इंदौर में बीएमडब्‍लू कार पर गिरा मेट्रो ट्रेक का मलबा, बाल-बाल बची जान, कार मालिक ने वीडियो बनाकर बताई सच्‍चाई

BMW

इंदौर के विजय नगर इलाके में एक निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन (टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा निर्मित) से मलबा सीधे नीचे से गुजर रही एक बीएमडब्ल्यू कार पर गिर गया। कार की छत और ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि कार सवार बाल-बाल बच गए।

यह घटना विजय नगर मेट्रो स्टेशन के पास की है। मलबे के गिरने से कार की छत और बोनट को भारी नुकसान पहुंचा। कार चालक जोशी ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद किसी ने मदद नहीं की। घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति द्वारा विजय नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया की गई। उन्‍होंने मौके से वीडियो बनाकर बताया कि यहां अधिकारी भी मौजूद हैं, शिकायत करने पर किसी ने नहीं सुनी, उन्‍होंने कहा कि अब वे विजयनगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने जा रहे हैं

विजय नगर में व्यस्त ट्रैफिक वाले इलाकों में मेट्रो निर्माण के दौरान बरती जा रही सुरक्षा पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

ट्रैक से पानी भी टपकता है : बता दें कि विजय नगर के मेट्रो ट्रैक से कई बार पानी भी टपकता है, लोग पानी से बचने के लिए वाहन इधर उधर मोड देते हैं, ऐसे में वहां कई बार हादसे हो रहे है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

कॉन्सर्ट में कैटी पेरी का अनोखा अंदाज

हॉलीवुड की मशहूर गायिका और गीतकार कैटी पेरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी नई परफॉर्मेंस को लेकर हो रही है, जिसे कई लोग उनके पूर्व मंगेतर ऑरलैंडो ब्लूम पर किया गया एक तंज मान रहे हैं। 

यह मामला स्पेन के सैंटियागो डी कॉम्पोस्टेला में आयोजित प्रसिद्ध ‘ओ सोन डो कैमिनो’ का है। कैटी पेरी यहां मुख्य कलाकार के रूप में प्रस्तुति दे रही थीं। अपने 2020 के हिट गाने ‘नेवर रियली ओवर’ की परफॉर्मेंस के दौरान मंच पर एक विशाल आईफोन ग्राफिक दिखाया गया, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इस ग्राफिक में कैटी पेरी के कई कथित रिश्तों से जुड़े लोगों के नाम या उनके शुरुआती अक्षर दिखाई दिए। इनमें डीजे डिप्लो, संगीतकार जॉन मेयर के शुरुआती अक्षर, पूर्व पति रसेल ब्रांड और ऑरलैंडो ब्लूम का नाम शामिल था। स्क्रीन पर ऐसा दिखाया गया मानो इन सभी की कॉल कैटी पेरी को आ रही हो।

दिलचस्प बात यह रही कि कैटी ने इन सभी कॉल्स को नजरअंदाज कर दिया। बाद में उन्होंने एक कॉल रिसीव की, जिस पर ‘जेपीजेटी’ लिखा हुआ था। इसे कई लोगों ने जस्टिन ट्रूडो के पूरे नाम ‘जस्टिन पियरे जेम्स ट्रूडो’ के शुरुआती अक्षरों से जोड़कर देखा।

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इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। कई प्रशंसकों ने इसे कैटी पेरी के पुराने रिश्तों और उनके नए रिश्ते की ओर इशारा करने वाला मजाकिया अंदाज बताया। हालांकि, कैटी पेरी ने मंच से इस बारे में कोई सीधी टिप्पणी नहीं की।

कैटी पेरी और ऑरलैंडो ब्लूम पहली बार 2016 में गोल्डन ग्लोब्स की एक आफ्टर पार्टी में मिले थे। 2017 में दोनों कुछ समय के लिए अलग हुए, लेकिन 2018 में फिर साथ आए और 2019 में वैलेंटाइन डे पर सगाई कर ली। अगस्त 2020 में उनकी बेटी डेजी डव का जन्म हुआ।

