दूषित मन और मलिन आत्मा वालों ने बुंदेलखंड को किया था बदनाम : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath's visit to Mahoba on International Yoga Day

– मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी ने महोबा में 697 करोड़ से अधिक की लागत से 88 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्‍यास 

– मुख्यमंत्री ने आमजन को योग से जुड़ने की अपील की और विपक्षियों पर योग दिवस के बहाने प्रहार किया 

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में होगा विकसित होगा गोरखगिरि, लगेगा रोपवे

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महोबा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने योगाभ्यास पर जोर देते हुए विपक्षियों पर करारा प्रहार भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग शरीर, मन, बुद्धि व आत्मा में समन्वय की प्रेरणा देता है। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क, स्वस्थ मस्तिष्क से स्वस्थ बुद्धि, स्वस्थ बुद्धि से स्वस्थ आत्मा होती है और स्वस्थ आत्मा ही लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। जो लोग अवैध कब्जा करते हैं, नकारात्मक बुद्धि के साथ नकारात्मकता पैदा करते हैं। उनकी आत्मा मलिन और मन दूषित है।

बीमार मानसिकता के साथ काम करने वाले ऐसे लोगों ने प्रदेश को डुबोया और बुंदेलखंड को बदनाम किया था। मुख्यमंत्री ने मोदी ग्राम में 697 करोड़ से अधिक की लागत से 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। यहां महोबा के विकास को समर्पित लघु फिल्म भी दिखाई गई। 

 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भव्यता से मनाया गया 12वां योग दिवस 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज सुबह आप सभी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से जुड़े। भारत के विरासत को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भव्यता से मनाया गया। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले के मैदान में मुझे भी जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रदेश के 57 हजार ग्राम पंचायतों, 825 विकास खंडों, 350 तहसीलों, 75 जनपदों, 762 नगर निकायों समेत अमृत सरोवर, ग्राम सचिवालय, विकास खंड, नगर निकाय, जिला मुख्यालय पर यह आयोजन हुए।

 

पर्यटन स्थल के नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ गोरखगिरि

मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ की साधना स्थली महोबा की आध्यात्मिकता, ऐतिहासिकता, वीरता पर प्रकाश डाला। कहा कि 12-13 वर्ष बाद गोरखगिरि पर्वत पर ऊपर जा पाया। वहां भोलेनाथ से प्रार्थना की, फिर बाबा गोरखनाथ की साधना स्थली (गुफा व मंदिर) में दर्शन किया। गोरखगिरि पर्यटन स्थल के नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री ने इस पहल, सहयोग व योगदान के लिए विधायक राकेश गोस्वामी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र चंदेल समेत स्थानीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बधाई दी। 

 

गोरखगिरि में लगेगा रोपवे, एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में होगा विकसित 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखगिरि में रोपवे लगाएंगे और इसे एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री ने महोबा महोत्सव से पहले इस पहाड़ी पर चढ़ने के लिए एक सप्ताह तक स्थानीय, जनपद, बुंदेलखंड, राज्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने और यहां रेस्तरां, होटल आदि खोलने की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि आल्हा-उदल के शौर्य/पराक्रम के प्रतीक अखाड़ों का निर्माण करके नौजवानों को फिर से वीर भाव के साथ प्रेरित कर सकें। 

ऊर्जा की भूमि है महोबा, कहीं और नहीं मिलता दशावरी पान जैसा स्वाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा ऊर्जा की भूमि है। महोबा कभी महोत्सव के लिए प्रसिद्ध था। यहां से निकलने वाले ग्रेनाइट पत्थर से केवल टाइल्स या मकान ही नहीं बनते बल्कि यह देश के नवनिर्माण में यह भूमि योगदान देती है। यह भूमि सिर्फ वीर-वीरांगनाओं को ही नहीं गढ़ती, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका का भी निर्माण करती है।

