
Rahul Gandhi in Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं और छात्रों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान भारी बारिश और जलभराव के बीच उमड़े युवाओं के हुजूम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में युवाओं के रोजगार के सभी 5 प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि आज डिग्री और सर्टिफिकेट का कोई मोल नहीं रह गया है क्योंकि व्यवस्था युवाओं से उनका डेटा और मेहनत छीनकर चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है।
राहुल गांधी ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली की बदहाली पर सीधा सवाल उठाया। कीचड़ और जलजमाव के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर डटे हजारों छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए राहुल ने कहा कि देश की असल ताकत यहां का युवा है, लेकिन वर्तमान नीतियां उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रही हैं। ALSO READ: 'क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए?' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर शशि थरूर का बड़ा बयान
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे ज्यादा डेटा है। आपके डेटा के बिना एआई (AI) का कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन आपका डेटा छीनकर बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है। आज आप लाखों रुपए खर्च करके इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, लेकिन उन सर्टिफिकेट्स का कोई मतलब नहीं बचा क्योंकि वे आपको नौकरी की गारंटी नहीं दे पाते। ALSO READ: झारखंड छात्र आंदोलन : 14वें दिन राहुल गांधी की एंट्री, बोले 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है'
हम नफरत और हिंसा से कभी काम नहीं करेंगे।
हिंदुस्तान का Culture सत्य और अहिंसा का है। किसी भी स्टूडेंट के दिल में नफरत नहीं, सिर्फ मोहब्बत होनी चाहिए।
हमें प्यार और मोहब्बत से इस करप्ट सिस्टम को खत्म.. टाटा, बाय-बाय करना है।
जो भी युवा अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, मैं उनके… pic.twitter.com/HlDRHUddQi
— Congress (@INCIndia) August 8, 2026
'5 दरवाजे' जो अब हो चुके हैं बंद
छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने विस्तार से समझाया कि कैसे देश के युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते एक-एक करके बंद कर दिए गए।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर : नोटबंदी और जीएसटी जैसी नीतियों ने देश के छोटे उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कमर तोड़ दी। आज बाजार में 'मेड इन चाइना' दिखता है, लेकिन 'मेड इन इंडिया' गायब है।
स्टार्टअप और बैंक लोन : सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को बैंक एक रुपए का लोन देने को तैयार नहीं हैं, जबकि देश का सारा वित्तीय सपोर्ट और लोन चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को दिया जा रहा है।
सरकारी नौकरी और पेपर लीक : सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को सबसे पहले 'पेपर लीक' के माफिया से जूझना पड़ता है। स्थिति यह है कि 150 में से किसी एक युवा को ही नौकरी मिल पाती है।
पब्लिक सेक्टर का निजीकरण : जो पीएसयू (Public Sector) 10 साल पहले लाखों युवाओं को नौकरियां देते थे, उन्हें धीरे-धीरे प्राइवेट हाथों में सौंप दिया गया या बंद कर दिया गया।
प्राइवेट सेक्टर और AI का खतरा : अब पांचवां दरवाजा यानी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से तेजी से सिकुड़ रही हैं।
नफरत से नहीं, प्यार से बदलेंगे व्यवस्था
देश भर में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने डर का सामना करते हुए अंधेरे में रोशनी जलाई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि हम कभी भी नफरत या हिंसा का सहारा नहीं लेंगे। हम प्यार और अहिंसा के रास्ते पर चलकर इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बदलेंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि देश के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने पर कुछ चुनिंदा लोगों का कब्जा हो चुका है और युवाओं का ध्यान भटकाकर देश की संस्थाओं में एक विशेष विचारधारा के लोगों को बैठाया जा रहा है।

