48 देशों के 891 खिलाड़ी पहली बार भाग लेंगे FIFA World Cup में

FIFA को अंतिम दल घोषित करने के बाद 48 देशों को प्रतिनिधित्व करने वाले रिकॉर्ड 1,248 खिलाड़ियों के नाम पर मुहर लगाई गई है। मशहूर वैश्विक सितारों से लेकर पदार्पण वालों तक, ये स्क्वॉड बहुत ज़्यादा विविधता और दुनिया भर में प्रतिनिधित्व दिखाते हैं।

फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 के लिए अंतिम दल घोषित कर दिया है, जो टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मील के पत्थर में से एक है, जिसके शुरुआत में सिर्फ़ नौ दिन बाकी हैं। कनाडा, मैक्सिको और यूनाइटेड स्टेट्स में 104 मैचों में 48 टीमों और 1,248 खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने के साथ, यह संस्करण वैश्विक खेल के लिए एक अहम पल है, जो पहले से कहीं ज़्यादा देशों, खिलाड़ियों और उनके फैंस के लिए दरवाज़े खोल रहा है।

कन्फर्म स्क्वॉड लिस्ट टूर्नामेंट के स्केल और लंबे समय तक चलने वाले आकर्षण को दिखाती है, जिसमें 357 खिलाड़ी कम से कम एक बार पहले फीफा वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल होने के बाद वापस आ रहे हैं। करीब 891 खिलाड़ी पहली बार इस कॉम्पिटिशन का अनुभव करने वाले हैं, जो दुनिया भर के खेल में निरंतरता और नवीनीकरण दोनों को दिखाता है।

पीढ़ियों का अंतर भी उतना ही चौंकाने वाला है, जिसमें सबसे उम्रदराज खिलाड़ी (स्कॉटलैंड के क्रेग गॉर्डन, 43 साल और 162 दिन के) और सबसे युवा खिलाड़ी (मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा, 17 साल और 240 दिन के) के बीच 25 साल से ज़्यादा का अंतर है। टूर्नामेंट की शुरुआत में 20 साल से कम उम्र के कुल 22 खिलाड़ी और 40 साल या उससे ज़्यादा उम्र के सात खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जबकि 22 फीफा वर्ल्ड कप विजेता दुनिया भर में वापसी कर रहे हैं।

फुटबॉल के सबसे बड़े कॉम्पिटिशन में जाने-माने सितारों की वापसी के साथ, यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों और देशों की एक नई लहर को भी सुर्खियों में लाता है। काबो वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज़्बेकिस्तान पहली बार फीफा वर्ल्ड कप का अनुभव करने के लिए तैयार हैं, जो दिखाता है कि कैसे बड़ा फ़ॉर्मेट इस कॉम्पिटिशन को ग्लोबल गेम का ज़्यादा रिप्रेज़ेंटेटिव बना रहा है।

सूर्यास्त की ओर T20I कप्तान का करियर, बाहर होने की अटकलों के बीच क्या लेंगे संन्यास

 

T-20I विश्वकप के विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जब घरेलू मैदान पर टी-20 विश्वकप जीता था तो कहा था यह अंत नहीं है वह एशियन गेम्स तथा ओलंपिक में भी भारत को बतौर कप्तान गोल्ड दिलाना चाहते हैं। लेकिन अब ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा क्योंकि मीडिया सूत्रों की मानें तो 6 जुलाई को एशियन गेम्स और आयरलैंड दौरे के लिए जब भारतीय टीम की घोषणा होगी तो ना केवल उनकी कप्तानी जाएगी बल्कि टीम में भी उनकी जगह नहीं होगी।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह ड्रॉप होने से पहले संन्यास लेना मंजूर करेंगे।

लगातार दो बड़े ICC खिताब जीतने के बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कुर्सी अब खतरे में नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BCCI और चयनकर्ता अब अगले टी20 साइकिल को ध्यान में रखते हुए नई लीडरशिप पर दांव लगाने की तैयारी कर रहे हैं, और इस रेस में सबसे आगे नाम है श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का।

सूर्या की कप्तानी शानदार, लेकिन बल्लेबाजी बनी चिंता

 

सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

 

हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।

आईपीएल 2026 में भी फीका रहा प्रदर्शन

 

मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं। टीम Points Table में नौवें स्थान पर रही । पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का यह खराब प्रदर्शन भी कहीं न कहीं सूर्या पर दबाव बढ़ा गया।

