Vastu Tips for Plantation: सही दिशा में लगाया गया पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत

Picture giving information about tree plantation according to Vastu Shastra

Vastu Tips for Plants: घर की सुंदरता बढ़ाने वाले पेड़-पौधे सिर्फ हरियाली ही नहीं देते, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार वे आपके जीवन पर भी सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। माना जाता है कि यदि सही दिशा में उचित वृक्ष और पौधे लगाए जाएं तो घर में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का वास होता है, जबकि गलत दिशा में लगाए गए पेड़ आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि किस दिशा में कौन सा पौधा शुभ माना गया है और किन वृक्षों को घर के आसपास लगाने से बचना चाहिए।  

 

आइए जानते हैं पौधारोपण से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम, जो आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

 

1. पौधारोपण का शुभ समय

 

वास्तु और ज्योतिष के अनुसार उत्तरा, स्वाति, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र पौधारोपण के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। यदि आपको अपना जन्म नक्षत्र ज्ञात है तो उसी के अनुसार पौधा लगाना अधिक लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा शुक्ल पक्ष में पौधारोपण करना श्रेष्ठ रहता है। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय वृक्षारोपण के लिए अनुकूल माना गया है।

 

2. मुख्य द्वार के सामने न लगाएं बड़े पेड़

 

घर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने कोई भी पौधा या वृक्ष नहीं लगाना चाहिए। बड़े वृक्षों को मुख्य द्वार की ऊंचाई से कम से कम तीन गुना दूरी पर लगाना बेहतर माना गया है। साथ ही सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच वृक्ष की छाया घर पर नहीं पड़नी चाहिए। घर के उत्तर और पूर्व भाग में हमेशा छोटे और कम ऊंचाई वाले पौधे लगाने की सलाह दी जाती है।

 

3. पौधों के रोपण और स्थानांतरण का नियम

 

विशेषज्ञों के अनुसार किसी पौधे को सीधे जमीन में लगाने के बजाय पहले गमले में विकसित करना बेहतर होता है। इससे उसकी जड़ें मजबूत बनती हैं और विकास भी अच्छा होता है। यदि किसी कारणवश किसी वृक्ष को हटाना आवश्यक हो, तो माघ या भाद्रपद माह को उपयुक्त माना गया है। साथ ही एक वृक्ष हटाने पर नया पौधा लगाने का संकल्प अवश्य लेना चाहिए।

 

4. ग्रहों से जुड़ा है वृक्षों का संबंध

 

वास्तु मान्यताओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के वृक्षों पर अलग-अलग ग्रहों का प्रभाव माना गया है। मजबूत और ऊंचे वृक्ष सूर्य से जुड़े होते हैं, जबकि दुग्धयुक्त वृक्षों पर चंद्रमा का प्रभाव माना जाता है। बेल और लताओं पर शुक्र और चंद्र का प्रभाव रहता है। झाड़ियों पर राहु-केतु तथा सूखे और कमजोर वृक्षों पर शनि का प्रभाव माना गया है। फलदार वृक्ष बृहस्पति और बिना फल वाले वृक्ष बुध से संबंधित माने जाते हैं।

 

5. दिशाओं और ग्रहों का संबंध

 

वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा सूर्य, उत्तर दिशा बृहस्पति, दक्षिण दिशा मंगल और पश्चिम दिशा शनि से संबंधित मानी जाती है। इसी आधार पर वृक्षों और पौधों के चयन की सलाह दी जाती है।

 

6. पूर्व दिशा में कौन से पौधे लगाएं?

 

पूर्व दिशा को सूर्य की दिशा माना जाता है। इस दिशा में तुलसी, गुलाब, चमेली, बेला, चंपा और दुर्वा जैसे पौधे लगाना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे धन, सुख और संतान से जुड़े शुभ फल प्राप्त होते हैं। वहीं पीपल और बड़े फलदार वृक्षों को इस दिशा में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

 

7. पश्चिम दिशा के लिए वास्तु नियम

 

पश्चिम दिशा में पीपल का वृक्ष शुभ माना गया है, जबकि कांटेदार पौधे शत्रुता और तनाव बढ़ाने वाले माने जाते हैं। इस दिशा में नारियल और अशोक जैसे ऊंचे वृक्ष लगाना लाभकारी बताया गया है।

 

8. उत्तर दिशा में कौन से पौधे शुभ हैं?

 

उत्तर दिशा में तुलसी, केला, कैथ और पाकड़ जैसे पौधे शुभ फल देने वाले माने गए हैं। माना जाता है कि ये घर में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं। हालांकि इस दिशा में नींबू और गूलर के वृक्ष लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

 

9. ईशान कोण का महत्व

 

ईशान कोण को सबसे पवित्र दिशा माना जाता है। यहां तुलसी, आंवला, औषधीय पौधे, बेल और हल्के फूलों वाले पौधे लगाना शुभ माना गया है। यह दिशा आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता को बढ़ाने वाली मानी जाती है।

 

10. दक्षिण दिशा में कौन से वृक्ष लगाएं?

