वाह रे सिस्टम, सब्जी में नमक की जगह डाला कपड़े धोने का सर्फ, स्कूल में मिड डे मील खाकर 18 बच्चे बीमार

वाह रे सिस्टम, सब्जी में नमक की जगह डाला कपड़े धोने का सर्फ, स्कूल में मिड डे मील खाकर 18 बच्चे बीमार

mid-day meal

हमारे सिस्टम को आखिर क्या हो गया है। यहां बच्चों की जिंदगी को भी इतना सस्ता समझ लिया गया है। दरअसल, बिहार के नालंदा में बच्चों के मिड डे मील में नमक की जगह कपड़े धोने का सर्फ डाल दिया गया जिससे 18 बच्चे बुरी तरह से बीमार पड गए।

हालांकि नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और डॉक्टर्स की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है कि मिड-डे मील में सर्फ आखिर पहुंचा कैसे।

बिहार के नालंदा के एक स्कूल से बच्चों की सेहत को लेकर लापरवाही भरा मामला सामने आया है। स्कूल के मिड-डे-मील में बच्चों को परोसी गई सोयाबीन की सब्जी में रसोइयों ने नमक की जगह सर्फ डाल दिया। इस खाने को खाने के बाद करीब 18 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। सभी को आनन-फानन में बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

मामला नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के परासी मिडिल स्कूल का है। मिड-डे मील में की गई लापरवाही से बच्चों की जान पर बन आई है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में परिजनों की भीड़ जुट गई। बच्चों को इस हाल में देखकर कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादातर बच्चे सुरक्षित हैं और सभी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह समेत कई डॉक्टर्स मॉडल अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं के इलाज की जानकारी ली। स्कूल के शिक्षक आशुतोष कुमार का कहना है कि मिड-डे मील का खाना दूसरे स्कूल से बनकर आया था। खाने में सोयाबीन की सब्जी में नमक कम था। छात्राओं ने जब नमक मांगा तो कथित तौर पर गलती से नमक की जगह सर्फ दे दिया गया। सब्जी खाने वाली कई छात्राओं ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। तबीयत बिगड़ने के बाद करीब 18 छात्राओं को इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल लाया गया। स्कूल प्रबंधन और प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।

Gen-Alpha के आंदोलन का असर, लखनऊ में शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश, खाने की क्वालिटी भी सुधारेंगे

Gen-Alpha के आंदोलन का असर, लखनऊ में शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश, खाने की क्वालिटी भी सुधारेंगे

Gen Alpha movement

स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षकों की कमी और व्यवस्थाओं के खिलाफ किए गए उग्र प्रदर्शन का बड़ा असर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, साथ ही स्कूलों में मिलने वाले भोजन व अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार कर दिया गया है।

शिक्षकों की भारी कमी थी : बता दें कि राजधानी के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में 20 स्वीकृत पदों के मुकाबले मात्र 8 या गिने-चुने शिक्षक ही तैनात थे, जिससे विज्ञान, गणित और अन्य मुख्य विषयों की पढ़ाई ठप हो गई थी। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने और पढ़ाई बाधित होने के कारण भारी बारिश के बीच स्कूली बच्चों ने लखनऊ की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था और मार्ग जाम किया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद समाज कल्याण विभाग और शासन स्तर पर तुरंत कदम उठाए गए। आंदोलन के बाद पशासन ने शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है इसके साथ ही भोजन में भी हुआ सुधार किया गया। बच्चों के इस आंदोलन की चारों तरफ तारीफ हो रही है।

आदेश जारी किए गए : स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा में और बाधा न आए। साथ ही विद्यालयों में खाने-पीने की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी हॉस्टल सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अदालती प्रक्रियाओं के चलते नियमित नियुक्तियों में हो रही देरी के बीच वैकल्पिक व गेस्ट फैकल्टी के जरिए भी पढ़ाई सुचारू रखने के प्रबंध किए गए हैं।

हार्वर्ड में मेडिकल पढ़ाई के लिए आईं बॉडी, सिर-दिमाग की चोरी, ब्लैक मार्केट में बेचा

