क्या अरुणाचल में हो रही है चीनी घुसपैठ? क्या है स्थानीय लोगों की चिंता

Arunachal Pradesh News

Arunachal Pradesh News: हाल ही में कथित तौर पर अरुणाचल प्रदेश के कुछ युवाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में युवाओं ने दावा किया है कि चीन अरुणाचल में घुसपैठ कर रहा है। एक युवा ने अपने वीडियो में यहां तक दावा किया है कि बहुत जल्द आप मुझे चीन में देखेंगे। मुझे ही नहीं पूरा अरुणाचल चीन में दिखेगा। हालांकि भारतीय सेना और अरुणाचल प्रदेश सरकार ने इस तरह के दावों को निराधार बताया है। 

 

अरुणाचल प्रदेश के युवा तावा नागू ने एक वीडियो में दावा किया है कि 'Good bye India, बहुत जल्द आप लोग मुझे चीन में देखेंगे। सिर्फ़ मुझे ही नहीं पूरा अरुणाचल चीन में दिखेगा।' Taba का दावा है कि अरुणाचल की जमीन पर चीन कब्जा कर रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। 

इसी तरह एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक खुद को अरुणाचल का स्थानीय निवासी बता रहा है और कह रहा है कि चीन ने पुखरेला में जमीन पर कब्जा किया है। उसने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी को कदम से कदम मिलाकर काम करना चाहिए। हम स्थानीय लोग हैं और हमें पता है कि चीन कहां एक्टिविटी कर रहा है। 

क्या है पुखरेला (पुकुर ला/ Pukur La) से जुड़ा विवाद?

दरअसल, अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले (तक्सिंग सेक्टर) के 'पुखरेला' (पुकुर ला/ Pukur La) को लेकर सोशल मीडिया कुछ दावे सामने आए हैं। हाल के दिनों में स्थानीय संगठनों और विपक्षी नेताओं द्वारा यह दावा किया गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने तक्सिंग सेक्टर के पुखरेला (पुकुर ला) और आसपास के इलाकों में घुसपैठ की है और निर्माण/अस्थायी ढांचे बनाए हैं।

क्या है भारतीय सेना और सरकार का रुख?

भारतीय सेना और अरुणाचल प्रदेश सरकार ने किसी भी तरह की नई चीनी घुसपैठ या भारतीय जमीन पर कब्जे के दावों को पूरी तरह खारिज और निराधार बताया है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा 24×7 जारी है और घुसपैठ या जमीन छिनने की खबरें सोशल मीडिया की अफवाहें और भ्रामक जानकारी हैं। तक्सिंग और पुखरेला क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की अलग-अलग धारणाएं हैं और बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण दोनों पक्षों की ओर से पेट्रोलिंग गतिविधियां होती रहती हैं।

 

दरअसल, चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के नाम बदलने की एकतरफा कोशिशों के जवाब में भारत सरकार (गृह मंत्रालय एवं सर्वे ऑफ इंडिया) ने आधिकारिक नक्शे पर 27 महत्वपूर्ण स्थानों को उनके मानक भारतीय नामों से औपचारिक रूप से दर्ज किया है।

इन 27 आधिकारिक स्थानों की सूची में 'पुखरेला' (पुकुर ला/Pukur La), माजा, लोंगजू और थाग ला जैसे रणनीतिक दर्रे और स्थान शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारतीय संप्रभुता को आधिकारिक नक्शों पर स्पष्ट रूप से रेखांकित करना और किसी भी भ्रामक दावे को खत्म करना है। पुखरेला का नाम मुख्य रूप से भारत सरकार द्वारा सीमावर्ती स्थानों के आधिकारिक भारतीय मानकीकरण की वजह से खबरों में आया है।

हेमंत सोरेन बोले- लाठी-डंडे से नहीं, संवाद और संविधान से होगा हर समस्या का समाधान

hemant soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद और संवैधानिक तरीके से होता है। अपने ही घर के लोगों के साथ लाठी-डंडे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता, नुकसान जरूर होता है।

 

सीएम सोरेन ने कहा, आज भी जब कोई अपनी आवाज उठाता है तो उसे कभी बदनाम करने, कभी लाठी-डंडे से दबाने, कभी गोली या पैलेट गन चलाने, घायल करने और कभी देशद्रोह का आरोप लगाने तक के प्रयास होते हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का संविधान देश के हर व्यक्ति, अमीर हो या गरीब, को समान अधिकार देता है।

