योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा ‘स्वस्थ जीवन’ का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

Uttar Pradesh set a new record for public participation on International Yoga Day

– एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार बोले- योग बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और संतुलित व्यक्तित्व का सशक्त माध्यम

– 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

– लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक योगाभ्यास में की सहभागिता

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए योग को जनआंदोलन बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत किया। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, सशक्त और जागरूक उत्तर प्रदेश का संदेश दिया।

गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर नजर आए, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन, जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।

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इसी का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन न रहकर व्यापक जनसहभागिता का अभियान बन चुका है। इस वर्ष भी प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केंद्रों, जिला मुख्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में योग दिवस उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया।

 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश के नवीन परिसर में निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास करते हुए नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

Uttar Pradesh set a new record for public participation on International Yoga Day

इस अवसर पर एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि

योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने का सशक्त साधन भी है। विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देकर हम बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

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प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, बस्ती, मेरठ, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ सहित अनेक जनपदों में विद्यालयों, बीआरसी और जिला मुख्यालयों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को योग की उपयोगिता बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी समान रूप से आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुई अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का जनअभियान बन चुका है।
Edited By : Chetan Gour 

बागियों पर बरसे उद्धव ठाकरे, बोले- मेरी शिवसेना ही असली, CM फडणवीस ने कसा तंज

Uddhav Thackeray's big statement regarding rebellion within Shiv Sena UBT

Uddhav Thackeray News : महाराष्‍ट्र में शिवसेना (UBT) के अंदर बगावत को लेकर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब वो इस तरह का संकट का सामना कर रहे हैं। पहले भी पार्टी में इस तरह की स्थिति पैदा हो चुकी है और इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। उद्धव ने कहा कि वे निराश नहीं हैं और उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी में बगावत को लेकर भाजपा पर तीखे हमले किए। उनका आरोप है कि भाजपा हमेशा से शिवसेना को खत्म करने और कमजोर करने की साजिश रचती रही है।

 

महाराष्‍ट्र में शिवसेना (UBT) के अंदर बगावत को लेकर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब वो इस तरह का संकट का सामना कर रहे हैं। पहले भी पार्टी में इस तरह की स्थिति पैदा हो चुकी है और इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। उद्धव ने कहा कि वे निराश नहीं हैं और उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है।

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उद्धव ने भाजपा पर किए तीखे हमले 

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी में बगावत को लेकर भाजपा पर तीखे हमले किए। उनका आरोप है कि भाजपा हमेशा से शिवसेना को खत्म करने और कमजोर करने की साजिश रचती रही है। उद्धव ने कहा कि शिवसेना को विभाजित करने और कमजोर करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ भाजपा का है।

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उद्धव ने क्यों मांगी जनता से माफी?

ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित अविभाजित शिवसेना ने करीब 30 साल तक कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को तोड़ने या खत्म करने की कोशिश नहीं की। उन्‍होंने बागियों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में गद्दारों को उम्मीदवार बनाने के लिए वे जनता से माफी मांगते हैं।

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बगावत पर CM फडणवीस ने कसा तंज

उद्धव ठाकरे ने कहा कि नेताओं के पार्टी छोड़ने और राजनीतिक फायदे के लिए पक्ष बदलने का चलन लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। शिवसेना (यूबीटी) में बड़ी बगावत को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' पूरी तरह सफल रहा है। फडणवीस ने चुटकी लेते हुए कहा कि ऑपरेशन कामयाब है और बॉडी बहुत स्वस्थ है। उन्होंने ठाकरे को आत्मनिरीक्षण की सलाह भी दी।

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उद्धव ठाकरे की बढ़ेगी मुसीबत

उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास कुल 9 लोकसभा सांसद हैं। दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई सांसदों की जरूरत होती है। 9 सांसदों के हिसाब से यह संख्या 6 होती है। रविवार को इनमें से 2 सांसदों ने शिंदे गुट में जाने की पुष्टि कर दी है। ये 6 सांसद किसी भी वक्त एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
Edited By : Chetan Gour

पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath made this appeal regarding water conservation

– मुख्यमंत्री ने योगी कहा- प्रदेश में कहीं न हो पेयजल संकट, जलापूर्ति व्यवस्था रहे निर्बाध

