मानसून की बेरुखी से सुलग उठी इंदौर की रसोई, टमाटर, गिलकी, लौकी खा रहे भाव, दूसरे राज्‍यों से सप्‍लाय कम

indore sabji

आसमान में बादलों की लुकाछिपी और मानसून की लेटलतीफी ने इस बार इंदौर के घरों में भोजन का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है। बारिश में देरी का सीधा असर अब लोगों के किचन पर दिखने लगा है, जहां हरी सब्जियों के आसमान छूते दामों ने गृहिणियों का बजट पूरी तरह झुलसा दिया है।

चोइथराम और निरंजनपुर मंडी में बाहरी आवक कम होने के कारण जो टमाटर कुछ दिन पहले आम आदमी की थाली का हिस्सा था, वह अब 'लाल' होकर तेवर दिखा रहा है। वहीं गिलकी, लौकी और तुरई जैसी आम सब्जियां भी अब आम नहीं रहीं, बल्कि मंडियों से लेकर कॉलोनियों के ठेलों तक खूब भाव खा रही हैं।

क्या कहती हैं इंदौर की गृहिणियां?
सब्जियों के इस तीखे तेवर पर शहर की महिलाओं का दर्द साफ छलक रहा है: साकेत नगर में रहने वाली अल्पना जोशी ने बताया कि मानसून की देरी ने तो रसोई का पूरा बजट ही बिगाड़ दिया है। पहले लगता था कि हरी सब्जियां सेहत और जेब दोनों के लिए अच्छी हैं, लेकिन अब तो लौकी और गिलकी जैसी साधारण सब्जियां भी वीआईपी हो गई हैं। 20-30 किलो मिलने वाला टमाटर अब सीधा 60 के पार जा रहा है। समझ नहीं आता कि थाली में रंग कहां से लाएं।

महालक्ष्मी नगर की निवासी रीना शर्मा ने बताया कि मंडी में आवक इतनी कम है कि ताजी सब्जी ढूंढना मुश्किल हो रहा है, और जो मिल रही है, उसके दाम सुनकर ही पसीना आ जाता है। दालें पहले ही महंगी थीं, अब सब्जी भी हाथ से निकल रही है। अगर एक-दो हफ्ते और पानी नहीं गिरा, तो किचन संभालना भारी पड़ जाएगा। अब तो तड़के में टमाटर डालना भी एक लग्जरी जैसा लगने लगा है।

आसमान छू रहे सब्‍जियों के दाम : बता दें कि भीषण गर्मी और मानसून में हो रही देरी ने मध्यप्रदेश में आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस मौसमी संकट की सबसे सीधी गाज रसोई के बजट पर गिरी है, जिससे हरी सब्जियों की आवक में भारी कमी आई है और उनके दाम आसमान छूने लगे हैं। मंडियों में गिलकी, लौकी, टमाटर, पालक और बैंगन जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की आवक बहुत कम हो गई है, जिसके चलते बाजार में कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर चढ रहा है।

टमाटर महंगा, गिलकी-लोकी-पालक दिखा रहे आंख : चोइथराम मंडी के सब्जी व्यापारी अंकित शर्मा ने बताया कि सब्जियों की महंगाई का सबसे गहरा असर टमाटर पर देखने को मिल रहा है, जिसकी कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। रिटेल बाजारों में टमाटर की कीमतें 60 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर को छू चुकी हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की थाली से टमाटर पूरी तरह गायब होने की कगार पर पहुंच गया है। टमाटर के साथ-साथ बाजार में गिलकी 60 रुपए, लौकी 40 से 50 रुपए, पालक 40 से 50 रुपए और बैंगन भी 60 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहे हैं।

सब्‍जियां सूखने से आवक भी प्रभावित हुई : दरअसल, इस महंगाई के पीछे मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों से होने वाली सप्लाई का ठप हो जाना भी है। ग्रीष्मकाल के इस विशेष सीजन में मध्यप्रदेश के मालवा निमाड़ सहित अन्य प्रमुख हिस्सों में राजस्थान से भारी मात्रा में सब्जियां आती हैं, लेकिन इस साल भीषण तपिश के कारण कई इलाकों में सब्जियों की फसलें अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले ही पूरी तरह सूखकर समाप्त हो गई हैं। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि राजस्थान से प्रदेश की बड़ी मंडियों में आने वाले मालवाहक वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं।

