इंदौर में महिला ने किया सुसाइड, उसके पहले छोटे भाई के साथ किया ये काम, सुसाइड नोट में लिखी सचाई

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इंदौर में लोगों की आत्‍महत्‍याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तकरीबन रोजाना ही कोई न कोई शहर में आत्‍महत्‍या कर रहा है। गांधी नगर इलाके में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार शाम की है।

मृतका की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट में लिखा है, पति को छोड़ने से पहले दुनिया छोड़नी होगी। इसके साथ भी लिखा है कि मैं आपके सबके लायक नहीं हूं, इसलिए जा रही हूं।

परिजनों के मुताबिक आत्महत्या से पहले महिला ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर निकाल दिया था। वहीं, पति और जेठ ने दावा किया है कि महिला किसी युवक के संपर्क में थी और इसी बात को लेकर वह तनाव में रहती थी। गांधी नगर पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान अनिता (17) पति सूरज ठाकुर निवासी पालाखेड़ी कांकड़ के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शनिवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

भाई को चाकू दिखाकर भगाया : घटना के समय घर में अनिता और उसका 9 साल का छोटा भाई रोहन मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले अनिता ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर जाने के लिए कहा। जब वह बाहर नहीं गया तो उसने उसे डांटा और चाकू दिखाकर डरा दिया। इसके बाद रोहन घर के बाहर चला गया। रोहन काफी देर तक बाहर बैठा रहा, लेकिन जब अनिता ने दरवाजा नहीं खोला तो वह रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने परिवार को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग पहुंचे, तब तक मोहल्ले के लोगों ने अनिता को फंदे से नीचे उतार लिया था। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

पार्टी लाइन से अलग हटे शशि थरूर! नाविकों के मुद्दे पर किया पीएम मोदी का समर्थन; बीजेपी बोली- राहुल गांधी का पर्दाफाश

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने पर बवाल मच गया। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जहां कांग्रेस ने पीएम मोदी पर इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया था, शशि थरूर ने पार्टी लाइन से अलग बात कही। इस पर भाजपा ने दावा किया कि शशि थरूर ने राहुल गांधी का पर्दाफाश कर दिया है।
 

शशि थरूर ने कहा कि पीएम मोदी ने मौजूदा संघर्षों के बीच नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया और इस बात पर जोर दिया कि युद्धकाल में वाणिज्यिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

 

नाविकों पर ट्रंप से क्या बोले पीएम मोदी?

शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में अपना रुख स्पष्ट कर दिया। यह संदेश देना महत्वपूर्ण है कि युद्धकाल में वाणिज्यिक जहाजों पर तैनात नागरिक नाविकों को युद्ध का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वे सैनिक नहीं हैं, और यही संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि सामान्य चिंता के अलावा, हमारे पास भारतीय ध्वज वाले जहाजों और अन्य जहाजों पर भारतीय नाविक हैं। यदि नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहे हैं, तो उन्हें रोकने का कोई और तरीका खोजें, लेकिन लोगों को मारें नहीं।

 

क्या था कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने पीएम मोदी की ट्रंप के साथ मुलाकात को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ओमान की खाड़ी में एक व्यापारिक पोत पर अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर वे चुप रहे। घटना को लेकर बढ़ते आक्रोश के बावजूद प्रधानमंत्री इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाने में विफल रहे। पार्टी ने सवाल उठाया कि वाशिंगटन से माफी या खेद व्यक्त करने की मांग क्यों नहीं की गई।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया सा‍इट एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'शशि थरूर ने राहुल गांधी का पर्दाफाश कर दिया है। कांग्रेस नेता खुलेआम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कूटनीति की तारीफ कर रहे हैं। भारत के राष्ट्रीय हित की रक्षा की बात आती है तो प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे हैं। लेकिन भारत के राष्ट्रीय हित के खिलाफ बोलने की बात आती है तो राहुल गांधी सबको पीछे छोड़ देते हैं।'

edited by : Nrapendra Gupta 

एनटीए द्वारा जारी एडमिट कार्ड नीट कैंडिडेट का अबू धाबी परीक्षा सेंटर

नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी एडमिट कार्ड में हुई एक गलती के कारण महाराष्ट्र के नागपुर के एक उम्मीदवार को कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।

