राम मंदिर के नाम पर बिक रही मिठाई पर CCPA सख्त, Amazon पर 1 लाख जुर्माना

राम मंदिर के नाम पर बिक रही मिठाई पर CCPA सख्त, Amazon पर 1 लाख जुर्माना

अयोध्या के श्रीराम मंदिर के नाम पर ऑनलाइन मिठाइयां बेचने के मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Amazon Seller Services Private Limited पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला माना।

मामला तब सामने आया जब 'Shri Ram Mandir Ayodhya Prasad' नाम से व्यावसायिक रूप से तैयार मिठाइयां Amazon पर बिक्री के लिए उपलब्ध थीं। CCPA ने कहा कि इस नाम का भक्तों के बीच एक स्पष्ट अर्थ है— अयोध्या के राम मंदिर में भगवान को अर्पित और आशीर्वाद प्राप्त प्रसाद। ऐसे में बिना मंदिर या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के सामान्य मिठाइयों को इस नाम से बेचना भ्रामक है।

CCPA ने क्यों लिया एक्शन? 

CCPA के अनुसार, ये उत्पाद 22 जनवरी 2024 की प्राण प्रतिष्ठा से पहले Amazon पर सूचीबद्ध थे। प्राधिकरण ने 19 जनवरी 2024 को Amazon को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने लिस्टिंग हटा दी। प्राधिकरण ने कहा कि Amazon जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद की मौजूदगी उपभोक्ताओं के बीच उसकी विश्वसनीयता का प्रभाव पैदा करती है। इसलिए केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता कि Amazon एक 'intermediary' है।

CCPA के अमेजन को निर्देश

CCPA ने Amazon को निर्देश दिया है कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े 'प्रसाद', 'प्रसादम', 'महाप्रसाद' या 'भोग' जैसे नामों वाले उत्पादों को संबंधित धार्मिक संस्था की प्रमाणित अनुमति के बिना प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध या बेचने की अनुमति न दी जाए। इसके अलावा Amazon को विक्रेताओं की पूरी जानकारी प्रदर्शित करने और अपने due diligence mechanism को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कंपनी को 15 दिनों के भीतर ₹1 लाख का जुर्माना जमा करने को कहा गया है।

पत्नी का शारीरिक संबंध से इनकार करना और झगड़ना क्रूरता, हाईकोर्ट ने भी लगाई तलाक पर मुहर

पत्नी का शारीरिक संबंध से इनकार करना और झगड़ना क्रूरता, हाईकोर्ट ने भी लगाई तलाक पर मुहर

MP High court News

Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट ने वैवाहिक संबंधों और तलाक से जुड़े एक बेहद अहम मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी लगातार पति से झगड़ती है, पति द्वारा अपने माता-पिता की वित्तीय मदद करने का विरोध करती है और बिना वजह शारीरिक संबंधों से इनकार करती है, तो ये सभी परिस्थितियां वैवाहिक जीवन में 'क्रूरता' की श्रेणी में आती हैं। जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने निचली अदालत (फैमिली कोर्ट) द्वारा पति के पक्ष में दिए गए तलाक के आदेश को चुनौती देने वाली पत्नी की अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

फैमिली कोर्ट के तलाक के फैसले पर हाईकोर्ट की मुहर

यह मामला हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 (1) (ia) के तहत दायर किया गया था, जो क्रूरता के आधार पर तलाक का प्रावधान करती है। निचली अदालत ने पति के तर्कों को स्वीकार करते हुए तलाक की मंजूरी दी थी। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया और पत्नी की अपील को निरस्त कर दिया। ALSO READ: राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में जाना होगा जेल