महाराष्‍ट्र के भरोसे इंदौर की मंडियां : बता दें कि राजस्थान की तरफ से आवक नहीं होने से मध्यप्रदेश की थोक मंडियां अब पूरी तरह से महाराष्ट्र की फसलों के भरोसे टिक गई हैं। मौजूदा समय में इंदौर सहित कई अन्य बड़े शहरों में महाराष्ट्र के कन्नड़, चालीसगांव, संभाजी नगर और कलवन जैसे क्षेत्रों से सब्जियां मंगवाई जा रही हैं। साथ ही महाराष्ट्र में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने सब्जियों के पौधों को झुलसा कर रख दिया है, जिसके कारण वहां भी कुल उत्पादन अपने न्यूनतम स्तर पर आ चुका है।

इंदौर के सब्जी व्यापारियों की जुबानी मंडी का हाल
पानी की कमी से फसलें खेतों में ही झुलस गई : आढ़तिया व थोक व्यापारी, चोइथराम मंडी रमेश यादव कहते हैं कि इस बार मानसून की लेटलतीफी ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है। लोकल बेल्ट (इंदौर के आसपास के ग्रामीण इलाकों) से जो गिलकी, लौकी और तुरई की आवक जून के इस हफ्ते तक भरपूर हो जाती थी, वो इस बार आधी भी नहीं है। गर्मी और पानी की कमी से फसलें खेतों में ही झुलस गई हैं। आवक कम होने से थोक में ही दाम दोगुने हो चुके हैं, जिससे चिल्ला (रिटेल) बाजार तक पहुंचते-पहुंचते ये सब्जियां आम जनता की पहुंच से बाहर हो रही हैं।

भाड़ा बढ़ने और माल की किल्लत : सब्जी सप्लायर व व्यापारी, निरंजनपुर मंडी सतीश पाटीदार ने बताया कि इंदौर में टमाटर का सबसे बड़ा सहारा दूसरे राज्यों (जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक) की सप्लाई होती है। लेकिन वहां भी मौसम की मार के कारण इस बार गाड़ियां बहुत कम आ रही हैं। जो टमाटर की गाड़ियां पहले रोज इंदौर पहुंचती थीं, उनकी संख्या अब आधी रह गई है। भाड़ा बढ़ने और माल की किल्लत के कारण टमाटर मंडियों में ही 'लाल' हो रहा है। जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और नई खेप नहीं आती, तब तक दामों में नरमी की उम्मीद कम ही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

सीएम योगी ने 4901.65 करोड़ के कार्य प्रस्तावों को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महज 13 दिनों बाद फिर गोंडा का दौरा किया। उन्होंने अपने दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान 33 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन भी देखा। इसमें प्रमुख रूप से मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ धाम संग अन्य धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी को बेहतर करने के निर्देश दिए। 

सीएम योगी ने देवीपाटन मंडल के मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्गों के विकास को मंजूरी दी। कुल 4901.65 करोड़ रुपए की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। साथ ही नई कार्य योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ मंथन किया।

इस दौरान देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की सड़क व संपर्क मार्ग परियोजनाओं की प्रगति परखी। इसके साथ बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण और पुल, सेतु से जुड़े निर्माण कार्यों पर मंथन किया। मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क, पुल, सेतु और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 कामों को मंजूरी दी। इसमें करीब 1472.83 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अंचलों में 1602 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाकर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। करीब पचास से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण व दुरुस्तीकरण किया जाएगा।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की करीब 50-50 करोड़ की विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात के लिए सड़क मार्गों के दुरुस्तीकरण पर केंद्रित प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ देखा। इसमें आधारभूत संरचना के कार्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों व आकांक्षात्मक ब्लॉक क्षेत्रों में जारी विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

उन्होंने ने दो राज्य राजमार्गों, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतुओं, और सात बड़े पुलों को बनाने की मंजूरी दी। शहरी क्षेत्रों में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बाईपास मार्गों, ओवरब्रिज आदि के कामों को मंजूरी दी। देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा के कार्यों को कराने का कभी निर्देश दिया। इसके साथ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी।

