शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में बवाल, केसी वेणुगोपाल ने दी नसीहत, भाजपा नेता ने कसा यह तंज

Congress leader KC Venugopal issued warning regarding Shashi Tharoor's statement

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयानों से पार्टी में बवाल मच गया। दरअसल थरूर ने अपने बयान में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया था। इसमें उन्होंने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज के जरिए उठाया था, लेकिन हमें यह देखना होगा कि उन्हें उतनी सफलता क्यों नहीं मिली? हमें लोगों की नब्ज को समझने की जरूरत है। 

 

शशि थरूर ने दिया था यह बयान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयानों से पार्टी में बवाल मच गया। दरअसल थरूर ने अपने बयान में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया था। इसमें उन्होंने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज के जरिए उठाया था। 

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शशि थरूर ने लेकिन हमें यह देखना होगा कि उन्हें उतनी सफलता क्यों नहीं मिली? हमें लोगों की नब्ज को समझने की जरूरत है। कांग्रेस नेता थरूर ने कहा कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम जेन-जी के बीच उतना असर नहीं डाल सका, जितना 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों ने डाला था।

 

शशि थरूर के बयान पर क्‍या बोले केसी वेणुगोपाल?

थरूर के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने नसीहतभरे लहजे में कहा कि छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों में असली जेन-जी ने हिस्सा लिया था, इसलिए कांग्रेस के नेताओं को इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सावधान रहना चाहिए।

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वेणुगोपाल ने कहा, हम सभी को ध्यान रखना चाहिए। चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में। ऐसी टिप्पणी न करें, क्योंकि इससे सिर्फ भाजपा को खुशी मिलती है। हालांकि वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसी टिप्पणी की है।

 

अपने बयान पर शशि थरूर ने दी यह सफाई

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि नेताओं को युवाओं की बात सुननी चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए, क्योंकि भारतीय राजनीति में 'जेन ज़ेड' (Gen Z) और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) की भूमिका बहुत अहम होने वाली है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद यह बताना था कि राजनीतिक पार्टियों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को आकार देने की शक्ति हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए। 

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भाजपा नेता राम कदम ने कसा तंज

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा नेताओं ने भी निशाना साधा है। मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि थरूर कांग्रेस के विद्वान और अनुभवी नेता हैं और अगर वे राहुल गांधी के प्रयासों पर सवाल उठा रहे हैं, तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

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राम कदम ने कहा कि किसी भी वास्तविक मुद्दे को उठाने के लिए पारदर्शिता और सच्चाई जरूरी है। जनता यह आसानी से समझ लेती है कि कौन दिल से मुद्दा उठा रहा है और कौन केवल राजनीतिक दिखावा कर रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर अपनी पार्टी में स्वतंत्र राय रखने के लिए जाने जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रनायकों के परिजनों का किया सम्मान, शौर्यगाथा की पुस्तकों का भी हुआ विमोचन

Chief Minister Yogi honored the family members of national heroes

– ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सीएम योगी ने अमर शहीद वाटिका में किया त्रिवेणी पौधारोपण

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देखी काकोरी पर आधारित संगीतमय नाट्य प्रस्तुति

– मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित संगीतमय नाट्य प्रस्तुति भी देखी। इसमें कलाकारों ने ‘वंदे मातरम’, ‘हंसते-हंसते चूम लेंगे फांसी के फंदों को हम’, ‘चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं’, ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले’ आदि गीतों के जरिए राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया और काकोरी व स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को जीवंतता प्रदान की। कलाकारों की प्रस्तुति देख दर्शकों ने भी भारत माता की जयकार से पूरे पंडाल को गुंजायमान कर दिया।

यह नाट्य प्रस्तुति भारतेंदु नाट्य अकादमी के रंगमंडल द्वारा डॉ. सुमित श्रीवास्तव के निर्देशन में की गई। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों का किरदार निभाने वाले कलाकारों के अभिनय की सराहना की। उन्होंने बच्चों की पेंटिंग पर आधारित ‘वंदे मातरम’ और काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों-शासकीय अभिलेखों पर आधारित पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।

 

राष्ट्रनायकों के परिजनों को किया सम्मानित 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रनायकों व काकोरी के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता मनोज पांडेय के भाई मनमोहन पांडेय, लांस नायक केवलानंद द्विवेदी की धर्मपत्नी कमला द्विवेदी, राइफल मैन सुनील जंग की मां बीना जंग को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों व काकोरी के अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।