21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना ने छात्र और उसके माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। छात्र के परिवार के अनुसार, अब्दुल्ला ने आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को परीक्षा के लिए अपनी पसंद के शहरों के तौर पर चुना था। लेकिन, उसके एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी, यूएई में दिखाया गया।

नीट अभ्यर्थी अब्दुल्ला के पिता मोहम्मद तालिब ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में विदेश में परीक्षा केंद्र मिलने पर हैरानी और उलझन जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ऐसा कैसे हुआ। अब सिर्फ एजेंसी ही इसका कारण बता सकती है। हमने परीक्षा के लिए अपनी पसंद के तीन केंद्र चुने थे, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे हमें अबू धाबी क्यों भेजना चाहते हैं।

तालिब ने बताया कि उनके बेटे अब्दुल्ला ने पहले नीट परीक्षा दी थी और उन्हें नागपुर में सेंटर मिला था। परीक्षा ठीक से हुई और एप्लीकेशन प्रोसेस या परीक्षा सेंटर चुनने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई।

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तालिब ने कहा पिछली नीट परीक्षा में उन्हें नागपुर में ही सेंटर मिला था। बेटे का पेपर बहुत अच्छा गया था। सेंटर चुनने में हमारी तरफ से कोई गलती नहीं हुई थी। हमने भंडारा और दो अन्य जगहों को चुना था, लेकिन हमें नागपुर मिला। हमने कभी भी भारत के बाहर किसी सेंटर के लिए रिक्वेस्ट नहीं की थी।

तालिब ने कहा अबू धाबी सेंटर के बारे में सुनकर मेरा बेटा सदमे में आ गया। दवा लेने के बाद वह अभी सो रहा है। जब भी हम उससे बात करने की कोशिश करते हैं, वह टूट जाता है और रोने लगता है।

तालिब ने आगे बताया कि एनटीए अधिकारियों ने इस समस्या को माना और परिवार को बताया कि गलती उनकी तरफ से हुई है।

उन्होंने कहा अधिकारियों ने हमें बताया कि उनकी तरफ से तकनीकी खराबी आ गई थी। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे आज शाम 4 बजे हमसे दोबारा संपर्क करेंगे।

इतनी मुश्किलों के बावजूद, परिवार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि अब्दुल्ला को परीक्षा में शामिल होने का उचित मौका मिले।

तालिब ने कहा हम बस यही चाहते हैं कि हमारा बेटा परीक्षा में बैठ सके। नतीजा चाहे जो भी हो, वह बाद की बात है।

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NEET Re-Exam का ‘ब्लंडर’ : नागपुर के छात्र का सेंटर सीधे अबू धाबी! न पासपोर्ट, न पैसे, राहुल गांधी ने NTA को घेरा

NEET Re-Exam Blunder: गलत नीतियों और लापरवाही की वजह से किसी बच्चे का भविष्य दांव पर न लगे! नागपुर के एक छात्र ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब अपना NEET एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सेंटर भारत में नहीं, बल्कि सीधे 'अबू धाबी' निकला! न पास में पासपोर्ट, न परिवार के पास अचानक विदेश भेजने के पैसे। जानिए इस गंभीर लापरवाही पर क्यों भड़क उठा है पूरा देश?

 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'NEET' एक बार फिर विवादों के घेरे में है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जा रही NEET Re-Exam को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था और उसकी जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र (Exam Center) अबू धाबी (UAE) अलॉट कर दिया गया, जिसके बाद पीड़ित छात्र और उसका परिवार गहरे मानसिक तनाव में है। ALSO READ: NEET Re-Exam कल: टेलीग्राम बंद, गाड़ियों में GPS और पैरामिलिट्री का पहरा; परीक्षा से पहले जान लें नए नियम

यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, मानसिक शांति की वसूली है — राहुल गांधी का तीखा हमला

इस बेहद गंभीर लापरवाही को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर केंद्र सरकार और NTA को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने छात्र के दर्द को बयां करते हुए लिखा: “नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था। शुक्रवार को परीक्षा से ठीक पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है – क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?