उन्होंने हरदौपट्टी संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, कटरा बाजार के पंडितपुरवा नहवा परसौरा वाया खजुहा संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, सुभानपुर बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य, हट्टीपुरवा से कुढ़ियांव संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग निर्माण कार्य आदि की अद्यतन स्थिति पर भी जानकारी ली।

Pic Credit : ANI

Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर

Indian stock market witnessed sharp decline due to heavy selling in IT stocks

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई।

 

भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ।

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सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई।

बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए।

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इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
Edited By : Chetan Gour

Reliance Industries बनाएगी 2 लाख ग्रीन जॉब्स, अनंत अंबानी का ऐलान, रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर

रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।

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अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”

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रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।

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जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।

 

बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।

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अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”

 

रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

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बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।

 

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अमेरिका-ईरान समझौते के बाद एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ पहुंचा गुजरात

अमेरिका और ईरान में हुए समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया गया है और जहाजों की आवाजाही भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इस बीच एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज स्ट्रेट को पार करके गुजरात के दाहेज पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। तीन महीने से ज्यादा के इंतजार के बाद, इसने 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का कार्गो पहुंचाया है। 

जहाज के ट्रैकिंग डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक यह जहाज बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच खाड़ी इलाके में खड़ा था। अमेरिका-ईरान समझौते के बाद यह शुक्रवार सुबह करीब 7:32 बजे दाहेज टर्मिनल पर पहुंचा।

एलएनजी कार्गो को कतर के रास लफ्फान एलएनजी टर्मिनल पर लोड किया गया। टैंकर 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी ले जा रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक संवेदनशील समय के दौरान भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन के लिए एक बड़ी डिलीवरी है।

जहाज दिशा को शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम के तहत चलाया जा रहा है और इसे पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के लिए किराए पर लिया गया है। जहाज का होर्मुज स्ट्रेट से सफल ट्रांजिट ऐसे समय में हुआ है जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के मुख्य शिपिंग लेन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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सूत्रों ने बताया कि टैंकर अपनी यात्रा पूरी करने से पहले तीन महीने से ज्यादा समय तक खाड़ी क्षेत्र में रहा था। तेल और गैस शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक, होर्मुज स्ट्रेट से इसका सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी माना गया है।

भरूच में दाहेज एलएनजी टर्मिनल भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस इंपोर्ट हब है और देश के नेचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में अहम भूमिका निभाता है।

दिशा के आने से एलएनजी की उपलब्धता बढ़ने और इंडस्ट्रियल और घरेलू खपत के लिए स्थिर ऊर्जा सप्लाई को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलएनजी कैरियर के सुरक्षित आने से भारत के ऊर्जा क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स को राहत मिली है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक जरूरी रास्ता बना हुआ है और इस इलाके में कोई भी रुकावट वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन पर प्रभाव डाल सकती है।

इस यात्रा का सफलतापूर्वक पूरा होना भारत में बिना रुकावट ऊर्जा इम्पोर्ट के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों के महत्व को दिखाता है।

Pic Credit : ANI

एससी-ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अब नहीं देना होगा डोमिसाइल प्रमाण पत्र

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को ज्यादा आसान बना दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए डोमिसाइल (निवास) प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। 

इस फैसले से छात्रों पर दस्तावेजों का बोझ कम होगा और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगा। खास तौर पर उन हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा जो अपने गृह राज्य के बाहर स्थित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।

सरकार के अनुसार, एससी और ओबीसी वर्ग के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ छात्रों को लाभ मिलता है। डोमिसाइल प्रमाण पत्र की अनिवार्यता हटने से आवेदन प्रक्रिया अधिक छात्र-अनुकूल बनेगी, दस्तावेजी औपचारिकताएं घटेंगी और छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।

डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए विभाग ने उमंग प्लेटफॉर्म पर एसईटीयू (शैक्षिक बदलाव और उत्थान के लिए स्कॉलरशिप) भी शुरू किया है। यह छात्रवृत्ति से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

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इस प्लेटफॉर्म के जरिए पात्र छात्र, संस्थागत नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और राज्य स्तरीय अधिकारी एक ही जगह पर आवेदन पंजीकरण, आवेदन की निगरानी, सत्यापन और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

