430 रनों का पीछा कर श्रीलंका ने रचा इतिहास, 2 विकेट से इंग्लैंड को हराया

ENGvsSL श्रीलंका ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक के रिकॉर्ड दोहरे शतक पर पानी फेरते हुए त्रिकोणीय शृंखला के मुकाबले में गुरुवार को वनडे क्रिकेट की यादगार जीत दर्ज की।श्रीलंका ने जीत के लिए मिले 430 रन के विशाल लक्ष्य को एक गेंद शेष रहते आठ विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। यह वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड है।

ब्रूक की 116 गेंदों में 202 रन की विस्फोटक पारी के दम पर इंग्लैंड ने चार विकेट पर 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका ने 24 रन पर दो विकेट गंवाने के बावजूद पवन रत्नायके के 130 रन, अविष्का फर्नांडो और दासुन शनाका के 97-97 रन तथा जनिथ लियानागे की 27 गेंदों में नाबाद 61 रन की तूफानी पारी की बदौलत ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का सफल पीछा करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है। उसने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोहानिसबर्ग में नौ विकेट पर 438 रन बनाकर जीत हासिल की थी।

ब्रूक ने महज 114 गेंदों में 200 रन पूरे कर पुरुष वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। वह इस प्रारूप में दोहरा शतक जड़ने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज भी बने। ब्रूक ने अपनी पारी में 21 चौके और 10 छक्के लगाए।

उन्होंने चौका जड़कर 75 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और इसके बाद आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हुए 150 रन का आंकड़ा पार किया। शतक से दोहरे शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने केवल 39 गेंदें खेलीं। आखिरी ओवर में जनिथ लियानागे की गेंद पर पैडल स्वीप खेलकर उन्होंने दोहरा शतक पूरा किया। वह पारी की अंतिम गेंद पर 202 रन बनाकर आउट हो गए।

ब्रूक ने भारत के शुभमन गिल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने पिछले महीने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 116 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया था। इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने 69, विल जैक्स ने नाबाद 66 और टॉम बैंटन ने 50 रन का योगदान दिया।

श्रीलंकाई तेज गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। ईशान मलिंगा ने 91 और दिलशान मदुशंका ने 89 रन लुटाए, लेकिन दोनों को कोई विकेट नहीं मिला। दो साल से अधिक समय बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे दासुन शनाका ने अपने छह ओवर में 74 रन दिए। बाएं हाथ के स्पिनर दुनिथ वेल्लालागे ने 56 रन देकर दो विकेट लिए।

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत खराब रही। चौथे ओवर में कामिंदु मेंडिस 18 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद कप्तान कुसल मेंडिस बिना कोई गेंद खेले ही दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए।

मुश्किल में घिरी टीम को फर्नांडो और रत्नायके ने संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 137 गेंदों में 166 रन की साझेदारी कर श्रीलंका की जीत की नींव रखी। इस साझेदारी को ओवरटन ने फर्नांडो को आउट कर तोड़ा।

इसके बाद शनाका ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 50 गेंदों में छह चौकों और आठ छक्कों की मदद से 97 रन बनाए। उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच रत्नायके के साथ 79 गेंदों में 133 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड पर दबाव बढ़ा दिया।दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद लियानागे ने मोर्चा संभाला और 27 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाकर श्रीलंका को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

जोश टंग ने अंतिम ओवर में लगातार दो विकेट लेकर मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया, लेकिन लियानागे ने छक्का जड़कर श्रीलंका की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।इंग्लैंड की ओर से टंग ने 79 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि सैम कुरेन को 103 रन देकर दो विकेट मिले।