चंदेल राजाओं ने जल संरक्षण के लिए तालाब खोदकर इस भूमि पर लोक कल्याण कार्यक्रम को बढ़ाया। हमारी सरकार ने यहां के दशावरी पान को जियो टैग के साथ वैश्विक मान्यता दिलाई है। माटी का प्रभाव है कि यहां पैदा होने वाले इस पान का स्वाद कहीं और नहीं मिलता। 

 

हमारी सरकार ने अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा कर किसानों को किया खुशहाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों पहले बनी अर्जुन सहायक परियोजना पूरी नहीं हो पाई। हमारी सरकार ने इसे मिशन मोड पर लेकर इसे पूरा कराया और 2021 में परियोजना के लोकार्पण में पीएम मोदी को बुलाया। इससे महोबा और बांदा के हजारों हेक्टेयर लैंड को सिंचाई की सुविधा मिली। किसानों को सम्मान मिला और उनके जमीन की कीमत बढ़ी, जिससे अन्नदाता खुशहाल हैं। 

 

मुख्यमंत्री बनने पर आया तो यहां की स्थिति देखकर भौचक रह गया

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जब बुंदेलखंड आया तो यहां की कनेक्टिविटी, खनन, वन, हावी भूमाफिया को देखकर भौचक हो गया। यहां की बहनें मिट्टी का घड़ा ढोकर जीवन काट देतीं थीं, लेकिन हमने बहनों, बेटियों व माताओं के लिए हर घर जल की योजना को लागू की।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि जल संरक्षण के लिए चंदेल राजाओं ने तालाब बनाए थे। आप भी प्रयास करें कि जल की एक भी बूंद का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने तालाबों को जल संरक्षण की दृष्टि से तैयार करने पर जोर दिया। 

 

हिंदुस्तान से क्या ही लड़ पाएगा पाकिस्तान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाकर बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे से जोड़ा। यहां का जवान सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की रक्षा करता है तो बुंदेलखंड में बनने वाली तोप-बंदूक से दुश्मन थरथरा उठता है।

उप्र के डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में जिस दिन दागी गई थी तो पाकिस्तान माफी मांगते हुए जान की भीख मांग रहा था। मिसाइल ने साबित कर दिया कि यह पाकिस्तान हिंदुस्तान से क्या ही लड़ पाएगा। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में मिसाइल का हब बुंदेलखंड, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, झांसी बने।  

 

यहां की धरती व युवाओं में गजब की ऊर्जा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की धरती व युवाओं में गजब की ऊर्जा है। निवेश के लिए औद्योगिक कलस्टर विकसित करने की कार्रवाई को बढ़ाया गया है। कबरई बांध के लिए जिन किसानों ने जमीन दी थी, उन्हें वर्षों से भूमि का पैसा नहीं मिला था। सरकार ने उसे निस्तारित कर भुगतान किया। किसान का शोषण करने वालों पर सरकार कार्रवाई करती है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की उल्टी गिनती भी तय है। बुंदेलखंड का विकास कोई रोक नहीं सकता। 

 

केन-बेतवा नहर परियोजना पूरी होते ही बुंदेलखंड में होगा जल की समस्या का समाधान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी नए भारत के नए प्रदेश के रूप में पहचान बना रहा है। एक समय यहां माफिया हावी और बेटी, व्यापारी असुरक्षित थे। अराजकता पहचान बन चुकी थी। गरीबों को अधिकार नहीं मिल पाता था। तब महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, झांसी पहचान के मोहताज थे लेकिन अब बीडा के रूप में बुंदेलखंड में सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बनने जा रहा है। केन-बेतवा नहर परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, काम पूरा होने पर बुंदेलखंड में जल की समस्या का पूर्ण समाधान हो जाएगा। 

 

डीएम कार्ड छपवाते हैं और मंत्री भी गरीब की बेटी की शादी में होते हैं शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि रतौली बांध, बावनी बांध, कचनौदा बांध, चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई आदि परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है। 9 वर्ष में सरकार गरीबों को राशन, आवास, शौचालय, पेंशन, बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार का पैकेज, सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये उपलब्ध कराती है। गरीब की बेटी की शादी का कार्ड जिलाधिकारी छपवाते हैं और मंत्री इसमें शामिल होते हैं। सरकार उपचार, बिजली, रसोई गैस आदि सभी समस्याओं का समाधान करा रही है। 

