राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले CM योगी एसआईटी गठित निष्पक्ष होगी जांच

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और “दूध का दूध, पानी का पानी” करके रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जांच प्रभावित करने वाली अनर्गल टिप्पणियों से बचना जरूरी है।  

अयोध्या दौरे पर 245 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामभक्तों ने प्रभु राम के मंदिर के लिए 500 वर्षों तक मर्यादा और धैर्य के साथ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा 15 दिन और इंतजार कर लीजिए, चिंता करने की जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते हैं, वे आज रामभक्ति और अयोध्या के सम्मान का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक पहचान मिले और आज भी वे अयोध्या की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

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सीएम योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने वाले लोग आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या से दूरी बनाए रखी और अपने नेताओं को भी यहां आने से रोका, वे अब अयोध्या और रामभक्ति के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है। सोलर सिटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कें और परिक्रमा मार्गों का विकास इसकी नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप रास नहीं आ रहा है और इसी कारण समय-समय पर दुष्प्रचार के जरिए इसकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जाती है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को समर्पित है तथा इसी भावना से विभिन्न योजनाओं और संस्थानों का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर किया गया है।

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इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

NEET student

इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद उसे तुरंत अस्‍पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वो नीट की परीक्षा को लेकर तनाव में थी। बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद देशभर में इसे लेकर बहस चल रही है। घटना देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार छात्रा अपने घर की बालकनी में मोबाइल पर बातचीत कर रही थी और इसके बाद वह इमारत के ऊपरी हिस्से की ओर चली गई।

घटना गुरुवार देर रात की है। पुलिस ने बताया कि छात्रा का नाम अवंतिका मौर्य है। वो धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है।

मृतक अवंतिका की बहन सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप सी रह रही थी। सवालों के जवाब भी बहुत कम शब्‍दों में दे रही थी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात करीब 11:30 बजे वह मोबाइल पर बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया।

अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल अफसर हैं। एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। अवंतिका किन परिस्थितियों में गिरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया।

भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा कि अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी का खुला चैलेंज: सबूत है तो SIT को दो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा

Yogi Adityanath in Acton

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि किसी के पास कोई सबूत है तो SIT को सौंपे। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। SIT जांच में सब सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो नहीं बचेगा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में 291 करोड़ रुपये की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग है जो नहीं चाहते कि अयोध्या का नाम हो। इन लोगों को नई अयोध्या अच्छी नहीं लगती। ये अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं। 

 

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे। किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा।

 

सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं। इनका आचरण सबके सामने है। जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े। वे ही अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में ना आने की अपील की।

 

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में SIT का बड़ा एक्शन 

यूपी की योगी सरकार ने राम मंदिर में चढ़ाव चोरी मामले में SIT जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसी पिछले 5 दिनों से मामले की जांच कर रही है। SIT ने मंदिर व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती की निगरानी करने वाले मुख्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को SIT ने आधिकारिक सम्मन भेजकर तलब किया। बंद कमरे में उनसे करीब 4 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई।​ ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जांच दल ने बेहद कड़े और तीखे सवाल पूछे। ​संदिग्ध भूमिका के चलते रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से भी घंटों पूछताछ हुई।

 

कब आएगी जांच रिपोर्ट

सरकार ने SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके आंतरिक ऑडिट में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी। ट्रस्ट ने निष्पक्षता साबित करने के लिए खुद इस SIT जांच की मांग की थी। 

edited by : Nrapendra Gupta

Weather Update : मानसून हुआ धीमा, कई राज्‍यों में गर्मी की मार, बढ़ा बारिश का इंतजार

After advancing rapidly across country pace of monsoon suddenly slowed down

Weather Update News : देशभर में तेजी से कदम बढ़ाने के बाद मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। इस धीमी रफ्तार ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक हवा का दबाव कम होने से मानसून की प्रगति रुक गई है। कुछ राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का असर बना हुआ है। इससे लोगों में बारिश का इंतजार और बढ़ गया है। ओडिशा, तेलंगाना, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग दिनों में लू चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा, हालांकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