 

राहुल गांधी ने आगे कहा कि जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर या देश में एक सेंटर नहीं दे सकता, बल्कि उसे बिना वजह विदेश भेज देती है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं है। उन्होंने इसे एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की “वसूली” करार दिया है। ALSO READ: राहुल गांधी के साथ कोटा में खड़ा हुआ Gen-Z, NEET पेपर लीक और देश के एजुकेशन सिस्‍टम का किया पोस्‍टमार्टम

आखिर कैसे हुई इतनी बड़ी तकनीकी लापरवाही?

एजुकेशन एक्सपर्ट्स और तकनीकी विशेषज्ञों (Expertise) के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में एडमिट कार्ड जारी करते समय इस तरह की गड़बड़ी दो मुख्य वजहों से हो सकती है:

  • एल्गोरिदम और डेटा मैपिंग एरर : NTA के सर्वर या सॉफ्टवेयर मैपिंग में तकनीकी खामी (Bug) के कारण नागपुर (Nagpur) के पिनकोड या सिटी कोड को सिस्टम ने गलती से अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की सूची से मैच कर दिया।
  • चॉइस लॉकिंग में गड़बड़ी : कई बार फॉर्म फिलिंग के दौरान ड्रॉपडाउन मेन्यू में तकनीकी खराबी के चलते यूज़र्स के विकल्पों में हेरफेर हो जाता है, जिसे एडमिट कार्ड जनरेशन के समय क्रॉस-वेरिफाई नहीं किया गया।
  • विशेषज्ञों का मत : परीक्षा से ठीक 24 घंटे पहले एडमिट कार्ड जारी करना और उसमें इतनी बड़ी त्रुटि होना यह दर्शाता है कि NTA का ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्टम (शिकायत निवारण तंत्र) पूरी तरह से सुस्त है। ऐसे मामलों में छात्र के पास अपनी बात रखने या सेंटर बदलवाने का कोई समय नहीं बचता।

छात्रों और अभिभावकों का फूटा गुस्सा : 'मानसिक प्रताड़ना' का आरोप

सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद देश भर के नीट उम्मीदवारों और उनके माता-पिता का गुस्सा उबल पड़ा है। कोटा में पढ़ रहे छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेला जा रहा है। एक तरफ जहां छात्र पहले से ही री-एग्जाम के दबाव में महीनों से दिन-रात पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही उनकी बची-कुची मानसिक शांति को भी छीन रही है।

जवाबदेही और सुधार की सख्त जरूरत

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत की राष्ट्रीय परीक्षा प्रणालियों में तुरंत और बड़े सुधारों की आवश्यकता है। छात्रों को एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। मामला बढ़ते ही NTA ने पीड़ित छात्र के लिए नागपुर सेंटर अलॉट करते हुए भूल सुधार करने की बात कही। 

नीट की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्रों पर की गई मॉकड्रिल

नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले शनिवार को दिल्ली समेत देश भर के परीक्षा केंद्रों पर मॉकड्रिल की गई। इस दौरान परीक्षा केंद्रों की निगरानी समेत अन्य पहलुओं को पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने देखा।

नोएडा में भी नीट की दोबारा परीक्षा से पहले, सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए सेक्टर 46 के भवानी शंकर इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल की गई। छत्तीसगढ़ के रायपुर 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले शहर भर के नीट परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई, जिसमें 25 केंद्रों पर 9,050 उम्मीदवार कड़ी एंट्री और टाइमिंग नियमों के तहत परीक्षा में शामिल होंगे।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा, “प्रयागराज में 47 केंद्रों पर नीट यूजी आयोजित की जाएगी और सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। कल सुबह एक मॉक ड्रिल और ड्राई रन किया जाएगा। हमने यह सुनिश्चित किया है कि छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर कोई असुविधा न हो।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने कहा, “नीट परीक्षा के लिए हमें लगभग 25,000 उम्मीदवारों की सूची मिली है, जो यहां आएंगे। उनके लिए जगह की व्यवस्था करने और स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, हम अपने आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ के साथ अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा, मेडिकल टीम को भी स्टेशन पर मौजूद रहने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

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नीट री-एग्जाम पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा हम अपनी शुभकामनाएं देते हैं। सरकार जो कोशिशें कर रही है, हम उसकी सराहना करते हैं और उसका स्वागत करते हैं। जिस तरह से सरकार काम कर रही है, मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटनाएं दोबारा होंगी।