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इनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिव नारायण गुप्ता के नाती देवाशीष गुप्ता, रामकृष्ण खत्री के पौत्र रोहित खत्री, शचींद्र नाथ बख्शी की नातिन मीता बख्शी, ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र प्रियांशु सिंह व राजीव सिंह, अशफाक उल्ला खां के परिजन आफाक उल्ला खां, राजा सिंह की पुत्रवधू राजेश्वरी सिंह, कुंवर सिंह चौधरी की धर्मपत्नी लक्ष्मी देवी चौधरी आदि शामिल रहे। 

 

अमर शहीद वाटिका में त्रिवेणी का पौधरोपण

काकोरी शहीद स्मारक पर अमर शहीद वाटिका का विस्तारीकरण करते हुए इसमें 34 पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ के अंतर्गत त्रिवेणी (पीपल, बरगद, नीम) पौधे रोपे। उप मुख्यमंत्री, पर्यटन/संस्कृति मंत्री, महापौर समेत अन्य अतिथियों ने अशोक के पौधे लगाए। मुख्य वन संरक्षक (लखनऊ मंडल) रेणु सिंह, अवध वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय की देखरेख में यह पौधरोपण किया गया। 

 

राष्ट्रनायकों की प्रतिमा पर माल्यार्पण, बच्चों संग सेल्फी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रभक्ति की धुन के बीच सबसे पहले अमर शहीद चंद्रशेखर सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी ली और उन्हें चॉकलेट भी दी। सीएम ने अमर शहीदों की फोटो के सम्मुख दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर फोटो भी खिंचवाई।

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स्वतंत्रता संग्राम पर प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी के बारे में जानकारी ली और उपस्थित लोगों को बलिदानियों/राष्ट्रनायकों के कृतित्व-व्यक्तित्व आदि के बारे में भी बताया। संस्कृति व पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने सीएम योगी को प्रदर्शनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

राज्य ललित कला अकादमी की निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने भी अकादमी की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी के बारे में बताया। प्रदर्शनी में काकोरी से जुड़े घटनाक्रम को दर्शाते हुए राष्ट्रवीरों के चित्र भी प्रदर्शित किए गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देशविरोधी ताकतें : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath's statement regarding social media platforms

– काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष पर आयोजित शताब्दी समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी

– काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर प्रधानमंत्री मोदी ने क्रांतिकारियों को दिया सम्मान

– मुख्यमंत्री योगी की अपील- क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत आपसी फूट, षडयंत्र के कारण गुलाम हुआ था। क्षेत्र, जाति व भाषा के नाम पर भारत को कमजोर करने वाली ताकतें आज भी फूट डाल रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म षड्यंत्र का माध्यम हो गया है। देशविरोधी ताकतें इसका दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं। षड्यंत्र के तहत समाज को गुमराह करने करने का प्रयास हो रहा है। सीएम योगी रविवार को काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित शताब्दी समारोह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

 

क्रांतिकारियों ने दी थी चुनौती- भारत की धरती गुलामी नहीं करेगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं तिथि है। भारत माता के महान सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाकर चुनौती दी थी कि भारत की धरती गुलामी को हरगिज नहीं बर्दाश्त करेगी। इन क्रांतिकारियों ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से लेकर 1942 के ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन तक संघर्ष की लंबी श्रृंखला खड़ी की थी।

अंग्रेज भारत के लोगों की गाढ़ी कमाई लूटकर ब्रिटेन ले जाना चाहते थे, लेकिन इसी स्थान पर 9 अगस्त 1925 को पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने खजाने को अपने कब्जे में लेकर आजादी की लड़ाई को नई ऊंचाइयां प्रदान की थीं।  

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मुख्यमंत्री ने क्रांतिकारियों की वीरता को किया नमन 

मुख्यमंत्री ने क्रांतिकारी शचींद्र नाथ बख्शी व मन्मथ नाथ गुप्ता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे काशी में पैदा हुए थे। उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली। ब्रिटिशर ने उनकी जागीर को जब्त कर लिया था। शचींद्र नाथ सान्याल भी काशी में पैदा हुए और उन्होंने अंतिम सांस गोरखपुर में ली। पं. रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि आजाद हमेशा आजाद रहेगा, अंतिम दम तक अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते वह प्रयागराज की धरती पर शहीद हुए। इन क्रांतिकारियों का उद्देश्य भारत मां की आजादी के साथ ही गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर अंग्रेजों को भारत से भगाना और देश को आजाद कराना था। 

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स्वतंत्र भारत में सत्ता संभालने वालों ने क्रांतिकारियों को अपमानित किया 