हार्वर्ड में मेडिकल पढ़ाई के लिए आईं बॉडी, सिर-दिमाग की चोरी, ब्लैक मार्केट में बेचा

हार्वर्ड में जिन लोगों ने अपने शरीर के अंग (बॉडी पार्ट्स) मेडिकल पढ़ाई और रिसर्च के लिए दान में दिए थे, उन्हीं के सिर, दिमाग, त्वचा, हाथ, चेहरे और दूसरे अंग चोरी करके काले बाजार में बेच दिए गए। यह खबर सामने आने के बाद सनसनी मच गई है। यह सब हुआ है दुनिया की सबसे नामी यूनिवर्सिटी हार्वर्ड में। यह कांड करने वाला कोई और नहीं बल्कि हार्वर्ड मेडिकल स्कूल का ही एक कर्मचारी था। इस मामले में अब अमेरिका की इस यूनिवर्सिटी ने पीड़ित परिवारों को 507 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है।

क्या है पूरा मामला : यह मामला हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (HMS) के शवगृह (मोर्चरी) के पूर्व मैनेजर सेड्रिक लॉज से जुड़ा है। 58 साल के लॉज ने इंसानी अंग चोरी करने की बात कबूल की थी। इसके बाद पिछले साल दिसंबर में उसे 8 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। HMS के डीन जॉर्ज डेली और मेडिकल एजुकेशन के डीन बर्नार्ड चांग ने सोमवार को कहा कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का यह समझौता हार्वर्ड और शिकायत करने वाले परिवारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई से बचाएगा।

डेली और चांग ने लिखा, “लॉज को सजा मिलने के साथ उसके खिलाफ आपराधिक मामला खत्म हो गया है। वहीं, जब यह सामूहिक मुकदमे का समझौता पूरा हो जाएगा तो सिविल मामले भी खत्म हो जाएंगे। लेकिन इस दर्दनाक घटना से उबरने की प्रक्रिया अभी जारी है” प्रभावित परिवारों ने 2023 की गर्मियों में हार्वर्ड के खिलाफ मुकदमे करना शुरू किया था। यह कार्रवाई लॉज पर आरोप तय होने के कुछ समय बाद शुरू हुई। परिवारों ने हार्वर्ड पर लापरवाही, अपनी जिम्मेदारी ठीक से न निभाने और मानसिक परेशानी पहुंचाने जैसे आरोप लगाए थे।

लॉज कैसे करता था अंगों की तस्करी : 2018 से 2020 के बीच लॉज ने मोर्चरी में अपनी पहुंच का गलत इस्तेमाल किया। उसने उन शवों के अंग निकालकर चोरी किए, जिनका इस्तेमाल मेडिकल पढ़ाई के लिए हो चुका था, लेकिन जिन्हें अभी जलाया नहीं गया था, दफन नहीं किया गया था या दान देने वालों की इच्छा के मुताबिक परिवारों को वापस नहीं किया गया था। इन शवों को उनके परिवारों ने बिना किसी लालच के हार्वर्ड एनाटॉमिकल गिफ्ट प्रोग्राम को मेडिकल पढ़ाई के लिए दान किया था। लेकिन लॉज ने हार्वर्ड, दान देने वालों या उनके परिवारों की जानकारी और अनुमति के बिना इन शवों के अंग निकाल लिए।

कोलकाता के होटल में लगी भयानक आग, 9 लोगों की मौत, 6 घायल

कोलकाता के होटल में लगी भयानक आग, 9 लोगों की मौत, 6 घायल

kolkata fire

कोलकाता से एक बेहद ही दर्दनाक खबर सामने आई है। कोलकाता में मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर बने एक होटल में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर 9 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक होटल में आग आज देर रात दो बजे के बाद लगी। इस होटल के ज्यादातर लोग बांग्लादेश के सीमावर्ता इलाके के रहने वाले थे और बांग्लादेश से इलाज के लिए कोलकाता आए थे।