पति ने लगाए थे गंभीर आरोप

पीड़ित पति का आरोप था कि शादी की शुरुआत से ही उसकी पत्नी का व्यवहार उसके और उसके माता-पिता के प्रति उग्र और झगड़ालू रहा। पत्नी नहीं चाहती थी कि पति अपनी कमाई या सैलरी का कोई भी हिस्सा अपने बुजुर्ग माता-पिता को दे। इतना ही नहीं, पत्नी ने संयुक्त परिवार के घर में रहते हुए ही अपनी रसोई अलग कर ली थी। बाद में जब दोनों विवाद सुलझाने के मकसद से दिल्ली में अलग रहने लगे, तब भी पत्नी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और विवाद लगातार बढ़ता गया।

ससुराल वालों को परेशान करना और झूठे आरोप लगाना भी क्रूरता

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पाया कि संयुक्त परिवार में रहते हुए पत्नी द्वारा अपना कमरा बंद रखना ससुराल वालों को मानसिक रूप से परेशान करने वाला कृत्य था। इसके अलावा, पत्नी ने पति पर मारपीट, अत्यधिक शराब पीने और विवाहेतर संबंध होने के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे।

 

अदालत ने जांच में पाया कि पत्नी द्वारा लगाए गए विवाहेतर संबंधों के आरोप पूरी तरह से निराधार और साबित न होने वाले थे, जो केवल तलाक की कार्यवाही शुरू होने के बाद लगाए गए थे। कोर्ट ने झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने को भी पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना। 

हर घटना की डायरी रखना संभव नहीं 

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एक बेहद व्यावहारिक और महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन में किसी भी पति या पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने साथ हुई हर छोटी-बड़ी घटना या विवाद की तारीखवार डायरी बनाकर रखे। कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि पत्नी का यह क्रूर व्यवहार किसी एक दिन का नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार जारी रहने वाला आचरण था। इसके कारण पति-पत्नी के बीच का वैवाहिक संबंध पूरी तरह से बिखर चुका था और उसमें सुधार या पुनर्मिलन की अब कोई गुंजाइश नहीं बची थी। इन्हीं आधारों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने तलाक को बरकरार रखने का निर्णय सुनाया।

इंदौर में सड़क धंसने से हादसे का खतरा, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

इंदौर में सड़क धंसने से हादसे का खतरा, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

शहर के वार्ड 21 वीणा नगर, सुखलिया क्षेत्र में घर के सामने सड़क अचानक धंस जाने से रहवासियों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। कुछ दिन पूर्व सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिसके कारण वहां के घर की महिला उसमें गिरकर चोटिल हो गई।

 

घटना के बाद भी सड़क की मरम्मत अथवा धंसे हुए हिस्से को सुरक्षित करने के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि उक्त स्थान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे खेलते रहते हैं। सड़क के धंसे हुए हिस्से को यदि शीघ्र दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बच्चे के उसमें गिरने से गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।

 

रहवासियों के अनुसार इस समस्या की जानकारी क्षेत्रीय पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे को भी दी जा चुकी है, लेकिन शिकायत के बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हुआ है। सड़क का लगातार इसी स्थिति में बने रहना नागरिकों की सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता का विषय है।

 

रहवासियों ने संबंधित नगर निगम अधिकारियों एवं क्षेत्रीय पार्षद से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल  धंसी हुई सड़क को सुरक्षित किया जाए तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की होगी।

दिल्ली से इंदौर घूमने आई NRI महिला से छेड़छाड़, चौकीदार ने कर डाली वारदात, आरोपी को जेल भेजा गया

दिल्ली से इंदौर घूमने आई NRI महिला से छेड़छाड़, चौकीदार ने कर डाली वारदात, आरोपी को जेल भेजा गया

NRI molested

इंदौर के गांधी हाल में एक बार फिर से शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां एक चौकीदार ने ही एनआरआई महिला के साथ छेड़छाड़ कर डाली। बता दें कि महिला एक दिन पहले दिल्ली से घूमने इंदौर आई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की। आरोपी को मंगलवार शाम जेल भेज दिया गया।