 

स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया जाए

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के पोटेंशियल को बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में सुशासन की स्थापना होती है। महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट में भी संभावनाओं को विकसित करेंगे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए लोग आएं, सरकार सहयोग करेगी। जल संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं, कनेक्टिविटी आदि को बेहतर करने के लिए डबल इंजन सरकार कार्य कर रही है। 

 

महोबा फिर से विकास की बुलंदियों को छूता दिखाई देगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा फिर से विकास की बुलंदियों को छूता दिखाई दे। यह महोत्सव की धरा के रूप में पहचान बनाए, लोकगाथाओं को वैश्विक मान्यता मिले। लोकपरंपराओं को पुराने वाद्यों के साथ जोड़कर इसे बढ़ाया जाए। दशावरी पान यहां की पहचान बने। यहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में कार्य बढ़ाने के साथ ही संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सरकार आपके साथ है। 

 

इस अवसर पर श्रम राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक राकेश कुमार गोस्वामी, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्य़क्ष जयप्रकाश अनुरागी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संतोष चौरसिया, नगर पंचायत अध्यक्ष वैभव अरजरिया, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
Edited By : Chetan Gour

international yoga day : जबलपुर में राष्ट्रपति मुर्मु, राज्यपाल पटेल और CM यादव ने किया सामूहिक योगाभ्यास

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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश सहित मध्यप्रदेश की छटा योग के रंग में रंगी दिखाई दी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में सहभागिता की। सभी ने योगाभ्यास किया और योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने, निरोग, स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी  मुर्मु और राज्यपाल पटेल को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया।

 

इस मौके पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आज हम यहां भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है। यह हमारे ऋषियों और मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। हमारे शास्त्रों में शरीर, मौन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। योग शब्द का शाब्दिक अर्थ है जोड़ना। ये व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और संपूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तो योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

 

करोड़ों लोग योग को बना रहे दैनिक जीवन का हिस्सा

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की। इस पहल से पिछले 12 वर्षों से विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में योग पद्धति की पहचान और मजबूत हुई है। आज विश्व के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। इसी महीने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप इसका एक अच्छा उदाहरण है। इस आयोजन में कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। हम कभी-कभी विदेशों में जाते हैं तो वो लोग योग के बारे में पूछते हैं। क्योंकि, योगाभ्यास विदेशों में भी किया जाता है। मुझे बताया गया है कि इस वर्ष योग की थीम  'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है। हम आज जो जीवनशैली अपनाते हैं, वही हमारे आने वाले समय के स्वास्थ्य एवं सुख का आधार बनती है। योग बढ़ती आयु से भी व्यक्ति के सक्रिय और आत्मनिर्भर बने रहने की सहायक होता है। योग मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है। 

 

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बड़ी चुनौती 

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने बड़ी चुनौती हैं। आज इन बीमारियों की रोकथाम करने के लिए समग्र चिकित्सा पद्धति का प्रयोग व्यापक रूप से हो रहा है। योग इस पद्धति का अहम हिस्सा है। यह सरल, प्रभावी और सुलभ है। भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षण, अनुसंधान और प्रशिक्षण तथा जन-जागरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। यह प्रसन्नता का विषय है कि अनेक संस्थाएं विश्व स्तर पर लोगों को योग के लिए प्रेरित कर रही हैं। मेरा मानना है कि योग से जुड़ी संस्थाओं के प्रयासों के बलबूते पर योग जन-जन तक पहुंचेगा। योग समस्त मानवता के कल्याण का आधार स्तंभ है। मैं इस अवसर पर सभी देशवासियों से यह संकल्प लेने का आग्रह करती हूं कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। ऐसा करके वे स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज, स्वस्थ राष्ट्र और स्वस्थ विश्व के निर्माण में योगदान देंगे। 

 