रात के तीन बजे के बाद घटनास्थल से 9 लोगों को रेस्क्यू किया गया और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया। हॉस्पिटल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि होटल के खिलाफ आरोप है कि होटल पर आग बुझाने का कोई व्यवस्था नहीं था। कम से कम 2 घंटे के कोशिश के बाद आग पर अभी काबू पा लिया गया है।

यह आग न्यू मार्केट के पास एक होटल में लगी। कई लोग अंदर फंसे हुए थे। नौ लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और आशंका है कि उन सभी की मौत हो चुकी है। शक है कि आग एसी में धमाके की वजह से लगी। खबर मिलने पर दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आपदा प्रबंधन टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। होटल में कई गेस्‍ट मौजूद थे। उनमें से नौ लोगों को बचाकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। दमकल की चार गाड़ियों ने होटल में लगी आग पर काबू पा लिया है।

इससे पहले मंगलवार की दोपहर कोलकाता एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम के दूसरे तल पर आग लग गई थी, लेकिन दमकलकर्मी और एयरपोर्ट अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

पुलिस ने बताया कि आग लगने के बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। होटल से 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। उन्हें कोलकाता के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में मेघालय और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार के रहने वाले लोग भी शामिल हैं। आग लगने की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है।

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

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वैश्विक वित्तीय संस्था JP Morgan से जुड़ी एक चेतावनी के मुताबिक, वर्ष 2027 में दुनिया को बड़े खाद्य आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है। भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया उन देशों में शामिल हो सकते हैं, जहां इसका असर सबसे गंभीर रहने की आशंका है। इस संभावित संकट के पीछे भूराजनीतिक तनाव, उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी और अल नीनो से जुड़े बदलते मौसम के पैटर्न को प्रमुख कारण माना गया है।

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2027 की पहली छमाही में महंगाई 5% तक पहुंचने का अनुमान

 

रिपोर्ट के अनुसार, 2027 के पहले छह महीनों में वैश्विक महंगाई करीब 5% तक पहुंच सकती है। इसकी तुलना में 2026 की इसी अवधि में यह करीब 2.8% रही थी।

 

संभावित संकट केवल खाद्यान्न की कमी तक सीमित नहीं रहेगा। उत्पादन लागत बढ़ने और मौसम में अनिश्चितता के कारण किसानों के लिए फसल उत्पादन बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है। अगर खाद्य कीमतों में तेज वृद्धि होती है तो विकासशील देशों में परिवारों को अपनी आय का बड़ा हिस्सा जरूरी खाद्य वस्तुओं पर खर्च करना पड़ सकता है।

 

उर्वरक की कमी बढ़ा सकती है चिंता

 

संभावित खाद्य संकट में उर्वरक आपूर्ति एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कुल यूरिया निर्यात में मध्य पूर्व की हिस्सेदारी करीब 42%, जबकि अमोनिया निर्यात में हिस्सेदारी करीब 27% है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

 

रिपोर्ट में एक संभावित घटनाक्रम की ओर भी इशारा किया गया है। इसके अनुसार, संघर्ष से ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिसके बाद उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी, उत्पादन में गिरावट और अंततः खाद्य कीमतों में वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, बाधित आपूर्ति व्यवस्था और उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने में एक से चार साल तक का समय लग सकता है।

 

अल नीनो से फसल उत्पादन पर बढ़ सकता है दबाव

 

अल नीनो से जुड़े मौसम में बदलाव वैश्विक कृषि पर दबाव और बढ़ा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो के दौरान सूखा, बाढ़ और अन्य प्रतिकूल मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अल नीनो के कारण फसल उत्पादन में औसतन 3.5% की गिरावट देखी गई है। वहीं, एक 'सुपर अल नीनो' वैश्विक खाद्य महंगाई को करीब 0.7% तक बढ़ा सकता है। यदि इसके साथ ऊर्जा की कीमतों में भी वृद्धि होती है तो इसका प्रभाव 1.3% से 1.5% तक पहुंच सकता है।

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भारत पर भी पड़ सकता है सीधा असर

 

