
झारखंड के रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पहले एंबुलैंस का सहारा लिया। इसके बाद वे स्ट्रेचर के साथ छात्रों के कंधे पर सवार हो गए। उन्होंने कहा कि मैं विधानसभा के अंदर जाऊंगा। छात्र पुलिस द्वारा लगाए गए सारे बैरिकैड तोड़ आखिरी बैरिकैड तक पहुंच गए हैं। ALSO READ: झारखंड में क्यों नहीं शांत हो रहा छात्रों का गुस्सा?
JPSC-JSSC न्याय मंच के नेता महतो ने कहा कि सरकार अराजकता को न्योता क्यों दे रही है? वह ऐसा कुछ ना करें, जिससे अराजकता फैले। कटीले तार लगाने का सबसे ज्यादा दुख है। उन्होंने कहा कि सरकार झांसा देने का काम ना करें। महतो पिछले 9 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर हैं।
बैरिकैड तोड़ आगे बढ़ रहे हैं छात्र
बड़ी संख्या में आंदोलनकारी छात्र आज पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच वे बैरिकेड तोड़ लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कटीले तारों की बैरिकेडिंग की है। इसका भी उन पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव के रहनेवाले हैं। साल 2006 में प्रथम श्रेणी से दसवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद साल 2008 में विज्ञान से इंटर और साल 2017 में रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय संस्कृत से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद कुरमाली भाषा से पीजी किया और फिर बीएड भी। वे कॉलेज के दिनों से ही स्टूडेंट्स के हितों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करने लगे थे।
2015 में उन्होंने रघुवर दास की सरकार के समय लागू की गई नियोजन नीति के विरोध में उन्होंने आंदोलन शुरू किया। इसके बाद साल 2016 में छात्रवृत्ति घटने के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे। साल 2019 में उन्होंने छठे जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों को लेकर एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया। वो 2024 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। जेल से चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें कुल 1.48 लाख वोट आए और वो तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद वे सिल्ली विधानसभा से भी चुनाव लड़े और 30 स्थान पर रहें। ALSO READ: झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्यों ने दिया इस्तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?
आंदोलन को भाजपा का समर्थन
भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि उस आंदोलन में हमारी सहभगिता है। हम मानसिक और शारीरिक तौर पर उनकी मदद कर रहे हैं। हम चाहते है कि CBI जांच करे। मैं बार-बार कहता था कि JPSC के सदस्य, JMM और कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। आज उन्होंने इस्तीफा दिया है। झारखंड के बच्चों के साथ कांग्रेस, JMM और RJD ने अन्याय किया है।