30 मिनट का योगाभ्यास लाता है सकारात्मक बदलाव

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था। आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया गया। योग को पूरी दुनिया में सम्मान दिखलवाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है। हम मानते हैं कि हर व्यक्ति का जीवन सुखी हो, उसके लिए हमारे तन और मन का स्वस्थ रहना जरूरी है। प्राणायम के जरिए हम केवल सांस नहीं लेते, बल्कि नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को भी अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति मिलती है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। 

 

वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है योग दिवस 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योगा फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है। इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया जा रहा है। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया जा रहा है, 210 से अधिक दूतावास भी कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। 

 

पीएम मोदी ने योग को बनाया आंदोलन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। जब 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। इस वर्ष सामूहिक योग सत्रों में करीब 30 से 35 करोड़ लोग शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए हर घर योग अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। उन्होंने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हो रहा है। 

 

हमारी संस्कृति में संसार एक परिवार है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को  सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया। हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: की कामना की। मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्री कृष्ण को मध्य प्रदेश की धरती  पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ । मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग रही है।

योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया। इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है। आज से  सूर्य देव उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर से यात्रा प्रारंभ करते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

योगी सरकार का ‘ऑपरेशन क्लीन मेडिसिन’: आगरा में 3.63 करोड़ की नकली और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त, 8 अवैध गोदाम सील

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं, फिजिशियन सैंपल्स की अवैध बिक्री, सरकारी आपूर्ति की औषधियों की कालाबाजारी और एक्सपायर्ड दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में आगरा में 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की दवाएं जब्त की गई हैं। अब तक 8 अवैध गोदाम सील किए जा चुके हैं तथा 6 एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

दो चरणों में चला बड़ा अभियान

एफएसडीए मुख्यालय लखनऊ द्वारा गठित 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 22 से 24 मई तथा 12 से 14 जून 2026 के बीच आगरा में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान खत्री गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर, झूलेलाल मार्केट, दयालबाग सहित प्रमुख दवा व्यापार केंद्रों, गोदामों और आवासीय परिसरों की जांच की गई। इस दौरान 20 से अधिक दवा फर्मों, 12 गोदामों तथा कई संदिग्ध परिसरों की तलाशी ली गई। जांच में बड़े पैमाने पर फिजिशियन सैंपल्स, सरकारी अस्पतालों की दवाएं, डिफेंस सप्लाई, एक्सपायर्ड दवाएं तथा संदिग्ध नकली औषधियां बरामद हुईं। 

 

जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान

अभियान के दूसरे चरण को स्वयं एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लीड किया। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले दो सप्ताह में छह दिनों तक चले विशेष अभियान में 25 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने व्यापक जांच की। आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। 6 एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा आठ अवैध गोदाम सील किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दवा माफिया, नकली दवा नेटवर्क और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

एफएसडीए का आगरा पर था विशेष फोकस

डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली दवाओं का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं, जहां से नकली और संदिग्ध दवाएं उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा औषधि बाजार है, जहां थोक और खुदरा दवा वितरण का मजबूत नेटवर्क, बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, दिल्ली से निकटता और विशाल उपभोक्ता आधार इसे अवैध कारोबारियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है। आगरा इस पूरे नेटवर्क का एक प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र बनकर उभरा है, जहां से दवाओं की खेप लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचती है। इसी कारण एफएसडीए पिछले कुछ समय से आगरा पर विशेष फोकस करते हुए सूचनाएं एकत्र कर रहा था और सुनियोजित रणनीति के तहत यह व्यापक अभियान चलाया गया।

 

ज्योति ड्रग हाउस से जुड़े गोदामों से 2.5 करोड़ की बरामदगी

22 और 23 मई को झूलेलाल मार्केट स्थित मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस से जुड़े दो अवैध गोदामों पर की गई कार्रवाई में लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। जांच में बड़ी मात्रा में “फिजीशियन सैंपल – नॉट फॉर सेल” अंकित दवाएं, सरकारी एवं डिफेंस सप्लाई की औषधियां तथा जीवनरक्षक इंजेक्शन और वैक्सीन बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखी मिलीं। एफएसडीए ने मौके से कई नमूने लेकर शेष स्टॉक को सील कर दिया। मामले में फर्म संचालक नारायण दास हंसराजनी, किशोर मेहता और पुनीत कटार सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई।