भारत में अगर मानसून कमजोर या अनियमित रहता है तो कृषि क्षेत्र पर सीधा असर पड़ सकता है। बारिश पर निर्भर धान, दाल, तिलहन, कपास और गन्ने जैसी फसलों पर बारिश के बदलते पैटर्न का प्रभाव पड़ने की आशंका है। भारत के सामने चुनौती केवल पर्याप्त अनाज उपलब्ध कराने की नहीं होगी, बल्कि उर्वरक और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों के लिए कृषि उत्पादन की लागत को वहनीय बनाए रखना भी होगी।

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ब्राजील और इंडोनेशिया भी जोखिम वाले देशों में

 

रिपोर्ट में ब्राजील और इंडोनेशिया को भी संभावित खाद्य संकट से गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले देशों में शामिल किया गया है। कृषि लागत में वृद्धि, फसल उत्पादन में कमी, उर्वरक की संभावित कमी और प्रतिकूल मौसम इन देशों में खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, संभावित संकट का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में भूराजनीतिक तनाव, उर्वरक की उपलब्धता, ऊर्जा कीमतों और मौसम की स्थिति किस तरह बदलती है।

अमरावती के आदिवासी स्कूल में ‘भूत’ की अफवाह, 600 छात्राओं ने छोड़ा हॉस्टल, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

अमरावती के आदिवासी स्कूल में 'भूत' की अफवाह, 600 छात्राओं ने छोड़ा हॉस्टल, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

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महाराष्ट्र के अमरावती जिले के डोमा गांव स्थित एक आदिवासी आवासीय स्कूल में कुछ छात्राओं के अचानक बेकाबू होकर रोने और हंसने की खबर के बाद 'भूत का साया' होने की अफवाह फैल गई। इस अफवाह के चलते करीब 600 छात्राओं ने स्कूल और हॉस्टल छोड़ दिया। शुरुआती रिपोर्टों में छात्राओं के इस तरह के व्यवहार के पीछे तनाव और चिंता (Stress and Anxiety) को संभावित कारण बताया गया है।

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810 छात्र-छात्राएं रहती हैं स्कूल में

 

चिखलदरा तहसील के डोमा गांव स्थित इस आदिवासी आवासीय स्कूल में करीब 810 छात्र-छात्राएं रहती हैं। घटना की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्राओं ने हॉस्टल छोड़कर अपने घर जाने का फैसला किया। कुछ छात्राओं के कथित तौर पर बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार रोने और हंसने के बाद यह अफवाह तेजी से फैल गई कि उन पर किसी ‘अलौकिक शक्ति’ का प्रभाव है।

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अंधविश्वास निर्मूलन समिति ने की छात्रों से बात

 

मामले की जानकारी सामने आने के बाद महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी स्कूल का दौरा किया। समिति अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाती है। समिति के सदस्यों ने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें काउंसलिंग दी। इसका उद्देश्य छात्राओं के डर और भ्रम को दूर करना था।

 

अधिकारियों ने कहा- अलौकिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं

 

आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्राओं में दिखाई देने वाले लक्षणों का किसी भी तरह की अलौकिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।

PRD जवानों को CM योगी की डबल सौगात, ₹600 मानदेय और कैशलेस इलाज की सुविधा

PRD जवानों को CM योगी की डबल सौगात, ₹600 मानदेय और कैशलेस इलाज की सुविधा

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पीआरडी जवानों को डबल सौगात दी' पहली प्रतिवर्ष कैशलेस इलाज की सुविधा जिसके अंतर्गत जवानो को पांच लाख तक के इलाज मुफ्त मे होंगे और दूसरी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों की डबल सौगात दी है। जवानों और उनके परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की कैशलेस सुविधा देने के साथ ही दैनिक ड्यूटी भत्ता में बढ़ोतरी कर दी है। पीआरडी जवानों को अब 500 की जगह 600 रुपए  ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी तीन बार जवानों का भत्ता बढ़ा चुके हैं। 

 

मंगलवार को गोरखपुर में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में सीएम योगी ने पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण कर ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपए  की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास किया।

 