करीब एक दशक तक साथ रहने के बाद जून 2025 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। अलगाव के बावजूद, दोनों अपनी बेटी की संयुक्त रूप से परवरिश कर रहे हैं।

ऑरलैंडो ब्लूम को फिल्मों ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ में लेगोलास और पाइरेट्स ऑफ द कैरीबीन्स में विल टर्नर के किरदार के लिए जाना जाता है। उनकी पूर्व पत्नी मिरांडा केर से एक बेटा फ्लिन भी है।

वहीं, ऑरलैंडो ब्लूम से पहले कैटी पेरी की शादी 2010 से 2012 तक रसेल ब्रांड से रही थी। इसके बाद 2012 से 2015 के बीच उनका जॉन मेयर के साथ भी रिश्ता रहा। पिछले वर्ष डिप्लो ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वह और कैटी एक-दूसरे को डेट कर चुके हैं।

जुलाई 2025 से कैटी पेरी और जस्टिन ट्रूडो के रिश्ते को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं, जिसके बाद अब उनकी इस नई स्टेज परफॉर्मेंस ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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सीएम मोहन यादव का तंज, बोले- मधु भैया को देखते ही पटवारी को भेरूजी आने लगते हैं

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बिना नाम लिए बगैर उन पर तंज कसा है। भाजपा के विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं। एक तो जिसे उन्‍होंने हराया था सामने ही नहीं आता है। मधु भैया को देखकर उसे भैरू जी आने लगते हैं।

सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। हालांकि उन्‍होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम नहीं लिया, लेकिन भाजपा विधायक मधू वर्मा ने जीतू पटवारी को ही विधानसभा चुनाव में हराया था। सीएम ने उनका नाम लिए बगैर चुटीले अंदाज में निशाना साधा। भाजपा विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु भैया ने विपक्ष को ऐसी चौपड़ सिखाई है कि वे आज तक उससे उबर नहीं पाए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा की मधु भैया ने तो चारों खाने चित कर दिया। अभी तक होश में नहीं आए हैं। पता नहीं कहां चले गए। जनता के बीच क्या-क्या बोलते रहते हैं, लेकिन इधर नहीं आते। अगर इधर आ गए तो फिर याद दिला देंगे। उनके इस बयान पर मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी और तालियां गूंजने लगीं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मधु भैया को देखते ही भेरूजी आने लगते हैं। उनके इस बयान पर भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए। माना जा रहा है कि उनका इशारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर था हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

नगर निगम इंदौर की तारीफ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वार्ड क्रमांक-37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी व आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के कार्यों की भी तारीफभी की।
Edited By: Naveen R Rangiyal

फीफा वर्ल्ड कप: स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलेंगे नेमार

ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने बताया है कि टीम के स्टार खिलाड़ी नेमार फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के लिए उपलब्ध होंगे। 

नेमार का फिट होना ब्राजील के लिए राहत भरी खबर है। ब्राजील ने टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में हैती को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ ही टीम ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। 34 साल के नेमार 17 मई को सैंटोस क्लब के लिए खेलते समय दाहिने पैर की पिंडली में चोट लग गई थी। इसी वजह से वह अब तक वर्ल्ड कप के दोनों मैचों में नहीं खेल पाए हैं।

कोच एंसेलोटी ने कहा नेमार कल अकेले और सोमवार को टीम के साथ ट्रेनिंग करेंगे। वह स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। वर्ल्ड कप टीम में शामिल होने के बाद से नेमार ने ब्राजील के साथ पूरे ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया है। इसके बजाय, वह इस हफ्ते की शुरुआत में मेडिकल जांच के बाद एक व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन (फिजियोथेरेपी और रिकवरी) प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं। 

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बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व स्टार को मोरक्को के खिलाफ ब्राजील के पहले मुकाबले के लिए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल किया गया था। हालांकि, वह मैच में नहीं खेले थे।

नेमार की वापसी ब्राजील के लिए एक अहम समय पर हुई है, खासकर तब जब विंगर राफिन्हा को हैती के खिलाफ पहले हाफ में हैमस्ट्रिंग चोट की आशंका के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। बार्सिलोना के इस फॉरवर्ड खिलाड़ी की आगे मेडिकल जांच की जाएगी। कोच एंसेलोटी ने भी कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि चोट कितनी गंभीर है।