– भूजल संरक्षण के प्रयासों से मिली बड़ी सफलता, अतिदोहित विकासखंड 113 से घटकर 44 हुए

– संभावित कम वर्षा के मद्देनजर जल संरक्षण और वर्षाजल संचयन को मिलेगी नई गति

– रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अमृत सरोवर और भूजल पुनर्भरण पर विशेष जोर

– जल सुरक्षा और टिकाऊ कृषि विकास में देश का आदर्श मॉडल बने उत्तर प्रदेश

– मुख्यमंत्री ने की मॉनसून, पेयजल एवं भूजल संरक्षण की समीक्षा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि मौसम की अनिश्चितता और मानसून की संभावित अनियमितता को देखते हुए प्रत्येक प्रदेशवासी को जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तथा वर्षाजल संचयन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा जाए।

 

रविवार को मौसम की स्थिति, मानसून की प्रगति, पेयजल आपूर्ति तथा भूजल संरक्षण से संबंधित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध एवं सुचारु बनी रहे तथा नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संभावित कम वर्षा की परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभाग अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करें।

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बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में जून से सितंबर तक वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत प्राप्त हुए हैं। जून माह में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा तथा अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल विभाग, नमामि गंगे, राजस्व तथा कृषि विभाग को मिलकर एक समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें जनसहभागिता से जोड़ा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि तालाबों और पोखरों में गांवों का गंदा पानी न जाने पाए।

मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए। उन्होंने अमृत सरोवरों के संरक्षण, स्वच्छता तथा नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने वर्षाजल संचयन को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि सरकारी भवनों को जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनाया जाए। 

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अपर मुख्य सचिव, भूगर्भ जल विभाग ने बताया कि भूजल पुनर्भरण के लिए किए गए प्रयासों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्ष 2013 में प्रदेश में अतिदोहित विकासखंडों की संख्या 113 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 44 रह गई है। वर्ष 2017 में अन्य स्रोतों से लगभग 30.59 लाख करोड़ लीटर भूजल पुनर्भरण होता था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 35.79 लाख करोड़ लीटर हो गया है।

इसी अवधि में प्रदेश का कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण 69.91 लाख करोड़ लीटर से बढ़कर 73.39 लाख करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। यह भी बताया गया कि सतत विकास लक्ष्य-6 के अंतर्गत भूजल दोहन की दर को 70 प्रतिशत के स्तर पर लाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश ने प्राप्त कर लिया है। वर्ष 2022 में यह दर 70.66 प्रतिशत, वर्ष 2023 में 70.76 प्रतिशत, वर्ष 2024 में 70.45 प्रतिशत तथा वर्ष 2025 में 70 प्रतिशत रही।

पिछले दस वर्षों के दौरान प्रदेश के 361 विकासखंडों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच 29 जनपदों में औसत भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार परिलक्षित हुआ है। 172 विकासखंडों में प्रतिवर्ष 10 सेंटीमीटर से अधिक तथा 69 विकासखंडों में दस वर्षों के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक सुधार दर्ज किया गया है।

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बैठक में बताया गया कि भूगर्भ जल विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना, इण्डो-इज़राइल बुंदेलखंड जल परियोजना, वर्षाजल संचयन थीम पार्क, भूजल सप्ताह, रूफटॉप वर्षाजल संचयन कार्यक्रम तथा भूजल निगरानी नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं। प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने मुख्यमंत्री को नदियों की सिल्ट सफाई कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी वर्षों की कार्ययोजना को जल संरक्षण, हरित ऊर्जा तथा आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ा जाए। उन्होंने मौसम विभाग से मानसून की साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने की अपेक्षा भी व्यक्त की। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा तथा पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी उपस्थित रहे। मंत्रीगणों ने विभागीय प्रयासों एवं प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
Edited By : Chetan Gour

मुख्यमंत्री योगी ने स्वामी ब्रह्मानंद की प्रतिमा व समाधि स्थल पर अर्पित किए पुष्प

Chief Minister Yogi paid floral tributes at statue and samadhi site of Swami Brahmanand

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को स्वामी ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज में स्वामी ब्रह्मानंद की प्रतिमा व समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, प्रमाण आदि प्रदान किया। 