आठ साल में चौथी बार बढ़ाया गया भत्ता

पीआरडी जवानों के लिए नई घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को 2019 तक 250 रुपए  दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था। 2019 में उन्होंने इसे बढ़ाकर 375 रुपए  और 2022 में बढ़ाकर 395 रुपए  किया था। 2025 में भत्ता वृद्धि फिर से की और बढ़ाकर 500 रुपए  प्रतिदिन कर दिया। अब पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता 500 से रुपए  से बढ़ाकर 600 रुपए  प्रतिदिन करने जा रहे हैं। 8 वर्ष में ही यह 250 से बढ़कर 600 रुपए  होने जा रहा है। यह वृद्धि सौ प्रतिशत से भी अधिक है।

 

अब ड्यूटी के लिए कम पड़ रहे जवान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक अपनी भूमिका समर्पण भाव से निभाते हैं। पर, इसके बावजूद 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी। जबकि आज उनके महत्व को समझा गया तो ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा हो, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, ट्रैफिक संचालन में सहयोग, चुनाव ड्यूटी हो या अन्य किसी भी कार्य में प्रशासन-पुलिस का सहयोग, पीआरडी जवानों ने अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव से कार्य किया।

 

किसी भी सरकारी और इम्पैनल्ड अस्पताल में मुफ्त इलाज

सीएम योगी ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रदेश को प्रगति में योगदान, समर्पण और सेवाभाव को धन्यवाद देते हुए प्रदेश सरकार उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा दे रही है। इसके अंतर्गत 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को किसी भी सरकारी और सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों में 5 लाख रुपए  तक मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा प्रतिवर्ष मिलेगी। पीआरडी जवानों की संख्या को उनके परिवार के लिहाज से औसत रूप में देखें तो 1 लाख 55 हजार से अधिक सदस्य इससे लाभान्वित होंगे।

 

दस स्वयंसवेकों को योगी के हाथों मिला चिकित्सा कार्ड

प्रांतीय रक्षक दल के सम्मेलन में दस स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्राप्त हुआ। इनमें गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र, उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत, अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता शामिल रहे।

सत्येंद्र जैन को ACB ने किया गिरफ्तार, AAP का दावा, जानिए किस घोटाले में हुई कार्रवाई

सत्येंद्र जैन को ACB ने किया गिरफ्तार, AAP का दावा, जानिए किस घोटाले में हुई कार्रवाई

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने गिरफ्तार किया है। आम आदमी पार्टी की ओर से सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। जल बोर्ड घोटाले मामले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया है। जिन पांच अन्य लोगों को एसीबी ने गिरफ्तार किया है, वे सभी जल बोर्ड के अधिकारी हैं।

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गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और तीन निजी व्यक्ति नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।

लगता है डांस करने का समय आ गया… सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल की बात सुन हंस पड़े CJI सूर्यकांत!

लगता है डांस करने का समय आ गया... सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल की बात सुन हंस पड़े CJI सूर्यकांत!

Supreme Court courtroom buzz

CJI Surya Kant, Kapil Sibal news: सुप्रीम कोर्ट में जब भी कोई केस चलता है, तो माहौल काफी गंभीर होता है। लेकिन मंगलवार को कोर्ट रूम नंबर-1 में शिवसेना विवाद की सुनवाई के दौरान अचानक संगीत गूंजने लगा। इस पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने ऐसी चुटीली टिप्पणी की कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत समेत पूरा कोर्ट रूम ठहाकों से गूंज उठा।

डांस करने का टाइम आ गया… 

कोर्ट रूम नंबर-1 में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच तीखी कानूनी बहस चल रही थी। तभी अचानक बाहर से तेज संगीत की आवाजें कोर्ट रूम के भीतर तक आने लगीं। गंभीर माहौल के बीच अचानक बजे इस म्यूजिक पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तुरंत चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे लगता है अब डांस करने का समय आ गया है। पता नहीं कौन ऐसा कर रहा है। लगता है किसी ने चुनाव जीत लिया है। सिब्बल का यह अंदाज़ सुनते ही वहां मौजूद वकील और जज अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जब सिब्बल को सुप्रीम कोर्ट आने के लिए चलना पड़ा पैदल