एंसेलोटी ने कहा हमें उनकी जांच करनी होगी। हमें अभी तक पता नहीं चल सका है कि उनकी चोट कितनी गंभीर है। राफिन्हा के जाने से नेमार की वापसी और भी जरूरी हो गई है, क्योंकि ब्राजील को अपने सबसे अनुभवी अटैकिंग खिलाड़ी की कमी साफतौर पर महसूस हुई है। नेमार नॉकआउट राउंड में ब्राजील के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

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मानसून में देरी के बीच गुजरात सरकार का बड़ा कदम, किसानों को अब 8 के बजाय मिलेगी 10 घंटे बिजली

good news for farmers in gujarat

राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को कृषि कार्य के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति को बढ़ाकर अब दैनिक 10 घंटे करने का आदेश दिया है, ताकि खेतों में सिंचाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

 

बिजली आपूर्ति में 2 घंटे की बढ़ोतरी और इसका मुख्य उद्देश्य

अब तक राज्य के किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 8 घंटे बिजली दी जा रही थी। हालांकि, इस साल बारिश में देरी के कारण खड़ी फसलों को बचाने और जरूरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली आपूर्ति में अतिरिक्त 2 घंटे जोड़ने का फैसला किया है।

 

ऊर्जा विभाग की तैयारी और कृषि क्षेत्र में इस फैसले का महत्व

सरकार के इस आदेश के बाद राज्य के ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को तत्काल प्रभाव से जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि किसानों को बिना किसी रुकावट के नियमित और अतिरिक्त बिजली मिल सके। गुजरात की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पानी और बिजली दोनों बुनियादी जरूरतें हैं, इसलिए सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में बेहद सराहनीय माना जा रही है।

 

किसान संगठनों की मांग और फसल बचाने के प्रयास

गौरतलब है कि बारिश में देरी के कारण किसानों को बोरवेल और अन्य कृत्रिम सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा था। इसी वजह से किसान संघ और विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले कुछ समय से अतिरिक्त बिजली की मांग की जा रही थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने से अब किसान समय पर अपनी खेती का काम पूरा कर सकेंगे और अपनी कीमती फसलों को सूखने से बचा सकेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला, 16 दवाओं पर लगाई रोक

केंद्रीय स्वास्थ्यपरिवार कल्याण मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए 16 दवाओं (एफडीसी) के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तुरंत रोक लगाई है। मंत्रालय ने इस संबंध में औषधि व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी की। आदेश में कहा गया कि ये अधिसूचनाएं तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसमें देश में उपलब्ध फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं की समीक्षा करने का आदेश दिया गया था। इन निर्देशों का पालन करते हुए ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड’ (डीटीएबी) ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई। इसका उद्देश्य अलग-अलग एफडीसी दवाओं की जांच कर उन दवाओं की पहचान करना था जो अवैज्ञानिक, चिकित्सकीय रूप से अनुचित या मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वैज्ञानिक मूल्यांकन और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने 16 दवाओं (एफडीसी) के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनका चिकित्सीय औचित्य नहीं पाया गया और जिनका निरंतर उपयोग संभावित जोखिमों के संदर्भ में लाभकारी नहीं माना गया।

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प्रतिबंधित एफडीएसी अलग-अलग चिकित्सीय श्रेणियों से संबंधित हैं, जिनमें कुछ त्वचा संबंधी दवाएं, दर्द निवारक और ऐंठनरोधी दवाएं व एंटीबायोटिक-आधारित दवाएं शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के उन निरंतर प्रयासों के अनुरूप है, जिनके तहत जनता को सिर्फ सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं ही उपलब्ध कराई जाती हैं। पहले भी, विस्तृत वैज्ञानिक समीक्षा के बाद कई दवाओं (एफडीसी) पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो मरीजों की सुरक्षा और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