एसआई सचिन त्रिपाठी ने बताया कि घटना 35 वर्षीय महिला के साथ हुई, जो दिल्ली में रहती है। महिला मूल रूप से जर्मनी की रहने वाली है। एक दिन पहले वह अपने साथी के साथ गांधी हॉल घूमने आई थी। इस दौरान वहां मौजूद चौकीदार दीपक निवासी सीहोर ने महिला और उसके साथी को देखकर कमेंट किए और अश्लील हरकत की। महिला के विरोध करने पर वहां भड़ इकट्ठा हो गई।

हालांकि, महिला मामले में शिकायत नहीं करना चाहती थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर पीड़िता से बात की। महिला ने दीपक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने उसे मंगलवार को हिरासत में लिया और शाम को जेल भेज दिया।

पहले क्रिकेटर से की थी हरकत : इंदौर में विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पिछले साल एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के साथ भी ऐसी ही घटना हुई थी। उस मामले में बदमाश अकील ने खिलाड़ी के साथ बैड टच किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में महिलाओं और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

cm vijay

तमिलनाडु की जनता को सीएम विजय ने बड़ा तोहफा दिया है। सीएम ने हेल्‍थ इंश्‍योरेंस की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया है। इस खबर के बाद तमिलनाडु की जनता में खुशी की लहर है।

बता दें कि यह बीमा राशि पहले 5 लाख तक थी। अब तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना इलाज की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही दूध के खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के लोगों, दूध उत्पादकों और हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की सालाना इलाज सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार के इन फैसलों से लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

दूध उत्‍पादकों को भी फायदा : सरकार ने दूध उत्पादकों को राहत देते हुए खरीद मूल्य 38 रुपए से बढ़ाकर 41 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इस फैसले से करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दूध उत्पादकों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन भी 3 रुपए से बढ़ाकर 5 रुपए प्रति लीटर किया गया है। खरीद मूल्य बढ़ाने से सरकार पर हर महीने करीब 30 करोड़ रुपए और सालाना 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस कवर 5 से 25 लाख रुपए : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ा है। इसके तहत इलाज के लिए सालाना सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने ट्रांसजेंडर लोगों के लिए भी अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं को योजना में शामिल करने की घोषणा की है। ये सेवाएं चेन्नई, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, चेंगलपट्टू समेत कई सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

मेडिकल शिक्षा पर 351 करोड़ रुपये खर्च : तमिलनाडु सरकार ने मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए 351 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 6,098 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। इनमें B.Sc नर्सिंग की 660 सीटें, नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1,925 सीटें, 12 पैरामेडिकल कोर्स में 2,778 सीटें और मेडिकल कोर्स में 735 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

बनेगा 400 बेड वाला अस्पताल : स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पेरम्बलूर में 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यहां लोगों को आधुनिक और बेहतर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार के इन फैसलों का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर है।

विधायकों को मिलेगी सरकारी गाड़ी : सीएम विजय ने विधानसभा में एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सभी विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विधायकों को अपने क्षेत्र में जनसेवा और विकास के कामों के लिए आसानी से आने-जाने की सुविधा देना है। सरकार का मानना है कि इससे विधायक अपनी जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे।

राजस्थान में 14 लाख से ज्यादा छात्राओं को साइकिल बांटी, 46 हजार को स्कूटी

राजस्थान में 14 लाख से ज्यादा छात्राओं को साइकिल बांटी, 46 हजार को स्कूटी

CM Bhajanlal Sharma Rajasthan: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को साझा किया है। 'युवा सीएलजी सदस्यों एवं सुरक्षा सखियों' के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से लाखों छात्राओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

साइकिल और स्कूटी वितरण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बालिका शिक्षा की दर बढ़ाने और छात्राओं को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में सहूलियत देने के लिए अब तक 14 लाख से अधिक बालिकाओं को साइकिलें बांटी गई हैं। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 46 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया गया है।