 

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी 

कृष्ण कुमार- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख का चेक 

चंद्रभान- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 2 लाख का चेक

सुशीला- 2 हजार का चेक 

वर्षा- जननी सुरक्षा योजना के तहत 1 हजार का चेक 

पूनम- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 5 हजार का चेक 

कमलेश कुमारी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1.20 लाख का चेक 

प्रीति राजपूत/नीलू वर्मा- उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 105 स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल के तहत 6.30 करोड़ से अधिक का चेक 

संगीता- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख का चेक 

पवन कुमारी- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की चाबी 

भगवती सोनी- आयुष्मान कार्ड 

श्यामबाबू- ओडीओपी के तहत टूल किट 

आयुष- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप।

Edited By : Chetan Gour 

शिक्षा मंत्री के इस्‍तीफे पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, दीपके ने लोगों से की यह अपील

Cockroach Janata Party has demanded resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan

Cockroach Janta Party Protest : नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर जंतर मंतर पर डटे रहे। दिल्ली पुलिस ने शनिवार शाम 5 बजे के बाद प्रदर्शन की अनुमति खत्म होने की बात कहकर जगह खाली करने के लिए कहा था। लेकिन रविवार को भी प्रदर्शनकारी जुट रहे हैं। अभिजीत दीपके ने लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है।

 

आंदोलन को लेकर क्‍या बोली दिल्‍ली पुलिस? 

नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर जंतर मंतर पर डटे रहे। दिल्ली पुलिस ने शनिवार शाम 5 बजे के बाद प्रदर्शन की अनुमति खत्म होने की बात कहकर जगह खाली करने के लिए कहा था, लेकिन रविवार को भी प्रदर्शनकारी जुट रहे हैं।

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आंदोलन को लेकर दीपके ने की लोगों से अपील

दीपके ने लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों से भी परीक्षा के बाद प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनका धरना रविवार रात भी जारी रहेगा।

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1-1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग

दीपके ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। सीजेपी ने कहा, अगर सरकार को लगता है कि थकान इस आंदोलन को ख़त्म कर देगी, तो वह ग़लतफ़हमी में है। दीपके ने सुरक्षाबलों से कहा, मैं आग्रह करता हूं कि लोगों को जंतर-मंतर आने से न रोकें। हम उन बच्चों के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या कर ली।

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सोनम वांगचुक भी आंदोलन में हुए शामिल 

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे 27 जून से अनशन शुरू करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की शिकायतों के बाद रविवार (21 जून 2026) को यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा आयोजित हुई। Edited By : Chetan Gour 

पहचान का संकट खड़ा करने वालों को अब दुत्कारती है जनता : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath inaugurated and laid foundation stones for development projects

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी, लेकिन मोहर्रम व ईद पर सड़कों पर उद्दंडता करने को प्रोत्साहित करती थी सपा

– मुख्यमंत्री योगी ने हमीरपुर में 636 करोड़ से अधिक की लागत से 75 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– योगी ने कहा- मुख्यमंत्री योगी अब कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल पर नहीं खर्च होता सरकार का पैसा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि वे लोग पहचान के लिए मोहताज हैं, जिन्होंने यूपी को बीमारू बनाया था। आज उन सबके सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया है। जनता अब उन्हें दुत्कारती है, भगाती है। उन्हें भाव नहीं देती। जनता ने कमल के फूल पर वोट देकर हमीरपुर व राठ में भाजपा को जिताया तो सुरक्षा, हर घर नल, एक्सप्रेसवे समेत अनेक योजनाएं व नवाचार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड वासियों से अपील की कि माफिया के सरपरस्तों को दोबारा आने नहीं देना है।

इन्हें पहचान के लिए मोहताज कराना है। जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर विभाजित नही होना है और विकास, विरासत, आस्था, अर्थव्यवस्था के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने स्वामी ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज, राठ में 636 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। यहां हमीरपुर के विकास को समर्पित लघु फिल्म भी दिखाई गई। 

 