मस्ती का सिलसिला यहीं नहीं रुका। सिब्बल ने जजों को अपना 'पैदल सफर' भी सुना डाला। उन्होंने बताया कि दोपहर में सड़कों पर इतना जाम था कि उनकी कार आगे बढ़ ही नहीं सकी और उन्हें मथुरा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल ही भागना पड़ा। इस पर बेंच में मौजूद जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि बाहर डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) फल-फूल रही है! सिब्बल ने भी तुरंत हाजिरजवाबी दिखाई, हां, बिल्कुल, इसमें कोई संदेह नहीं… कम से कम इस कोर्ट में तो फल-फूल ही रही है।

CJI सूर्यकांत ने सुनाया 'लेट नाइट कॉल' का किस्सा

हंसी-मजाक के इस दौर में मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने चुनाव से जुड़ा एक मजेदार वाकया सुनाते हुए बताया कि उन्हें देर रात (बल्कि बहुत देर रात!) चुनाव से जुड़ी किसी अर्जी पर तुरंत हस्तक्षेप करने के लिए एक-दो फोन आए थे। इस पर सिब्बल ने सिर हिलाते हुए कहा कि आजकल अदालत के सामने ऐसे-ऐसे मुद्दे लाए जा रहे हैं, जिनका इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से दूर-दूर तक कोई लेना-देना ही नहीं होता।

CM योगी का सपा पर हमला, बोले- ‘सैफई सिंडिकेट तक सीमित था यूपी का विकास’

CM योगी का सपा पर हमला, बोले- ‘सैफई सिंडिकेट तक सीमित था यूपी का विकास’

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर बिना नाम लिए पूर्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों के एजेंडे में प्रदेश का विकास नहीं था। उनका विकास केवल ‘सैफई सिंडिकेट’ के विकास तक सीमित रह गया था। उनका मानना था कि स्वयं का विकास हो, बाकी प्रदेश भाड़ में जाए। इसीलिए वे दंगा, गुंडागर्दी, लूटपाट करवाते थे। प्रदेश के सरकारी खजाने की लूटपाट करवाते थे। लूट का यह धन वे दुबई में छिपाते थे ताकि भविष्य में उनके या संतानों के काम आए। यही कारण है कि ईरान जब दुबई पर मिसाइल दागता है तो तकलीफ इनको होती है।

 

मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पीआरडी जवानों के कार्यों की प्रशंसा की, उन्हें प्रोत्साहित किया और 2017 के पूर्व प्रदेश की स्थिति एवं अब आए बदलाव का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद जो प्रगति प्रदेश के अंदर हुई है वह सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उनकी सरकार समग्रता के साथ सर्वसमावेशी विकास की बात करती है। सीएम ने कहा, ‘हमने गांव, गरीब, नौजवान, महिलाओं की बात की है तो साथ ही जवान की बात भी की है। सरकार ने युवाओं के कल्याण, महिलाओं के उत्थान, अन्नदाता किसानों की खुशहाली, गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ सरकारी कर्मचारियों, अपने जवानों के सम्मान, सुविधा और संरक्षण के लिए कार्य किया।’ सीएम योगी ने कहा कि जब सबने मिलकर प्रयास किया तो परिवर्तन भी हुआ है। 

 

मिसाइल गिरने पर चिल्ला रहे दुबई में पैसा छिपाने वाले

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग प्रदेश को लूटते और लुटवाते थे उनसे प्रदेश की प्रगति की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए निशाना साधा कि प्रदेश को लूटने वालों ने अपने बाल-बच्चों के लिए, आने वाली कई पीढ़ियों के लिए भारी भरकम पैसा दुबई में संचित करके रखा हुआ है। इनको लगता है कोई खतरा आएगा और वे वहां भाग जाएंगे। सीएम ने तल्ख चुटकी लेते हुए कहा, ‘जिन लोगों ने दुबई में पैसा छिपाया था, आपने देखा होगा अभी अमेरिका-ईरान के युद्ध में मिसाइल ठीक वहीं गिर रही थी। मौतें दुबई में हो रही थीं, मिसाइल वहां गिर रही थी और चिल्लाहट इन नेताओं के घर में हो रही थी। क्योंकि, उनका सब अवैध कमाई का पैसा जा रहा था। वे मिसाइलें उनके अवैध कमाई पर भी गिर रही थीं। और, यह ऐसी लूट करने वालों पर ऐसे ही होता है।’ 