'मां वाउचर योजना' : गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत

स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार की पहल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 'मां वाउचर योजना' के तहत गर्भवती महिलाओं को मुफ्त सोनोग्राफी (Ultrasound) सुविधा दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 4 लाख 82 हजार से अधिक कूपन जारी किए जा चुके हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो पाई हैं।

आर्थिक रूप से सशक्त हुईं 'लखपति दीदी'

महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 19 लाख से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' की श्रेणी में लाया गया है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के जरिए महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।

 

राजस्थान पुलिस और गृह विभाग द्वारा शुरू की गई 'सुरक्षा सखी' योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर रोक लगाना तथा समाज में महिलाओं को सुरक्षा का अहसास कराना है। इसके तहत स्थानीय महिलाओं को सुरक्षा सखी के रूप में जोड़कर पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम की जाती है।

आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, 866 अस्पतालों पर कार्रवाई

आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, 866 अस्पतालों पर कार्रवाई

लखनऊ। योगी सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही, नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं पर लगातार आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2026 तक कुल 866 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इनमें सबसे अधिक 648 अस्पतालों का डी-इम्पैनलमेंट किया गया जबकि 61 अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया। वहीं 17 अस्पतालों में विशेषता को डी-इम्पैनलमेंट किया गया है। इसके अलावा 140 अस्पतालों पर पेनाल्टी की कार्रवाई करते हुए साढ़े आठ करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इनसे अब तक 4 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माने की धनराशि वसूली गई है।

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के गुणवत्तापूर्ण इलाज को लेकर काफी गंभीर हैं। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप मरीजों के इलाज में लापरवाही और मानकों को पूरा न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में लापरवाही पर 318 अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लिया गया। इनमें 242 अस्पतालों को भारत सरकार के 35 इंडीकेटस पूरा न करने पर डी-इम्पैनलमेंट किया गया जबकि 61 अस्पतालों को निलंबित किया गया। इनमें 15 अस्पतालों की स्पेशियलिटी का डी-इम्पैनलमेंट भी शामिल है। इससे पहले वर्ष 2025 में 16 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें 14 अस्पतालों का डी-इम्पैनलमेंट, दो अस्पतालों की स्पेशियलिटी का डी-इम्पैनलमेंट किया गया।

साचीज की सीईओ ने बताया कि वर्ष 2024 में 27 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई। वहीं वर्ष 2023 में 203, वर्ष 2022 में 41, वर्ष 2021 में 44 और वर्ष 2020 में 77 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60 अस्पतालों के खिलाफ 3,45,66,861 रुपये पेनाल्टी लगाई गई। इनमें अस्पतालों से अब तक 3,19,27,958 रुपये की वसूली हो चुकी है जबकि शेष धनराशि की वसूली की कार्रवाई चल रही है।

इसी तरह वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 80 अस्पतालों पर 5,07,59,491 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई हैं। इनसे अब तक 1,17,72,883 रुपये की रिकवरी की जा चुकी है जबकि 3,89,86,608 रुपये की राशि शेष है। दोनों वित्तीय वर्षों को मिलाकर 140 अस्पतालों पर 8,53,26,352 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। इनमें 4,37,00,841 रुपये की वसूली हो चुकी है। वहीं पेनाल्टी के बाद भी अस्पतालों द्वारा मानकों को पूरा न करने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट द्वारा डाटा एनालेटिक्स के आधार पर आयुष्मान मरीजों के इलाज में लापरवाही, मानकों को पूरा न करने एवं एक ही मरीजों को बार-बार भर्ती करने, एक ही रिपोर्ट भेजने और ओपीडी मरीज को आईपीडी में भर्ती दिखाने के मामलों को चिन्हित किया जा रहा है, जिसके बाद इन अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है।

इनकम टैक्स विभाग की गुजरात में बड़ी कार्रवाई: अहमदाबाद समेत 4 शहरों में छापेमारी, CA और शिपिंग कंपनी रडार पर