 

उन्होंने कहा कि इसलिए आज इस मंच से विशेषकर अपने नौजवान साथियों से कहना चाहता हूं कि मैं भी कोई बूढ़ा नहीं हूं साथियों, मैं भी आप ही लोगों के लगभग का हूं। आपकी भावनाएं और आपकी चिंताएं, मेरी चिंताएं हैं।

 

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आज संवैधानिक पद पर बैठते हुए मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपके साथ पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होते हुए दिखाई भी देगा। आज का यह महोत्सव यादगार बने, प्रेरणादायक बने और हम इस गर्व के साथ आगे बढ़ें कि हम ऐसे वीर सपूतों के वंशज हैं, जिन्होंने अपने हक-अधिकार और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। यही जल, जंगल और जमीन हमारे जीवन की शुरुआत भी है और अंत भी।

 

उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम आदिवासी हैं। राज्यपाल महोदय का आज व्यस्त कार्यक्रम है। उनका मार्गदर्शन हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है। आप सभी यहां आए, इस महोत्सव को अपना आशीर्वाद और सहयोग दिया, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

उज्‍जैन यूनिवर्सिटी ने रिकॉर्ड तोड़ा, छात्र को 1600 में से मिले 1604 अंक, क्‍या सच में सड़ चुका है देश का एजुकेशन सिस्‍टम

vikram university

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय (विक्रम विश्वविद्यालय) के MBA चौथे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में एक बेहद अजीबोगरीब तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। रिजल्ट में एक छात्र के अंक देखकर हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि मार्कशीट में छात्र को कुल 1600 में से 1604 अंक प्राप्त होना दिखाया गया। यानी छात्र का स्कोर 100.25 प्रतिशत दर्ज हो गया था।

रिजल्ट सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सवाल उठने लगा कि आखिर परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली व्यवस्था में ऐसी गलती कैसे हुई, जिसमें किसी छात्र के प्राप्तांक निर्धारित अधिकतम अंकों से भी ज्यादा दर्ज हो गए।

1600 में से 1604 अंक कैसे आए : MBA चौथे सेमेस्टर के परिणाम में संबंधित छात्र के अंक दर्ज करते समय सॉफ्टवेयर में ऐसी तकनीकी त्रुटि हुई, जिसके कारण उसके कुल प्राप्तांक 1604 प्रदर्शित हो गए, जबकि निर्धारित अधिकतम अंक 1600 थे।

इस तरह परिणाम में छात्र का प्रतिशत भी सामान्य सीमा से ऊपर जाकर 100.25% दिखाई देने लगा। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे मानवीय नहीं, बल्कि रिजल्ट तैयार करने वाले सॉफ्टवेयर/एजेंसी से जुड़ी तकनीकी त्रुटि बताया।

विश्वविद्यालय ने सुधारी गलती : मामले की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिणाम की जांच की और तकनीकी त्रुटि को ठीक कर दिया। विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह किसी छात्र को वास्तविक रूप से 100 प्रतिशत से अधिक अंक दिए जाने का मामला नहीं है, बल्कि रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हुई तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलत अंक प्रदर्शित हुए थे। सुधार के बाद संबंधित छात्र के परिणाम को निर्धारित अंकों के अनुसार अपडेट कर दिया गया।

रिजल्ट सिस्टम की विश्वसनीयता पर उठे सवाल : हालांकि विश्वविद्यालय ने गलती को तुरंत सुधार दिया, लेकिन इस घटना ने उच्च शिक्षा संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन रिजल्ट सिस्टम और डेटा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। परीक्षा परिणाम किसी भी छात्र के शैक्षणिक भविष्य से सीधे जुड़े होते हैं। ऐसे में रिजल्ट जारी करने से पहले सॉफ्टवेयर में अधिकतम अंकों, प्राप्तांकों और प्रतिशत की स्वचालित जांच जैसी व्यवस्थाएं होना जरूरी माना जाता है, ताकि इस तरह की विसंगतियां सार्वजनिक होने से पहले ही पकड़ी जा सकें।

तकनीकी गलती, लेकिन बड़ा सबक : यह मामला भले ही एक तकनीकी त्रुटि के कारण सामने आया हो और विश्वविद्यालय ने इसे तत्काल सुधार दिया हो, लेकिन इसने परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में डेटा क्रॉस-चेक और अंतिम सत्यापन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। एक ओर जहां विश्वविद्यालय ने गलती सामने आने के बाद तुरंत सुधारात्मक कदम उठाया, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाओं से छात्रों के बीच रिजल्ट की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर चिंता पैदा हो सकती है।