 

जो खुद कुछ कर नहीं पाए, आज लगा रहे आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में विकास और सकारात्मक परिवर्तन नजर आता है। जबकि इसी प्रदेश में पहले रोज दंगे होते थे,  कर्फ्यू लगता था। न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था। आवागमन के साधन नहीं थे। चारों ओर अव्यवस्था थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के विकास को लेकर वे ही लोग आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जो मौका मिलने पर खुद कुछ कर नहीं पाए। आज जब कोई परिणाम दे रहा है तो उन्हें सबसे ज्यादा बुरा यह लग रहा है कि हम कर नहीं पाए, यह कैसे कर दिए। 

 

माफिया को प्रश्रय देकर यूपी को बना दिया था बीमारू

सीएम योगी ने कहा कि आज जो लोग आरोप लगा रहे हैं वे अपनी सत्ता में कुछ कर भी नहीं सकते थे। क्योंकि, वे अक्षम और भ्रष्ट थे। माफिया के सामने घुटने टेकते थे। प्रदेश में हर प्रकार के माफिया को प्रश्रय देकर उत्तर प्रदेश जैसे समृद्ध राज्य को उन्होंने बीमारू राज्य बना दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि, सबसे अच्छी ऊर्जावान युवा शक्ति, सबसे अच्छे प्रगतिशील किसान, पढ़ी-लिखी बेटी, अच्छे व्यापारी यानी सब कुछ होने के बाद भी उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य हो गया था। सीएम ने कहा अपने कृत्यों से जिन्होंने प्रदेश को बीमार बनवा दिया हो, वे यहां के नागरिकों की बीमारी का उपचार क्या कर पाते। 

 

प्रदेश से दंगाई और माफिया गायब

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व प्रदेश के नौजवान के सामने पहचान का संकट था। गरीब भुखमरी से मरने के लिए मजबूर था। किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर था। बेटी की सुरक्षा में कोई माफिया सेंध लगा देता था। हर दूसरे दिन दंगा होता था। बिजली नदारद, सड़कें गायब थीं। यही तो थी प्रदेश की पहचान। अब तो सड़क भी अच्छी है तथा बिजली भी खूब आती है। प्रदेश से माफिया गायब हैं, दंगे समाप्त हैं। दंगाई और माफिया हमेशा के लिए रसातल की तरफ गायब हो गए हैं यानी समाप्त। 

 

यूपी अब बीमारू नहीं, देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। हमने नौ वर्ष में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना किया है। कभी कुल 12 लाख करोड़ रुपये वाली उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज 36 लाख करोड़ रुपये की है। प्रति व्यक्ति आय 43000 रुपये थी, आज वह 1 लाख 20 हजार रुपये है। यहां का जो सालाना बजट 3 लाख करोड़ का था, आज वह 9 लाख 70 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। सीएम ने कहा यह प्रगति के साथ प्रगति का नया मानक भी है।

 

अच्छी सरकारें सबके अच्छे दिन लाती हैं

मुख्यमंत्री ने बहुमंजिला बैरक भवन के शिलान्यास के लिए पीआरडी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि परिवर्तन ऐसे ही होता है। अच्छी सरकारें आती हैं, तो सबके अच्छे दिन भी लाती हैं। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस के अधिकारियों और जवानों के लिए भी अच्छी बैरक की सुविधा नहीं हुआ करती थी। जबकि 56 जनपद ऐसे हैं जहां सबसे ऊंची बिल्डिंग पुलिस कार्मिकों के बैरक की है। पुलिस के अलावा होमगार्ड के स्वयंसेवकों के लिए भी अच्छी अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है।