 

श्री मेडिकल एजेंसीज से नकली ऑक्सॉलजिन डीपी नेटवर्क का खुलासा

एफएसडीए की जांच के दौरान “ऑक्सॉलजिन डीपी टैबलेट” नामक औषधि के नकली निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ। निर्माता कंपनी जाइडस लाइफसाइंसेज की शिकायत पर शुरू हुई जांच आगरा से अलीगढ़ और फिर उत्तराखंड के रुड़की तक पहुंची। जांच में मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, पैकेजिंग सामग्री और प्रिंटिंग अवशेषों के आधार पर यह सामने आया कि नकली दवा निर्माण और आपूर्ति का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। श्री मेडिकल एजेंसीज के सीलबंद गोदाम से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद की गईं। मामले में सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा और सैयम अरोरा के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई।

 

जून अभियान में फिर खुला अवैध कारोबार का जाल

12 से 14 जून के बीच चलाए गए दूसरे चरण के अभियान में एफएसडीए टीम ने 20 फर्मों और 12 गोदामों की जांच की। इस दौरान चार गोदाम ऐसे पाए गए जो जांच के बाद सील कर दिए गए। सबसे गंभीर मामला खत्री गली स्थित गौरव मेडिको से जुड़ा सामने आया, जहां एक पंजीकृत गोदाम का ड्रग लाइसेंस स्वतः निरस्त हो चुका था, लेकिन उसी परिसर का उपयोग अवैध रूप से मेसर्स सीएफ इंटरप्राइजेज के माध्यम से किया जा रहा था। जांच में लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं, जिनमें फिजिशियन सैंपल, सरकारी आपूर्ति की दवाएं तथा एक्सपायर्ड स्टॉक शामिल था।

 

बिना लाइसेंस चल रहे थे गोदाम

दयालबाग स्थित मनीष पंजवानी के आवास पर छापेमारी के दौरान सरकारी आपूर्ति की दवाएं, इंसुलिन और अन्य जीवनरक्षक औषधियां बिना किसी वैध लाइसेंस के रखी मिलीं। यहां री-लेबलिंग और मूल्य परिवर्तन के भी संकेत मिले। लगभग 5.20 लाख रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गईं। इसी प्रकार सुमित माधवानी के दो अवैध गोदामों से लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के फिजिशियन सैंपल तथा सुमित गुप्ता के गोदाम से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।

 

कोल्ड चेन उल्लंघन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़

अभियान के दौरान कई स्थानों पर इंसुलिन, रैबीज वैक्सीन और अन्य तापमान नियंत्रित दवाएं बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखी मिलीं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में दवाओं की प्रभावशीलता समाप्त हो सकती है और मरीजों के जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। एफएसडीए ने ऐसे मामलों को जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ मानते हुए संबंधित स्टॉक जब्त कर लिया तथा नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया।

 

चार सीलबंद गोदामों को नोटिस

एफएसडीए ने चार सीलबंद गोदामों के लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित व्यक्ति जांच में उपस्थित नहीं होते हैं तो पुलिस और जिला प्रशासन की मौजूदगी में गोदाम खोले जाएंगे तथा आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रोशन जैकब ने आगरा के मेडिकल एसोसिएशनों, दवा मंडी के भवन स्वामियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर सभी थोक प्रतिष्ठानों के सत्यापन के निर्देश भी दिए। लंबे समय से निष्क्रिय लाइसेंसों को निरस्त करने, अवैध किरायेदारों की पहचान करने और प्रत्येक प्रतिष्ठान पर लाइसेंस संख्या प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। Edited by : Sudhir Sharma

International Yoga Day : CM योगी का योग दिवस संदेश, योग अपनाइए, रोग और समय से पहले बुढ़ापे से बचिए

