Uttarakhand Cloudburst: चमोली में भारी बारिश से तमक नाले में आया सैलाब, वैली ब्रिज बहा; BRO का जवान लापता

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उत्तराखंड के चमोली में स्थित नीती घाटी में सोमवार शाम बादल फटने के बाद तमक नाले ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नाले का पानी तेज बहाव के साथ मलबा और बड़े-बड़े पत्थर लेकर आया और ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे पर तमक गांव में बना वैली ब्रिज बहा ले गया। बाढ़ की चपेट में सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कैंपर वाहन भी आ गया। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद BRO के हवलदार पंकज भी तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता हैं। इस हादसे के बाद सीमा क्षेत्र का देश-दुनिया से सड़क संपर्क टूट गया है। ALSO READ: Sarangpur : सारंगपुर में दर्दनाक हादसा, 11 लोगों से भरी ईको कार नाले में बही, 7 की मौत, 2 ने कूदकर बचाई जान, 2 लापता

 

शाम 5 बजे आया अचानक सैलाब

तमक गांव ज्योतिर्मठ से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। सोमवार सुबह से ही नीती घाटी में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। बारिश के कारण तमक नाले का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा। पुल के आसपास के खेतों में पानी घुस गया और हाईवे पर भी पानी आने लगा। लेकिन करीब 5 बजे नाले में अचानक तेज बाढ़ आ गई। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आया, जिसकी चपेट में वैली ब्रिज आ गया। कुछ ही समय में पुल पानी के तेज बहाव में बह गया।

BRO का जवान पंकज लापता

बाढ़ आने के समय मौके पर BRO के अधिकारी, कर्मचारी, मजदूर और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। अचानक आए सैलाब को देखकर सभी सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इसी दौरान पैदल सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे BRO के हवलदार पंकज भी तेज बहाव की चपेट में आ गए और लापता हो गए। पुल के पास सड़क किनारे खड़ा BRO का कैंपर वाहन भी बाढ़ में बह गया। लापता जवान की तलाश के लिए राहत और बचाव दलों ने अभियान शुरू कर दिया है।

 

घर, खेत और सेब के बगीचों को नुकसान

तमक नाले की बाढ़ ने गांव में भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई घरों में पानी और मलबा घुसने की सूचना है। इसके अलावा खेतों और सेब के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के साथ आए भारी पत्थर, मिट्टी और मलबे ने तमक गांव के नीचे बह रही भागीरथी गंगा की जलधारा को भी कुछ समय के लिए बाधित कर दिया। इससे इलाके में लोगों की चिंता और बढ़ गई। ALSO READ: Weather Update : MP-राजस्थान में मूसलाधार बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट; असम में बाढ़ से 100 की मौत

 

एक घंटे बाद कम हुआ जलस्तर

तमक नाले में अचानक आई बाढ़ करीब एक घंटे बाद कमजोर पड़ने लगी। जलस्तर कम होने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एक-दूसरे की कुशलक्षेम पूछी और नुकसान का जायजा लेना शुरू किया। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF और SDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहुंच गई हैं।

 

मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी गई

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकता लापता BRO जवान की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वैली ब्रिज बहने से सीमा क्षेत्र का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, ऐसे में प्रशासन और सीमा सड़क संगठन के सामने आवागमन बहाल करना भी बड़ी चुनौती होगी।

इस्लामी नाटो : क्या मोदी-नेतान्याहू की नजदीकियों का जवाब देने के लिए साथ आए पाक, सऊदी और तुर्की?

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“नाटो की तर्ज पर 'एक पर हमला, सब पर हमला'। क्या भारत-इजराइल के तकनीकी व सामरिक गठबंधन ने तीन प्रमुख मुस्लिम देशों को एक मंच पर आने के लिए मजबूर कर दिया?”