 

दक्षिण दिशा में नीम, अशोक, नारियल, खैर और गुलाब के पौधे शुभ माने गए हैं। वास्तु मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा में नीम का वृक्ष लगाने से रोग और संकटों से राहत मिलती है। वहीं कांटेदार पौधों और दुग्धयुक्त वृक्षों से बचने की सलाह दी जाती है।

 

वास्तु शास्त्र की मान्यता के अनुसार सही दिशा में लगाए गए वृक्ष सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं, जबकि गलत स्थान पर लगे पेड़-पौधे जीवन में आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक परेशानियों का कारण बन सकते हैं। 

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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21 साल के लड़के ने मनोरमा नदी को मरने से बचाया | 39 दिन में 500KG कचरा साफ | Uttar Pradesh |

उत्तर प्रदेश की मनोरमा नदी कचरे से भर चुकी थी। जहाँ लोग उम्मीद छोड़ चुके थे,
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ये सिर्फ नदी की सफाई नहीं, ये हिम्मत, जुनून और बदलाव की असली कहानी है।

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29 की उम्र में Corporate Job छोड़कर बने Creator | Sapne vs Everyone | Ambrish Verma |

29 की उम्र में Education Loan और Home Loan के बावजूद अपनी Corporate Job छोड़कर Ambrish Verma ने अपने सपनों को चुना।
Sapne vs Everyone सिर्फ एक शो नहीं है, बल्कि एक ऐसी Journey है जो हर उस इंसान से जुड़ती है जो Safe life और Dream Life के बीच फंसा है।

@ambrishverma3011

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Follow Your Dreams, Corporate Job Quit, Sapne Vs Everyone 2

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टिम डेविड को अंपायर पर ICE BAG फेंकना पड़ा भारी! 1 मैच का BAN, पहले मिडल फिंगर दिखाकर भी फंसे थे

आईपीएल 2026 का खिताब जीतने की खुशी अभी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के फैंस पूरी तरह मना भी नहीं पाए थे कि टीम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ गई। RCB के विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड (Tim David) को IPL Code of Conduct का उल्लंघन करना भारी पड़ गया है। फाइनल मुकाबले के दौरान की गई एक हरकत की वजह से उन पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया गया है, बल्कि अगले सीजन के पहले मैच से भी बाहर कर दिया गया है।

 फाइनल में हुई गलती पड़ी महंगी

गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में एक ऐसा पल आया, जिसने टिम डेविड को मुश्किल में डाल दिया। पहली पारी के दौरान एक विवादित फैसले के बाद डेविड ने अपना आपा खो दिया और गुस्से में आकर मैदान पर मौजूद अंपायर नितिन मेनन की दिशा में आइस बैग (Ice Bag) फेंक दिया। हालांकि किसी को चोट नहीं पहुंची, लेकिन इस व्यवहार को खेल भावना के खिलाफ माना गया।

मैच अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया और जांच के बाद डेविड को आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया।

आधी मैच फीस गई, साथ में मिले डिमेरिट पॉइंट

आईपीएल प्रशासन की ओर से जारी फैसले के अनुसार टिम डेविड पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उन्हें दो डिमेरिट पॉइंट (Demerit Points) भी दिए गए हैं। यही दो अंक उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गए, क्योंकि इससे उनके कुल डिमेरिट पॉइंट पांच तक पहुंच गए।

आईपीएल के नियमों के मुताबिक किसी खिलाड़ी के खाते में पांच डिमेरिट पॉइंट जमा होते ही उस पर एक मैच का निलंबन लागू हो जाता है।

IPL 2027 का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे

पांच डिमेरिट पॉइंट पूरे होने के बाद अब यह तय हो गया है कि टिम डेविड आईपीएल 2027 का पहला मुकाबला नहीं खेल सकेंगे। दिलचस्प बात यह है कि अगर अगले सीजन में वह किसी दूसरी फ्रेंचाइजी का हिस्सा भी होते हैं, तब भी यह सस्पेंशन लागू रहेगा। यानी जिस टीम के लिए वह खेलेंगे, उसके पहले मैच में उनकी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

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 इस सीजन तीसरी बार फंसे डेविड

टिम डेविड के लिए यह पहली अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं थी। आईपीएल 2026 के दौरान वह पहले भी दो बार आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दोषी पाए जा चुके थे। सीजन की शुरुआत में एक मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अनदेखी करने पर उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट मिला था। इसके बाद एक अन्य मुकाबले में आपत्तिजनक इशारा (Middle Finger) करने के मामले में उन पर जुर्माना लगा और दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए। फाइनल में हुई ताजा घटना के बाद उनके खाते में कुल पांच डिमेरिट पॉइंट जमा हो गए, जिसके चलते उन्हें निलंबन झेलना पड़ रहा है।