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग केवल 21 जून तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। भारतीय ऋषि परंपरा ने जो भी पर्व और उत्सव निर्धारित किए, उनके पीछे प्रकृति के साथ सामंजस्य का भाव रहा है। हमारी संस्कृति का उद्देश्य प्रकृति के साथ रहकर जीवन को संतुलित बनाना है।

 

मुख्यमंत्री विश्व योग दिवस के अवसर पर झांसी में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' (स्वस्थ आयु के लिए योग) थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने आयुष विभाग की आयुष ई-पत्रिका का विमोचन भी किया।

 

पीएम मोदी का जताया आभार

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की परंपरा और विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाने का कार्य किया है। उनके प्रयासों के कारण आज 140 करोड़ भारतीय दुनिया में गौरव के साथ आगे बढ़ रहे हैं और विकसित भारत की संकल्पना को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री जी स्वयं प्रत्येक वर्ष अलग-अलग राज्यों में जाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

 

स्वस्थ व्यक्ति ही अपने लक्ष्य प्राप्त करेगा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् अर्थात स्वस्थ शरीर ही सभी कर्तव्यों और पुरुषार्थों की साधना का माध्यम है। यदि शरीर स्वस्थ व निरोग नहीं होगा तो कोई भी व्यक्ति जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क वाला छात्र ही अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। स्वस्थ किसान खेती-किसानी में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और समाज के लिए प्रेरणा बनेगा। स्वस्थ श्रमिक अपने परिश्रम से विकास और निर्माण की नई इबारत लिखेगा। स्वस्थ वैज्ञानिक देश को नए-नए अनुसंधान और उपलब्धियां प्रदान करेगा। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है।

 

पीएम मोदी ने बनाया रिकॉर्ड, योग से दुनिया को जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने देश में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने भारत की विरासत को सम्मान दिलाने और उसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने का कार्य किया है। आज दुनिया के लगभग 200 देश योग से जुड़ चुके हैं। दुनिया के विभिन्न देशों में योग के प्रति लोगों में विशेष आकर्षण पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने आयुष और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों का नया द्वार खोला है।

 

तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी आयुष विभाग लगातार कार्य कर रहा है। यदि शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा, स्वस्थ मस्तिष्क होगा तो बुद्धि स्वस्थ होगी और स्वस्थ बुद्धि होगी तो आत्मा भी स्वस्थ होगी। आत्मा में ईश्वर का वास होता है। इसलिए स्वस्थ शरीर पूरे जीवन का मूल आधार है और योग इसका सबसे प्रभावी माध्यम है।

 

प्रकृति से ऊर्जा ग्रहण करने का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्ष में दो बार नवरात्रि का आयोजन होता है। इसके पीछे भी ऊर्जा और प्रकृति का विज्ञान छिपा हुआ है। नवरात्रि ऐसे समय में आती है जब ऋतुओं का परिवर्तन होता है और प्रकृति विशेष ऊर्जा प्रदान करती है। 21 जून का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। आज के दिन सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक धरती को प्राप्त होता है। सूर्य को जगत का पिता कहा गया है। जो व्यक्ति और वनस्पति सूर्य के जितने अधिक सानिध्य में रहते हैं, उनमें उतनी ही अधिक ऊर्जा, तेज और क्षमता विकसित होती है। सूर्य हम सभी के जीवन का आधार है। योग दिवस हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और प्रकृति की ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का अवसर देता है।

 

भगवान शिव से शुरू हुई योग की परंपरा

सीएम योगी ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से प्रारंभ हुई और ऋषि-मुनियों ने इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाया। एक समय ऐसा आया जब हम अपनी इस महान विरासत को भूलने लगे थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से भारत फिर से अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व का अनुभव कर रहा है। इस वर्ष मोदी जी ने 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम दी है, जिसका उल्लेख हमारे ऋषियों ने भी किया है। उन्होंने शास्त्रों का जिक्र करते हुए कहा- “न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्” अर्थात जिसका शरीर योग की अग्नि से तपकर सुदृढ़ हो गया हो, उसके पास न रोग आता है, न समय से पहले बुढ़ापा और न ही दुर्बलता। यदि हमें रोगों और समय से पहले आने वाले बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