फरवरी 2026 में भारत और इजराइल द्वारा अपने संबंधों को 'शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी' (Special Strategic Partnership for Peace, Innovation & Prosperity) के स्तर पर उन्नत करने और जुलाई 2026 में 'द्विपक्षीय निवेश समझौते' (BIA) के लागू होने के ठीक बाद, 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर किए।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विश्लेषकों के बीच यह यक्ष प्रश्न तेजी से उठ रहा है: क्या मक्का रक्षा समझौता वास्तव में भारत और इजराइल की बढ़ती नजदीकियों और I2U2/IMEC जैसे पश्चिमी-एशियाई तंत्रों का सीधा जवाब है?

1. दो विपरीत ध्रुवों का उभार : भारत-इजराइल बनाम मक्का समझौता
पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के संगम पर दो अलग-अलग रणनीतिक गुटों की रूपरेखा स्पष्ट दिखाई देने लगी है:

  1. भारत-इजराइल की गहरी होती धुरी (2026): फरवरी 2026 में भारतीय प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा के दौरान रक्षा प्रौद्योगिकियों के सह-उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे' (IMEC) को गति देने पर सहमति बनी।
  2. मक्का समझौते का प्रतिसंतुलन (August 2026): इसके जवाब में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की द्वारा “एक पर हमला, सभी पर हमला” की सामूहिक सुरक्षा गारंटी देना इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन (Balance of Power) बनाए रखने की कवायद माना जा रहा है।

2. क्या यह भारत-इजराइल गठबंधन की सीधी प्रतिक्रिया है?
इस सवाल का उत्तर 'हां और ना' दोनों के सूक्ष्म कूटनीतिक संतुलन में छिपा है:
(A) 'हां' – क्यों यह भारत-इजराइल धुरी का जवाब माना जा रहा है?

  • I2U2 और IMEC का विकल्प : भारत, इजराइल, अमेरिका और यूएई का 'I2U2' समूह और IMEC गलियारा तुर्की व पाकिस्तान दोनों को रणनीतिक रूप से दरकिनार करता था। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने IMEC का खुलकर विरोध करते हुए वैकल्पिक व्यापारिक मार्गों पर जोर दिया था। मक्का समझौता तुर्की और पाकिस्तान को पश्चिम एशिया के व्यापारिक व सुरक्षा नेटवर्क के केंद्र में वापस लाता है।
  • पाकिस्तान की सुरक्षा की तलाश : भारत और इजराइल के बीच आधुनिक रक्षा तकनीकों (जैसे राडार, मिसाइल डिफेंस, एयर सर्विलांस) के सह-उत्पादन से पाकिस्तान के खिलाफ भारत की पारंपरिक सैन्य श्रेष्ठता बढ़ी है। पाकिस्तान ने सऊदी की वित्तीय मदद और तुर्की के उन्नत ड्रोन (Bayraktar) व नौसैनिक जहाजों के जरिए इस अंतर को पाटने के लिए मक्का समझौते को जरिया बनाया है।
  • वैश्विक नैरेटिव का मुकाबला : इजराइल-भारत के रक्षा व तकनीकी जुड़ाव के मुकाबले तुर्की खुद को मुस्लिम जगत के तकनीकी और सैन्य नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना चाहता है।

(B) 'ना' – क्यों इसके पीछे केवल भारत-इजराइल कारक ही नहीं है?

  • सऊदी अरब की अपनी सुरक्षा मजबूरी : सऊदी अरब का प्राथमिक उद्देश्य भारत-इजराइल गठबंधन का विरोध करना नहीं, बल्कि अमेरिकी सुरक्षा छतरी पर अपनी पूर्ण निर्भरता को कम करना है। ईरान, लाल सागर में हुती विद्रोहियों के ड्रोन हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटने के लिए सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा प्रणाली को बहुकोणीय बनाना जरूरी था।
  • रियाद के भारत से आर्थिक हित : सऊदी अरब भारत को अपना प्रमुख ऊर्जा ग्राहक और बड़ा निवेश बाजार मानता है। यही कारण है कि सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह रक्षा समझौता केवल रक्षात्मक प्रकृति का है और यह भारत जैसे मित्र देशों के साथ उसके संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा।

3. दोनों गठबंधनों का संरचनात्मक तुलनात्मक अध्ययन

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4. नई दिल्ली का रुख और भविष्य की रणनीति