मंत्रालय ने कहा कि ये पहल सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं, जिसके तहत समावेशी विकास को बढ़ावा देना, अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं को कम करना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना शामिल है।

विभाग ने यह भी दोहराया कि वह तकनीक आधारित सुधारों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग के 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को 7,981.47 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई थी। छात्रवृत्ति योजनाओं पर खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 21 प्रतिशत, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 11.23 प्रतिशत और टॉप क्लास एजुकेशन छात्रवृत्ति योजना के तहत 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी

jio ipo

  • जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दी
  • सेबी, बीएसई और एनएसई के पास दाखिल होगा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस

देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा।

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा।

 

एजीएम में मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और उसके लाखों शेयरधारकों के लिए भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों का संबंध गर्व, विश्वास, सम्मान और साझा विकास पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का निकट भविष्य में आने वाला आईपीओ है। उनके अनुसार, यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पेश करेगा। जियो ने पिछले दस वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने जब अपनी यात्रा शुरू की उस समय वॉइस महंगी थी, डेटा महंगा था और स्पीड कमजोर थी। जियो ने वॉइस को मुफ्त और हाई-स्पीड डेटा को किफायती बनाया, 

 

आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है।

 

जियो की अगली ग्रोथ यात्रा पांच प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगी। इनमें जियो ट्रू 5जी को भारत की अगली डिजिटल छलांग की नींव बनाना, जियोएयरफाइबर के जरिए हाई-स्पीड होम ब्रॉडबैंड को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना, भारतीय उद्यमों और छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाना, हर जगह और हर व्यक्ति तक एआई पहुंचाना और भारत की टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाना शामिल है।

 

जियो आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होना केवल एक लिस्टिंग इवेंट नहीं है। यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता, रिलायंस शेयरधारकों के वैल्यू अनलॉक और जियो की अगली ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

संध्या थिएटर भगदड़ केस में अल्लू अर्जुन को समन

संध्या थिएटर भगदड़ मामले में नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट ने मशहूर टॉलीवुड अभिनेता अल्लू अर्जुन को समन जारी करते हुए 22 जून को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। 

दरअसल, यह पूरा मामला 4 दिसंबर 2024 का है जब फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर के दौरान हैदराबाद के संध्या थिएटर में भारी भीड़ जमा हो गई थी। उसी दौरान अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठे थे।

इस मामले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 के तौर पर शामिल किया गया। कोर्ट की ओर से अब तक 19 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा जा चुका है।

जांच में पुलिस ने थिएटर मैनेजमेंट से जुड़े पहले 10 लोगों को आरोपी बनाया। इसके साथ ही अभिनेता के सुरक्षा में तैनात रहे 8 बाउंसरों को भी इस केस में शामिल किया गया।

इस केस में कोर्ट ने साफ किया है कि सभी आरोपियों के अदालत में पेश होने के बाद इस मामले का औपचारिक ट्रायल शुरू किया जाएगा।

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4 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन प्रीमियर शो में शामिल होने के लिए संध्या थिएटर पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मौजूदगी की खबर फैली, थिएटर के बाहर और अंदर भारी भीड़ जुट गई। भीड़ को संभालने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई और भगदड़ मच गई। इसी दौरान एक महिला, जिनकी पहचान एम. रेवती के रूप में हुई है, की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस ने इस पूरे मामले में गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें गैर इरादतन हत्या भी शामिल है। पुलिस का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय की जानी बाकी है।

घटना के बाद अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, उसी दिन उनके वकीलों ने हाईकोर्ट का रुख किया और उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। अगले दिन उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें नियमित जमानत भी मिल गई।

जांच के दौरान 24 दिसंबर को पुलिस ने अल्लू अर्जुन से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ सीसीटीवी फुटेज और पुलिस द्वारा तैयार किए गए वीडियो के आधार पर की गई थी।

इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

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कर्नाटक में NDA को बड़ा झटका! भाजपा-JDS में हुई भारी ‘क्रॉस वोटिंग’, डीके शिवकुमार के चक्रव्यूह में फंसी BJP

karnataka MLC Election Results 2026

karnataka MLC Election Results 2026: बेंगलुरु से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर! काउंटिंग रूम से निकलते ही भाजपा के पैरों तले जमीन खिसक गई। अपनों ने ही दिया धोखा—जानिए कैसे भाजपा-JDS के 11 विधायकों ने गुपचुप कांग्रेस को जिता दिया।