गुजरात के राजकोट स्थित धर्मेंद्र सिंह कॉलेज के इंचार्ज प्रिंसिपल शिशिर भारद्वाज ने कहा इस कॉलेज में कुल 552 छात्र-छात्राओं को अलॉट किया गया है। यह नीट का री-एग्जाम है, जो बहुत संवेदनशील मामला है। हम सरकार के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल स्थित खड़गपुर केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल और नीट डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज संग्राम बनर्जी ने कहा पेपरलीक की वजह से नीट का एग्जाम दूसरी बार हो रहा है। हमारे जिले में लगभग 13 केंद्र हैं और करीब 6500 छात्र री-टेस्ट दे रहे हैं।

हरियाणा में नीट री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए दो दिन तक मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था की गई है। छात्र अपना एडमिट कार्ड दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। करनाल बस स्टैंड के इंचार्ज सोनू ने कहा, “सरकार ने 20 और 21 जून के लिए एडवाइजरी जारी की है। नीट एग्जाम देने वाले छात्र अपना एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।

दिल्ली में एक छात्र ने कहा मेरी तैयारी बहुत अच्छी चल रही है। मैं पिछले सालों के प्रश्न बहुत अच्छे से सॉल्व कर रहा हूं। पिछली बार परीक्षा रद्द हो गई थी और मैं बहुत निराश हुआ था। इस बार भी मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं ताकि सफल हो सकूं।

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पाकिस्तान: दो आईईडी ब्लास्ट में 7 की मौत और कई घायल

पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से के जिले बन्नू में शनिवार को सड़क किनारे एक के बाद एक हुए दो धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी।

बन्नू अफगानिस्तान की सीमा से लगे अशांत उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के निकट स्थित है। जिला पुलिस प्रमुख यासिर अफरीदी ने पत्रकारों को बताया कि सड़क किनारे लगाए गए बमों में पहला विस्फोट एक यात्री वैन के गुजरने के दौरान हुआ। इस धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

पहले विस्फोट के बाद स्थानीय लोग मृतकों और घायलों को एंबुलेंस तक पहुंचा रहे थे, तभी दूसरा विस्फोट हुआ। दूसरे धमाके में कम से कम दो और लोगों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि बम विस्फोट रिमोट कंट्रोल के जरिए किया गया।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह आशंका जताई कि क्षेत्र में और भी विस्फोटक उपकरण हो सकते हैं, इसलिए व्यापक जांच की जा रही है।

घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, बन्नू जिले के वजीर उपमंडल के अर्ध-जनजातीय पहाड़ी क्षेत्र मार्का बेरा में ये विस्फोट हुआ। धमाके में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए।

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इस बीच, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस “इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी)” हमले की कड़ी निंदा की और निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

एक बयान में उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

स्थानीय मीडिया आउटलेट्स के अनुसार, शनिवार की यह घटना बन्नू के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में बनी हुई सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है और इस क्षेत्र से गुजरने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को बढ़ाती है।

हाल के महीनों में बन्नू जिला लगातार सुरक्षा संबंधी घटनाओं का केंद्र रहा है। बढ़ती उग्रवादी हिंसा के बीच नागरिकों और स्थानीय सुरक्षा बलों दोनों को निशाना बनाया गया है।

एक सप्ताह पहले, उग्रवादियों ने मिरयान रोड पर स्थित टेरी राम पुलको विस्फोटकों से उड़ाने की कोशिश की थी, जिससे पुल को आंशिक नुकसान पहुंचा था।

12 जून को बन्नू में अलग-अलग हमलों में दो पुलिस कांस्टेबल मारे गए थे। पिछले महीने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, एक शांति समिति और हमलावरों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी और दो नागरिक मारे गए थे, जबकि 25 आतंकवादी ढेर कर दिए गए थे।

बढ़ती घटनाओं के बीच गुरुवार को आयोजित एक जिरगा (जनजातीय सभा) ने सरकार से तत्काल कदम उठाने और क्षेत्र से उग्रवाद का पूरी तरह सफाया करने की मांग की थी।

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इंदौर में बीएमडब्‍लू कार पर गिरा मेट्रो ट्रेक का मलबा, बाल-बाल बची जान, कार मालिक ने वीडियो बनाकर बताई सच्‍चाई