किसान ने चोरी के डर से खेत में गाड़े 5 लाख, एक साल बाद मिले तो दीमक चट कर चुकी थी पूरी रकम! [VIDEO]

राजस्थान के बालोतरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां किसान की एक गलती उसे लाखों रुपये का नुकसान करा गई। प्लॉट बेचकर मिले 5 लाख रुपये किसान ने चोरी के डर से खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए, लेकिन बाद में वह उनकी जगह ही भूल गया। करीब एक साल बाद जब पैसे मिले तो नोटों का ज्यादातर हिस्सा दीमक बर्बाद कर चुकी थी।

 

मामला पचपदरा के पास नेवाई गांव का बताया जा रहा है। किसान मांगीलाल मेघवाल अपने परिवार के साथ खेत में बनी कच्ची ढाणी में रहता है।

 

प्लॉट बेचकर मिले थे 5 लाख रुपये

 

मांगीलाल ने करीब एक साल पहले पचपदरा में अपना प्लॉट बेचा था। इससे उसे 5 लाख रुपयेमिले थे। वह इन पैसों से खेत में एक कमरा बनाना चाहता था।

बताया जा रहा है कि उसे डर था कि रकम चोरी हो सकती है या घर में रखे पैसे परिवार के किसी सदस्य द्वारा खर्च हो सकते हैं। इसी वजह से उसने परिवार को बताए बिना एक रात पूरी रकम पॉलीथीन की थैली में रखी और खेत में गड्ढा खोदकर दबा दी। यहीं से उसकी मुश्किल कहानी शुरू हुई।


जिस जगह पैसा दबाया, वही भूल गया

 

कुछ समय बाद जब कमरे के निर्माण के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो मांगीलाल को याद आया कि उसने रकम खेत में छिपाई है। लेकिन परेशानी यह थी कि उसे यह याद नहीं रहा कि पैसे आखिर किस जगह दबाए थे। करीब 10 बीघा में फैले खेत में उसने काफी तलाश की, लेकिन रकम का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसे अपनी पत्नी और बेटों को पूरी बात बतानी पड़ी।

 

परिजनों ने भी पैसे खोजने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी सफलता नहीं मिली।

 

एक साल बाद खेत ने खुद बाहर निकाली रकम

 

करीब एक साल बीत गया। बारिश के बाद जब खेत में बुवाई की तैयारी शुरू हुई तो एक रात जमीन से वह पुरानी प्लास्टिक की थैली बाहर आ गई। अंधेरा होने की वजह से उस समय किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। अगली सुबह मांगीलाल की पत्नी और बेटा खेत की तारबंदी ठीक कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कटी-फटी थैली पर पड़ी।

 

थैली खोली गई तो परिवार के होश उड़ गए। अंदर 500-500 रुपये के नोट थे, लेकिन उनके साथ बड़ी संख्या में दीमक भी लगी हुई थी। लंबे समय तक जमीन में दबे रहने के कारण नोट बुरी तरह गल चुके थे और कई टुकड़ों में बदल गए थे।

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बैंक पहुंचा परिवार, लेकिन यहां भी नहीं मिली राहत

 

परिवार ने खराब हो चुके नोटों को इकट्ठा किया और पचपदरा स्थित एसबीआई शाखा पहुंचा। नोटों की हालत देखकर वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद परिवार बालोतरा स्थित बैंक की मुख्य शाखा भी पहुंचा, लेकिन वहां भी रकम बदलवाने में कामयाबी नहीं मिली।

 

परिवार के मुताबिक, उन्हें जयपुर में संबंधित प्रक्रिया के लिए जाने की सलाह दी गई। हालांकि आर्थिक परेशानी और प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण उनके लिए वहां जाना आसान नहीं है।

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अब पछता रहा पूरा परिवार

 

5 लाख रुपये की मेहनत की कमाई इस तरह बर्बाद होने से परिवार सदमे में है। पत्नी और बेटों का कहना है कि अगर मांगीलाल ने शुरुआत में उन्हें पैसे छिपाने की जानकारी दी होती तो शायद यह नौबत नहीं आती। मांगीलाल को भी अब अपने फैसले पर पछतावा है। जिस रकम को उसने चोरी से बचाने के लिए जमीन के नीचे सुरक्षित समझकर छिपाया था, उसी को भूल जाना उसके लिए सबसे महंगा साबित हुआ। बताया जा रहा है कि उन्हें भूलने और शराब पीने की लत भी थी। 