मंच पर मुख्यमंत्री का दर्द भी झलका। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने तो काकोरी की घटना को डकैती कहा, लेकिन स्वतंत्र भारत में भी जिन लोगों के हाथों में सत्ता आई, उन्होंने भी काकोरी डकैती कांड के नाम पर इस घटना के क्रांतिकारियों को अपमानित किया। इन लोगों ने काकोरी ट्रेन एक्शन और चौरीचौरा की घटना को कमतर आंका। 1922 में गोरखपुर में चौरीचौरा की घटना हुई तो कांग्रेस ने आंदोलन स्थगित कर दिया और इससे मुंह मोड़ लिया। महामना मदन मोहन मालवीय ने चौरीचौरा की घटना में क्रांतिकारियों का मुकद्मा लड़ा।

 

तत्कालीन कांग्रेस नेताओं ने किया क्रांतिकारियों को सजा कराने का पाप 

सीएम योगी ने कहा कि अनेक क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास दिया गया। महान क्रांतिकारी शचींद्र नाथ बख्शी व मन्मथ नाथ गुप्ता को आजादी के बाद जो सम्मान मिलना चाहिए था, नहीं मिला। इन्हें सजा कराने का पाप वकालत करने वाले तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं ने किया था। जिन लोगों ने आमजन को अपने नायकों, क्रांतिकारियों से दूर रखा, उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी से अन्याय किया। नायकों पर गौरव की अनुभूति का अवसर न देना नौजवान पीढ़ी को आदर्श, गौरव और प्रेरणा से विमुख करने जैसा है।

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आजादी के बाद जिन लोगों ने सत्ता संभाली,  उन लोगों ने क्रांतिकारियों को अपमानित करने का पाप किया। काकोरी के शहीदों के अलावा चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना उदा देवी पासी, अवंती बाई, झलकारी बाई के नाम पर कोई स्मारक न बने, लोग इनका नाम भी न जानने पाएं, इसलिए इन क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नाम नहीं रखा गया। आजादी के बाद भी इसके लिए लगातार साजिशें की गईं।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया आजादी के नायकों को सम्मान 

सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने आजादी के नायकों को सम्मान दिया। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां के स्मारक को बढ़ाया गया। काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। इन क्रांतिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं। वरना आजादी के बाद एक ही परिवार/खानदान के नाम पर सभी योजनाओं का नामकरण होता था।

 

मुख्यमंत्री ने किया आह्वान- गुमनाम नायकों को खोजें

मुख्यमंत्री ने आमजन का आह्वान किया कि हम सभी क्रांतिकारियों को खोजें। हमारे गांव, क्षेत्र, जनपद आदि में अनेक गुमनाम नायक होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित किया। आजादी के बाद सत्तालोलुप लोगों ने अपने वैभव को देखा। क्रांतिकारियों को भुला दिया गया, उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया गया।

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देश, समाज के खिलाफ खूब षड्यंत्र हुआ और फिर से बांटने की साजिश प्रारंभ कर दी गई। सीएम ने अपील की कि क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनसे जुड़े स्मारकों की मरम्मत-सौंदर्यीकरण से जुड़ें और पुष्पांजलि देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।

 

क्रांतिकारियों की स्मृति में एक वर्ष में अनेक कार्यक्रम

सीएम ने कहा कि क्रांतिकारियों के लिए देश की आजादी की लड़ाई सर्वोपरि थी। उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। एक वर्ष में क्रांतिकारियों की स्मृतियों में अनेक कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब साकार होगी, जब सभी के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। अपनी मातृभूमि, भाषा, स्वदेशी उत्पादों को लेकर लोगों को जागरूक करें। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस है। इस दौरान हर घर में तिरंगा फहराना चाहिए और हर संस्था में वंदे मातरम का गान होना चाहिए। 

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इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल आदि मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा हुई हाईटेक : योगी सरकार में शिवभक्तों को एक क्लिक पर हर सुविधा

Kanwar Yatra in Uttar Pradesh goes high-tech, every facility available with single click

– मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ समेत पूरे प्रदेश में व्यवस्था चाक-चौबंद

– ऐप पर रूट मैप, मंदिर, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं के साथ भोजन, शिकायत या आपात स्थिति में तत्काल मदद

– कांवड़ यात्रा ऐप से जुड़ा फेसबुक, इंस्टा और एक्स, श्रद्धालुओं को मिल रही हर पल की अपडेट