BMW

इंदौर के विजय नगर इलाके में एक निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन (टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा निर्मित) से मलबा सीधे नीचे से गुजर रही एक बीएमडब्ल्यू कार पर गिर गया। कार की छत और ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि कार सवार बाल-बाल बच गए।

यह घटना विजय नगर मेट्रो स्टेशन के पास की है। मलबे के गिरने से कार की छत और बोनट को भारी नुकसान पहुंचा। कार चालक जोशी ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद किसी ने मदद नहीं की। घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति द्वारा विजय नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया की गई। उन्‍होंने मौके से वीडियो बनाकर बताया कि यहां अधिकारी भी मौजूद हैं, शिकायत करने पर किसी ने नहीं सुनी, उन्‍होंने कहा कि अब वे विजयनगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने जा रहे हैं

विजय नगर में व्यस्त ट्रैफिक वाले इलाकों में मेट्रो निर्माण के दौरान बरती जा रही सुरक्षा पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

ट्रैक से पानी भी टपकता है : बता दें कि विजय नगर के मेट्रो ट्रैक से कई बार पानी भी टपकता है, लोग पानी से बचने के लिए वाहन इधर उधर मोड देते हैं, ऐसे में वहां कई बार हादसे हो रहे है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

कॉन्सर्ट में कैटी पेरी का अनोखा अंदाज

हॉलीवुड की मशहूर गायिका और गीतकार कैटी पेरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी नई परफॉर्मेंस को लेकर हो रही है, जिसे कई लोग उनके पूर्व मंगेतर ऑरलैंडो ब्लूम पर किया गया एक तंज मान रहे हैं। 

यह मामला स्पेन के सैंटियागो डी कॉम्पोस्टेला में आयोजित प्रसिद्ध ‘ओ सोन डो कैमिनो’ का है। कैटी पेरी यहां मुख्य कलाकार के रूप में प्रस्तुति दे रही थीं। अपने 2020 के हिट गाने ‘नेवर रियली ओवर’ की परफॉर्मेंस के दौरान मंच पर एक विशाल आईफोन ग्राफिक दिखाया गया, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इस ग्राफिक में कैटी पेरी के कई कथित रिश्तों से जुड़े लोगों के नाम या उनके शुरुआती अक्षर दिखाई दिए। इनमें डीजे डिप्लो, संगीतकार जॉन मेयर के शुरुआती अक्षर, पूर्व पति रसेल ब्रांड और ऑरलैंडो ब्लूम का नाम शामिल था। स्क्रीन पर ऐसा दिखाया गया मानो इन सभी की कॉल कैटी पेरी को आ रही हो।

दिलचस्प बात यह रही कि कैटी ने इन सभी कॉल्स को नजरअंदाज कर दिया। बाद में उन्होंने एक कॉल रिसीव की, जिस पर ‘जेपीजेटी’ लिखा हुआ था। इसे कई लोगों ने जस्टिन ट्रूडो के पूरे नाम ‘जस्टिन पियरे जेम्स ट्रूडो’ के शुरुआती अक्षरों से जोड़कर देखा।

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इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। कई प्रशंसकों ने इसे कैटी पेरी के पुराने रिश्तों और उनके नए रिश्ते की ओर इशारा करने वाला मजाकिया अंदाज बताया। हालांकि, कैटी पेरी ने मंच से इस बारे में कोई सीधी टिप्पणी नहीं की।

कैटी पेरी और ऑरलैंडो ब्लूम पहली बार 2016 में गोल्डन ग्लोब्स की एक आफ्टर पार्टी में मिले थे। 2017 में दोनों कुछ समय के लिए अलग हुए, लेकिन 2018 में फिर साथ आए और 2019 में वैलेंटाइन डे पर सगाई कर ली। अगस्त 2020 में उनकी बेटी डेजी डव का जन्म हुआ।

करीब एक दशक तक साथ रहने के बाद जून 2025 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। अलगाव के बावजूद, दोनों अपनी बेटी की संयुक्त रूप से परवरिश कर रहे हैं।

ऑरलैंडो ब्लूम को फिल्मों ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ में लेगोलास और पाइरेट्स ऑफ द कैरीबीन्स में विल टर्नर के किरदार के लिए जाना जाता है। उनकी पूर्व पत्नी मिरांडा केर से एक बेटा फ्लिन भी है।