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इंदौर में ‘ओपन बार’ ने निकाला कानून-व्यवस्था का जनाज़ा, कागजों में बंद सड़कछाप अवैध अहातों में हो रहे विवाद

open bar ahata

  • ड्रिंक एंड ड्राइव वालों के खिलाफ अभियान, अवैध अहातों पर कोई कार्रवाई नहीं
  • आए दिन इन अहातों में होते हैं विवाद, लोग भी परेशान
  • रात होते ही शहर में कई जगह खुले में लोग छलका रहे जाम
  • सिर्फ कागजों में सिमटा इंदौर का नशामुक्त अभियान

इंदौर में चल रहे अवैध अहाते आम लोगों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। कई जगह लोग सड़कों पर बैठकर ही शराब पी रहे हैं। जिसके चलते आए दिन होते रहते हैं। कुछ अहातों पर दुकानदारों के बीच पानी, डिस्‍पोजल ग्‍लस और चकना आदि बेचने को लेकर भी इन अहातों के आसपास विवाद हो रहे हैं। रविवार की शाम को रोबोट चौराहा पर चल रहे अवैध अहाते के पास एक शख्‍स से दुकानदार ने इसलिए मारपीट की क्‍योंकि उसने कहीं ओर से पानी खरीदा था।

बता दें कि एक तरफ पुलिस रात में ड्रिंक एंड ड्राइव वालों के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं, इन अवैध अहातों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। पुलिस का नशामुक्‍ति अभियान एक खानापूर्ति नजर आ रहा है। वहीं, आबकारी विभाग भी इसे लेकर सोया हुआ है। दूसरी तरफ देखें तो शहर में शराब की दुकानों के आसपास अहातों की संख्‍या लगातार बढती जा रही है।

आबकारी के सहायक आयुक्‍त देवेश चतुर्वेदी ने वेबदुनिया को बताया कि जहां भी शराब दुकानों के पास अवैध गतिविधि हो रही है, वहां हम लगातार कार्रवाई करते हैं, अहाते तो बंद हैं, कहीं इस तरह की कोई गतिविधि न हो इसके लिए हम निगरानी करते हैं। आपने ध्‍यान में दिलाया है तो हम एक बार फिर से इसे लेकर अभियान चलाएंगे और अवैध गतिविधियों को कंट्रोल करेंगे।

कानून-व्यवस्था का जनाज़ा : स्वच्छता में देश भर में परचम लहराने वाले इंदौर शहर की सड़कों पर रात ढलते ही कानून-व्यवस्था का जनाज़ा निकलता दिखाई देता है। शहर की विभिन्न देसी और अंग्रेजी शराब दुकानों के आसपास और मुख्य सड़कों पर खुलेआम 'अवैध अहाते' संचालित हो रहे हैं। शराब दुकान से बोतल खरीदी और दुकान के ठीक बाहर, फुटपाथ या गाड़ियों के बोनट पर बैठकर पीना शुरू कर दिया।

छोटी-छोटी बातों पर आए दिन विवाद : शराब पिलाने के इस खुले कारोबार के साथ ही अवैध रूप से पानी की बोतलें, डिस्पोज़ल ग्लास, नमकीन और 'चकना' बेचने वालों की दुकानें सज जाती हैं। जब नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है, तो लेन-देन और छोटी-छोटी बातों पर आए दिन विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं आम बात हो चुकी हैं।

राहगीरों और महिलाओं का निकलना दुश्वार : शहर के कई प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों के मुख्य रास्तों के पास शराब दुकानों के बाहर शाम होते ही अवैध अहाते में तब्दील माहौल देखा जा सकता है। लोग सड़क पर खुलेआम शराब पीते हैं, जिससे वहां से गुजरने वाली महिलाओं, परिवारों और आम राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है। अवैध रूप से ठेले और स्टॉल लगाने वाले पानी और डिस्पोजल मनमाने दामों पर बेचते हैं। जब शराब के नशे में धुत लोग इन विक्रेताओं या आपस में उलझते हैं, तो मामला अक्सर खूनी संघर्ष तक पहुंच जाता है।