– प्रदेश में महिला कांवड़ियों के लिए महिला डॉक्टरों से लैस बाइक एंबुलेंस तैनात

– बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और ई-रिक्शा की व्यवस्था

Kanwar Yatra News : उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब आस्था के साथ तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का भी संगम बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कांवड़ियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए प्रदेशभर में हाईटेक इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा ऐप के जरिए शिवभक्तों को एक क्लिक पर यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐप पर रूट मैप से लेकर मंदिर, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और भोजन तक की जानकारी मिल रही है। शिकायत या आपात स्थिति में भी श्रद्धालु इसके जरिए तत्काल मदद हासिल कर सकते हैं।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स को भी ऐप से जोड़ा गया है, जिससे कांवड़ियों तक यात्रा से जुड़ी पल-पल की अपडेट पहुंच रही है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ समेत कांवड़ यात्रा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल, भोजन, शौचालय और आवागमन की व्यवस्थाओं के साथ प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय है। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के जरिए यात्रा मार्गों की निगरानी की जा रही है, वहीं अधिकारी देर रात तक औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की लगातार पड़ताल कर रहे हैं।

 

बागपत में 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस्तेमाल किया ऐप

कांवड़ यात्रा ऐप श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि बागपत जिले में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु इस ऐप का इस्तेमाल कर चुके हैं। ऐप के माध्यम से कांवड़ियों को यात्रा मार्ग और रास्ते में उपलब्ध जरूरी सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है। इससे यात्रा के दौरान किसी सुविधा को खोजने के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ रहा है।

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उन्होंने बताया कि बागपत में 20 लाख से अधिक लोगों की सुरक्षित यात्रा के साथ ही भोजन और स्वास्थ्य संबंधी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को यात्रा के दबाव के अनुरूप तैयार किया है।

 

महिला कांवड़ियों के लिए बाइक एंबुलेंस पर महिला डॉक्टर

कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया गया है। बागपत में महिला कांवड़ियों के लिए महिला डॉक्टरों से लैस विशेष बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर ये बाइक एंबुलेंस कांवड़ मार्ग पर तेजी से पहुंचकर महिला श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा सकेंगी।

 

बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि 20 निजी अस्पतालों में यात्रियों की सहूलियत के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके अलावा 35 स्वास्थ्य कैंप कांवड़ यात्रियों की चिकित्सा सुविधा के लिए तैयार किए गए हैं। इससे यात्रा मार्ग पर किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति पैदा होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

 

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और ई-रिक्शा

यात्रा में शामिल बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर व्हीलचेयर और ई-रिक्शा तैनात किए गए हैं। इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर सहूलियत देना है, जिन्हें पैदल चलने या लंबी दूरी तय करने में परेशानी हो सकती है। योगी सरकार तकनीकी सुविधा के साथ ही हर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। पूरे प्रदेश में यात्रा मार्ग पर भोजन, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है।

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गाजियाबाद में कंट्रोल रूम से चप्पे-चप्पे पर नजर

गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक देर रात तक कांवड़ मार्ग का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान भोजन की व्यवस्था और विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल के साथ कंट्रोल रूम पहुंचकर तैयारियों का जायजा भी लिया जा रहा है।

नगर आयुक्त ने कांवड़ यात्रा से जुड़े अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम के जरिए कांवड़ मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही संबंधित टीम को सक्रिय कर उसका समाधान कराया जा सके।

 

कांवड़ मार्ग पर दीवारें भी बोल रहीं ‘हर-हर महादेव’

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग को केवल सुविधाजनक और सुरक्षित ही नहीं, बल्कि शिवमय स्वरूप भी दिया गया है। मार्ग की दीवारों पर भगवान शिव और कांवड़ यात्रा से जुड़ी कलाकृतियां उकेरी गई हैं। इससे कांवड़ मार्ग पर कला और आस्था का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। शिवभक्तों के स्वागत के लिए तैयार इन मार्गों पर जगह-जगह धार्मिक रंग नजर आ रहे हैं।

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सुरक्षा, सुविधा और तकनीक पर एक साथ जोर

योगी सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के साथ तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। कांवड़ यात्रा ऐप श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच सीधे संपर्क का माध्यम बन रहा है। एक ओर कांवड़ियों को यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी मोबाइल पर मिल रही है, वहीं दूसरी ओर कंट्रोल रूम और फील्ड में तैनात अधिकारी व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।

झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्‍यों ने दिया इस्‍तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?