 

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सूर्या लंबे समय से कलाई (Wrist Issue) की समस्या से जूझ रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी वह भारी टेपिंग के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए थे। आईपीएल 2025 में भी उनकी कलाई पर मोटी स्ट्रैपिंग देखी गई थी। टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन यह चोट अब उनके प्रदर्शन को प्रभावित करती दिख रही है।


बेटे की तबीयत खराब होने पर पिता ने दिया इस्तीफा, कंपनी ने जो किया उसे सुनकर दिल खुश हो जाएगा

एक पिता ने अपने बेटे की तबीयत खराब होने की वजह से कंपनी से इस्तीफा देना चाहा, लेकिन उसके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया, बल्कि उससे कहा गया कि जब बेटा ठीक हो जाए, तब वह कंपनी दोबारा ज्वाइन कर लें। कंपनी ने पिता की सैलरी भी नहीं काटी।

Environment and Health: पर्यावरण और सेहत का क्या है कनेक्शन, जानें दोनों क्यों हैं एक-दूजे के लिए जरूरी

The picture gives information related to environment and health, the caption gives the message of healthy environment and safe life.

swasthya aur prakriti sambandh: पर्यावरण और हमारी सेहत के बीच का रिश्ता शरीर और सांस जैसा है। जैसे बिना सांस के शरीर का कोई अस्तित्व नहीं है, ठीक वैसे ही एक स्वस्थ पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम जो हवा सांस में लेते हैं, जो पानी पीते हैं और जो भोजन खाते हैं—वह सब हमें पर्यावरण से ही मिलता है।ALSO READ: विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश

 

हाल के वर्षों में जिस तरह ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और बीमारियां बढ़ी हैं, उसने यह साफ कर दिया है कि 'अगर प्रकृति बीमार होगी, तो इंसान कभी स्वस्थ नहीं रह सकता।'

 

1. पर्यावरण और सेहत का सीधा कनेक्शन

2. मानसिक सेहत पर पर्यावरण का असर

3. दोनों क्यों हैं 'एक-दूजे के लिए जरूरी'?

4. एक स्वस्थ भविष्य के लिए हम क्या कर सकते हैं?

 

आइए विस्तार से समझते हैं कि इन दोनों का आपस में क्या कनेक्शन है और ये एक-दूसरे के लिए क्यों जरूरी हैं।

 

1. पर्यावरण और सेहत का सीधा कनेक्शन

हमारा शरीर पंचतत्वों यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है, और ये सभी तत्व पर्यावरण का हिस्सा हैं। जब पर्यावरण में असंतुलन होता है, तो उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है:

 

हवा और सांसों का रिश्ता: स्वच्छ हवा हमारे फेफड़ों और दिल को मजबूत रखती है। इसके विपरीत, वायु प्रदूषण (Air Pollution) के कारण आज अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर और दिल के दौरे (Heart Attacks) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

जल और पाचन तंत्र: साफ पानी जीवन का आधार है। लेकिन जब नदियां और भूमिगत जल प्रदूषित होते हैं, तो हैजा, टाइफाइड, पीलिया (Jaundice) और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां हमें घेर लेती हैं।

 

मिट्टी और हमारा पोषण: हम जो अनाज, फल और सब्जियां खाते हैं, वे मिट्टी से उगती हैं। रासायनिक खादों और कीटनाशकों (Pesticides) के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे हमारे भोजन में पोषक तत्व कम हो रहे हैं और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

 

बदलती जलवायु और नए वायरस: जंगलों की कटाई और बढ़ते तापमान (Climate Change) के कारण कई ऐसे वायरस और बैक्टीरिया इंसानों के संपर्क में आ रहे हैं, जो पहले सिर्फ जंगलों तक सीमित थे। कोरोना, मंकीपॉक्स या नए तरह के फ्लू इसके बड़े उदाहरण हैं।ALSO READ: World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध

 

2. मानसिक सेहत पर पर्यावरण का असर

पर्यावरण का संबंध सिर्फ हमारी शारीरिक सेहत से नहीं, बल्कि मानसिक सुकून से भी है:

 

तनाव में कमी: कंक्रीट के जंगलों यानी शहरी चकाचौंध के बीच रहने वाले लोगों की तुलना में जो लोग पार्क, बाग-बगीचों या प्रकृति के करीब समय बिताते हैं, उनमें तनाव और डिप्रेशन का स्तर बहुत कम होता है।

 

ध्वनि प्रदूषण और चिड़चिड़ापन: वाहनों और कारखानों का शोर हमारे मानसिक संतुलन को बिगाड़ता है। इससे अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। प्रकृति की शांति हमारे दिमाग को 'रीबूट' करने का काम करती है।

 

3. दोनों क्यों हैं 'एक-दूजे के लिए जरूरी'?

