूम रहा था तो कोई कार्तिकेय, गणेश के स्वरूप में शिवपरिवार के प्रति श्रद्धा निवेदित कर रहा था। भूत-प्रेत के स्वरूप में भी बाबा के गण रथ पर सवार रहे। बम भोले-बम भोले, बम-बम-बम समेत भोलेनाथ के विभिन्न गीतों पर श्रद्धालु जमकर थिरकते रहे। जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे, दुनिया में फिर से हम भगवा लहराएंगे आदि गीत भी पूरे माहौल को भगवामय कर रहे थे। यहां उपस्थित तमाम श्रद्धालु व आमजन भी आस्था, उमंग व उत्साह के इस पल को मोबाइल में कैद करते दिखाई दिए। 

UP Kanwar yatra

भक्ति, समर्पण, एकता व समरसता का जीवंत उदाहरण 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि श्रावण मास में पावन कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। शिवभक्त कांवड़ यात्री हरिद्वार में हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर पवित्र शिवालयों में जलाभिषेक करने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इस अभियान से लाखों शिवभक्त जुड़े हैं। आशा है कि गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच चार-साढ़े चार करोड़ शिवभक्त सावन की शिवरात्रि तक इस कांवड़ यात्रा के संग गंगाजल लेकर पवित्र शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरनगर के शिवचौक में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। मेरठ में मुझे जनप्रतिनिधियों संग कांवड़यात्रियों पर पुष्पवर्षा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में बाबा औघड़नाथ मंदिर, गाजियाबाद में बाबा दूधेश्वर नाथ मंदिर, बागपत में पुरा महादेव मंदिर के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के भी लाखों शिवभक्त श्रद्धा व उत्साहवर्धन के साथ कांवड़ यात्रा का हिस्सा बने हैं। 

 

सीएम योगी ने कहा कि हम सभी पूरी तत्परता से कांवड़ यात्रियों के स्वागत व सुरक्षा के लिए तैयार हैं। देवाधिदेव महादेव के प्रति श्रद्धा के साथ सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर रहे शिवभक्त भक्ति, समर्पण, सामाजिक व राष्ट्रीय एकता और समरसता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। जात-पात, क्षेत्र व प्रांत की सीमाओं से ऊपर उठकर उनकी हर श्वांस शिव के नाम है। 

 

सीएम ने कहा कि यहां उत्साह, उमंग का माहौल है। प्रशासन ने मुस्तैदी के साथ सुरक्षा की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन, सेक्टर मजिस्ट्रेट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मी, जोन, रेंज, जनपद, थाना स्तर के साथ ही तमाम पुलिस अधिकारी भी श्रद्धाभाव के साथ अभियान का हिस्सा बनकर सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। समाजसेवी-धर्मार्थ संगठन जगह-जगह शिविरों के माध्यम से कांवड़ यात्रियों की श्रद्धा व सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं। सीएम ने इन सभी संगठनों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया। 

 

सीएम ने इसे भक्ति की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि कांवड़ यात्रियों पर आज, कल व परसों (शिवरात्रि) तक हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी। सीएम ने देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन रहे शिवभक्तों की कामना को पूर्ण करें और प्रदेश-देश में सुख-शांति व सौहार्द का माहौल बनाने के लिए सर्वदा उनकी कृपा बनी रहे। 

 

इस दौरान मेरठ के सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश सरकार के मंत्री सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटिक, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधान परिषद सदस्य अश्विनी त्यागी, पूर्व विधायक संगीत सोम, भाजपा नेता सुनील भराला आदि मौजूद रहे।