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारत क्षेत्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर पैनी नजर रख रहा है। भारत की विदेश नीति किसी एक गुटबंदी में बांधने के बजाय 'गुटनिरपेक्षता से रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) पर केंद्रित है:

  1. सऊदी अरब और खाड़ी देशों से संवाद : भारत अपने विशाल आर्थिक आकार, कार्यबल (Diaspora) और ऊर्जा व्यापार के बल पर सऊदी अरब व यूएई के साथ मजबूत संबंध बनाए रखेगा ताकि इस समझौते का इस्तेमाल भारत-विरोधी मोर्चे के रूप में न हो सके।
  2. वैकल्पिक रक्षा साझेदारियां : तुर्की के पाकिस्तान-सऊदी गुट में हावी होने के जवाब में भारत ने भूमध्य सागर में ग्रीस, साइप्रस और मध्य पूर्व में इजराइल व यूएई के साथ अपने सुरक्षा व नौसैनिक संबंधों को और गहरा किया है।
  3. आत्मनिर्भरता और सह-विकास : इजराइल के साथ 2026 के समझौते के तहत 'मेक इन इंडिया' के तहत क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (CET) में भारत अपनी स्वदेशी सैन्य क्षमताओं को और तेज कर रहा है।

यह कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा कि 'मक्का रक्षा समझौता 2026' केवल  भारत और इजराइल की नजदीकियों की प्रतिक्रिया में बना है। हालांकि, यह निर्विवाद है कि भारत-इजराइल के बीच 2026 में बने गहरे तकनीकी व सामरिक ढांचे ने पश्चिम एशिया में शक्ति-संतुलन की जो नई रेखाएं खींची थीं, 'मक्का समझौते' ने उस संतुलन को बनाए रखने के लिए एक समानांतर ब्लॉक खड़ा कर दिया है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वह इजराइल के साथ अपनी रक्षा-तकनीकी साझेदारी को बिना प्रभावित किए सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों के साथ अपने आर्थिक व ऊर्जा संबंधों को मजबूती से बनाए रखे।

MP Rain: राजगढ़ में उफनते नाले में समाई कार, भोपाल और आगर मालवा में स्कूल बंद

Rajgarh Car Accident

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच राजगढ़ जिले से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रविवार रात से हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच सोमवार सुबह पड़ाना कस्बे में झिरी नाले को पार करने की कोशिश कर रही एक कार तेज बहाव में बह गई। कार में सवार एक ही परिवार के 9 लोगों की डूबने से मौत हो गई।

 

हादसे के वक्त कार में कुल 11 लोग सवार थे। इनमें से दो लोगों को स्थानीय लोगों ने किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि बाकी लोग तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। करीब चार से पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने सभी नौ शवों को बरामद कर लिया।

 

कई जिलों में बाढ़ से हालात

भोपाल, विदिशा, सीहोर, खंडवा, राजगढ़ और आगर मालवा में भारी बारिश की वजह से बाढ़ से हालात बने हुए हैं। नदी नाले उफान पर है। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और होमगार्ड को तैनात किया गया है। 
 ALSO READ: मध्यप्रदेश में कई जिलों में आफत की बारिश, भोपाल में 7 इंच बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में नदी-नाले उफान पर, निचले इलाके में जलभराव

 

भोपाल और आगर मालवा में स्कूलों की छुट्टी

भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच पानी बरसने से कई इलाकों में पानी भर गया। भोपाल और आगर मालवा में लगातार हो रही बारिश की वजह से मंगलवार को स्कूलों की छुट्‍टी घोषित कर दी गई। वहीं इंदौर में दिनभर में मात्र 8.5 मिमी पानी बरसा।

Top News 11 August: कोलंबिया में भूकंप से तबाही, MP-राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश; छात्र आंदोलन और संसद में गतिरोध

top news 11 august

Top News 11 August : कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की जान गई। मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी। झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े। संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी। शरद पवार की पोती की शादी में पहुंचे पीएम मोदी और अमित शाह। 11 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

कोलंबिया में भूकंप से तबाही

कोलंबिया में 10 अगस्त 2026 को 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। सैन जोस डेल पालमार के पास आए भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कम से कम 132 लोगों की मौत हुई। भूकंप के बाद देश में इमरजेंसी का एलान किया गया। राहत और बचाव कार्य जारी। ALSO READ: Colombia Earthquake: 7.4 तीव्रता के भूकंप से दहला कोलंबिया, 132 से ज्यादा मौतें; आपातकाल का एलान

 

दिल्ली से राजस्थान तक भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, गुजरात, और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है।

 

छात्र आंदोलन से कैसे निपटेंगे हेमंत सोरेन?

लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी रांची में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना छात्रों का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी आवाज सुने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी। ALSO READ: Jharkhand Student Protest : विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज, CM हेमंत सोरेन बोले- 'बातचीत से सुलझाएंगे मामला'

 

अमित शाह के 'जवाब' पर नहीं बनी बात

संसद के मानसून सत्र में तीन सप्ताह से ज्यादा समय से जारी गतिरोध सोमवार को भी खत्म नहीं हो सका। सरकार की ओर से छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में चर्चा कराने तथा गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश के बावजूद कांग्रेस ने इसे स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि तीन मुद्दे उसके लिए 'नॉन-नेगोशिएबल' हैं और इन पर सरकार को जवाब देना ही होगा। ALSO READ: संसद में गतिरोध खत्म नहीं, अमित शाह के बयान के ऑफर पर भी नहीं बनी बात, कांग्रेस बोली- तीन मांगों पर समझौता नहीं

 

पीएम मोदी और अमित शाह के साथ शरद पवार!

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के शादी रिसेप्शन में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ नजर आए। शरद पवार की पार्टी अभी भी विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में इन तीनों नेताओं की एक साथ तस्वीर ने सबसे ज्यादा राजनीतिक ध्यान खींचा। 

 

Colombia Earthquake: 7.4 तीव्रता के भूकंप से दहला कोलंबिया, 132 से ज्यादा मौतें; आपातकाल का एलान

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Colombia Earthquake: कोलंबिया में 10 अगस्त 2026 को 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। सैन जोस डेल पालमार के पास आए भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कम से कम 132 लोगों की मौत हुई। ALSO READ: सब्जी बेचने वाले के हाथ में थे टमाटर और लहसुन, हवा से बरसी मौत' खेरसॉन में रूसी 'कामिकेज़' का खौफनाक शिकार

 

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई जगह इमारतों की दीवारों में दरारें और क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दीं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.4 थी। इसका केंद्र सैन जोस डेल पालमार के पास बताया गया है। यह क्षेत्र राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

 

भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके राजधानी बोगोटा और पड़ोसी देश वेनेजुएला और इक्वाडोर तक महसूस किए गए। इसका केंद्र प्रशांत तट पर स्थित चोको (Chocó) प्रांत में जमीन से लगभग 107 किलोमीटर की गहराई में था। राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से नुकसान और हताहतों की संख्या का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

इक्वाडोर और पनामा में भी महसूस हुए झटके 

शक्तिशाली भूकंप के झटके पड़ोसी देशों इक्वाडोर और पनामा तक महसूस किए गए। वेनेजुएला के सीमा क्षेत्र में भी झटकों का असर महसूस हुआ। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में इन देशों में बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

 

भूकंप के बाद इमरजेंसी का एलान

कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने देश में आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने सैन जोस डेल पालमार में भूकंप के बाद सरकार की आपात प्रतिक्रिया की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल ली है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं और सरकार मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई कर रही है।

गहराई ज्यादा होने से कम रहा असर? 

USGS के अनुसार भूकंप का केंद्र करीब 107 किलोमीटर की गहराई पर था। इतनी गहराई के कारण सतह पर इसका प्रभाव बेहद उथले भूकंप की तुलना में अलग रहा। अधिकारियों ने लोगों को संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। भूकंप के बाद दो आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए।

 

क्या कोलंबिया में भूकंप आम हैं?

कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप आते रहते हैं, इन्हें स्थानीय तौर पर ‘टेम्बलोरेस’ कहा जाता है। हालांकि, 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं। वर्ष 1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

MP Police Promotion: पुलिस जवानों ने CM मोहन यादव का जताया आभार, बोले- प्रमोशन से बढ़ा हौसला, CM ने कही बड़ी बात

'मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी, उनकी सेवा और समर्पण प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास का प्रतीक है। पुलिस की वर्दी पर आग, पानी और आंधी का कोई असर नहीं होता। इसे पहनकर आदमी शेर बन जाता है। मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं। हमारे पुलिस अधिकारियों ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है।

चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 अगस्त को रवींद्र भवन में कही। वे मध्यप्रदेश पुलिस में नई भर्ती और पदोन्नति के लिए आयोजित 'आभार प्रदर्शन समारोह' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने नवीन भर्ती में चयनित

पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे,पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बैज लगाए। इस मौके पर उन्होंने अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों, बैगा, भारिया, सहरिया कंपनियां शामिल होंगी।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्वों को पूरा कर जीवन को धन्य करते हैं। पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं। डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए जो कार्य किए हैं, वो कोई नहीं कर सकता है। कभी जिस समस्या से भारत परेशान रहता था, अब उससे हमारे पड़ोसी देश परेशान हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। लेकिन, इस बात का मलाल भी है कि इस प्रक्रिया को लागू करते-करते लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं। 

 

पारदर्शिता के साथ होगी भर्ती प्रक्रिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एकएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

 

सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम एमपी पुलिस

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। आजादी के बाद से नक्सलवाद देश के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। इन्हीं प्रयासों से मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 प्रदेश का एक मेगा इवेंट होगा। पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। नई भर्तियों से आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग में सालों से लंबित पदोन्नति की सौगात मिलने से अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 27 हजार से अधिक प्रमोशन हुए हैं। सभी पुलिसकर्मी पूर्ण समर्पण से कार्य करेंगे और अच्छे परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं। मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।

 

पुलिस की आत्मीय कहानियां

उज्जैन जिले में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे कई साथी दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं और कई अब सेवानिवृत्ति की ओर हैं। परिवार के सपने हमारी पदोन्नति से जुड़े होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय से हमारी सेवा को सम्मान मिला है। मुझे तीन वर्ष कार्यवाहक डीएसपी पद पर कार्य करने के बाद पदोन्नति मिली है। इसके लिए हम सभी अधिकारी और कर्मचारी आभार व्यक्त करते हैं। 

निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से मेरे परिवार में तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। पदोन्नति से एक कर्मचारी में निष्ठा और ऊर्जा का संचा होता है। कर्मचारियों के इंतजार को खुशी में बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करती हूं। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि मैं बालाघाट जिले का निवासी हूं। कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था।

मेरी स्कूली शिक्षा गांव में पूरी हुई। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर मुझे वर्ष 2022 में डीएसपी पद मिला। मेरी सफलता से क्षेत्रवासियों में नई ऊर्जा मिली है। हम अपने देश भक्ति और सेवा के जज्बे को जमीन पर उतारेंगे। महिला आरक्षण (नवीन भर्ती) आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से मेरा सपना खाकी वर्दी पहनने का था। शादी और बच्चों के बाद पुलिस विभाग में मेरा चयन महिलाओं के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में एडीजी एसएएफ चंद्रशेखर ने अभिनंदन पत्र को पढ़ा और स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 

Jharkhand Student Protest : विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज, CM हेमंत सोरेन बोले- ‘बातचीत से सुलझाएंगे मामला’

Jharkhand CM announces rs 3 crore relief for flood victims

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी रहा। हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया और रास्ते में पुलिस की कई बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़े। अंतिम बैरिकेड के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन हुआ।

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JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांगALSO READ: Jharkhand Student Protest : रांची में उग्र हुए छात्र, तोड़े बैरिकेड्‍स, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, झड़प के साथ लाठीचार्ज

 