Impact of student protest in Jharkhand, 3 JPSC members resign

Student protest case in Jharkhand : झारखंड के रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के 3 सदस्यों (अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर इन तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सीआईडी (CID) के समन और छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद यह कदम उठाया गया है।

 

राज्यपाल ने स्वीकार किए JPSC सदस्यों के इस्तीफे

झारखंड के रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के 3 सदस्यों (अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर इन तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सीआईडी (CID) के समन और छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद यह कदम उठाया गया है।

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छात्रों और सरकार के बीच आज भी हुई बैठक

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन मुख्य मांगों पर ठोस सहमति न बनने के कारण छात्र संगठनों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। रांची में छात्रों और सरकार के बीच आज भी बैठक हुई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। हालांकि बैठक में वास्तव में क्या फैसला हुआ, इसको लेकर सरकार या छात्र पक्ष की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सरकार के तैयार होने की बात सामने आई है। बैठक में सीआईडी की जांच रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर देने की बात कही गई है। सरकार ने छात्रों को बैठक में सामने आए प्रस्तावों पर विचार करने के लिए समय दिया है।

 

जारी रहेगा छात्रों का आंदोलन 

इससे पहले शनिवार को भी सरकार और छात्र संगठनों के बीच दिनभर बैठकों का दौर चला। आंदोलनकारियों ने साफ़ किया कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन का रविवार को यानी आज 16वां दिन है। झारखंड सरकार की 4 सदस्यीय मंत्रियों की टीम विभिन्न छात्र संगठनों और समूहों के साथ अलग-अलग दौर की वार्ता कर रही है। 

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आंदोलन को लेकर क्‍या बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन?

छात्रों के आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, युवा अपने अधिकारों के लिए विरोध और आंदोलन कर रहे हैं। हमारी सरकार की कार्रवाई की वजह से ही उनमें आगे आने, विरोध करने और अपना हक मांगने की हिम्मत आई है, क्योंकि हमने गड़बड़ियों को उजागर किया है। युवाओं को न्याय मिलेगा और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। 

CM योगी के साथ कांवड़ियों पर विधायक गुलाम मोहम्मद ने बरसाए फूल, UP में सियासत गरमाई, AIMIM ने उठाए सवाल

MLA Ghulam Mohammad showered flower petals on Kanwariyas, AIMIM raised questions

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करते नजर आए सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विधायक के कांवड़ियों पर फूल बरसाने को लेकर एआईएमआईएम ने सवाल खड़े करते हुए इसे सिवालखास की जनता के साथ विश्वासघात बताया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर मौजूद विधायक गुलाम मोहम्मद ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। उनके इस कदम के बाद एआईएमआईएम नेताओं ने निशाना साधना शुरू कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि विधायक को आगामी चुनाव में सिवालखास की जनता इसका जवाब देगी।

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गुलाम मोहम्मद सिवालखास विधानसभा सीट से गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर राष्ट्रीय लोकदल के चुनाव चिह्न पर विधानसभा पहुंचे थे। मौजूदा समय में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में विधायक गुलाम मोहम्मद भी सरकार के कार्यक्रमों में शामिल होना तय हैं।

 

‘फूल बरसाएं, पूजा करें या तिलक लगाएं, आपत्ति नहीं’

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि उन्हें विधायक के कांवड़ियों पर फूल बरसाने, पूजा करने या तिलक लगाने से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था के अनुसार आचरण करने का अधिकार देता है।

 

हालांकि शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि विधायक ने इस तरह का कदम उठाकर सिवालखास के उन मुसलमान मतदाताओं के भरोसे को ठेस पहुंचाई है, जिन्होंने भाजपा के खिलाफ उन्हें वोट देकर विधानसभा पहुंचाया था।

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उन्होंने कहा कि सिवालखास क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा का विरोध करते हुए गुलाम मोहम्मद का समर्थन किया था। अब उन्हीं मतदाताओं के सामने विधायक का भाजपा सरकार के साथ खड़े होकर कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करना सवाल खड़े करता है।

 

सरकार पर भी साधा निशाना

शादाब चौहान ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब ईद के मौके पर नमाज को लेकर कार्रवाई और मुकदमे की बात सामने आती है, तब मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल उठाने की जरूरत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में विधायक सरकार से सवाल करने की हिम्मत नहीं दिखाते।

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एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब ने कहा कि सिवालखास की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में इस पूरे घटनाक्रम का जवाब देगी और विधायक गुलाम मोहम्मद को सबक सिखाएगी। हालांकि विधायक गुलाम मोहम्मद की तरफ से इस बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री योगी की ‘तिरंगा यात्रा’ : मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक उमड़ा युवाओं का सैलाब

Thousands of people, including schoolchildren participated in Tiranga Yatra under leadership of Chief Minister Yogi

– मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में स्कूली बच्चों सहित हजारों लोगों ने लिया तिरंगा यात्रा में हिस्सा

– विधानभवन से हजरतगंज चौराहे तक लगभग 2 हजार फुट लंबी बनाई मानव शृंखला 

– पुष्पवर्षा के साथ हुआ स्वागतलखनऊ की सड़कों पर गूंजा राष्ट्रप्रेम, हाथों में तिरंगा