 

यहां लू चलने की संभावना

देशभर में तेजी से कदम बढ़ाने के बाद मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। इस धीमी रफ्तार ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक हवा का दबाव कम होने से मानसून की प्रगति रुक गई है। कुछ राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का असर बना हुआ है। इससे लोगों में बारिश का इंतजार और बढ़ गया है। ओडिशा, तेलंगाना, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग दिनों में लू चलने की संभावना है।

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11 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा, हालांकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई नए इलाकों तक पहुंच सकता है। इस बीच मौसम विभाग ने दिल्ली समेत 11 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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बिहार, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। बिहार में बारिश होने के आसार हैं। झारखंड के कई इलाकों में आंधी और तूफानी मौसम का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है।

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कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

मध्य प्रदेश में आज बादल छाए रह सकते हैं। बारिश, तूफान और बिजली गिरने की संभावना बन रही है। आज प्रदेश के कुल 37 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 15 दिनों में 19 राज्यों तक तो पहुंचा, लेकिन पिछले 5 दिनों से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास ही अटका हुआ है। इसका असर यह है कि कई राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है, जबकि गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
Edited By : Chetan Gour

टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया

telegram ban for neet re exam 2026दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगा अस्थाई बैन हटाने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थाई बैन लगाया है। टेलीग्राम को भारत में 30 जून 2026 तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश दिया गया है।
 

 

जस्टिस तेजस कारिया ने कहा कि सरकार के पास आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत बैन लगाने का अधिकार है। इस मामले पर कोर्ट की रिव्यू कमेटी ने भी सरकार के फैसले की जांच की थी। सरकार ने पूरी समझदारी से काम लिया है, इसमें किसी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही नहीं दिखती।

 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 16 जून को NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी बैन लगा दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। गुरुवार को सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

 

कोर्ट में सरकार की दलील थी कि री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने पूछा था कि कुछ परीक्षार्थियों की वजह से 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों पर रोक कैसे लगाई जा सकती है।

 

NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। 7 मई को पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

 

सरकार ने क्यों कसा शिकंजा?

पेपर लीक से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 22 जून तक टेलीग्राम की पहुंच सीमित की गई। सरकार का कहना है कि कुछ मामलों में टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर का इस्तेमाल परीक्षा होने के बाद पुराने संदेशों को बदलकर यह दिखाने के लिए किया जाता रहा है कि प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध था। इसी वजह से टेलीग्राम को भारत में 30 जून 2026 तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश दिया गया।

edited by : Nrapendra Gupta

उत्‍तराखंड मंत्रिमंडल की हुई बैठक, धामी सरकार ने लिए अहम फैसले

cabinet meeting was held under chairmanship of Chief Minister Pushkar Singh Dhami

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में कुल 12 प्रस्ताव आए। मंत्रिमंडल ने बैठक में कई अहम फैसले लिए। धामी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड राज्य को पूर्ण साक्षर राज्य की मंजूरी दे दी है। धामी कैबिनेट ने राज्य की साक्षात्कार दर 98 प्रतिशत रिकॉर्ड होने के बाद ये फैसला लिया। इस दौरान उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में संशोधन किए जाएंगे।

 

उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में कुल 12 प्रस्ताव आए। मंत्रिमंडल ने बैठक में कई अहम फैसले लिए। धामी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड राज्य को पूर्ण साक्षर राज्य की मंजूरी दे दी है।

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धामी कैबिनेट ने राज्य की साक्षात्कार दर 98 प्रतिशत रिकॉर्ड होने के बाद ये फैसला लिया। इस दौरान उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में संशोधन किए जाएंगे।

बैठक में उपनल कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी गई। समान कार्य-समान वेतन के लाभ के लिए निर्धारित कटऑफ तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दिया गया है। आबकारी विभाग के प्रस्ताव में होलोग्राम दोहराव की स्थिति में दोहरा कर नहीं लगाने का फैसला लिया गया। अब ऐसी परिस्थितियों में केवल एक बार ही कर वसूला जाएगा, जिससे संबंधित व्यापारियों और विभागीय प्रक्रियाओं को राहत मिलेगी।