प्रदर्शनकारियों ने पुराने विधानसभा भवन से करीब सुबह 10:30 बजे मार्च शुरू किया। हाथों में तिरंगा और प्लेकार्ड लिए अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे थे। करीब चार किलोमीटर लंबे मार्च के दौरान सुरक्षा के लिए 1,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बैरिकेड के नजदीक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

 

9 दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्र नाथ महतो

JLKM नेता और छात्र आंदोलन से जुड़े देवेंद्र नाथ महतो नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। बताया गया कि इस दौरान उनका वजन करीब 10.5 किलोग्राम कम हो गया है। इसके बावजूद वह एंबुलेंस से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। महतो ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और सभी को शांति बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

सरकार बोली- 98 फीसदी मांगें मानीं, छात्र असहमत

झारखंड सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 13 परीक्षाओं में से केवल तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी है। अभ्यर्थी व्यापक JPSC-JSSC सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग पर अब भी कायम हैं।

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तीसरी बार लाठीचार्ज के बाद भी पीछे नहीं हटे छात्र

 

सोमवार शाम विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने तीसरी बार लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने महिला अभ्यर्थियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया। दिन में विधानसभा घेराव मार्च के दौरान भी पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल किया।

 

CM हेमंत सोरेन बोले- बातचीत से सुलझाएंगे मामला

विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना छात्रों का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी आवाज सुने।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्रों के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी। सोरेन ने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य व्यवस्था की कमियों को दूर करना है, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान

छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है। इससे पहले रांची में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

संसद में गतिरोध खत्म नहीं, अमित शाह के बयान के ऑफर पर भी नहीं बनी बात, कांग्रेस बोली- तीन मांगों पर समझौता नहीं

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संसद के मानसून सत्र में तीन सप्ताह से ज्यादा समय से जारी गतिरोध सोमवार को भी खत्म नहीं हो सका। सरकार की ओर से छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में चर्चा कराने तथा गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश के बावजूद कांग्रेस ने इसे स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि तीन मुद्दे उसके लिए 'नॉन-नेगोशिएबल' हैं और इन पर सरकार को जवाब देना ही होगा।

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कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान राशि की चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की मांग दोहराई। वहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से स्पष्ट जवाब मांगा।

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सरकार ने छात्र आंदोलन पर चर्चा का दिया प्रस्ताव

 

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए छात्र और युवा आंदोलनों तथा पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का बिंदुवार जवाब देंगे। रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि वह चर्चा के दौरान शांतिपूर्वक हिस्सा ले और गृह मंत्री के जवाब के समय सदन से बाहर न जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी पहले दिन से गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे। अब सरकार चर्चा और अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है, इसलिए विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।

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कांग्रेस ने ऑफर को बताया गुमराह करने की कोशिश

 

सरकार के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने पलटवार किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि अमित शाह संसद में किसी सामान्य मुद्दे पर भाषण दे सकते हैं या नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल किया कि कार्रवाई का आदेश किसने दिया।

 

राहुल गांधी ने कहा कि अगर अमित शाह ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है। राहुल गांधी ने दोनों परिस्थितियों में गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

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राहुल गांधी ने कहा- माफी मांगे पीएम मोदी 

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एक अन्य प्रमुख मुद्दा अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी कथित दान राशि की चोरी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।

 

खड़गे बोले- तीनों मुद्दे नॉन-नेगोशिएबल

 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार ने कई दिनों तक इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। खड़गे ने राम मंदिर की दान राशि में कथित चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में लाखों लोगों की आस्था है, इसलिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। खड़गे ने स्पष्ट किया कि तीनों मुद्दे कांग्रेस के लिए नॉन-नेगोशिएबल हैं और पार्टी इन पर अपना रुख नहीं बदलेगी।

 

संसद में लगातार हो रहा हंगामा

20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में छात्र आंदोलन और राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद सहित कई मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हुई है।  सत्र गुरुवार को समाप्त होने वाला है। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकसभा में अब तक नौ विधेयक पारित हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल दो पर ही चर्चा हो सकी, जबकि बाकी विधेयक विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित किए गए।

 