यमुना व बेतवा के संगम वाला जनपद 9 वर्ष पहले पानी के लिए तरसता था 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी ठीक नहीं थी। सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं। माताएं-बहनें मिट्टी का घड़ा सिर पर लेकर पानी ढोने में जिंदगी गुजार देती थीं। यमुना व बेतवा के संगम वाला हमीरपुर पानी और यहां का नौजवान पहचान के लिए तरसता था। बालू, खनन, भूमाफिया गरीबों का शोषण करते थे। देश में लोग यूपी वालों को शक की निगाहों से देखते थे। 

 

दुनिया के सामने योग दिवस पर फिर प्रस्तुत हुई भारत की पहचान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बदला है। आज सुबह लगभग 100 देश के लाखों लोग योग से जुड़े थे। इससे वर्तमान-अतीत गौरवान्वित व भविष्य प्रफुल्लित होता दिख रहा था। पीएम मोदी ने 12वें योग दिवस पर भारत की पहचान को फिर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। मोदीजी ने कुंभ को भी मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दिलाई। 

 

जातिवाद की राजनीति करने वालों ने सिर्फ परिवार का पेट भरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जातिवाद की राजनीति करने वालों ने सत्ता में आने पर सिर्फ परिवार का पेट भरा। मोदी जी के लिए 140 करोड़ का भारत व हमारे लिए 25 करोड़ का प्रदेश ही परिवार है। हमने दिखाया कि जनता के हित के लिए कार्य करना, योजना बनाना और प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से काम होता है तो परिणाम आने में देर नहीं लगती। 

 

ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई तो पाकिस्तान जान की भीख मांगने लगा

2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद जब बुंदेलखंड आया तो लोगों ने यहां की खराब कनेक्टिविटी से अवगत कराया। तब मैंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की बात कही, आज यह परियोजना पूरी भी हो गई। अब उत्तर प्रदेश में ही गोला-बारूद, तोप-मिसाइल बन रहा है। लखनऊ में बना ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में जब पाकिस्तान पर दागा गया तो वह जान की भीख मांग रहा था। 

 

पहले सिर्फ सैफई को ध्यान में रखकर योजनाएं बनती थीं, अब सभी जनपदों का रखा जाता है ध्यान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर जल की योजना अब बहन-बेटियों को राहत दे रही है। महिला स्वयंसेवी समूह बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, बीसी सखी के रूप में पहचान बना रही है। पुलिस भर्ती में अब बुंदेलखंड, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, जालौन, झांसी के नौजवान भी भर्ती होते हैं। पहले ऐसा नहीं होता था, क्योंकि योजनाएं सिर्फ सैफई को ध्यान में रखकर बनती थीं।

आज पूरे प्रदेश को ध्यान में रखकर सिंचाईं, पेयजल, कनेक्टिविटी आदि योजनाएं बन रही हैं। नए एयरक्रॉफ्ट आने के बाद जब चित्रकूट से वायुसेवा प्रारंभ होगी तो बुंदेलखंड में बेहतरीन एयर कनेक्टिविटी दिखेगी। अब ट्रेन की नई सुविधाएं दिख रही हैं।

 

स्वामी ब्रह्मानंद प्रबंध समिति से फिर बोले मुख्यमंत्री- प्रस्ताव दीजिए, विश्वविद्यालय बनाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राठ के लिए बस स्टैंड स्वीकृत किया था। परिवहन विभाग इसे तेजी से आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाहजहांपुर से प्रस्ताव मिला तो वहां स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ। भदोही से भवन व प्रॉपर्टी के पास प्रस्ताव मिला तो इस सत्र से काशी नरेश विश्वविद्यालय का शुभारंभ हो गया, लेकिन स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय प्रबंध समिति का प्रस्ताव अभी तक नहीं आया।

प्रस्ताव दीजिए, हम विश्वविद्यालय बनाएंगे। इसके लिए एक्ट बनाने पड़ते हैं, प्रक्रिया में समय लगता है। जितना समयबद्ध कार्य होगा, सरकार उतनी तेजी से इसे धरातल पर उतारेगी। विश्वविद्यालय बड़ा व विराट सोच के साथ होना चाहिए, जिसमें अन्य जनपदों के महाविद्यालय भी संबद्धता ले सकें।

नौजवानों को आधुनिक/तकनीकी शिक्षा दे सकें और फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी को लाकर डिफेंस मैन्युफेक्चिरंग कॉरिडोर के लिए नौजवानों की स्किलिंग सेंटर को बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने पर जोर दिया। 