यह एक 'इकोसिस्टम' यानी पारिस्थितिकी तंत्र है, जहां दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है:

 

इंसानों के लिए पर्यावरण क्यों जरूरी है?

प्रकृति हमें मुफ्त में ऑक्सीजन, शुद्ध पानी, भोजन और जड़ी-बूटियां/ दवाइयां देती है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो अस्पताल जाने की जरूरत आधी हो जाएगी। एक स्वच्छ वातावरण हमारी औसत उम्र को बढ़ाता है।

 

पर्यावरण के लिए इंसान क्यों जरूरी है?

प्रकृति ने धरती पर इंसानों को सबसे बुद्धिमान जीव बनाया है। आज पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान इंसानों ने ही पहुंचाया है, इसलिए इसे बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। अगर इंसान पेड़ लगाएगा, नदियों को साफ रखेगा और प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करेगा, तो पर्यावरण दोबारा खुद को हरा-भरा कर लेगा।

 

4. एक स्वस्थ भविष्य के लिए हम क्या कर सकते हैं?

'प्रकृति के पास हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए सब कुछ है, लेकिन हमारे लालच को पूरा करने के लिए कुछ भी नहीं।' – महात्मा गांधी

 

अगर हम खुद को और अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ देखना चाहते हैं, तो हमें आज से ही अपनी आदतें बदलनी होंगी:

 

ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं: अपने जन्मदिन या विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल करें।

 

प्लास्टिक को कहें 'ना': सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें और जूट या कपड़े के थैलों को अपनाएं।

 

पानी और बिजली बचाएं: जरूरत न होने पर लाइट-पंखे बंद करें और पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझें।

 

सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाएं: कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें। इससे पर्यावरण भी बचेगा और आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी।

 

संक्षेप में कहा जाए तो पर्यावरण की रक्षा करना कोई सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि खुद को जीवित रखने और स्वस्थ रखने की बुनियादी जरूरत है। जब तक धरती हरी-भरी रहेगी, तब तक हमारी सांसें सुरक्षित रहेंगी।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: विश्व पर्यावरण दिवस पर लें धरती को हरा-भरा बनाने का सच्चा संकल्प

Instagram यूज़र्स के लिए बड़ा अलर्ट! Meta AI की खामी से हैक हुए अकाउंट, कंपनी ने जारी की चेतावनी

Instagram ने हाल ही में सामने आई एक बड़ी सुरक्षा खामी को लेकर यूज़र्स को अलर्ट किया है। यह खामी मेटा (Meta) के AI आधारित अकाउंट रिकवरी सिस्टम से जुड़ी थी, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स कुछ यूज़र्स के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कब्जा कर रहे थे।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर सोशल मीडिया अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, 2FA को हमेशा सक्रिय रखना और इंस्टाग्राम सिक्योरिटी से जुड़े ईमेल व नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखना जरूरी है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक जैसे-जैसे AI आधारित सिस्टम डिजिटल सेवाओं में अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं, वैसे-वैसे टेक कंपनियों को उनकी सुरक्षा और मजबूत करनी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने Meta AI सपोर्ट सिस्टम में मौजूद एक तकनीकी कमजोरी का इस्तेमाल किया। वे खुद को असली अकाउंट मालिक बताकर AI चैटबॉट को गुमराह कर देते थे। कई मामलों में AI सिस्टम ने हमलावरों को इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा ईमेल एड्रेस बदलने की अनुमति दे दी, जिसके बाद हैकर्स आसानी से पासवर्ड रीसेट कर अकाउंट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते थे।

 

हाई-वैल्यू इंस्टाग्राम अकाउंट रहे निशाने पर

 

बताया जा रहा है कि साइबर अपराधियों ने सामान्य यूज़र्स की बजाय उन अकाउंट्स को निशाना बनाया, जिनके छोटे और लोकप्रिय यूज़रनेम की डार्क वेब पर अच्छी कीमत मिलती है। हालांकि, मेटा ने अब तक प्रभावित अकाउंट्स की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन कई यूज़र्स ने अपने अकाउंट हैक होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं।