रिजिजू बोले- अब पता चलेगा कौन चर्चा से भागता है

कांग्रेस की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण रिजिजू ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन चर्चा से भाग रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब गृह मंत्री चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं तो विपक्ष को भी सदन में मौजूद रहकर उनका जवाब सुनना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि आरोप लगाकर फिर चर्चा से पीछे हटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर चर्चा से बचने के लिए नए मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।

Colombia Earthquake : कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, कम से कम 47 लोगों की मौत, इक्वाडोर और पनामा तक महसूस हुए झटके

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दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 10 अगस्त 2026 की सुबह 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े इलाके को हिला दिया। भूकंप के कारण कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में कम से कम 47 लोगों की मौत हुई है। कई लोग घायल हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। वेनेजुएला में जून के भूकंप की याद ताजा

कोलंबिया में आया यह शक्तिशाली भूकंप ऐसे समय आया है जब जून के आखिर में पड़ोसी वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। उन भूकंपों में भारी तबाही की खबरें सामने आई थीं। फिलहाल कोलंबिया में राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से नुकसान और हताहतों की संख्या का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। बोगोटा समेत कई शहरों में कांपी धरती

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भूकंप का असर राजधानी बोगोटा समेत कोलंबिया के बड़े हिस्से में महसूस किया गया। तेज झटकों के बाद लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई जगह इमारतों की दीवारों में दरारें और क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दीं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.4 थी। इसका केंद्र सैन जोस डेल पालमार के पास बताया गया है। यह क्षेत्र राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

 

चोको क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान

भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में चोको क्षेत्र शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक पेरेइरा में 18 और मनिजालेस में 2 लोगों की मौत हुई, जबकि वैले डेल काउका क्षेत्र में 27 मौतें दर्ज की गईं। कई शहरों में इमारतों के क्षतिग्रस्त होने और लोगों के मलबे में फंसे होने की खबरें सामने आई हैं।

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कोलंबिया के चोको प्रांत की गवर्नर नूबिया कैरोलिना कॉर्डोबा-कुरी ने कहा कि सैन जोस डेल पालमार के पास भूकंप का केंद्र होने के बावजूद प्रांतीय राजधानी क्विब्दो में भी लोगों के घायल होने और इमारतों को गंभीर नुकसान की सूचना मिली है। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

इक्वाडोर और पनामा में भी महसूस हुए झटके

 

शक्तिशाली भूकंप के झटके पड़ोसी देशों इक्वाडोर और पनामा तक महसूस किए गए। वेनेजुएला के सीमा क्षेत्र में भी झटकों का असर महसूस हुआ। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में इन देशों में बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

 

बोगोटा में लोग घरों से बाहर निकले

 

भूकंप के दौरान बोगोटा में इमरजेंसी सायरन बजने लगे। कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राजधानी के मेयर के अनुसार शुरुआती आकलन में शहर में बड़े नुकसान की सूचना नहीं थी। मेडेलिन के मेयर ने भी शुरुआती तौर पर किसी बड़े हताहत की सूचना नहीं दी थी।

 

गहराई ज्यादा होने से कम रहा असर?

 

USGS के अनुसार भूकंप का केंद्र करीब 107 किलोमीटर की गहराई पर था। इतनी गहराई के कारण सतह पर इसका प्रभाव बेहद उथले भूकंप की तुलना में अलग रहा। अधिकारियों ने लोगों को संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। भूकंप के बाद दो आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए। 

कांवड़ की जगह हाथ में ‘तेजस’ का हैंडल, बीटेक छात्र ने बनाया अनोखा इलेक्ट्रिक वाहन, वीडियो वायरल

अक्सर कहा जाता है कि 'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है'। ऐसा ही नया कुछ कर दिखाने का चाह में मेरठ के एक युवा ने मात्र 45 हजार रूपये में एक अनोखी बाइक तैयार की और उससे हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंच गया। कांवड़ यात्रा मार्ग पर जिसने इस बाइक कै देखा वह दीवाना हो गया। बाइक तैयार करने वाला बीटेक का यह छात्र मेरठ का है और उसका दावा है कि उसने तीन दिन में बैटरी से चलने वाली बाइक तैयार की है। 