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बैठक में पर्यटन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की पहचान को और मजबूत करेंगे। चारधाम यात्रा से जुड़े प्रस्ताव में यात्रा के दौरान संचालित घोड़ा-खच्चरों के लिए बीमा सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध एवं हर्बल केंद्र में मिलावट जांच की सुविधा विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पांच नए पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। गृह विभाग से संबंधित दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। इनमें उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को स्वीकृति देना शामिल है।

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बैठक में लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रस्ताव में बिटुमेन की कीमतों पर चर्चा हुई। पशुपालन विभाग के प्रस्ताव के तहत एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले गौवंश के विकास और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई।
Edited By : Chetan Gour

LIVE: टेलीग्राम को बड़ा झटका, नहीं हटा अस्थाई बैन

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Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगा अस्थाई बैन हटाने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार ने NEET परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया है। पल पल की जानकारी…

LIVE: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर बोले CM योगी, सबूत है तो SIT को दें

Yogi in Acton

Latest News Today Live Updates in Hindi : Latest News Today Live Updates in Hindi : सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर  कहा कि किसी के पास कोई सबूत है तो SIT को सौंपे। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। SIT जांच में सब सामने आ जाएगा। पल पल की जानकारी…

-अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौते के बाद आज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से नाकेबंदी खत्म कर दी है।

-व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस ईरान से वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड नहीं जा रहे हैं- जिनेवा जा रहे प्रतिनिधिमंडल को ईरान ने रोका। इस वजह से आज अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता टल गई है।

प्रसिद्ध तीर्थस्थल पावागढ़ पहाड़ी पर शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गई। पहाड़ी पर स्थित पाटियापुल के पास अचानक भारी चट्टानें नीचे गिरने से कुछ तीर्थयात्रियों के मलबे के नीचे दबे गए। इस हादसे में अब तक 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल है। ALSO READ: पावागढ़ में पहाड़ी से गिरीं विशाल चट्टानें, 2 श्रद्धालुओं की मौत; कई और दबे होने की आशंकाटेलीग्राम पर अस्थायी बैन का फैसला बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर से बैन हटाने से किया इनकार।अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी के पास कोई सबूत है तो SIT को सौंपे। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। SIT जांच में सब सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग है जो नहीं चाहते कि अयोध्या का नाम हो। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में ना आएं।

पावागढ़ में पहाड़ी से गिरीं विशाल चट्टानें, 2 श्रद्धालुओं की मौत; कई और दबे होने की आशंका

pavagadh accident

प्रसिद्ध तीर्थस्थल पावागढ़ पहाड़ी पर शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गई। पहाड़ी पर स्थित पाटियापुल के पास अचानक भारी चट्टानें नीचे गिरने से कुछ तीर्थयात्रियों के मलबे के नीचे दबे गए। इस हादसे में अब तक 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल है।

 

मूसलाधार बारिश के कारण खिसकी मिट्टी

बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह करीब 5:00 बजे हुआ। पिछले कुछ समय से हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी पर पानी का बहाव बहुत बढ़ गया था। पानी के तेज प्रवाह की वजह से पहाड़ी की मिट्टी खिसक गई और भारी चट्टानें नीचे आ गिरीं। सुबह-सुबह माताजी के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु अचानक इन गिरते पत्थरों की चपेट में आ गए। अब तक 2 श्रद्धालुओं के शव बरामद किए जा चुके हैं।

 

युद्ध स्तर पर राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही रोप-वे की स्थानीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पत्थरों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया। इस गंभीर हादसे की जानकारी पावागढ़ पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस का काफिला तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। फिलहाल पुलिस और स्थानीय टीम मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

 

अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका

यह हादसा इतना भीषण है कि अभी भी पत्थरों और मलबे के नीचे कुछ और तीर्थयात्रियों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन और बचाव दलों ने राहत कार्य को और तेज कर दिया है, ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

 

 

edited by : Nrapendra Gupta

राहुल को कई नियुक्तियां करनी हैं

कांग्रेस संगठन में अनेक पद खाली हैं और राहुल गांधी को नियुक्तियां करनी हैं। वैसे तो उन्होंने पिछले साल को ही संगठन का साल कहा था लेकिन संगठन को लेकर कोई बड़ा फैसला उन्होंने नहीं किया। धीरे धीरे कई पद खाली होते चले गए और नई नियुक्ति नहीं हुई। तभी कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है तो प्रभारी और महासचिव भी बनाए जाने हैं। हाल में राज्यों में हुए बदलावों की वजह से भी पद खाली हुए हैं। जैसे कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने से प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हुआ है। वहां तत्काल बीके हरिप्रसाद की नियुक्ति हो गई। वे प्रदेश अध्यक्ष बन गए। लेकिन उससे पहले बीके हरिप्रसाद हरियाणा के प्रभारी थे। अब भी उनके पास ही यह पद है। ऐसे ही रमेश चेन्निथला को केरल सरकार में मंत्री बनाया गया। वे महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य के प्रभारी हैं। सो, अब कांग्रेस को जल्दी से जल्दी हरियाणा और महाराष्ट्र में प्रभारी की नियुक्ति करनी है। केरल में कांग्रेस की सरकार बनी तो सन्नी जोसेफ को राज्य का ऊर्जा मंत्री बनाया गया। वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। उनकी भी दोहरी जिम्मेदारी नहीं रहेगी। सो, वहां जल्दी ही नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करना है। ऐसे ही तमिलनाडु में चुनाव के बाद वहां के प्रभारी गिरीश चोडनकर को गोवा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। सो, तमिलनाडु में नया प्रभारी नियुक्त होना है।

राज्यों में हुए बदलावों के अलावा भी कांग्रेस में कई पद खाली हुए हैं। जैसे असम में कांग्रेस के बुरी तरह से हारने के बाद प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह ने इस्तीफा दिया है तो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने भी इस्तीफा दे दिया है। दोनों राज्यों के लिए नए प्रभारी बनाने की चर्चा है। अगले साल जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं वहां भी बदलाव की चर्चा है। खास कर उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में। पंजाब में राहुल गांधी को जाट सिख, दलित और हिंदू का संतुलन बनाना है और ले देकर उसके पास चार ही चेहरे हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा। कांग्रेस तय नहीं कर पा रही है कि इन चेहरों का प्रभावी तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाए। नवजोत सिंह सिद्धू अब लगभग हाशिए में हैं और अलग ही हो चुके हैं।

चुनाव वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश का मामला थोड़ा उलझा हुआ है। कांग्रेस को वहां सोच समझ कर फैसला करना है। पिछले करीब तीन साल से अजय राय प्रदेश अध्यक्ष हैं। अविनाश पांडे प्रभारी हैं और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी अराधना मिश्रा विधायक दल की नेता हैं। राहुल गांधी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति में ये फिट नहीं बैठ रहे हैं। अध्यक्ष या प्रभारी में से कोई एक बदलेगा, इसकी चर्चा है। उत्तराखंड में कांग्रेस को जल्दी ही फैसला करना है कि फिर हरीश रावत का चेहरा ही आगे रहेगा या किसी और को प्रमोट करना है। राहुल गांधी की पहले की कई नियुक्तियों को लेकर सवाल उठे हैं। यह चर्चा भी है कि वे उसमें कुछ बदलाव कर सकते हैं। जैसे बिहार में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को बदलने की चर्चा है। पिछले साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को हटा कर उनकी जगह राजेश राम को अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन वे खुद भी अपनी सीट हार गए और कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से खराब प्रदर्शन किया। सो, कुल मिला कर कांग्रेस को कई प्रदेश अध्यक्ष और कई प्रभारी नियुक्ति करने हैं।