 

सपा सरकार में माफिया पुलिस पर करते थे हमले

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में बुंदेलखंड समेत हर जनपद में माफिया खड़े किए गए जो जमीनों पर कब्जा, अवैध खनन, व्यापारी-बेटी के लिए संकट थे, पुलिस पर हमला करते थे। इससे बुंदेलखंड, हमीरपुर व प्रदेश की छवि खराब होती थी। डबल इंजन सरकार में माफिया के लिए जगह नहीं है। माफिया अब या तो जेल में है या मिट्टी में मिल गए हैं। अब बेटी की सुरक्षा में यदि किसी ने सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो यमराज के घर ही जाएगा। 

 

बुंदेलखंड में सिंचाई व पेयजल के लिए नहीं होगा जल का संकट 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाब खुदवाकर जल संरक्षण के बड़े कार्यक्रम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड व हमीरपुरवासियों से अपील की कि हर घऱ जल योजना व्यापक परिवर्तन का कारक बनेगी। कबरई, रतौली बांध, बावनी बांध, कचनौदा बांध, चिल्ली-मजगांवा स्प्रिंकलर सिंचाई, केन-बेतवा आदि परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है। आने वाले समय में सिंचाई व पेयजल के लिए जल का संकट नहीं होगा। 

 

मुख्यमंत्री ने पौधरोपण व जल संरक्षण पर दिया जोर 

मुख्यमंत्री ने एक-एक बूंद जल संरक्षण, स्वच्छता व पौधरोपण पर जोर दिया। कहा कि अब तक बरसात हो जानी चाहिए थी, लेकिन मानसून नहीं आया। अल नीनो के कारण अगले तीन वर्ष तक असमय वर्षा, कम वर्षा की चेतावनी आ रही है। मुख्यमंत्री ने अपील की कि जल की हर बूंद को बचाना है। हर घर नल का मतलब टोंटी लगातार खुली ही न रहे। इसे चोरी न करने दें। पेयजल का संकट न हो।

जितने जल की आवश्यकता हो, उतना ही खर्च करें। सिंचाई के लिए आधुनिक बेहतरीन तरीकों को उपयोग हो। इससे वर्तमान व भविष्य बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से कम सिंचाई में बेहतरीन उत्पादन के वैज्ञानिक गुण को खेती में अपनाएं। इससे अच्छा परिणाम आएगा। 

 

देश की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा बुंदेलखंड 

पिछली सरकारों ने शोषण, पहचान का संकट खड़ा किया था लेकिन अब बुंदेलखंड देश की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। भारत के सबसे बड़े औद्योगिक सिटी का निर्माण झांसी के पास बुंदेलखंड में हो रहा है। प्रस्ताव आने प्रारंभ हो गए हैं। यहां के युवा अब पलायन नहीं करेंगे। 9 वर्ष में यहां के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर, जेके सीमेंट, रिमझिम इस्पात, एनटीपीसी सोलर प्लांट, गेल इंडिया आदि की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। 

 

आपके एक वोट ने यूपी की तकदीर बदल दी

मुख्यमंत्री ने कहाकि आपने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने तो विकास योजनाएं मूर्त रूप ले रही हैं। आपके एक वोट ने यूपी की तकदीर बदल दी। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी कॉरिडोर का निर्माण और भव्य महाकुंभ हुआ। कांग्रेस कहती थी कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। सपा जय श्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाती थी। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी, लेकिन मोहर्रम व ईद पर सड़कों पर उद्दंडता करने को प्रोत्साहित करती थी। 

 

अब कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च नहीं होता सरकार का पैसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विधायक आस्था के केंद्र के लिए जो भी प्रस्ताव देते हैं, सरकार पर्यटन में सुंदरीकरण की योजना के तहत उसे पूरा करती है। अब सरकार का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च नहीं होता। मोदी जी के नेतृत्व व जनता के एक वोट के निर्णय ने बुंदेलखंड की तकदीर बदल दी। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार आदि के लिए नई योजना ला रही है।

 

इस दौरान जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद, विधायक मनीषा अनुरागी, डॉ. मनोज प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा की जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद आदि की मौजूदगी रही।
Edited By : Chetan Gour

नीतीश बने JDU के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष, महाबैठक में लगी मुहर, बेटे निशांत पर क्‍या हुआ फैसला?