इनकम टैक्स विभाग की गुजरात में बड़ी कार्रवाई: अहमदाबाद समेत 4 शहरों में छापेमारी, CA और शिपिंग कंपनी रडार पर

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गुजरात में एक बार फिर इनकम टैक्स (IT) विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की है। आईटी विभाग की टीमों ने अहमदाबाद, गांधीधाम, मुंद्रा और राजकोट में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान एक प्रमुख शिपिंग कंपनी और चार चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आईटी विभाग के रडार पर आए हैं। फिलहाल अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है।

फर्जी Form 15CB और विदेशी वित्तीय लेनदेन : प्राथमिक जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा फर्जी Form 15CB सर्टिफिकेट जारी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन फर्जी सर्टिफिकेट्स का उपयोग करके भारतीय मुद्रा को अवैध या संदिग्ध तरीकों से विदेश भेजा जा रहा था। इनकम टैक्स विभाग इन सभी सर्टिफिकेट्स और इनके आधार पर हुए अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रहा है।

कागज पर व्यापार दिखाकर पैसों की हेराफेरी : जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट (आयात-निर्यात) के फर्जी बिल दिखाकर विदेशों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे थे। जांच एजेंसियों को मजबूत संदेह है कि कई लेनदेन वास्तव में किसी सामान या सेवा के बिना केवल कागजों पर दिखाए गए थे। इस तरह कागजी व्यापार खड़ा करके भारतीय धन को बाहर भेजने का एक बड़ा घोटाला अंजाम दिया गया है।

डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच : इस संदिग्ध हेराफेरी के बाद आईटी विभाग ने अब सभी बैंक ट्रांजैक्शन, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े बिलिंग रिकॉर्ड, Form 15CB सर्टिफिकेट और अन्य वित्तीय दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित फर्मों, अधिकारियों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। अहमदाबाद से लेकर मुंद्रा तक चल रही इस कार्रवाई में हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मनी ट्रेल की तलाश और आगामी खुलासे : फिलहाल इनकम टैक्स विभाग द्वारा छापेमारी की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक तौर पर सभी विवरण उजागर नहीं किए गए हैं। हालांकि, फर्जी Form 15CB, कागजी व्यापार और विदेश में पैसे ट्रांसफर करने के इस पूरे नेटवर्क की 'मनी ट्रेल' (पैसों के लेन-देन की कड़ी) खोजने के लिए जांच तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

LIVE: कोलकाता में भीषण आग, 9 मौतें, ट्रंप ने होर्मुज़ पर कब्ज़े का दावा दोहराया, ईरान ने उड़ाया मज़ाक

LIVE: कोलकाता में भीषण आग, 9 मौतें, ट्रंप ने होर्मुज़ पर कब्ज़े का दावा दोहराया, ईरान ने उड़ाया मज़ाक

ईरान और अमेरिका के बीच लगभग छह महीने से चल रहा युद्ध, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से हुई थी, अब एक तनावपूर्ण गतिरोध में बदल गया है। जिसका नाम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। ट्रंप इस जलमार्ग पर बार बार दावा ठोक रहे हैं और ईरान कह रहा है कि ये जलमार्ग ईरान का था, ईरान का ही रहेगा। अब ताजा घटनाक्रम में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने में अमेरिका की नाकामी और उस पर अपना दावा करने के बीच का फ़ासला, अमेरिका की राजधानी और होर्मुज के बीच की 7,000 मील की दूरी से भी ज़्यादा है। 