– जुबां पर भारत माता की जय के नारे, सड़कों पर दिखा राष्ट्रप्रेम का अद्भुत नजारा

Har Ghar Tiranga campaign : आजादी के पर्व 15 अगस्त से पहले लखनऊ में रविवार की सुबह राष्ट्रभक्ति का रंग और गहरा होता नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। मुख्यमंत्री के साथ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते मुख्यमंत्री योगी के दाएं व बाएं भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की दो छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लिए कदमताल किया। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते बच्चों और लोगों ने भारत माता की जय व राष्ट्रप्रेम से जुड़े नारों से सबका ध्यानाकर्षित किया। वहीं बच्चों ने ‘हर घर तिरंगा’ फहराने का भी संकल्प लिया। इस तिरंगा यात्रा में 30 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

 

मुख्यमंत्री आवास से जैसे ही तिरंगा यात्रा आगे बढ़ी, राजधानी की सड़कें देशभक्ति के रंग में रंगती चली गईं। हाथों में लहराते तिरंगे, उत्साह से भरे चेहरे और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत माहौल ने यात्रा को भव्य रूप दे दिया। यात्रा के रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इसके स्वागत के लिए खड़े रहे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों व छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल होते हुए विधानसभा तक सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों में भी तिरंगे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

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छात्रों के जोश ने बढ़ाई तिरंगा यात्रा की भव्यता

‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। बच्चों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

Thousands of people, including schoolchildren participated in Tiranga Yatra under leadership of Chief Minister Yogi

2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला

राजधानी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एक और खास नजारा देखने को मिला। विधानसभा के पास एक निजी डिफेंस एकेडमी संस्थान के बच्चों ने मानव शृंखला बनाकर विधानभवन से हजरतगंज चौराहे तक करीब 2 हजार फीट लंबा तिरंगा फहराया। बड़ी संख्या में बच्चों ने एक साथ खड़े होकर तिरंगा के प्रति सम्मान दिखाया।

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तिरंगा के साथ दिखा एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का संदेश

‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। लखनऊ में अभियान की शुरुआत के मौके पर निकली तिरंगा यात्रा ने इसी भावना को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बच्चों, युवाओं और आम लोगों की भागीदारी ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।

 

तिरंगा यात्रा में शामिल बच्चों व लोगों ने बताए अनुभव

तिरंगा यात्रा में शामिल होने आए दसवीं कक्षा के छात्र आर्यन ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होकर बहुत गर्व महसूस हुआ। इतने बच्चों को साथ देखकर लगा कि देशभक्ति के प्रति हम सभी बेहद जागरूक हैं। वहीं 11वीं कक्षा की छात्रा अनन्या ने कहा कि हाथ में तिरंगा लेकर चलना मेरे लिए खास अनुभव रहा। मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में शामिल होकर देश के प्रति सम्मान और बढ़ा।

 

स्नातक की छात्रा साक्षी ने कहा कि तिरंगा यात्रा ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत की है। लखनऊ में हजारों लोगों को एकजुट देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ। लखनऊ में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र विवेक ने कहा कि तिरंगा हमारे लिए केवल झंडा नहीं, आन-बान और शान है।

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इस तिरंगा यात्रा ने मेरे सेना में जाने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है। हाथ में तिरंगा लिए विधानसभा की ओर बढ़ रहीं कविता सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ इस यात्रा में शामिल हुईं हैं। बच्चों को राष्ट्रप्रेम सिखाने और दिखाने का यह अवसर उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा।

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, भीड़ ने कार पर किया पथराव, भाजपा और पुलिस पर लगा यह आरोप

Attack on Mamata Banerjee's convoy in West Bengal

Attack on Mamata Banerjee's convoy : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ ने हमला कर दिया। ममता एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी मामले को लेकर इलाके में पहले से तनाव का माहौल था। इस कार्यकर्ता की शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा था। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोककर उनकी गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ ने हमला कर दिया। ममता एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी मामले को लेकर इलाके में पहले से तनाव का माहौल था।


इस कार्यकर्ता की शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा था। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोककर उनकी गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके।

जिस दौरान यह हमला हुआ, ममता बनर्जी के साथ पार्टी के अन्य सांसद भी मौजूद थे। ममता ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस भाजपा को सुरक्षा दे रही है। ममता ने इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। बाद में हालात बिगड़ते देख पुलिस और सुरक्षाबलों ने सुरक्षा घेरा बनाकर ममता बनर्जी को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