बयान में आगे कहा गया इसके अनुसार, 16 एफडीसी के निर्माण (बिक्री के लिए), बिक्री, वितरण और सप्लाई पर पूरे देश में तुरंत प्रभाव से रोक रहेगी। सभी राज्य ड्रग कंट्रोलर, रेगुलेटरी अथॉरिटी और प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन अधिसूचना का सख्ती से पालन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करें।

मंत्रालय ने दवा निर्माताओं, आयातकों, वितरकों और अन्य हितधारकों को भी कानून के प्रावधानों का अनुपालन करने के लिए जरूरी सुधारात्मक उपाय करने की सलाह दी है।

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इंदौर के साथ 5 जिले, 38 तहसील और 2781 गांव से होगा विकसित मध्य प्रदेश का सूर्योदय

mohan yadav on UIMR

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के साथ UIMR मध्यप्रदेश की प्रगति का नया प्रवेश द्वार बनने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विकास की अवधारणा को इंदौर जैसे बड़े शहरों से जोड़कर आसपास के अंचल के छोटे कस्बों और तहसीलों तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। यही कारण है कि इस रीजन का दायरा 6 बार बढ़ाकर अब 16,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया गया है। अब इंदौर के साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जैसे 6 जिलों की 38 तहसीलें और 2,781 गांव तेजी से डेवलप होंगे। जहां सवा करोड लोग निवास करते हैं। यह रणनीतिक ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के सपने को साकार करने में मध्यप्रदेश की अग्रणी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

 

मध्यप्रदेश में 5 लाख नौकरियों के अवसर और नया औद्योगिक लैंड बैंक

मालवा क्षेत्र को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए यूआईएमआर के पास 13,500 हेक्टेयर से अधिक का विशाल लैंड बैंक और 14 नए प्रस्तावित औद्योगिक पार्क हैं। इस औद्योगिक क्रांति के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए 5 लाख नई नौकरियों के अवसर सृजित होने का अनुमान है। पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल और उन्नत इंजीनियरिंग के नए युग के लिए तैयार किया जा रहा है, जबकि उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी को एक 'एंकर सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, रतलाम को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड नोड बनाकर निर्यात हब के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

 

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: मतलब 16000 वर्ग किलोमीटर की कनेक्टिविटी मात्र 1 घंटे में

इसकी सफलता का सबसे बड़ा आधार इसका अभूतपूर्व कनेक्टिविटी विजन है, जिसका लक्ष्य पूरे 16,000 वर्ग किमी क्षेत्र में '60 मिनट की पहुँच' सुनिश्चित करना है। इसके लिए इंदौर और उज्जैन के बीच एक 'ग्रीनफील्ड कॉरिडोर' और इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। उज्जैन इंदौर मेट्रो विस्तार योजना के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट को उन्नत बनाया जाएगा, ताकि नागरिक महज एक घंटे के भीतर मुख्य आर्थिक केंद्रों तक पहुँच सकें। यह रीजन सीधे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) और एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे यहाँ के कारखानों में बना सामान कुछ ही घंटों में प्रमुख बंदरगाहों तक पहुँच सकेगा।

 

मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन लैंड पूलिंग मॉडल और किसानों की भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण की नींव रखकर विकास के एक नए युग की शुरुआत की है। यह देश का ऐसा पहला लैंड पूलिंग मॉडल है, जहाँ 17 गाँवों के किसानों को उनकी 60% विकसित जमीन वापस दी जाएगी, जिससे किसान केवल जमीन देने वाले नहीं बल्कि सीधे तौर पर विकास का लाभ उठाने वाले बनेंगे। इस 'मल्टी-नोडल नेटवर्क' रणनीति के तहत देवास, धार, मक्सी और शाजापुर जैसे शहरों को भी ग्रोथ नोड्स के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि इंदौर जैसे बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का दबाव कम हो सके।

 

मेट्रो विस्तार योजना और ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी

विकास की इस दौड़ में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए 'ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट' पॉलिसी लागू की गई है। यहां ब्लू का मतलब है जल क्षेत्र और ग्रीन का मतलब है वन क्षेत्र। इसके तहत नर्मदा नदी सहित अन्य जल निकायों (ब्लू) और वन क्षेत्रों (ग्रीन) के पास निर्माण पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा और हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक प्लांटेशन को अनिवार्य बनाया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' प्रणाली अपनाई जाएगी ताकि नदियों में प्रदूषित पानी न जाए। भविष्य के ये औद्योगिक क्लस्टर 'कार्बन न्यूट्रल' होंगे और अपनी बिजली की जरूरतों के लिए सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों से करेंगे।