 

कांवड़ यात्रा के रास्ते पर एक से एक आकर्षक और मंहगी  कांवड़ दिखाई दे रही है। ऐसे में NH-58 से गुजर रही कांवड़ यात्रा में बीटेक छात्र अक्षय कुमार की बनाई बैटरी चालित बाइक खास चर्चा में है। अक्षय ने अपनी इस अनोखी कांवड़ को ‘तेजस’ नाम दिया है और इसी पर सवार होकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ अपने घर आ रहा है।

 

आम तौर पर कांवड़िए कंधे पर कांवड़ उठाकर पैदल यात्रा करते नजर आते हैं, लेकिन अक्षय ने अपनी तकनीकी रुचि से तैयार तेजस बाइक पर सवार होकर कांवड़ यात्रा का हिस्सा बना है। मैकेनिकल क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले अक्षय ने बताया कि कांवड़ यात्रा पर जाने की इच्छा थी, साथ ही मन में अनोखी कांवड़ लाने का विचार था, जिसके चलते उसने अपने हाथों से तैयार बैट्री बाइक को गंगाजल लाने का माध्यम बनाया। अक्षय का कहना है कि पढ़ाई और तकनीकी कौशल दोनों को प्रदर्शित करने का इससे अच्छा कोई और माध्यम नही हो सकता है। 

 

तीन दिन में तैयार किया मॉडल

 

अक्षय के मुताबिक ‘तेजस’ को तैयार करने में उसे महज तीन दिन का समय लगा। बाइक के निर्माण में मोटर, बैटरी, कंट्रोलर, चार्जर और हेडलाइट सहित कई उपकरण लगाए गए हैं। वजन कम रखने के लिए पीवीसी पाइप का इस्तेमाल किया गया है। इस पूरे प्रयोग पर करीब 45 हजार रुपये खर्च हुए हैं। अक्षय मानते है कि बाइक तैयार करने के पीछे केवल यात्रा के लिए वाहन तैयार करना नहीं था, बल्कि अपने तकनीकी ज्ञान को व्यवहारिक रूप देने का भी था।

फुल चार्ज पर 150 किलोमीटर तक चलने का दावा

 

अक्षय के मुताबिक ‘तेजस’ की बैटरी करीब चार घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाती है। एक बार चार्ज करने के बाद बाइक लगभग 150 किलोमीटर तक चल सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। हालांकि कांवड़ यात्रा के दौरान अक्षय की तेजस दौड़ नही पा रही है, क्योंकि इस समय सड़कों पर कांवड़ियों का राज है, जिसके चलते 'तेजस बाइक' की गति को नियंत्रित रखना पड़ रहा है।

 

साथ चल रहे पढ़ाई करने वाले साथी

 

अक्षय अकेले इस यात्रा पर नहीं है। उसके चार-पांच साथी भी उसके साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हैं। ये सभी पढ़ाई करने वाले युवा हैं। अक्षय का कहना है कि इस बाइक को बनाने के पीछे उनका मकसद युवाओं को यह बताना भी है कि कॉलेज में हासिल किया गया तकनीकी ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उसके मुताबिक पढ़ाई के साथ अगर युवा अपने हुनर को प्रयोग में लाएं तो छोटे स्तर पर भी नए और उपयोगी मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।

 

‘तेजस’ देखने के लिए रुक रहे राहगीर

 

NH-58 पर जैसे-जैसे अक्षय की ‘तेजस’ आगे बढ़ रही है, लोगों की निगाहें भी उस पर टिक रही हैं। सड़क किनारे खड़े लोग बाइक की बनावट और उसके काम करने के तरीके को जानने के लिए रुक रहे हैं। कई लोग अक्षय से बातचीत कर बाइक के बारे में जानकारी लेते नजर आए। कांवड़ मार्ग पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी भी इस अनोखी बाइक के साथ सेल्फी लेते दिखाई दिए। इस तरह अक्षय की ‘तेजस’ इस बार कांवड़ यात्रा में श्रद्धा के साथ तकनीक और युवा लग्न की अलग पहचान बन गई है।