ममता बनर्जी के मुताबिक, हमला इतना खतरनाक था कि अगर गाड़ी की खिड़कियां खुली होतीं, तो पत्थर लगने से उनका माथा फट सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि गाड़ी में मौजूद लोगों की जान को भी खतरा था। ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा हमला पहले कभी नहीं देखा।

ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग का 12 बजा दिया है। हलिशहर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है तिरंगा : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath launched Har Ghar Tiranga campaign in Lucknow

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में किया 'हर घर तिरंगा' अभियान का शुभारंभ

– योगी ने कहा, हर युवा के लिए प्रेरणा है राष्ट्र प्रथम का मंत्र, हर घर पर फहराएं तिरंगा

– मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों संग विधान भवन तक निकाली तिरंगा यात्रा

– आयोजन स्थल पर हुआ वंदे मातरम का सामूहिक गान

– मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ ली सेल्फी

– अनुशासन व राष्ट्रभक्ति का दिखा अद्भुत संगम

– देशभक्ति गीतों संग निकली तिरंगा यात्रा
Chief Minister Yogi Adityanath :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों समेत प्रदेशवासियों संग मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकाली। मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी ली और उनकी हौसलाअफजाई की। शुभारंभ स्थल पर वंदे मातरम का सामूहिक गान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि इससे पहले हर घर में तिरंगा फहराएं। मुख्यमंत्री ने तिरंगा को सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक बताया।

 

मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पूरे देश में आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारत की आजादी और स्वतंत्र भारत में देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों व संविधान निर्माताओं राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबडेकर, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि को भी याद किया। 

 

यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में और यहां के प्रतीकों को अपमानित करेंगे 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रतीकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान बनाए रखने के लिए राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को संज्ञेय अपराध की सूची में रखते हुए दंडित करने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि अब यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में लेकिन भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे। 

Chief Minister Yogi Adityanath launched Har Ghar Tiranga campaign in Lucknow

राष्ट्र प्रथम का मंत्र हर युवा के लिए प्रेरणा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश में वंदे मातरम का गान हो रहा है। आज काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। 1925 में आज के ही दिन पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर ब्रिटिशरों की चूलों को हिलाया था। यह तिरंगा यात्रा हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और पीएम मोदी के राष्ट्र प्रथम के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। यह मंत्र भारत के हर युवा के लिए प्रेरणा है। 

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देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है युवा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जा का प्रतीक है और वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। युवा ऊर्जा को आगे बढ़ने के लिए उचित प्लेटफॉर्म हो, वह परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ-साथ देश और समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सके। इस भाव के साथ दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूरे देश में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। 

 

बलिदानी क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे तिरंगा यात्रा में शामिल 25-30 हजार युवा 

तिरंगा यात्रा में युवाओं की उपस्थिति से गद्गद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के संकल्प को लेकर जिन हुतात्माताओं ने राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया, लखनऊ में 25-30 हजार युवा इस तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। यह अपार ऊर्जा राष्ट्रभक्ति के प्रति बलिदान होने वाले क्रांतिकारियों व स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी कृतज्ञता है।

Chief Minister Yogi Adityanath launched Har Ghar Tiranga campaign in Lucknow

कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम 

सीएम ने कहा कि राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान व राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति जो कार्य 1947 के तत्काल बाद होना चाहिए, उसे 75 वर्ष क्यों लगे क्योंकि कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, लेकिन पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। उन्होंने भारत के प्रतीकों, युवाओं, गरीबों, आधी आबादी, किसानों के लिए नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित मंच देकर आदर्श प्रस्तुत किया है। यह तिरंगा यात्रा उसी आदर्श की अभिव्यक्ति है। 

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आप भी अपने घरों पर फहराएं तिरंगा

सीएम ने कहाकि तिरंगा के प्रति सम्मान हो, इसके लिए पीएम मोदी ने उसके कोड में संशोधन करके अनिवार्य कर दिया है कि अब आप अपने घर में भी इसे फहरा सकते हैं। कांग्रेस के समय इसके लिए न्यायालय में शरण लेकर लड़ाई लड़नी पड़ती थी तब लोग तिरंगा को घर में लगा पाते थे, लेकिन पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को आजादी दी कि भारत के आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा को आप भी घर पर लगाएं। 

 

राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का दिखा अद्भुत संगम

मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम व भारत मां की जय के उद्घोष के साथ ही अनुशासन पूर्वक विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर पूरे रास्ते में राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री हाथों में तिरंगा लिए नन्हे-मुन्नों के साथ ही संगठन व सरकार के शीर्षस्थ लोगों संग राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत देशभक्ति गीतों के बीच 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। विधान भवन के सामने मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर यात्रा को पूर्णता प्रदान की।  

 

इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री, किन पर लगेगा टैक्स, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

MDR charge on UPI payment

UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने साफ किया है कि आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट फिलहाल फ्री रहेगा। यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने यानी Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट भी बिना शुल्क के जारी रहने की उम्मीद है।

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हालांकि, भविष्य में कुछ खास Merchant Transactions पर मामूली Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जा सकता है। यह शुल्क सभी UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा, बल्कि एक तय सीमा यानी Threshold से ऊपर होने वाले चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही लागू किया जा सकता है।

 

क्या UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?