 सजा स्वीकार कर चुके हैं टिम डेविड

रिपोर्ट्स के मुताबिक टिम डेविड ने अपने व्यवहार को लेकर कोई विवाद नहीं किया और मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अपनी गलती मानी और फैसले पर सहमति जताई। यही कारण है कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया।

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शानदार रहा था सीजन

अनुशासनात्मक विवादों के बावजूद क्रिकेट के लिहाज से टिम डेविड का आईपीएल 2026 सीजन काफी प्रभावशाली रहा। मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को संभाला और फिनिशर की भूमिका निभाई। फाइनल में भी उन्होंने उपयोगी रन जोड़े थे और पूरे सीजन में आरसीबी की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

हालांकि अब आईपीएल 2026 की ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच टिम डेविड के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। एक छोटी सी गलती ने उन्हें अगले सीजन के पहले मुकाबले से बाहर कर दिया है और यही बात फिलहाल क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

 Photo showing ways to relieve calf pain

Calf Pain: पिंडलियों में दर्द एक बहुत ही आम समस्या है। यह दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, थकान, शरीर में पानी की कमी या पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकता है। कभी-कभी दिनभर की भागदौड़ या गलत फुटवियर भी इसका कारण बनते हैं।ALSO READ: health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

 

अगर आप भी पिंडलियों के दर्द से परेशान हैं, तो राहत पाने के लिए ये 5 बेहद काम की बातें नोट कर लें:

 

1. 'R.I.C.E.' फॉर्मूला अपनाएं

मांसपेशियों के दर्द और खिंचाव से तुरंत राहत पाने के लिए मेडिकल साइंस में यह फॉर्मूला सबसे बेस्ट माना जाता है:

 

R – Rest (आराम): दर्द होने पर पैरों को आराम दें और भारी वजन उठाने या ज्यादा चलने से बचें।

 

I – Ice (बर्फ की सिकाई): पिंडलियों पर 15-20 मिनट के लिए बर्फ को कपड़े में लपेटकर सेकें। यह सूजन और दर्द को तुरंत कम करता है। (ध्यान रखें, अगर दर्द पुरानी जकड़न के कारण है तो गर्म सिकाई करें, लेकिन अचानक उठे दर्द या मोच पर हमेशा बर्फ लगाएं)।

 

C – Compression (पट्टिका): पैर पर थोड़ा सा दबाव बनाने के लिए क्रेप बैंडेज (किन्शियोलॉजी टेप) बांधें, इससे मांसपेशियों को सपोर्ट मिलता है।

 

E – Elevate (पैर ऊपर रखें): बैठते या लेटते समय पैरों के नीचे 1-2 तकिए रख लें, ताकि पैर दिल के स्तर से थोड़े ऊपर रहें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और दर्द कम होता है।

 

2. सरसों या तिल के तेल की मालिश

हल्के गुनगुने तेल से मालिश करने से पिंडलियों की जकड़ी हुई नसें खुलती हैं।

 

तरीका: सरसों के तेल में 2-3 कली लहसुन की पका लें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो इससे पिंडलियों की नीचे से ऊपर की ओर (एड़ी से घुटने की तरफ) हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश कभी भी बहुत जोर से नीचे की तरफ न करें।

 

3. सेंधा नमक (Epsom Salt) के पानी की सिकाई

सेंधा नमक में भारी मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो त्वचा के जरिए एब्जॉर्ब होकर मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स करता है।

 

तरीका: एक बाल्टी या टब में गुनगुना पानी लें और उसमें 2 चम्मच सेंधा नमक डाल लें। इस पानी में अपने पैरों को 15 से 20 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इससे पैरों की सारी थकान और दर्द गायब हो जाएगा।

 

4. स्ट्रेचिंग और हल्का वॉक

दर्द के डर से पैरों को पूरी तरह जाम न करें। हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों के लैक्टिक एसिड (जिससे दर्द होता है) को रिलीज करने में मदद करती है।

 

दीवार का सहारा लेकर स्ट्रेचिंग: दीवार से थोड़ी दूरी पर खड़े होकर अपने हाथ दीवार पर टिकाएं। एक पैर आगे और दर्द वाला पैर पीछे रखें। पीछे वाले पैर की एड़ी को जमीन पर दबाते हुए आगे की तरफ झुकें। इससे पिंडली की नसें खिंचेंगी और आराम मिलेगा।

 

5. डाइट में शामिल करें पोटैशियम और मैग्नीशियम

कई बार शरीर में जरूरी मिनरल्स और पानी की कमी से पिंडलियों में 'क्रैम्प्स' (बायत/ऐंठन) आने लगते हैं।

 

हाइड्रेशन: दिनभर में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पिएं। नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें।

 

पोषक तत्व: अपनी डाइट में केला, सेब, पालक, नट्स (बादाम-अखरोट) और दूध-दही शामिल करें। इनमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम नसों के दर्द को जड़ से खत्म करते हैं।

 

कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर आपकी पिंडलियों में दर्द के साथ-साथ तेज सूजन है, पैर छूने पर बहुत गर्म लग रहा है या वह हिस्सा लाल/नीला पड़ गया है, तो यह DVT (डीप वेन थ्रोम्बोसिस) या ब्लड क्लॉट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

‘राधे-राधे’ बोलते दिखे विराट-अनुष्का, IPL ट्रॉफी जीतते ही पहुंचे प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने [VIDEO]

 

आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद जहां पूरा देश विराट कोहली और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता का जश्न मना रहा है, वहीं विराट और अनुष्का शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद आध्यात्मिक राह को चुना। ट्रॉफी जीतने के कुछ ही समय बाद दोनों वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

31 मई को खेले गए फाइनल मुकाबले में RCB ने गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला। विराट कोहली भावुक नजर आए, जबकि अनुष्का शर्मा भी इस खास पल का हिस्सा बनीं। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें वे टीम के साथ जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए।

अनुष्का शर्मा ने भी इस जीत को अपने अंदाज में सेलिब्रेट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर विराट और टीम को बधाई देते हुए कई तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में विराट ट्रॉफी थामे नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीर में अनुष्का उनके माथे पर प्यार जताती दिखाई दीं। इन तस्वीरों को फैंस ने खूब पसंद किया और दोनों पर प्यार बरसाया।

हालांकि जीत के जश्न के बाद सबसे ज्यादा चर्चा विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्रा की हो रही है। दोनों को आगरा एयरपोर्ट से निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वे सीधे वृंदावन पहुंचे। वहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि दोनों ने आश्रम में कुछ समय बिताया और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा भी की।


विराट और अनुष्का सुबह के समय यमुना किनारे स्थित स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। उनके गले में तुलसी की माला थी और माथे पर तिलक लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 45 मिनट तक आध्यात्मिक संवाद किया और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का वृंदावन से जुड़ाव नया नहीं है। पिछले कई वर्षों से यह कपल समय-समय पर यहां आता रहा है। चाहे क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम हो या फिल्मी दुनिया की जिम्मेदारियां, दोनों अक्सर आध्यात्मिक शांति की तलाश में धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा भी कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी है।

विराट ने अपने करियर के विभिन्न चरणों में मानसिक मजबूती और आत्मिक संतुलन की अहमियत पर बात की है। वहीं अनुष्का शर्मा भी जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक सोच को महत्वपूर्ण मानती हैं। यही कारण है कि बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं के बाद भी दोनों खुद को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े रखते हैं।

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अगर आईपीएल 2026 में विराट कोहली के प्रदर्शन की बात करें तो उनका बल्ला पूरे सीजन जमकर बोला। अनुभवी बल्लेबाज ने 16 मैचों में 675 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने शानदार औसत और आक्रामक स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए, जिसमें कई मैच जिताने वाली पारियां भी शामिल रहीं, फाइनल की पारी भी उनमें से एक थी। उनके प्रदर्शन ने RCB को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

विराट और अनुष्का की कहानी भी फैंस के बीच हमेशा चर्चा में रहती है। दोनों की पहली मुलाकात एक विज्ञापन शूट के दौरान हुई थी। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता प्यार में बदला और दिसंबर 2017 में दोनों ने इटली में एक निजी समारोह में शादी कर ली। इसके बाद उनके परिवार में बेटी वामिका और बेटे अकाय का आगमन हुआ। दोनों हमेशा अपने बच्चों की निजता को प्राथमिकता देते हैं और निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की कोशिश करते हैं।

RCB की ऐतिहासिक जीत के बाद वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विराट और अनुष्का सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक संतुलन को भी उतना ही महत्व देते हैं। क्रिकेट के मैदान पर मिली बड़ी उपलब्धि के बाद उनका यह कदम फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ ट्रॉफी जीतने की खुशी है, तो दूसरी तरफ गुरुजनों के आशीर्वाद के जरिए उस सफलता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने की भावना भी साफ नजर आती है।


गन्ने का जूस निकालने वाले के सवा लाख इंस्टा फॉलोवर्स, लड़की बोली-छा गए भइया

सोशल मीडिया आज किसी को भी ताकतवर बना सकती है। एक महिला को यह एहसास उस वक्त हुआ जब वह एक गन्ने के जूस की दुकान पर पहुंची। असल में जूस की दुकान के मालिक की इंस्टाग्राम पर जबर्दस्त फैन फॉलोविंग है।