Meta ने खामी दूर करने का किया दावा

मेटा का कहना है कि इस सुरक्षा खामी को ठीक कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ यूज़र्स ने घोषणा के बाद भी अकाउंट टेकओवर की घटनाओं की जानकारी दी है। कंपनी की सिक्योरिटी टीम प्रभावित अकाउंट्स को बहाल करने और नई शिकायतों की जांच में जुटी हुई है।

 

यदि किसी यूज़र को हाल के दिनों में संदिग्ध पासवर्ड रीसेट ईमेल या अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन (Security Prompt) मिले हैं, तो यह मेटा की ओर से अकाउंट की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

प्रभावित यूज़र्स को भेजे जा रहे सिक्योरिटी अलर्ट

इंस्टाग्राम ने संभावित रूप से प्रभावित यूज़र्स को ईमेल के जरिए सुरक्षा अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है। इन संदेशों में बताया जा रहा है कि अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधि पाई गई है और उसके समझौता (Compromise) होने की आशंका है।

ऐसे सुरक्षित रखें अपना इंस्टाग्राम अकाउंट

यदि आपको ऐसा कोई अलर्ट मिला है, तो तुरंत ये कदम उठाएं—

 

  • अपना इंस्टाग्राम पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें।
  • अकाउंट से जुड़े सभी डिवाइस और एक्टिव लॉगिन सेशन की जांच करें।
  • किसी भी अनजान ईमेल एड्रेस या फोन नंबर को अकाउंट से हटा दें।
  • साइबर विशेषज्ञों की सलाह

 Edited by : Sudhir Sharma

कौन हैं डीएसपी प्रियंका बाजपेई? इंस्टा पर हजारों फॉलोअर्स, खूबसूरती में अभिनेत्रियों को देती हैं टक्कर

यूपी के पुलिस विभाग में 206 पीपीएस अफसरों का तबादला हुआ है। इसमें कन्नौज की डीएसपी प्रियंका बाजपेई का भी नाम शामिल है। प्रियंका का नाम चर्चित पुलिस अधिकारियों में भी शामिल हैं। खूबसूरती की बात करें तो प्रियंका अभिनेत्रियों को भी टक्कर देती हैं। 

The Better India की कहानी का असर- महिला के गोबर पेंट बिज़नेस को मिले विदेशों से भी ऑर्डर | Impact

ओडिशा की दुर्गा प्रियदर्शिनी ने साल 2022 में गोबर से पेंट बनाने की शुरुआत की थी। उनका मकसद सिर्फ़ एक बिजनेस खड़ा करना नहीं, बल्कि किसानों और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी था।
जब The Better India ने उनकी कहानी प्रकाशित की, तो यह पहल देशभर के लोगों तक पहुंची। इसके बाद उन्हें न सिर्फ़ भारत के अलग-अलग राज्यों से कॉल और ऑर्डर मिलने लगे, बल्कि विदेशों से भी पूछताछ आने लगी।
हमारी कहानी ने दुर्गा को सिर्फ़ पहचान ही नहीं दिलाई, बल्कि उनके काम को नई रफ्तार भी दी।
यही तो है अच्छी कहानियों की ताकत—जो सिर्फ़ प्रेरित नहीं करतीं, बल्कि बदलाव को आगे बढ़ाने में भी मदद करती हैं।#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

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IPL जीत के बाद विराट कोहली को क्या हुआ? ODI Series में टीम से बाहर होने की खबर ने बढ़ाई चिंता

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भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 13 जून से धर्मशाला में शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले कोहली की अनुपस्थिति ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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IPL फाइनल में लगी चोट, स्कैन रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

 

जानकारी के अनुसार, कोहली को IPL 2026 फाइनल के दौरान चोट लगी थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बल्लेबाजी करते समय वह रनिंग के दौरान असहज नजर आए थे, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने मैच खत्म कर टीम को जीत दिलाई। बाद में कराए गए स्कैन में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है।

 

कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली थी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

 

शानदार फॉर्म के बीच लगा ब्रेक, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर?