 

कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार, 18 जून को एक ऐसा भूचाल आया जिसने विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को हिलाकर रख दिया है। कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की 7 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर रणनीतिकार डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के बिछाए राजनीतिक चक्रव्यूह में भाजपा और जेडीएस इस कदर फंसे कि उनके अपने ही विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में भारी 'क्रॉस वोटिंग' (Cross Voting) कर दी। 

 

इस चुनावी उलटफेर के बाद कांग्रेस ने 7 में से 5 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के खाते में सिर्फ 2 सीटें आईं और जेडीएस (JDS) के इकलौते उम्मीदवार को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। 

चुनावी अंकगणित : कहां गायब हुए NDA के 12 वोट? 

विधानसभा के आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास अपने 135 विधायक हैं। इसके अलावा उन्हें 2 निर्दलीय, 1 सर्वोदय कर्नाटक पक्ष और भाजपा से निष्कासित 2 विधायकों (एसटी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार) का समर्थन मिलाकर कुल 140 वोट मिलने तय थे।

 

लेकिन, जब पहली वरीयता के वोटों की गिनती खत्म हुई, तो कांग्रेस के हिस्से में उम्मीद से 11 वोट अधिक यानी कुल 151 वोट आए। वही दूसरी ओर, एनडीए (NDA) खेमे का गणित पूरी तरह बिगड़ गया: 

  • भाजपा का नुकसान : 64 विधायकों वाली भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 56 वोट ही मिले, जो उनकी तय ताकत से 8 वोट कम थे। भाजपा के लिंगराज पाटिल को 30 की जगह केवल 27 वोट मिले।
  • जेडीएस की करारी हार : 18 विधायकों वाली जेडीएस के उम्मीदवार एन. गोविंदराजू को केवल 14 वोट मिले।

एनडीए के समझौते के तहत भाजपा ने अपने 3 अतिरिक्त विधायक जेडीएस को ट्रांसफर किए थे, जिससे गोविंदराजू को 21 वोट मिलने चाहिए थे, लेकिन वे अपनी पार्टी के विधायकों के वोट भी नहीं बचा पाए।

विपक्ष के नेता का कबूलनामा: भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हमारे कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन को पार किया है। हमारी पार्टी में क्रॉस वोटिंग हुई है, हम उन विधायकों की पहचान कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिवकुमार का 'मॉक पोल' चक्रव्यूह और कांग्रेस की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों (Expertise) के अनुसार, इस चुनाव में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी कुशल संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने के लिए बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में तीन बार 'मॉक वोटिंग' (प्रशिक्षण मतदान) कराया था, ताकि पहली बार के विधायकों का एक भी वोट अमान्य (Invalid) न हो।

 

जीत के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेहद सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें विपक्षी विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। यह हमारी सरकार की 5 गारंटी योजनाओं और जन कल्याणकारी नीतियों पर अन्य दलों के विधायकों का 'अंतरात्मा की आवाज पर दिया गया वोट' (Conscience Vote) है।” 

कर्नाटक MLC चुनाव परिणाम 2026 : एक नजर में

karnataka MLC Election Results 2026

karnataka MLC Election Results 2026

इस उलटफेर का राज्यसभा और कर्नाटक की राजनीति पर क्या होगा असर?

इस प्रचंड जीत के बाद कर्नाटक विधान परिषद (75 सदस्यीय उच्च सदन) में कांग्रेस ने इतिहास में पहली बार पूर्ण बहुमत (39 सीटें) हासिल कर लिया है।

  • सदन में बिल पास कराना आसान : अब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की सरकार को किसी भी नए कानून या संशोधन बिल को पास कराने के लिए विपक्ष के सामने नहीं झुकना पड़ेगा। 
  • राज्यसभा सीटों पर संकट : इस क्रॉस वोटिंग ने भाजपा-जेडीएस गठबंधन की अंदरूनी गुटबाजी और कलह को उजागर कर दिया है। इसका सीधा असर आगामी राज्यसभा चुनावों पर पड़ेगा, जहां भाजपा के लिए अपनी सीटें बचाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।