 

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आम ग्राहक को UPI से पेमेंट करने के लिए कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।

 

खास तौर पर:

 

  • P2P UPI पेमेंट: पूरी तरह फ्री रहेगा।
  • आम यूजर्स: UPI पेमेंट करने पर कोई शुल्क नहीं।
  • ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट: फिलहाल फ्री रहने की उम्मीद।
  • चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन: भविष्य में मामूली MDR लग सकता है।
  • हर UPI पेमेंट पर चार्ज: ऐसा नहीं होगा।
  • MDR क्या है और किसे देना पड़ सकता है?

 

MDR यानी Merchant Discount Rate एक तरह का शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से लिया जा सकता है। सरकार के प्रस्तावित ढांचे के तहत यदि MDR लागू किया जाता है तो इसका असर आम UPI यूजर के बजाय चुनिंदा मर्चेंट्स पर पड़ेगा।

 

यह शुल्क भी सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा। इसके लिए एक निश्चित Threshold तय किया जाएगा। यानी तय सीमा से ऊपर के पात्र ट्रांजैक्शन पर ही मामूली MDR लगाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि यदि MDR लागू किया गया तो इसकी दर Debit Card और Credit Card से जुड़े सामान्य MDR की तुलना में काफी कम होगी।

 

क्या हर UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?

 

नहीं।

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI पर कोई Blanket Charge लगाने की योजना नहीं है। यानी रोजमर्रा में UPI से चाय, किराना, सब्जी, ऑनलाइन खरीदारी या किसी व्यक्ति को पैसे भेजने वाले यूजर्स को अचानक हर पेमेंट पर शुल्क देना शुरू नहीं होगा।

 

सरकार के मुताबिक UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन फ्री ही रहेंगे।

 

UPI पर चार्ज लगाने की बात क्यों सामने आई?

 

सरकार UPI के लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इसके लंबे समय तक टिकाऊ वित्तीय मॉडल पर जोर दे रही है। डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ने के साथ सिस्टम को टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है।

 

सरकार का तर्क है कि UPI के अगले चरण के विस्तार के लिए केवल सब्सिडी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर सीमित शुल्क से पेमेंट कंपनियों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने और इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

 

नए नियमों में क्या बदलाव हो सकता है?

 

लोकसभा से Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन से जुड़ा विधेयक पारित होने के बाद सरकार को UPI और अन्य अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम पर शुल्क लगाने की अनुमति देने की शक्ति मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

 

प्रस्तावित बदलाव के बाद यदि MDR लागू करने का फैसला लिया जाता है तो NPCI की अध्यक्षता वाली UPI and Services Steering Committee इसकी व्यवस्था और दर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

क्या दुकानदार ग्राहकों से यह शुल्क वसूल सकते हैं?

 

सरकार का मौजूदा स्पष्टीकरण आम यूजर्स के लिए राहत देने वाला है। हालांकि, यदि भविष्य में चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो इसका सीधा भुगतान मर्चेंट स्तर पर हो सकता है।

 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि दुकानदार या कारोबारी बाद में इस लागत को सामान और सेवाओं की कीमतों में शामिल करके ग्राहकों से वसूल सकते हैं।

 

हालांकि, सरकार ने कहा है कि उसकी मौजूदा स्थिति स्पष्ट है—नागरिकों के लिए UPI फ्री रहेगा और अधिकांश मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी फ्री रहेंगे।

 

UPI यूजर्स के लिए आसान भाषा में समझें

 

अगर आप किसी दोस्त या रिश्तेदार को UPI से पैसे भेजते हैं-  कोई चार्ज नहीं।

 

अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी UPI से करते हैं-  आमतौर पर कोई चार्ज नहीं।

 

अगर आप मर्चेंट हैं – ज्यादातर ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, लेकिन भविष्य में तय सीमा से ऊपर के कुछ ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लागू हो सकता है।

 

हर UPI पेमेंट पर चार्ज – नहीं।

 

फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों को हर पेमेंट पर शुल्क लगने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो उसका दायरा और दर अलग से तय की जाएगी।