 

प्रदेश के हर कोने में योग दिवस का आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी प्रदेश में योग दिवस कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक लखनऊ में तथा प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी अलग-अलग जनपदों में योग दिवस कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, 825 विकासखंड मुख्यालयों, 350 तहसीलों और 762 नगर निकायों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ मनाया जा रहा है।

 

प्रदेशवासियों को योग दिवस की बधाई

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर नायिका रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झांसी की पावन धरती से पूरे प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के सभी अधिकारीगण, झांसी के प्रबुद्धजन, प्रशासन एवं पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान, युवा साथी, मातृशक्ति और प्रदेशवासी बधाई के पात्र हैं। यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान और सकारात्मक जीवन जी सकता है। उन्होंने सभी के सुख, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

 

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, राजीव सिंह पारीछा, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधायक रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य राम तीर्थ सिंघल, महापौर बिहारी लाल आर्य आदि उपस्थित रहे। Edited by : Sudhir Sharma

4, 4, 4, 6, 6, वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, 11 गेंदों में जड़ा अर्द्धशतक

वैभव सूर्यवंशी ने 50 ओवर की क्रिकेट में सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाने का 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रघुवंशी ने रविवार को भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए ट्राई-सीरीज़ फाइनल में यह उपलब्धि हासिल की। केवल 15 साल की उम्र में सूर्यवंशी ने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर दिया और 2005 से कायम श्रीलंका के काउशल्या वीररत्ने का 12 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

 

श्रीलंका ए द्वारा पहले गेंदबाजी चुनने के बाद ओपनिंग करने उतरे वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी। उन्होंने 11 गेंदों के इस विस्फोटक क्रम में (4, 4, 4, 6, 6, 0, 6, 4, 4, 6, 6) रन बनाते हुए रिकॉर्ड अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने तेज़ बल्लेबाजी जारी रखी और 29 गेंदों में 94 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 324.14 रहा।

 

हालांकि वह शतक के करीब पहुंचकर आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत ए ने 132 रन बना लिए थे और श्रीलंकाई गेंदबाज पूरी तरह दबाव में आ चुके थे। यह प्रदर्शन उनके शानदार महीने को और खास बनाता है। हाल ही में उन्हें भारत की पुरुष क्रिकेट टीम में चुना गया था और वे अब आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे और 2026 एशियन गेम्स के लिए टीम का हिस्सा हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

 

 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

 

योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर  कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्री भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री आनंद सिंह अधिकारी,  सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत,सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु,आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर श्री नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।Edited by : Sudhir Sharma

 

 

Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून अब दोबारा उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है।

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मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी जल्द मानसून की एंट्री होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है।

 

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय है मानसून

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है।

 

मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर बरकरार

 

एक ओर जहां पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है। तटीय और मध्य महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 25 जून तक लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना और बिहार के कुछ हिस्सों में 21 जून तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है, जबकि तेलंगाना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  Edited by : Sudhir Sharma

भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

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इन तीन युद्धपोतों में स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी (INS Dunagiri), सर्वे वेसल (लार्ज) संशोधक (INS Sanshodhak) और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे (INS Agray) शामिल हैं। ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

नौसेना द्वारा जारी वीडियो में INS Dunagiri को एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोत बताया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मिडियम रेंज सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। यह युद्धपोत भारतीय स्टील्थ तकनीक से लैस है और लंबी अवधि के समुद्री अभियानों में सक्षम है।

 

INS Sanshodhak को समुद्री सर्वेक्षण के लिए तैयार किया गया है, जो समुद्र की गहराई और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने में उपयोग होगा। वहीं INS Agray को उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तीनों जहाज “आत्मनिर्भर भारत” के प्रतीक हैं और अब भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि देश की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है और भारतीय इंजीनियरों, श्रमिकों और उद्योगों की मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

