
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में दर्द, डेटा और दौलत की बात की। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा नौकरी के लिए तरस रहा है। न मैन्यूफैक्चरिंग में, न स्टार्टअप्स में और न ही सरकारी नौकरी है। जबकि 40 करोड युवा देश की असली ताकत है। हालांकि उन्होंने कहा कि आज नौजवानों ने जो ताकत दिखाई, वो काबिल ए तारीफ है। राहुल गांधी ने कहा कि आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत की बात करना चाहता हूं। आपका दर्द, आपका डेटा, मगर आपका धन नहीं, जो आपका होना चाहिए।
राहुल ने इस दौरान मंच पर 7 से ज्यादा छात्र-छात्राओं से बात की। उनसे शिक्षा, रोजगार से जुड़े सवाल किए। उनके साथ प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद थीं। इस कार्यक्रम में यूपी के 23 जिलों से छात्रों को बुलाया गया था।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे। वहां उन्होंने छात्रों की गूंज कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और युवा शक्ति का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर बोला कि आज के नौजवान ने जो हिम्मत दिखाई है, वो काबिले तारीफ है।
राहुल गांधी ने कहा कि आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत की बात करना चाहता हूं। आपका दर्द, आपका डेटा, मगर आपका धन नहीं, जो आपका होना चाहिए। आप भारत की शक्ति हो, भारत की शान हो, भारत की स्ट्रेंथ हो। और जब मैं कहता हूं आप भारत की शक्ति हो, भारत की स्ट्रेंथ हो। मैं हर हिंदुस्तान के नागरिक, हर यूथ की बात कर रहा हूं।
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इंडिविजुअल्स की बात कर रहा हूं। आप सब में इंटेलिजेंस है, इमेजिनेशन है, कैपेसिटी है। और अगर ये देश आगे बढ़ेगा, तो आपके बल पर, आपकी स्ट्रेंथ पर इस देश का फ्यूचर बनेगा। इस युवा ने जो कहा है, वो हिंदुस्तान के युवाओं के दिल की बात है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आप जैसे एनर्जेटिक युवा इस देश में रहते हैं, ये इस देश की स्ट्रेंथ है। चाइना की बात होती है, अमेरिका की बात होती है, रशिया की बात होती है, इंडिया के यूथ के सामने, इंडिया के यूथ पोटेंशियल के सामने ये सब लोग कुछ नहीं है। एक और चीज हुई है। 21वीं सदी में अगर देश प्रगति करता है तो दो चीजों के बल पर करता है। यूथ पोटेंशियल जो आप में है और डेटा जो आप क्रिएट करते हो।
कांग्रेस नेता बोलते हैं कि डेटा से आप एआई बना सकते हो। मगर एआई से आप डेटा पैदा नहीं करते हो कर सकते हो। और ये डेटा ये डेटा हिंदुस्तान का है और आपका है। आप इसको क्रिएट करते हो। ये आप बनाते हो, ये आपका इमेजिनेशन है। ये हिंदुस्तान की पूंजी है, स्ट्रेंथ है, एसेट है।
राहुल ने कहा कि युवाओं के लिए पांच दरवाजे थे, वो सारे बंद कर दिए गए हैं।
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एक: दुनिया में आज मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम, मेड इन बांग्लादेश मिलेगा, लेकिन मेड इन इंडिया नहीं मिलेगा। क्योंकि नोटबंदी और गलत GST ने मैन्यूफैक्चरिंग सिस्टम को खत्म कर दिया है।
दो: स्टार्टअप इंडिया कहां चला गया। हिंदुस्तान के बैंक आपको एक रुपया नही देंगे, अंबानी-अडाणी को लाखों करोड रुपए देंगे। छोटे व्यापारियों को बैंक लोन नहीं मिलता।
तीन: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले 150 कैंडिडेंट्स में से सिर्फ 1 युवा को सरकारी नौकरी मिलती है।
चार: पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट करने से नौकरी खत्म हो गईं। 2014 से पहले जिन पब्लिक सेक्टर में 14 लाख जॉब थी, 2026 में सिर्फ 7 लाख बचीं।
पांच: कॉर्पोरेट जॉब में AI की वजह से नौकरी खत्म हो गई हैं।

प्रयागराज प्रोटेस्ट में राहुल की खास बातें
- भारत के करीब 40 करोड युवा देश की असली ताकत।
- सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता।
- 1 हजार युवाओं में से सिर्फ 12 को स्थाई नौकरी मिलती है।
- युवाओं का डेटा बडी कंपनियों को दिया जाता है।
- रील बनाना 21वीं सदी का नशा है।
- राहुल बोले, स्टूडेंट पढाई में पैसा खर्च करता है, लेकिन नौकरी के दरवाजें बंद हैं।
- न मैन्यूफैक्चरिंग है, न स्टार्टअप्स, न सरकारी नौकरी।
राहुल बोले-स्टूडेंट के दिल में मोहब्बत होनी चाहिए : राहुल बोले- तो ये थी बिहार और यूपी की आवाज। अब मैंने आपसे कहा कि आपने अंधेरे में टार्च जला दी। आप सब बात समझ गए। स्टूडेंट के दिल में नफरत नहीं मोहब्बत होनी चाहिए। मैंने पिछली स्लाइड में मोदी, भागवत, अडाणी की फोटो दिखाई, लेकिन आपको सिस्टम को खत्म टाटा बॉय बॉय करना है। ये सब आपको प्यार के साथ करना है। मैं आपके साथ खड़ा हूं और आगे भी रहूंगा।
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राहुल से छात्रा ने कहा- पुलिस ने एके-47 चलाई
राहुल ने बिहार की छात्रा से बात की। उसने बताया- बिहार पुलिस ने पटना में प्रदर्शनकारियों को पीटा। 23 जुलाई को हमने एक और प्रोटेस्ट रखा। लेकिन उससे पहले पुलिस और RAF मौजूद था। फिर अगले दिन सिवान में पुलिस ने एके-47 चलाई। एक छात्र की मौत हो गई। 25 जुलाई को आप जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे थे। तब हम बिहार में डरे बैठे थे, कब कहां से पुलिस हमें उठा ले जाए। लाइब्रेरी से छात्रों को ले गई।
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राहुल ने पटना के छात्र से सुनी प्रदर्शन की कहानी
एक छात्र ने स्टेज पर आकर बताया कि 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान हमारे ऊपर पुलिस वालों ने लाठीचार्ज किया। उनका टारगेट था सिर पर मारो या पैर में। आंसू गैस के गोले छोड़े। इनकी वर्दी में बैच भी नहीं थे। ये एंबुलेंस नहीं आने दे रहे थे। थ्री इडियट मूवी की तरह स्कूटी में अस्पताल ले गया। बाद में मुझे 15 घंटे थाने में बिठाया गया। हम पहले नौकरी के लिए आंदोलन करें, फिर पेपर के लिए करें, फिर रिजल्ट के लिए करें। अरे हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी हैं। हम बिहारी हैं सत्ता पलट भी सकते हैं। राहुल बोले, मैं भी जब पहली बार बोला था, नर्वस था। आप यहां खुलकर बोले, घर की तरह।