'ड्रिंक एंड ड्राइव' पर चालान, अवैध अहातों पर चुप्पी क्यों?
एक तरफ इंदौर पुलिस देर रात चेकिंग पॉइंट लगाकर 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के तहत वाहन चालकों पर कार्रवाई करने और चालान काटने का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ शराब दुकानों के ठीक बाहर संचालित हो रहे इन अवैध अहातों पर कोई बुलडोजर या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती। जनता सवाल उठा रही है कि जब व्यक्ति को दुकान के बाहर ही सड़क पर शराब पीने की छूट दी जा रही है, तो बाद में उसे गाड़ी चलाते वक्त पकड़ना पुलिस के नशामुक्ति अभियान और कार्रवाई की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस का नशामुक्ति अभियान केवल खानापूर्ति और चालानी कार्रवाई कर लक्ष्य पूरा करने तक सीमित रह गया है।

जिम्मेदार महकमों की संदिग्ध भूमिका : आबकारी विभाग (Excise Department) शराब दुकानों का संचालन और आबकारी नियमों का पालन कराना इस विभाग की सीधी जिम्मेदारी है। दुकान परिसर के बाहर शराब की बिक्री के बाद यदि लोग वहीं जमा होकर पी रहे हैं, तो आबकारी अमला आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के बिना यह अवैध नेटवर्क संभव ही नहीं है।

पुलिस प्रशासन (Police): शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और उपद्रव करना कानूनी अपराध है। इसके बावजूद पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ियां इन स्थानों के पास से गुजर जाती हैं, लेकिन अवैध रूप से लग रहे चकना-पानी के ठेलों और पियक्कड़ों को हटाने की जहमत नहीं उठातीं।

मध्य प्रदेश में 'अहातों' पर प्रतिबंध : मध्य प्रदेश में शराब दुकानों से लगे आधिकारिक 'अहातों' (Drinking Area/Shop Bars) पर फरवरी 2023 में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। आबकारी नीति 2023-24: राज्य मंत्रिमंडल ने 19 फरवरी 2023 को नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी, जो 1 अप्रैल 2023 से लागू हुई।

सरकारी कागजों में अहाते बंद, हकीकत में चालू : प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी अहातों और शॉप-बारों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। सच्चाई यह है कि सरकारी कागजों में तो अहाते 2023 में बंद हो गए, लेकिन धरातल पर आबकारी विभाग और पुलिस की ढिलाई के कारण ये अहाते अब दुकानों के बाहर 'सड़कछाप और अवैध' रूप से धड़ल्ले से चल रहे हैं। जब तक इन पर सख्त और निरंतर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शहर की सड़कों पर अपराध और हादसों का खतरा मंडराता रहेगा।

होटल ढाबों पर शिकंजा : राऊ थाना पुलिस ने हाल ही में कैट रोड स्थित राजा भोज ढाबे पर बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ बिना वैध लाइसेंस के ग्राहकों को अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी। पुलिस ने संचालकों सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

थोक मात्रा में अवैध शराब की जब्ती : कनाड़िया थाना पुलिस और राऊ बायपास रोड पर की गई नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक ट्रक और कार को रोककर 11,000 लीटर से अधिक अवैध शराब व बीयर ज़ब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

बंगाली चौराहा पर विरोध : इस क्षेत्र में खुलेआम चल रहे अवैध अहाते और सड़कों पर लगने वाली अवैध पार्किंग को लेकर स्थानीय महिलाओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। निवासियों का आरोप है कि गलियों में खड़े होकर शराब पीने वालों के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

मालवा मिल में किया था विरोध : हाल ही में मालवा मिल इलाके में शराब की एक दुकान खोले जाने पर रहवासियों ने विरोध किया था। इसे लेकर करीब दो दिनों तक लोगों ने विरोध किया। लेकिन अंतत: वहां दुकान खोली गई और अब वहां पीने वालों का जमावडा लगा रहता है।

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश में वर्तमान में एयरपोर्ट निर्माण एवं हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार के लिए चल रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री नायडू को बताया कि प्रदेश में आठ एयरपोर्ट बन चुके हैं। उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध दस उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत सरकार ने सिंगरौली, सागर, नीमच,छ़िदवाड़ा, मण्डला, खण्डवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल एयरस्ट्रिप्स को केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्र सरकार से प्रोत्साहन और मदद मिलते ही इन पर काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में चलाई जा रही पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में प्रारंभ हुई है। अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचा ली गई है। यह सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग है। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस सेवा में प्रदेश भर में प्रदेश के किसी भी अंचल में रह रहे गंभीर मरीजों को तत्परतापूर्वक उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया जाता है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयर एम्बुलेंस सेवा संचालन की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।  