 

मालवा क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन और 10 फीसदी जीडीपी का लक्ष्य

'विकास भी, विरासत भी' के अद्भुत संगम पर आधारित है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में योगदान 10% तक पहुँचे। अकेले उज्जैन में 2023 में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुँचे, जिसे देखते हुए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को एक लक्जरी टूरिज्म सर्किट के रूप में जोड़ा जा रहा है। इसमें रूरल टूरिज्म, नर्मदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और हेरिटेज होटल्स का एक बड़ा नेटवर्क शामिल होगा, जो स्थानीय स्तर पर आय के असीमित स्रोत खोलेगा।

 

डेटा ड्रिवन प्लानिंग और मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र विकास अधिनियम 2025

शहरी नियोजन की बाधाओं को खत्म करने के लिए सरकार 'मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम, 2025' लेकर आई है। अब शहरों का विस्तार पारंपरिक सोच के बजाय वैज्ञानिक डेटा और जियोस्पेशियल टूल्स के आधार पर होगा। एक सशक्त 'मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी' का गठन किया जाएगा, जिसके पास पूरे क्षेत्र के लिए योजना बनाने और उसे लागू करने का सर्वोच्च वैधानिक अधिकार होगा। यह अथॉरिटी अगले 20 से 50 वर्षों की संभावित आबादी और ट्रैफिक की जरूरत का आकलन कर बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार कर लेगी (प्रो-एक्टिव प्लानिंग), जिससे भविष्य की पीढ़ियों को अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

पश्चिम बंगाल: टीएमसी नेता जहांगीर खान की पत्नी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस को शनिवार को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब तीन दिनों से फरार चल रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी को गिरफ्तार कर लिया गया। रेजिना बीबी पर फाल्टा पुलिस थाने पर हमले की कोशिश की मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। 

पुलिस पहले ही जहांगीर खान को गिरफ्तार कर चुकी है। अब रेजिना बीबी की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसे दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश करेगी।

राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा फाल्टा पुलिस थाने पर हमले और जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश के मामले में भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित एक ठिकाने से रेजिना बीबी को गिरफ्तार किया। रेजिना बीबी की गिरफ्तारी के साथ ही अब इस मामले में कुल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फाल्टा पुलिस थाने पर हमले की योजना सोमवार को एक गुप्त स्थान पर आयोजित बैठक में बनाई गई थी। आरोप है कि यह बैठक रेजिना बीबी ने बुलाई थी।

जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “बैठक में तय किया गया था कि समर्थक फाल्टा पुलिस थाने से करीब तीन किलोमीटर दूर एक निर्धारित स्थान पर एकत्र होंगे। इसके बाद वे अचानक और संगठित तरीके से पुलिस थाने पर धावा बोलकर जहांगीर खान को छुड़ाने का प्रयास करेंगे।

शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे पुलिस स्टेशन पर हमले में शामिल लोगों की संपत्तियों की पहचान करें, उन्हें जब्त करें, उनकी नीलामी करें और नीलामी से मिली रकम से सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करें।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था फाल्टा घटना के सिलसिले में हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। हम न केवल हमलावरों को कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित करेंगे, बल्कि उनकी संपत्तियों को जब्त करके नुकसान का मुआवजा भी वसूल करेंगे।

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NTA की भारी चूक: नागपुर के NEET छात्र को थमाया अबू धाबी का सेंटर; छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं

NEET NTA mistake

NEET UG Re-exam 2026 : नीट पुनर्परीक्षा से पहले एनटीए से उस समय बड़ी चूक हो गई जब नागपुर के छात्र को आबू धाबी का परीक्षा केंद्र दे दिया गया। छात्र की शिकायत पर एनटीए हेल्पलाइन ने संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया है। ALSO READ: NEET Re-Exam कल: टेलीग्राम बंद, गाड़ियों में GPS और पैरामिलिट्री का पहरा; परीक्षा से पहले जान लें नए नियम