Nitish Kumar has been appointed national president of Janata Dal United

Nitish Kumar News : पटना में आयोजित जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर राष्ट्रीय परिषद ने मोहर लगा दी है, साथ ही बिहार अध्यक्ष के पद पर उमेश कुशवाहा बने रहेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा की गई है। वहीं जेडीयू विधायक कोमल सिंह के बयान ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि निशांत भैया जेडीयू का भविष्य हैं और आने वाले समय में उन्हें पार्टी के भीतर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

 

बिहार अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे उमेश कुशवाहा 

पटना में आयोजित जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर राष्ट्रीय परिषद ने मोहर लगा दी है, साथ ही बिहार अध्यक्ष के पद पर उमेश कुशवाहा बने रहेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा की गई है।

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निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

वहीं जेडीयू विधायक कोमल सिंह के बयान ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि निशांत भैया जेडीयू का भविष्य हैं और आने वाले समय में उन्हें पार्टी के भीतर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा होने की बात सामने आई। इससे यह संकेत मिला है कि जेडीयू आने वाले समय में नई राजनीतिक रणनीति और नए चेहरों को आगे लाने की तैयारी कर रही है।

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नीतीश कुमार करेंगे बिहार का दौरा 

माना जा रहा है कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए अब पार्टी नए अभियान की शुरुआत कर सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नीतीश कुमार बिहार का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे सरकार के कामकाज और पार्टी संगठन दोनों को लेकर लोगों के बीच जाएंगे।

 

बैठक का लेकर क्‍या बोले निशांत कुमार?

बैठक में शामिल हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि हम लोगों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। हम लोग पूरे बिहार में पार्टी को मजबूत करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जो काम किया है, उसको लेकर लोगों के बीच जाएंगे। जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि संगठन को चुनावी मोड में ले जाने के लिए स्थिर नेतृत्व जरूरी है।

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ऐसे में उमेश कुशवाहा को दोबारा जिम्मेदारी मिलना पार्टी के अंदर भरोसे का संकेत माना जा रहा है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह जदयू की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी। प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
Edited By : Chetan Gour 

मुख्यमंत्री योगी ने किया बच्चों का अन्नप्राशन, प्रदर्शनी का किया अवलोकन

– मुख्यमंत्री ने कबरई बांध के तहत पुनर्वास मुआवजा भी प्रदान किया

– लाभार्थियों को चेक, चाबी, स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किए

– मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए लाभार्थी 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम से पहले यहां बच्चों का अन्नप्राशन किया। उन्होंने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किए। मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…

 

श्रीकृष्ण पाठक- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप 

शुभम- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप

ममता कुशवाहा व चंदा- एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूह को 2.47 करोड़ का चेक 

सुशीला- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की चाबी

दीपेश खरे- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत समीक्षा अधिकार के रूप में चयन प्रमाण पत्र 

उमैजा फातिमा- कॉक्लियर इंप्लांट के तहत उपचार व्यय के लिए छह लाख की स्वीकृति राशि 

दिनेश- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 4.50 लाख का चेक 

मिथिलेश- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी 

विनोद कुमार- फॉर्म मशीनरी बैंक के तहत 8 लाख का चेक 

मुख्यमंत्री ने कबरई बांध के तहत पुनर्वास मुआवजा भी प्रदान किया 

विद्या देवी- 2.66 करोड़ से अधिक का चेक 

लक्ष्मी नारायण- 55.66 लाख से अधिक का चेक 

धर्मेंद्र सिंह यादव- 31.98 लाख से अधिक का चेक 

पूरन लाल- 24.86 लाख से अधिक का चेक 

राजेंद्र – 16.26 लाख से अधिक का चेक

मुन्नी- 14.77 लाख से अधिक का चेक

अमरनाथ- 10.95 लाख से अधिक का चेक

संजय सिंह- 9.98 लाख से अधिक का चेक।

Edited By : Chetan Gour

तमिलनाडु में दर्दनाक हादसा, फैक्टरी में अमोनिया गैस हुई लीक, 7 महिलाओं की मौत, 50 से ज्‍यादा हुए बेहोश