 

क्या है केंद्र सरकार का लक्ष्य?-बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा संचालित उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का अगले दस साल के लिए विस्तार कर दिया गया है। अब यह योजना वर्ष 2036 तक जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी उड़ान योजना के तहत मध्यप्रदेश के सभी प्रस्तावित स्थलों में एयरपोर्ट्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार पूरी मदद देगी। इसके तहत मध्यप्रदेश में पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे। इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली (ऊर्जाधानी) में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। 

 

काम में तेजी लाने के निर्देश-केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक प्राप्त कर ली जाएं। काम में तेजी लाएं, क्योंकि सिंहस्थ : 2028 में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के सहज आवागमन के लिए यह हवाई अड्डा बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होना है। इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द से जल्द कर ली जाए। मध्यप्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की इस बैठक में ही मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री नायडू का आत्मीय आभार व्यक्त किया।

 

नई पहलों की मिली जानकारी-अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग संजय कुमार शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू को मध्यप्रदेश में तैयार हो रहे सिविल एविएशन इकोसिस्टम और नई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ उठाया है। यह प्रदेश में दिनों-दिन विकसित हो रहीं हवाई सेवाओं के विस्तार पर यहां के यात्रियों के बढ़ रहे विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा सहित पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले महीने ही इंदौर से अबुधाबी तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट प्रारंभ हो गई है। आज से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

परिसीमन विधेयक पर संसद में सस्पेंस, क्या अगले 10 दिनों में अमित शाह चलने वाले हैं मास्टर स्ट्रोक?

Delimitation Bill Home Minister Amit Shah

Delimitation Bill Home Minister Amit Shah: संसद के मानसून सत्र के समापन चरण में गृहमंत्री अमित शाह की प्रशासनिक व राजनीतिक गतिविधियां और कांग्रेस द्वारा अपने सांसदों को जारी 11, 12 और 13 अगस्त का तीन-दिवसीय व्हिप विधायी हलचलों के गहराने का संकेत दे रहे हैं। चर्चा इस बात की है कि क्या केंद्र सरकार परिसीमन प्रक्रिया और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े प्रावधानों पर सदन के पटल पर कोई नया विधायी ढांचा पेश कर सकती है या फिर यह रणनीतिक मोर्चेबंदी का हिस्सा है।

1. क्या  है परिसीमन विधेयक 2026 और संसदीय सीटों का नया पुनर्संतुलन

संसद में पेश परिसीमन विधेयक 2026 (Delimitation Bill, 2026) और 131वें संविधान संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्गठन करना है।

  • सीटों की संख्या में संभावित वृद्धि : नए प्रस्तावों के तहत लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का खाका तैयार किया गया है।
  • आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व : परिसीमन का मूल संवैधानिक सिद्धांत यह है कि प्रत्येक राज्य को उसकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिले।
  • उत्तरी बनाम दक्षिणी राज्यों का संतुलन : उत्तर भारतीय राज्यों में जनसंख्या वृद्धि के कारण संसदीय सीटों में अधिक वृद्धि का अनुमान है। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी स्पष्ट किया है कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान दक्षिणी राज्यों (जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक) का आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम नहीं होने दिया जाएगा और उनकी सीटें भी आनुपातिक रूप से बढ़ेंगी।

2. महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) और परिसीमन का संवैधानिक पेच

2023 में पारित 106वें संविधान संशोधन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) के अनुसार, संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तभी लागू होगा जब जनगणना और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी।

  • जंतर-मंतर पर महिला संगठनों का विरोध: 'नेशनल कोएलिशन फॉर वीमेंस रिजर्वेशन' सहित विभिन्न नागरिक समूहों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर मांग की है कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की पूर्व-शर्त से अलग किया जाए ताकि इसे बिना किसी प्रक्रियात्मक देरी के तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सके।
  • संसदीय सर्वसम्मति की कोशिश : संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच हुई वार्ता का मुख्य विषय परिसीमन प्रक्रिया के समय और महिला आरक्षण के त्वरित क्रियान्वयन पर राजनीतिक सहमति बनाना माना जा रहा है।

3. अमित शाह की पर्दे के पीछे की बिसात : ओम बिरला से मुलाकात और मुंबई दौरा

संसद में जारी गहमागहमी के बीच गृह मंत्री की हालिया व्यस्तता को तीन प्रमुख रणनीतिक बिंदुओं के संदर्भ में देखा जा रहा है:

  1. संसदीय कार्यप्रणाली और विधायी एजेंडा : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ अमित शाह की लगभग एक घंटे चली बैठक में आगामी दिनों में सदन में पेश होने वाले संभावित विधेयकों, चर्चा के समय और सदन के संचालन के नियमों पर विचार-विमर्श की संभावना है।
  2. सहयोगियों के साथ क्षेत्रीय समन्वय : मुंबई यात्रा के दौरान राजनीतिक बैठकों का उद्देश्य महाराष्ट्र में एनडीए के सहयोगियों (शिवसेना शिंदे गुट, एनसीपी) को परिसीमन के बाद बनने वाले नए राज्य स्तरीय व केंद्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के गणित पर आश्वस्त करना है।
  3. विपक्षी मोर्चेबंदी का जवाब : तमिलनाडु में डीएमके और महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) परिसीमन को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि किसी भी विधेयक को पारित कराने से पहले एनडीए के भीतर पूर्ण एकता रहे।

4. कांग्रेस का 3-दिवसीय व्हिप और संसद के अंतिम पड़ाव की स्थिति

कांग्रेस पार्टी द्वारा 11, 12 और 13 अगस्त को अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश देना इस बात का प्रमाण है कि विपक्ष सरकार की ओर से किसी भी अंतिम समय के 'सरप्राइज बिल' (Surprise Bill) या महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन के लिए तैयार रहना चाहता है।

Delimitation Bill

क्या सरकार सत्र के अंतिम तीन दिनों में परिसीमन आयोग के गठन या जनगणना की समय-सीमा को लेकर कोई बड़ी घोषणा करेगी या फिर संसद हंगामे के बीच स्थगित होगी? इसका सटीक उत्तर अगले 72 घंटों की विधायी कार्रवाइयों से ही स्पष्ट होगा।

यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्जेस पर वित्त मंत्रालय की सफाई: आम जनता के लिए P2P ट्रांसफर पूरी तरह निशुल्क रहेंगे

UPI nirmala sitharaman

सोशल मीडिया पर यूपीआई (UPI) पेमेंट्स पर शुल्क लगाए जाने की अफवाहों और अटकलों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि आम नागरिकों के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) और रोजमर्रा के यूपीआई लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। ALSO READ: UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री, किन पर लगेगा टैक्स, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
 

संसद में पारित कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 (Taxation and Other Laws Amendment Bill, 2026) के बाद यह भ्रम फैला था कि यूपीआई इस्तेमाल करने पर उपयोगकर्ताओं से शुल्क वसूला जाएगा। 
 

वित्त मंत्रालय के बयान की मुख्य बातें

आम नागरिकों के लिए शून्य शुल्क: आम उपभोक्ता जो एक-दूसरे को पैसे भेजते हैं (P2P) या छोटे दुकानदारों (किराना स्टोर, सब्जी विक्रेता आदि) को भुगतान करते हैं, उनसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

छोटे व्यापारी भी सुरक्षित: छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू नहीं होगा।

सीमित मर्चेंट लेनदेन पर MDR विचार योग्य: भविष्य में यदि कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होता भी है, तो वह केवल बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Large Merchants) और निर्धारित टर्नओवर/राशि से अधिक के उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर ही लागू होगा। ALSO READ: UPI MDR Charges Controversy: UPI लेनदेन शुल्क में 'ट्रंप कनेक्शन' की क्यों हो रही चर्चा?
 

2026 के विधेयक संशोधन और भ्रम का कारण

हाल ही में संसद द्वारा 'भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007' (Payment and Settlement Systems Act, 2007) की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव पास किया गया है।

1. सक्षमकारी प्रावधान (Enabling Provision): यह संशोधन अपने आप में कोई नया शुल्क लागू नहीं करता, बल्कि सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को भविष्य के लिए एक नीतिगत ढांचा बनाने का अधिकार देता है।

2. फैसला NPCI के हाथ में: संसद से विधेयक पूर्ण रूप से पारित होने के बाद, NPCI की अध्यक्षता वाली 'यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' यह तय करेगी कि बड़े मर्चेंट्स पर कोई nominal MDR लागू किया जाए या नहीं।

 

आखिर क्यों जरूरी है यूपीआई इकोसिस्टम का वित्तीय ढांचा?

वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया कि यूपीआई के तेजी से बढ़ते दायरे के कारण सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश की आवश्यकता है:


पहलू कारण और प्रभाव

  • साइबर सुरक्षा और फ्रॉड रोकथाम बड़े पैमाने पर हो रहे डिजिटल लेनदेन के लिए मजबूत डेटा सुरक्षा और एंटी-फ्रॉड सिस्टम बनाए रखना जरूरी है।
  • बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड सर्वर क्रैश और ट्रांजैक्शन फेलियर की समस्याओं को खत्म करने के लिए बैंकों व फिनटेक कंपनियों को बुनियादी ढांचे में सुधार करना पड़ता है।
  • सब्सिडी पर निर्भरता कम करना केवल सरकारी सब्सिडी के भरोसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभर रहे इस डिजिटल सिस्टम को लंबे समय तक चला पाना संभव नहीं है।

जुलाई 2026 में यूपीआई के माध्यम से 2,366 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए, जिनका कुल मूल्य 29.9 लाख करोड़ रुपए रहा। सरकार ने आश्वस्त किया है कि इस विशाल डिजिटल क्रांति को आम नागरिकों के लिए हमेशा सुलभ और निशुल्क बनाए रखा जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें।

मध्यप्रदेश में कई जिलों में आफत की बारिश, भोपाल में 7 इंच बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में नदी-नाले उफान पर, निचले इलाके में जलभराव

भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी भोपाल सहित सीहोर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, खरगौन, रतलाम, मंडला और डिंडौरी समेत कई जिलों में भारी बारिश होने के कारण इसका जनजीनवन पर असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिले हाई अलर्ट पर हैं।

 

भोपाल में रविवार शाम से हो रही लगातार बारिश का असर जनजीवन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण सोमवार को 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। हलांकि जिला प्रशासन ने छुट्टी का आदेश तब निकाला जब बारिश के बीच अधिकांश स्कूलों में बच्चे पहुंचना शुरु हो गए थे। वहीं प्रशासन के आदेश के बाद भी कई स्कूलों में पढ़ाई भी शुरु हो गई थी, जिसे बाद में छुट्टी करना पड़ा। 

 

वहीं भोपाल में रात से हो रही लगातार बारिश के शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। होशंगाबाद रोड, मिनाल रेसीडेंसी,  शाहपुरा तालाब के पास सड़क पर पानी भर गया। जलभराव के बीच वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह घरों और सड़कों तक पानी पहुंच गया है। मंत्री विश्वास सांरग ने अपने विधानसभा क्षेत्र नरेला के जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए। लगातार बारिश के बीच शहर की कई कॉलोनी में जलभराव देखने को मिल रहा है।

 

बारिश के चलते भोपाल की ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सोमवार सुबह घर से ऑफिस निकलने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ा। होशंगाबाद रोड के साथ मिनाल क्षेत्र में लोगों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते वीआईपी रोड और जेपी हॉस्पिटल कैंपस में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई है। 

 

वहीं भोपाल के साथ सीहोर में भारी बारिश से से बाणगंगा और हलाली नदी के उफान पर होने के कारण बैरसिया जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। भोपाल-बैरसिया रोड पर पारुआ नाला भी उफान पर है, इससे आसपास के कई गांव का संपर्क कट गया है।  

 

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे तक भोपाल में 7 इंच, नर्मदापुरम में 4.84 इंच, रायसेन में 4.80 इंच, राजगढ़ में 4.41 इंच, पचमढ़ी में 3.43 इंच, नरसिंहपुर में 3.27 इंच और गुना में 2.99 इंच बारिश दर्ज की गई है।

 

बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। अगले 24 घंटे कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच लोगों से भी निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।

 

गांधीनगर में CM भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में भव्य तिरंगा यात्रा की शुरुआत, नागरिकों में दिखा जबरदस्त उत्साह

गांधीनगर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा गांधीनगर के 'ग-6' सर्कल से शुरू होकर 'घ-6' सर्कल तक निकाली गई। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा सहित प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने इस देशभक्ति यात्रा में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।

 

इस यात्रा में शहर के नागरिकों, छात्रों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुख्य मार्गों से गुजरते समय राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति के नारे गूंज उठे। यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान है और आने वाले दिनों में राज्य के सभी शहरों में ऐसी तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, अहमदाबाद में आयोजित होने वाली तिरंगा यात्रा की तारीख में बदलाव किया गया है, जो अब 11 अगस्त के बजाय 12 अगस्त को आयोजित की जाएगी।