वहीं, ऑरलैंडो ब्लूम से पहले कैटी पेरी की शादी 2010 से 2012 तक रसेल ब्रांड से रही थी। इसके बाद 2012 से 2015 के बीच उनका जॉन मेयर के साथ भी रिश्ता रहा। पिछले वर्ष डिप्लो ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वह और कैटी एक-दूसरे को डेट कर चुके हैं।

जुलाई 2025 से कैटी पेरी और जस्टिन ट्रूडो के रिश्ते को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं, जिसके बाद अब उनकी इस नई स्टेज परफॉर्मेंस ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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सीएम मोहन यादव का तंज, बोले- मधु भैया को देखते ही पटवारी को भेरूजी आने लगते हैं

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बिना नाम लिए बगैर उन पर तंज कसा है। भाजपा के विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं। एक तो जिसे उन्‍होंने हराया था सामने ही नहीं आता है। मधु भैया को देखकर उसे भैरू जी आने लगते हैं।

सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। हालांकि उन्‍होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम नहीं लिया, लेकिन भाजपा विधायक मधू वर्मा ने जीतू पटवारी को ही विधानसभा चुनाव में हराया था। सीएम ने उनका नाम लिए बगैर चुटीले अंदाज में निशाना साधा। भाजपा विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा की मधु भैया ने तो चारों खाने चित कर दिया। अभी तक होश में नहीं आए हैं। पता नहीं कहां चले गए। जनता के बीच क्या-क्या बोलते रहते हैं, लेकिन इधर नहीं आते। अगर इधर आ गए तो फिर याद दिला देंगे। उनके इस बयान पर मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी और तालियां गूंजने लगीं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मधु भैया को देखते ही भेरूजी आने लगते हैं। उनके इस बयान पर भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए। माना जा रहा है कि उनका इशारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर था हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

नगर निगम इंदौर की तारीफ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वार्ड क्रमांक-37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी व आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के कार्यों की भी तारीफभी की।
Edited By: Naveen R Rangiyal

फीफा वर्ल्ड कप: स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलेंगे नेमार

ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने बताया है कि टीम के स्टार खिलाड़ी नेमार फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के लिए उपलब्ध होंगे। 

नेमार का फिट होना ब्राजील के लिए राहत भरी खबर है। ब्राजील ने टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में हैती को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ ही टीम ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। 34 साल के नेमार 17 मई को सैंटोस क्लब के लिए खेलते समय दाहिने पैर की पिंडली में चोट लग गई थी। इसी वजह से वह अब तक वर्ल्ड कप के दोनों मैचों में नहीं खेल पाए हैं।

कोच एंसेलोटी ने कहा नेमार कल अकेले और सोमवार को टीम के साथ ट्रेनिंग करेंगे। वह स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। वर्ल्ड कप टीम में शामिल होने के बाद से नेमार ने ब्राजील के साथ पूरे ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया है। इसके बजाय, वह इस हफ्ते की शुरुआत में मेडिकल जांच के बाद एक व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन (फिजियोथेरेपी और रिकवरी) प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं। 

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बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व स्टार को मोरक्को के खिलाफ ब्राजील के पहले मुकाबले के लिए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल किया गया था। हालांकि, वह मैच में नहीं खेले थे।

नेमार की वापसी ब्राजील के लिए एक अहम समय पर हुई है, खासकर तब जब विंगर राफिन्हा को हैती के खिलाफ पहले हाफ में हैमस्ट्रिंग चोट की आशंका के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। बार्सिलोना के इस फॉरवर्ड खिलाड़ी की आगे मेडिकल जांच की जाएगी। कोच एंसेलोटी ने भी कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि चोट कितनी गंभीर है।

एंसेलोटी ने कहा हमें उनकी जांच करनी होगी। हमें अभी तक पता नहीं चल सका है कि उनकी चोट कितनी गंभीर है। राफिन्हा के जाने से नेमार की वापसी और भी जरूरी हो गई है, क्योंकि ब्राजील को अपने सबसे अनुभवी अटैकिंग खिलाड़ी की कमी साफतौर पर महसूस हुई है। नेमार नॉकआउट राउंड में ब्राजील के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

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