 

37 वर्षीय कोहली हाल के महीनों में जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं। IPL 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 से अधिक और स्ट्राइक रेट 165 के करीब रहा।

 

वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। पिछले साल उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे और एक बार फिर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया था। ऐसे में यह चोट उनके लिए व्यक्तिगत और टीम इंडिया के लिए रणनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका मानी जा रही है।

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 रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सवाल

 

विराट कोहली के बाहर होने के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। चयन के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना उतरना पड़ सकता है।

 

हालांकि, यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकती है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच टीम नए विकल्पों को आजमाने पर भी नजर रखेगी।


INDIA TEAM SQUAD : 

Shubman Gill (Captain), Rohit Sharma, Virat Kohli, Shreyas Iyer (vice-captain), KL Rahul (wicket-keeper), Ishan Kishan (wicket-keeper), Hardik Pandya, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Kuldeep Yadav, Arshdeep Singh, Prasidh Krishna, Prince Yadav, Gurnoor Brar, Harsh Dubey

 

यूपी से कर्नाटक के लिए चली स्पेशल ट्रेन, प्रयागराज से हुब्बल्ली का ये होगा रूट और शेड्यूल

यूपी से कर्नाटक के लिए गर्मियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। प्रयागराज से हुब्बल्ली का रूट और शेड्यूल जारी किया गया है। ट्रेन कानपुर से होते हुए जाएगी। ट्रेन छह जून से 11 जुलाई तक चलाई जाएगी। प्रयागराज से ट्रेन हर शनिवार को चलेगी।

वैभव सूर्यवंशी के कारण India A Tour को मिला ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर

वैभव सूर्यवंशी की दीवानगी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रही है और ऐसा लगता है कि इसने प्रसारक को अपनी रणनीति पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इंडिया ए टीम में उनके शामिल होने से लोगों में काफ़ी दिलचस्पी जागी है, जिसके चलते अधिकारियों ने श्रीलंका में होने वाली आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला (जिसमें भारत, अफ़गानिस्तान और मेज़बान टीम शामिल हैं) का टीवी पर प्रसारण करने का फ़ैसला किया है।

इंडिया ए टीम की कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं, लेकिन इस सीरीज़ का आकर्षण 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी हैं। उन्होंने हाल ही में खत्म हुए आईपीएल में ऑरेंज कैप की दौड़ में 776 रन बनाकर धूम मचा दी थी। उनकी मौजूदगी ने इस त्रिकोणीय श्रृंखला का रुतबा बढ़ा दिया है और अधिकारियों को इस पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

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यह त्रिकोणीय श्रृंखला 9 से 21 जून तक चलेगी और इसका प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी लिव पर किया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट के आधिकारिक प्रसारक पार्टनर के तौर पर, सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास श्रीलंका में खेले जाने वाले क्रिकेट मैचों के प्रसारण के अधिकार हैं। नेटवर्क के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण पूरे कवरेज के साथ किया जाएगा। हाल के दिनों में सोनी क्रिकेट के मैचों से दूर रहा था। ऐसे में सोनी ने क्रिकेट जगत में छाए सूर्यवंशी के क्रेज़ का फ़ायदा उठाने का फ़ैसला किया है।

ज़ाहिर है, इंडिया और श्रीलंका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज़ के प्रसारण के अधिकार भी सोनी के पास ही हैं। क्रिकबज की 18 मई की रिपोर्ट के अनुसार, यह सीरीज अगस्त महीने के दूसरे पखवाड़े में खेली जाएगी।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए सोनी नेटवर्क ने घोषणा की, “सूर्यवंशी एक्सप्रेस आ रही है, जो एक ज़बरदस्त ट्राई-सीरीज़ के मंच पर अपनी चमक बिखेरेगी।” यह एक दिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला होगी, जिसका आयोजन दाम्बुला में किया जाएगा। इस बीच, उन तीन टी 20 मैचों को लेकर अभी भी कोई स्पष्टता नहीं है, जिनके दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ में जोड़े जाने की उम्मीद है।

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हालाँकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और एसएलसी के बीच चल रही चर्चाओं से परिचित लोगों का मानना है कि तीन मैचों की टी 20 सीरीज़ को मंज़ूरी मिलने की संभावना काफ़ी ज़्यादा है। फ़िलहाल, इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में, बीसीसीआई ने घोषणा की कि ऋतुराज गायकवाड़ उप-कप्तान रियान पराग की जगह लेंगे, जो अभी चोट से उबर रहे हैं।