An ammonia gas leak occurred at seafood factory in Tamil Nadu

Ammonia gas leak incident : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में दर्दनाक हादसे का मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार, सीफूड निर्यात फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस हादसे में 7 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 50 से ज्‍यादा श्रमिकों के बेहोश होने की खबर है। गैस रिसाव की सूचना मिलते ही प्रभावित श्रमिकों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर हालत वाले कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची है।

 

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में दर्दनाक हादसे का मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार, सीफूड निर्यात फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस हादसे में 7 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 50 से ज्‍यादा श्रमिकों के बेहोश होने की खबर है। गैस रिसाव की सूचना मिलते ही प्रभावित श्रमिकों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

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बचाव एवं राहत कार्य जारी

गंभीर हालत वाले कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची है। गैस रिसाव को नियंत्रित करने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए बचाव एवं राहत कार्य जारी है।

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प्रभावित कर्मचारियों में ज्यादातर उत्तरी राज्यों से आए हुए कर्मचारी शामिल हैं। गैस लीक के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। जिन कर्मचारियों में चक्कर आने और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दिए, उन्हें भी तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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यह हो सकता है हादसे का कारण

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर एस. कविता ने फैक्टरी और अस्पतालों का दौरा किया तथा प्रभावित कर्मचारियों की स्थिति का जायजा लिया। फैक्टरी में किसी वाल्व की खराबी के कारण अमोनिया गैस का रिसाव हुआ हो सकता है। जांच में सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही के पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर ने जताया शोक

इस घटना पर गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर ने दुख व्यक्त किया है। लोकभवन से जारी बयान में उन्होंने कहा कि तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपायर गांव में झींगा प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक की दुखद घटना से उन्हें गहरा दुख हुआ है।

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मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिए ये निर्देश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। 3 सदस्यों वाली इस समिति में 'औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक', 'प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव' और 'सार्वजनिक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक' शामिल हैं। समिति को 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट और 3 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है।
Edited By : Chetan Gour

US-ईरान शांति समझौता खटाई में, सीजफायर उल्लंघन के आरोप, Hormuz को लेकर क्या है नया अपडेट

US Iran peace deal

ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। क्षेत्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि इजराइल सीजफायर को ऐसी स्थिति के रूप में देखता है, जहां उसके सैनिकों पर हमला न हो, लेकिन वह कब्जे वाले इलाकों पर अपना नियंत्रण बनाए रखे।

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विश्लेषकों के अनुसार, यह नीति गाजा, लेबनान और सीरिया में देखने को मिली है। गाजा में सैन्य कार्रवाई के बाद इजराइल ने सुरक्षा क्षेत्रों (Security Zones) की अवधारणा को आगे बढ़ाया, जबकि लेबनान और दक्षिणी सीरिया के कुछ हिस्सों में भी वह इसी रणनीति का पालन कर रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इजराइल लेबनान में कुछ इलाकों को पूरी तरह खाली क्षेत्र के रूप में बनाए रखना चाहता है। इजराइली नीति-निर्माताओं को आशंका है कि यदि लेबनान में कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हटना पड़ा तो सीरिया में भी ऐसा ही दबाव बन सकता है, जिसे वर्तमान सरकार स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

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इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई थी। समझौते के तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

 

समझौते में यह भी प्रावधान था कि अमेरिका ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर राहत देने के लिए आवश्यक छूट प्रदान करेगा। साथ ही ईरान की जमी हुई संपत्तियों और फंड के उपयोग को लेकर भी दोनों पक्ष बातचीत के जरिए प्रक्रिया तय करेंगे।

 

हालांकि, ईरानी सेना ने दावा किया है कि इजराइल ने समझौते के पहले अनुच्छेद यानी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े अपने समुद्री क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक कदम उठाने की घोषणा की है।

 

जानकारों का कहना है कि ईरान ने पूरी तरह से जलडमरूमध्य बंद नहीं किया है, क्योंकि जहाज अब भी ओमान के क्षेत्रीय जलमार्ग से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद इस कदम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान इस कदम के जरिए अमेरिका को यह संदेश देना चाहता है कि उसके पास अभी भी रणनीतिक दबाव बनाने की क्षमता मौजूद है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और इसके संचालन पर किसी भी प्रकार का असर वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है। Edited by : Sudhir Sharma