 

छात्र ने परीक्षा केंद्र के लिए नागपुर को अपनी पहली पसंद चुना था। दूसरे और तीसरे विकल्प के रूप में उसने वर्धा और भंडारा चुना था। जब उसने नया एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दिखाया गया।

 

छात्र को मूल रूप से नीट परीक्षा के लिए नागपुर के सरस्वती विद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया था। लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद जब पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हुई और नया एडमिट कार्ड जारी हुआ, तब परीक्षा केंद्र बदलकर अबू धाबी इंडियन स्कूल कर दिया गया। ALSO READ: इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

 

छात्र के पास नहीं है पासपोर्ट

एडमिट कार्ड देख छात्र और उसके परिजन हैरान रह गए। परीक्षा 21 जून को होनी है और परीक्षार्थी के पास तो पासपोर्ट भी नहीं है। ऐसे इतनी कम अवधि में विदेश जाकर परीक्षा देना छात्र और उसके परिवार के लिए लगभग असंभव है। ALSO READ: राहुल गांधी के साथ कोटा में खड़ा हुआ Gen-Z, NEET पेपर लीक और देश के एजुकेशन सिस्‍टम का किया पोस्‍टमार्टम

 

NTA की साख पर सवाल

ऐसे में परिवार ने एनटीए के हेल्पलाइन पर संपर्क कर मामले की जानकारी दी। हेल्पलाइन ने भी गलती स्वीकारते हुए उसे परीक्षा से पहले संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया गया है। पेपर लीक के बाद पहले से ही विवादों में घिरे NTA की इस तकनीकी गड़बड़ी से उसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं।

edited by : Nrapendra Gupta

NTA की भारी चूक: नागपुर के NEET छात्र को थमाया अबू धाबी का सेंटर; छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं

NEET NTA mistake

NEET UG Re-exam 2026 : नीट पुनर्परीक्षा से पहले एनटीए से उस समय बड़ी चूक हो गई जब नागपुर के छात्र को आबू धाबी का परीक्षा केंद्र दे दिया गया। छात्र की शिकायत पर एनटीए हेल्पलाइन ने संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया है। ALSO READ: NEET Re-Exam कल: टेलीग्राम बंद, गाड़ियों में GPS और पैरामिलिट्री का पहरा; परीक्षा से पहले जान लें नए नियम

 

छात्र ने परीक्षा केंद्र के लिए नागपुर को अपनी पहली पसंद चुना था। दूसरे और तीसरे विकल्प के रूप में उसने वर्धा और भंडारा चुना था। जब उसने नया एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दिखाया गया।

 

छात्र को मूल रूप से नीट परीक्षा के लिए नागपुर के सरस्वती विद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया था। लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद जब पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हुई और नया एडमिट कार्ड जारी हुआ, तब परीक्षा केंद्र बदलकर अबू धाबी इंडियन स्कूल कर दिया गया। ALSO READ: इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

 

छात्र के पास नहीं है पासपोर्ट

एडमिट कार्ड देख छात्र और उसके परिजन हैरान रह गए। परीक्षा 21 जून को होनी है और परीक्षार्थी के पास तो पासपोर्ट भी नहीं है। ऐसे इतनी कम अवधि में विदेश जाकर परीक्षा देना छात्र और उसके परिवार के लिए लगभग असंभव है। ALSO READ: राहुल गांधी के साथ कोटा में खड़ा हुआ Gen-Z, NEET पेपर लीक और देश के एजुकेशन सिस्‍टम का किया पोस्‍टमार्टम

 

NTA की साख पर सवाल

ऐसे में परिवार ने एनटीए के हेल्पलाइन पर संपर्क कर मामले की जानकारी दी। हेल्पलाइन ने भी गलती स्वीकारते हुए उसे परीक्षा से पहले संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया गया है। पेपर लीक के बाद पहले से ही विवादों में घिरे NTA की इस तकनीकी गड़बड़ी से उसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं।

edited by : Nrapendra Gupta