कोलकाता के होटल में लगी भयानक आग, 9 लोगों की मौत : कोलकाता से एक बेहद ही दर्दनाक खबर सामने आई है। कोलकाता में मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर बने एक होटल में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर 9 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक होटल में आग आज देर रात दो बजे के बाद लगी। इस होटल के ज्यादातर लोग बांग्लादेश के सीमावर्ता इलाके के रहने वाले थे और बांग्लादेश से इलाज के लिए कोलकाता आए थे। रात के तीन बजे के बाद घटनास्थल से 9 लोगों को रेस्क्यू किया गया और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया। हॉस्पिटल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि होटल के खिलाफ आरोप है कि होटल पर आग बुझाने का कोई व्यवस्था नहीं था। कम से कम 2 घंटे के कोशिश के बाद आग पर अभी काबू पा लिया गया है।

सपा नेता आज़म ख़ान के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी : समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के ठिकानों पर आज अहले सुबह से ईडी की छापेमारी जारी है। ईडी की ये छापेमारी जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के इस्तेमाल को लेकर दर्ज मामले में कार्रवाईसे संबंधित है। आज़म खान के ख़िलाफ़ दर्ज करीब कई दर्जन मामलों की लिस्ट ED से साथ शेयर हुई थी। जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर भी छापेमारी की जा रही है। आजम खान के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली सहित कुल 10 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के लखनऊ ज़ोनल ऑफ़िस ने आज मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में 10 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के सिलसिले में की गई। यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के ज़रिए दूसरी जगह लगाने और बाद में उनके इस्तेमाल (जिसमें यूनिवर्सिटी/ट्रस्ट के लिए संपत्ति बनाना भी शामिल है) से जुड़ी है।

सपा नेता आज़म ख़ान के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी, जौहर यूनिवर्सिटी से है कनेक्शन?

सपा नेता आज़म ख़ान के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी, जौहर यूनिवर्सिटी से है कनेक्शन?

समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के ठिकानों पर आज अहले सुबह से ईडी की छापेमारी जारी है। ईडी की ये छापेमारी जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के इस्तेमाल को लेकर दर्ज मामले में कार्रवाईसे संबंधित है। आज़म खान के ख़िलाफ़ दर्ज करीब कई दर्जन मामलों की लिस्ट ED से साथ शेयर हुई थी। जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर भी छापेमारी की जा रही है। आजम खान के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली सहित कुल 10 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है।

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के लखनऊ ज़ोनल ऑफ़िस ने आज मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में 10 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के सिलसिले में की गई। यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के ज़रिए दूसरी जगह लगाने और बाद में उनके इस्तेमाल (जिसमें यूनिवर्सिटी/ट्रस्ट के लिए संपत्ति बनाना भी शामिल है) से जुड़ी है।

जांच में कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन का भी पता चला है। साथ ही, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फ़ायदा उठाने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स ने फंड को ट्रस्ट/यूनिवर्सिटी की तरफ़ मोड़ दिया, जिसमें भारी डोनेशन और कंस्ट्रक्शन का काम शामिल है। इस तलाशी का मकसद अपराध से हुई कमाई, फ़ाइनेंशियल रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और डिजिटल सबूतों का पता लगाना है, जो सरकारी फंड को दूसरी जगह लगाने और उनके इस्तेमाल से जुड़े हैं।

क्या है जौहर यूनिवर्सिटी कनेक्शन : बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जौहर यूनिवर्सिटी सुर्खियों में है और इसका मामला कानूनी पेच में फंसा है। यूनिवर्सिटी पर कथित अनियमितताओं के कारण इसकी 40 में से 38 इमारतों को गिराए जाने का खतरा मंडरा रहा है, हालांकि, इस पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण यानी RDA के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होने वाली है।

जौहर यूनिवर्सिटी के मामले को लेकर सबसे पहली कार्रवाई 17 जून के नोटिस के बाद हुई थी, जिसमें टैक्स डिपार्टमेंट ने 23 जून को एक और नोटिस भेजा था, जिसमें यूनिवर्सिटी चलाने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कई नियमों के उल्लंघन की वजह से रद्द कर दिया गया था। इसके साथ ही, यह आदेश भी दिया गया कि ट्रस्ट अपना स्टेटस बदलकर 'एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स' कर ले।