NEET Re-Exam 2026: धर्मेंद्र प्रधान बोले- बिना डर और तनाव के दें परीक्षा, 22 लाख छात्रों से क्या अपील की

dharmendra pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की।

 

प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और छात्रों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज करीब 22 लाख छात्र कुछ ही देर में नीट परीक्षा देने जा रहे हैं। उन्हें निडर होकर और बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल होना चाहिए। वे निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मेरी ओर से सभी छात्रों को ढेर सारी शुभकामनाएं।’’

 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘कृपया भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। ऐसा कुछ भी न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े। कुछ ही घंटों में बच्चे परीक्षा देने जा रहे हैं।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपील करता हूं कि हमें भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कोई भी इसे मज़ाक न बनाए। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। कुछ ही घंटों में छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं।’’

 

किसी का नाम लिए बिना प्रधान ने कहा कि शनिवार को कुछ ‘‘ कथित जिम्मेदार लोगों’’ ने ‘‘गलत इरादे’’ से ऐसा व्यवहार किया, जिससे बच्चों पर असर पड़ा, उन्होंने उनसे आगे किसी भी तरह की परेशानी या तनाव नहीं फैलाने की अपील की।

 

उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम यदि आप जिम्मेदार हैं, यदि आप स्वयं को भारत का सच्चा नागरिक मानते हैं, यदि आप भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो कृपया जिम्मेदारी लें और बच्चों को और अधिक परेशानी न दें।’’

 

एनटीए ने तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था, और सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

Re-NEET 2026 आज : 22 लाख छात्रों की परीक्षा, 1.38 लाख CCTV कैमरे और AI निगरानी के बीच होगा एग्जाम

नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की दोबारा परीक्षा, जिसे कई लोग री-नीट (Re-NEET) भी कह रहे हैं, रविवार 21 जून को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दावा किया है कि परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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गौरतलब है कि NEET UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद बन गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी।

 

एनटीए ने कहा है कि वह सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है और फर्जी 'पेपर लीक' दावों तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल एनटीए की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अपुष्ट संदेशों को नजरअंदाज करने की अपील की है।

 

5,454 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा

 

एनटीए के अनुसार, री-नीट परीक्षा भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों सहित कुल 5,454 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में होगी।

 

परीक्षा के लिए देशभर में 95,000 से अधिक परीक्षा कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जाएगी।

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नकल रोकने के लिए 51 हजार से अधिक जैमर

 

इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं। इनमें 17,054 जैमर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और 34,257 जैमर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

 

प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो निरीक्षक (Invigilators) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रों पर अतिरिक्त परीक्षा कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है।

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बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन से होगी जांच

 

उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों को तैनात किया गया है। बायोमेट्रिक जांच की क्षमता को दोगुना किया गया है और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि पहचान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और तेज हो सके।

 

AI करेगा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान

 

एनटीए ने बताया कि करीब 6,700 पर्यवेक्षकों (Observers) को परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया है, जबकि 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर केंद्रीय स्तर पर सीसीटीवी फुटेज की निगरानी करेंगे।

 

इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के जरिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत पहचान की जा सके।

 

सुरक्षा के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल और वायुसेना की तैनाती

 

परीक्षा सुरक्षा को देखते हुए राज्य और जिला प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायुसेना और डाक विभाग के कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। औसतन प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 40 से 50 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे।

 

देशभर में लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में रखी गई गोपनीय परीक्षा सामग्री की निगरानी के लिए बैंक अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं डाक विभाग लगभग 700 संग्रह केंद्रों से OMR शीट एकत्र करने का कार्य करेगा।

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छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं

परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, ओआरएस, एंबुलेंस और अभिभावकों के लिए छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाई गई है। बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधा और रफ वर्क के लिए अतिरिक्त पृष्ठ भी उपलब्ध कराए गए हैं। एनटीए ने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शांत, सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma